Category: Madhya Pradesh

  • MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

    MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी


    भोपालमध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भोपाल के नीलम पार्क में पदवृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने इस दौरान सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभ्यर्थियों की मांगों पर शिक्षक दिवस तक कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य हमेशा महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार करने के लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए थे। उनके मुताबिक करीब 45 हजार नए स्कूल खोले गए और शिक्षकों की भर्ती का अधिकार भोपाल से स्थानीय स्तर पर दिया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की कमी को पूरा करना था।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा शिक्षक भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और सिलेबस में बदलाव का सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है जिन्होंने वर्षों तक पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों को पढ़ाया है। अब उन्हें नए सिलेबस के अनुसार परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब शिक्षकों के पद खाली हैं तो उन रिक्त पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही है।

    दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी वे खुद को नौजवान मानते हैं और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे।

    इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन स्थल पर महिला अभ्यर्थियों ने दिग्विजय सिंह को राखी भी बांधी। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों और आंदोलन की स्थिति से पूर्व मुख्यमंत्री को अवगत कराया। दिग्विजय सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए वे प्रयास करेंगे।

    नीलम पार्क में वर्ग 2 माध्यमिक और वर्ग 3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। एक दिन पहले आंदोलनकारी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अलग अलग स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक सरकार की ओर से ठोस समाधान नहीं निकला है।

    अभ्यर्थी 21 अगस्त को भी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। बुधवार को इस आंदोलन का छठवां दिन रहा।

    अभ्यर्थियों का कहना है कि नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई चरणों में आंदोलन किए गए लेकिन पदवृद्धि की मांग पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब वे तत्काल निर्णय की मांग कर रहे हैं। वहीं दिग्विजय सिंह की 24 घंटे की भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की सियासत में गरमाता नजर आ रहा है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।

  • भोपाल में सीलिंग पर आर-पार की तैयारी! व्यापारियों ने गांधी के सामने की प्रार्थना, शाम को कैंडल मार्च से रहवासी जताएंगे विरोध

    भोपाल में सीलिंग पर आर-पार की तैयारी! व्यापारियों ने गांधी के सामने की प्रार्थना, शाम को कैंडल मार्च से रहवासी जताएंगे विरोध


    भोपाल भोपाल में आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चल रही नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को व्यापारियों ने सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई के विरोध में गांधीवादी तरीका अपनाते हुए कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में प्रार्थना सभा की। व्यापारी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र हुए और सामूहिक रूप से रामधुन गाकर समस्याओं के स्थायी समाधान की कामना की। व्यापारियों का कहना है कि वे विरोध के जरिए प्रशासन तक अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना चाहते हैं।

    भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारिक संगठन के पदाधिकारी और व्यापारी कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा के दौरान व्यापारियों ने मौजूदा परिस्थितियों के समाधान के लिए मार्गदर्शन की कामना की। उनका कहना है कि सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई से लंबे समय से कारोबार कर रहे दुकानदारों में असमंजस और चिंता का माहौल है। व्यापारी चाहते हैं कि प्रशासन नियमों के दायरे में रहते हुए ऐसी व्यवस्था तैयार करे जिससे कारोबार और रहवासी इलाकों से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।

    नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में भोपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। इससे पहले रोशनपुरा चौराहे पर चक्काजाम किया गया था। इसके बाद बाग सेवनिया अवधपुरी 10 नंबर और आनंद नगर सहित कई क्षेत्रों में भी व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। अब व्यापारियों ने गांधीवादी तरीके से अपनी आवाज उठाने का फैसला किया है।

    दूसरी ओर रहवासी भी इस मुद्दे पर लगातार सक्रिय हैं। रहवासियों का कहना है कि आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की वजह से शोर भीड़ और ट्रैफिक जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण सार्वजनिक शांति प्रभावित होती है और कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों की आवाजाही भी बढ़ी है। रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों को स्कूली बच्चों की सुरक्षा और बढ़ते ट्रैफिक को लेकर भी चिंता है।

    इसी कड़ी में बुधवार शाम पांच नंबर मार्केट क्षेत्र में रहवासी कैंडल मार्च निकालने की तैयारी में हैं। रहवासियों का कहना है कि रविशंकर शुक्ला मार्केट की दुकानों को पुनर्विकास योजना के तहत खाली कराया गया था और इसके बाद दुकानदारों को रहवासी क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया। उनका दावा है कि इससे आवासीय क्षेत्रों में भीड़ शोर और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा हो रही हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी अहम महत्व है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने दुकान संचालकों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिले राहत आदेश भी निरस्त कर दिए थे और अपने निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करने की बात कही थी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।

    नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है। इसी प्रक्रिया के तहत शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। निगम ने मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में सर्वे शुरू किया है। नदी और तालाब किनारे बने भवनों के साथ ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट एरिया में निर्माणों की भी जांच की जा रही है। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है।

    कार्रवाई तेज होने के बाद अवधपुरी अयोध्या बायपास गौतम नगर अशोका गार्डन और लालघाटी सहित कई क्षेत्रों के कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। कई दुकानदार अब व्यावसायिक क्षेत्रों में नए ठिकाने तलाश रहे हैं। वहीं रहवासी व्यावसायिक गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में भोपाल में व्यापारी और रहवासियों के विरोध के बीच अब प्रशासन के सामने नियमों के पालन के साथ दोनों पक्षों की चिंताओं का समाधान निकालने की चुनौती है।

  • ग्वालियर में 3400 किस वाली कार पर पुलिस कार्रवाई, तीन महिला मित्रों के खुलासे के बीच लगा 5500 रुपये का जुर्माना

    ग्वालियर में 3400 किस वाली कार पर पुलिस कार्रवाई, तीन महिला मित्रों के खुलासे के बीच लगा 5500 रुपये का जुर्माना

    मध्य प्रदेश: के ग्वालियर में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कार को लेकर नया खुलासा हुआ है। सफेद रंग की इस कार की पूरी बॉडी पर लिपस्टिक से किस के निशान बनाए गए थे। शुरुआती जानकारी में इसे एक महिला मित्र द्वारा सजाए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अब कार मालिक आदित्य सिकरवार ने बताया है कि इस काम में एक नहीं बल्कि तीन महिला मित्र शामिल थीं।

    कार पर करीब 3400 किस के निशान बनाए जाने का दावा किया गया है। इस अनोखे तरीके से कार को सजाने का उद्देश्य सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित करना और रील को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। कार से जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद उसे करीब 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिलने की बात सामने आई है।

    आदित्य के अनुसार, कार को अलग रूप देने का विचार उनकी तीन महिला मित्रों ने मिलकर दिया था। इसके बाद उन्होंने कार की बाहरी सतह पर लिपस्टिक के जरिए किस के निशान बनाए। इस गतिविधि को सोशल मीडिया कंटेंट के तौर पर तैयार किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद कार की तस्वीरें और वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए।

    हालांकि, सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के साथ ही यह कार पुलिस की नजर में भी आ गई। पुलिस ने वाहन पर किए गए बदलाव को यातायात नियमों से जोड़कर कार्रवाई की। इसके तहत कार मालिक पर 5500 रुपये का चालान लगाया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद कार से किस के सभी निशान साफ भी करवाए गए।

    मामले में मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वाहन में ऐसा बदलाव जिससे उसके मूल स्वरूप या पंजीकरण संबंधी विवरण पर असर पड़ता है, नियमों के तहत जांच के दायरे में आ सकता है। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 वाहन में अनधिकृत बदलाव से संबंधित प्रावधानों को निर्धारित करती है।

    नियमों के अनुसार, वाहन में किसी तरह का ऐसा परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए जो उसके मूल स्वरूप को बदल दे या पंजीकरण प्रमाणपत्र में दर्ज विवरण से अलग हो। निर्धारित प्रक्रिया के तहत बदलाव की अनुमति और संबंधित प्राधिकरण को सूचना देने की व्यवस्था भी कानून में दी गई है।

    इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का केंद्र कार पर बनाए गए किस के निशान मात्र नहीं, बल्कि वाहन के बाहरी स्वरूप में किए गए बदलाव और उससे जुड़े नियम हैं। सोशल मीडिया के लिए वाहन को अलग रूप देने की कोशिश यदि निर्धारित नियमों के विपरीत हो, तो वाहन मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    मोटर वाहन अधिनियम में नियमों के उल्लंघन के लिए अलग-अलग दंड का प्रावधान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में वाहन में अनधिकृत परिवर्तन के मामले में जुर्माने के साथ छह महीने तक की सजा का प्रावधान भी लागू हो सकता है। वहीं सामान्य उल्लंघनों के लिए अलग दंड निर्धारित हैं।

    ग्वालियर की इस घटना ने सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने के दौरान वाहनों में किए जाने वाले बदलावों को लेकर भी चर्चा बढ़ाई है। वायरल वीडियो और अधिक व्यूज हासिल करने के उद्देश्य से किए गए प्रयोग के बावजूद वाहन मालिक को नियमों का पालन करना जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया लोकप्रियता और यातायात नियमों के बीच संतुलन का उदाहरण बनकर सामने आया है।

  • Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें

    Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने छात्र आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप का दावा किया है। पटेल ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए एक विचार तेजी से फैलाया जाता है और उसके बाद Gen Z के युवा उससे जुड़ जाते हैं। उनके मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम को देश के भीतर पर्दे के पीछे से कुछ बाहरी तत्वों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतें देश को बांटने और युवाओं के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

    इंदौर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान गजेंद्र सिंह पटेल से देश के अलग अलग हिस्सों में हो रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा गया था। इसी दौरान उन्होंने कहा कि पहले छात्र आंदोलन सकारात्मक सोच और रचनात्मक मुद्दों के साथ आगे बढ़ते थे। राजनीतिक नेताओं के प्रति भी भाषा और व्यवहार में एक तरह का सम्मान दिखाई देता था लेकिन अब छात्र आंदोलनों का स्वरूप और तरीका बदलता नजर आ रहा है। पटेल ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को मर्यादा के दायरे में रखते हुए सरकार के सामने रखें।

    पटेल का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके ही संसदीय क्षेत्र के बड़वानी जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के करीब 200 छात्रों ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 25 किलोमीटर तक मार्च किया। छात्रों की शिकायत थी कि शिक्षकों ने उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और अभद्र व्यवहार किया। छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व का ध्यान खींचा है।

    इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि स्कूल में किसी शिक्षक से छोटी मोटी गलती हो सकती है लेकिन बच्चों को इस तरह सड़कों पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन बच्चों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा। पटेल ने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल से सक्रिय कुछ संगठनों ने सरकारी स्कूल के छात्रों को गुमराह किया और उन्हें प्रदर्शन के लिए उकसाने का काम किया है।

    बीजेपी नेता ने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए कहा कि युवा समझदार हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके आंदोलन का इस्तेमाल कोई बाहरी ताकत अपने हित के लिए न करे। उन्होंने कहा कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और शिकायतों के समाधान के लिए संवाद का रास्ता सबसे बेहतर है।

    बातचीत के दौरान पटेल ने इथेनॉल उत्पादन को लेकर भी सरकार की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि देश इथेनॉल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ईंधन क्षेत्र को भी फायदा होगा। चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को उन्होंने कुछ समय की समस्या बताते हुए विपक्ष पर लोगों को गलत जानकारी के जरिए गुमराह करने का आरोप लगाया। छात्र आंदोलनों से लेकर आर्थिक मुद्दों तक पटेल के बयानों ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

  • आधी रात गायब हुआ 4 लाख का बैग, CCTV देखा तो पुलिस भी रह गई हैरान; कुत्ता निकला 'चोर'

    आधी रात गायब हुआ 4 लाख का बैग, CCTV देखा तो पुलिस भी रह गई हैरान; कुत्ता निकला 'चोर'


    मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर जिला अस्पताल में आधी रात को हुई बैग चोरी की घटना ने सभी को हैरान कर दिया। अस्पताल में अपने बेटे का इलाज कराने पहुंची महिला के पास रखा करीब 4 लाख रुपये कीमत के सोने और चांदी के आभूषणों से भरा बैग अचानक गायब हो गया। परिवार को पहले आशंका हुई कि अस्पताल परिसर में किसी ने बैग पर हाथ साफ कर दिया है लेकिन जब पुलिस ने अस्पताल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली तो जो सच सामने आया उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। बैग किसी इंसान ने नहीं बल्कि एक कुत्ते ने मुंह में दबाकर अस्पताल से बाहर पहुंचाया था।

    मामला 23 और 24 अगस्त की दरमियानी रात का बताया जा रहा है। कयामपुर निवासी लताबाई अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए मंदसौर जिला अस्पताल आई थीं। महिला ने घर में रखे कीमती जेवर सुरक्षा की दृष्टि से अपने साथ अस्पताल लाए थे। बैग में करीब 4 लाख रुपये कीमत के सोने और चांदी के आभूषण के अलावा लगभग 2 हजार रुपये नकद और खाने पीने का सामान भी रखा था। रात करीब 1 बजे से सुबह 6 बजे के बीच महिला को बैग गायब होने का पता चला। लाखों रुपये के जेवरात गायब होने से परिवार के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल पुलिस से मदद मांगी।

    लताबाई ने कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बिना देर किए अस्पताल परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। पुलिस को उम्मीद थी कि फुटेज से किसी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हो सकेगी लेकिन कैमरे में जो दृश्य सामने आया उसने पूरे मामले को ही अलग मोड़ दे दिया। CCTV फुटेज में एक कुत्ता अस्पताल के सर्जिकल वार्ड के आसपास घूमता दिखाई दिया। कुछ देर बाद वही कुत्ता बैग को मुंह में दबाकर अस्पताल के दरवाजे से बाहर निकलता नजर आया।

    पुलिस ने इसके बाद कुत्ते की गतिविधियों और उसके जाने की दिशा का पता लगाने के लिए आसपास लगे दूसरे CCTV कैमरों की भी मदद ली। अलग अलग स्थानों की फुटेज को जोड़कर पुलिस टीम ने कुत्ते के रास्ते को ट्रेस किया और लगातार तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस को ज्वेलरी से भरा बैग मिल गया। बैग में रखे सोने चांदी के आभूषण और अन्य सामान सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद पूरा सामान महिला को वापस सौंप दिया।

    कीमती सामान वापस मिलने के बाद लताबाई और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। महिला ने पुलिस की तत्परता के लिए आभार जताया। अगर पुलिस समय रहते CCTV फुटेज खंगालकर कुत्ते की दिशा का पता नहीं लगाती तो लाखों रुपये के जेवरात बरामद करना मुश्किल हो सकता था। इस पूरे मामले में पुलिस की जांच का तरीका भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि आमतौर पर चोरी के मामलों में संदिग्ध इंसान की तलाश की जाती है लेकिन यहां जांच का रास्ता एक कुत्ते तक पहुंचा।

    हालांकि घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता सामने आई है। सवाल यह है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आवारा कुत्ते रात के समय वार्ड तक कैसे पहुंच रहे हैं। इस घटना में महिला का कीमती सामान वापस मिल गया लेकिन अगर बैग किसी दूसरी जगह चला जाता या कुत्ता उसे कहीं छोड़ देता तो लाखों रुपये के आभूषणों का पता लगाना काफी मुश्किल हो सकता था।

    फिलहाल इस अजीबोगरीब घटना की चर्चा पूरे मंदसौर में है। जिस मामले की शुरुआत लाखों रुपये की चोरी की आशंका से हुई थी उसका अंत एक ऐसे CCTV खुलासे के साथ हुआ जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। पुलिस की तत्परता और CCTV की मदद से महिला का कीमती सामान सुरक्षित वापस मिल गया और यह मामला मंदसौर जिला अस्पताल की उन घटनाओं में शामिल हो गया जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।

  • भोपाल में आज मिलादुन्नबी का जुलूस: गंगा-जमुनी तहजीब का दिखेगा संदेश, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट

    भोपाल में आज मिलादुन्नबी का जुलूस: गंगा-जमुनी तहजीब का दिखेगा संदेश, कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट


    भोपाल  भोपाल में बुधवार को मिलादुन्नबी के मौके पर मुस्लिम समाज की ओर से दो बड़े जुलूस निकाले जाएंगे। आयोजकों ने इस आयोजन को भोपाल की गंगा-जमुनी तहजीब आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देने वाला बताया है। जुलूस को लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शहर में यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुराने और नए भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे जुलूस के दौरान प्रभावित मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

    मंगलवारा क्षेत्र का मुख्य चल समारोह दोपहर करीब 2 बजे छावनी स्थित भारत टॉकीज से शुरू होगा। यहां से जुलूस सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा इस्लामपुरा बड़े मास्टर तिराहा बुधवारा इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद और पीरगेट होते हुए इमामी गेट चौराहे तक पहुंचेगा जहां इसका समापन किया जाएगा। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसके साथ ही अलग अलग अखाड़ों के दल भी अपनी पारंपरिक कला और शौर्य का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन शहर की साझा सांस्कृतिक विरासत और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर है।

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने अलग अलग स्थानों से निकलने वाले जुलूसों को एक मंच पर लाने की अपील भी की है। कमेटी के संरक्षक शमशुअल हसन बल्ली के मुताबिक सभी सामाजिक और मुस्लिम संगठनों से एकजुट होकर इमामी गेट पर जुलूस के समापन में शामिल होने की अपील की गई है। कमेटी का कहना है कि आयोजन को सामाजिक और धार्मिक सौहार्द का मंच बनाया जाएगा और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप से बचने की कोशिश रहेगी।

    आयोजकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत सांसद आलोक शर्मा वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सनवर पटेल पूर्व सांसद आलोक संजर महापौर और विभिन्न सामाजिक तथा मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया है। कमेटी का उद्देश्य है कि भोपाल से भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का सकारात्मक संदेश देशभर में जाए।

    इधर अशोका गार्डन क्षेत्र में भी मिलादुन्नबी का दूसरा जुलूस निकलेगा। यह जुलूस अशोका गार्डन से शुरू होकर पुष्प नगर पुलिया नूतन नगर रोड ऐशबाग रोड सोनिया कॉलोनी चौराहा दुर्गा धाम मंदिर रोड अशोका गार्डन थाना परिहार चौराहा मंडी चौराहा और प्रभात चौराहा होते हुए सुभाष नगर ओवरब्रिज से गुजरेगा। इसके बाद स्लाटर हाउस के सामने से जिंसी चौराहा पहुंचेगा जहां जुलूस का समापन होगा।

    जुलूसों को देखते हुए मंगलवारा क्षेत्र में दोपहर 1 बजे से रात 8 बजे तक और अशोका गार्डन क्षेत्र में दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक जरूरत के अनुसार यातायात व्यवस्था बदली जाएगी। भारत टॉकीज से सेंट्रल लाइब्रेरी इतवारा और छावनी रोड से मंगलवारा थाना की ओर जाने वाले मार्गों के अलावा बुधवारा इब्राहिमपुरा मोती मस्जिद और पीरगेट क्षेत्र में भी ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। जुलूस के दौरान मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों के साथ अनुमति प्राप्त वाहनों तथा सिटी बसों की जुलूस मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

    यातायात पुलिस ने वाहन चालकों के लिए कई वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं। रॉयल मार्केट से तीन मोहरा भोपाल टॉकीज और हमीदिया रोड होकर वाहन निकल सकेंगे। इसी तरह मोती मस्जिद रेतघाट कमला पार्क और पॉलीटेक्निक चौराहे के रास्ते भी आवागमन किया जा सकेगा। नादरा बस स्टैंड से अल्पना तिराहा संगम तिराहा सब्जी मंडी ओवरब्रिज बजरिया तिराहा और 80 फीट रोड होकर नए शहर की ओर जाने वाले वाहन जा सकेंगे।

    नए शहर न्यू मार्केट और मैदा मिल की तरफ से आने वाले वाहन कमला पार्क रेतघाट सदर मंजिल रॉयल मार्केट तीन मोहरा शाहजहांनाबाद थाना तिराहा और हमीदिया रोड होते हुए पुराने शहर और मुख्य रेलवे स्टेशन की ओर जा सकेंगे। वहीं अशोका गार्डन जुलूस के दौरान परिहार चौराहा प्रभात चौराहा सुभाष नगर ओवरब्रिज और जिंसी चौराहा क्षेत्र में भी जरूरत के अनुसार डायवर्जन रहेगा।

    यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जुलूस के दौरान प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। यातायात संबंधी परेशानी होने पर कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0755-2677340 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन की कोशिश है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था भी बनी रहे।

  • MP में कोटे की 68% बारिश, अब तक 25.5 इंच पानी गिरा, आज 3 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    MP में कोटे की 68% बारिश, अब तक 25.5 इंच पानी गिरा, आज 3 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 25.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे का 68% है। हालांकि प्रदेश में अब भी सामान्य से 11% कम बारिश हुई है। 40 जिलों में बारिश औसत से कम है, जबकि 15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, पिछले एक सप्ताह से पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसून अब उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सक्रिय होगा। अगले दो दिन भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    बुधवार को भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    अब तक 3.1 इंच कम बारिश

    IMD के मुताबिक प्रदेश में अब तक 648.7 मिमी यानी 25.5 इंच बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 727.9 मिमी यानी 28.6 इंच होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में 3.1 इंच कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 7% और पश्चिमी हिस्से में 14% कम बारिश दर्ज की गई है।

    40 जिलों में 3% से 50% तक कम बारिश हुई है। इनमें पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिले शामिल हैं।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 2% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

    अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में सिस्टम की एक्टिविटी बनी हुई है। इसके चलते अगले तीन दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • Madhya Pradesh News: गुना में टैंकर हादसे के बाद सड़क पर फैला रिफाइंड ऑयल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

    Madhya Pradesh News: गुना में टैंकर हादसे के बाद सड़क पर फैला रिफाइंड ऑयल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

    मध्य प्रदेश। के गुना जिले में सोमवार को रिफाइंड ऑयल से भरा एक टैंकर पलटने के बाद सड़क पर तेल फैल गया। घटना चाचौड़ा थाना क्षेत्र में बीनागंज वेयरहाउस के पास हुई। टैंकर के पलटने और सड़क पर बड़ी मात्रा में तेल फैलने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते कई लोग बाल्टी और डिब्बे लेकर सड़क पर फैला तेल भरने लगे।

    घटना के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा तफरी जैसी स्थिति बन गई। टैंकर से तेल निकलकर सड़क पर फैल गया था। आसपास मौजूद लोगों ने इसे अपने बर्तनों में भरना शुरू कर दिया। कई लोग बाल्टी, डिब्बे और अन्य कंटेनर लेकर मौके पर पहुंचे। सड़क पर तेल जमा होने के कारण वहां से गुजरने वाले लोगों और वाहनों के लिए भी स्थिति असामान्य हो गई।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को नियंत्रित करने और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने के कारण दुर्घटनास्थल पर भीड़ बढ़ गई थी। पुलिस की मौजूदगी के बाद मौके की स्थिति को व्यवस्थित किया गया और दुर्घटनाग्रस्त टैंकर के आसपास लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया।

    रिफाइंड ऑयल से भरा टैंकर किस वजह से अनियंत्रित होकर पलटा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे के समय सड़क की स्थिति, वाहन की गति और अन्य परिस्थितियों की जांच की जा सकती है। दुर्घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती सड़क पर फैले तेल के कारण पैदा हुई स्थिति को नियंत्रित करना रही।

    सड़क पर तेल फैलने से फिसलन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में दुर्घटनास्थल से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। तेल को बर्तनों में भरने के लिए लोगों के बड़ी संख्या में सड़क पर पहुंचने से जोखिम और बढ़ सकता था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को नियंत्रित किया और स्थिति को संभाला।

    बीनागंज क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद दुर्घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटने का वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा में हैं। इनमें लोग बाल्टी और डिब्बे लेकर सड़क पर फैले तेल को इकट्ठा करते नजर आए। टैंकर के पलटने के बाद सड़क पर फैले तेल को लेकर लोगों में उत्सुकता देखी गई और कुछ लोग अपने साथ बर्तन लेकर वहां पहुंच गए।

    घटना ने सड़क दुर्घटनाओं के बाद भीड़ के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी वाहन से खाद्य तेल या अन्य सामग्री सड़क पर गिरने की स्थिति में लोगों का मौके पर पहुंचना दुर्घटना स्थल को और असुरक्षित बना सकता है। खासकर जब सड़क पर तेल जैसा फिसलन पैदा करने वाला पदार्थ फैला हो, तब वहां मौजूद लोगों और गुजरने वाले वाहनों दोनों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

    पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। दुर्घटनाग्रस्त टैंकर के आसपास लोगों की भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ सड़क पर यातायात की स्थिति संभालने की कोशिश की गई। प्रशासन के लिए ऐसे मामलों में दुर्घटना के बाद राहत व्यवस्था के साथ भीड़ नियंत्रण भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

    गुना के चाचौड़ा थाना क्षेत्र में हुई यह घटना इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि टैंकर पलटने के बाद सड़क पर फैले रिफाइंड ऑयल को भरने के लिए बड़ी संख्या में लोग बाल्टी और डिब्बे लेकर पहुंच गए। फिलहाल दुर्घटना के कारणों और टैंकर के पलटने की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दुर्घटनास्थल पर बढ़ती भीड़ को संभाला।

  • महंगी चीनी के सवाल पर शिवराज बोले- सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…

    महंगी चीनी के सवाल पर शिवराज बोले- सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…


    रायसेन।
    केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) अपने एक दिवसीय दौरे पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (Raisen) पहुंचे. इस दौरान वह छात्राओं के कार्यक्रम में शामिल हुए, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और केंद्र सरकार (Central government) की योजनाओं की समीक्षा की. हालांकि, जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति यानी दिशा की मीटिंग के दौरान चीनी की बढ़ती कीमत को लेकर पूछे गए सवाल ने भी ध्यान खींचा.

    मीटिंग से कुर्सी छोड़ते समय जब महंगी चीनी को लेकर सवाल किया गया तो शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”सब इंतजाम हो रहे हैं जी, चिंता मत करो…”

    शासकीय कन्या महाविद्यालय में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आर्थिक कारणों से किसी भी होनहार बेटी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। छात्राओं की सहूलियत के लिए स्थापित हेल्प डेस्क के जरिए अजीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना की पात्रता नियम, आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा एक ही जगह उपलब्ध कराई गई है।

    केंद्रीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी शासकीय महाविद्यालयों की छात्राओं से संवाद किया और समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया.

    छात्रों को लैपटॉप वितरण और कंप्यूटर लैब का लोकार्पण
    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. इसके बाद उन्होंने परिसर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब का फीता काटकर लोकार्पण किया और लैब का जायजा लेते हुए छात्राओं से बातचीत की. पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कॉलेज परिसर में पौधारोपण किया।


    दिशा बैठक में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा

    दौरे के अंतिम चरण में शिवराज सिंह चौहान कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने दिशा समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

    कार्यक्रम में सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपाल सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


    चीनी की देश में कोई कमी नहीं: ISMA

    उधर, चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल के बीच इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने कहा कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देने तथा कारोबारियों एवं थोक उपभोक्ताओं पर भंडारण सीमा लगाने से आने वाले दिनों में खुदरा कीमतें घटने की उम्मीद है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 63.05 रुपये प्रति किलो रही, जो एक महीने पहले के 48.73 रुपये से 29 प्रतिशत अधिक है. अधिकतम खुदरा कीमत 75 रुपये और मॉडल कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो रही.

  • Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम

    Bhopal Weather Today: भोपाल में बारिश के आसार बरकरार तापमान रहेगा नीचे जानिए आज कैसा रहेगा मौसम


    भोपाल भोपाल में 25 अगस्त को मानसून का असर लगातार देखने को मिल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और दिनभर बादल छाए रहने के साथ कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है जिससे लोगों को उमस और तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान में भोपाल के लिए दिन का अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    बारिश की संभावना को देखते हुए मंगलवार को भोपाल में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। पूर्वानुमानों में सुबह से ही बारिश और गरज चमक की संभावना जताई गई है जबकि दोपहर के समय बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। एक अन्य मौसम पूर्वानुमान में मंगलवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई गई है और दोपहर के दौरान गरज के साथ बारिश होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए।

    भोपाल में लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आ सकती है। सड़कों पर जलभराव होने से ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है और वाहन चालकों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ सकता है। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने की स्थिति में तेज गति से वाहन चलाने से बचना जरूरी होगा। दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है क्योंकि फिसलन भरी सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं।

    राजधानी में बारिश के साथ हवा और गरज चमक का असर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचना बेहतर है। बिजली चमकने या तेज गरज के दौरान पेड़ के नीचे रुकने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए। मौसम खराब होने की स्थिति में जरूरी न हो तो यात्रा टालना भी समझदारी होगी।

    भोपाल के आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में 24 और 25 अगस्त को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान सामने आया है। भोपाल में मध्यम बारिश की संभावना के साथ राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान भी जताया गया है।

    बारिश का यह दौर तापमान को नियंत्रित रखने में भी मदद करेगा। दिन में गर्मी अपेक्षाकृत कम महसूस हो सकती है लेकिन अधिक नमी के कारण कुछ समय उमस परेशान कर सकती है। मौसम में लगातार बदलाव को देखते हुए लोगों को स्वास्थ्य और यात्रा दोनों के स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    कुल मिलाकर 25 अगस्त को भोपाल में बारिश वाला मौसम रहने के आसार हैं। बादल बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहाना रह सकता है लेकिन तेज बारिश के दौरान जलभराव ट्रैफिक और फिसलन जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें और बारिश के दौरान सुरक्षित तरीके से यात्रा करें। मौसम विभाग के ताजा स्थानीय अलर्ट को प्राथमिकता देना सबसे बेहतर रहेगा।