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  • जरूरत की खबर: क्या आपकी सेहत के लिए सही है फ्रोजन मटर? जानें इसे खरीदने के 6 गोल्डन रूल्स और सही इस्तेमाल का तरीका

    जरूरत की खबर: क्या आपकी सेहत के लिए सही है फ्रोजन मटर? जानें इसे खरीदने के 6 गोल्डन रूल्स और सही इस्तेमाल का तरीका


    नई दिल्ली। सर्दियों के खत्म होते ही ताजी मटर बाजार से गायब होने लगती है, ऐसे में फ्रोजन मटर ही एकमात्र विकल्प बचती है। ‘रेडी-टू-यूज’ होने के कारण यह न केवल समय बचाती है, बल्कि छीलने के झंझट से भी मुक्ति दिलाती है। लेकिन क्या यह उतनी ही पौष्टिक है जितनी ताजी मटर? एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सही तरीके से चुनी और इस्तेमाल की जाए, तो फ्रोजन मटर ताजी मटर का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकती है।

    फ्रोजन मटर: ताजी मटर से कितनी अलग?
    अक्सर लोग इसे ‘प्रोसेस्ड फूड’ मानकर घबराते हैं, लेकिन डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि फ्रोजन मटर को ‘ब्लांचिंग’ प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इसमें मटर को पहले उबलते पानी में डाला जाता है और फिर तुरंत ठंडा कर फ्रीज किया जाता है। यह प्रक्रिया मटर के प्राकृतिक रंग, स्वाद और पोषक तत्वों को ‘लॉक’ कर देती है। कई मामलों में, फ्रोजन मटर उन ताजी मटर से बेहतर हो सकती है जो कई दिनों तक ट्रांसपोर्टेशन या धूप में रखी रहती हैं।

    खरीदते समय बरतें ये 6 सावधानियां
    बाजार से फ्रोजन मटर का पैकेट उठाते समय इन बातों का खास ख्याल रखें:पैकेट को हिलाकर देखें: मटर के दाने अलग-अलग महसूस होने चाहिए। यदि वे एक बड़े बर्फ के गोले की तरह जमे हुए हैं, तो इसका मतलब है कि पैकेट को पहले पिघलाया गया और फिर दोबारा फ्रीज किया गया है । ऐसे पैकेट न खरीदें। बर्फ की परत: अगर पैकेट के अंदर बहुत अधिक बर्फ जमी है, तो यह नमी और खराब स्टोरेज की निशानी है।

    एक्सपायरी डेट: हमेशा मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट चेक करें। फ्रोजन मटर आमतौर पर 6-12 महीने तक अच्छी रहती है। पैकेट की बनावट: पैकेट कहीं से फटा या ढीला नहीं होना चाहिए। सीलबंद पैकेट ही लें। रंग: दानों का रंग गहरा हरा होना चाहिए। यदि रंग हल्का पीला या सफेद पड़ रहा हो, तो मटर पुरानी हो सकती है। पिक-अप टाइम: ग्रोसरी शॉपिंग के दौरान फ्रोजन मटर सबसे अंत में उठाएं ताकि वह घर पहुँचने तक ज्यादा न पिघले।

    इस्तेमाल करने का सही तरीका

    डायरेक्ट कुकिंग न करें: फ्रोजन मटर को फ्रीजर से निकालकर सीधे गरम तेल या तड़के में न डालें।गुनगुना पानी: इस्तेमाल से 5-10 मिनट पहले मटर को सामान्य या गुनगुने पानी में भिगोकर रखें। इससे इसकी बर्फ पिघल जाएगी और यह अपनी प्राकृतिक कोमलता में आ जाएगी। ओवरकुकिंग से बचें: चूंकि फ्रोजन मटर पहले से ही ‘ब्लांच’ होती है, इसलिए इसे ताजी मटर की तुलना में बहुत कम पकाने की जरूरत होती है। ज्यादा पकाने से इसके विटामिन सी और बी-कॉम्प्लेक्स नष्ट हो सकते हैं।

  • रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें, सुबह दिखेगा साफ और चमकदार चेहरा..


    नई दिल्ली।मिट्टी प्रदूषण और भागदौड़ भरी जिंदगी स्किन की नेचुरल चमक छीन लेती है। ऐसे में लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोइंग स्किन के लिए हमेशा महंगे प्रोडक्ट्स जरूरी नहीं होते। आपकी किचन और ड्रेसिंग टेबल पर मौजूद कुछ नेचुरल चीजें भी कमाल का असर दिखा सकती हैं।एक्सपर्ट्स के मुताबिक रात का समय स्किन रिपेयर के लिए सबसे बेहतर होता है। दिनभर धूप और प्रदूषण से डैमेज हुई स्किन रात में खुद को रिपेयर करती है। अगर इस दौरान सही चीजें स्किन पर लगाई जाएं तो उनका असर ज्यादा जल्दी और बेहतर दिखाई देता है।

    रात को सोने से पहले क्यों जरूरी है स्किन केयर
    दिनभर स्किन बाहरी नुकसान झेलती है। रात के समय ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्किन सेल्स तेजी से रिपेयर होते हैं। यही वजह है कि नाइट स्किनकेयर रूटीन को सबसे अहम माना जाता है।

    रात को सोने से पहले लगाएं ये 3 चीजें

    1. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल स्किन को गहराई से हाइड्रेट करता है और दाग धब्बों को हल्का करने में मदद करता है। सोने से पहले चेहरे को साफ करके हल्की मात्रा में एलोवेरा जेल लगाएं और रातभर छोड़ दें। सुबह चेहरा फ्रेश और सॉफ्ट नजर आएगा।

    2. गुलाब जल
    गुलाब जल नेचुरल टोनर की तरह काम करता है। यह स्किन के पोर्स को टाइट करता है और चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाता है। कॉटन की मदद से सोने से पहले चेहरे पर गुलाब जल लगाएं। यह स्किन को शांत करता है और रेडनेस भी कम करता है।

    3. नारियल तेल या बादाम तेल
    अगर आपकी स्किन ड्राई है तो सोने से पहले कुछ बूंदें नारियल तेल या बादाम तेल की मसाज करें। यह स्किन को पोषण देता है और रातभर नमी बनाए रखता है। सुबह स्किन सॉफ्ट और चमकदार दिखती है।

    बेहतर रिजल्ट के लिए रखें इन बातों का ध्यान
    सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं। हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें और पर्याप्त नींद लें। पानी ज्यादा पिएं और जंक फूड से दूरी बनाएं।नियमित रूप से इन नेचुरल उपायों को अपनाने से कुछ ही दिनों में स्किन की रंगत में सुधार और नेचुरल ग्लो साफ नजर आने लगेगा।

  • असली या नकली? महंगी पश्मीना शॉल खरीदने से पहले जान लें पहचान के आसान तरीके..

    असली या नकली? महंगी पश्मीना शॉल खरीदने से पहले जान लें पहचान के आसान तरीके..


    नई दिल्ली । पश्मीना शॉल सिर्फ सर्दियों से बचाने वाला कपड़ा नहीं, बल्कि कश्मीर और लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसकी बारीक बनावट, हल्कापन और जबरदस्त गर्माहट इसे दुनिया की सबसे महंगी और खास ऊन में शामिल करती है। यही वजह है कि शुद्ध पश्मीना शॉल की कीमत 30 से 40 हजार रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है। लेकिन ऊंची कीमत के कारण बाजार में नकली और सेमी सिंथेटिक पश्मीना की भरमार है, जिसमें ग्राहक अक्सर धोखा खा जाते हैं।

    नकली पश्मीना देखने में बिल्कुल असली जैसा लग सकता है, लेकिन कुछ आसान जांच के जरिए इसकी सच्चाई पहचानी जा सकती है। अगर आप भी महंगी पश्मीना शॉल खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

    ऊन का स्रोत पहचानें
    असली पश्मीना लद्दाख की ऊंचाई वाले इलाकों में पाई जाने वाली चांगथांगी बकरियों के अंडरकोट से बनाया जाता है। अत्यधिक ठंड के कारण इनके रेशे बेहद महीन, मुलायम और गर्म होते हैं। यही खासियत पश्मीना को दूसरी ऊन से अलग बनाती है।

    वजन से करें जांच
    शुद्ध पश्मीना बेहद हल्का होता है। आमतौर पर पूरा पश्मीना शॉल लगभग 180 ग्राम के आसपास होता है, जबकि स्टोल का वजन करीब 90 से 100 ग्राम तक रहता है। अगर शॉल हाथ में भारी महसूस हो, तो वह नकली या मिश्रित हो सकता है।

    बर्न टेस्ट से पहचान
    पश्मीना की असलियत जांचने का एक पुराना तरीका बर्न टेस्ट है। शॉल के किनारे से निकाले गए धागे को जलाने पर असली पश्मीना बालों की तरह धीरे जलता है और राख बन जाता है। वहीं नकली या सिंथेटिक धागा प्लास्टिक की तरह पिघलता है और तेज बदबू देता है।

    बुनावट और फिनिशिंग पर नजर डालें
    असली पश्मीना पूरी तरह हाथ से बुना जाता है। इसलिए उसकी बुनावट में हल्की असमानता हो सकती है। अगर शॉल मशीन से बनी तरह बहुत ज्यादा परफेक्ट और एकसमान दिखे, तो वह नकली होने का संकेत हो सकता है।

    जीआई टैग जरूर देखें
    खरीदारी के समय पश्मीना शॉल पर जीआई टैग की मांग जरूर करें। यह टैग उसकी प्रामाणिकता और मूल स्थान की पुष्टि करता है और बताता है कि शॉल वास्तव में कश्मीर या लद्दाख क्षेत्र की पारंपरिक पश्मीना है।विशेषज्ञों के अनुसार, पश्मीना शॉल खरीदते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए। सही जानकारी और थोड़ी सतर्कता आपको नकली से बचा सकती है और आपकी महंगी खरीद को सही निवेश बना सकती है।

  • Valentine Week पर पार्टनर के साथ जाना चाहते हैं घूमने, तो ये 4 जगह हैं बेस्ट, कम खर्च पर घूम आइए


    नई दिल्ली । फरवरी का महीना प्यार में डूबे लोगों के लिए बहुत खास होता है. फरवरी के दूसरे हफ्ते से वैलेंटाइन वीक की शुरुआत हो जाती है. 7 फरवरी से 14 फरवरी के बीच रोज़ डे, प्रपोज़ डे, चॉकलेट डे, टेडी डे जैसे प्यार के दिन मनाए जाते हैं  बड़ी संख्या में लोग इस दिन अपने प्यार का इजहार करते हैं. कुछ शादी के लिए भी 14 फरवरी यानी वैलेंटाइंस डे का दिन ही चुनते हैं. अगर आप भी अपने पार्टनर को खुश करने के लिए कहीं बाहर ले जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हमने आपकी मदद की है. आज हम आपको 4 ऐसी सस्ती जगह के बारे में बताएंगे, जहां आप अपने पार्टनर के साथ घूमने जा सकते हैं. दरअसल यही वो समय होता है, जब आप एक दूसरे के और करीब आते हैं.

    वैलेंटाइन पर पार्टनर को लेकर कहां जाएं, दार्जिलिंग

    वैलेंटाइन वीक में आप अपने पार्टनर को बाहर घूमाने के लिए इस जगह को चुन सकते हैं. क्योंकि दार्जिलिंग जाने का सबसे सही समय फरवरी से लेकर अप्रैल तक और सितंबर से लेकर नवंबर तक का होता है. इस समय वहां का मौसम बेहद सुहाना होता है. यहां आकर आप खूबसूरत सूर्योदय के साथ-साथ चाय बागान को भी देख सकते हैं. ये आपके बजट और पार्टनर को खुश करने के लिए बेस्ट जगह है.

    मनाली

    कपल्स का सबसे पसंदीदा प्लेस है मनाली. मनाली की खूबसूरती दिल में तो उतर ही जाती है. वैलेंटाइन वीक में आप मनाली का प्लान बना सकते हैं. इस समय वहां का मौसम भी अच्छा होता है और आपके बजट में भी है.

    पुष्कर

    अगर आप ठंडी जगह पर नहीं जाना चाहते हैं, तो राजस्थान का पुष्कर आपके लिए परफेक्ट जगह साबित हो सकती है. यहां कम बजट में भी आपको एक रॉयल फील मिलेगा. पार्टनर के साथ यहां के घाटों पर बैठकर डूबते सूरज को निहारना और रेगिस्तान की खामोशी में ऊंट की सवारी करना बेहद रोमांचक एहसास है.

    ओरछा

    वैलेंटाइन वीक के लिए मध्य प्रदेश का ओरछा एक बेमिसाल ऑप्शन है. बेतवा नदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिक शहर शांति और रोमांस का अद्भुत मेल पेश करता है. यहां के भव्य महल और मंदिर आपको एक पुराने और खूबसूरत दौर की याद दिलाएंगे. यहां रहने और खाने के खर्चे भी बहुत मामूली होते हैं. आप ओरछा के रामराजा मंदिर के दर्शन करने भी जा सकते हैं.

  • 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से

    15 साल की सबसे गर्म शुरुआत: फरवरी की ‘सर्द-गर्म’ से सावधान! इन 7 आसान उपायों से बचें फ्लू और बुखार से


    नई दिल्ली। फरवरी का मौसम इस बार बेहद असामान्य है। जनवरी के बाद फरवरी की शुरुआत भी पिछले 15 सालों में सबसे गर्म रिकॉर्ड तोड़ रही है। दिन में तेज धूप और शाम को ठंडी हवा—इस ‘सर्द-गर्म’ के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि धूप से लौटते ही पंखा/एसी चलाना या तुरंत ठंडा पानी पीना सर्द-गर्म का मुख्य कारण बन सकता है।

    फ्लू और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए साफ-सफाई सबसे बड़ा हथियार है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों को साबुन से धोना, खांसते/छींकते समय रुमाल का उपयोग और बार-बार नाक-आंख छूने से बचना जरूरी है। साथ ही घर का बना ताजा भोजन, हल्दी वाला दूध, गुनगुना पानी, और सही पहनावा इस मौसम में सेहत बनाए रखने में मददगार है।

    बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होते हैं। अगर दो दिन से अधिक बुखार, कफ या कमजोरी बनी रहे तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।

  • फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

    फरवरी की 'सर्द-गर्म' से रहें सावधान: 15 सालों में सबसे गर्म शुरुआत, बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स


    नई दिल्ली। फरवरी का महीना आते ही प्रकृति करवट बदलने लगती है। इस साल मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही हैरान करने वाला है; जहाँ जनवरी पिछले छह सालों में सबसे गर्म रहा, वहीं फरवरी की शुरुआत ने भी पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दिन में चुभती धूप और शाम होते ही सर्द हवाओं का यह ‘डबल अटैक’ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पर सीधा हमला करता है। ऐसे में थोड़ी सी भी लापरवाही आपको अस्पताल पहुँचा सकती है।

    धूप से आकर तुरंत न चलाएं पंखा दोपहर के वक्त बाहर से आने पर अक्सर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और हम तुरंत पंखा चला लेते हैं या एसी की तलाश करते हैं। डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि ऐसा करना ‘सर्द-गर्म’ का मुख्य कारण बनता है। जब आप बाहर से आएं, तो कम से कम 10-15 मिनट शांति से बैठें ताकि शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से सामान्य हो जाए। इसी तरह, तेज धूप से लौटकर तुरंत ठंडा पानी पीना गले के संक्रमण और तेज बुखार को न्योता देना है।

    साफ-सफाई: फ्लू से बचने का सबसे बड़ा हथियार बदलते मौसम में वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene) सबसे महत्वपूर्ण है। अपनी हथेलियों, उंगलियों और नाखूनों को नियमित रूप से साबुन से धोएं। खांसते या छींकते समय रुमाल का प्रयोग करें और हाथों से बार-बार नाक या आंखों को छूने से बचें।

    सेहत बनाए रखने के अचूक उपाय: इस संक्रमण काल में खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनी दिनचर्या में ये छोटे बदलाव जरूर करें:
    बाहर के खुले या जंक फूड से परहेज करें और घर का बना ताजा भोजन ही लें।
    रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पिएं, यह प्राकृतिक एंटीबायोटिक का काम करता है।कफ या गले में खराश महसूस होने पर केवल गुनगुना पानी ही पिएं।

     सुबह और शाम की ठंड को हल्के में न लें; पूरी बाजू के कपड़े पहनें। पैरों में संक्रमण से बचने के लिए अब बंद जूतों की जगह खुली चप्पलों का चुनाव किया जा सकता है।

    डॉक्टर की सलाह कब लें? बदलते मौसम में बच्चे और बुजुर्ग सबसे जल्दी संक्रमण की चपेट में आते हैं। यदि आपको या परिवार में किसी को भी दो दिन से अधिक समय तक बुखार, लगातार कफ या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे ‘मौसमी असर’ मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लें ताकि समय रहते सही उपचार शुरू हो सके।

    फरवरी में दिन की गर्मी और रात की ठंड के कारण ‘सर्द-गर्म’ की समस्या बढ़ रही है। 15 साल की सबसे गर्म शुरुआत के बीच सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा है। बचाव के लिए धूप से आकर तुरंत ठंडा पानी न पिएं, स्वच्छता का ध्यान रखें और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन करें।

  • आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल

    आपके लिए खतरनाक हो सकता है फरवरी का महीना, बदलते मौसम में ऐसे रखें अपना खयाल


    नई दिल्ली । फरवरी आते ही मौसम काफी तेजी में बदलने लगता है. दिन में हल्की गर्मी होती है तो रात के वक्त ठंडी हवा चलती है. ऐसे में जो लोग दोपर के वक्त बाहर से आते हैं उन्हें अचानक से गर्मी लगने लगती है. इस बदलते मौसम में अक्सर लोग बीमार पड़ जाते हैं. इसके कारण सर्द-गर्म जैसा एहसास होता है.

    जिसके चलते आपको बुखार भी महसूस हो सकता है. इसलिए इस मौसम जब भी बाहर जाए या आएं तो गर्मी महसूस हो तो पंखा न चलाएं बल्कि कुछ देर ऐसे ही आराम से बैठे. कुछ देर रिलैक्स होकर बैठने से आपके शरीर का टेंपरेचर खुद नॉर्मल हो जाएगा. दिन में इतनी तेज धूप हो रही है कि जैकेट,स्वेटर पहनना मुश्किल हो चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि फरवरी में सर्द-गर्म शरीर के लिए कितना खतरनाक है. आज हम आपको इसके बारे में बताएंगे.

    साफ-सफाई का रखें खास ध्यान

    सर्दी-जुकाम के साथ-साथ फ्लू जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए खुद के साफ-सफाई का खास ध्यान रखें. जो लोग हमेशा गंदा रहते हैं या जो लोग खांसते या छींकते या पूरे टाइम नाक को हाथों से पोंछते हैं. ऐसे लोग जल्दी बीमारी पड़ते हैं. जो लोग अपने हाथों को साबुन से साफ नहीं करते हैं वो बार-बार बीमार पड़ते हैं. डॉक्टर का मानना है कि हथेली, उंगली और हाथों के पीछे का हिस्सा और नाखून को साबुन से धोएं.

    गर्मी की शुरूआत

    फरवरी महीने की शुरूआत को अभी सिर्फ दो दिन ही बीता है. लेकिन गर्मी जैसे अप्रैल का एहसास दिला रहा है. दिन के वक्त धूप इतनी तेज हो रही है कि आम इंसान धूप से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पी रहा है, जो नुकसान कर जा रहा है. क्या आप जानते हैं कि फरवरी में ठंडी-गर्मी के कारण शरीर पर इसका क्या असर पड़ता है. आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे सर्द-गर्म मौसम में खुद को सुरक्षित रख सकते हैं.

    जनवरी भी था गर्म महीना?

    बता दें कि इस साल 2025 में जनवरी का महीना भी गर्म था. जी हां, जनवरी का महीना बीते छह सालों में सबसे गर्म रहा है, वहीं फरवरी की शुरुआत भी 15 सालों में सबसे गर्म रही है. हालांकि अभी मौसम बदलने का अनुमान है. लेकिन सुबह के वक्त थोड़ी ठंडी और दिन के वक्त गर्मी का शरीर पर बुरा असर पड़ता है.

    ऐसे रखें सेहत का ख्याल

    ऐसे मौसम में खाना खाने से पहले हाथ अच्छे से धोना चाहिए.
    वहीं दिन में गर्मी और रात में ठंडी में से आकर तुरंत पानी मत पिएं.
    इस मौसम में बाहरी फूड ना खाएं, घर का बना भोजन ही करें.
    गर्मी बढ़ने के साथ खुली चप्पल पहनना चाहिए, जिससे पैरों में संक्रमण नहीं फैलेगा.
    इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए रोज रात हल्दी वाला दूध पीना चाहिए.
    इस मौसम में कफ होने पर गुनगुना पानी पीना चाहिए.
    वहीं सुबह के वक्त एक दम खुली ठंडी हवा में नहीं जाना चाहिए.

    डॉक्टर से संपर्क

    ठंड-गर्म के कारण इस मौसम में कई बार खासकर के बच्चे और बूढ़ें संक्रमित होते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक इस इस मौसम में अगर दो दिन से अधिक तक बुखार,कफ या अन्य कोई संक्रमण का खतरा महसूस होता है, तो तुरंत अपने निजी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, इस दौरान अपनी सारी समस्याओं के बारे में बताना चाहिए, जिससे उचित समय पर परामर्श मिल सके.

  • फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    फरवरी में स्किन की देखभाल: इन आसान उपायों से बनाएं त्वचा को ताजा और हेल्दी

    नई दिल्ली। फरवरी का महीना खूबसूरत होने के साथ-साथ त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी माना जाता है। इस समय दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंडी हवाएं त्वचा को रूखापन, लाल दाने, पिंपल्स और धब्बों जैसी परेशानियों का सामना करने पर मजबूर कर सकती हैं। बदलते मौसम में त्वचा की नमी और पोषण बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में स्किन ड्राईनेस से बचने के लिए हाइड्रेशन, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

    मॉइस्चराइजिंग – नमी बनाए रखना है जरूरी

    फरवरी में त्वचा को हाइड्रेट रखना सबसे अहम है। सुबह और रात को सोने से पहले मॉइस्चराइजिंग करें। यह रूखापन और खुजली से बचाता है। चेहरे और हाथ-पैर की त्वचा पर खास ध्यान दें। हल्का और त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें, जिससे स्किन हमेशा कोमल और नरम बनी रहे।

    हाइड्रेटेड रहें – पानी पिएं, त्वचा चमकाएं

    सर्दियों में अक्सर हम पानी कम पीते हैं, जिससे त्वचा भी सूखने लगती है। रोजाना 8-10 गिलास पानी पीना त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखता है। इसके साथ ही ताजगी और ग्लो बनाए रखने में मदद मिलती है। हाइड्रेशन से त्वचा के अंदरूनी पोषण भी बना रहता है और चेहरे की बनावट बेहतर होती है।

    सनस्क्रीन – धूप से सुरक्षा

    फरवरी में धूप कम होती है, लेकिन सूरज की UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसलिए बाहर जाते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें। यह त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है, धब्बों और समय से पहले झुर्रियों को रोकता है।

    हल्के गर्म पानी से नहाएं

    बहुत गर्म पानी से नहाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है। हल्का गर्म पानी त्वचा को मुलायम बनाता है। नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है, जिससे नमी लॉक होकर त्वचा को स्वस्थ और तरोताजा रखता है।

    सही फेसवॉश का चुनाव

    चेहरा धोते समय ऐसा फेसवॉश चुनें जो नरम हो और त्वचा की नमी बनाए। यह स्किन को सूखने से बचाता है और पोषण प्रदान करता है। हल्के हाथों से मसाज करें और दिन में दो बार सफाई करें।

    फरवरी में त्वचा की देखभाल टिप्स:

    बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन लगाएं।

    दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।

    हल्का मॉइस्चराइजर और फेसवॉश इस्तेमाल करें।

    बहुत गर्म पानी से नहाने से बचें।

  • शादी के बाद पहली ट्रिप, इन रोमांटिक जगहों पर आपका हनीमून बन जाएगा यादगार

    शादी के बाद पहली ट्रिप, इन रोमांटिक जगहों पर आपका हनीमून बन जाएगा यादगार


    नई दिल्ली । शादियों का मौसम है अगर आपकी नई-नई शादी हुई है या आप अपने पार्टनर के साथ कुछ फुर्सत के पल बिताना चाहते हैं, तो यह वक्त सबसे अच्छा है. फरवरी महीने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पर्यटन स्थलों पर दिसंबर-जनवरी जैसी भारी भीड़ नहीं होती, जिससे आपको अपनी प्राइवेसी और सुकून के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है. चाहे आप समंदर की लहरें पसंद करते हों या बर्फ से ढकी वादियां, इस मौसम में हर जगह एक अलग ही निखार नजर आता है. तो चलिए जानते हैं उन बेहतरीन जगहों के बारे में, जहां आप अपने सफर को यादगार बना सकते हैं.

    चांदनी रात और सफेद रेगिस्तान का जादू

    अगर आप कुछ अनोखा अनुभव करना चाहते हैं, तो गुजरात के कच्छ का रुख करना एक बेहतरीन फैसला हो सकता है. फरवरी के अंत तक यहां रण उत्सव की रौनक रहती है, जो सफेद नमक के इस विशाल रेगिस्तान को किसी जादुई दुनिया में तब्दील कर देती है. इसके अलावा, पूर्णिमा की रात में सफेद रण की सुंदरता देखने लायक होती है, जहां आप टेंट सिटी में रहकर लग्जरी और परंपरा का एक साथ आनंद ले सकते हैं.

    हाउसबोट का सुकून और चाय के बागान

    दक्षिण भारत की ओर बढ़ें तो केरल के बैकवाटर्स और मुन्नार की हरियाली आपका मन मोह लेगी. एलेप्पी में हाउसबोट की सवारी करते हुए पानी की लहरों के बीच वक्त गुजारना किसी सपने जैसा लगता है. इतना ही नहीं, मुन्नार के ऊंचे-नीचे चाय के बागान और वहां की ठंडी हवाएं आपके हनीमून में रोमांस का तड़का लगा देती हैं. यहां की प्राकृतिक शांति आपको शहर के शोर-शराबे से कोसों दूर ले जाती है.

    समंदर का किनारा और हसीन शामें

    उन कपल्स के लिए जो थोड़ी मौज-मस्ती और नाइटलाइफ़ पसंद करते हैं, गोवा से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. फरवरी में यहां का मौसम बहुत ही सुहावना रहता है, न ज्यादा गर्मी और न ज्यादा उमस. यही नहीं, आप यहां के शांत बीचों पर पार्टनर के साथ लंबी सैर कर सकते हैं या किसी कैफे में बैठकर डूबते हुए सूरज का नजारा देख सकते हैं. यह समय उन लोगों के लिए भी खास है जो प्राइवेसी के साथ-साथ थोड़ी चहल-पहल भी चाहते हैं.

    बर्फीली वादियां और कश्मीर की जन्नत

    अगर आपको बर्फ और पहाड़ों से प्यार है, तो गुलमर्ग और श्रीनगर की वादियां आपका इंतजार कर रही हैं. फरवरी में यहां भारी बर्फबारी होती है, जो पूरे कश्मीर को एक सफेद चादर से ढंक देती है. इसके साथ ही, शिकारे की सवारी और बर्फ के बीच एक-दूसरे का हाथ थामकर घूमना आपके सफर को यादगार बना देगा. दक्षिण भारत में भी ऊटी और कोड़ाईकनाल जैसे विकल्प मौजूद हैं, जो अपनी सुखद ठंडक के लिए जाने जाते हैं.

    अंडमान के नीले तट

    अगर आप भारत में रहकर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के समुद्री नज़ारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से बेहतर कुछ नहीं. फरवरी में यहां का मौसम बहुत सुहावना होता है और समुद्र का पारदर्शी नीला पानी आपको एक अलग ही दुनिया का एहसास कराता है. यही नहीं, हैवलॉक आइलैंड के राधानगर बीच पर पार्टनर के साथ स्कूबा डाइविंग करना या एकांत में समय बिताना आपके हनीमून को सात समंदर पार जैसा लग्जरी फील देगा. सच तो यह है कि फरवरी का यह महीना आपकी यादों की किताब में सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है.

  • Valentine Day 2026: वैलेंटाइन से पहले स्किन चमकानी है? आज से शुरू करें स्किन केयर रूटीन

    Valentine Day 2026: वैलेंटाइन से पहले स्किन चमकानी है? आज से शुरू करें स्किन केयर रूटीन


    नई दिल्ली । वैलेंटाइन डे प्यार का जादू दिखाने का मौका है। ये जादू आपके इम्प्रेशन के साथ अधिक बढ़ जाएगा। 7 फरवरी 2026 से वैलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत हो रही है और 14 फरवरी 2026 को वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा है। अगर वैलेंटाइन डे पर आप सबसे खूबसूरत दिखना चाहती हैं कि अभी से तैयारी कर लें। आपके पास लगभग हफ्ते भर का समय है। ग्लास स्किन पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडेक्ट्स नहीं, बल्कि प्राकृतिक तरीके अपनाएं। साफ सुथरी दिनचर्या, धैर्य और सही आदतों से खूबसूरत त्वचा मिलती है।

    हालांकि एक रात में आपकी त्वचा में चमक नहीं आ जाएगी लेकिन 7 दिन के इमानदार स्किन केयर से चेहरा अपनी सौन्दर्य की कहानी खुद बोल उठेगा। कोई क्रीम आपको ग्लास स्किन नहीं दे सकती। आप सात दिन अनुशासन, नींद, पानी और सादगी से बिता लेंतो वैलेंटाइन डे पर गुलाब जैसा निखार मिलेगा। अगर वैलेंटाइन पर फ्रेश, क्लियर और अंदर से चमकती स्किन चाहती हैं, तो यहां बताया जा रहा 7-डे स्किन रूटीन अपनाइए।

    ग्लास स्किन कैसी होती है?

    ग्लास स्किन का मतलब गोरी या तैलीय स्किन नहीं। इसका मतलब है, साफ़ पोर्स समान रंगत अंदर से हाइड्रेटेड स्किननेचुरल ग्लोअब सीधे रूटीन पर आते हैं।

    Day 1: स्किन को Detox करने का दिन

    सुबह माइल्ड फेसवॉश से चेहरा धोएं गुलाब जल से टोनिंग करें हल्का मॉइश्चराइज़र और सनस्क्रीन लगाएं रात डबल क्लींजिंग करें, मेकअप या डस्ट हटाने के लिए। एलोवेरा जेल की पतली लेयर लगाकर सोएं। पहले दिन कोई फेस पैक नहीं लगाएं, बल्कि स्किन को सांस लेने दें।

    Day 2: डेड स्किन को अलविदा कहें

    पहले दिन वाल स्किन केयर रूटीन अपनाते हुए आज डेड स्किन को निकालने की प्रक्रिया अपनाएं। इसके लिए रात को घर का स्क्रब बनाकर लगाएं। चावल का आटा और दूध मिलाकर स्क्रब बनाएं।हल्के हाथों से एक मिनट मसाज करें। ठंडे पानी से धो लें।  ज़्यादा रगड़े नहीं। इससे डेड स्किन नहीं जाती, बल्कि ग्लो खत्म हो जाता है।  विज्ञापन दही और हल्दी का फेसपैक 

    Day 3: हाइड्रेशन ही असली ग्लो है

    सुबह फेस मिस्ट या गुलाब जल लगाएं। हायल्यूरोनिक बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। रात शहद और एलोवेरा जेल मास्क 15 मिनट लगाएं पानी ज़्यादा पिएं। कोई क्रीम पानी की कमी नहीं भर सकती।

    Day 4: पोषण देने का दिन

    रात को फेस पैक दही और हल्दी की एक चुटकी मिलाकर फेस पैक बनाएं और लगाएं। फेसपैक 10-12 मिनट लगाए रखें। रात में चेहरे की मसाज करें 

    Day 5: मसाज से बढ़ाएं ब्लड सर्कुलेशन

    रात: बादाम या रोजहिप ऑयल की पांच बूंदें लगाएं। ऊपर की दिशा में 10 मिनट मसाज करें। यही स्टेप स्किन को “ग्लास जैसा” बनाता है।

    Day 6: स्किन को आराम दीजिए

    कोई एक्सपेरिमेंट न करें।सिर्फ क्लींजिंग, मॉइश्चर और सनस्क्रीन सुबह और शाम लगाएं।ओवर-केयर भी स्किन खराब करती है। मॉइश्चराइजर लगाकर हल्का मेकअप करें

    Day 7: वैलेंटाइन डे स्पेशल ग्लो

    सुबह बर्फ से हल्की मसाज 1 मिनट जेल बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं। लाइट मेकअप करें। स्किन दिखनी चाहिए, ढकनी नहीं इन 7 दिनों में ये गलती मत करना नया प्रोडक्ट ट्राय करना देर रात तक जागनाजंक फूड और ज्यादा नमकसनस्क्रीन छोड़ना पानी कम पीना