Category: Lifestyle

  • तला-भुना खाना कितना खतरनाक? जानें कैसे कम तेल से सुधर सकती है आपकी हेल्थ

    तला-भुना खाना कितना खतरनाक? जानें कैसे कम तेल से सुधर सकती है आपकी हेल्थ

    नई दिल्ली । आज के समय में तला-भुना और ज्यादा तेल वाला खाना लोगों की डाइट का एक आम हिस्सा बन चुका है। भारतीय रसोई में तड़के से लेकर डीप फ्राई डिशेज तक तेल का इस्तेमाल काफी अधिक होता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार यह चेतावनी दे रहे हैं कि जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन शरीर के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

    ज्यादा ऑयली खाना सबसे पहले पाचन तंत्र पर असर डालता है। ऐसे भोजन को पचाने में शरीर को अधिक समय और ऊर्जा लगती है, जिससे कई लोगों को पेट भारी लगना, एसिडिटी, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याएं होने लगती हैं। धीरे-धीरे यह आदत पाचन क्षमता को कमजोर कर सकती है।

    इसके अलावा, ज्यादा तला हुआ खाना मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। प्रोसेस्ड और डीप फ्राइड फूड में मौजूद अनहेल्दी फैट्स शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं, जिसका सीधा संबंध दिमाग के कामकाज और मूड से भी जोड़ा जाता है। कुछ रिसर्च में ऐसे खान-पान को तनाव और मानसिक अस्थिरता से भी जोड़ा गया है।

    लंबे समय तक अधिक तेल वाला भोजन करने से वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। फ्राइड फूड में कैलोरी अधिक होती है, जबकि पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं, जिससे शरीर में फैट जमा होने लगता है और मोटापा बढ़ सकता है। यही स्थिति आगे चलकर कई अन्य बीमारियों की वजह बन सकती है।

    दिल की सेहत पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव देखा जाता है। अधिक तेल वाला भोजन बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है। इससे धमनियों में ब्लॉकेज बनने का खतरा बढ़ जाता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकता है।

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ज्यादा ऑयली डाइट का असर लिवर और ब्लड शुगर पर भी पड़ सकता है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ाकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है, साथ ही फैटी लिवर जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

    हालांकि अच्छी बात यह है कि छोटे-छोटे बदलावों से सेहत में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। डीप फ्राइड खाने की जगह ग्रिल्ड या बेक्ड विकल्प अपनाना, साथ ही डाइट में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करना शरीर को संतुलित और स्वस्थ रखने में मदद करता है।

  • हेयर स्टीमिंग से डैंड्रफ का होगा खात्मा, हेयर फॉल में मिलेगी राहत-जानिए इसके बड़े फायदे

    हेयर स्टीमिंग से डैंड्रफ का होगा खात्मा, हेयर फॉल में मिलेगी राहत-जानिए इसके बड़े फायदे


    नई दिल्ली ।  हेयर स्टीमिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हल्की भाप (steam) की मदद से बालों और स्कैल्प को गर्माहट दी जाती है। यह भाप बालों की जड़ों तक पहुंचकर उन्हें नमी और पोषण देने का काम करती है। आजकल प्रदूषण, स्ट्रेस और केमिकल प्रोडक्ट्स की वजह से बालों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में हेयर स्टीमिंग एक नेचुरल और असरदार तरीका माना जाता है जो बालों को अंदर से रिपेयर करता है।

     हेयर स्टीमिंग कैसे करता है काम?
    जब बालों पर हल्की भाप दी जाती है, तो स्कैल्प के पोर्स खुल जाते हैं। इससे ऑयल, हेयर मास्क या कंडीशनर बालों की जड़ों तक अच्छे से पहुंच पाते हैं। इस प्रक्रिया से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स एक्टिव होते हैं और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है।

     हेयर स्टीमिंग के बड़े फायदे
    हेयर स्टीमिंग बालों की कई समस्याओं में बेहद फायदेमंद माना जाता है।
    डैंड्रफ कम करता है  स्कैल्प को साफ और हाइड्रेट रखता है
    हेयर फॉल रोकता है  जड़ों को मजबूत बनाता है
    बालों में नमी बढ़ाता है  रूखे और बेजान बालों को सॉफ्ट बनाता है
    बालों की ग्रोथ में मदद करता है  ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है
    शाइन और स्मूदनेस लाता है  बालों को सिल्की बनाता है

     घर पर कैसे करें हेयर स्टीमिंग?
    घर पर हेयर स्टीमिंग करना भी आसान है। इसके लिए गर्म पानी में तौलिया भिगोकर निचोड़ लें और उसे बालों पर 10–15 मिनट तक लपेटें। आप चाहें तो स्टीमर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ध्यान रहे कि भाप ज्यादा गर्म न हो, वरना स्कैल्प को नुकसान हो सकता है।

     कितनी बार करें हेयर स्टीमिंग?
    हेयर स्टीमिंग हफ्ते में 1 बार करना काफी होता है। बहुत ज्यादा करने से बालों की प्राकृतिक नमी भी प्रभावित हो सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है।

     ध्यान रखने वाली बातें
    हेयर स्टीमिंग के तुरंत बाद बालों को ठंडी हवा या धूप में न रखें। साथ ही केमिकल शैम्पू का ज्यादा इस्तेमाल करने से बचें ताकि इसका असर लंबे समय तक बना रहे।

    हेयर स्टीमिंग एक आसान, सस्ता और असरदार तरीका है जो बालों की कई समस्याओं को कम करने में मदद करता है। अगर इसे सही तरीके से नियमित किया जाए, तो डैंड्रफ, हेयर फॉल और रूखेपन से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।

  • Hair Spa Benefits: हर 3 महीने में हेयर स्पा से पाएं मजबूत, शाइनी और डैंड्रफ-फ्री बाल

    Hair Spa Benefits: हर 3 महीने में हेयर स्पा से पाएं मजबूत, शाइनी और डैंड्रफ-फ्री बाल


    नई दिल्ली । आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, प्रदूषण, केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स और गलत खानपान का सीधा असर बालों पर पड़ता है। इससे बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं। डैंड्रफ और हेयर फॉल भी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में हेयर स्पा बालों के लिए एक डीप कंडीशनिंग ट्रीटमेंट की तरह काम करता है, जो स्कैल्प को पोषण देकर बालों को फिर से हेल्दी बनाता है।

    हेयर स्पा कैसे करता है काम?
    हेयर स्पा में आमतौर पर तीन स्टेप होते हैं-हेयर क्लीनिंग, मसाज और डीप कंडीशनिंग। सबसे पहले बालों और स्कैल्प की गहराई से सफाई की जाती है, जिससे धूल-मिट्टी और अतिरिक्त ऑयल हट जाता है। इसके बाद हल्की मसाज की जाती है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है। अंत में कंडीशनिंग मास्क लगाया जाता है, जो बालों को स्मूद और शाइनी बनाता है।

    हेयर स्पा के प्रमुख फायदे
    हेयर स्पा का नियमित इस्तेमाल बालों की कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
    हेयर फॉल कम करता है – जड़ों को मजबूत बनाकर बालों का झड़ना कम करता है
    डैंड्रफ से राहत – स्कैल्प को साफ और हेल्दी रखता है
    बालों में चमक लाता है – ड्राय और डल बालों को शाइनी बनाता है
    तनाव कम करता है – मसाज से मानसिक तनाव भी कम होता है
    बालों की ग्रोथ में मदद – ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर ग्रोथ को सपोर्ट करता है

     कितने समय में कराना चाहिए हेयर स्पा?
    एक्सपर्ट्स के अनुसार हर 20 से 30 दिन में हेयर स्पा कराना अच्छा माना जाता है। हालांकि, सामान्य हेयर केयर के लिए हर 2 से 3 महीने में भी हेयर स्पा कराना काफी फायदेमंद होता है। इससे बालों को पर्याप्त पोषण मिलता रहता है और वे लंबे समय तक हेल्दी रहते हैं।

    ध्यान रखने वाली बातें
    हेयर स्पा के तुरंत बाद ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें। साथ ही बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बचें, क्योंकि इससे स्पा का असर कम हो सकता है।

    हेयर स्पा सिर्फ एक ब्यूटी ट्रीटमेंट नहीं बल्कि बालों की सेहत को बनाए रखने का एक जरूरी तरीका है। अगर इसे नियमित रूप से कराया जाए, तो बाल झड़ने, डैंड्रफ और रूखेपन जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

  • नेचुरल हेयर केयर का बढ़ता ट्रेंड, हर किसी के बालों पर अलग असर दिखाता है रीठा

    नेचुरल हेयर केयर का बढ़ता ट्रेंड, हर किसी के बालों पर अलग असर दिखाता है रीठा

    नई दिल्ली । आजकल बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। धूल, प्रदूषण, तनाव और कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के लगातार इस्तेमाल से लोगों के बाल कमजोर और बेजान होते जा रहे हैं। ऐसे माहौल में लोग फिर से पुराने घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर लौट रहे हैं। इन्हीं पारंपरिक विकल्पों में Reetha का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है, जिसे लंबे समय से बालों की सफाई और देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।

    रीठा को प्राकृतिक क्लेंजर माना जाता है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पानी के साथ मिलकर झाग बनाते हैं और सिर की त्वचा की सफाई करने में मदद करते हैं। जब इसका उपयोग बाल धोने के लिए किया जाता है, तो यह स्कैल्प पर जमा धूल, अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने का काम करता है। यही वजह है कि कई लोग इसे कैमिकल वाले शैंपू का प्राकृतिक विकल्प मानते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, साफ स्कैल्प बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए जरूरी होता है। जब सिर की त्वचा पर गंदगी और अतिरिक्त तेल जमा हो जाता है, तो बाल कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में रीठा बालों की जड़ों को साफ रखने में मदद कर सकता है, जिससे बालों को बेहतर वातावरण मिलता है।

    रूसी और खुजली जैसी समस्याओं में भी रीठा को उपयोगी माना जाता है। सिर की त्वचा पर जमा मृत कोशिकाएं और तेल अक्सर डैंड्रफ की वजह बनते हैं। रीठा इन तत्वों को साफ करने में मदद करता है, जिससे कुछ लोगों को राहत महसूस हो सकती है। हालांकि अगर किसी को ज्यादा खुजली, संक्रमण या एलर्जी की समस्या हो, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है।

    रीठा का नियमित और संतुलित इस्तेमाल बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में भी मदद कर सकता है। कई लोग मानते हैं कि इससे बाल टूटना कम होते हैं और उनकी प्राकृतिक चमक बनी रहती है। हालांकि बालों का स्वस्थ और घना होना केवल एक चीज पर निर्भर नहीं करता। इसके पीछे खानपान, शरीर में पोषण, हार्मोन और जीवनशैली जैसे कई कारण भी जिम्मेदार होते हैं।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि हर व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की प्रकृति अलग होती है। इसलिए किसी भी प्राकृतिक चीज का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को रीठा इस्तेमाल करने के बाद सूखापन, जलन या खुजली महसूस हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    बहुत ज्यादा ड्राई हेयर वाले लोगों को भी इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह सिर के प्राकृतिक तेल को कम कर सकता है। इसके अलावा किसी भी नए घरेलू उपाय को अपनाने से पहले थोड़ा परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।

  • तुलसी के पानी से बालों की देखभाल: डैंड्रफ और रूखेपन से मिलेगा छुटकारा..

    तुलसी के पानी से बालों की देखभाल: डैंड्रफ और रूखेपन से मिलेगा छुटकारा..


    बालों के लिए तुलसी का पानी: प्राकृतिक हेयर केयर का आसान उपाय

    बदलते मौसम में बालों का रूखा, बेजान और कमजोर हो जाना एक आम समस्या है। ऐसे में लोग महंगे शैम्पू और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद में बताए गए घरेलू उपाय आज भी बेहद असरदार माने जाते हैं। तुलसी का पानी ऐसा ही एक प्राकृतिक नुस्खा है, जो बालों को मजबूत, साफ और हेल्दी बनाने में मदद करता है।

    तुलसी का पानी क्यों फायदेमंद है?

    तुलसी में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो स्कैल्प की गंदगी, डैंड्रफ और खुजली को कम करने में मदद करते हैं। यह बालों की जड़ों को पोषण देता है और हेयर फॉल की समस्या को भी नियंत्रित करता है।

    तुलसी के पानी का सही इस्तेमाल कैसे करें?

    तुलसी का पानी बनाना और इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इसके लिए सबसे पहले 15 से 20 ताजा तुलसी के पत्ते लें और उन्हें पानी में अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी हल्का गुनगुना हो जाए तो इसे छान लें।

    अब इस तुलसी वाले पानी को सामान्य पानी के साथ मिलाकर माइल्ड शैम्पू के साथ बालों को धो सकते हैं। इससे स्कैल्प साफ होता है और बालों में प्राकृतिक चमक आती है।

    नीम के साथ और भी ज्यादा असरदार

    अगर आप ज्यादा बेहतर रिजल्ट चाहती हैं, तो तुलसी के पानी में नीम के पत्तों का पानी मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसे बालों में 20–25 मिनट तक लगाकर रखें और फिर हल्के शैम्पू से धो लें। यह मिश्रण डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन में बहुत प्रभावी माना जाता है।

    हेयर मास्क में भी करें इस्तेमाल

    दही या अंडे से बने हेयर मास्क में भी तुलसी का पानी मिलाया जा सकता है। इससे बालों को गहराई से पोषण मिलता है और बाल सिल्की, शाइनी और मजबूत बनते हैं। इस उपाय को हफ्ते में 2 बार अपनाया जा सकता है।

    जरूरी सावधानियां

    तुलसी का पानी इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर स्कैल्प पर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें और एक्सपर्ट की सलाह लें।

  • क्या सच में बढ़ सकती है हाइट? जानिए आयुर्वेदिक डाइट और लाइफस्टाइल टिप्स

    क्या सच में बढ़ सकती है हाइट? जानिए आयुर्वेदिक डाइट और लाइफस्टाइल टिप्स


    नई दिल्ली । आयुर्वेद में माना जाता है कि शरीर की वृद्धि केवल अनुवांशिकता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पाचन शक्ति (Agni), पोषण और हार्मोनल संतुलन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सही दिनचर्या और प्राकृतिक उपायों से बढ़ते उम्र में भी शरीर की ग्रोथ को सपोर्ट किया जा सकता है, खासकर बच्चों और किशोरों में।

     1. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां जो बढ़ा सकती हैं हाइट
    अश्वगंधा
    यह सबसे प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी मानी जाती है। इसे शरीर की ताकत, मांसपेशियों की वृद्धि और हार्मोन बैलेंस के लिए उपयोग किया जाता है। नियमित सेवन से ग्रोथ हार्मोन को सपोर्ट मिलने की संभावना रहती है।

    शतावरी
    यह शरीर को पोषण देने और आंतरिक मजबूती बढ़ाने में मदद करती है। बच्चों में विकास और इम्युनिटी के लिए इसे लाभकारी माना गया है।

    आंवला
    विटामिन C से भरपूर आंवला हड्डियों और ऊतकों के विकास में सहायक होता है। यह शरीर की कोशिकाओं को मजबूत करता है।

     2. संतुलित आहार (Balanced Diet) क्यों जरूरी है?
    हाइट बढ़ाने के लिए शरीर को सही पोषण मिलना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद में कहा गया है कि:

    दूध और डेयरी उत्पाद
    हरी सब्जियां
    सूखे मेवे (Dry Fruits)
    प्रोटीन युक्त आहार
    हड्डियों की ग्रोथ और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। जंक फूड और अत्यधिक तैलीय भोजन से बचने की सलाह दी जाती है।

     3. जीवनशैली में बदलाव
    आयुर्वेद के अनुसार सिर्फ आहार नहीं, बल्कि दिनचर्या भी महत्वपूर्ण है।

    नियमित योग और व्यायाम-
    ताड़ासन
    भुजंगासन

    सूर्य नमस्कार
    ये आसन शरीर की स्ट्रेचिंग बढ़ाकर रीढ़ को मजबूत करते हैं

    पर्याप्त नींद
    गहरी नींद के दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन सक्रिय होता है, इसलिए 7–9 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है।
    धूप का महत्व
    सुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन D बढ़ाती है, जो हड्डियों के विकास के लिए जरूरी है।

     महत्वपूर्ण बात
    आयुर्वेद के अनुसार हाइट बढ़ाने के उपाय सबसे ज्यादा असर बचपन और किशोरावस्था (growth age) में दिखाते हैं। वयस्क अवस्था में हाइट बढ़ने की संभावना सीमित होती है, लेकिन शरीर की मुद्रा (posture) और फिटनेस में सुधार जरूर किया जा सकता है।

    आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से हाइट बढ़ाने के लिए कोई एक उपाय नहीं, बल्कि जड़ी-बूटियों, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का संयोजन जरूरी है। नियमितता और सही दिनचर्या अपनाकर शरीर की प्राकृतिक वृद्धि प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।

  • गर्मी में घूमने के लिए मध्य प्रदेश की ठंडी जगहें, 5 दिन में पूरा करें यादगार सफर..

    गर्मी में घूमने के लिए मध्य प्रदेश की ठंडी जगहें, 5 दिन में पूरा करें यादगार सफर..

    मध्य प्रदेश :गर्मी के मौसम में जब तापमान लगातार बढ़ता है, तब लोग ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जहां ठंडक, सुकून और प्राकृतिक सुंदरता एक साथ मिल सके। मध्य प्रदेश भारत का दिल कहा जाता है और यहां कई ऐसी पर्यटन स्थल मौजूद हैं जो गर्मियों में बेहतरीन ट्रैवल डेस्टिनेशन साबित होते हैं। पचमढ़ी से लेकर खजुराहो और पन्ना नेशनल पार्क तक, यह पूरा सफर प्रकृति, इतिहास और रोमांच का अनोखा अनुभव कराता है।

    पचमढ़ी: सतपुड़ा की रानी में ठंडी राहत

    यात्रा की शुरुआत पचमढ़ी से करना सबसे बेहतर माना जाता है। इसे सतपुड़ा की रानी कहा जाता है और यह मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है जहां गर्मियों में भी मौसम सुहावना रहता है। भोपाल से इसकी दूरी लगभग 200 किलोमीटर है, जिसे 5 से 6 घंटे में पूरा किया जा सकता है। यहां बी फॉल, धूपगढ़ और जटाशंकर मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। दो दिन के लिए यहां का अनुमानित खर्च लगभग 2000 से 4000 रुपये तक रहता है।

    सांची: इतिहास और शांति का संगम

    पचमढ़ी के बाद सांची की यात्रा की जा सकती है। भोपाल से लगभग 46 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान बौद्ध स्तूपों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों को आकर्षित करता है। यात्रा में लगभग 1 से 1.5 घंटे लगते हैं और खर्च 500 से 1500 रुपये तक हो सकता है।

    खजुराहो: विश्व धरोहर की अद्भुत कला

    सांची से आगे बढ़ते हुए खजुराहो पहुंचा जा सकता है, जो अपनी अद्भुत मंदिर वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सांची से इसकी दूरी लगभग 350 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से 7 से 8 घंटे लगते हैं। यहां के मंदिर भारतीय कला और संस्कृति की अनोखी झलक पेश करते हैं। इस यात्रा का अनुमानित खर्च 2000 से 3000 रुपये तक रहता है।

    पन्ना नेशनल पार्क: जंगल सफारी का रोमांच

    खजुराहो के पास ही पन्ना नेशनल पार्क स्थित है, जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहां टाइगर सफारी और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया जा सकता है। खजुराहो से इसकी दूरी लगभग 25 किलोमीटर है और 30 से 40 मिनट में पहुंचा जा सकता है। सफारी सहित यहां का खर्च लगभग 1500 से 3000 रुपये तक होता है।

    पूरा ट्रैवल प्लान और खर्च

    यह पूरा सफर 4 से 5 दिनों में आसानी से पूरा किया जा सकता है। यात्रा की शुरुआत भोपाल से करते हुए पचमढ़ी, फिर सांची, उसके बाद खजुराहो और अंत में पन्ना नेशनल पार्क का दौरा किया जा सकता है। कुल दूरी लगभग 700 से 800 किलोमीटर रहती है। इस पूरे ट्रिप का खर्च प्रति व्यक्ति लगभग 8000 से 15000 रुपये तक आ सकता है।

  • पहली बार हाइड्रा फेशियल कराने जा रहे हैं? इन 5 जरूरी बातों का रखें ध्यान, मिलेगा बेहतर रिजल्ट

    पहली बार हाइड्रा फेशियल कराने जा रहे हैं? इन 5 जरूरी बातों का रखें ध्यान, मिलेगा बेहतर रिजल्ट


    नई दिल्ली । हाइड्रा फेशियल एक एडवांस स्किन केयर ट्रीटमेंट है, जिसमें त्वचा की गहरी सफाई, एक्सफोलिएशन और हाइड्रेशन किया जाता है। यह प्रक्रिया त्वचा से डेड स्किन हटाकर उसे ग्लोइंग और फ्रेश बनाती है। आजकल प्रदूषण, धूल और तनाव की वजह से स्किन डल और बेजान हो जाती है। ऐसे में हाइड्रा फेशियल त्वचा को अंदर से रिवाइव करने में मदद करता है।

     1. अपनी स्किन टाइप को समझना जरूरी
    हाइड्रा फेशियल कराने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी स्किन ऑयली, ड्राई या सेंसिटिव है। स्किन टाइप के अनुसार ही ट्रीटमेंट और प्रोडक्ट्स का चुनाव किया जाता है, जिससे बेहतर रिजल्ट मिलता है।

     2. एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें
    किसी भी स्किन ट्रीटमेंट से पहले स्किन एक्सपर्ट की सलाह लेना बहुत जरूरी है। अगर आपको एलर्जी, एक्ने या कोई स्किन प्रॉब्लम है, तो उसे पहले ही बता दें ताकि सही ट्रीटमेंट चुना जा सके।

     3. सही समय का चुनाव करें
    हाइड्रा फेशियल में लगभग 30–45 मिनट लगते हैं। इसलिए इसे ऐसे समय पर कराएं जब आप रिलैक्स रह सकें और बाद में किसी जरूरी काम की जल्दबाजी न हो।

     4. मेकअप से बचें
    हाइड्रा फेशियल से पहले चेहरे पर मेकअप बिल्कुल न लगाएं। इससे स्किन की डीप क्लीनिंग अच्छे से होती है और ट्रीटमेंट का असर ज्यादा बेहतर मिलता है।

     5. हमेशा एक्सपर्ट की निगरानी में कराएं
    यह ट्रीटमेंट हमेशा प्रशिक्षित एक्सपर्ट से ही करवाना चाहिए। अगर प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की जलन या असुविधा महसूस हो तो तुरंत बताना जरूरी है।

    पहली बार हाइड्रा फेशियल कराने से पहले थोड़ी सावधानी रखने से स्किन को बेहतरीन रिजल्ट मिल सकता है। सही तैयारी और एक्सपर्ट गाइडेंस के साथ आपकी त्वचा ग्लोइंग, फ्रेश और हेल्दी दिखती है।

  • दूध वाली नहीं, रोज पिएं लेमन ग्रास की चाय, शरीर को मिलेंगे जबरदस्त फायदे

    दूध वाली नहीं, रोज पिएं लेमन ग्रास की चाय, शरीर को मिलेंगे जबरदस्त फायदे


    नई दिल्ली । आजकल लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट में हर्बल चीजों को शामिल कर रहे हैं। ऐसे में लेमन ग्रास की चाय तेजी से लोगों की पसंद बनती जा रही है। यह सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। आयुर्वेद में लेमन ग्रास को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है। अगर आप रोज सुबह दूध वाली चाय की जगह लेमन ग्रास टी पीते हैं, तो शरीर को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं।
    पाचन तंत्र को बनाती है मजबूत
    लेमन ग्रास की चाय पेट के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। यह गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक होती है। रोजाना इसका सेवन करने से डाइजेशन बेहतर बना रहता है।
    शरीर की सूजन और इंफ्लेमेशन करे कम
    लेमन ग्रास में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। जो लोग जोड़ों के दर्द या शरीर में सूजन की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह चाय काफी लाभकारी मानी जाती है।
    इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
    मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लेमन ग्रास की चाय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से लड़ने में सहायता करते हैं।
    तनाव कम कर देती है राहत
    भागदौड़ भरी जिंदगी और काम का दबाव मानसिक तनाव बढ़ा देता है। लेमन ग्रास की चाय दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में मदद कर सकती है। इसे पीने से शरीर रिलैक्स महसूस करता है और नींद भी बेहतर आती है।
    वजन घटाने में भी हो सकती है मददगार
    अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो लेमन ग्रास टी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करती है और फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज कर सकती है।
    ऐसे बनाएं लेमन ग्रास की हेल्दी चा
    1 कप पानी लें
    उसमें 4 से 5 ताजी लेमन ग्रास की पत्तियां डालें
    5 मिनट तक अच्छी तरह उबालें
    चाहें तो इसमें थोड़ा शहद और नींबू मिला सकते हैं
    छानकर गर्मागर्म सेवन करें

    ध्यान रखें
    ज्यादा मात्रा में लेमन ग्रास टी पीने से कुछ लोगों को एलर्जी या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। किसी गंभीर बीमारी या प्रेग्नेंसी के दौरान सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  • रात में करें ये देसी उपाय, सुबह तक कम हो सकते हैं कील-मुंहासे घर के नुस्खों से मिल सकती है राहत

    रात में करें ये देसी उपाय, सुबह तक कम हो सकते हैं कील-मुंहासे घर के नुस्खों से मिल सकती है राहत

    कील-मुंहासे (acne) आजकल गलत खानपान, तनाव और ऑयली स्किन की वजह से बहुत आम हो गए हैं। हालांकि कोई भी उपाय “रातों-रात पूरी तरह खत्म” करने का दावा नहीं कर सकता, लेकिन कुछ देसी नुस्खे सूजन कम करने और पिंपल्स को शांत करने में मदद कर सकते हैं।

    1. नीम का पेस्ट
    नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पिंपल्स पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बनाएं

    पिंपल्स पर हल्का लगाकर 20–30 मिनट बाद धो लें

    2. शहद (Honey)
    शहद स्किन को सूद करता है और इंफेक्शन कम करने में मदद कर सकता है।

    थोड़ी मात्रा में शहद पिंपल पर लगाएं

    15–20 मिनट बाद साफ पानी से धो लें

    3. आइस क्यूब (बर्फ)
    बर्फ लगाने से सूजन और लालिमा कम हो सकती है।

    बर्फ को कपड़े में लपेटकर पिंपल पर हल्के से लगाएं

    1–2 मिनट से ज्यादा न रखें

    4. एलोवेरा जेल

    एलोवेरा स्किन को ठंडक देता है और जलन कम करता है।

    ताजा एलोवेरा जेल लगाकर रातभर छोड़ सकते हैं

    सुबह चेहरा धो लें

    5. हल्दी का हल्का इस्तेमाल

    हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं।

    बहुत कम मात्रा में हल्दी + शहद मिलाकर लगाएं

    15 मिनट बाद धो लें

    जरूरी सावधानियां

    पिंपल्स को बार-बार न छेड़ें या दबाएं नहीं

    बहुत ज्यादा घरेलू नुस्खे एक साथ न लगाएं

    अगर एक्ने गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह लें

    साफ तकिया कवर और तौलिया इस्तेमाल करें

    ध्यान रखें
    ये उपाय पिंपल्स की सूजन और रेडनेस कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन पूरी तरह एक रात में खत्म होना संभव नहीं होता। लगातार स्किन केयर और सही लाइफस्टाइल से ही स्थायी सुधार मिलता है।