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  • आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..

    आपको भी होती है नाइट क्रेविंग? तो 10 मिनट में बना लें ये चॉकलेटी पुडिंग..


    नई दिल्ली । कई बार ऐसा होता है कि रात के वक्त अचानक कुछ मीठा खाने की जबरदस्त क्रेविंग होने लगती है। पेट तो भरा होता है लेकिन मन मीठा मांगे बिना मानता ही नहीं। ऐसे में बाहर से कुछ ऑर्डर करना या भारी मिठाई खाना सेहत के लिए सही नहीं होता। अगर आप भी इस परेशानी से जूझते हैं तो घर पर बनी आसान चॉकलेट पुडिंग आपकी नाइट क्रेविंग का सबसे अच्छा समाधान है।यह रेसिपी न सिर्फ जल्दी बन जाती है बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी आमतौर पर हर किचन में मिल जाती है। क्रीमी टेक्सचर गाढ़ा चॉकलेटी स्वाद और हल्की मिठास इसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का फेवरेट बना देती है।

    Chocolate Pudding Recipeसामग्री: 

    दूध – 1 कप
    कोको पाउडर – 2 टेबलस्पून

    चीनी – 2 से 3 टेबलस्पून (स्वादानुसार)

    कॉर्नफ्लोर – 1 टेबलस्पून

    डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स – 1/4 कप

    वनीला एसेंस – 1/2 टीस्पून

    बनाने की विधि:
    सबसे पहले एक छोटे बाउल में 2–3 टेबलस्पून दूध लें और उसमें कॉर्नफ्लोर को अच्छी तरह घोल लें ताकि कोई गांठ न बने।
    अब एक पैन में बचा हुआ दूध डालें और मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में कोको पाउडर और चीनी डालकर लगातार चलाते रहें।
    जब दूध हल्का गर्म हो जाए तब इसमें कॉर्नफ्लोर वाला मिश्रण डाल दें और आंच धीमी कर दें।
    लगातार चलाते रहें कुछ ही मिनटों में मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा।
    अब इसमें डार्क चॉकलेट या चॉकलेट चिप्स डालें और तब तक मिलाएं जब तक चॉकलेट पूरी तरह पिघल न जाए।
    गैस बंद कर दें और आखिर में वनीला एसेंस मिलाएं।आपकी चॉकलेट पुडिंग तैयार है। इसे आप गरमागरम भी खा सकते हैं या ठंडा करके भी सर्व कर सकते हैं।

    गार्निशिंग और हेल्दी टिप्स:
    ऊपर से ड्राई फ्रूट्स चॉकलेट शेविंग्स या बिस्किट क्रम्ब्स डालकर सजाएं।

    हेल्दी ऑप्शन के लिए चीनी की जगह शहद या गुड़ पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    ज्यादा क्रीमी टेक्सचर के लिए दूध की जगह आधा दूध और आधा क्रीम लें।

    रात की मीठी क्रेविंग के लिए यह चॉकलेट पुडिंग हल्की स्वादिष्ट और झटपट बनने वाली परफेक्ट रेसिपी है।

  • सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे

    सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से छुटकारा पाएं, अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे



    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी। ठंडी हवाएं, कम नमी और धूप की कमी त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीन लेती हैं, जिससे स्किन रूखी, खिंची हुई और बेजान नजर आने लगती है। कई लोगों को इस दौरान खुजली, फटना और जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, थोड़ी सी समझदारी और सही घरेलू देखभाल से सर्दियों में भी त्वचा को मुलायम, स्वस्थ और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।

    मॉइस्चराइजिंग है सबसे जरूरी कदम
    सर्दियों में त्वचा को अतिरिक्त नमी की जरूरत होती है।

    नहाने के तुरंत बाद शरीर और चेहरे पर नारियल तेल या बादाम तेल लगाने से स्किन लंबे समय तक हाइड्रेटेड रहती है। ये तेल त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ ड्राइनेस को भी दूर करते हैं। अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है, तो रात में सोने से पहले हल्की मालिश करना बेहद फायदेमंद साबित होता है।

    शहद और दूध से पाएं नेचुरल ग्लो
    शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है, जो त्वचा की नमी को लॉक करता है और उसे सॉफ्ट बनाता है। हफ्ते में दो से तीन बार चेहरे पर शुद्ध शहद लगाकर 15 मिनट बाद गुनगुने पानी से धोने से स्किन में निखार आता है।

    शहद में थोड़ी मात्रा में कच्चा दूध मिलाकर लगाने से त्वचा की रंगत और भी बेहतर होती है।

    दूध और मलाई से हटाएं डेड स्किन
    कच्चे दूध में रुई भिगोकर चेहरे पर हल्के हाथों से लगाने से त्वचा साफ और कोमल होती है। वहीं, मलाई में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से डेड स्किन हटती है और स्किन की नमी बरकरार रहती है। यह उपाय खासतौर पर बहुत रूखी त्वचा वालों के लिए कारगर है।

    एलोवेरा जेल देगा ठंडक और नमी
    एलोवेरा जेल सर्दियों में त्वचा के लिए रामबाण माना जाता है। यह स्किन को ठंडक देता है और ड्राइनेस को कम करता है। रात में सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाकर छोड़ दें और सुबह हल्के पानी से धो लें, इससे त्वचा तरोताजा महसूस होती है।

    खानपान और पानी भी है जरूरी
    सर्दियों में लोग अक्सर कम पानी पीते हैं, जिससे त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है। दिन में कम से कम 7–8 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके साथ ही हरी सब्जियां, मौसमी फल, ड्राई फ्रूट्स और विटामिन E से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं।

    इन गलतियों से रहें दूर
    सर्दियों में बहुत गर्म पानी से नहाने और हार्श साबुन के इस्तेमाल से बचें, क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। हल्के फेसवॉश और नियमित घरेलू देखभाल अपनाकर आप सर्दियों में भी अपनी त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और दमकता बनाए रख सकते हैं।

  • यात्रा से पहले ये नियम जानना जरूरी, भारत की इन जगहों पर बिना परमिट नहीं मिलती एंट्री

    यात्रा से पहले ये नियम जानना जरूरी, भारत की इन जगहों पर बिना परमिट नहीं मिलती एंट्री


    नई दिल्ली। भारत में घूमने की योजना बनाते समय ज्यादातर लोग ट्रैवल टिकट होटल बुकिंग और घूमने की लिस्ट तैयार कर लेते हैं  लेकिन कई बार एक जरूरी कागज पर ध्यान देना भूल जाते हैं। देश में कई ऐसी खूबसूरत और चर्चित जगहें हैं  जहां पहुंचने से पहले सरकारी अनुमति यानी परमिट लेना अनिवार्य होता है। अगर आपके पास यह परमिट नहीं हुआ  तो मौके पर ही आपकी यात्रा रोक दी जा सकती है।आमतौर पर ये स्थान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के नजदीक स्थित होते हैं या फिर सुरक्षा और पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में यात्रा से पहले नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

    अरुणाचल प्रदेश
    प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर अरुणाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) जरूरी है। चीन और म्यांमार की सीमा से सटे होने के कारण यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। बिना ILP के राज्य में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती।

    नागालैंड

    नागालैंड अपनी जनजातीय संस्कृति  लोक परंपराओं और खूबसूरत पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। यहां भी अन्य राज्यों के यात्रियों को इनर लाइन परमिट लेना अनिवार्य होता है। यह नियम स्थानीय संस्कृति और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

    सिक्किम

    सिक्किम के अधिकतर पर्यटन स्थल पर्यटकों के लिए खुले हैं  लेकिन कुछ सीमावर्ती और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने के लिए विशेष परमिट जरूरी होता है। खासकर भारत-चीन सीमा से सटे इलाकों में प्रशासन पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करता है।

    लक्षद्वीप
    समंदर के बीच बसे लक्षद्वीप द्वीप समूह तक पहुंचने के लिए पहले से परमिट हासिल करना जरूरी होता है। इसकी प्रक्रिया में समय लग सकता है  इसलिए बिना पूर्व योजना के यहां यात्रा करना मुश्किल हो सकता है। पर्यावरण संरक्षण के कारण यहां सख्त नियम लागू हैं।

    लद्दाख
    लद्दाख के कुछ इलाके सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में घूमने के लिए Restricted Area Permit (RAP) लेना जरूरी होता है। यह नियम पर्यटकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।

    यात्रा से पहले रखें ये बात ध्यान
    भारत की ये जगहें जितनी खूबसूरत हैं  उतनी ही नियमों के लिए भी जानी जाती हैं। अगर आप इन स्थानों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं  तो परमिट से जुड़ी जानकारी पहले ही जुटा लें। कई परमिट अब ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं   जिससे प्रक्रिया आसान हो गई है।सही दस्तावेजों के साथ की गई यात्रा न सिर्फ आसान और सुरक्षित होती है बल्कि किसी भी तरह की परेशानी से भी बचाती है। बेहतर यही है कि ट्रिप प्लान करते समय परमिट को भी उतनी ही अहमियत दें जितनी टिकट और होटल बुकिंग को देते हैं।

  • बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके

    बेजान त्वचा में लौटेगा नेचुरल पिंक ग्लो, जानिए ड्रैगन फ्रूट लगाने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और बढ़ते प्रदूषण का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। चेहरा बेजान, रूखा और थका हुआ नजर आने लगता है। ऐसे में अगर आप केमिकल-फ्री और नेचुरल स्किन केयर चाहती हैं, तो ड्रैगन फ्रूट आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।ड्रैगन फ्रूट, जिसे पिताया भी कहा जाता है, विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट्स और जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। ये तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं डलनेस कम करते हैं और चेहरे पर नेचुरल पिंक ग्लो लाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि आजकल स्किन केयर रूटीन में ड्रैगन फ्रूट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।

    स्किन को नमी देने के लिए ड्रैगन फ्रूट जेल
    ड्रैगन फ्रूट का गूदा निकालकर मिक्सी में पीस लें, जिससे जेल जैसी कंसिस्टेंसी बन जाए। इस जेल को चेहरे पर लगाकर 15 मिनट तक छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लें। यह उपाय त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है, रूखेपन को कम करता है और स्किन को सॉफ्ट व स्मूद बनाता है।

    एजिंग के असर कम करने वाला फेस मास्क
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में एक टीस्पून दही मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद करते हैं, जबकि दही का लैक्टिक एसिड त्वचा को टाइट और फ्रेश बनाता है। हफ्ते में दो बार इसका इस्तेमाल करें।

    पिंपल्स और एक्ने के लिए नेचुरल उपाय
    अगर आपको एक्ने या पिंपल्स की समस्या है, तो ड्रैगन फ्रूट का पेस्ट सीधे प्रभावित जगह पर लगाएं। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण सूजन कम करते हैं और बैक्टीरिया से राहत दिलाते हैं। इसे रात में स्पॉट ट्रीटमेंट के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

    सनबर्न और टैन हटाने में असरदार
    धूप से जली त्वचा के लिए ड्रैगन फ्रूट और खीरे का रस बेहतरीन उपाय है। दोनों को मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को ठंडक देता है, जलन कम करता है और विटामिन-सी की मदद से स्किन रिपेयरिंग को तेज करता है।

    नेचुरल ब्राइटनिंग फेस पैक
    एक टेबलस्पून ड्रैगन फ्रूट पल्प में कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाएं। इसे 10–12 मिनट तक चेहरे पर लगाकर ठंडे पानी से धो लें। यह डार्क स्पॉट्स, टैनिंग और पिगमेंटेशन को हल्का कर त्वचा को ब्राइट बनाता है।

    ड्रैगन फ्रूट और शहद से ग्लो पैक
    ड्रैगन फ्रूट के गूदे में एक टीस्पून शहद मिलाएं और चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट बाद धो लें। यह पैक त्वचा को गहराई से पोषण देता है और नेचुरल शाइन लाता है। शहद के एंटीबैक्टीरियल गुण स्किन को हेल्दी बनाए रखते हैं।ड्रैगन फ्रूट स्किन के लिए एक नेचुरल ब्यूटी बूस्टर की तरह काम करता है। इसके घरेलू नुस्खे न सिर्फ चेहरे की चमक बढ़ाते हैं, बल्कि एक्ने, पिगमेंटेशन और एजिंग जैसी समस्याओं को भी कम करने में मदद करते हैं। अगर आप केमिकल-फ्री स्किन केयर अपनाना चाहती हैं, तो इन आसान उपायों को अपनी रूटीन में जरूर शामिल करें।

  • कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए 'लाइफ-सेविंग' टिप्स

    कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए 'लाइफ-सेविंग' टिप्स


    नई दिल्ली ।सुनने की शक्ति का करें इस्तेमाल जब कोहरा इतना घना हो कि आँखें जवाब दे जाएं, तो अपने कान खोलें। अपनी गाड़ी का म्यूजिक सिस्टम बंद कर दें और खिड़कियों के शीशे थोड़े नीचे गिरा दें। इससे आपको दूसरी गाड़ियों के हॉर्न, सायरन या इंजन की आवाजें साफ सुनाई देंगी। विशेषकर चौराहों और मोड़ पर यह तकनीक आपको किसी भी अनचाही टक्कर से बचा सकती है। लो-बीम लाइट और फॉग लैम्प्स का प्रयोग अक्सर लोग गलती करते हैं कि कोहरे में हेडलाइट को ‘हाई-बीम’ पर कर देते हैं। हाई-बीम की रोशनी कोहरे की बूंदों से टकराकर परावर्तित (Reflect) होती है, जिससे सामने कुछ भी दिखना बंद हो जाता है। हमेशा लो-बीम का उपयोग करें और अपनी गाड़ी के फॉग लैम्प्स जलाकर रखें।

    पार्किंग लाइट और इंडिकेटर का सही उपयोग कोहरे में गाड़ी चलाते समय चारों इंडिकेटर जलाकर न चलें, क्योंकि इससे पीछे वाले ड्राइवर को यह समझ नहीं आता कि आप मुड़ने वाले हैं या खड़े हैं। इंडिकेटर का इस्तेमाल केवल मुड़ने के लिए करें। यदि कोहरा बहुत ज्यादा है, तो सड़क के किनारे सफेद पट्टी को गाइड मानकर चलें।रफ्तार पर नियंत्रण और सुरक्षित दूरी कोहरे में रफ्तार का रोमांच जानलेवा हो सकता है। अपनी गति कम रखें और आगे चल रही गाड़ी से सामान्य से दोगुनी दूरी बनाए रखें। अचानक ब्रेक लगाने से बचें, क्योंकि गीली सड़क और कोहरे के कारण टायर फिसल सकते हैं और पीछे वाली गाड़ी आपसे टकरा सकती है। डिफॉगर का करें इस्तेमाल सर्दियों में गाड़ी के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण शीशों पर धुंध जम जाती है। गाड़ी के डिफॉगर को चालू रखें ताकि विंडशील्ड साफ रहे। यदि डिफॉगर नहीं है, तो एसी चलाकर हवा को शीशों की तरफ मोड़ दें।

    अगर गाड़ी खराब हो जाए या रुकना पड़े

    यदि कोहरा इतना ज्यादा है कि आगे बढ़ना संभव नहीं है, तो गाड़ी को सड़क से काफी दूर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। अपनी हजार्ड लाइट्स चालू कर दें ताकि दूसरों को आपकी मौजूदगी का पता चल सके। सड़क के बिल्कुल किनारे गाड़ी खड़ी करना खतरनाक हो सकता है।

  • दिल की बात कहने के कुछ 'स्मार्ट' और रोमांटिक तरीके

    दिल की बात कहने के कुछ 'स्मार्ट' और रोमांटिक तरीके


    नई दिल्ली ।संकेतों और बॉडी लैंग्वेज का सहारा लें सीधे आई लव यू’ कहने से पहले अपनी हरकतों से उन्हें अहसास दिलाएं। उनकी छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना, उनकी पसंद-नापसंद को याद रखना और मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहना यह जता देता है कि वो आपके लिए कितने खास हैं। कई बार बिना कहे भी बहुत कुछ कह दिया जाता है।

    लिखावट का जादू आज के डिजिटल दौर में हाथ से लिखा हुआ एक छोटा सा नोट या लेटर किसी भी महंगे गिफ्ट से ज्यादा कीमती होता है। अगर आप बोलने में हिचकिचा रहे हैं, तो अपनी भावनाओं को कागज पर उतारें। एक प्यारा सा कार्ड या छोटा सा मैसेज उनके डेस्क या किताब में छोड़ देना एक बेहद ‘क्यूट’ तरीका हो सकता है।एक यादगार ‘डेट’ प्लान करें जरूरी नहीं कि वह कोई फाइव स्टार होटल हो। किसी शांत जगह पर वॉक, उनकी पसंदीदा जगह पर कॉफी या सूर्यास्त देखते हुए दिल की बात कहना माहौल को रोमांटिक बना देता है। जब माहौल खुशनुमा होता है, तो सामने वाले का जवाब सकारात्मक होने की संभावना बढ़ जाती है।

    दोस्तों की मदद लें, लेकिन संभलकर अगर आप बहुत ज्यादा शर्मीले हैं, तो अपने किसी भरोसेमंद कॉमन फ्रेंड की मदद ले सकते हैं। वे बातों-बातों में यह जान सकते हैं कि सामने वाले के मन में आपके लिए क्या चल रहा है। लेकिन ध्यान रहे, इज़हार आपको खुद ही करना चाहिए क्योंकि आपकी आँखों की सच्चाई कोई और बयां नहीं कर सकता। क्रिएटिविटी दिखाएं अगर आप संगीत, पेंटिंग या कुकिंग के शौकीन हैं, तो अपनी कला का इस्तेमाल करें। उनके लिए कोई गाना गाना या उनकी पसंद का खाना बनाकर ‘सरप्राइज’ देना आपके प्यार की गहराई को दर्शाता है।

    इन बातों का रखें खास ख्याल

    जल्दबाजी न करें: इज़हार करने से पहले यह पक्का कर लें कि आप दोनों के बीच एक अच्छी समझ बन चुकी है। प्राइवेसी का सम्मान: सबके सामने इज़हार करने से बचें, इससे सामने वाला दबाव महसूस कर सकता है। एकांत में बात करना हमेशा बेहतर होता है। परिणाम के लिए तैयार रहें: प्यार में ‘हाँ’ और ‘ना’ दोनों की गुंजाइश होती है। अगर जवाब आपकी उम्मीद के मुताबिक न हो, तब भी सामने वाले की पसंद का सम्मान करें और गरिमा बनाए रखें।

  • दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं

    दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं


    नई दिल्ली । आज के समय में मोटापा एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका हैलेकिन वहीं कुछ लोग दुबलेपन से भी परेशान हैं। पतले शरीर वाले लोगों को अक्सर समाज में इतने कमजोर क्यों हो? जैसे अनचाहे सवाल और ताने सुनने पड़ते हैंजो आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। ऐसे में वजन बढ़ाना उनके लिए सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक जरूरत भी बन जाता है। कई लोग महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैंलेकिन नेचुरल फूड्स की मदद से भी हेल्दी और स्थायी वेट गेन किया जा सकता है।

    अंडे: मसल्स ग्रोथ का आधार

    अंडे वजन बढ़ाने के लिए सबसे बेहतरीन फूड्स में से एक हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती हैजो मांसपेशियों के विकास और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है। दिन में तीन अंडे तक आसानी से खाए जा सकते हैं। अंडे न सिर्फ मसल्स बढ़ाते हैंबल्कि एनर्जी भी प्रदान करते हैं।

    नट्स और बीज: कैलोरी और पोषण का पावरहाउस

    बादामअखरोटपिस्ता और कद्दू के बीज जैसी चीजें हेल्दी फैट्सप्रोटीन और कैलोरी का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें स्नैक्स के रूप में या दहीस्मूदी में डालकर खाया जा सकता है। नट्स न सिर्फ वजन बढ़ाने में मदद करते हैं बल्कि दिल और मस्तिष्क के लिए भी फायदेमंद हैं।

    अवोकाडो: हेल्दी फैट से भरपूर

    अवोकाडो में मोनोसैचुरेटेड फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैंजो वजन बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। इसे सैंडविचसलाद या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है। अवोकाडो पेट को लंबे समय तक संतुष्ट रखता है और शरीर में स्वस्थ फैट का स्तर बढ़ाता है।

    ओट्स और होल ग्रेन: कार्ब्स का हेल्दी सोर्स

    ओट्सब्राउन राइसक्विनोआ और होल ग्रेन ब्रेड जैसी चीजें वजन बढ़ाने के लिए जरूरी कार्ब्स देती हैं। ये धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करते हैं और शरीर को जरूरी कैलोरी प्रदान करते हैं। इनका सेवन नाश्ते में दूध या दही के साथ करना सबसे अच्छा है।

    मांस और चिकन: प्रोटीन और फैट का कॉम्बिनेशन
    यदि आप नॉन-वेज खाते हैंतो चिकनमछली और लाल मांस भी हेल्दी वेट गेन के लिए बेहतरीन हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैंजो मसल्स बिल्डिंग और शरीर के आकार को बढ़ाने में मदद करते हैं।

    दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: कैल्शियम और प्रोटीन का लाभ

    दूधपनीर और दही वजन बढ़ाने के लिए आसान और हेल्दी विकल्प हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और मसल्स ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं।

    संक्षिप्त टिप्स

    दिन में 5-6 छोटे भोजन करें। सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक फूड्स पर ध्यान दें। वर्कआउट के साथ प्रोटीन और फैट युक्त फूड्स का सेवन करें। नियमित रूप से वजन और मसल्स मास पर ध्यान दें।

  • रिश्ते में 'स्पेस' जरूरी: घंटों बातें करने से बढ़ती है बोरियत, थोड़ी दूरी लाती है ताजगी

    रिश्ते में 'स्पेस' जरूरी: घंटों बातें करने से बढ़ती है बोरियत, थोड़ी दूरी लाती है ताजगी


    नई दिल्ली । रिश्तों में प्यार और नजदीकी की शुरुआत अक्सर रोमांचक होती है। नए प्यार में लोग सुबह की गुड मॉर्निंगसे लेकर रात की गुड नाइटतक हर पल एक-दूसरे के साथ साझा करना चाहते हैं। घंटों फोन पर बातें करनाहर छोटी-छोटी बात साझा करना शुरू में सुखद अनुभव लगता है। लेकिन समय के साथ यही आदत रिश्ते में बोझ बन सकती है। लगातार संपर्क में रहने से बातचीत की गुणवत्ता गिरती हैरोमांच खत्म होता है और रिश्ते में बोरियत और चिड़चिड़ापन आने लगता है। सोचिए अगर आपको गुलाब जामुन बेहद पसंद हैलेकिन दिन में बार-बार वही परोसा जाएतो कुछ ही दिनों में उसका स्वाद फीका लगने लगेगा। रिश्तों का गणित भी कुछ ऐसा ही है। जरूरत से ज्यादा जुड़े रहने से रिश्ते में भावनात्मक दूरी बन सकती है। जब बातचीत केवल और बताओ या तुम बताओ? जैसे सवालों तक सीमित रह जाएतो समझ लेना चाहिए कि अब रिश्ते में रोमांच नहींबल्कि आदत रह गई है।

    घंटों बात करने के कई नुकसान हैं। लगातार हर छोटी बात साझा करने से मिलने पर कुछ खास बचता ही नहीं। हर समय रिप्लाई देने का दबाव मानसिक थकान और झुंझलाहट पैदा करता है। साथ ही अगर आप अपने शौकदोस्तों और परिवार को छोड़कर पूरी तरह पार्टनर में खो जाएंतो यह स्वस्थ रिश्ते का संकेत नहीं है। रिश्ते में स्पेस देना जरूरी है। स्पेस का मतलब यह नहीं कि प्यार कम हैबल्कि इसका अर्थ है कि दोनों को अपने लिए थोड़ा समय चाहिए। अपनी हॉबीरुचियों और दोस्तों के लिए समय निकालने से व्यक्ति बेहतर बनता है और रिश्ते में लौटने पर बातचीत और मिलन और खास महसूस होता है।

    थोड़ी दूरी पार्टनर की कमी का एहसास कराती है। यही दूरी रिश्ते में ताजगी और गहराई बनाए रखती है। कहावत है दूरी से चाहत बढ़ती है। जब आप अपने लिए समय लेते हैंतो पार्टनर भी आपकी कमी महसूस करता है और मिलने पर बातचीत अधिक रोमांचक और दिलचस्प होती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना इसलिए जरूरी है। प्यार और नजदीकी होनी चाहिएलेकिन लगातार संपर्क में रहने से बचना चाहिए। थोड़ी दूरी रिश्ते को नया उत्साह देती हैबोरियत कम करती है और मानसिक तनाव से राहत दिलाती है। रिश्ते की लंबी उम्र और खुशी के लिए स्पेसएक आवश्यक तत्व है। कुल मिलाकररिश्ते में ताजगी बनाए रखने के लिए जरूरत से ज्यादा बात करने से बचें। पार्टनर को थोड़ा स्पेस देंअपने लिए समय निकालें और बातचीत को खास बनाकर लौटें। यही तरीका रिश्ते को मजबूतस्वस्थ और रोमांचक बनाता है।

  • फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ

    फेंकने की भूल न करें! अनार के छिलके हैं औषधियों का खजाना; इसकी 'मैजिकल टी' से दूर होंगी ये 5 बड़ी बीमारियाँ


    नई दिल्ली । आयुर्वेद में अनार को ‘एक फल सौ बीमार’ की दवा कहा गया है, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि फल के साथ-साथ इसके छिलके भी समान रूप से गुणकारी होते हैं। आधुनिक विज्ञान और प्राचीन चिकित्सा पद्धति दोनों ही मानते हैं कि अनार के छिलकों में दानों की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इन छिलकों से तैयार की गई चाय न केवल आपके शरीर को भीतर से साफ डिटॉक्स करती है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में रामबाण का काम करती है।

    अनार के छिलकों की चाय के 5 अद्भुत फायदे

    पाचन तंत्र के लिए वरदान अगर आप गैस, अपच या डायरिया जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो अनार के छिलकों की चाय आपके लिए सबसे सरल उपाय है। इसमें मौजूद टैनिन्स और पॉलीफेनॉल्स आंतों की सूजन को कम करते हैं और पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाते हैं। यह पेट की अंदरूनी परत को राहत पहुँचाकर पुरानी से पुरानी कब्ज में भी फायदा देती है। इम्युनिटी का ‘कवच’ बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और संक्रमण से बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है। विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह चाय इम्युनिटी को तेजी से बूस्ट करती है, जिससे आपका शरीर वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने के लिए तैयार रहता है। दिल की सेहत का रखवाला अनार के छिलकों में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं।
    इस चाय के नियमित सेवन से ब्लड सर्कुलेशन रक्त संचार में सुधार होता है और धमनियों में रुकावट आने का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ कोसों दूर रहती हैं।वेट लॉस और मेटाबॉलिज्म मोटापे से परेशान लोगों के लिए यह चाय एक बेहतरीन ‘वेट लॉस ड्रिंक’ साबित हो सकती है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी फैट बर्न होने लगती है। साथ ही, यह भूख को नियंत्रित कर बेवजह की क्रेविंग को कम करती है। निखरेगी त्वचा और मजबूत होंगे बाल अनार के छिलकों के एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासों, झुर्रियों और बढ़ती उम्र के निशानों को रोकने में मदद करते हैं। यह चाय पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, जिसका सीधा असर चेहरे की चमक पर दिखता है। इसके अलावा, यह बालों की जड़ों को मजबूती देकर उन्हें असमय सफेद होने से भी बचाती है।

    कैसे बनाएं अनार के छिलकों की चाय

    इसे बनाना बेहद आसान है। अनार के छिलकों को धोकर धूप में सुखा लें और उनका पाउडर बना लें। एक कप पानी उबालें और उसमें आधा चम्मच यह पाउडर मिलाएं। थोड़ी देर उबलने के बाद इसे छान लें और स्वादानुसार शहद या नींबू मिलाकर इसका आनंद लें।

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    महंगी ड्राई क्लीनिंग को कहें बाय-बाय! इन 5 आसान ट्रिक्स से घर पर धोएं पफर जैकेट; नहीं खराब होगी रूई


    नई दिल्ली । पफर जैकेट की बनावट अन्य कपड़ों से अलग होती है, इसलिए इसे धोने के लिए विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। अगर आप इसे सामान्य कपड़ों की तरह धो देंगे, तो इसकी रूई के गुच्छे बन सकते हैं और जैकेट अपनी गर्माहट और शेप खो सकती है। नीचे दिए गए तरीकों को अपनाकर आप इस जोखिम को कम कर सकते हैं।

    सफाई से पहले ‘केयर लेबल’ जरूर देखे

    किसी भी पफर जैकेट को पानी में डालने से पहले उसके अंदर की तरफ लगे केयर लेबल को ध्यान से पढ़ें। अगर उस पर ‘Dry Clean Only’ लिखा है, तो घर पर रिस्क न लें। यदि उस पर मशीन या हैंड वॉश का विकल्प है, तभी आगे बढ़ें। धोने से पहले सभी जिप बंद कर दें और पॉकेट खाली कर लें।

    जिद्दी दागों का ‘स्पॉट ट्रीटमेंट

    पूरी जैकेट को गीला करने से पहले कॉलर, कफ और दाग-धब्बों वाली जगहों पर ध्यान दें। एक पुराने टूथब्रश और माइल्ड डिटर्जेंट की मदद से दाग वाली जगह को हल्के हाथों से रगड़ें। इससे जैकेट को मशीन में ज्यादा देर तक नहीं घुमाना पड़ेगा और गंदगी भी साफ हो जाएगी।

    लिक्विड डिटर्जेंट और ठंडे पानी का प्रयोग

    पफर जैकेट के लिए कभी भी पाउडर डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसके कण जैकेट की रूई में फंस सकते हैं। हमेशा माइल्ड लिक्विड डिटर्जेंट और ठंडे पानी का चुनाव करें। गर्म पानी जैकेट के बाहरी फैब्रिक को नुकसान पहुँचा सकता है और उसकी चमक फीकी कर सकता है।

    टेनिस बॉल’ ट्रिक सबसे कारगर तरीका

    यदि आप जैकेट को मशीन में सुखा रहेतो ड्रायर में जैकेट के साथ 2-3 साफ टेनिस बॉल डाल दें। जैसे-जैसे मशीन घूमेगी, ये बॉल जैकेट से टकराएंगी और अंदर जमी हुई रूई को फेंटकर उसे फिर से फुला देंगी। इससे रूई के गुच्छे नहीं बनेंगे और जैकेट पिचकने से बच जाएगी।

    सुखाने का सही तरीका

    अगर आप ड्रायर का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो जैकेट को कभी भी निचोड़ें नहीं। इसे एक तौलिये पर सपाट बिछाकर सुखाएं। धूप में सीधे टांगने के बजाय इसे छांव में सुखाना बेहतर है। सूखने के दौरान हर 1-2 घंटे में जैकेट को हाथों से थपथपाएं ताकि अंदर की रूई अपनी सही जगह पर वापस आ जाए। पफर जैकेट पर कभी भी फैब्रिक सॉफ्टनर या ब्लीच का उपयोग न करें, क्योंकि ये जैकेट के वाटर-रेसिस्टेंट कोटिंग और अंदर के फाइबर को नष्ट कर सकते हैं।