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  • Mint के फायदे: गर्मियों में शरीर को ठंडक और सेहत को सुधारने वाला सुपरहर्ब

    Mint के फायदे: गर्मियों में शरीर को ठंडक और सेहत को सुधारने वाला सुपरहर्ब


    नई दिल्ली। नई दिल्लीगर्मियों के मौसम में ही शरीर को ठंडक और ताजगी की ज़रूरत महसूस होने लगती है। इस समय फल आसानी से मिलते हैं, लेकिन प्याले और हरी पत्तेदार भूख-सब्जी में ताजगी कम होती है। ऐसे में पुदीना (पुदीना) आपके लिए एक प्राकृतिक शीतलता और स्वास्थ्यवर्धक उपाय बन जाता है।

    शरीर को शीतलता मिलती है

    आयुर्वेद के अनुसार पुदीना कफ और पित्त की मात्रा निर्धारित होती है। इसके सेवन से पेट की गर्मी कम होती है और शरीर में ठंडक का एहसास होता है। पुदीने में मौजूद मेन्थॉल मस्तिष्क तक संदेश भेजा जाता है कि शरीर में ठंडक आ रही है, जिससे सिरदर्द और बेचैनी गर्मी से जुड़ी लत कम होती है।

    पाचन तंत्र के लिए बाध्य

    गर्मियों में अक्सर तल-भुना और भारी भोजन खाने से पेट में गैस, भारीपन और खट्टी डकारें होती हैं। पुदीना पाचन तंत्र को शांत करता है, अम्लता को कम करता है और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) में राहत देता है। इसे आप चिप्स, रायते या ठंडे पानी में आसानी से ले सकते हैं।

    लू से बचाव और ऊर्जा को बढ़ाता है

    पुदीना लू से बचने में भी मदद करता है। यह ठंडा करने वाला असर शरीर को ताजगी देता है और गर्मी में होने वाली थकान को कम करता है। गर्मियों की धूप में पुदीने का सेवन शरीर को वर्गीकृत संग्रह में भी रखा जाता है।

    बाहरी इस्तेमाल से भी लाभ

    पुदीना केवल खाने के लिए ही नहीं, बल्कि इस्तेमाल पर भी जादुई है:
    फेसबुक पर लेप: मुंहासे और टैनिंग कम करने में मदद करता है।
    सिर दर्द में राहत: पुदीने की चाय या ताज़ा पत्ते का सेवन सिरदर्द और तनाव को कम करता है।
    तनाव कम करना: पुदीने की चाय मन को शांत और ताजगी से भर देती है।

    इस्तेमाल करने के तरीके
    नारियल, रायता या कीक में पुदीने की बनी चीजें।
    दिन में 1-2 बार पुदीने की चाय छोड़ें।
    चेहरे पर ताजा पुदीने का लेप मुंहासे और तैलीय त्वचा के लिए करें।
    गर्मियों में ठंडा पानी या नींबू पानी में पुदीने की धुलाई डालें।

  • गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने का मंत्र ताजे जूस से शरीर को रखें ठंडा और एक्टिव

    गर्मियों में डिहाइड्रेशन से बचने का मंत्र ताजे जूस से शरीर को रखें ठंडा और एक्टिव


    नई दिल्ली: भारत में गर्मियों का असर तेज होते ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को खानपान में सावधानी बरतने और शरीर को हाइड्रेट रखने पर जोर दिया है तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तेजी से होने लगती है जिससे थकान चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं सामने आती हैं ऐसे में ताजे और ठंडे प्राकृतिक जूस शरीर को राहत देने का सबसे आसान और प्रभावी उपाय बनकर सामने आए हैं

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में ऐसे पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए जो शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाने के साथ साथ ऊर्जा भी दें इस लिहाज से तरबूज का रस सबसे लोकप्रिय विकल्प माना जाता है इसमें लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है जो शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और गर्मी से राहत दिलाता है

    इसी तरह नारियल पानी को प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक कहा जाता है इसमें मौजूद पोटेशियम और मिनरल्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं और थकान को दूर करते हैं गर्मियों में नियमित रूप से इसका सेवन शरीर को तरोताजा बनाए रखता है

    नींबू और पुदीना से बना जूस भी बेहद फायदेमंद माना जाता है यह न केवल शरीर का तापमान नियंत्रित करता है बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है खीरे का जूस शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और पेट को ठंडक पहुंचाता है जिससे गर्मी में होने वाली जलन और एसिडिटी से राहत मिलती है

    पारंपरिक भारतीय पेय जैसे आम पन्ना और कोकम शर्बत भी लू से बचाने में काफी कारगर हैं ये शरीर को ठंडा रखने के साथ साथ ऊर्जा प्रदान करते हैं और हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करते हैं वहीं अनानास और संतरे का जूस विटामिन सी से भरपूर होता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दिन के किसी भी समय इन जूसों का सेवन किया जा सकता है चाहे सुबह की शुरुआत करनी हो दोपहर की गर्मी से राहत चाहिए या शाम को थकान दूर करनी हो ये सभी विकल्प हर समय लाभकारी हैं खास बात यह है कि इन्हें घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसमें किसी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या अतिरिक्त चीनी की जरूरत नहीं होती

    विशेषज्ञ पैकेज्ड और डिब्बाबंद जूस से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इनमें अक्सर अतिरिक्त शुगर और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं इसके मुकाबले ताजे फल और सब्जियों से बने जूस अधिक पोषक और सुरक्षित होते हैं

    गर्मियों में स्वस्थ रहने का सबसे सरल तरीका यही है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ मिलते रहें और इसके लिए प्राकृतिक जूस एक बेहतरीन विकल्प हैं जो न केवल हाइड्रेशन बनाए रखते हैं बल्कि शरीर को ठंडा और ऊर्जावान भी रखते हैं

  • रोमांटिक ट्रिप के लिए परफेक्ट जगहें, पार्टनर के साथ यादगार सफर का प्लान करें

    रोमांटिक ट्रिप के लिए परफेक्ट जगहें, पार्टनर के साथ यादगार सफर का प्लान करें


    नई दिल्ली। भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप अपने राजभवन के साथ कुछ पवित्र और स्मारक महल में जगह बनाना चाहते हैं, तो बेहतर से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। एक रोमांटिक यात्रा केवल आपके विविधताओं में नई ऊर्जा भारती है, बल्कि सामंजस्यपूर्ण समझ और रिश्तों को भी मजबूत आधार देती है। भारत में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां आप अपनी राजधानी के साथ प्रकृति, रोमांच और दिव्यता का शानदार अनुभव ले सकते हैं। अगर आप भी किसी खास यात्रा की योजना बना रहे हैं तो ये डेस्टिनेशन आपके लिए अचूक साबित हो सकता है।

    मनाली: हर कपल का ड्रीम डेस्टिनेशन

    रोमांटिक ट्रिप की जब भी बात होती है तो सबसे पहले मनाली का नाम सामने आता है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, जंगली हवाएं और रिहायशी नदियां इस जगह की बेहद खस्ता संरचना हैं। यहां होता है कपल्स को ऐसा अहसास, जैसे वे किसी फिल्मी दुनिया का हिस्सा हों। आप अपने महानगर के साथ तिब्बती मठों की सैर कर सकते हैं, नदी तट पर कैंपिंग का मजा ले सकते हैं या फिर भृगु झील तक ट्रैकिंग कर सकते हैं। ओरिजिनल में इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ाया गया है, जिससे आपकी यात्रा और भी रोमांटिक बन जाती है।

    लैंडौर: सार्वभौम और शांति की तलाश करने वालों के लिए

    यदि आप भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर शांत और सार्वभौम पुरामहानगर चाहते हैं, तो आपके लिए ज़मीन का विकल्प सबसे अच्छा विकल्प है। हिमालय के भगवान बसा में यह छोटा सा हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक प्रकृति और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। कोहरे से बूढ़ी पहाड़ियाँ, देवदार के जंगल और बदशं के फूल यहाँ के माहौल को बेहद रोमांटिक बनाते हैं। लाल टिब्बा, सेंट पॉल चर्च, फोर शॉप और केलॉग मेमोरियल चर्च जैसे आकर्षण इस जगह की खास पहचान हैं। यहां का सीजन भी ज्यादातर समय सुहावना रहता है, जहां कपल्स के लिए यह एक आदर्श गेटवे बन जाता है।

    रोमांस और रोमांच का शानदार मेल

    लंबे समय से कपल्स की पहली पसंद बनी है। यहां की अनोखी हवाएं, हरियाली से भरपूर पहाड़ और मॉल रोड की सड़कें हर किसी को आकर्षित करती हैं। आप अपने बालाजी के साथ रिज मैदान में सैर कर सकते हैं, कुफरी में साहसिक गतिविधियों का मजा ले सकते हैं या चैल की खूबसूरत हस्तियों में सार्वभौम के महल की सैर कर सकते हैं। इसके अलावा, यहां की दुकानें और स्थानीय व्यंजन भी आपकी यात्रा को खास बनाते हैं।

    रागरावा के स्टोर में क्यों है खास?

    बेंगलुरु के साथ घूमना सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि घूमने को और मजबूत बनाने का जरिया है। यह आपको एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम रहने, नई जगहों को एक्सप्लोर करने और मेमोरियल लम्हे बनाने का मौका देता है। प्रकृति के बीच के अवशेष ये पल लंबे समय तक आपके दिल में बस जाते हैं।

    अगर आप अपने आर्किटेक्चर में नई ताजगी और रोमांस की चाहत रखते हैं, तो इन खूबसूरत जगहों की यात्रा जरूर करें। सही प्रशिक्षकों और सही गंतव्य के साथ आपकी यात्रा जीवन भर की याद बन सकती है।

  • एप्पल से बनाएं 4 आसान और स्वादिष्ट रेसिपी जो झटपट तैयार हों और हर उम्र के लोगों को पसंद आएं

    एप्पल से बनाएं 4 आसान और स्वादिष्ट रेसिपी जो झटपट तैयार हों और हर उम्र के लोगों को पसंद आएं


    नई दिल्ली: अगर घर में सेब पड़े-पड़े बोर हो रहे हैं और समझ नहीं आ रहा कि उनसे क्या बनाया जाए तो अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। सेब सिर्फ काटकर खाने या जूस बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई स्वादिष्ट और आसान रेसिपी तैयार की जा सकती हैं। खास बात यह है कि ये रेसिपी कम समय में बनती हैं और हर किसी को पसंद आती हैं।

    सबसे पहले बात करते हैं एप्पल चटनी की। अगर आप कुछ मीठा और तीखा एक साथ खाना पसंद करते हैं तो यह रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है। इसके लिए सेब को छोटे क्यूब्स में काट लें और कड़ाही में डालें। अब इसमें चीनी, लाल मिर्च पाउडर, अदरक पेस्ट और थोड़ा सा सिरका मिलाकर मध्यम आंच पर पकाएं। जब यह मिश्रण गाढ़ा और हल्का चमकदार हो जाए तो गैस बंद कर दें। यह चटनी पराठे या स्नैक्स के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है।

    दूसरी रेसिपी है एप्पल शेक, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। इसे बनाने के लिए सेब को छीलकर टुकड़ों में काट लें और मिक्सर में डालें। फिर इसमें दूध, शहद और बर्फ के टुकड़े डालकर स्मूद ब्लेंड करें। तैयार शेक को गिलास में निकालें और ऊपर से दालचीनी पाउडर डालकर सर्व करें। यह हेल्दी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक है।

    अगर आप ब्रेड के साथ कुछ खास ट्राई करना चाहते हैं तो एप्पल जैम एक बढ़िया विकल्प है। इसके लिए सेब को छोटे टुकड़ों में काटकर कड़ाही में डालें और उसमें चीनी मिलाएं। इसे तब तक पकाएं जब तक यह गाढ़ा न हो जाए। अंत में थोड़ा सा नींबू का रस डालकर मिलाएं। ठंडा होने के बाद इसे जार में स्टोर करें और जब मन करे इस्तेमाल करें।

    चौथी और सबसे झटपट बनने वाली रेसिपी है एप्पल चाट। जब कुछ चटपटा खाने का मन हो तो यह एकदम परफेक्ट स्नैक है। इसके लिए सेब के छोटे टुकड़े करें और उसमें चाट मसाला, काला नमक, भुना जीरा पाउडर और नींबू का रस मिलाएं। चाहें तो इसमें हरी मिर्च और पुदीना भी डाल सकते हैं। यह चाट स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है।

    इन आसान रेसिपीज की मदद से आप साधारण सेब को भी खास बना सकते हैं। अब अगली बार जब घर में सेब हों, तो इन्हें नए अंदाज में जरूर ट्राई करें।

  • आयुर्वेद का नियम तोड़ा तो बढ़ेंगी बीमारियां भोजन के साथ फल खाने से बचें

    आयुर्वेद का नियम तोड़ा तो बढ़ेंगी बीमारियां भोजन के साथ फल खाने से बचें

    नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान की आदतें तेजी से बदल रही हैं। शादी समारोह, पार्टियों और होटलों में भोजन के साथ फल परोसना एक आम चलन बन चुका है। लोग इसे हेल्दी समझकर बिना सोचे-समझे खा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद इस आदत को सही नहीं मानता और इसे पाचन के लिए हानिकारक बता सकता है।

    आयुर्वेद के अनुसार हर खाद्य पदार्थ की अपनी तासीर और पाचन समय होता है। दाल, रोटी, चावल जैसे पके हुए भोजन को पचने में समय लगता है, जबकि फल हल्के होते हैं और जल्दी पच जाते हैं। जब इन दोनों को एक साथ खाया जाता है तो पाचन तंत्र भ्रमित हो जाता है। फल पहले पचने की कोशिश करते हैं, जबकि भारी भोजन को अधिक समय चाहिए होता है। इस असंतुलन के कारण भोजन पेट में रुककर सड़ने लगता है, जिससे गैस, कब्ज, एसिडिटी और भारीपन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

    इसके अलावा, होटलों या फंक्शन्स में परोसे जाने वाले फल अक्सर ठंडे या स्टोर किए हुए होते हैं। ऐसे फल पाचन अग्नि को कमजोर कर देते हैं, जिससे खाना ठीक से नहीं पच पाता। आयुर्वेद में पाचन अग्नि को शरीर का मूल आधार माना गया है और इसके कमजोर होने से कई रोग जन्म ले सकते हैं।

    आयुर्वेद यह भी कहता है कि भोजन केवल स्वाद के लिए नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें समय, मात्रा और संयोजन का विशेष महत्व होता है। गलत संयोजन को विरुद्ध आहार कहा जाता है, जो लंबे समय में शरीर में विषैले तत्वों के जमाव का कारण बन सकता है।

    फल खाने का सही समय सुबह या शाम माना गया है। सुबह खाली पेट फल खाना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है, क्योंकि उस समय पाचन तंत्र साफ और सक्रिय होता है। हालांकि सुबह खट्टे फलों से बचना चाहिए, क्योंकि ये गैस और जलन बढ़ा सकते हैं। शाम को भी सूरज ढलने से पहले फल खाए जा सकते हैं, लेकिन भोजन और फल के बीच कम से कम एक घंटे का अंतर रखना जरूरी है।

    एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि फल को दूध या दही के साथ नहीं खाना चाहिए। आयुर्वेद इसे विरुद्ध आहार मानता है और इससे पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    यदि आप फल और भोजन दोनों का पूरा पोषण लेना चाहते हैं तो इन्हें अलग-अलग समय पर खाना ही बेहतर है। छोटी-सी यह आदत आपके पाचन को बेहतर बना सकती है और कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती है।

  • नवरात्रि व्रत में नहीं होगी थकान: ये 4 सुपरफूड्स रखेंगे आपको दिनभर एनर्जेटिक

    नवरात्रि व्रत में नहीं होगी थकान: ये 4 सुपरफूड्स रखेंगे आपको दिनभर एनर्जेटिक


    नई दिल्ली । शक्ति की उपासना का पावन पर्व चैत्र नवरात्रि पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन नौ दिनों में कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं कोई पहले और आखिरी दिन तो कोई पूरे नौ दिन उपवास करता है। हालांकि अक्सर गलत खान पान के कारण व्रत के दौरान कमजोरी थकान सिरदर्द और सुस्ती महसूस होने लगती है जिसका असर चेहरे पर भी साफ दिखाई देता है।

    दरअसल व्रत का असली लाभ तभी मिलता है जब आपका आहार संतुलित सात्विक और पोषण से भरपूर हो। अगर सही चीजों का चुनाव किया जाए तो न केवल शरीर ऊर्जावान बना रहता है बल्कि मन भी शांत और एकाग्र रहता है। ऐसे में आइए जानते हैं 4 ऐसे सुपरफूड्स के बारे में जिन्हें व्रत की थाली में शामिल कर आप पूरे दिन एनर्जी से भरपूर रह सकते हैं।

    सबसे पहले बात करते हैं मखाना की जिसे व्रत का सबसे हेल्दी और गिल्ट फ्री स्नैक माना जाता है। इसमें कैलोरी कम और प्रोटीन अधिक होता है। साथ ही यह फाइबर मैग्नीशियम और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। मखाना खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती और यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है। आप इसे हल्के घी में भूनकर या खीर बनाकर खा सकते हैं।

    दूसरा सुपरफूड है साबूदाना। जब शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है तब यह सबसे बेहतर विकल्प बन जाता है। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर और ग्लूटेन फ्री साबूदाना जल्दी पचता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। हालांकि इसमें प्रोटीन कम होता है इसलिए इसे दही या मूंगफली के साथ खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। साबूदाने की खिचड़ी या वड़ा स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संयोजन है।

    तीसरा महत्वपूर्ण आहार है कुट्टू का आटा । यह पोषण का खजाना माना जाता है जिसमें मैग्नीशियम आयरन जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके कॉम्प्लेक्स कार्ब्स शरीर को धीरे धीरे ऊर्जा देते हैं जिससे दिनभर कमजोरी महसूस नहीं होती। कुट्टू से बनी पूरी चीला या कढ़ी न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है।

    चौथा और सबसे जरूरी हिस्सा है फल। व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है। सेब केला संतरा और अनार जैसे फल विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। केला तुरंत ऊर्जा देता है जबकि संतरा और अनार शरीर में पानी की कमी पूरी कर ठंडक प्रदान करते हैं। फलों का सेवन शरीर को डिटॉक्स करने और इम्युनिटी मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

    नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहने का नाम नहीं बल्कि यह अनुशासन और संतुलित जीवनशैली अपनाने का अवसर है। अगर आप सही और पौष्टिक आहार लेते हैं तो न केवल आपका शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि आपकी पूजा और साधना में भी मन एकाग्र रहेगा। इस नवरात्रि इन 4 सुपरफूड्स को अपनी व्रत की थाली में जरूर शामिल करें और भक्ति के साथ साथ अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रखें।

  • मिजोरम की खूबसूरती और सांस्कृतिक रंग, लुंगलेई ट्रैकिंग ट्रिप के लिए परफेक्ट

    मिजोरम की खूबसूरती और सांस्कृतिक रंग, लुंगलेई ट्रैकिंग ट्रिप के लिए परफेक्ट


    नई दिल्ली।  गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पर्यटकों में छुट्टियों की योजना बनाना आम हो जाता है। अगर आप प्रकृति, ट्रैकिंग और मिजोरम की संस्कृति का अनूठा अनुभव चाहते हैं, तो मिजोरम के लुंगलेई शहर की यात्रा आपके लिए बेस्ट विकल्प है।

    प्रकृति के अद्भुत नजारे

    लुंगलेई अपने नाम की तरह अनोखा है। इसका अर्थ है “चट्टानों का पुल”, और यह 1222 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। आइजोल से 169 किलोमीटर दूर यह शहर पहाड़ों, नदियों और हरे-भरे जंगलों के खूबसूरत संगम का प्रतीक है। यहां की नदियों का पानी इतना साफ होता है कि आप तल में बैठे कंकड़ों को आसानी से देख सकते हैं। गर्मियों में यह जगह विशेष रूप से पर्यटकों को आकर्षित करती है।

    खावंगलुंग वन्यजीव अभयारण्य

    प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए खावंगलुंग वन्यजीव अभयारण्य सबसे पसंदीदा जगह है। यहां पर्यटक तेंदुआ, सांभर, बार्किंग डियर और हूलॉक गिब्बन जैसे वन्यजीवों को देख सकते हैं। अभयारण्य में सफारी का अनुभव भी लिया जा सकता है। मार्च से अक्टूबर का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

    फुननाउमा की चट्टान और ट्रैकिंग का रोमांच

    लुंगपुई शहर से 100 किलोमीटर दूर लुंगपुई त्लांग या फुननाउमा की चट्टान स्थित है। यह लुंगपुई की सबसे पुरानी और बड़ी चट्टान है। यहां तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को कठिन ट्रैकिंग करनी पड़ती है, लेकिन ऊपर पहुंचकर शहर का दृश्य देखने का अनुभव अद्भुत होता है।

    फुननाउमा की चट्टान को लेकर कई लोककथाएं प्रचलित हैं। माना जाता है कि यहां परियां शिकार के लिए आती थीं और इस जगह की खोज फुननाउमा नाम के शख्स ने की थी। यही कारण है कि यह चट्टान फुननाउमा की चट्टान के नाम से जानी जाती है।

    मिजोरम की संस्कृति का अनुभव

    लुंगलेई के हरे-भरे ऊंचे पहाड़ न केवल प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं, बल्कि यहां का मौसम भी सुहावना रहता है। इसके अलावा, लुंगलेई में मिजोरम की संस्कृति और कल्चर की झलक भी देखने को मिलती है। गांव के लोग आज भी अपनी पारंपरिक पहचान बनाए हुए हैं। यहां ऑथेंटिक मिजोरम व्यंजन का स्वाद लेना भी पर्यटकों के लिए खास अनुभव होता है।

    ट्रैकिंग और एडवेंचर के लिए उपयुक्त

    लुंगलेई न केवल प्रकृति प्रेमियों, बल्कि ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी बेस्ट डेस्टिनेशन है। फुननाउमा की चट्टान और खावंगलुंग अभयारण्य जैसी जगहें इसे ट्रैवल लवर्स के लिए एक परफेक्ट हाइकिंग और फोटोग्राफी स्पॉट बनाती हैं।

  • गर्मियों में सूरज की तीखी धूप से जलती त्वचा? अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय

    गर्मियों में सूरज की तीखी धूप से जलती त्वचा? अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय


    नई दिल्ली। गर्मी में महिलाओं को अक्सर कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता है उसमें से एक है स्क्रीन। आप कितना भी स्क्रीन केयर कर लें लेकिन गर्मी में इसमें कई बदलाव देखने को मिलते हैं। कई लोगों को बाहर निकलते ही त्वचा में जलन, लालपन और टैनिंग की समस्या होने लगती है।तो चलिए इसके लिए कुछ उपाय जानते हैं।

    इस प्रकार गर्मी में स्क्रीन का ध्यान
    गर्मी शुरू होते ही स्क्रीन पर काफी प्रभाव पड़ता है जिसके कारण आपकी त्वचा से निखार दूर जाने लगता है। ऐसे में ये जरूरी है कि, गर्मियों में अपनी त्वचा की खास देखभाल की जाए। कुछ आसान और रोजाना अपनाए जाने वाले स्किन केयर टिप्स आपकी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रख सकते हैं।

    सनस्क्रीन लगाना हमेशा रखें याद
    गर्मी में घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना बहुत जरूरी होता है। तेज धूप में मौजूद यूवी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए बाहर जाने से करीब 20 मिनट पहले एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा वाली सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

    त्वचा को रखें हाइड्रेटेड
    गर्मी में शरीर के साथ-साथ त्वचा को भी हाइड्रेशन की जरूरत होती है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और त्वचा भी फ्रेश और ग्लोइंग नजर आती है। अगर यह आप बरकरार रखती हैं तो आपकी त्वचा में हमेशा निखार और ग्लो बना रहेगा।

    दिन में दो-तीन बार धोने फेस
    बाहर कई प्रकार की धूल,मिट्टी गर्म हवाएं और पसीना आपके चेहरे को खराब कर देती है।इसलिए सुबह और रात को चेहरे को अच्छे फेसवॉश से साफ करना चाहिए। इससे स्किन साफ रहती है और पिंपल्स की समस्या भी कम होती है।

    धूप से बचाव करें
    तेज धूप में बाहर निकलते समय छाता, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे त्वचा सीधे धूप के संपर्क में आने से बच जाती है और टैनिंग की समस्या भी कम होती है।

  • दिमाग तेज और नींद बेहतर, ब्राह्मी दूध के फायदे और सेवन का सही तरीका

    दिमाग तेज और नींद बेहतर, ब्राह्मी दूध के फायदे और सेवन का सही तरीका


    नई दिल्ली आयुर्वेद में ब्राह्मी को मस्तिष्क के लिए संजीवनी माना गया है। यह एक ऐसी स्वास्थ्यवर्धक औषधि है, जो मानसिक स्वास्थ्य, नींद और याददाश्त को बेहतर बनाने में बेहद प्रभावशाली है। अगर दूध इसके साथ लिया जाए तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं।

    ब्राह्मी दूध कैसे बनाये
    एक दूध के थैले को अच्छी तरह से गर्म करें और इसमें आधे हिस्से में ब्राह्मी केक शामिल हों। स्वाद और अतिरिक्त लाभ के लिए इसमें कालीमिर्च दाल भी बनाई जा सकती है। यह रात में सोने से लगभग एक घंटा पहले घटित होता है।

    नींद में सुधार और तनाव से राहत
    ब्राह्मी दूध का नियमित सेवन दिमाग को शांत करता है और तनाव को कम करता है। इससे (इन्सानानंद न आने की समस्या) राहत मिलती है और गहराई में, सार्वभौम भरी नींद आती है।

    याददाश्त और फोकस बढ़ाने में मदद
    ब्राह्मी मस्तिष्क की साबिरा का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। यह याददाश्त तेज करने, ध्यान केंद्रित करने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है–विशेषकर छात्रों और मानसिक काम करने वालों के लिए।

    तंत्रिका तंत्र और थकान पर असर
    यह तंत्रिका तंत्र को आराम देता है, जिससे चिंता कम होती है और शरीर की थकान दूर होती है। लगातार कमजोरी या मानसिक थकावट में भी यह उपयोगी है।

    त्वचा और शरीर पर भी पड़ता है असर
    ब्राह्मी रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है, जिससे त्वचा में निखार आता है और शरीर अंदर से स्वस्थ रहता है।

    सावधानी भी जरूरी
    हालाँकि ब्राह्मी दूध फायदेमंद है, लेकिन गर्भवती महिलाओं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन पहले डॉक्टर की सलाह से जरूर करना चाहिए। साथ ही, अधिक मात्रा में सेवन से परहेज।

  • फाइबर का पावरहाउस कटहल, गर्मियों में सेहत और दिल दोनों का रखे ख्याल

    फाइबर का पावरहाउस कटहल, गर्मियों में सेहत और दिल दोनों का रखे ख्याल


    नई दिल्ली  गर्मियों के मौसम में आसानी से मिलने वाला कटहल सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का भी खजाना है। इसे ‘सब्जियों का सुपरफूड’ कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में वनस्पति, विटामिन और मसाले पाए जाते हैं। सही तरीके से बनाया जाए तो यह शरीर को पोषण देने के साथ कई आश्रय से मुक्ति में भी मदद करता है।

    कार्बोहाइड्रेट का सबसे अच्छा स्रोत, पाचन तंत्र
    कटहल में मौजूद उच्च कार्बोहाइड्रेट पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह शौचालय की सफाई में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्या से राहत दिलाता है। नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

    दिल के लिएउपयोगी

    कटहल में असिस्ट की अच्छी मात्रा होती है, जो ब्लड यूनिट को नियंत्रित करने में मदद करती है। इससे जुड़े दिल से जुड़े खतरे कम होते हैं और लेवल स्तर भी स्थिर रहते हैं।

    आवेदकों के लिए भी उपयोगी
    कम गैलेक्टेमिक वैज्ञानिकों के कारण कटहल ब्लड शुगर को तेजी से नहीं मिला। इसलिए सीमित मात्रा में इसका सेवन जहर के रूप में भी हानिकारक माना जाता है।

    त्वचा और बालों को सुंदर बनाया जाता है
    इसमें मौजूद विटामिन ए और सी त्वचा को निखारने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह शरीर को पोषण से लेकर चमक बढ़ाने में सहायक होता है।

    सेवन में सावधानी बरतें
    हालाँकि कटहल मछली है, लेकिन यह भारी और पतली होती है। जिन लोगों को गैस, पेट या पाचन संबंधी समस्या होती है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। यह आसानी से पचता है।