Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका

    शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब गुना बायपास की थीम रोड पर एक पुल के नीचे 28 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई है। शव के पास ही उनकी बाइक भी पड़ी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बेटे का शव देखकर उनके पिता सुरेश शर्मा सदमे में आ गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हें भर्ती कराया गया। मृतक के पिता ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या कर शव को पुल के नीचे फेंका गया है। हालांकि अभी तक युवक की मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जानकारी के मुताबिक शिवम शर्मा शिवपुरी की विवेकानंद कॉलोनी में रहते थे और एक निजी सोलर कंपनी में नौकरी करते थे। गुरुवार शाम वह अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि वह कुछ देर में वापस लौट आएंगे लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा। काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और युवक की तलाश शुरू कर दी गई।

    शुक्रवार सुबह कोतवाली पुलिस शिवम की गुमशुदगी दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुना बायपास की थीम रोड पर श्रीराम धर्म कांटे के पास पुल के नीचे एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां युवक का शव पड़ा था और कुछ दूरी पर उसकी बाइक भी मिली। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी दी गई।

    जैसे ही पिता सुरेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और बेटे का शव देखा तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। सदमे के कारण वह बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

    बताया गया है कि शिवम की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। ऐसे में उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता सुरेश शर्मा पटवारी हैं। उन्होंने बेटे की मौत को सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि किसी ने शिवम की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया होगा। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से युवक की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिवम की मौत सड़क हादसे में हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज

    MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज


    ग्वालियर।
    करवा चौथ (Karwa Chauth) का दिन. इस दिन सुहाग की लंबी उम्र की कामना की जाती है. घरों में पूजा की तैयारी होती है और पति-पत्नी (Husband and wife) साथ में त्योहार मनाते हैं. लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में इसी दिन एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. मुरार थाना क्षेत्र (Murar police station area) के त्यागी नगर में मधु श्रीवास्तव की हत्या हो गई. आरोप मधु के पति आनंद श्रीवास्तव पर है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए, जिससे मधु की मौत हो गई. घटना के बाद आनंद खुद थाने पहुंचा. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल इस घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी. घटना ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर की है. मृतका की पहचान मधु श्रीवास्तव के रूप में हुई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए थे. गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. घटना की खबर सामने आने के बाद आसपास सनसनी फैल गई. जिस दिन कई घरों में करवा चौथ की पूजा हो रही थी, उसी दिन एक महिला की हत्या की खबर ने लोगों को सन्न कर दिया।

    हालांकि, घटना से पहले घर में क्या हुआ था, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या नहीं और वारदात किस परिस्थिति में हुई, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं. पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

    हत्या के बाद आरोपी पति आनंद श्रीवास्तव खुद थाने पहुंचा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसने वहां हत्या की बात कबूल की. हालांकि, उसके बयान और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. पुलिस ने आनंद को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय क्या हुआ था. इसी के साथ पुलिस को घटनास्थल से मिले सबूतों, बयानों और दूसरे तथ्यों को भी जोड़ना होगा।

    शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आनंद और मधु ने लव मैरिज की थी. दोनों की मैरिड लाइफ में किसी तरह का विवाद था या नहीं, इस बारे में पूछताछ की जा रही है. यह भी अभी साफ नहीं है कि घटना से ठीक पहले दोनों के बीच कोई कहासुनी हुई थी या वारदात के पीछे कोई दूसरी वजह थी. पुलिस की ओर से फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, आनंद श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है. जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े सबूतों और अन्य जानकारियों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: इंदौर में करवा चौथ पर पति को दूसरी महिला के संग देख भड़की पत्नी… सड़क पर जमकर हुई मारपीट

    MP: इंदौर में करवा चौथ पर पति को दूसरी महिला के संग देख भड़की पत्नी… सड़क पर जमकर हुई मारपीट


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में एक महिला के साथ मारपीट (Beating) का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के मुताबिक, शालीमार टाउनशिप (Shalimar Township) के बाहर एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ देख लिया. इसके बाद मौके पर विवाद हुआ और मारपीट की नौबत आ गई. घटना के दौरान आसपास लोगों की भीड़ भी जमा हो गई. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वजह और उसकी वास्तविक लोकेशन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया था. इसके बाद महिला ने दूसरी महिला के साथ मारपीट की. बताया जा रहा है कि घटना इंदौर की शालीमार टाउनशिप के बाहर हुई, जहां विवाद के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई. इस घटना को करवाचौथ से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद से जोड़कर भी चर्चा की जा रही है. हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए पति के साथ मौजूद महिला की पहचान और विवाद की असली वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।


    वायरल वीडियो में महिला के साथ मारपीट करती दिख रही दूसरी महिला

    वायरल वीडियो में एक महिला दूसरी महिला के साथ मारपीट करती नजर आ रही है. घटनास्थल पर आसपास कुछ लोग भी खड़े दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम के आधार पर अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ. यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना कब हुई और इसमें शामिल महिलाओं के बीच पहले से क्या संबंध था. सोशल मीडिया पर घटना को पति और दूसरी महिला से जुड़े विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन इस दावे की पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की सही जानकारी सामने आ सकेगी।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, लसूड़िया थाना क्षेत्र से संबंधित इस वीडियो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल संबंधित थाने में घटना को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. इसके बावजूद पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कहां का है, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविकता क्या है. इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मारपीट के पीछे क्या वजह थी. मामले को लेकर एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, पुलिस वायरल वीडियो की वास्तविकता और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है. इसमें शामिल लोगों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसी शिकायत के नहीं मिलने के बावजूद वीडियो के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है।


    जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की असली वजह

    इंदौर में महिला के साथ मारपीट का यह वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है. घटना की तारीख, वास्तविक लोकेशन और विवाद की वजह भी स्पष्ट नहीं है. पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय क्या हुआ था और मारपीट किस वजह से हुई. फिलहाल पुलिस मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • करवा चौथ पर मौसम ने बिगाड़ा सुहागिनों का इंतजार, शिवपुरी में रातभर होती रही बारिश, घने बादलों में छिपा रहा चांद

    करवा चौथ पर मौसम ने बिगाड़ा सुहागिनों का इंतजार, शिवपुरी में रातभर होती रही बारिश, घने बादलों में छिपा रहा चांद


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों से बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। शिवपुरी में भी गुरुवार शाम से मौसम ने अचानक करवट ली और रातभर रुक रुककर बारिश होती रही। आसमान में छाए घने बादलों और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को मौसम में ठंडक का अहसास होने लगा है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताई है। वहीं शुक्रवार को अगले 24 घंटे के लिए कई जिलों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को शिवपुरी सहित मध्य प्रदेश के 33 जिलों में तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में जहां लोग सर्दी की शुरुआत महसूस करने लगे हैं वहीं अचानक हुई बारिश ने मौसम को और ठंडा कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    शिवपुरी में गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे मौसम अचानक बदलने लगा। दिनभर के सामान्य मौसम के बाद आसमान में काले बादल छाने लगे और हल्की आंधी चलने लगी। कुछ ही देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी रहा और रात में भी रुक रुककर पानी गिरता रहा। कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई तो कहीं बारिश की गति तेज हो गई। इसके साथ चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को मौसम में बदलाव का एहसास कराया। बारिश के कारण सड़कों और खुले स्थानों पर भी ठंडक बढ़ गई।

    मौसम में आए इस बदलाव का सबसे अधिक भावनात्मक असर करवा चौथ के त्योहार पर देखने को मिला। गुरुवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा था। परंपरा के अनुसार महिलाएं दिनभर उपवास रखने के बाद रात में चांद के दर्शन कर पूजा करती हैं और फिर व्रत का पारण करती हैं। शिवपुरी में रात करीब साढ़े आठ बजे चांद निकलने का अनुमानित समय था लेकिन आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई नहीं दिया। ऐसे में चांद के दीदार का इंतजार कर रही महिलाओं को निराशा का सामना करना पड़ा।

    चांद दिखाई नहीं देने के कारण कई महिलाओं ने पूजा पूरी करने के लिए अलग अलग तरीके अपनाए। कुछ महिलाओं ने दूसरे जिलों में दिखाई दे रहे चांद का लाइव प्रसारण देखकर पूजा की। वहीं कुछ ने थाली में चांद की आकृति बनाकर परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना की। कई महिलाएं देर रात तक आसमान साफ होने और चांद निकलने का इंतजार करती रहीं। बाद में कुछ महिलाओं ने परिवार के बुजुर्गों की सलाह और प्रचलित परंपराओं के अनुसार व्रत का पारण किया। इस तरह मौसम की खराबी ने करवा चौथ के उत्सव को प्रभावित किया।

    मध्य प्रदेश में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में भी मौसम के बदलते मिजाज के लिए तैयार रहना होगा। खासकर उन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है जिन्हें तेज हवाओं और बारिश के दौरान यात्रा करनी पड़ती है। अगले कुछ दिनों में मौसम किस तरह करवट लेता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • मोहन सरकार में अफसरों की कुर्सियों पर बड़ा बदलाव, चार महीने में 22 जिलों के कलेक्टर बदले, पुलिस महकमे में भी व्यापक फेरबदल

    मोहन सरकार में अफसरों की कुर्सियों पर बड़ा बदलाव, चार महीने में 22 जिलों के कलेक्टर बदले, पुलिस महकमे में भी व्यापक फेरबदल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार ने पिछले 120 दिनों के दौरान प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। जुलाई से अक्टूबर के बीच प्रदेश के 22 जिलों में कलेक्टरों की पदस्थापना बदली गई जबकि 12 जिलों में पुलिस अधीक्षकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इन फेरबदलों के बीच जहरीली शराब से हुई मौतें किसान आंदोलन मुआवजे को लेकर विरोध और प्रशासनिक स्तर पर सामने आए विवाद चर्चा में रहे हैं। हालांकि सभी तबादलों को किसी एक घटना से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा क्योंकि प्रत्येक नियुक्ति के पीछे अलग प्रशासनिक परिस्थितियां भी हो सकती हैं।

    नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने 23 जुलाई को कार्यभार संभाला था। इसके बाद प्रदेश में कलेक्टरों की पदस्थापना में लगातार बदलाव देखने को मिले। कुछ जिलों में गंभीर घटनाओं के बाद अधिकारियों को हटाया गया तो कुछ स्थानों पर प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर नई नियुक्तियां की गईं। इस पूरी प्रक्रिया में सरकार ने कई अधिकारियों को एक जिम्मेदारी से हटाकर दूसरी जगह महत्वपूर्ण पदों पर भी तैनात किया है।

    जहरीली शराब से मौतों के मामलों के बाद सागर और देवास में प्रशासनिक बदलाव विशेष रूप से चर्चा में रहे। सागर जिले की बंडा तहसील में सितंबर के दौरान जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर सामने आई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच आयोग गठित किया था और स्वयं भी सागर पहुंचे थे। घटना के समय कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को तत्काल नहीं हटाया गया था लेकिन 27 अक्टूबर को जारी तबादला आदेश में कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया को नई जिम्मेदारियां दे दी गईं। सागर में दिलीप कुमार यादव को कलेक्टर और संजीव कुमार सिन्हा को एसपी बनाया गया।

    देवास जिले में भी जहरीली शराब से मौतों के बाद प्रशासनिक बदलाव किए गए। यहां कलेक्टर ऋतुराज और एसपी पुनीत गहलोत को हटाया गया। देवास की नई कलेक्टर नेहा मीना को बनाया गया जो इससे पहले सिवनी जिले की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। सिवनी में अंजू अरुण कुमार को कलेक्टर नियुक्त किया गया जबकि देवास के एसपी पद पर बालाघाट के तत्कालीन एसपी आदित्य मिश्रा को भेजा गया। इन बदलावों के बाद दोनों जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नई जिम्मेदारियां तय की गईं।

    कलेक्टरों के फेरबदल का एक बड़ा दौर 13 अक्टूबर को देखने को मिला था। उस दिन जारी आदेश में पन्ना मऊगंज जबलपुर नर्मदापुरम हरदा सिंगरौली बालाघाट शाजापुर बुरहानपुर भिंड और रायसेन सहित 11 जिलों के कलेक्टर बदले गए थे। इससे पहले और बाद में भी कई जिलों में अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई। इन बदलावों के जरिए अलग-अलग जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया।

    पुलिस विभाग में भी जुलाई से अक्टूबर के बीच लगातार फेरबदल हुए। शाजापुर शहडोल टीकमगढ़ और श्योपुर सहित कई जिलों में एसपी बदले गए। 27 अक्टूबर के आदेश में सागर और देवास के पुलिस अधीक्षकों की पदस्थापना बदली गई जबकि 28 अक्टूबर को नर्मदापुरम अलीराजपुर पन्ना बैतूल और हरदा में नई नियुक्तियां की गईं। इस तरह पुलिस महकमे में भी बड़े स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गईं।

    इन तबादलों का एक अहम पहलू यह है कि कुछ अधिकारियों को विवादों या गंभीर घटनाओं के बाद फील्ड पोस्टिंग से हटाया गया लेकिन बाद में उन्हें दूसरी जगह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी मिली। कुमार सत्यम दिलीप कुमार यादव और रोहित सिसोनिया के मामले इसी संदर्भ में चर्चा में रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अधिकारियों को हटाने के बाद सरकार ने कुछ मामलों में उन्हें दोबारा महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपीं।

    कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में पिछले चार महीनों के दौरान हुए प्रशासनिक और पुलिस फेरबदल ने सरकारी व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तस्वीर पेश की है। जहरीली शराब से मौतें किसान आंदोलन और मुआवजे से जुड़े विवाद इस अवधि में चर्चा के प्रमुख विषय रहे। अब इन बदलावों के बाद संबंधित जिलों में प्रशासनिक कामकाज कानून व्यवस्था और जनसमस्याओं के समाधान पर कितना असर पड़ता है यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा।

  • मेट्रो में सफर करना हुआ और आसान, भोपाल-इंदौर के हर स्टेशन पर लगीं दो टिकट मशीनें, जानिए टिकट लेने के तीन तरीके

    मेट्रो में सफर करना हुआ और आसान, भोपाल-इंदौर के हर स्टेशन पर लगीं दो टिकट मशीनें, जानिए टिकट लेने के तीन तरीके


    भोपाल । भोपाल और इंदौर में मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब टिकट खरीदने के लिए काउंटर पर लंबी कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने 30 अक्टूबर से दोनों शहरों के मेट्रो स्टेशनों पर टिकट वेंडिंग मशीन यानी TVM की सुविधा शुरू की है। इन मशीनों की मदद से यात्री खुद टिकट प्राप्त कर सकेंगे। मेट्रो प्रबंधन के अनुसार इस व्यवस्था का उद्देश्य टिकट खरीदने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। मशीनों के शुरू होने से यात्रियों का समय बचेगा और टिकट काउंटरों पर निर्भरता भी कम होगी।

    भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशनों पर दो दो टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से यात्री अपनी जरूरत के अनुसार टिकट खरीद सकेंगे। भोपाल के छह मेट्रो स्टेशनों पर कुल 12 मशीनें लगाए जाने की जानकारी दी गई है। शुरुआत में यात्रियों की सहायता के लिए मेट्रो कर्मचारी मशीनों के पास मौजूद रहेंगे ताकि पहली बार टिकट लेने वाले लोगों को प्रक्रिया समझने में परेशानी न हो। ये मशीनें रेलवे स्टेशनों पर इस्तेमाल होने वाली टिकट वेंडिंग मशीनों की तरह काम करेंगी।

    नई टिकट व्यवस्था में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। मशीनों में दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल लिपि का प्रावधान किया गया है। इससे मेट्रो सेवाओं को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी। मेट्रो प्रबंधन का प्रयास है कि तकनीक के इस्तेमाल से अलग अलग जरूरतों वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

    अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट लेने के लिए यात्रियों के पास तीन विकल्प उपलब्ध होंगे। पहला विकल्प MPMRCL मोबाइल ऐप है जिसके माध्यम से यात्री डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। दूसरा विकल्प मेट्रो स्टेशन पर मौजूद टिकट काउंटर है। तीसरे विकल्प के रूप में अब टिकट वेंडिंग मशीन से सीधे टिकट प्राप्त किया जा सकेगा। डिजिटल भुगतान करने वाले यात्री UPI और QR कोड जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ई वॉलेट के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
    अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट लेने के लिए यात्रियों के पास तीन विकल्प उपलब्ध होंगे। पहला विकल्प MPMRCL मोबाइल ऐप है जिसके माध्यम से यात्री डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। दूसरा विकल्प मेट्रो स्टेशन पर मौजूद टिकट काउंटर है। तीसरे विकल्प के रूप में अब टिकट वेंडिंग मशीन से सीधे टिकट प्राप्त किया जा सकेगा। डिजिटल भुगतान करने वाले यात्री UPI और QR कोड जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ई वॉलेट के माध्यम से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

    भोपाल में फिलहाल ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सुभाष नगर से एम्स के बीच मेट्रो सेवा संचालित हो रही है। वहीं ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण में सुभाष नगर से करोंद तक निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा ब्लू लाइन पर भदभदा से रत्नागिरी के बीच भी मेट्रो परियोजना का काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होने की उम्मीद है।

    मेट्रो यात्रियों को टिकट पर विशेष छूट का लाभ भी दिया जा रहा है। 11 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू प्रमोशनल डिस्काउंट व्यवस्था के तहत सिंगल जर्नी टिकट पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जा रही है। रिटर्न जर्नी टिकट पर कुल 30 प्रतिशत और ग्रुप टिकट पर कुल 35 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। ग्रुप टिकट की सुविधा को भी आसान बनाया गया है और अब दो यात्री मिलकर इसका लाभ ले सकते हैं।

    नई टिकट वेंडिंग मशीनों की शुरुआत से भोपाल और इंदौर में मेट्रो यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई है। हालांकि मेट्रो में यात्रियों की संख्या बढ़ाना प्रबंधन के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में आसान टिकट व्यवस्था और आकर्षक छूट यात्रियों को मेट्रो की ओर आकर्षित करने में कितनी सफल होती है यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

  • शिवराज सिंह चौहान पर टूटा दुखों का पहाड़, दूसरी मां काशीबाई ने दुनिया को कहा अलविदा, निधन की खबर से परिवार में शोक

    शिवराज सिंह चौहान पर टूटा दुखों का पहाड़, दूसरी मां काशीबाई ने दुनिया को कहा अलविदा, निधन की खबर से परिवार में शोक


    भोपाल । मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार से दुखद खबर सामने आई है। उनकी दूसरी मां काशीबाई का शुक्रवार सुबह भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे करीब 76 वर्ष की थीं। पिछले एक सप्ताह से उनकी तबीयत गंभीर बनी हुई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार दिया जा रहा था। सांस संबंधी परेशानी बढ़ने के बाद उनकी स्थिति लगातार चिंताजनक होती गई जिसके चलते चिकित्सकों ने उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा था। तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर से परिवार में शोक का माहौल है।

    परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार काशीबाई का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर तीन बजे उनके पैतृक गांव जैत में किया जाएगा। जैत गांव सीहोर जिले में स्थित है और शिवराज सिंह चौहान का भी इस गांव से गहरा जुड़ाव रहा है। परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है। काशीबाई ने परिवार को संभालने और बच्चों के पालन पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके निधन से परिवार ने एक ऐसी महिला को खो दिया है जिन्होंने अपने जीवन में बच्चों की देखभाल और परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी।

    काशीबाई के निधन की सूचना मिलते ही शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। शुक्रवार को उन्हें रायसेन में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होना था लेकिन परिवार में दुखद घटना के कारण अब वे इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। उनके आगे के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। इस कठिन घड़ी में उनका परिवार के साथ रहना स्वाभाविक है।

    शिवराज सिंह चौहान के जीवन में काशीबाई का विशेष स्थान रहा है। उनकी पहली मां सुंदरबाई का निधन बचपन में ही हो गया था। उस समय शिवराज सिंह चौहान और उनके भाई बहनों को मां के स्नेह से वंचित होना पड़ा था। इसके बाद उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने बच्चों की देखभाल और परिवार को संभालने के उद्देश्य से काशीबाई से दूसरी शादी की थी। काशीबाई ने परिवार में आने के बाद बच्चों के लालन पालन की जिम्मेदारी निभाई और उन्हें स्नेह दिया। इसी वजह से परिवार में उनका स्थान महत्वपूर्ण रहा।

    शिवराज सिंह चौहान के परिवार में उनके भाई नरेंद्र सिंह चौहान और रोहित सिंह चौहान तथा बहन शशि हैं। वहीं काशीबाई के बेटे वरुण सिंह चौहान पेशे से वकील हैं। काशीबाई भोपाल के साकेत नगर में रहती थीं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। सांस लेने में परेशानी बढ़ने पर उन्हें भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया था जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा था।

    काशीबाई के निधन से परिवार को गहरा दुख पहुंचा है। एक सप्ताह तक अस्पताल में उपचार के बाद शुक्रवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आई। अब उनके पैतृक गांव जैत में अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। परिवार और परिचितों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।

  • MP में 2 नवंबर तक आंधी-बारिश का रहेगा दौर, आज 33 जिलों में अलर्ट, पचमढ़ी सबसे ठंडा

    MP में 2 नवंबर तक आंधी-बारिश का रहेगा दौर, आज 33 जिलों में अलर्ट, पचमढ़ी सबसे ठंडा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताते हुए शुक्रवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 33 जिलों में आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम खराब रह सकता है।

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में धूप निकलने की संभावना है।

    बारिश से फसलों पर असर, मंडी में भीगा मक्का
    बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पांढुर्णा की मंडी में गुरुवार को खुले में रखे मक्के के ढेर बारिश में भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका है। छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश से धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    रायसेन के दशहरा मैदान में धान लेकर पहुंचे किसानों को भी अपनी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। यहां करीब 200 ट्रॉलियों में धान रखा हुआ था। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि, इस बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

    पचमढ़ी में 15.2 डिग्री रहा न्यूनतम तापमान
    आंधी और बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में दिन के समय ठंडक बढ़ गई। गुरुवार को दिन के तापमान में 2 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। रात के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17 तथा धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है।

  • भोपाल में डेला ग्रुप का 2250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव, 930 विला और पांच सितारा रिसॉर्ट बनाने की योजना

    भोपाल में डेला ग्रुप का 2250 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव, 930 विला और पांच सितारा रिसॉर्ट बनाने की योजना

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल में पर्यटन और रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा देने के लिए डेला ग्रुप ने 2250 करोड़ रुपये की परियोजना का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित योजना के तहत 220 एकड़ क्षेत्र में विला, ब्रांडेड आवास और पांच सितारा वन्यजीव पर्यटन रिसॉर्ट विकसित करने की तैयारी है। इस परियोजना को लेकर भोपाल में निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है। ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के संस्थापक और क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।

    डेला ग्रुप के संस्थापक जिमी मिस्त्री ने मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इस बैठक में राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसी दौरान प्रस्तावित ‘डेला रेसकोर्स भोपाल’ परियोजना की जानकारी सामने आई। इसका विकास मूल्य 2250 करोड़ रुपये बताया गया है। हालांकि, प्रस्तावित परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत समय-सीमा की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

    योजना के अनुसार, 220 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना में 930 विला बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त 128 ब्रांडेड आवास और 300 से अधिक कमरों वाला पांच सितारा वन्यजीव पर्यटन रिसॉर्ट भी विकसित करने की योजना है। परियोजना में घुड़सवारी और पोलो जैसी गतिविधियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की परिकल्पना भी शामिल है। इन सुविधाओं के जरिए पर्यटन, आवास और मनोरंजन को एक ही परिसर में जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    भोपाल के आसपास पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने के लिए ‘डेला रातापानी रिजर्व टाउनशिप’ विकसित करने की योजना भी प्रस्ताव का हिस्सा है। इसे आधुनिक जीवनशैली, स्वास्थ्य और वेलनेस सुविधाओं के साथ जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए मास्टर प्लानिंग, आवागमन और पर्यटकों को विशेष अनुभव देने वाली सुविधाओं पर ध्यान देने की परिकल्पना की गई है। परियोजना की योजना में भोपाल के आसपास के प्राकृतिक परिवेश और पर्यटन क्षमता को उपयोग में लाने पर जोर दिया गया है।

    क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वस्तरीय पर्यटन और आवास सुविधाएं विकसित होने से पर्यटकों के भोपाल तथा आसपास के क्षेत्रों में अधिक समय तक रुकने की संभावना बढ़ सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलने की उम्मीद है। उनके अनुसार, पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ने से होटल, परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।

    मीक ने यह भी कहा कि भोपाल की खूबियों को निवेश, रोजगार और स्थानीय लोगों की समृद्धि से जोड़ना जरूरी है। ‘कमाल का भोपाल’ अभियान का उद्देश्य राजधानी की पहचान और संभावनाओं को सामने लाना तथा उन्हें आर्थिक विकास से जोड़ना है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय विकास विभाग और जिमी मिस्त्री की पहल की सराहना की।

    हालांकि, पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण होगा। मनोज मीक ने प्राकृतिक संसाधनों और जल-संपदा को सुरक्षित रखने के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया। प्रस्तावित परियोजना में निवेश, आवास और पर्यटन से जुड़ी कई सुविधाओं की योजना सामने आई है, लेकिन इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन निर्माण की प्रगति, पर्यावरणीय व्यवस्थाओं और स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले अवसरों के आधार पर किया जा सकेगा।

    भोपाल में प्रस्तावित यह परियोजना पर्यटन और रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावना सामने लाती है। यदि योजना आगे बढ़ती है, तो इससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न स्थानीय कारोबारों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

  • शिवपुरी में बालाजी बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, युवक घायल, गुस्साए लोगों ने फोड़ा शीशा

    शिवपुरी में बालाजी बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, युवक घायल, गुस्साए लोगों ने फोड़ा शीशा

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में बुधवार रात सड़क हादसे में बाइक सवार 28 वर्षीय युवक घायल हो गया। पोहरी थाना क्षेत्र में शिवपुरी की ओर से आ रही बालाजी बस ने उसकी पल्सर बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा, जबकि उसकी बाइक बस के नीचे फंस गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान गुस्साए लोगों ने बस का शीशा फोड़ दिया।

    घायल युवक की पहचान परिच्छा निवासी शिवराज जाटव के रूप में हुई है। वह सरवन जाटव का पुत्र है। जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात करीब 8:45 बजे शिवराज अपनी पल्सर बाइक से परिच्छा बस स्टैंड से सब्जी लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही बालाजी बस ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के समय बस शिवपुरी की ओर से आ रही थी।

    दुर्घटना में शिवराज बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरा। उसकी बाइक बस के नीचे फंस गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति देखी और बस के आसपास भीड़ एकत्रित हो गई। हादसे से नाराज कुछ लोगों ने बस का शीशा तोड़ दिया। इस घटना के कारण मौके पर कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

    परिजनों के अनुसार, बस चालक वाहन तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। उनका आरोप है कि इसी वजह से बाइक को पीछे से टक्कर लगी। हालांकि, दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक बस को मौके पर छोड़कर भाग गया।

    टक्कर में शिवराज को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। उसके सिर और चेहरे के अलावा दोनों हाथों, बाएं पैर के टखने और कमर में भी चोट लगी है। हादसे के बाद उसके शरीर से खून निकल रहा था। घायल की हालत देखकर परिजनों ने उसे जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

    घटना की जानकारी मिलने पर शिवराज के पिता सरवन जाटव और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल युवक को निजी वाहन से जिला अस्पताल शिवपुरी पहुंचाया। वहां उसे भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। परिजन घटना के बाद से घायल के इलाज पर ध्यान दे रहे हैं।

    मामले में शिवराज के पिता सरवन जाटव ने पोहरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट के आधार पर बालाजी बस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।

    हादसे के बाद बस का शीशा तोड़े जाने की घटना भी सामने आई है। पुलिस की जांच में दुर्घटना से जुड़े घटनाक्रम और उसके बाद हुई गतिविधियों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल घायल शिवराज का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।