Category: Madhya Pradesh

  • MP को मिली दो सोलर प्रोजेक्ट की सौगात…, नीमच में मिलेगी दुनिया की सबसे सस्ती ₹2.14 में बिजली

    MP को मिली दो सोलर प्रोजेक्ट की सौगात…, नीमच में मिलेगी दुनिया की सबसे सस्ती ₹2.14 में बिजली


    नीमच/शाजापुर।
    केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Union Minister Pralhad Joshi) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कुल 950 मेगावाट क्षमता वाली दो सोलर पावर परियोजनाओं (Two Solar Power Projects) का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि नीमच सोलर पार्क का टैरिफ 2.14 रुपये प्रति यूनिट है, जो शायद दुनिया में किसी ‘वैनिला सोलर’ प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम है।

    एनर्जी सेक्टर में ‘वैनिला सोलर’ शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर उन सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाता है जो सिर्फ सोलर पैनल से बिजली बनाते हैं और जिनमें बैटरी स्टोरेज जैसी अतिरिक्त सुविधाएं नहीं होती हैं।

    जोशी ने एक भव्य समारोह में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पार्क और शाजापुर में 450 मेगावाट का सोलर पार्क का उद्घाटन किया. इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी मौजूद थे।

    नीमच सोलर पार्क में बनने वाली बिजली का टैरिफ 2.14 रुपये, 2.149 रुपये और 2.15 रुपये प्रति यूनिट है. यह पार्क तीन यूनिट में फैला है और कुल 2500 एकड़ जमीन पर बना है. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे और राज्य ग्रिड को साफ-सुथरी बिजली सप्लाई करेगा।

    उद्घाटन समारोह में बोलते हुए नए और रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री जोशी ने कहा, “नीमच सोलर पार्क में बहुत अच्छा काम हुआ है. जहां तक मुझे पता है, 2.14 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ शायद वैनिला सोलर प्रोजेक्ट से बनने वाली बिजली के लिए सबसे कम है – न सिर्फ देश में, बल्कि पूरी दुनिया में.” उन्होंने रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में राज्य सरकार की कोशिशों की तारीफ़ की और कहा कि मध्य प्रदेश एक ‘ग्रीन एनर्जी पावरहाउस’ बन रहा है।

    जोशी ने कहा कि राज्य की कुल 38 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता में से लगभग 12 गीगावाट क्षमता रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों पर आधारित है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्मीदों के अनुसार, राज्य की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए. केंद्र सरकार की स्टडीज़ के अनुसार, राज्य में लगभग 55 गीगावाट विंड एनर्जी पैदा करने की क्षमता है।

    उन्होंने कहा कि अभी राज्य में 3.7 गीगावाट विंड एनर्जी क्षमता लगी हुई है और 1.3 गीगावाट क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. जोशी ने कहा, “अगर अगले दो सालों के लिए लक्ष्य तय करके राज्य में पवन ऊर्जा उत्पादन को कम से कम 10 गीगावाट तक बढ़ाया जाता है, तो बिजली की लागत काफी कम हो जाएगी. इससे राज्य के किसानों और उद्योगों को फायदा होगा और नए औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा.”

    केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य की हर सरकारी इमारत में सोलर पावर प्रोजेक्ट होना चाहिए. इस कार्यक्रम में जोशी और मुख्यमंत्री यादव ने लगभग 1554 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश वाले 38 औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया. अधिकारियों ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स से 3200 से ज्यादा लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा।

  • भोपाल में IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और पूर्व IPS पिता पर FIR, कुक से मारपीट का आरोप

    भोपाल में IPL क्रिकेटर शशांक सिंह और पूर्व IPS पिता पर FIR, कुक से मारपीट का आरोप


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें IPL खिलाड़ी शशांक सिंह और उनके रिटायर्ड IPS पिता शैलेश सिंह पर अपने घरेलू रसोइए के साथ मारपीट, गाली-गलौज और अवैध रूप से बंधक बनाने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में परिवार के ड्राइवर को भी सह-आरोपी बनाया गया है। घटना भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंदोरी गांव स्थित आवास की बताई जा रही है।

    कुक ने दर्ज कराई शिकायत
    रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय कुक विपेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उन्हें 15,000 रुपये मासिक वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने के आश्वासन पर नौकरी पर रखा गया था।

    शिकायत के अनुसार, काम शुरू होने के कुछ ही घंटों में खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद उन पर दबाव बनाया गया और गाली-गलौज की गई।

    मोबाइल छीना, कमरे में बंद होने का आरोप
    पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने नौकरी छोड़कर घर लौटने की बात कही तो स्थिति बिगड़ गई। उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सकें। इसके बाद उन्हें जबरन काम करने के लिए मजबूर किया गया।

    कुक के अनुसार, खुद को बचाने के लिए उन्होंने एक कमरे में खुद को बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि पिता-पुत्र और ड्राइवर ने दरवाजा खोलकर उनके साथ मारपीट की। पुलिस के अनुसार, मेडिकल जांच में पीड़ित के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट की पुष्टि हुई है।

    FIR दर्ज, BNS की धाराएं लागू
    रातीबड़ पुलिस ने शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(B), 115(2) और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

  • एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय

    एमपी के 50 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, 2 जुलाई से नया सिस्टम होगा सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, जिन 15 जिलों में मानसून पहुंच चुका है, उनमें से बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों में चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    2 जुलाई से और तेज होगा बारिश का दौर

    मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई से प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र (वेदर सिस्टम) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

    इन 50 जिलों में बारिश की चेतावनी

    मौसम केंद्र, भोपाल ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अन्य जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

    इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    सोमवार को कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

    सोमवार को इंदौर, गुना, बालाघाट, शिवपुरी, जबलपुर, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, सीधी, खंडवा, सीहोर और देवास समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। बालाघाट में डेढ़ इंच से अधिक वर्षा हुई, जबकि शिवपुरी में करीब पौन इंच और जबलपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश से कई जिलों में लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कुछ इलाकों में तापमान अब भी ऊंचा बना हुआ है।

    कुछ शहरों में अब भी गर्मी का असर

    खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा नौगांव में 40.5 डिग्री और ग्वालियर में 40.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री, इंदौर में 33.2 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर खंडवा, सिवनी, बैतूल, खरगोन, पचमढ़ी, धार, छिंदवाड़ा और गुना में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा।

  • हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस के आरोपी परिवार के घर चोरों का धावा, बड़ी वारदात नाकाम, CCTV के सहारे तलाश तेज

    हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा केस के आरोपी परिवार के घर चोरों का धावा, बड़ी वारदात नाकाम, CCTV के सहारे तलाश तेज

     मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा हत्याकांड से जुड़े एक और घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और जांच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। मामले की मुख्य आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित आवास पर देर रात चोरी का प्रयास किया गया। हालांकि पुलिस की समय पर हुई गश्त के कारण बदमाश अपनी योजना को पूरा नहीं कर सके और मौके पर ही कीमती सामान छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार घटना देर रात करीब दो बजे की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुल छह बदमाश चोरी की नीयत से घर पहुंचे थे। इनमें से चार लोग मकान के पिछले हिस्से से पहली मंजिल तक पहुंचे और घर के भीतर प्रवेश कर गए, जबकि दो अन्य बाहर निगरानी करते रहे। घर के अंदर घुसने के बाद आरोपियों ने अलमारियों की तलाशी ली और सोने का हार, चांदी के कुछ सामान तथा अन्य वस्तुओं को एक झोले में भर लिया।

    इसी दौरान क्षेत्र में नियमित गश्त कर रही पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग टीम वहां पहुंच गई। सन्नाटे में पुलिस वाहन का सायरन सुनते ही बदमाश घबरा गए और जल्दबाजी में चोरी का सामान वहीं छोड़कर भाग निकले। पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही उनका पीछा भी किया, लेकिन अंधेरे और संकरी गलियों का फायदा उठाकर सभी आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद झोले को अपने कब्जे में लेकर उसमें रखे सोने के आभूषण, चांदी के सामान और अन्य वस्तुओं को सुरक्षित जब्त कर लिया है।

    घटना के समय घर के एक हिस्से में पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के भाई और सेवानिवृत्त कर्नल रणवीर सिंह भदौरिया मौजूद थे। उन्हें सुबह चोरी के प्रयास की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    यह मकान पहले से ही चर्चित ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण के कारण संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में घटना के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई कि कहीं मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज या कानूनी रिकॉर्ड चोरी तो नहीं हुए। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की केस फाइल, दस्तावेज या जांच से संबंधित सामग्री गायब नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार यह केवल चोरी का प्रयास था और इसका जांच से जुड़े रिकॉर्ड से कोई संबंध सामने नहीं आया है।

    गौरतलब है कि इसी मकान में 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। मृतका के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में दोनों न्यायिक हिरासत में हैं और पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण एजेंसी कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की उम्मीद है। फिलहाल चोरी के प्रयास और उससे जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।

  • अब घुटना प्रत्यारोपण नहीं रहा मुश्किल आधुनिक रोबोटिक तकनीक से कम दर्द और तेजी से रिकवरी का दावा

    अब घुटना प्रत्यारोपण नहीं रहा मुश्किल आधुनिक रोबोटिक तकनीक से कम दर्द और तेजी से रिकवरी का दावा


    इंदौर । घुटनों के दर्द से परेशान मरीजों के लिए राहत देने वाली खबर इंदौर से सामने आई है। शहर में आयोजित मॉडर्न आर्थ्रोप्लास्टी कोर्स मेक 2026 के दौरान देशभर के जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञों ने बताया कि यदि मरीज शुरुआती चरण में ही विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार शुरू करा लें तो बड़ी सर्जरी से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 40 से 60 प्रतिशत मामलों में पूरे घुटने को बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती बल्कि केवल प्रभावित हिस्से का पार्शियल नी रिप्लेसमेंट कर मरीज को सामान्य और सक्रिय जीवन वापस दिया जा सकता है।

    एसोसिएशन ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स ऑफ इंदौर के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में नागपुर दिल्ली भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई और तीन लाइव सर्जरी का प्रदर्शन भी किया गया ताकि चिकित्सकों को नई तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिल सके।

    कोर्स चेयरमैन और रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ विनय तंतुवाय ने बताया कि अधिकांश मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब घुटनों का दर्द काफी बढ़ चुका होता है। ऐसे में कई बार पूरा घुटना बदलना मजबूरी बन जाता है। यदि शुरुआती अवस्था में इलाज शुरू हो जाए तो केवल खराब हिस्से को बदलकर मरीज को राहत दी जा सकती है। इस प्रक्रिया के बाद मरीज पालथी मारकर बैठने और उकड़ू बैठने जैसी सामान्य गतिविधियां भी आसानी से कर सकता है। उन्होंने बताया कि सही तरीके से किया गया पार्शियल नी रिप्लेसमेंट 20 से 25 वर्षों तक प्रभावी रह सकता है।

    नागपुर के रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ उन्मेष महाजन ने बताया कि रोबोटिक तकनीक ने घुटना प्रत्यारोपण की सटीकता को नई ऊंचाई दी है। रोबोट की मदद से इम्प्लांट को बिल्कुल सही स्थान पर लगाया जाता है जिससे आसपास के लिगामेंट और ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि मरीज को कम दर्द होता है और वह पहले की तुलना में तेजी से स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकता है। आधुनिक इम्प्लांट अब 25 से 30 वर्ष या उससे भी अधिक समय तक बेहतर परिणाम दे सकते हैं।

    दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ निखिल वलसंकर ने बताया कि अब ऑपरेशन से पहले मरीज का सीटी स्कैन कर उसका थ्री डी मॉडल तैयार किया जाता है। इससे सर्जरी की पूरी योजना पहले ही बन जाती है और इम्प्लांट को सटीक स्थान पर लगाया जा सकता है। यही कारण है कि वर्तमान समय में घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी की सफलता दर 97 से 98 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

    विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि बदलती जीवनशैली बढ़ता मोटापा और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण अब कम उम्र के लोगों में भी घुटनों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। सामान्य तौर पर 60 से 70 वर्ष की आयु में घुटना प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है लेकिन गंभीर स्थिति होने पर 45 वर्ष की आयु के बाद भी यह सर्जरी की जा सकती है।

    डॉ निखिल वलसंकर ने कहा कि शुरुआती चरण में ओजोन थेरेपी और पीआरपी जैसी वैकल्पिक उपचार पद्धतियों का उपयोग किया जा सकता है लेकिन इनके परिणामों को लेकर अभी पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए किसी भी प्रकार का उपचार शुरू करने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

    जीआरएमसी के डीन डॉ आरकेएस धाकड़ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित योजना रोबोटिक तकनीक और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों ने घुटना प्रत्यारोपण को पहले से अधिक सुरक्षित सटीक और कम दर्द वाला बना दिया है। नई तकनीकों की मदद से मरीजों को तेजी से राहत मिल रही है और उनके जीवन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।

  • यशवंत क्लब चुनाव में जीतू जैन की जीत, हैप्पी वायसी पैनल का चार प्रमुख पदों पर कब्जा

    यशवंत क्लब चुनाव में जीतू जैन की जीत, हैप्पी वायसी पैनल का चार प्रमुख पदों पर कब्जा


    इंदौर । इंदौर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब के द्विवार्षिक चुनाव में इस बार हैप्पी वायसी पैनल का दबदबा देखने को मिला। क्लब के अध्यक्ष पद पर हैप्पी वायसी पैनल के जितेंद्र (जीतू) जैन ने ग्लोरियस वायसी पैनल के परमजीत सिंह (पम्मी) छाबड़ा को 65 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम सामने आते ही क्लब परिसर में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और विजयी प्रत्याशियों का भव्य स्वागत किया।

    अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। शुरुआती राउंड में जीतू जैन ने बढ़त बना ली थी, लेकिन तीसरे और चौथे चरण की मतगणना में पम्मी छाबड़ा ने अंतर काफी कम कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। हालांकि अंतिम राउंड की गिनती के बाद जीतू जैन को 1363 वोट मिले, जबकि पम्मी छाबड़ा 1298 वोट हासिल कर सके। इस तरह जीतू जैन ने 65 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम किया।

    यशवंत क्लब के कुल 5124 सदस्यों में से 2687 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना के दौरान 26 मत निरस्त घोषित किए गए। मतदान प्रतिशत और करीबी मुकाबले ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया।

    सचिव पद पर भी हैप्पी वायसी पैनल को सफलता मिली। त्रिकोणीय मुकाबले में विजय कुमार कस्तूरी ने 982 वोट प्राप्त कर जीत हासिल की। उन्होंने ग्लोरियस वायसी पैनल के अतुल शेठ को 929 वोटों और निर्दलीय प्रत्याशी कुलविंदर सिंह गिल को 751 वोटों पर रोक दिया।

    सहसचिव पद पर तेजवीर जुनेजा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1622 वोट हासिल किए और अपने प्रतिद्वंद्वी पंकज कुकरेजा को 577 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर रूपल पारेख ने 1828 वोट प्राप्त कर सतीश मंगलानी को 986 वोटों के भारी अंतर से हराया।

    कार्यकारिणी सदस्य पदों पर भी हैप्पी वायसी पैनल का दबदबा कायम रहा। गुनीत सिंह चड्डा, राजेश तलवार, वैभव दुआ, भारती बारोडिया और विकास थम्मन ने जीत दर्ज कर नई कार्यकारिणी में अपनी जगह बनाई। चुनाव परिणामों से स्पष्ट हो गया कि क्लब के अधिकांश सदस्यों ने इस बार हैप्पी वायसी पैनल पर भरोसा जताया है।

    परिणाम घोषित होने के बाद क्लब परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य किया, एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और देर रात तक जीत का जश्न मनाया।

    निवर्तमान अध्यक्ष टोनी सचदेवा ने कहा कि सदस्यों ने उनकी टीम पर विश्वास जताया है और नई कार्यकारिणी क्लब के विकास के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान को आगे बढ़ाएगी। वहीं निवर्तमान सचिव संजय गोरानी ने भरोसा दिलाया कि नई टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्लब को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कार्य करेगी।

  • उर्दू कक्षा को लेकर बढ़ा विवाद, शिक्षक से कथित मारपीट के बाद सख्त कार्रवाई की उठी मांग

    उर्दू कक्षा को लेकर बढ़ा विवाद, शिक्षक से कथित मारपीट के बाद सख्त कार्रवाई की उठी मांग

    नई दिल्ली: तेलंगाना के निजामाबाद जिले में एक स्कूल में उर्दू की कक्षा के दौरान हुए विवाद ने प्रदेश की राजनीति को भी गर्मा दिया है। आरोप है कि कुछ लोग स्कूल परिसर में जबरन घुस गए और पढ़ाई कर रहे शिक्षक के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। घटना के बाद पुलिस ने बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करने, डराने-धमकाने और मारपीट समेत विभिन्न आरोपों में 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।

    बताया जा रहा है कि यह घटना अरमूर स्थित भारत चंद्र स्कूल की है, जहां एक शिक्षक छात्रों को उर्दू पढ़ा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने स्कूल पहुंचकर इस बात पर आपत्ति जताई कि गैर-मुस्लिम छात्रों को उर्दू भाषा सिखाई जा रही है। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और शिक्षक के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

    वायरल वीडियो में एक व्यक्ति शिक्षक को पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा जगत और विभिन्न सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों ने इसे कानून-व्यवस्था और शिक्षकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना के विरोध में कई शिक्षक और अल्पसंख्यक संगठनों ने निजामाबाद बंद का आह्वान किया। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान किसी शिक्षक के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। संगठनों ने प्रशासन से स्कूल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। कांग्रेस नेता डॉ. शमा मोहम्मद ने राज्य सरकार से पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी शिक्षक के साथ कानून हाथ में लेकर हिंसक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षित माहौल बनाए रखने पर भी जोर दिया।

    दूसरी ओर, विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि छात्रों को उर्दू भाषा के साथ धार्मिक सामग्री और गीत भी पढ़ाए जा रहे थे, जिस पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • महज 3 साल 9 महीने की जुड़वां बहनों ने रचा इतिहास दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनकर लंदन में जीता सम्मान

    महज 3 साल 9 महीने की जुड़वां बहनों ने रचा इतिहास दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनकर लंदन में जीता सम्मान


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की जुड़वां बहनें सान्वी नाहर और समन्वी नाहर ने बेहद कम उम्र में ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है। महज 3 वर्ष 9 माह की उम्र में दोनों बच्चियों ने दुनिया की सबसे कम उम्र की फीमेल ड्रमर बनने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन की ओर से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में आयोजित हुआ जहां दोनों बच्चियों को प्रमाण पत्र मेडल और ट्रॉफी प्रदान की गई।

    सान्वी और समन्वी ने 21 मार्च 2026 को निर्धारित नियमों के अनुसार ड्रम सेट पर एक विशेष ट्रैक को लगातार 1 मिनट 20 सेकंड तक सफलतापूर्वक बजाकर यह रिकॉर्ड बनाया। उनकी प्रस्तुति का मूल्यांकन करने के बाद वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार किया और दोनों का नाम अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया। उनकी उपलब्धि संस्था के डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधिकारिक प्रकाशनों में भी शामिल की गई है।

    बच्चियों की मां डॉ निकिता नाहर ने बताया कि ड्रमिंग संगीत की सबसे कठिन विधाओं में गिनी जाती है। इसमें दोनों हाथों और दोनों पैरों का एक साथ तालमेल बनाना पड़ता है। सामान्य तौर पर बच्चों को पांच वर्ष की आयु के बाद ही ड्रम सीखने की सलाह दी जाती है लेकिन सान्वी और समन्वी ने सवा तीन साल की उम्र से ही इसकी शुरुआत कर दी थी। नियमित अभ्यास और समर्पण की बदौलत उन्होंने बहुत कम समय में ऐसा कौशल विकसित किया कि विश्व रिकॉर्ड बना डाला।

    इस उपलब्धि के पीछे उनके प्रशिक्षक युग नामदेव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बच्चियों के माता पिता उन्हें ड्रम सिखाने के लिए कई संगीत शिक्षकों के पास पहुंचे लेकिन लगभग सभी ने इतनी कम उम्र का हवाला देते हुए प्रशिक्षण देने से इनकार कर दिया। ऐसे समय में युग नामदेव ने इस चुनौती को स्वीकार किया और दोनों बच्चियों को शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण देना शुरू किया। मात्र दो महीने में दोनों ने ड्रम की मूल तकनीकों पर अच्छी पकड़ बना ली और बाद में एक स्कूल कार्यक्रम में उनकी प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया। इसी प्रस्तुति का वीडियो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तक पहुंचा और रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

    रिकॉर्ड के लिए दोनों बहनों ने करीब एक महीने तक प्रतिदिन एक ही ट्रैक का लगातार अभ्यास किया। आखिरकार उन्होंने निर्धारित समय तक बिना रुके प्रस्तुति देकर सभी शर्तें पूरी कर लीं। आवश्यक वीडियो और दस्तावेज भेजने के बाद उनका रिकॉर्ड स्वीकृत हो गया।

    सान्वी और समन्वी चिकित्सक परिवार से संबंध रखती हैं। उनके दादा डॉ अक्षय नाहर ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं जबकि पिता डॉ सक्षम नाहर सर्जन और मां डॉ निकिता नाहर दंत चिकित्सक हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने बच्चियों की रुचि को पहचानकर उन्हें सही वातावरण और लगातार प्रोत्साहन दिया। प्रशिक्षक युग नामदेव के अनुसार इतनी कम उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली यह भारत की पहली जुड़वां फीमेल ड्रमर हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास मिले तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनती।

  • MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे

    MP: दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव को दी चेतावनी… बोले- अपने पास दर्जनभर विभाग रखोगे तो फंस जाओगे


    भोपाल।
    कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Senior leader Digvijaya Singh) ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें दर्जनभर विभाग अपने पास नहीं रखने चाहिए, नहीं तो किसी दिन फंस जाएंगे।

    उन्होंने शनिवार को मुख्यमंत्री यादव एक मिल मजदूर के बेटे हैं लेकिन वह अगर गड़बड़ी करेंगे तो उन्हें बख्शा भी नहीं जाएगा। कांग्रेस ने एक खबर का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री यादव पर उज्जैन में कथित तौर पर जमीन घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी ने इसे ‘महाकाल’ की जमीन की लूट’ करार दिया था और मुख्यमंत्री यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की है।

    इसी मुद्दे पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, मोहन यादव जी, आपने 12-12 विभाग अपने पास रख रखे हैं। बहुत गलती कर रहे हो। फंस जाओगे। गलती करेगा अधिकारी, पैसा खाएगा अधिकारी और फंसोगे आप। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास वर्तमान में सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, एवं ऐसे अन्य समस्त विभाग हैं जो किसी अन्य मंत्री को न सौंपा गया है।

    सिंह ने कहा कि वह भी 10 साल तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन कभी उन पर कोई आरोप नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री) ने एक-एक फाइल ढूंढी लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, मोहन यादव जी आप भी उसकी जांच कर लें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि मेरे पास कोई विभाग ही नहीं था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि इसमें इनकी कौन-कौन सी कंपनियां हैं और कौन-कौन लोग इनके इस कथित भूमि घोटाले में शामिल हैं।


    दिग्विजय सिंह बोले- हम बख्शेंगे नहीं

    उन्होंने आगे कहा,मैं तो मोहन यादव जी को राय-मशविरा देने के लिए आया हूं। ऐसा मत करो! आप एक मिल मजदूर के बेटे हो। मुख्यमंत्री बने हो, नाम कमाओ! पैसा जो कमा रहे हो न, जिसका हिसाब पता नहीं किस-किस को देना पड़ रहा है आपको। हमारी सहानुभूति है इस मामले में। दिग्विजय सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री पर यदि आरोप लगते हैं तो हम लोग आपको बख्शेंगे नहीं।

    उन्होंने कहा, यह मत समझना कि हमको आप खरीद लोगे। हम कोई बिकाऊ माल नहीं हैं, हम टिकाऊ माल हैं। बिकाऊ माल जो था, गया भाजपा में। ये सब कांग्रेसी जो यहां बैठे हैं, सब टिकाऊ माल हैं। लड़ाई लड़ने के लिए हम तैयार हैं और लड़ाई लड़ेंगे।

  • MP के 6 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, 40 जिलों में अब भी नहीं पहुंचा मानसून

    MP के 6 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, 40 जिलों में अब भी नहीं पहुंचा मानसून


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थमी हुई है। प्रदेश के केवल 15 जिलों तक ही मानसून पहुंच पाया है, जबकि 40 जिलों में अब भी इसकी दस्तक का इंतजार है। इसी बीच मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र (IMD) ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में तेज बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, निवाड़ी, नीमच और मंदसौर में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि इन जिलों में अभी तक मानसून नहीं पहुंचा है।

    रविवार को कई जिलों में हुई बारिश
    रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। मंदसौर और रतलाम में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में आधा इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा गुना, श्योपुर, बड़वानी, शाजापुर, सीहोर, उज्जैन और छतरपुर सहित कई जिलों में भी बारिश हुई।

    मानसून की रफ्तार थमी, 40 जिले अब भी इंतजार में
    मौसम विभाग के अनुसार 24 जून को मध्य प्रदेश में मानसून ने प्रवेश किया था। इसके बाद अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक दस्तक दर्ज की गई। इसके बाद मानसून आगे नहीं बढ़ सका और एक ही स्थान पर ठहर गया है। प्रदेश में जून महीने के दौरान अब तक सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    नौगांव सबसे गर्म, खंडवा सबसे ठंडा
    बारिश के असर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में उज्जैन का अधिकतम तापमान सबसे कम 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में 33.8 डिग्री, भोपाल में 34.6 डिग्री, जबलपुर में 38.3 डिग्री और ग्वालियर में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में सबसे कम अधिकतम तापमान खंडवा में 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खरगोन में 30.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 32.1 डिग्री, पचमढ़ी में 32.6 डिग्री, रतलाम में 33.2 डिग्री, सिवनी में 33.4 डिग्री, रायसेन में 33.6 डिग्री, बैतूल में 34 डिग्री और धार में 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    गर्मी का असर अब भी बरकरार
    मानसून की धीमी रफ्तार के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी बनी हुई है। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में दिन और रात दोनों समय तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने पर प्रदेश के शेष हिस्सों में भी इसकी प्रगति हो सकती है।