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  • बिना खर्च और बिना केमिकल, घर पर पाएँ खूबसूरत और दमकती त्वचा

    बिना खर्च और बिना केमिकल, घर पर पाएँ खूबसूरत और दमकती त्वचा

    नई दिल्ली
    ।महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स के दौर में भी पुराने देसी नुस्खे अपनी जगह बनाए हुए हैं। बलिया में आज भी एक खास घरेलू उपाय चर्चा में है, जो त्वचा को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ, मुलायम और चमकदार बनाने में असरदार साबित हो रहा है। सरसों का उबटन सदियों से त्वचा की देखभाल का सबसे भरोसेमंद तरीका रहा है। यह नुस्खा न केवल सस्ता है, बल्कि ठंड के मौसम में डेड स्किन हटाकर त्वचा को पोषण और नमी भी देता है।

    देसी नुस्खों की वापसी और महंगे प्रोडक्ट्स की तुलना

    आज बाजार में तरह-तरह के महंगे लोशन और क्रीम मौजूद हैं, लेकिन आम लोगों के लिए उनकी कीमत बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में पुराने समय से चले आ रहे देसी नुस्खे एक बार फिर भरोसे का विकल्प बनकर सामने आए हैं। बलिया के वरिष्ठ नागरिक आसिफ जैदी बताते हैं कि उनके बचपन में दादी और नानी के घरेलू नुस्खों में सरसों के उबटन का खास महत्व था। लोग इसे पूरे शरीर पर लगाकर धूप में बैठते और धीरे-धीरे मालिश करते थे, जिससे त्वचा की गहराई से सफाई होती थी।

    सरसों का उबटन: सदियों पुरानी परंपरा

    सरसों का उबटन कोई नया प्रयोग नहीं है, बल्कि यह सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा रहा है। पुराने जमाने में जब बाजारू साबुन और क्रीम नहीं होती थीं, तब यही उबटन त्वचा की देखभाल का सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता था। जब यह उबटन शरीर पर सूखता है, तो डेड स्किन को अपने साथ हटाता है और त्वचा को साफ, कोमल और चमकदार बनाता है। खास बात यह है कि इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते, जो इसे आधुनिक केमिकल युक्त उत्पादों से अलग बनाता है।

    घर पर ऐसे तैयार करें सरसों का उबटन

    सरसों के दानों को धीमी आंच पर हल्का भूनकर हल्दी के साथ पीस लें। तैयार पाउडर में थोड़ा सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे पूरे शरीर पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें। जब उबटन सूख जाए, तो साफ पानी से नहा लें। इसके नियमित उपयोग से त्वचा में प्राकृतिक ग्लो आता है, टैनिंग की समस्या कम होती है और त्वचा भीतर से मजबूत बनती है।

    स्वास्थ्य और रक्त संचार के लिए भी फायदेमंद

    सरसों का उबटन सिर्फ त्वचा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। मालिश से रक्त संचार बेहतर होता है, थकान दूर होती है और मांसपेशियों को आराम मिलता है। एड़ियों की फटने की समस्या में भी राहत मिलती है। एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण इसे ठंड के मौसम में विशेष रूप से लाभकारी बनाते हैं।

  • ठंड में घूमने का प्लान? ये 10 हिल स्टेशन बना देंगे ट्रिप को खास

    ठंड में घूमने का प्लान? ये 10 हिल स्टेशन बना देंगे ट्रिप को खास

    Winter travel India
    नई दिल्ली/ज़्यादातर राज्य में नवंबर-दिसंबर में ठंड का मौसम शुरू हो जाता है. अगर आप भी इस सर्दी में हिल स्टेशन जाने का प्लान बना रहे है. तो यहां भारत की 10 छिपी हुई और खूबसूरत जगहों की लिस्ट है जो सर्दियों में घूमने के लिए एकदम सही है.
    मेचुका वैली, अरुणाचल प्रदेश
    नवंबर-दिसंबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश बर्फ से ढका रहता है. आप इस समय मेचुका वैली घूमने जा सकते है. सर्दियों में यहां का तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से नीचे चला जाता है. इसके अलावा यह वैली दूसरी जगहों के मुकाबले बहुत कम भीड़ वाली है. यहां आप पंचमुखी शिव मंदिर 400 साल पुरानी योंगचा मठ और कई झरने देख सकते है.

    कल्पा वैली, हिमाचल प्रदेश

    कांगड़ा, शिमला और मनाली के बजाय आप कल्पा वैली जा सकते है. यह एक छोटा सा गांव है जिसकी आबादी दूसरे गांवों के मुकाबले कम है. नवंबर से फरवरी तक यह वैली बर्फ की सफेद चादर से ढकी रहती है. यह जगह अपने पार्टनर और परिवार के साथ समय बिताने के लिए एकदम सही है.
    ज़ीरो वैली, अरुणाचल प्रदेश
    ज़ीरो वैली की खूबसूरती हर किसी को मोह लेती है. यह समुद्र तल से 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां होने वाला म्यूजिक फेस्टिवल दुनिया भर में मशहूर है. अगर आप नॉर्थ-ईस्ट की संस्कृति को करीब से देखना और अनुभव करना चाहते है, तो यह जगह एकदम सही है.

    चोपता, उत्तराखंड
    समुद्र तल से लगभग 2,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चोपता, तुंगनाथ-चंद्रशिला ट्रेक के लिए जाना जाता है. सर्दियों में यहां से हिमालय की चोटियां और भी खूबसूरत दिखती है. इस जगह से चौखंबा और नंदा देवी जैसी चोटियां साफ देखी जा सकती है. अगर आप कम बजट में शानदार अनुभव चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते है.

    लंबासिंगी, आंध्र प्रदेश

    लंबासिंगी दक्षिण भारत की एकमात्र ऐसी जगह है जहां सर्दियों में तापमान शून्य डिग्री के करीब रहता है. इतना ही नहीं, यहां कभी-कभी बर्फबारी भी होती है. यह हिल स्टेशन नवंबर से जनवरी के बीच कोहरे की चादर से ढका रहता है. यहां आखिरी बार बर्फबारी 2012 में हुई थी. अगर आप सुहावनी ठंड के साथ घाटियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो आप यहां आ सकते है.

    मैनपाट, छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ में मैनपाट को मिनी तिब्बत के नाम से जाना जाता है. हालांकि यहां बहुत ज़्यादा ठंड नहीं पड़ती, लेकिन यहां एक सुहावनी ठंडक रहती है. यहां कई घूमने की जगहें है, जिनमें धकपो शेड्रूपलिंग मठ, परपतिया व्यू पॉइंट और टाइगर पॉइंट शामिल है. इनके अलावा यहां कई छोटे-बड़े झरने भी है जिनका आप मज़ा ले सकते है. मैनपाट में दिसंबर से जनवरी तक एक आदिवासी त्योहार मनाया जाता है, जो आपकी यात्रा में रोमांच का अनुभव देगा.

    तवांग, अरुणाचल प्रदेश

    3,048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, तवांग स्वर्ग का दूसरा नाम है. यहां सेला पास और सेला झील पूरी तरह से जम जाते है. एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मठ तवांग मठ यहीं स्थित है. आप बटर टी के साथ पारंपरिक भोजन और संस्कृति का आनंद ले सकते है.

    लोहाजंग, उत्तराखंड

    उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित लोहाजंग गांव, ब्रह्मताल, अली बेदनी और बुग्याल ट्रेक के लिए बेस कैंप है. यहां से नंदा देवी और त्रिशूल चोटियों के शानदार नज़ारे दिखते है. दिन में धूप रहती है, लेकिन रात में तापमान -28°C से नीचे चला जाता है.

    बिनसर, उत्तराखंड

    अल्मोड़ा जिले में स्थित बिनसर समुद्र तल से 2,420 मीटर की ऊंचाई पर है. यहां से हिमालय का 360-डिग्री नज़ारा दिखता है. अगर आप अपने साथ कुछ शांति भरे पल बिताना चाहते है, तो आप यहां आ सकते है.

    खिरसू, उत्तराखंड

    पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित खिरसू एक शांत और छिपा हुआ हिल स्टेशन है. यहां से आप नंदा देवी, त्रिशूल और पंचाचूली सहित 300 से ज़्यादा पहाड़ों की चोटियां देख सकते है. गंडियाल देवी मंदिर सेब के बाग और देवदार के जंगल आपको एक अनोखी शांति का अनुभव देंगे.

  • ठंडियों में ये 9 घरेलू उपाय आपकी स्किन का रखेंगे ध्यान, बनी रहेगी चेहरे की नमी नहीं पड़ेगी त्वचा रूखीआज हम

    ठंडियों में ये 9 घरेलू उपाय आपकी स्किन का रखेंगे ध्यान, बनी रहेगी चेहरे की नमी नहीं पड़ेगी त्वचा रूखीआज हम


    नई दिल्ली/ सर्दियों में त्वचा अपनी चमक और नमी खो देती है, जिससे चेहरा रूखा और बेजान नजर आने लगता है. इसलिए इस शुष्क मौसम में चेहरे पर मॉइश्चराइजर लगाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है. हालांकि स्किन केयर के लिए घरेलू उपचार सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि वे प्रभावी होते हैं और उनका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. ऐसे में आज हम ठंड के महीने में रूखी त्वचा की देखभाल करने के 9 तरीके बता रहे हैं, जिससे विंटर (sardi me skin ka khayl kaise rakhein) में आपकी त्वचा की नमी बरकरार रहेगी.घुटने तक लंबे काले बाल पाना है तो नारियल तेल में इन 3 चीजों को मिक्स करके लगाइए, महीने के अंदर अंतर होने लगेगा महसूस

    – केले का फेस पैक

    अगर आपकी स्किन टाइप ड्राई है तो आप केले का फेस पैक लगा सकते हैं. आपको बस केले को मैश करना है, उसमें दूध, शहद, नींबू का रस मिक्स करना और चेहरे पर लगा लेना है. इससे स्किन पर कसाव और चमर दोनों बरकरार रहेगी.

    – बादाम का तेल

    आप अपने चेहरे पर बादाम के तेल से मालिश कर सकते हैं और बेहतरीन नतीजों के लिए इसे रात भर के लिए छोड़ सकते हैं. इससे आपकी चमक और नमी चेहरे पर बनी रहेगी.

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    -शहद और अंडा

    शहद और अंडा त्वचा को सही नमी प्रदान करते हैं. इन दोनों को मिक्स करके फेस मास्क की तरह अप्लाई कर लीजिए फिर 10 मिनट बाद पानी से अच्छे से चेहरा साफ कर लीजिए.
    – ओटमील और दूध
    थोड़े से ओटमील और दूध का पेस्ट बनाएं. इसे चेहरे पर लगाएं,फिर कुछ मिनट बाद साफ पानी से फेस क्लीन कर लें. इससे आपके चेहरे से डेड स्किन हट जाएगी और यह अधिक चमकदार और सुंदर नजर आएगा.

    – खीरा

    खीरे में पानी की मात्रा भरपूर होती है, आप इसे सीधे खा सकते हैं या चेहरे पर लगा सकते हैं. यह भी आपके चेहरे की नमी बनाए रखेगा.

    – नारियल का तेल

    रूखी और बेजान त्वचा के लिए नारियल का तेल एक बेहतरीन मॉइस्चराइज़र के रूप में काम करता है. इसे भी आप अप्लाई कर सकते हैं.

    – एलोवेरा

    एलोवेरा जेल बेहतरीन मॉइस्चराइज़र के रूप में काम करता है. यह त्वचा पर मुंहासे और झुर्रियों को भी दूर रखता है, जिससे आपकी त्वचा में कसाव बना रहता है.

    – दूध 

    एंटीऑक्सीडेंट और लैक्टिक एसिड से भरपूर कच्चे दूध में पपीता, शहद, बादाम, हल्दी मिलाकर फेस पर लगाएं. यह आपकी त्वचा के रंग को एक समान करने और आपके चेहरे पर काले धब्बे हटाने में मदद करेगा.अपनी त्वचा को अच्छे से हाइड्रेट करें. इससे आपके शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं.सलाह दी जाती है कि महिलाओं को दिन में कम से कम 1.6 लीटर पानी पीना चाहिए और पुरुषों को लगभग 2 लीटर पानी.

  • इम्यूनिटी बूस्टर हैं ये 5 फल, रोजाना सेवन से सर्दी-जुकाम समेत कई बीमारियां रहेंगी दूर

    इम्यूनिटी बूस्टर हैं ये 5 फल, रोजाना सेवन से सर्दी-जुकाम समेत कई बीमारियां रहेंगी दूर

    नई दिल्ली
    ।आज की बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती जा रही है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता की वजह से सर्दी-जुकाम, वायरल, फ्लू और छोटी-मोटी बीमारियां बार-बार घेर लेती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर डाइट में सही पोषक तत्व शामिल किए जाएं, तो इम्यून सिस्टम को काफी हद तक मजबूत बनाया जा सकता है। खासतौर पर फल इम्यूनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।फल न केवल शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देते हैं, बल्कि इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत भी देते हैं। नियमित रूप से फलों का सेवन करने से शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली बेहतर होती है। आज हम आपको ऐसे 5 फलों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है। अगर इन्हें रोजाना डाइट में शामिल किया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव संभव है।

    1. संतरा

    संतरा इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फलों में सबसे ऊपर आता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन-C पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। संतरे का नियमित सेवन करने से सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल इंफेक्शन का खतरा कम होता है। इसके अलावा यह स्किन को हेल्दी रखने और शरीर में कोलेजन के निर्माण में भी मदद करता है।

    2. अमरूद

    अमरूद को विटामिन-C का पावरहाउस कहा जाता है। इसमें संतरे से भी ज्यादा विटामिन-C मौजूद होता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होते हैं। अमरूद खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और सर्दियों में फ्लू या इंफेक्शन का जोखिम कम हो जाता है। यह पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद है।

    3. सेब

    सेब को सेहत का खजाना माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-C शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ावा देते हैं। सेब खाने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है। रोज एक सेब खाने की आदत कई बीमारियों से बचाव में मदद कर सकती है।

    4. अनार

    अनार में विटामिन-C के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। यह फल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जिससे शरीर में सूजन कम करने में मदद मिलती है। अनार का सेवन खासतौर पर बुजुर्गों के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह कमजोरी और संक्रमण से बचाव करता है।

    5. कीवी

    कीवी में उच्च मात्रा में विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसका सेवन सर्दियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कीवी को छिलके के साथ खाने से इसके पोषक तत्व और ज्यादा असरदार हो जाते हैं। यह फल दिल और पाचन स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इन फलों को रोजाना संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जाए, तो इम्यूनिटी मजबूत होती है और शरीर कई तरह की बीमारियों से सुरक्षित रहता है। साथ ही पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और पानी पीना भी जरूरी है।

  • दार्जिलिंग में घूमने लायक है ये 6 खूबसूरत जगह…यादगार ट्रिप के लिए जरूर जाएं..

    दार्जिलिंग में घूमने लायक है ये 6 खूबसूरत जगह…यादगार ट्रिप के लिए जरूर जाएं..


    नई दिल्ली / 
    गर्मियों की छुट्टी में अगर आप भी कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपको दार्जिलिंग जरूर जाना चाहिए .ये शहर औऱ यहां पर मौजूद एक से बढ़कर एक खूबसूरत स्थल आपके ट्रिप को यादगार बना देंगे
    दार्जिलिंग में घूमने के लिए शानदार जगहें
    आप दार्जिलिंग जाएं तो नाइटेंगल पार्क जरूर जाएं. पर्यटक यहां से कंचनजंगा पर्वतमाला के भव्य दृश्य को देख सकते हैं. यहां पर आकर आप प्रकृति का आनंद आराम से ले सकते हैं.घूम रॉक दार्जिलिंग का सबसे आकर्षक व्यू प्वाइंट है. इस जगह से बालसान घाटी नजर आती है. अगर आप दार्जिलिंग की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं तो घूम रॉक जरूर जाइए .बतासिया लूप नहीं घूमा तो फिर दार्जिलिंग में मानो कुछ भी नहीं घुमा. यह एक रेलवे ट्रैक में बड़ी लूप है, जिसमें एक रनिंग टॉय ट्रेन 360 डिग्री पर घूमती है.
    दार्जिलिंग की खूबसूरती देखने का इससे बेहतर तरीका और हो ही नहीं सकता. इस जगह को घूमने का सबसे अच्छा मौका अप्रैल से लेकर जून के महीना के बीच होता है.क्योंकि देश में जब खूब गर्मी पड़ती है तब दार्जिलिंग का तापमान काफी कम होता है.दार्जिलिंग के सबसे खूबसूरत पर्यटक स्थलों में से एक है विक्टोरिया वॉटरफॉल. यहां पर्यटकों को चारों ओर प्रकृति के खूबसूरत नजारे ही नजर आएंगे.
    दार्जिलिंग में टाइगर हिल घूमने की सबसे खूबसूरत जगह है. 8442 फीट की ऊंचाई पर मौजूद ये जगह आपका मन मोह लेगी. बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां पर्यटकों को खूब लुभाती है.वहीं आप यहां से कंचनजंगा का खूबसूरत नजारा देख पाएंगे. यहां आने वाले पर्यटक खासकर यहां का सूर्योदय देखने के लिए सुबह 4 बजे से ही इकट्ठा होते हैं.सेंथल झील दार्जिलिंग की सबसे खूबसूरत स्थलों में से एक है. इस जगह पर लोग पिकनिक मनाने आते हैं. यहां पर शांति और सुकून इस कदर है कि एक बार आने के बाद यहां से आपका जाने का मन ही नहीं करेगा.वहीं रॉक गार्डन भी बहुत ही सुंदर जगह है. ये गार्डन पहाड़ों और चट्टानों को काटकर बनाया गया है, तो अगर आप कभी दार्जिलिंग जाते हैं तो इस जगह पर जरूर जाएं.

  • माइग्रेन से राहत पाने के लिए दवा के बिना करें लाइफस्टाइल में ये बदलाव

    माइग्रेन से राहत पाने के लिए दवा के बिना करें लाइफस्टाइल में ये बदलाव


    नई दिल्ली । माइग्रेन सिरदर्द का एक गंभीर रूप है जो सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित कर सकता है। यह न केवल व्यक्ति की कार्य क्षमता को प्रभावित करता है बल्कि जीवनशैली को भी चुनौतीपूर्ण बना सकता है। माइग्रेन में सिर के एक हिस्से में तेज दर्द मतली उल्टी तेज रोशनी और शोर से परेशानी जैसी समस्याएं होती हैं। यह आम सिरदर्द से कहीं अधिक होता है और कई बार माइग्रेन के लक्षण सामान्य सिरदर्द से बढ़कर हो सकते हैं। हालांकि माइग्रेन का इलाज दवाओं से किया जाता है लेकिन अगर कुछ लाइफस्टाइल बदलाव किए जाएं तो बिना दवा के भी राहत पाई जा सकती है।

    माइग्रेन के दर्द को बढ़ाने वाली आदतें  अनहेल्दी डाइट

    कुछ खाने-पीने की चीजें माइग्रेन को ट्रिगर कर सकती हैं जैसे चॉकलेट कैफीन शराब और कुछ प्रोसेस्ड फूड्स। अगर आप यह महसूस करते हैं कि इन चीजों के सेवन से आपका माइग्रेन बढ़ता है तो इन्हें अपनी डाइट से हटा दें।

    नींद की कमी

    कम नींद या अत्यधिक नींद भी माइग्रेन का कारण बन सकती है। यदि आप नियमित रूप से नींद की कमी महसूस करते हैं तो दिन में कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना आवश्यक है।

    तनाव

    मानसिक तनाव माइग्रेन के दर्द को और बढ़ा सकता है। इसलिए मानसिक शांति बनाए रखना जरूरी है। काम के दबाव और तनाव से बचने के लिए ध्यान योग या गहरी सांस लेने की तकनीकें अपनाई जा सकती हैं।

    माइग्रेन से राहत के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव  नियमित व्यायाम 

    हल्का-फुल्का व्यायाम जैसे योग स्विमिंग या चलना माइग्रेन से राहत देने में मदद कर सकता है। व्यायाम से शरीर में एंडोर्फिन  रिलीज होते हैं जो दर्द को कम करने में मदद करते हैं।

    हाइड्रेशन 

    शरीर में पानी की कमी से भी माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। दिनभर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। यदि शरीर में पानी की कमी होती है तो सिरदर्द और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

    सही खानपान

    सही और पोषण से भरपूर आहार लेना माइग्रेन की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। ताजे फल हरी सब्जियां साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। कैफीन और शराब से बचें।

    नींद का पैटर्न ठीक करें

    एक नियमित सोने का समय बनाएं और रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें। सही समय पर सोना और जागना आपके शरीर को आराम देने के लिए महत्वपूर्ण है।

    तनाव कम करें

    तरीका है तनाव कम करना। ध्यान प्राणायाम गहरी सांस लेने की तकनीकें और हल्की-फुल्की चहलकदमी करने से मानसिक तनाव कम हो सकता है। इसके अलावा आपको जो पसंदीदा एक्टिविटी करें जैसे किताबें पढ़ना या संगीत सुनना वह भी तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

    कर्मस्थल पर आराम

    लंबे समय तक कंप्यूटर या स्मार्टफोन का उपयोग माइग्रेन का कारण बन सकता है। इसलिए यदि आप लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करते हैं तो आंखों को आराम देने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें। माइग्रेन एक गंभीर समस्या हो सकती है लेकिन अगर आप अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे बदलाव करते हैं तो आप बिना दवा के भी इससे राहत पा सकते हैं। सही खानपान पर्याप्त नींद नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवन के साथ माइग्रेन के दर्द को कम किया जा सकता है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं और माइग्रेन को नियंत्रित कर सकते हैं।

  • जनवरी में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं भारत की ये जगहें पार्टनर के साथ करें नए साल की हसीन शुरुआत नहीं करेगा लौटने का मन

    जनवरी में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं भारत की ये जगहें पार्टनर के साथ करें नए साल की हसीन शुरुआत नहीं करेगा लौटने का मन

    नई दिल्ली । सर्दियों के बीच जनवरी का महीना ट्रैवल के लिहाज से सबसे खास माना जाता है। न ज्यादा भीड़ न उमस और न ही तेज गर्मी इस मौसम में भारत की पहाड़ों से लेकर समुद्र और रेगिस्तान तक की जगहें बेहद सुकूनभरा अनुभव देती हैं। यही वजह है कि कपल्स के लिए यह समय रोमांटिक ट्रिप प्लान करने के लिए आदर्श माना जाता है।

    दार्जिलिंग पहाड़ों की रानी में रोमांस

    दार्जिलिंग को पहाड़ों की रानी यूं ही नहीं कहा जाता। जनवरी में यहां की ठंडी हवा चाय के बागान और कंचनजंघा की बर्फीली चोटियां ट्रिप को यादगार बना देती हैं। कपल्स के लिए यह जगह हनीमून और क्वालिटी टाइम बिताने के लिए शानदार है। करीब पांच दिन के ट्रिप में यहां 18 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है।

    लक्षद्वीपसाफ समंदर और सुकून

    अगर गोवा की भीड़ से बोर हो चुके हैं तो लक्षद्वीप एक बेहतरीन विकल्प है। भारत के सबसे साफ और खूबसूरत समुद्र तटों में गिना जाने वाला यह डेस्टिनेशन कपल्स के लिए परफेक्ट है। लगभग 35 हजार रुपये के बजट में आप यहां नीले समंदर और शांत माहौल का आनंद ले सकते हैं।

    युस्मार्ग घाटी कश्मीर की अनछुई खूबसूरती

    जम्मू-कश्मीर की युस्मार्ग घाटी भारत की सबसे हसीन जगहों में शामिल है। ऊंचे पहाड़ हरे-भरे घास के मैदान घने जंगल और झील-झरने इस जगह को बेहद खास बनाते हैं। जनवरी में यहां की प्राकृतिक सुंदरता कपल्स को रोमांटिक एहसास देती है।

    संगला: बर्फबारी के बीच सुकून

    अगर मनाली-कुल्लू से हटकर कुछ नया देखना चाहते हैं तो हिमाचल की संगला घाटी का रुख करें। करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह जगह जनवरी में बर्फबारी के लिए जानी जाती है। बर्फ से ढके पहाड़ और शांत माहौल कपल्स के लिए किसी सपने से कम नहीं।

    बीकानेर रेगिस्तान में शाही एहसास

    राजस्थान का बीकानेर सुनहरे रेगिस्तान और शाही विरासत के लिए मशहूर है। जनवरी के मौसम में यहां की ठंडक और ऐतिहासिक इमारतें ट्रिप को खास बना देती हैं। कपल्स यहां श्री करणी माता मंदिर जैन मंदिर बीकानेर किला लालगढ़ महल और देवीकुंड जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। अगर आप नए साल की शुरुआत पार्टनर के साथ यादगार बनाना चाहते हैं तो जनवरी में भारत की ये जगहें आपके लिए परफेक्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन साबित हो सकती हैं।

  • रोजाना खाएं ये 1 चीज और पाएं शीशे जैसी चमक पड़ोस वाली भी पूछेगी ‘क्या लगाया

    रोजाना खाएं ये 1 चीज और पाएं शीशे जैसी चमक पड़ोस वाली भी पूछेगी ‘क्या लगाया


    नई दिल्ली । चेहरे की खूबसूरती बढ़ाने के लिए सिर्फ क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स पर्याप्त नहीं होते। हर किसी की त्वचा अलग होती है और इसे पोषण देने वाले तत्वों की कमी के कारण स्किन प्रोडक्ट्स कभी-कभी असर नहीं दिखाते। इसलिए त्वचा की निखार और ग्लो के लिए आहार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। मिडल क्लास से लेकर उच्च वर्ग तक हर कोई महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करता है लेकिन सही पोषण के बिना परिणाम सीमित ही रहते हैं।

    ब्लूबेरी: एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर

    ब्लूबेरी में उच्च मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो त्वचा की नमी बनाए रखते हैं और कोलेजन बढ़ाते हैं। यह झुर्रियों काले धब्बों और सूजन को कम करने में मदद करता है जिससे त्वचा हमेशा युवा और ताजगी भरी नजर आती है।

    अखरोट: ओमेगा-3 और विटामिन ई का खजाना

    अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड विटामिन ई जिंक और एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करते हैं झुर्रियों और दाग-धब्बों को कम करते हैं और मुंहासों की समस्या भी घटाते हैं। रोजाना अखरोट का सेवन त्वचा की नमी और इलास्टिसिटी बनाए रखने में मदद करता है।

    अखरोट: नेचुरल ग्लो के लिए

    अंगूर खाने से एजिंग के निशानों को कम किया जा सकता है और त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है। वहीं संतरे में मौजूद विटामिन सी त्वचा को ग्लोइंग बनाता है और टैनिंग को कम करता है। इन फलों का नियमित सेवन त्वचा को भीतर से पोषण देता है और चेहरे की चमक बढ़ाता है।

  • सर्दियों में रूखी त्वचा? घर पर बनाएं ये फेसपैक और पाएं नेचुरल ग्लो

    सर्दियों में रूखी त्वचा? घर पर बनाएं ये फेसपैक और पाएं नेचुरल ग्लो


    नई दिल्ली । सर्दियों में त्वचा अपनी नमी खो देती है जिससे त्वचा में रूखापन और बेजानपन आ जाता है। ऐसे में महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू फेसपैक सबसे सुरक्षित और प्रभावी उपाय साबित होते हैं। दही, शहद, हल्दी, बादाम तेल, आलू और नींबू जैसे प्राकृतिक तत्व आपकी त्वचा को नमी देने और उसे ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं। इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता, और ये आसानी से घर में उपलब्ध होते हैं।

    दही और हल्दी का फेसपैक

    सर्दियों में ड्राय स्किन के लिए दही और हल्दी का फेसपैक बेहद प्रभावी है। दही में प्राकृतिक मॉइश्चराइजर्स और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो त्वचा को हाइड्रेट करते हैं। हल्दी की एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को सुरक्षित रखते हैं। इसे बनाने के लिए एक चम्मच दही में चुटकी भर हल्दी मिलाएं और चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं। फिर सामान्य पानी से धो लें। यह फेसपैक आपकी त्वचा को कोमल और ताजगी से भरपूर बनाएगा।

    शहद और बादाम तेल का फेसपैक

    शहद एक प्राकृतिक ह्यूमेक्टेंट होता है, जो त्वचा में नमी को लॉक करता है। बादाम तेल में विटामिन ई प्रचुर मात्रा में होता है, जो त्वचा के रूखेपन को दूर करता है। एक चम्मच शहद में कुछ बूंदें बादाम तेल की मिलाकर हल्के हाथों से चेहरे पर 10-15 मिनट तक मसाज करें। फिर गुनगुने पानी से चेहरा धोने के बाद त्वचा में गहरा पोषण और चमक देखने को मिलेगा।

     आलू और नींबू का फेसपैक
    आलू और नींबू का फेसपैक त्वचा के टोन को ब्राइट करने में मदद करता है। कद्दूकस किए आलू का रस निकालकर उसमें नींबू की कुछ बूंदें मिलाएं और 10 मिनट तक चेहरे पर लगाएं। यह पैक खासकर ऑयली स्किन वालों के लिए असरदार है,लेकिन ड्राय स्किन वालों को बाद में मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए।

    नियमित देखभाल से पाएं सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन

    ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन घरेलू फेसपैक का नियमित उपयोग सर्दियों में त्वचा की देखभाल के लिए सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। हफ्ते में दो बार इनका उपयोग करने से त्वचा की मॉइश्चराइज़ेशन बनी रहती है और रूखापन कम होता है। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक आहार लेना और एक अच्छा स्किनकेयर रूटीन अपनाना भी जरूरी है।

  • क्या आप भी रख पाते हैं अपनी स्किन का अच्छे से ध्यान अपनाएं ये 5 ब्यूटी टिप्सत्वचा पर आएगा निखार

    क्या आप भी रख पाते हैं अपनी स्किन का अच्छे से ध्यान अपनाएं ये 5 ब्यूटी टिप्सत्वचा पर आएगा निखार


    नई दिल्ली । आजकल हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा सुंदरग्लोइंग और हेल्दी हो। लेकिन बढ़ते प्रदूषणतनाव और गलत दिनचर्या के कारण त्वचा पर प्रभाव पड़ने लगता है। इसलिएसही स्किनकेयर रूटीन अपनाना जरूरी है। बाजार में कई महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स मौजूद हैंलेकिन घरेलू और प्राकृतिक उपायों से भी अपनी त्वचा को निखारा जा सकता है।अगर आप भी अपनी त्वचा को सही तरीके से ध्यान नहीं दे पा रहे हैंतो इन 5 आसान स्किन केयर टिप्स को अपनाकर आप अपनी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बना सकते हैं।

    क्लींसिंग

    क्लींजर का इस्तेमाल करने से त्वचा की गंदगी और प्रदूषण से मुक्त होती है। यह पिंपल्स और डलनेस जैसी समस्याओं से बचाता है। लेकिनकुछ लोग अपनी त्वचा को अच्छे से क्लींस नहीं करते। डबल क्लीनिंग से आपकी त्वचा के अंदर से गंदगी और तेल निकल जाता हैजिससे आपकी स्किन साफ और ताजगी से भरी रहती है।

    कैसे करें

    अच्छे क्लींजर का उपयोग करें। हल्के हाथों से चेहरे को अच्छे से साफ करें।गुनगुने पानी से चेहरा धोएं। टोनिंग क्लींजर के बाद त्वचा को टोन करना जरूरी है। टोनर आपकी त्वचा के पोर्स को सिकोड़ता है और त्वचा को फ्रेश बनाता है। टोनर त्वचा में नमी बनाए रखता है और त्वचा को साफ करता है।

    टोनर

    अच्छे क्वालिटी के टोनर का इस्तेमाल करें। टोनर को चेहरे पर लगाकर हल्के हाथों से मसाज करें। इसे सूखने दें ताकि यह पूरी तरह से त्वचा में समा जाए। सिरम का उपयोग स्किन केयर रूटीन में एक अहम कदम है। यह त्वचा के अंदर तक जाकर उसे रिपेयर करता है। सिरम में एंटी-एजिंग और हाइड्रेटिंग गुण होते हैंजो त्वचा को नमी प्रदान करते हैं। टोनिंग के बाद सिरम का उपयोग करें। सिरम को हल्के हाथों से चेहरे पर लगाएं और मसाज करें। ध्यान रखें कि सिरम आपकी त्वचा के प्रकार के हिसाब से हो।

    मॉइस्चराइजर

    मॉइस्चराइजर हर स्किनकेयर रूटीन का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह त्वचा को नमी प्रदान करता है और त्वचा को मुलायम बनाता है। चेहरे पर सही मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करने से त्वचा की नमी बनी रहती हैजिससे वह डिहाइड्रेटेड नहीं होती। अपनी त्वचा की जरूरत के हिसाब से एक अच्छा मॉइस्चराइजर चुनें। मॉइस्चराइजर को चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं।

    सनस्क्रीन

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल स्किनकेयर रूटीन का आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। यह आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता हैजो त्वचा की उम्र बढ़ाने के साथ-साथ जलन और दाग धब्बों का कारण बन सकते हैं। स्किनकेयर रूटीन के आखिरी स्टेप के रूप में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। इसे चेहरे और गर्दन पर अच्छे से लगाएं। रोज़ाना सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिएचाहे आप बाहर जाएं या न जाएं।

    इन 5 स्किनकेयर टिप्स को अपनाकर आप अपनी त्वचा को निखार सकते हैं। इन टिप्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और ध्यान रखें कि आपकी त्वचा को समय पर और सही तरीके से देखभाल मिले। प्राकृतिक और साधारण तरीके से स्किन की देखभाल करने से न सिर्फ आपकी त्वचा हेल्दी रहेगीबल्कि वह ज्यादा चमकदार भी दिखेगी।