Category: Madhya Pradesh

  • हेलीकॉप्टर से लिया अभियान का जायजा, दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य

    हेलीकॉप्टर से लिया अभियान का जायजा, दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य


    शाजापुर।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के साथ प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, विशेषकर कृष्णमृग और नीलगाय से होने वाले नुकसान से बचाने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। इसी उद्देश्य से शाजापुर जिले में बोमा पद्धति से वन्यजीवों के रेस्क्यू और स्थानांतरण का अभियान चलाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले के रंथभंवर पहुंचकर हेलीकॉप्टर से प्रोजेक्ट एंटीलोप ट्रांसलोकेशन के तहत संचालित रेस्क्यू अभियान के दूसरे चरण का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से अभियान की प्रगति तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कैमोफ्लाज्ड मचान से बोमा पद्धति के जरिए कृष्णमृग और नीलगायों को सुरक्षित पकड़ने की प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया।

    31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

    मुख्यमंत्री ने बताया कि शाजापुर जिले में किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष बोमा पद्धति से कृष्णमृग और नीलगायों के रेस्क्यू की शुरुआत की गई थी। दक्षिण अफ्रीका की विशेष टीम की सहायता से वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर निर्धारित वन क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

    प्रोजेक्ट एंटीलोप ट्रांसलोकेशन के अंतर्गत यह अभियान 9 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसके दूसरे चरण में 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक शाजापुर जिले से लगभग 1,236 से अधिक कृष्णमृगों और नीलगायों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।

    रेस्क्यू किए गए कृष्णमृगों को श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट सहित निर्धारित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। इनके सुरक्षित परिवहन के लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है। साथ ही पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम भी किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू अभियान के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि उन्हें पकड़ने और स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की चोट न पहुंचे।

    दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला अभियान

    डॉ. यादव ने कहा कि हेलीकॉप्टर की सहायता से बोमा पद्धति पर आधारित वन्यजीव रेस्क्यू का यह अभियान दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला प्रयास है। इससे वन्यजीवों के संरक्षण के साथ किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी।

    उन्होंने अभियान में जुटे वन विभाग और प्रशासन की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि परियोजना की सफलता से देश के अन्य राज्यों को भी इस तरह की पहल करने की प्रेरणा मिलेगी।

    निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अभियान के संचालन, वन्यजीवों के सुरक्षित स्थानांतरण और आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने वन विभाग और प्रशासनिक टीम के सदस्यों के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया।

  • इंदौर में संघ का बड़ा आयोजन, ‘चरैवेति-एकत्रीकरण’ में राष्ट्र प्रथम और सामाजिक समरसता का संदेश, 2 नवंबर से अखिल भारतीय बैठक

    इंदौर में संघ का बड़ा आयोजन, ‘चरैवेति-एकत्रीकरण’ में राष्ट्र प्रथम और सामाजिक समरसता का संदेश, 2 नवंबर से अखिल भारतीय बैठक


    इंदौर । इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर बुधवार को चरैवेति-एकत्रीकरण का आयोजन किया जा रहा है। डेली कॉलेज परिसर में शाम 4:30 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में करीब एक लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने का अनुमान है। संघ के मालवा प्रांत के इंदौर विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी भी रहेगी। आयोजन के जरिए राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया जाएगा।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वर्षभर देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इंदौर में होने वाला चरैवेति-एकत्रीकरण इसी श्रृंखला का प्रमुख समापन कार्यक्रम है। इसमें इंदौर महानगर और महू ग्रामीण क्षेत्र के सक्रिय स्वयंसेवकों के साथ समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की सहभागिता भी रहेगी। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए आयोजन की तैयारियां पिछले एक महीने से की जा रही थीं। स्वयंसेवक कार्यक्रम की रूपरेखा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।

    चरैवेति शब्द का भाव लगातार आगे बढ़ते रहने और अपने उद्देश्य के प्रति सक्रिय रहने से जुड़ा है। इसी विचार को केंद्र में रखकर कार्यक्रम में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और समाज को संगठित बनाने का संदेश दिया जाएगा। सामाजिक समरसता को मजबूत करने और नागरिकों में अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। संघ की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद भी राष्ट्र निर्माण और सामाजिक कार्यों की गतिविधियां निरंतर जारी रहनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और व्यक्तिगत स्तर पर देशहित में योगदान देने के महत्व को रेखांकित किया जाएगा।

    कार्यक्रम में स्वयंसेवक शारीरिक गतिविधियों और व्यायाम का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ योग की प्रस्तुतियां भी होंगी। आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण चरैवेति-चरैवेति सामूहिक गीत रहेगा। इसके माध्यम से निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का भाव व्यक्त किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान इंदौर विभाग में शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित गतिविधियों और विभिन्न आयोजनों की जानकारी भी साझा की जाएगी।

    आयोजन में बौद्धिक उद्बोधन के जरिए संघ के विचारों और सामाजिक दायित्वों पर चर्चा होगी। साथ ही राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को लेकर विचार रखे जाएंगे। इस कार्यक्रम को शताब्दी वर्ष के दौरान हुए कार्यों की समीक्षा और आगे की गतिविधियों के लिए नई ऊर्जा जुटाने के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की भागीदारी के कारण यह इंदौर में संघ के प्रमुख आयोजनों में शामिल है।

    चरैवेति-एकत्रीकरण के बाद इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक भी आयोजित की जाएगी। यह बैठक 2 नवंबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है। इस दौरान संगठनात्मक कार्यों और आगामी गतिविधियों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

    इसी बीच मालवा प्रांत के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की तैयारी भी चर्चा में है। प्रस्तावित योजना के तहत मालवा प्रांत को इंदौर और उज्जैन संभाग में विभाजित करने पर विचार किया जा रहा है। नई व्यवस्था 2027 से लागू किए जाने की संभावना बताई गई है। इसका उद्देश्य संगठनात्मक कामकाज को छोटे और अधिक प्रभावी क्षेत्रों में बांटना है ताकि स्थानीय स्तर पर संपर्क गतिविधियों और योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल सके। हालांकि प्रस्तावित बदलाव की अंतिम रूपरेखा और लागू होने की प्रक्रिया को लेकर आगे की जानकारी महत्वपूर्ण रहेगी।

    कुल मिलाकर इंदौर का यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष की गतिविधियों के समापन के साथ भविष्य के सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों के लिए दिशा तय करने का अवसर माना जा रहा है।

  • इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग में बढ़ोतरी लेकिन रैंकिंग में झटका, पिछली तिमाही में था 80वां स्थान, अब 79वें नंबर पर

    इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग में बढ़ोतरी लेकिन रैंकिंग में झटका, पिछली तिमाही में था 80वां स्थान, अब 79वें नंबर पर


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की यात्री सुविधाओं की रेटिंग में सुधार दर्ज किया गया है लेकिन इसके बावजूद रैंकिंग में एयरपोर्ट को अपेक्षित बढ़त नहीं मिली। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल के एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी सर्वे के मुताबिक जुलाई से सितंबर 2026 की तीसरी तिमाही में इंदौर एयरपोर्ट को पांच में से 4.90 अंक मिले हैं। इससे पहले अप्रैल से जून की दूसरी तिमाही में एयरपोर्ट की रेटिंग 4.88 अंक थी। यानी रेटिंग में 0.02 अंक का सुधार हुआ है। इसके बावजूद इंदौर की रैंकिंग में मामूली बदलाव हुआ और वह 79वें स्थान पर पहुंच गया। पिछली तिमाही में इंदौर एयरपोर्ट 80वें स्थान पर था।

    यात्री सुविधाओं के आकलन में इंदौर एयरपोर्ट की रेटिंग देश के चुनिंदा 16 एयरपोर्ट की औसत रेटिंग के बराबर रही। तीसरी तिमाही में इन एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.90 अंक दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन औसत के अनुरूप रहा है। हालांकि दूसरे एयरपोर्ट की रेटिंग में हुए बदलाव के कारण इंदौर को रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाने का मौका नहीं मिला। रेटिंग और रैंकिंग के बीच का यह अंतर बताता है कि किसी एयरपोर्ट के अंक बढ़ने के बावजूद दूसरे एयरपोर्ट के प्रदर्शन में ज्यादा सुधार होने पर उसकी रैंकिंग प्रभावित हो सकती है।

    तीसरी तिमाही की सूची में पुणे एयरपोर्ट ने 4.98 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। चेन्नई और पटना एयरपोर्ट 4.94-4.94 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। कालीकट और वाराणसी एयरपोर्ट की रेटिंग 4.93 अंक रही। इस सूची में पुणे का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा जबकि चेन्नई और पटना ने भी ऊंची रेटिंग हासिल की। इन एयरपोर्ट की रेटिंग से पता चलता है कि यात्री सुविधाओं के मामले में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।

    चेन्नई एयरपोर्ट की रेटिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही में उसे 4.85 अंक मिले थे जो तीसरी तिमाही में बढ़कर 4.94 हो गए। इसके साथ ही उसकी रैंकिंग 87वें स्थान से सुधरकर 66वें स्थान पर पहुंच गई। इसी तरह कालीकट एयरपोर्ट की रेटिंग 4.82 से बढ़कर 4.93 हो गई और उसकी रैंकिंग 90वें स्थान से सुधरकर 69वें स्थान पर पहुंच गई। दूसरी ओर रायपुर एयरपोर्ट की रेटिंग में गिरावट दर्ज की गई। उसकी रेटिंग 4.93 से घटकर 4.90 रह गई और रैंकिंग 66वें स्थान से फिसलकर 78वें स्थान पर आ गई।

    रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की औसत एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी रेटिंग भी इस अवधि में कम हुई है। दूसरी तिमाही में विश्व औसत 4.38 अंक था जो तीसरी तिमाही में घटकर 4.36 अंक रह गया। इसके मुकाबले इंदौर एयरपोर्ट की 4.90 अंक की रेटिंग काफी बेहतर है। देश के चुनिंदा एयरपोर्ट की औसत रेटिंग भी 4.88 से बढ़कर 4.90 अंक हो गई है।

    इंदौर एयरपोर्ट के लिए एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि उसकी रेटिंग समझौता ज्ञापन में निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही। रिपोर्ट के अनुसार उत्कृष्ट रेटिंग का लक्ष्य पांच में से 4.68 अंक तय किया गया है जबकि इंदौर को 4.90 अंक मिले हैं। इस तरह एयरपोर्ट ने निर्धारित लक्ष्य से 0.22 अंक अधिक हासिल किए हैं। रेटिंग में सुधार के बावजूद रैंकिंग में बड़ी बढ़त नहीं मिलने से यात्री सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाने की जरूरत सामने आती है। आने वाली तिमाहियों में इंदौर एयरपोर्ट का प्रदर्शन किस दिशा में जाता है इस पर यात्रियों और विमानन क्षेत्र की नजर रहेगी।

  • IPO में निवेश के नाम पर 60 लाख रुपये हड़पे, व्हाट्सएप ग्रुप पर भरोसा करना पड़ा भारी, शिवपुरी पुलिस ने दर्ज की FIR

    IPO में निवेश के नाम पर 60 लाख रुपये हड़पे, व्हाट्सएप ग्रुप पर भरोसा करना पड़ा भारी, शिवपुरी पुलिस ने दर्ज की FIR


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 60 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक व्यक्ति को निवेश के लिए तैयार किया गया और कई महीनों तक अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई जाती रही। जब निवेशक ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो संबंधित लोगों से संपर्क नहीं हो सका। मोबाइल नंबर बंद या अमान्य मिलने और व्हाट्सएप कॉल का जवाब नहीं मिलने के बाद पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ। शिकायत के आधार पर फिजिकल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    श्री शिवबिहार कॉलोनी खिन्नी नाका निवासी ललित श्रीवास्तव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 मार्च 2026 को उन्हें 120 Lansdown Collective Combination Strategy नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश करने पर भारी मुनाफा मिलने का दावा किया जा रहा था। निवेश से संबंधित संदेशों और मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने भी रकम लगाने का फैसला किया। शिकायत के मुताबिक शुरुआत में निवेश के नाम पर राशि जमा कराई गई और इसके बाद उनसे लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए गए।

    ललित श्रीवास्तव के अनुसार उन्होंने पहली बार 27 अप्रैल 2026 को एक लाख रुपये जमा किए थे। इसके बाद अलग-अलग तारीखों पर उनसे निवेश के नाम पर रकम मंगाई जाती रही। शिकायत में बताया गया है कि उन्होंने आखिरी बार 19 अगस्त 2026 को पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। आरोप है कि 27 अप्रैल से 19 अगस्त के बीच उनसे कुल 60 लाख रुपये जमा कराए गए। इतनी बड़ी रकम निवेश करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि वे मुनाफे के साथ अपनी राशि वापस प्राप्त कर सकेंगे।

    पीड़ित के मुताबिक रकम अलग-अलग मोबाइल नंबरों से जुड़ी यूपीआई आईडी और बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। इसके लिए आईएमपीएस और आरटीजीएस जैसे बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। जब ललित ने अपनी जमा रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिन मोबाइल नंबरों के जरिए उनसे संपर्क किया जाता था वे अमान्य बताने लगे। व्हाट्सएप कॉल पर भी जवाब मिलना बंद हो गया। इसके बाद उन्हें आशंका हुई कि निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने पुलिस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की।

    फिजिकल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के सामने अब लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जानकारी जुटाने के साथ संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि रकम किन खातों में पहुंची और कथित धोखाधड़ी में कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल मामले में आरोपों की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    इसी बीच शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का एक अन्य मामला सामने आया है। न्यू अमोला अमोला कॉलोनी नंबर दो निवासी हेमंत जाटव ने 49 हजार रुपये की कथित ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें ऑनलाइन डराने धमकाने और धोखे में रखकर रकम हड़पी गई। पुलिस ने इस मामले में भी अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

    दोनों घटनाएं ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को सामने लाती हैं। शेयर बाजार या आईपीओ में निवेश से पहले संबंधित संस्था और निवेश मंच की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। केवल व्हाट्सएप ग्रुप में किए गए मुनाफे के दावों पर भरोसा करके बड़ी रकम ट्रांसफर करने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लेनदेन या ऑनलाइन ठगी की आशंका होने पर बैंक और पुलिस को तत्काल सूचना देना महत्वपूर्ण है।

  • शिवपुरी में कर्ज वसूली की बड़ी कार्रवाई, 12 बकायादारों की संपत्तियां कुर्क, समय सीमा खत्म होने के बाद प्रशासन सख्त

    शिवपुरी में कर्ज वसूली की बड़ी कार्रवाई, 12 बकायादारों की संपत्तियां कुर्क, समय सीमा खत्म होने के बाद प्रशासन सख्त


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बकाया राशि वसूलने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। नोटिस जारी होने के बावजूद निर्धारित समय सीमा तक रकम जमा नहीं करने वाले 12 बकायादारों की जमीनें कुर्क कर ली गई हैं। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर तहसील शिवपुरी में यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने संबंधित लोगों को 27 अक्टूबर तक बकाया राशि जमा करने का अवसर दिया था लेकिन तय समय में भुगतान नहीं होने के बाद उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई की गई। अब प्रशासन कुर्क की गई जमीनों की नीलामी कर बैंक की बकाया राशि वसूलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

    तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शिवपुरी की पुरानी शिवपुरी और कोटा की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से जुड़े बकायादारों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर बकाया रकम जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं की गई और कुछ मामलों में संबंधित लोग उपस्थित भी नहीं हुए। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनकी जमीनों को कुर्क कर लिया।

    कार्रवाई के तहत ग्राम बांसखेड़ी के आठ बकायादारों की जमीनें कुर्क की गई हैं। इनमें गुरदेव सिंह पर 23.08 लाख रुपये की सबसे अधिक बकाया राशि बताई गई है। गुरमीत कौर पर 1.23 लाख रुपये और गुरप्रीत सिंह पर 2.53 लाख रुपये बकाया हैं। इसी तरह दीदार सिंह पर 3.39 लाख रुपये और सतनाम सिंह पर 3.29 लाख रुपये की राशि बकाया है। गुरजिंदर कौर पर 1.05 लाख रुपये तथा गुरविंदर कौर पर 3.58 लाख रुपये बकाया हैं। वहीं जगजीत सिंह पर 3.02 लाख रुपये की राशि बकाया बताई गई है। प्रशासन ने इन सभी बकायादारों की संबंधित सर्वे नंबर वाली जमीनों को कुर्क किया है।

    बांसखेड़ी के अलावा जिले के अन्य गांवों में भी कार्रवाई की गई है। ग्राम बरेठ निवासी कप्तान सिंह गुर्जर पर 1.66 लाख रुपये बकाया हैं। ग्राम भगौरा निवासी जहार सिंह पर 1.91 लाख रुपये की राशि बकाया बताई गई है। ग्राम करई निवासी मारकूलिन गिल पर 1.94 लाख रुपये और ग्राम कोटा निवासी जसवीर सिंह पर 1.84 लाख रुपये बकाया हैं। इन चारों लोगों की संबंधित जमीनों को भी कुर्क किया गया है। इस तरह प्रशासन ने कुल 12 बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई की है।

    प्रशासन के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 147 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। नीलामी से मिलने वाली रकम का उपयोग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बकाया राशि की वसूली के लिए किया जाएगा। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बैंक की बकाया रकम वसूलने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    इस कार्रवाई से सहकारी बैंक के बकायादारों को स्पष्ट संदेश मिला है कि नोटिस मिलने के बाद भी निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर प्रशासन संपत्ति कुर्क करने और नियमानुसार नीलामी के जरिए वसूली की प्रक्रिया अपना सकता है। हालांकि नीलामी की तारीख और आगे की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

  • अर्नब’ चक्रवात से MP में बदला मौसम, सतना-कटनी में बारिश से ठंड की दस्तक, करवा चौथ पर चांद दिखने में हो सकती है परेशानी

    अर्नब’ चक्रवात से MP में बदला मौसम, सतना-कटनी में बारिश से ठंड की दस्तक, करवा चौथ पर चांद दिखने में हो सकती है परेशानी


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाने के साथ बारिश और बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को सतना और कटनी में बारिश दर्ज की गई जबकि महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में अगले तीन दिनों तक मौसम बदला रहने के आसार हैं। दूसरी ओर धार और झाबुआ में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से सुबह के समय ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश आंधी और गरज चमक की संभावना जताई है। ऐसे में अक्टूबर के आखिरी दिनों में लोगों को एक साथ बारिश ठंड और गर्मी के बदलते मिजाज का सामना करना पड़ सकता है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बुधवार को सीधी सिंगरौली अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा भोपाल नर्मदापुरम भिंड दतिया रायसेन सीहोर विदिशा जबलपुर छिंदवाड़ा सिवनी नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवा और गरज चमक का दौर देखने को मिल सकता है।

    धार में तापमान में अचानक गिरावट ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। यहां न्यूनतम तापमान मंगलवार को 15.4 डिग्री सेल्सियस था जो बुधवार सुबह घटकर 11.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस तरह केवल एक दिन में पारे में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। सुबह के समय तेज हवाओं और कम तापमान के कारण लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है।

    विंध्य क्षेत्र में भी आसमान पर बादलों का डेरा है। सतना में बुधवार सुबह से बादल छाए रहे जबकि मैहर में कुछ देर के लिए बूंदाबांदी हुई। यहां करीब पांच से सात मिनट तक बारिश होने से बाजार में मौजूद लोगों को अपना सामान बचाना पड़ा। सब्जी मंडी में दुकानदार सामान को भीगने से बचाते नजर आए। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 30 अक्टूबर के बीच विंध्य क्षेत्र में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को सतना में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

    झाबुआ में भी सुबह की ठंड बढ़ गई है। जिले में न्यूनतम तापमान 27 अक्टूबर को 17.6 डिग्री सेल्सियस था जो 28 अक्टूबर को गिरकर 14.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। एक दिन में 3.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दोपहर में तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के कारण गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को हल्की बारिश गरज चमक बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना जताई है।

    मौसम में यह बदलाव करवा चौथ के त्योहार पर भी असर डाल सकता है। 29 अक्टूबर को चक्रवात का प्रभाव बढ़ने की संभावना के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बादल बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने 11 जिलों में अति भारी और नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है जबकि अन्य जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को चंद्रमा के दर्शन के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। बादल घने रहने पर चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना नहीं है। लोगों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और बारिश व तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

  • सीहोर में खूनी संघर्ष से दहला गांव, किसान की मौत के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप, चौकी से मदद नहीं मिलने का दावा

    सीहोर में खूनी संघर्ष से दहला गांव, किसान की मौत के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप, चौकी से मदद नहीं मिलने का दावा


    सीहोर । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में जमीन के पट्टे की लिखा पढ़ी को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक घटना में बदल गया। भेरूंदा तहसील के एक गांव में मंगलवार रात घर में खाना खा रहे 50 वर्षीय किसान रामद्वार मेहर पर लाठी डंडों और तलवारों से हमला किए जाने का आरोप है। हमले में किसान के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें बचाने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों को भी पीटा गया। गंभीर रूप से घायल रामद्वार मेहर ने बुधवार सुबह भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में उनके बेटे का कान कटने और चार साल की पोती का पैर टूटने की बात भी सामने आई है। परिवार की अन्य महिलाएं भी घायल हुई हैं।

    परिजनों के मुताबिक मंगलवार रात परिवार घर में मौजूद था। रामद्वार मेहर खाना खा रहे थे तभी संतोष उसके बेटे रितेश बलराम दुर्गेश समेत अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी लाठी डंडों और तलवारों से लैस थे। उन्होंने घर में घुसकर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला। रामद्वार को बचाने के लिए जब उनके बेटे और अन्य परिजन आगे आए तो उन पर भी हमला किया गया। परिजनों ने घर में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप भी लगाया है।

    पट्टे की लिखा पढ़ी के दौरान शुरू हुआ विवाद

    मृतक के बेटे अरुण के मुताबिक गांव में जमीन के पट्टे तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है। 26 अक्टूबर को पटवारी गांव आया था। इसी दौरान उनकी जमीन के पट्टे से जुड़ी लिखा पढ़ी की जा रही थी। अरुण का आरोप है कि वहां मौजूद संतोष ने धक्का लगने की बात पर विवाद शुरू कर दिया था। अरुण के अनुसार उन्होंने विवाद बढ़ाने के बजाय वहां से जाना उचित समझा क्योंकि संतोष उनसे उम्र में बड़ा था।

    अरुण ने बताया कि उन्होंने बाद में अपने पिता को इस घटना के बारे में बताया। उनके पिता ने संतोष को समझाने की कोशिश की थी। परिवार का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने तीन दिन बाद मंगलवार रात उनके घर पर हमला कर दिया। हालांकि विवाद की पूरी वजह और हमले में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बेटे का कान कटा और मासूम का पैर टूटा

    हमले में रामद्वार मेहर के सिर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया था जहां बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई। बेटे अरुण के मुताबिक हमले के दौरान उनका एक कान कट गया जबकि उनकी चार साल की बेटी का पैर टूट गया। उनकी मां और बहन को भी चोटें आई हैं। किसान की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। एक ही घटना में परिवार के कई सदस्यों के घायल होने से परिजन सदमे में हैं।

    पुलिस चौकी से मदद नहीं मिलने का आरोप

    घटना के बाद परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। अरुण का आरोप है कि हमले के दौरान वह मदद मांगने के लिए गांव के पास स्थित लाड़कुई पुलिस चौकी पहुंचे थे। उनके मुताबिक उस समय हमलावर घर में तोड़फोड़ कर रहे थे और उन्होंने चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी। अरुण का दावा है कि वहां करीब पांच पुलिसकर्मी मौजूद थे लेकिन उन्हें तत्काल मदद देने के बजाय भेरूंदा थाने जाकर शिकायत करने की सलाह दी गई।

    परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मौके पर पहुंचती तो स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि चौकी पर सूचना दिए जाने और पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले में घटना के कारणों आरोपियों की भूमिका और पुलिस को सूचना मिलने के बाद की कार्रवाई की जांच महत्वपूर्ण होगी। किसान की मौत और परिवार के सदस्यों के घायल होने के बाद अब परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • भोपाल में शाही इमाम का बड़ा बयान, बोले- सियासत से दूरी छोड़ें मुस्लिम, कानून बनाने वाली संस्थाओं में बढ़ाएं भागीदारी

    भोपाल में शाही इमाम का बड़ा बयान, बोले- सियासत से दूरी छोड़ें मुस्लिम, कानून बनाने वाली संस्थाओं में बढ़ाएं भागीदारी


    भोपाल। पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी ने मुस्लिम समाज से राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का स्थायी समाधान चाहते हैं तो समाज के लोगों को विधानसभा और संसद तक पहुंचना होगा। कानून बनाने वाली संस्थाओं में अपनी मौजूदगी मजबूत किए बिना संबंधित मुद्दों पर प्रभावी ढंग से बात रखना मुश्किल हो सकता है। उनके मुताबिक सड़क पर प्रदर्शन करने से विरोध तो दर्ज हो सकता है लेकिन कई बार इसका परिणाम एफआईआर तक सीमित रह जाता है। इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी और संवाद के जरिए समस्याओं का हल तलाशना जरूरी है।

    मौलाना बुधवार को भोपाल में कस्तूरबा शिक्षा समिति के एएम हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी वक्फ बोर्ड की नई व्यवस्था यूनिफॉर्म सिविल कोड और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि समाज को केवल शिकायत करने या दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय निर्णय लेने की प्रक्रिया में अपनी भूमिका बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

    कानून बनाने वाली संस्थाओं में पहुंचना जरूरी

    भोपाल में वक्फ बोर्ड की नई बॉडी में दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किए जाने के सवाल पर मौलाना ने राजनीतिक भागीदारी की कमी को महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब समाज के प्रतिनिधि विधानसभा और संसद में मौजूद होंगे तो वे कानूनों और व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकेंगे। मस्जिदों में अजान से जुड़े नियमों का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में केवल स्थानीय प्रबंधन की भूमिका नहीं होती बल्कि प्रशासनिक संस्थाओं और कानूनों से जुड़े निर्णय भी असर डालते हैं।

    उनके अनुसार समाज को केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित रहने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं में अपनी आवाज मजबूत करनी चाहिए। राजनीतिक भागीदारी के जरिए मुद्दों को संबंधित मंचों पर उठाने और समाधान की दिशा में काम करने के अवसर मिल सकते हैं।

    पैगंबर साहब के जीवन से संवाद की सीख

    मौलाना ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के मक्का से मदीना हिजरत करने के बाद के प्रसंग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमन और सुरक्षा के लिए दूसरे समुदायों के साथ संवाद और समझौते किए गए थे। उनके मुताबिक यह उदाहरण बताता है कि समाज के हितों की रक्षा के लिए राजनीतिक समझदारी और सहयोग महत्वपूर्ण हैं।

    उन्होंने कहा कि जिस देश में हम रहते हैं वहां की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी के जरिए अपने अधिकारों और हितों को सामने रखना चाहिए। समाज को राजनीति से दूरी बनाने के बजाय संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

    जाति बिरादरी और अहंकार से कमजोर होती एकता

    मौलाना ने मुस्लिम समाज के भीतर आपसी मतभेदों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जाति बिरादरी और अहंकार जैसी प्रवृत्तियां सामूहिक एकता को कमजोर करती हैं। जब लोग छोटे समूहों में बंट जाते हैं और एक दूसरे की कमियां निकालने में लगे रहते हैं तो सामाजिक ताकत प्रभावित होती है। उन्होंने कुरान की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए आपसी फूट से बचने और एकजुट रहने पर जोर दिया।

    उनका कहना था कि समाज को दूसरों की गलतियां गिनाने के साथ अपनी कमजोरियों पर भी विचार करना चाहिए। आपसी मतभेद दूर किए बिना बड़े सामाजिक उद्देश्यों को हासिल करना कठिन हो सकता है।

    शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर

    मौलाना ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा आर्थिक मजबूती और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने नमाज के साथ जकात की अहमियत का उल्लेख करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने पर जोर दिया।

    उनके मुताबिक राजनीतिक भागीदारी के साथ शिक्षा सामाजिक एकता और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना भी जरूरी है। समाज के लोगों को इन क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहिए ताकि वे अपने मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठा सकें और सामाजिक विकास में योगदान दे सकें।

  • मोहन भागवत का भोपाल दौरा, जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर रवाना होंगे संघ प्रमुख, शताब्दी वर्ष का होगा समापन

    मोहन भागवत का भोपाल दौरा, जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर रवाना होंगे संघ प्रमुख, शताब्दी वर्ष का होगा समापन


    भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत बुधवार सुबह अचानक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे। उनके इस दौरे को लेकर संघ के कार्यक्रमों में हलचल बढ़ गई है। भोपाल प्रवास के दौरान वे एमपी नगर के पास चातुर्मास कर रहे जैन मुनि समय सागर से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा संघ के प्रमुख कार्यालय समिधा में पदाधिकारियों के साथ बैठक का कार्यक्रम भी निर्धारित है। भोपाल में अपनी निर्धारित गतिविधियां पूरी करने के बाद भागवत इंदौर के लिए रवाना होंगे। वहां संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर आयोजित चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    भोपाल पहुंचने पर संघ प्रमुख का स्वागत स्वप्निल कुलकर्णी सहित संघ के प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता और कैलाश लोवंशी ने किया। उनके अचानक राजधानी पहुंचने के बाद उनके कार्यक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके दौरे में संघ पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात प्रमुख रूप से शामिल है। इसके बाद वे इंदौर में आयोजित बड़े कार्यक्रम में भाग लेंगे।

    समिधा में पदाधिकारियों के साथ बैठक

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मोहन भागवत भोपाल स्थित संघ कार्यालय समिधा में संघ के अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। संघ के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर पौने तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे के बीच जैन मुनि समय सागर से मुलाकात का कार्यक्रम है। मुलाकात के बाद भागवत इंदौर के लिए रवाना होंगे।

    भागवत के दौरे को देखते हुए समिधा कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। राजधानी में उनका प्रवास सीमित समय का है और इसके बाद उनका अगला पड़ाव इंदौर रहेगा। वहां संघ के शताब्दी वर्ष के समापन से जुड़ा आयोजन होना है।

    इंदौर में जुटेंगे करीब एक लाख स्वयंसेवक

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर बुधवार को इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में चरैवेति एकत्रीकरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम शाम साढ़े चार बजे से शुरू होगा। इसमें करीब एक लाख स्वयंसेवकों के शामिल होने का अनुमान है। इस आयोजन की जिम्मेदारी संघ के मालवा प्रांत के इंदौर विभाग की ओर से संभाली जा रही है।

    कार्यक्रम में संघ के प्रमुख राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ इंदौर महानगर और महू ग्रामीण क्षेत्र के सक्रिय स्वयंसेवक शामिल होंगे। इसके अलावा समाज के प्रबुद्ध वर्ग की मौजूदगी भी रहेगी। आयोजन का उद्देश्य स्वयंसेवकों और समाज के लोगों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने का संदेश देना है।

    संघ के सौ वर्ष पूरे होने पर सालभर हुए आयोजन

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में वर्षभर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। चरैवेति एकत्रीकरण इसी श्रृंखला का समापन कार्यक्रम है। इसके माध्यम से संगठन अपने शताब्दी वर्ष के दौरान किए गए कार्यक्रमों को समेटते हुए आगे भी सामाजिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहने का संदेश देगा।

    मोहन भागवत का भोपाल से इंदौर तक का यह दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम के लिहाज से महत्वपूर्ण है। भोपाल में पदाधिकारियों के साथ बैठक और जैन मुनि से मुलाकात के बाद इंदौर में होने वाले आयोजन पर सबकी नजर रहेगी।

  • भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे

    भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे


    भोपाल। दीपावली से पहले भोपाल में अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को दोपहिया वाहनों से अवैध शराब का परिवहन करते पकड़ा। इसके अलावा होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध रूप से शराब पिलाने और नियमों के उल्लंघन से जुड़े 10 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान अवैध शराब की सप्लाई और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विपरीत शराब सेवन पर रोक लगाना है।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक सहायक जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैन और उनकी टीम ने घोड़ा नक्काश निवासी चंचल साहू को एक्टिवा से अवैध रूप से शराब का परिवहन करते पकड़ा। कार्रवाई के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां से विदेशी शराब की 15 बोतलें भी मिलीं। विभाग ने शराब जब्त कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।

    पीएंडटी चौराहे के पास जूपिटर से शराब ले जाते पकड़ा

    इसी अभियान के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा और उनकी टीम ने पीएंडटी चौराहे के पास एक अन्य व्यक्ति को जूपिटर स्कूटर से अवैध शराब की सप्लाई करते पकड़ा। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग ने शराब के अवैध परिवहन को गंभीरता से लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की। अधिकारियों का मानना है कि दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की छोटी खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा सकती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए रात के समय निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

    होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी जांच

    दोपहिया वाहनों से शराब की सप्लाई के मामलों के अलावा आबकारी विभाग ने शहर के होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र में कार्रवाई की जबकि उप निरीक्षक स्वाति बघेल की टीम ने करोंद क्षेत्र में संचालित प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान शराब के अवैध सेवन और संबंधित नियमों के उल्लंघन को लेकर 10 से अधिक प्रकरण बनाए गए। विभाग की टीमों ने प्रतिष्ठानों में शराब परोसने और उसके सेवन से जुड़े नियमों की जांच की।

    त्योहार से पहले बढ़ाई निगरानी

    सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि विभाग की टीमें रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई कर रही हैं। त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए अवैध कारोबार पर निगरानी रखी जा रही है। रात में चलने वाले होटल ढाबों और रेस्टोरेंट पर भी जांच की जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    भोपाल में हुई इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के परिवहन और नियमों के विपरीत शराब पिलाने के मामलों में सख्ती जारी रहेगी। विभाग की जांच में आगे यदि अन्य लोगों या प्रतिष्ठानों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।