Category: Madhya Pradesh

  • भाजपा युवा मोर्चा ने बदले 19 जिलों के पदाधिकारी, भोपाल और इंदौर शहर में पुराने चेहरों पर भरोसा

    भाजपा युवा मोर्चा ने बदले 19 जिलों के पदाधिकारी, भोपाल और इंदौर शहर में पुराने चेहरों पर भरोसा


    भोपाल।  मध्य प्रदेश में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। प्रदेश के 19 जिलों में जिला अध्यक्षों और जिला महामंत्रियों की नई नियुक्तियां घोषित की गई हैं। इन नियुक्तियों के जरिए संगठन ने कई जिलों में नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से नई नियुक्तियों की घोषणा की। इस बदलाव के बाद अब संबंधित जिलों में युवा मोर्चा की संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी नए पदाधिकारियों के हाथों में होगी।

    घोषित नियुक्तियों में जबलपुर नगर में रवींद्र तिवारी को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं मऊगंज में अभिषेक मिश्रा और श्योपुर में ईश्वर जाट को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। सागर में जसवंत राठौर को जिला अध्यक्ष की कमान दी गई है। इसके अलावा निवाड़ी मैहर उमरिया डिंडौरी और मंडला सहित कई जिलों में भी नए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इन बदलावों के माध्यम से संगठन ने अलग-अलग क्षेत्रों में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।

    जिला अध्यक्षों के साथ जिला महामंत्रियों के नामों की भी घोषणा की गई है। बालाघाट इंदौर ग्रामीण धार नगर नीमच सिवनी छिंदवाड़ा नर्मदापुरम रायसेन अनूपपुर और मंदसौर में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस तरह कुल 19 जिलों में संगठन के पदाधिकारियों के स्तर पर बदलाव किया गया है। हालांकि भोपाल और इंदौर शहर में जिला अध्यक्षों को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन दोनों शहरों में फिलहाल पहले से जिम्मेदारी संभाल रहे पदाधिकारियों पर ही भरोसा कायम रखा गया है।

    युवा मोर्चा में इन नियुक्तियों को प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है। जिला स्तर पर अध्यक्ष और महामंत्री संगठन के महत्वपूर्ण पद होते हैं। इनके जरिए सदस्यता अभियान से लेकर युवा कार्यकर्ताओं के कार्यक्रमों और पार्टी की गतिविधियों के संचालन में भूमिका निभाई जाती है। नई टीम के सामने अपने-अपने जिलों में संगठन को सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी होगी।

    मध्य प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक बदलाव का यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी अपने प्रदेश संगठन को नए सिरे से व्यवस्थित करने की प्रक्रिया में जुटी है। इससे पहले भाजपा के केंद्रीय संगठन की ओर से चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त किया गया था। करीब आठ महीने बाद इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति हुई थी। अब युवा मोर्चा के 19 जिलों में नई नियुक्तियों के साथ जिला स्तर पर भी संगठनात्मक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है।

    नई नियुक्तियों के बाद संबंधित जिलों में युवा मोर्चा की गतिविधियों को लेकर नए पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वहीं भोपाल और इंदौर शहर में बदलाव नहीं होने से इन दोनों इकाइयों में मौजूदा नेतृत्व ही संगठन का काम संभालता रहेगा। पार्टी की ओर से जारी सूची में जिला अध्यक्षों के साथ महामंत्रियों के नाम भी शामिल किए गए हैं।

  • सिवनी में नवजात मौतों का गंभीर मामला, 1088 बच्चों में से 80 की मौत के बाद जांच और इलाज पर उठे सवाल

    सिवनी में नवजात मौतों का गंभीर मामला, 1088 बच्चों में से 80 की मौत के बाद जांच और इलाज पर उठे सवाल


    सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिला अस्पताल की सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट यानी एसएनसीयू में नवजात बच्चों की मौत के आंकड़ों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच यहां भर्ती 1088 नवजातों में से 80 बच्चों की मौत हो गई। यानी करीब 7.4 प्रतिशत बच्चों को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी इस आंकड़े को सामान्य बताते रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस दलील पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था के दौर में एसएनसीयू में मृत्यु दर 6 प्रतिशत से अधिक होना चिंता का विषय है।

    सिवनी जिला अस्पताल का यह मामला उस समय चर्चा में आया जब भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने 10 अक्टूबर 2026 को अस्पताल की एसएनसीयू का दौरा किया। उन्हें जानकारी मिली कि तीन महीने के भीतर 46 नवजातों की मौत हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की। सरकार ने जांच के लिए चार डॉक्टरों की टीम बनाई। जांच में सामने आया कि छह महीने में 1088 नवजात भर्ती हुए थे और इनमें से 80 की मौत हुई। इस रिपोर्ट के बाद एसएनसीयू प्रभारी डॉ. पारस पटेरिया को पद से हटा दिया गया।

    मामले की गंभीरता उन परिवारों की आपबीती से भी सामने आती है जिन्होंने अपने नवजात बच्चों को खोया। बरघाट की माधुरी पटले ने 14 अप्रैल को 2.6 किलो वजन के बेटे को जन्म दिया था। परिवार के मुताबिक बच्चे को स्वस्थ बताकर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घर पहुंचने के बाद उसे तेज बुखार आया और दोबारा अस्पताल ले जाने पर एसएनसीयू में भर्ती किया गया। पांच दिन बाद बच्चे की मौत हो गई। पिता कमलेश ने सवाल उठाया कि यदि बच्चा बीमार था तो उसे बिना पर्याप्त जांच के छुट्टी क्यों दी गई।

    एक अन्य मामले में बरघाट के राहुल और पूजा बाहेश्वर के जुड़वां बच्चों की मौत हो गई। परिवार के मुताबिक गर्भावस्था के छठे महीने में दर्द शुरू होने पर निजी डॉक्टर ने उन्हें सिवनी जिला अस्पताल भेजा। दोपहर करीब एक बजे अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। परिवार का आरोप है कि पूजा दर्द से परेशान होकर वॉशरूम गईं जहां एक बच्चे का जन्म हो गया। बाद में दूसरे बच्चे का जन्म लेबर रूम में हुआ। दोनों नवजातों को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी मौत हो गई।

    जामुन टोला की प्रियंका कुसाम के मामले में आर्थिक परेशानी भी सामने आई। उन्होंने सातवें महीने में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। परिवार के मुताबिक पैसों की कमी के कारण गर्भावस्था के शुरुआती छह महीनों में सोनोग्राफी नहीं हो सकी थी। आशा कार्यकर्ता ने यह भी बताया कि प्रियंका को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का पोषण भत्ता नहीं मिला था।

    दूसरी ओर अस्पताल के अधिकारियों ने मौतों के पीछे बच्चों की गंभीर स्थिति और समय से पहले जन्म को प्रमुख वजह बताया है। सिविल सर्जन डॉ. विनोद नवकर और सीएमएचओ डॉ. पंकज दुबे के मुताबिक 80 मृत बच्चों में से 58 प्रीमैच्योर थे। इनमें 18 बच्चों का वजन एक किलो से भी कम था। अधिकारियों का कहना है कि एसएनसीयू में बेहद गंभीर स्थिति वाले नवजात ही लाए जाते हैं और यहां एक हजार से अधिक बच्चों की जान भी बचाई गई है। उन्होंने करीब 8 से 10 प्रतिशत तक मृत्यु दर को सामान्य बताने वाली दलील दी है।

    हालांकि एनएचएम के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और सेवानिवृत्त सीएमएचओ डॉ. पंकज शुक्ला ने अधिकारियों के तर्कों पर असहमति जताई है। उनके मुताबिक वर्ष 2010 में यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से तैयार एसएनसीयू दिशा-निर्देशों में भी मृत्यु दर की अधिकतम सीमा 6 प्रतिशत रखी गई थी। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना प्रसाद का कहना है कि गंभीर बच्चों के भर्ती होने का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की समीक्षा जरूरी है।

    भारत सरकार की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की 2024 की सांख्यिकीय रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में हर एक हजार जीवित जन्मों पर 35 बच्चों की मृत्यु उनके पहले जन्मदिन से पहले हो जाती है। इस मामले में राज्य देश में दूसरे स्थान पर बताया गया है। इनमें 28 बच्चों की मौत जन्म के शुरुआती 28 दिनों के भीतर होती है। पांच वर्षों में आंकड़ों में सुधार के बावजूद राज्य राष्ट्रीय औसत से पीछे है। सिवनी अस्पताल के आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब नवजातों की सुरक्षा और सरकारी अस्पतालों में बेहतर उपचार व्यवस्था को लेकर जवाबदेही की मांग तेज हो रही है।

  • भाजपा की गुटबाजी पर पटवारी का हमला, अजय सिंह बोले- समस्याओं के बावजूद भाजपा को ही वोट क्यों?

    भाजपा की गुटबाजी पर पटवारी का हमला, अजय सिंह बोले- समस्याओं के बावजूद भाजपा को ही वोट क्यों?


    इंदौर ।  मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों नेताओं के बयानों और आपसी खींचतान को लेकर चर्चाएं तेज हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार में मंत्रियों के बीच कथित खटपट को लेकर तंज कसा है। वहीं अपनी चुनावी हार को याद करते हुए उन्होंने ऐसा बयान दिया जिस पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी। दूसरी ओर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भाजपा की लगातार चुनावी जीत पर हैरानी जताते हुए कांग्रेस नेताओं को एकजुट होने की जरूरत बताई है।

    इंदौर में भाजपा की कथित गुटबाजी पर निशाना साधते हुए जीतू पटवारी ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि सरकार में प्रभारी मंत्री जो मुख्यमंत्री हैं और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच लात-घूंसे चल रहे हैं लेकिन दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दोनों के बीच गाली-गलौज भी हो रही है लेकिन सिर्फ सुनाई नहीं दे रही है। पटवारी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इंदौर के भाजपा विधायक उन्हें मंत्री मानने को ही तैयार नहीं हैं। पटवारी के मुताबिक आपसी अंतर्कलह में उलझी भाजपा प्रदेश का भला नहीं कर सकती क्योंकि अहंकार में डूबे नेता एक-दूसरे की टांग खींचने में लगे हैं। यह पटवारी का राजनीतिक आरोप और कटाक्ष था।

    हालांकि भाजपा पर हमला करते हुए पटवारी को अपनी चुनावी हार भी याद आ गई। वे इंदौर में संगीत के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां बातचीत के दौरान उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के पुराने अंदाज का जिक्र किया। पटवारी ने कहा कि साइकिल वाला भी कैसे हारता है यह उन्होंने देखा है। उन्होंने कहा कि जब कोई उन्हें याद दिलाता है कि वे साइकिल से आते थे और भाभी-भाभी कहकर लोगों से मिलते थे फिर भी चुनाव हार गए तो उन्हें अपनी हार याद आ जाती है। इस बात को कहते हुए उन्होंने फिल्मी गाने की पंक्ति भी सुनाई कि जिंदगी की यही रीत है हार के बाद ही जीत है। उनके इस बयान में चुनावी हार की टीस के साथ खुद पर किया गया हल्का व्यंग्य भी नजर आया।

    इसी बीच पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कांग्रेस की चुनावी स्थिति और भाजपा की लगातार जीत को लेकर चिंता जाहिर की। सिंगरौली में एक पत्रकार ने उनसे सड़क बिजली बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को लेकर सवाल किया था। इस पर अजय सिंह ने कहा कि प्रदेश में कई समस्याएं होने के बावजूद जब मतदान का समय आता है तो भाजपा के अलावा किसी दूसरी पार्टी को वोट क्यों नहीं मिलते यह समझ से परे है। उन्होंने इस स्थिति को कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बताया।

    अजय सिंह इससे पहले भी पार्टी की स्थिति को लेकर चिंता जता चुके हैं। एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा था कि वर्ष 2028 में कांग्रेस को मध्य प्रदेश की सत्ता से बाहर रहते हुए 25 साल हो जाएंगे। अगर इस बार भी पार्टी सत्ता में नहीं पहुंची तो राजनीतिक रूप से उसकी स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील भी की।

    इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर जीतू पटवारी भाजपा के भीतर कथित खींचतान को लेकर हमलावर नजर आए तो दूसरी ओर अजय सिंह ने कांग्रेस के सामने मौजूद राजनीतिक चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। दोनों नेताओं के बयान प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ कांग्रेस के संगठनात्मक हालात पर भी चर्चा को सामने लाते हैं।

    रिपोर्ट के अंदरूनी हिस्से में एक आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग को लेकर भी चर्चा की गई है। खबर के मुताबिक अधिकारी बड़े महानगरीय जिले में कलेक्टर बनने की उम्मीद लगाए हुए थे लेकिन हालिया तबादला सूची में उन्हें एक छोटे जिले की जिम्मेदारी मिली। हालांकि अधिकारी का नाम और जिले का उल्लेख नहीं किया गया है।

  • इंदौर कांग्रेस का अनोखा विरोध, मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पोस्टर-पुतला मालवा एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना

    इंदौर कांग्रेस का अनोखा विरोध, मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पोस्टर-पुतला मालवा एक्सप्रेस से दिल्ली रवाना


    इंदौर। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाले कांग्रेस के आंदोलन को लेकर इंदौर में पार्टी नेताओं ने विरोध का एक अलग तरीका अपनाया है। यहां कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीर वाला पोस्टर-पुतला रेलवे पार्सल के जरिए दिल्ली भेजने के लिए बुक कराया है। इसके लिए मालवा एक्सप्रेस का इस्तेमाल किया गया है। नेताओं ने पोस्टर-पुतले को बाकायदा रेलवे के पार्सल गोदाम में जमा कराया और इसकी बुकिंग की रसीद भी प्राप्त की। इस तरह दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन से पहले इंदौर कांग्रेस की यह तैयारी चर्चा में आ गई है।

    जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल गिरीश जोशी और देवेंद्र सिंह यादव रेलवे के कॉमर्शियल विभाग के पार्सल गोदाम पहुंचे थे। यहां पोस्टर-पुतले को एक बॉक्स में पैक कराया गया। इसके बाद रेलवे की निर्धारित प्रक्रिया के तहत पार्सल की बुकिंग कराई गई। नेताओं ने इसकी रसीद भी ली। पार्सल पर पोस्टर चिपकाने और जावक क्रमांक दर्ज कराने जैसी औपचारिकताएं भी पूरी की गईं। कांग्रेस नेताओं ने इस पूरी प्रक्रिया को रेलवे के माध्यम से दस्तावेजी रूप देते हुए पोस्टर-पुतले को दिल्ली भेजने की व्यवस्था की।

    पोस्टर पर चलो दिल्ली और वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे लिखे गए हैं। इसके साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तस्वीर भी लगाई गई है। कांग्रेस नेताओं का उद्देश्य इस पोस्टर-पुतले को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले आंदोलन तक पहुंचाना है। पार्टी की ओर से 1 नवंबर को आयोजित किए जा रहे इस प्रदर्शन में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया जाना है।

    इस विरोध प्रदर्शन के लिए रेलवे पार्सल का इस्तेमाल करना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। आमतौर पर राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए पोस्टर बैनर और अन्य प्रचार सामग्री सड़क मार्ग या निजी वाहनों से भेजी जाती है। लेकिन इंदौर के कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर-पुतले को रेलवे पार्सल के जरिए भेजने का विकल्प चुना। इसके लिए उन्होंने केवल सामग्री भेजने की व्यवस्था ही नहीं की बल्कि बुकिंग की रसीद लेकर पूरी प्रक्रिया को औपचारिक रूप भी दिया।

    दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाला आंदोलन कांग्रेस की ओर से चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। इंदौर से भेजे जा रहे पोस्टर-पुतले के जरिए स्थानीय कांग्रेस नेता भी इस अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराना चाहते हैं। पोस्टर पर लिखे नारे पार्टी के विरोध का संदेश दे रहे हैं। हालांकि पोस्टर-पुतले के दिल्ली पहुंचने और प्रदर्शन में इसके इस्तेमाल को लेकर आगे की स्थिति संबंधित आयोजन पर निर्भर करेगी।

    फिलहाल इंदौर कांग्रेस की यह तैयारी इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की तस्वीर वाला पोस्टर-पुतला मालवा एक्सप्रेस के जरिए रेलवे पार्सल से भेजने के लिए बुक कराया गया है। 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन से पहले इस कदम ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।

  • कविता से सिनेमा और दर्शन तक होगी चर्चा, इंदौर के वाणी साहित्य उत्सव में जुटेंगे दिग्गज रचनाकार

    कविता से सिनेमा और दर्शन तक होगी चर्चा, इंदौर के वाणी साहित्य उत्सव में जुटेंगे दिग्गज रचनाकार


    इंदौर । इंदौर में शुक्रवार को वाणी साहित्य उत्सव के जरिए साहित्य और कला की विविध विधाओं का संगम देखने को मिलेगा। इस आयोजन में कविता कहानी अनुवाद सिनेमा और दर्शन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। दिनभर चलने वाले अलग-अलग सत्रों में साहित्यकारों फिल्म निर्माताओं और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह कविता कुंभ और ओपन माइक से होगी जबकि शाम को मशहूर शायर फिराक गोरखपुरी को समर्पित मुशायरा आयोजित किया जाएगा। इस दौरान पुस्तकों का लोकार्पण भी होगा।

    उत्सव का पहला प्रमुख आयोजन सुबह 9 से 11 बजे तक वाणी कविता कुंभ और मुशायरा ओपन माइक के रूप में होगा। इसका संचालन प्रतीक शर्मा करेंगे। इस मंच पर कविता और शायरी में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों को अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद सुबह 11 से दोपहर 12 बजे तक ज्ञान के नवोन्मेष का वाणी साहित्य विषय पर संवाद होगा। इसमें शम्भूनाथ गरिमा श्रीवास्तव और राधावल्लभ त्रिपाठी शामिल होंगे। इस सत्र का संचालन प्रियंका दुबे करेंगी।

    इस आयोजन का एक खास आकर्षण फ्रांज काफ्का की प्रसिद्ध पुस्तक द ट्रायल का हिंदी अनुवाद होगा। गरिमा श्रीवास्तव ने इस पुस्तक का हिंदी अनुवाद किया है। इसका लोकार्पण विकास दवे करेंगे। काफ्का की यह रचना विश्व साहित्य की चर्चित कृतियों में शामिल है। हिंदी पाठकों के लिए इसका नया अनुवाद उपलब्ध होना साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दोपहर 12 से 1 बजे तक बच्चों के लिए विशेष कहानी कार्यशाला आयोजित की जाएगी। वाणी त्रिपाठी टिक्कू बच्चों का मौजघर नाम से इस कार्यक्रम का संचालन करेंगी। इसका उद्देश्य बच्चों को कहानी सुनने और अपनी कल्पनाशीलता को रचनात्मक रूप देने का अवसर देना है।

    दोपहर 2 से 3 बजे तक महिला फिल्म निर्माताओं और उनकी अनकही कहानियों पर चर्चा होगी। द रिवोल्यूशनरीज वुमन क्रिएटिंग वुमन स्टोरीज अनटोल्ड नाम के इस सत्र में मोनिशा आडवाणी और मधु भोजवानी बातचीत करेंगी। इसका संचालन वाणी त्रिपाठी टिक्कू करेंगी। इसके बाद दोपहर 3 से 4 बजे तक गुलमेंहदी की झाड़ियां सम्मोहक सरोवर में सत्र आयोजित होगा। इसमें कहानीकार तरुण भटनागर की रचनाओं पर उदय प्रकाश और विवेक चतुर्वेदी के साथ चर्चा होगी। संचालन हरि भटनागर करेंगे।

    शाम 4 से 5 बजे तक रामेश्वर राय का सत्र माट सा’ब की कक्षा आयोजित होगा। इसका संचालन अदिति माहेश्वरी करेंगी। शाम 5 से 6 बजे तक बुद्ध आध्यात्मिक घटना या दुर्घटना विषय पर संवाद होगा। इसमें ओमा द अक् और कृतिका देसाई विचार साझा करेंगे।

    दिन का प्रमुख साहित्यिक आकर्षण शाम 6 से 7 बजे तक होने वाला मुशायरा रहेगा। यह शीन काफ़ निज़ाम की छाया में आयोजित होगा और रघुपति सहाय फिराक गोरखपुरी को समर्पित रहेगा। इसमें माधव कौशिक ओमा द अक् सतलज राहत इंदौरी और सुनील अटोलिया कालू शामिल होंगे। इसके साथ ही इश्क़ के सात पड़ाव पुस्तक का लोकार्पण भी होगा। इस सत्र में प्रिया मालिक और अदिति माहेश्वरी शामिल रहेंगी तथा संचालन सौम्या कुलश्रेष्ठ करेंगी।

    कुल मिलाकर वाणी साहित्य उत्सव में एक ही दिन के भीतर कविता कहानी अनुवाद सिनेमा और दर्शन के कई पहलुओं पर विचार-विमर्श होगा। यह आयोजन साहित्य प्रेमियों और नए लेखकों के लिए रचनात्मक संवाद का मंच बनेगा।

  • इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज

    इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज


    इंदौर । इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई यह पदयात्रा पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली जा रही है। इसमें डॉक्टरों और वकीलों से लेकर व्यापारियों तथा साधु-संतों सहित विभिन्न समाजों और संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। यात्रा में किन्नर समाज के लोगों के साथ बुर्का पहने महिलाएं भी नजर आईं। भाजपा नेताओं ने इस आयोजन को लोकतंत्र और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनभागीदारी का कार्यक्रम बताया।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा को राष्ट्रभक्तों की रैली बताया। उनके अनुसार इसमें अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल होकर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। पदयात्रा के दौरान उस समय स्थिति चर्चा में आ गई जब समाजसेवी प्रहलाद पांडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पांडे अपने साथ एक पोस्टर लेकर पहुंचे थे। इस पोस्टर पर 30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल लिखा हुआ था। बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से पुलिस को पांडे को वहां से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    प्रहलाद पांडे इससे पहले भी कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय भी पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर गई थी। खबर के मुताबिक बाद में विजयवर्गीय ने उन्हें छुड़वाने के लिए पत्र लिखा था। इस बार पदयात्रा के दौरान उनके पोस्टर के साथ पहुंचने और पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में रहा। पोस्टर पर लिखे संदेश का संबंध किस मुद्दे से था और इसके पीछे पांडे की क्या मांग थी इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मांडविया भी शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी का नाम लिए बिना रॉकेट लॉन्चिंग का उदाहरण दिया। मांडविया ने कहा कि जैसे रॉकेट को ऊपर भेजने के लिए दीया सलाई लगाई जाती है वैसे ही कांग्रेस भी अपने नेताओं को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि कई वर्षों से ऐसी कोशिशें की जा रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही। उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भी पदयात्रा में शामिल होने पहुंचे और बाद में पाटनीपुरा चौराहे पर बनाए गए मंच पर पहुंचे। यात्रा में राहुल गांधी का बैनर ओढ़कर आया एक युवक भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। आयोजन में अलग-अलग समुदायों और संगठनों की मौजूदगी के कारण पदयात्रा को व्यापक रूप देने की कोशिश दिखाई दी।

    भाजपा की इस पदयात्रा में एक ओर पार्टी नेताओं के भाषण और कांग्रेस पर राजनीतिक हमले चर्चा में रहे तो दूसरी ओर समाजसेवी प्रहलाद पांडे को हिरासत में लिए जाने का मामला भी सामने आया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने उन्हें पोस्टर लेकर पहुंचने के बाद हिरासत में लिया। इस कार्रवाई को लेकर मंत्री के निर्देश की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस की ओर से हिरासत के कारण और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका

    शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब गुना बायपास की थीम रोड पर एक पुल के नीचे 28 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई है। शव के पास ही उनकी बाइक भी पड़ी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बेटे का शव देखकर उनके पिता सुरेश शर्मा सदमे में आ गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हें भर्ती कराया गया। मृतक के पिता ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या कर शव को पुल के नीचे फेंका गया है। हालांकि अभी तक युवक की मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जानकारी के मुताबिक शिवम शर्मा शिवपुरी की विवेकानंद कॉलोनी में रहते थे और एक निजी सोलर कंपनी में नौकरी करते थे। गुरुवार शाम वह अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि वह कुछ देर में वापस लौट आएंगे लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा। काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और युवक की तलाश शुरू कर दी गई।

    शुक्रवार सुबह कोतवाली पुलिस शिवम की गुमशुदगी दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुना बायपास की थीम रोड पर श्रीराम धर्म कांटे के पास पुल के नीचे एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां युवक का शव पड़ा था और कुछ दूरी पर उसकी बाइक भी मिली। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी दी गई।

    जैसे ही पिता सुरेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और बेटे का शव देखा तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। सदमे के कारण वह बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

    बताया गया है कि शिवम की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। ऐसे में उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता सुरेश शर्मा पटवारी हैं। उन्होंने बेटे की मौत को सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि किसी ने शिवम की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया होगा। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से युवक की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिवम की मौत सड़क हादसे में हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज

    MP: ग्वालियर में करवा चौथ के दिन पत्नी की हत्या कर थाने पहुंचा पति… दोनों ने थी लव मैरिज


    ग्वालियर।
    करवा चौथ (Karwa Chauth) का दिन. इस दिन सुहाग की लंबी उम्र की कामना की जाती है. घरों में पूजा की तैयारी होती है और पति-पत्नी (Husband and wife) साथ में त्योहार मनाते हैं. लेकिन मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में इसी दिन एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. मुरार थाना क्षेत्र (Murar police station area) के त्यागी नगर में मधु श्रीवास्तव की हत्या हो गई. आरोप मधु के पति आनंद श्रीवास्तव पर है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए, जिससे मधु की मौत हो गई. घटना के बाद आनंद खुद थाने पहुंचा. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    फिलहाल इस घटना के पीछे की वजह साफ नहीं है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी. घटना ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के त्यागी नगर की है. मृतका की पहचान मधु श्रीवास्तव के रूप में हुई है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, मधु के सिर पर कई बार वार किए गए थे. गंभीर चोटों के कारण उनकी मौत हो गई. घटना की खबर सामने आने के बाद आसपास सनसनी फैल गई. जिस दिन कई घरों में करवा चौथ की पूजा हो रही थी, उसी दिन एक महिला की हत्या की खबर ने लोगों को सन्न कर दिया।

    हालांकि, घटना से पहले घर में क्या हुआ था, पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था या नहीं और वारदात किस परिस्थिति में हुई, इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं. पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है.

    हत्या के बाद आरोपी पति आनंद श्रीवास्तव खुद थाने पहुंचा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसने वहां हत्या की बात कबूल की. हालांकि, उसके बयान और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. पुलिस ने आनंद को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना के समय क्या हुआ था. इसी के साथ पुलिस को घटनास्थल से मिले सबूतों, बयानों और दूसरे तथ्यों को भी जोड़ना होगा।

    शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आनंद और मधु ने लव मैरिज की थी. दोनों की मैरिड लाइफ में किसी तरह का विवाद था या नहीं, इस बारे में पूछताछ की जा रही है. यह भी अभी साफ नहीं है कि घटना से ठीक पहले दोनों के बीच कोई कहासुनी हुई थी या वारदात के पीछे कोई दूसरी वजह थी. पुलिस की ओर से फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक, आनंद श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है. जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े सबूतों और अन्य जानकारियों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: इंदौर में करवा चौथ पर पति को दूसरी महिला के संग देख भड़की पत्नी… सड़क पर जमकर हुई मारपीट

    MP: इंदौर में करवा चौथ पर पति को दूसरी महिला के संग देख भड़की पत्नी… सड़क पर जमकर हुई मारपीट


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में एक महिला के साथ मारपीट (Beating) का वीडियो सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है. घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के मुताबिक, शालीमार टाउनशिप (Shalimar Township) के बाहर एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ देख लिया. इसके बाद मौके पर विवाद हुआ और मारपीट की नौबत आ गई. घटना के दौरान आसपास लोगों की भीड़ भी जमा हो गई. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वजह और उसकी वास्तविक लोकेशन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि एक पत्नी ने अपने पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ लिया था. इसके बाद महिला ने दूसरी महिला के साथ मारपीट की. बताया जा रहा है कि घटना इंदौर की शालीमार टाउनशिप के बाहर हुई, जहां विवाद के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई. इस घटना को करवाचौथ से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद से जोड़कर भी चर्चा की जा रही है. हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए पति के साथ मौजूद महिला की पहचान और विवाद की असली वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।


    वायरल वीडियो में महिला के साथ मारपीट करती दिख रही दूसरी महिला

    वायरल वीडियो में एक महिला दूसरी महिला के साथ मारपीट करती नजर आ रही है. घटनास्थल पर आसपास कुछ लोग भी खड़े दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम के आधार पर अभी यह तय नहीं किया जा सकता कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ. यह भी स्पष्ट नहीं है कि घटना कब हुई और इसमें शामिल महिलाओं के बीच पहले से क्या संबंध था. सोशल मीडिया पर घटना को पति और दूसरी महिला से जुड़े विवाद के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन इस दावे की पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की सही जानकारी सामने आ सकेगी।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, लसूड़िया थाना क्षेत्र से संबंधित इस वीडियो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल संबंधित थाने में घटना को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. इसके बावजूद पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कहां का है, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस के सामने फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना की वास्तविकता क्या है. इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मारपीट के पीछे क्या वजह थी. मामले को लेकर एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, पुलिस वायरल वीडियो की वास्तविकता और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है. इसमें शामिल लोगों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की जा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसी शिकायत के नहीं मिलने के बावजूद वीडियो के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है।


    जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की असली वजह

    इंदौर में महिला के साथ मारपीट का यह वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं. हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है. घटना की तारीख, वास्तविक लोकेशन और विवाद की वजह भी स्पष्ट नहीं है. पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय क्या हुआ था और मारपीट किस वजह से हुई. फिलहाल पुलिस मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है. अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • करवा चौथ पर मौसम ने बिगाड़ा सुहागिनों का इंतजार, शिवपुरी में रातभर होती रही बारिश, घने बादलों में छिपा रहा चांद

    करवा चौथ पर मौसम ने बिगाड़ा सुहागिनों का इंतजार, शिवपुरी में रातभर होती रही बारिश, घने बादलों में छिपा रहा चांद


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों से बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। शिवपुरी में भी गुरुवार शाम से मौसम ने अचानक करवट ली और रातभर रुक रुककर बारिश होती रही। आसमान में छाए घने बादलों और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को मौसम में ठंडक का अहसास होने लगा है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताई है। वहीं शुक्रवार को अगले 24 घंटे के लिए कई जिलों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को शिवपुरी सहित मध्य प्रदेश के 33 जिलों में तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में जहां लोग सर्दी की शुरुआत महसूस करने लगे हैं वहीं अचानक हुई बारिश ने मौसम को और ठंडा कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    शिवपुरी में गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे मौसम अचानक बदलने लगा। दिनभर के सामान्य मौसम के बाद आसमान में काले बादल छाने लगे और हल्की आंधी चलने लगी। कुछ ही देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। देर शाम तक बारिश का सिलसिला जारी रहा और रात में भी रुक रुककर पानी गिरता रहा। कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई तो कहीं बारिश की गति तेज हो गई। इसके साथ चलने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को मौसम में बदलाव का एहसास कराया। बारिश के कारण सड़कों और खुले स्थानों पर भी ठंडक बढ़ गई।

    मौसम में आए इस बदलाव का सबसे अधिक भावनात्मक असर करवा चौथ के त्योहार पर देखने को मिला। गुरुवार को सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा था। परंपरा के अनुसार महिलाएं दिनभर उपवास रखने के बाद रात में चांद के दर्शन कर पूजा करती हैं और फिर व्रत का पारण करती हैं। शिवपुरी में रात करीब साढ़े आठ बजे चांद निकलने का अनुमानित समय था लेकिन आसमान में घने बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई नहीं दिया। ऐसे में चांद के दीदार का इंतजार कर रही महिलाओं को निराशा का सामना करना पड़ा।

    चांद दिखाई नहीं देने के कारण कई महिलाओं ने पूजा पूरी करने के लिए अलग अलग तरीके अपनाए। कुछ महिलाओं ने दूसरे जिलों में दिखाई दे रहे चांद का लाइव प्रसारण देखकर पूजा की। वहीं कुछ ने थाली में चांद की आकृति बनाकर परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना की। कई महिलाएं देर रात तक आसमान साफ होने और चांद निकलने का इंतजार करती रहीं। बाद में कुछ महिलाओं ने परिवार के बुजुर्गों की सलाह और प्रचलित परंपराओं के अनुसार व्रत का पारण किया। इस तरह मौसम की खराबी ने करवा चौथ के उत्सव को प्रभावित किया।

    मध्य प्रदेश में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में भी मौसम के बदलते मिजाज के लिए तैयार रहना होगा। खासकर उन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है जिन्हें तेज हवाओं और बारिश के दौरान यात्रा करनी पड़ती है। अगले कुछ दिनों में मौसम किस तरह करवट लेता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।