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  • भीषण गर्मी में घर पर बनाएं ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, स्वाद भी हेल्दी भी

    भीषण गर्मी में घर पर बनाएं ठंडी-ठंडी आइसक्रीम, स्वाद भी हेल्दी भी


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप और थकान लेकर आता है, ऐसे में ठंडी आइसक्रीम मिल जाए तो सारा मूड फ्रेश हो जाता है। हालांकि बाजार में मिलने वाली आइसक्रीम स्वादिष्ट जरूर होती है, लेकिन उसमें प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल फ्लेवर भी होते हैं। ऐसे में घर पर बनी आइसक्रीम न सिर्फ स्वाद में बेहतर होती है, बल्कि सेहत के लिए भी ज्यादा फायदेमंद रहती है। खास बात यह है कि आप इसे अपनी पसंद के फ्लेवर में आसानी से तैयार कर सकते हैं।
    घर पर आइसक्रीम बनाना बेहद आसान है और इसके लिए ज्यादा मेहनत की भी जरूरत नहीं होती। वनीला आइसक्रीम बनाने के लिए सबसे पहले 2 कप ठंडी फ्रेश क्रीम लें और उसे अच्छी तरह फेंटें जब तक वह गाढ़ी और फ्लफी न हो जाए। इसके बाद इसमें 1 कप कंडेंस्ड मिल्क डालकर हल्के हाथ से मिलाएं, ताकि मिश्रण की क्रीमीनेस बनी रहे। अब इसमें एक छोटा चम्मच वनीला एसेंस डालें और स्वाद के अनुसार 2-3 चम्मच चीनी मिलाएं।
    अगर आप आइसक्रीम को और मजेदार बनाना चाहते हैं, तो इसमें चॉकलेट चिप्स, ड्राई फ्रूट्स या अपनी पसंद के टॉपिंग्स भी जोड़ सकते हैं। इससे इसका स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं। जब मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाए, तो इसे एक एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रीजर में 6 से 8 घंटे के लिए रख दें। बीच-बीच में एक-दो बार इसे बाहर निकालकर हल्का सा मिक्स कर लें, इससे आइसक्रीम ज्यादा स्मूद और क्रीमी बनती है।
    अगर आप फ्रूटी फ्लेवर पसंद करते हैं, तो इसी बेस में आम का पल्प मिलाकर Mango Ice Cream भी तैयार कर सकते हैं। यह खासतौर पर बच्चों और परिवार के सभी सदस्यों को खूब पसंद आती है और गर्मियों में एक परफेक्ट ट्रीट बन जाती है।
    घर पर बनी आइसक्रीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी तरह का प्रिजर्वेटिव नहीं होता। आप अपनी जरूरत और हेल्थ के हिसाब से इसमें शुगर की मात्रा कम या ज्यादा कर सकते हैं। साथ ही, यह बाहर मिलने वाली आइसक्रीम की तुलना में काफी किफायती भी पड़ती है।
    इस गर्मी में बाहर की बजाय घर पर ही ठंडी, स्वादिष्ट और हेल्दी आइसक्रीम बनाएं और अपने परिवार के साथ इसका आनंद लें। यह न सिर्फ आपको गर्मी से राहत देगी, बल्कि आपके स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखेगी।

  • मनाली में वीकेंड पर पर्यटकों की बाढ़, 3 दिन में 7000+ वाहन पहुंचे

    मनाली में वीकेंड पर पर्यटकों की बाढ़, 3 दिन में 7000+ वाहन पहुंचे


    नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसे Manali में इस वीकेंड पर्यटकों का जबरदस्त सैलाब देखने को मिला। तीन दिनों के भीतर 7 हजार से अधिक पर्यटक वाहन मनाली पहुंचे, जिससे पूरा पर्यटन कारोबार एक बार फिर से गुलजार हो उठा। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ स्थानीय जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचे।
    आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को करीब 1550 वाहन मनाली पहुंचे थे, जबकि शुक्रवार को यह संख्या अचानक बढ़कर 3000 तक पहुंच गई। शनिवार को थोड़ी गिरावट जरूर आई, लेकिन फिर भी करीब 2500 वाहन शहर में दाखिल हुए। रविवार को वापसी का दौर ज्यादा रहा, हालांकि करीब 1500 पर्यटक वाहन फिर भी मनाली पहुंचे।
    पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा असर होटल इंडस्ट्री पर भी देखने को मिला। शहर के प्रमुख होटलों में ऑक्यूपेंसी 70 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।
    रोहतांग दर्रे की बहाली का इंतजार
    हालांकि, अभी तक Rohtang Pass पर्यटकों के लिए पूरी तरह से नहीं खुल पाया है। ऐसे में पर्यटक बर्फ का आनंद लेने के लिए Koksar का रुख कर रहे हैं, जहां भारी किराया देकर स्नो प्वाइंट तक पहुंचना पड़ रहा है। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि रोहतांग दर्रा खुलते ही पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा।
    कोकसर से ग्राम्फू तक लगा जाम
    रविवार को कोकसर में हालात ऐसे हो गए कि Gramphu तक सड़क किनारे 3-4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पर्यटकों ने बर्फ से ढकी वादियों में जमकर मस्ती की और सुहावने मौसम का आनंद उठाया।
    शिंकुला दर्रे के लिए एडवाइजरी
    यदि आप Shinkula Pass की ओर जाने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि केवल फोर-बाय-फोर (4×4) वाहन से ही यात्रा करें। यहां सड़क पर जमी बर्फ काफी फिसलन भरी है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।
    स्थानीय प्रशासन के अनुसार, जल्द ही सड़क बहाली के बाद पर्यटकों को मढ़ी तक जाने की अनुमति दी जा सकती है। जैसे ही रोहतांग मार्ग पूरी तरह खुलता है, पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है।
    कुल मिलाकर, वीकेंड पर मनाली में उमड़ी भीड़ ने यह साफ कर दिया है कि गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पहाड़ों की ओर लोगों का रुख तेजी से बढ़ रहा है।
  • सिर्फ 20 रुपये का चुकंदर देगा नेचुरल ग्लो, घर पर ऐसे बनाएं सस्ता स्किन केयर मास्क

    सिर्फ 20 रुपये का चुकंदर देगा नेचुरल ग्लो, घर पर ऐसे बनाएं सस्ता स्किन केयर मास्क


    नई दिल्ली। आजकल ग्लोइंग स्किन पाने के लिए लोग महंगे सैलून ट्रीटमेंट्स और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो बेहद कम खर्च में घर पर ही नेचुरल निखार पा सकते हैं। हेल्थ और ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार सिर्फ 20 रुपये का Beetroot आपकी त्वचा के लिए किसी ब्यूटी टॉनिक से कम नहीं है।
    चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और आयरन त्वचा को अंदर से साफ करने में मदद करते हैं, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है। वहीं, इसे सही सामग्री के साथ मिलाकर लगाने से स्किन टाइट और फ्रेश भी दिखती है।
    चुकंदर और कॉफी से बनाएं नेचुरल फेस मास्क
    एक आसान घरेलू उपाय के लिए चुकंदर और कॉफी पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए पहले चुकंदर को उबालकर या कद्दूकस करके उसका पेस्ट बना लें। इसके बाद इसमें थोड़ी मात्रा में Coffee पाउडर मिलाएं। चाहें तो इसमें थोड़ा सा एलोवेरा जेल या शहद भी मिलाया जा सकता है ताकि स्किन को अतिरिक्त नमी मिले।
    इस मिश्रण को अच्छे से मिलाकर चेहरे पर लगाएं और लगभग 15-20 मिनट तक सूखने दें। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।
    इस उपाय के फायदे
    चुकंदर और कॉफी का यह मिश्रण स्किन से डेड सेल्स हटाने में मदद करता है। इससे चेहरा साफ, मुलायम और चमकदार नजर आता है। चुकंदर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है, जिससे चेहरे पर नैचुरल पिंक ग्लो आता है। वहीं कॉफी स्किन को एक्सफोलिएट कर डलनेस कम करती है।
    क्यों है यह तरीका खास?
    इस घरेलू नुस्खे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह नेचुरल और सस्ता है। इसमें किसी भी तरह के केमिकल्स नहीं होते, जिससे साइड इफेक्ट्स का खतरा भी नहीं रहता। नियमित उपयोग से त्वचा हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती है।
    आज के समय में जब लोग महंगे ब्यूटी ट्रीटमेंट्स पर निर्भर हो रहे हैं, ऐसे में यह आसान और घरेलू उपाय न सिर्फ किफायती है, बल्कि लंबे समय तक असरदार भी साबित हो सकता है।
    अगर आप भी बिना ज्यादा खर्च किए नेचुरल ग्लो पाना चाहते हैं, तो इस चुकंदर फेस मास्क को अपनी स्किन केयर रूटीन में जरूर शामिल करें।
  • धूप से बचाइए अपनी त्वचा: घरेलू नुस्खों से पाएं नैचुरल ग्लो और हेल्दी स्किन

    धूप से बचाइए अपनी त्वचा: घरेलू नुस्खों से पाएं नैचुरल ग्लो और हेल्दी स्किन


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम जहां एक तरफ शरीर को थकान और पसीने से परेशान करता है, वहीं दूसरी तरफ यह त्वचा के लिए भी कई समस्याएं लेकर आता है। तेज धूप, बढ़ता तापमान और उमस के कारण स्किन पर टैनिंग, सनबर्न, रैशेज और मुहांसों जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ने लगती हैं। लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा झुलस जाती है और उसका प्राकृतिक रंग भी प्रभावित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में त्वचा की सही देखभाल बेहद जरूरी है, वरना मामूली लापरवाही भी स्किन डैमेज का कारण बन सकती है।

    आयुर्वेदिक नजरिया: पित्त दोष बढ़ाता है त्वचा की परेशानी

    आयुर्वेद के अनुसार गर्मियों में शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, जो त्वचा संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण बनता है। ज्यादा मसालेदार भोजन, कम पानी पीना और अधिक धूप में रहना इस स्थिति को और खराब कर देता है।

    डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन करें, अधिक से अधिक पानी पिएं और शरीर को ठंडा रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। सूती कपड़े पहनना और धूप से बचाव करना भी बेहद जरूरी है।

     सनबर्न और टैनिंग से राहत के घरेलू उपाय

    धूप से झुलसी त्वचा को राहत देने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय काफी असरदार साबित हो सकते हैं। ताजा एलोवेरा जेल त्वचा पर लगाने से जलन और लालिमा में तुरंत राहत मिलती है। यह स्किन को ठंडक देने के साथ-साथ उसे रिपेयर भी करता है।

    दही और बेसन का मिश्रण त्वचा से टैनिंग हटाने में मदद करता है और स्किन को साफ व चमकदार बनाता है। वहीं खीरे का रस लगाने से त्वचा को गहराई से हाइड्रेशन मिलता है और फ्रेशनेस बनी रहती है।

     घमौरियों और रैशेज से बचाव

    गर्मी में पसीने की वजह से घमौरियां होना आम समस्या है, जिसमें लाल दाने और खुजली होती है। इससे बचाव के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप फायदेमंद माना जाता है। बर्फ को कपड़े में लपेटकर लगाने से भी तुरंत ठंडक मिलती है। नीम की पत्तियों का पानी त्वचा के लिए एंटीबैक्टीरियल काम करता है और इंफेक्शन को रोकने में मदद करता है।

     मुहांसों और फंगल इंफेक्शन से सुरक्षा

    गर्मी में त्वचा पर तेल और धूल जमा होने से रोमछिद्र बंद हो जाते हैं, जिससे मुहांसे और फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए त्वचा की नियमित सफाई जरूरी है। नारियल तेल से हल्की मालिश त्वचा को पोषण देती है और रैशेज में राहत पहुंचाती है। नीम, दही और नींबू जैसे प्राकृतिक तत्व त्वचा को साफ रखने और बैक्टीरिया को रोकने में मदद करते हैं।

    अगर आप गर्मियों में अपनी त्वचा को सुरक्षित, स्वस्थ और चमकदार रखना चाहते हैं, तो इन आसान घरेलू उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। सही देखभाल और प्राकृतिक तरीकों से आप न सिर्फ स्किन को नुकसान से बचा सकते हैं, बल्कि उसे नैचुरल ग्लो भी दे सकते हैं।

  • आम से बना रॉयल समर डेजर्ट, मैंगो रबड़ी फालूदा से पाएं चिलचिलाती गर्मी में राहत

    आम से बना रॉयल समर डेजर्ट, मैंगो रबड़ी फालूदा से पाएं चिलचिलाती गर्मी में राहत

    नई दिल्ली।
    चिलचिलाती गर्मी में जब शरीर थकान और गर्म हवाओं से परेशान होने लगता है, तब कुछ ठंडा और मीठा खाने का मन होना आम बात है। ऐसे मौसम में आम से बना मैंगो रबड़ी फालूदा एक बेहतरीन विकल्प बन जाता है, जो स्वाद और ठंडक दोनों का शानदार मेल पेश करता है। यह डेजर्ट न सिर्फ खाने में लाजवाब होता है, बल्कि गर्मी में शरीर को ठंडक देने में भी मदद करता है।

    इस डेजर्ट की खासियत इसकी लेयरिंग और अलग-अलग टेक्सचर में छिपी होती है। इसमें मीठे पके आम का गाढ़ा पल्प, ठंडी रबड़ी, फालूदा सेव और भीगे हुए सब्जा बीज मिलकर इसे एक रॉयल मिठाई का रूप देते हैं। ऊपर से आइसक्रीम और ड्राई फ्रूट्स इसे और भी स्वादिष्ट बना देते हैं।

    इसे बनाने के लिए सबसे पहले पके हुए आम का गूदा निकालकर उसे अच्छे से ब्लेंड किया जाता है ताकि एक स्मूद प्यूरी तैयार हो सके। इसके साथ ही दूध को धीमी आंच पर पकाकर गाढ़ी रबड़ी बनाई जाती है, जिसमें हल्की मिठास और खुशबू के लिए इलायची मिलाई जाती है। अगर समय कम हो तो पहले से तैयार रबड़ी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

    दूसरी तरफ फालूदा सेव को हल्का उबालकर ठंडा किया जाता है, ताकि वह नरम और स्वादिष्ट बन जाए। सब्जा के बीज को पानी में भिगोकर तैयार रखा जाता है, जो शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं।

    इसके बाद एक लंबे गिलास में परत दर परत सामग्री डाली जाती है। सबसे पहले भीगे हुए सब्जा बीज, फिर फालूदा सेव, उसके बाद आम का पल्प और फिर ऊपर से रबड़ी डाली जाती है। अंत में आइसक्रीम का एक स्कूप और ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे खूबसूरत और स्वादिष्ट बनाया जाता है।

    ठंडा-ठंडा मैंगो रबड़ी फालूदा न सिर्फ गर्मी में राहत देता है, बल्कि परिवार और मेहमानों के लिए भी एक शानदार समर ट्रीट बन जाता है। यह आसान रेसिपी घर पर बिना ज्यादा मेहनत के रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देने में पूरी तरह सक्षम है।

  • डिहाइड्रेशन में रामबाण उपाय ओआरएस, शरीर में तुरंत बहाल करता है पानी और नमक का संतुलन

    डिहाइड्रेशन में रामबाण उपाय ओआरएस, शरीर में तुरंत बहाल करता है पानी और नमक का संतुलन


    नई दिल्ली।

    गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन जाती है। खासकर जब किसी व्यक्ति को दस्त, उल्टी या ज्यादा पसीना आने जैसी स्थिति होती है, तब शरीर तेजी से जरूरी तरल पदार्थ और नमक खोने लगता है। इस स्थिति में सही समय पर ध्यान न दिया जाए तो कमजोरी, चक्कर आना और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

    ऐसे हालात में स्वास्थ्य विशेषज्ञ ओआरएस को सबसे सरल और प्रभावी उपाय मानते हैं। ओआरएस यानी ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटैशियम की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद करता है। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करने का काम करता है और मरीज की हालत को बिगड़ने से रोकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, जब दस्त या उल्टी शुरू होती है, तो केवल पानी पीना पर्याप्त नहीं होता क्योंकि उससे सिर्फ प्यास बुझती है, लेकिन शरीर में खोए हुए नमक और मिनरल्स की भरपाई नहीं हो पाती। ओआरएस इसी कमी को पूरा करता है और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।

    ओआरएस का इस्तेमाल बहुत आसान माना जाता है। इसे एक लीटर साफ पानी में घोलकर छोटे-छोटे घूंट में पिया जाता है, जिससे शरीर धीरे-धीरे हाइड्रेट होता रहता है। यह बच्चों, वयस्कों और बुजुर्गों सभी के लिए सुरक्षित माना जाता है, खासकर तब जब शरीर कमजोर हो रहा हो।

    डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है क्योंकि पसीने के जरिए भी शरीर से काफी मात्रा में पानी और नमक बाहर निकल जाता है। ऐसे में ओआरएस शरीर को तुरंत राहत देने में मदद करता है और अस्पताल जाने की जरूरत को भी कई मामलों में कम कर सकता है।

     ओआरएस को एक ऐसा सरल और प्रभावी उपाय माना जाता है जो डिहाइड्रेशन जैसी समस्या से तेजी से राहत देने में मदद करता है और शरीर के जरूरी संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

  • भीषण गर्मी में बढ़ा प्रेग्नेंसी रिस्क, समय से पहले डिलीवरी और लो बर्थ वेट का खतरा तेज..

    भीषण गर्मी में बढ़ा प्रेग्नेंसी रिस्क, समय से पहले डिलीवरी और लो बर्थ वेट का खतरा तेज..

    नई दिल्ली।
    भीषण गर्मी का असर अब सिर्फ सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका गंभीर प्रभाव गर्भवती महिलाओं और उनके अजन्मे बच्चों पर भी देखने को मिल रहा है। देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे गर्म हवाएं और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।

    चिकित्सकों के अनुसार, इस तरह की अत्यधिक गर्मी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे गर्भवती महिलाओं में कई प्रकार की जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। शरीर में पानी की कमी और गर्मी से होने वाला तनाव कई बार समय से पहले प्रसव का कारण बन सकता है। यह स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम भरी मानी जाती है।

    गर्मी का असर केवल प्रसव प्रक्रिया तक ही सीमित नहीं रहता, बल्कि यह गर्भ में पल रहे शिशु के विकास को भी प्रभावित करता है। जब शरीर में पर्याप्त पोषण और रक्त प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, तो बच्चे का वजन जन्म के समय सामान्य से कम हो सकता है। यह स्थिति आगे चलकर नवजात के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।

    इसके अलावा, लंबे समय तक तेज धूप और गर्म वातावरण में रहने से गर्भवती महिलाओं में रक्तचाप बढ़ने का खतरा भी रहता है। यह स्थिति शरीर में कमजोरी, थकान और अन्य जटिलताओं को जन्म दे सकती है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान अधिक खतरनाक साबित हो सकती हैं।

    विशेषज्ञ इस समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए। हल्का और संतुलित आहार तथा ठंडे वातावरण में आराम इस दौरान बेहद जरूरी माना जा रहा है।

  • ठंडई: गर्मी में ठंडक, स्वाद और सेहत का परफेक्ट संगम

    ठंडई: गर्मी में ठंडक, स्वाद और सेहत का परफेक्ट संगम


    नई दिल्ली। देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच शरीर को ठंडा और तरोताजा रखने के लिए पारंपरिक पेय ठंडई एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है। जहां एक ओर बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स तुरंत राहत का दावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर घर में बनी ठंडई स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ख्याल रखती है। यही वजह है कि विशेषज्ञ भी गर्मियों में प्राकृतिक पेय पदार्थों को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

    गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ एनर्जी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। ठंडई इस जरूरत को पूरी तरह पूरा करती है। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री जैसे बादाम, सौंफ, खसखस, गुलाब की पंखुड़ियां और केसर न केवल स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं। यह पेय पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, शरीर की गर्मी को शांत करता है और थकान को दूर करने में मदद करता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में मिलने वाले पैकेज्ड ड्रिंक्स में अक्सर अधिक मात्रा में चीनी और कृत्रिम तत्व होते हैं, जो लंबे समय में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसके विपरीत, घर की बनी ठंडई पूरी तरह प्राकृतिक होती है और इसमें किसी प्रकार का केमिकल या आर्टिफिशियल रंग नहीं होता। यही कारण है कि यह न केवल प्यास बुझाती है बल्कि शरीर को भीतर से पोषण भी देती है।

    ठंडई के नियमित सेवन से कई फायदे मिलते हैं। यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाती है, मानसिक तनाव को कम करती है और मूड को बेहतर बनाती है। साथ ही, इसमें मौजूद सूखे मेवे और मसाले इम्युनिटी बढ़ाने में भी मददगार होते हैं। त्वचा को निखारने और शरीर को हाइड्रेट रखने में भी यह पेय काफी प्रभावी माना जाता है।

    अगर बनाने की बात करें, तो ठंडई तैयार करना बेहद आसान है। इसके लिए सौंफ, खसखस, काली मिर्च, इलायची, तरबूज-खरबूज और कद्दू के बीज (मगज), बादाम, काजू, पिस्ता, केसर और गुलाब की पंखुड़ियों को साफ करके कुछ घंटों या रातभर पानी में भिगो दिया जाता है। इसके बाद इन सभी को पीसकर एक स्मूद पेस्ट तैयार किया जाता है। इस पेस्ट को ठंडे दूध में मिलाकर स्वादानुसार चीनी या गुड़ डाला जाता है। ऊपर से केसर, गुलाब की पंखुड़ियां और ड्राई फ्रूट्स डालकर इसे ठंडा-ठंडा परोसा जाता है।

    इस गर्मी, अगर आप खुद को तरोताजा और ऊर्जावान रखना चाहते हैं, तो बाजार के पेय छोड़कर घर की बनी ठंडई को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी एक संपूर्ण पैकेज है।

  • गोवा ट्रैवल गाइड: शानदार बीच, ऐतिहासिक चर्च और रंगीन नाइटलाइफ का परफेक्ट प्लान

    गोवा ट्रैवल गाइड: शानदार बीच, ऐतिहासिक चर्च और रंगीन नाइटलाइफ का परफेक्ट प्लान


    नई दिल्ली। अगर आप छुट्टियों में किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं जहां प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर, इतिहास और मस्ती सब कुछ एक साथ मिले, तो गोवा आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। अरब सागर के किनारे बसा यह छोटा सा राज्य हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है।

    गोवा के बीचेज इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। उत्तर गोवा में स्थित Baga Beach और Calangute Beach अपनी वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज और बीच पार्टीज़ के लिए मशहूर हैं। यहां पैरासेलिंग, जेट स्कीइंग और बनाना राइड जैसे एडवेंचर टूरिस्ट्स को रोमांच से भर देते हैं। वहीं, शांत वातावरण चाहने वालों के लिए अंजुना और वागाटोर बीच बेहतरीन विकल्प हैं।

    इतिहास और संस्कृति की बात करें तो गोवा में कई शानदार चर्च और किले मौजूद हैं। Basilica of Bom Jesus यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, जहां सेंट फ्रांसिस जेवियर के अवशेष रखे गए हैं। यह जगह न सिर्फ धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसकी वास्तुकला भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। इसके अलावा Fort Aguada अरब सागर के किनारे स्थित एक ऐतिहासिक किला है, जहां से समुद्र का नजारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है। गोवा की राजधानी Panaji भी घूमने लायक जगहों में से एक है।

    यहां की रंग-बिरंगी गलियां, पुर्तगाली वास्तुकला और नदी किनारे का शांत वातावरण पर्यटकों को एक अलग अनुभव देता है।

    अगर आप नाइटलाइफ के शौकीन हैं, तो गोवा आपके लिए जन्नत से कम नहीं है। बीच शैक, क्लब्स और ओपन एयर पार्टियों में रातभर मस्ती का माहौल रहता है। संगीत, डांस और समुद्री हवा का संगम गोवा की नाइटलाइफ को खास बनाता है।

    गोवा ट्रिप का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप 4 से 5 दिन का प्लान बनाएं। पहले दो दिन बीच और वाटर स्पोर्ट्स के लिए रखें, एक दिन चर्च और किले घूमने के लिए, और बाकी समय नाइटलाइफ और लोकल मार्केट्स एक्सप्लोर करने के लिए रखें। यहां की लोकल फूड, खासकर सी-फूड और गोअन फिश करी, ट्रिप को और यादगार बना देती है।

    गोवा सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जहां हर मोड़ पर आपको नई ऊर्जा, आज़ादी और खुशी का एहसास होता है।

  • प्राकृतिक चमक के लिए हेयर केयर टिप्स: गर्मी में बालों की सही सफाई और देखभाल

    प्राकृतिक चमक के लिए हेयर केयर टिप्स: गर्मी में बालों की सही सफाई और देखभाल


    नई दिल्ली। गर्मियों में तेज धूप, बढ़ता तापमान और लगातार पसीना सिर की त्वचा (स्कैल्प) पर सीधा असर डालते हैं। धूल और प्रदूषण मिलकर बालों को चिपचिपा बना देते हैं। कई लोगों को इस मौसम में डैंड्रफ, खुजली और हेयर फॉल जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बाल कितनी बार धोने चाहिए ताकि वे साफ भी रहें और नुकसान भी न हो।

    हफ्ते में कितनी बार करें बालों की सफाई?

    विशेषज्ञों के अनुसार बाल धोने की कोई एक तय संख्या नहीं होती, यह पूरी तरह आपके बालों के टाइप पर निर्भर करता है।

    ऑयली बाल (तैलीय):
    ऐसे बालों में सीबम ज्यादा बनता है, इसलिए हफ्ते में लगभग 2 से 3 बार शैम्पू करना सही माना जाता है।

    सूखे बाल (ड्राई):
    इनमें नमी जल्दी खत्म हो जाती है, इसलिए हफ्ते में 1 से 2 बार बाल धोना पर्याप्त होता है।
    घुंघराले बाल (कर्ली हेयर):
    इनमें प्राकृतिक तेल पूरे बालों में फैलने में समय लगता है, इसलिए इन्हें कम धोना बेहतर होता है।
    हर दिन शैम्पू करना सही है या नहीं?

    कई लोग गर्मी में रोज बाल धोते हैं, लेकिन यह आदत हर किसी के लिए सही नहीं होती। रोज शैम्पू करने से स्कैल्प का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है, जिससे बाल रूखे, कमजोर और बेजान हो सकते हैं। इसलिए जरूरत के अनुसार ही बाल धोना बेहतर है।

    बाल धोने का सही तरीका क्या है?

    सिर्फ बाल धोना ही काफी नहीं, सही तरीका अपनाना भी जरूरी है:

    बहुत गर्म पानी से बाल न धोएं, यह बालों की नमी छीन लेता है
    हल्का गुनगुना पानी सबसे बेहतर होता है
    शैम्पू सीधे बालों पर न लगाकर पहले हाथ में झाग बनाएं
    स्कैल्प की धीरे-धीरे मसाज करें, जोर से रगड़ने से बचें
    बालों को अच्छे से धोकर शैम्पू पूरी तरह निकालें
    कंडीशनर और अतिरिक्त देखभाल क्यों जरूरी है?

    शैम्पू के बाद कंडीशनर लगाने से बाल मुलायम रहते हैं और टूटने से बचते हैं। यह बालों की बाहरी परत को स्मूद बनाता है, जिससे बालों में प्राकृतिक चमक आती है। इसके अलावा गर्मियों में बालों को धूप और धूल से बचाने के लिए स्कार्फ या कैप का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है।

    गर्मियों में बालों की देखभाल संतुलन पर निर्भर करती है ना बहुत ज्यादा धोना और ना बहुत कम। सही शैम्पू रूटीन और हल्की देखभाल से बाल स्वस्थ, मजबूत और प्राकृतिक रूप से चमकदार बने रह सकते हैं।