Category: Madhya Pradesh

  • ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर

    ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर


    भोपाल भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर शनिवार देर रात चोरी का प्रयास किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार बदमाश घर से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़ी एक फाइल लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस की समय पर हुई कार्रवाई के कारण वे अपना इरादा पूरा नहीं कर सके और सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए।

    पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब गिरिबाला के भाई घर के भीतर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि देर रात बदमाश घर के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए। जिस रास्ते से वे घर में पहुंचे वहां से किसी को उनकी मौजूदगी का आभास नहीं हुआ। इसी दौरान इलाके में नियमित गश्त कर रही चार्ली पुलिस की टीम घर के पास पहुंची और सायरन बजाया। सायरन की आवाज सुनते ही घर के भीतर मौजूद बदमाश घबरा गए और जल्दबाजी में चोरी किया गया सामान वहीं छोड़कर भाग निकले।

    गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों को भागते हुए देखा और उनका पीछा भी किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वे वहां से निकलने में सफल रहे। घटना के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली जहां से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल बरामद कर ली गई। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी गई।

    जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई दी हैं जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रविवार को पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल कीमती सामान हासिल करना था या फिर ट्विशा शर्मा मामले से जुड़े दस्तावेजों तक पहुंचना भी योजना का हिस्सा था।

    यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि गिरिबाला पहले से ही ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल को निशाना बनाए जाने की आशंका ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज फोरेंसिक साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यदि जांच में यह सामने आता है कि चोरी का उद्देश्य किसी विशेष दस्तावेज को हासिल करना था तो मामले की दिशा बदल सकती है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल पर काम कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • अनूपपुर के कोतमा स्टेशन के पास दर्दनाक हादसा: चलती ट्रेन के आगे कूदा 21 वर्षीय युवक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

    अनूपपुर के कोतमा स्टेशन के पास दर्दनाक हादसा: चलती ट्रेन के आगे कूदा 21 वर्षीय युवक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती


    मध्य प्रदेश:
    के अनूपपुर जिला अंतर्गत कोतमा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज हादसा सामने आया है, जहां लहसुई फाटक के समीप एक 21 वर्षीय युवक चलती ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है, जब शहडोल से अंबिकापुर की ओर जाने वाली यात्री ट्रेन वहां से गुजर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन की रफ्तार काफी तेज थी और उसी दौरान यह युवक अचानक ट्रैक पर आ गया। ट्रेन से जोरदार टक्कर लगने के कारण युवक उछलकर दूर जा गिरा, जिससे उसे बेहद गंभीर चोटें आई हैं। पहली नजर में स्थानीय लोगों और चश्मदीदों द्वारा इस पूरे मामले को आत्महत्या के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई और इलाके में हड़कंप मच गया। इस संकट की घड़ी में वहां मौजूद स्थानीय युवाओं और रेलवे पुलिस बल के जवानों ने अनुकरणीय सतर्कता और मानवीय संवेदना का परिचय दिया। बिना एक पल गंवाए खून से लथपथ घायल युवक को संभाला गया और तुरंत एम्बुलेंस व वाहनों की व्यवस्था कर उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में ले जाया गया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की एक विशेष टीम तुरंत उपचार में जुट गई। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक युवक की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उसे सघन निगरानी में रखा गया है। स्थानीय लोगों की इस त्वरित प्रतिक्रिया को युवक की जान बचाने में सबसे अहम माना जा रहा है।

    इधर घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे के आला अधिकारी भी सक्रिय हो गए। पुलिस बल ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायल की स्थिति का जायजा लिया और इसके साथ ही मौका-ए-वारदात पर जाकर साक्ष्य एकत्रित किए। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में और क्यों उठाया। जांच टीम इस बिंदु पर भी काम कर रही है कि यह वाकई आत्महत्या की कोशिश थी या फिर ट्रैक पार करते समय हुआ कोई अप्रत्याशित हादसा था। चूंकि मामला रेलवे ट्रैक और वन क्षेत्र के आस-पास का है, इसलिए प्रशासनिक सतर्कता के साथ सभी कोणों से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    वर्तमान में घायल युवक की पहचान सुनिश्चित करने और उसके परिजनों का पता लगाने के प्रयास युद्ध स्तर पर जारी हैं ताकि उन्हें इस अनहोनी की सूचना दी जा सके। पुलिस आस-पास के गांवों और बस्तियों में युवक की तस्वीर और हुलिए के आधार पर पूछताछ कर रही है। कानूनगो और जांच अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के सामने आने और युवक की स्थिति में थोड़ा सुधार होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और रेलवे प्रशासन द्वारा पटरियों के आस-पास सुरक्षा और निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।

  • डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

    डबरा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पति और ससुर पर खौलता पानी फेंका, दोनों गंभीर रूप से झुलसे, जांच में जुटी पुलिस

     मध्य प्रदेश: के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर और हिंसक घटना का रूप ले लिया। पिछोर तिराहा इलाके में पारिवारिक कलह के दौरान हुए झगड़े में एक महिला पर अपने पति और ससुर पर खौलता हुआ पानी फेंकने का आरोप लगा है। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार पीड़ित पति लंबे समय से नशे की आदत और पारिवारिक विवादों को लेकर तनावपूर्ण स्थिति में था। परिवार में आए दिन होने वाले झगड़ों के चलते स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। घटना वाले दिन भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए मायके पक्ष को बुलाया गया था, लेकिन समझौता होने के बजाय विवाद और बढ़ गया।

    बताया जा रहा है कि इसी दौरान रसोई में रखा उबलता पानी विवाद का केंद्र बन गया और गुस्से में महिला ने उसे पति और ससुर पर फेंक दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर जलन की चोटें आईं, जिनमें पति की स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    स्थानीय निवासियों के अनुसार घटना अचानक हुई और किसी को भी इस तरह की हिंसा की उम्मीद नहीं थी। झुलसे हुए दोनों व्यक्तियों का अस्पताल में इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जलने की चोटें गंभीर हैं और उपचार में समय लग सकता है।

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि हमले के बाद घर से कुछ कीमती सामान और नकदी भी गायब हो गई। इस पूरे मामले ने स्थानीय क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग पारिवारिक विवाद के इस खतरनाक रूप को लेकर चिंतित हैं।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू विवाद से जुड़ी गंभीर हिंसा का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • मध्य प्रदेश की सियासत में बयान से बवाल, RSS बनाम प्रशासनिक तटस्थता पर गरमाई बहस, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

    मध्य प्रदेश की सियासत में बयान से बवाल, RSS बनाम प्रशासनिक तटस्थता पर गरमाई बहस, कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने

    मध्य प्रदेश: में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बयान में उन्होंने प्रशासनिक तंत्र में अधिकारियों के स्वयं को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जोड़ने की प्रवृत्ति का उल्लेख किया था, जिसके बाद प्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इस बयान को गंभीर संवैधानिक मुद्दा बताते हुए प्रशासनिक निष्पक्षता और तटस्थता पर सवाल खड़े किए हैं।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक ढांचे में किसी संगठन विशेष से जुड़ाव की प्रवृत्ति बढ़ रही है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने इसे भारतीय प्रशासनिक सेवा की निष्पक्षता से जोड़ते हुए कहा कि संविधान हर अधिकारी से अपेक्षा करता है कि वह किसी वैचारिक या राजनीतिक संगठन के बजाय केवल संवैधानिक मूल्यों के प्रति निष्ठावान रहे।

    कांग्रेस की ओर से यह भी मांग उठाई गई कि इस बयान को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा जाए और संवैधानिक संस्थाओं को इसकी जांच करनी चाहिए कि प्रशासनिक व्यवस्था में किसी प्रकार का वैचारिक प्रभाव तो नहीं बढ़ रहा है। इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है।

    वहीं, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशासनिक तंत्र में वैचारिक प्रभाव की चर्चा पहले से होती रही है। उन्होंने इसे सरकार और संगठन के लंबे समय से जुड़े रहने का परिणाम बताया और आरोप लगाया कि कई बार अवसरवादी तत्व व्यवस्था में जगह बना लेते हैं, जिससे प्रशासनिक संतुलन प्रभावित होता है।

    बीजेपी की ओर से इस विवाद पर अलग रुख अपनाया गया है। पार्टी नेता डॉ. हितेश बाजपेयी ने कहा कि मंत्री के बयान को सतही तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक एक ही वैचारिक ढांचे के साथ सरकार चलने पर कुछ लोग अवसरवादी तरीके से व्यवस्था में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे संगठनात्मक चुनौतियां उत्पन्न होती हैं। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि बयान का आशय किसी संस्था पर सीधा आरोप नहीं था, बल्कि प्रशासनिक और वैचारिक संतुलन की आवश्यकता की ओर संकेत था।

    इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां एक तरफ प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बयान की व्याख्या को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष इसे संवैधानिक विमर्श के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

  • जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    जबलपुर में नकली DAP खाद बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर के अंदर चल रहा था अवैध कारोबार, नामचीन कंपनी के नाम पर बिक्री की थी तैयारी

    मध्यप्रदेश: के जबलपुर जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली डीएपी खाद बनाने के एक अवैध कारोबार का खुलासा किया है। यह पूरा मामला पाटन क्षेत्र के ग्राम करौंदी का है, जहां एक घर के भीतर ही गुपचुप तरीके से नकली खाद तैयार की जा रही थी। छापेमारी के बाद सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहा था और किसानों तक घटिया गुणवत्ता की खाद पहुंचाने की योजना बना रहा था।

    कृषि विभाग की टीम को इस संबंध में पहले से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर अचानक मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को घर के अंदर भारी मात्रा में नकली डीएपी खाद और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। इसके अलावा कई प्रकार के रसायन और पैकिंग से जुड़े उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से नामचीन कंपनी के ब्रांडेड बैग की नकल तैयार करता था और उन्हीं में नकली खाद को पैक कर बाजार में सप्लाई करने की योजना बना रहा था। इसका उद्देश्य किसानों को असली खाद बताकर अधिक कीमत पर बेचना था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस तरह की गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और धीरे-धीरे इसका नेटवर्क भी फैलाया जा रहा था।

    कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार खरीफ सीजन के दौरान डीएपी खाद की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर ऐसे गिरोह सक्रिय हो जाते हैं। किसान अपनी फसलों की बुवाई के लिए खाद पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में मिलावटी या नकली खाद उनकी फसल और आर्थिक स्थिति दोनों पर गंभीर असर डाल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग लगातार निगरानी और जांच अभियान चला रहा है।

    छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि तैयार की जा रही खाद की गुणवत्ता कैसी थी और इसमें किन-किन रसायनों का उपयोग किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और सख्त की जाएगी।

    इस मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस भी इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है।

    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खाद खरीदते समय केवल अधिकृत विक्रेताओं और प्रमाणित स्रोतों से ही सामग्री लें। साथ ही किसी भी संदिग्ध पैकेजिंग या कम कीमत वाले उत्पादों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

    MP: CM मोहन यादव ने प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू में रात्रि चौपाल लगाकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं


    बैतूल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने शनिवार को बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू (Kukru Hill Station) में रात्रि चौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। चौपाल के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी ग्रामीण को पटवारी, थानेदार या अन्य अधिकारी द्वारा परेशान किया जाता है तो वे सीधे उन्हें अवगत कराएं. रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के सामने गांव में हाईस्कूल, पेयजल व्यवस्था और 20 बिस्तरों वाले अस्पताल की मांग रखी. मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी.उन्होंने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए तालाब निर्माण के निर्देश दिए. वहीं बालिका छात्रावास, जामूखेड़ी मार्ग और बुंदियाखुर्द पुलिया निर्माण की स्वीकृति देने की घोषणा भी की।


    शुरू होगी ग्रामीण बस सेवा

    मुख्यमंत्री ने कुकरू को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कहते हुए बताया कि अगले माह से यहां ग्रामीण बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सुविधा मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है. उन्होंने किसानों से खेती के साथ पशुपालन को अपनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की अपील की. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 25 गाय या 25 भैंस पालन के लिए 40 लाख रुपये तक की ऋण सहायता दी जाएगी, जिसमें 10 लाख रुपये सरकार वहन करेगी. साथ ही कोदो-कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी रहने की बात भी कही।


    राखी बंधवाई, भजन गाया और ग्रामीणों के साथ बिताया समय

    रात्रि चौपाल के दौरान स्थानीय कोरकू समाज के कलाकारों ने पारंपरिक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए. मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ घुलमिल गए और ‘गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो’ भजन गाकर सभी का मन मोह लिया. इस दौरान शिपा शनवारे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी. मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन्हें स्नेहपूर्वक दुलार किया।


    महिलाओं की सराहना, योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

    स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वो कृषि सखी, जेंडर सखी, बकरी पालन, भैंस पालन, मुर्गी पालन और सूक्ष्म उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए किसान सम्मान निधि और लाडली बहना योजना की जानकारी ली और पात्र किसानों की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सूक्ष्म व लघु उद्योगों से जोड़ने, आजीविका भवन और कोदो-कुटकी प्रसंस्करण इकाई के लिए ऋण सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।


    सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की अपील

    मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च से बचने, सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने और मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. रात्रि चौपाल के बाद मुख्यमंत्री ने एक ग्रामीण के घर भोजन किया और रात्रि विश्राम के लिए कुकरू स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचे. इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री एवं सांसद दुर्गादास उइके, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, संभागायुक्त श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार

    एमपी के 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, 3-4 दिन में मानसून आगे बढ़ने के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून 15 जिलों तक पहुंचने के बाद ठहर गया है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। रविवार को भोपाल समेत 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में आंधी और बारिश की संभावना है।

    वहीं, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में हल्की बारिश के आसार हैं। इन जिलों में दिन के समय धूप रहने की संभावना है, लेकिन शाम के बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है।

    ग्वालियर-चंबल में अब भी गर्मी का असर

    ग्वालियर-चंबल संभाग सहित प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून अभी तक नहीं पहुंचा है। इसके चलते यहां गर्मी का असर बना हुआ है। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है।

    भोपाल समेत कई जिलों में बारिश का असर

    शनिवार रात राजधानी भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। उधर, शिवपुरी में मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। रतलाम में भारी बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए, जबकि झाबुआ में भी कई इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई। विदिशा में दिनभर की उमस और गर्मी के बाद शाम को गरज-चमक के साथ बारिश होने से लोगों को राहत मिली।

    सामान्य से अब भी 41 फीसदी कम बारिश

    प्रदेश में पिछले चार दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में चार इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों में सुधार हुआ है। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 107.3 मिमी (4.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 63.5 मिमी (2.5 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है।

    हालांकि, 24 जून तक बारिश की कमी 50 प्रतिशत थी, जिसमें अब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में औसत से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में वर्षा की कमी घटकर 16 प्रतिशत रह गई है।

  • सीहोर में किसान की फसल पर चढ़ा दिए ट्रैक्टर: रोकने पर दबंग बोले- कोई पटवारी नहीं आएगा, यहीं से निकलेगी गाड़ी

    सीहोर में किसान की फसल पर चढ़ा दिए ट्रैक्टर: रोकने पर दबंग बोले- कोई पटवारी नहीं आएगा, यहीं से निकलेगी गाड़ी


    सीहोर सीहोर जिले के अहमदपुर थाना क्षेत्र के पीपलखेड़ा गांव में एक किसान की मेहनत पर दबंगों ने ट्रैक्टर चलाकर पानी फेर दिया। आपसी रंजिश के चलते गांव के कुछ लोगों ने खेत में जबरन ट्रैक्टर और खेती के उपकरण उतार दिए तथा बोई हुई फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया। जब किसान और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने खुलेआम दादागिरी दिखाते हुए गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।

    वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ही खेत में कई ट्रैक्टर कल्टीवेटर और बोनी मशीन के साथ लोग जबरन जुताई कर रहे हैं। किसान पक्ष के लोग ट्रैक्टर रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन आरोपी उन्हें धक्का देकर हटाने का प्रयास करते हैं। विरोध के दौरान एक युवक ट्रैक्टर के सामने जमीन पर बैठ जाता है ताकि फसल को बचाया जा सके लेकिन दबंग बेखौफ होकर कहते हैं कि ट्रैक्टर इसी रास्ते से जाएगा और जो होना है हो जाने दो। जब पीड़ित पक्ष पटवारी की मौजूदगी में फैसला कराने की बात करता है तो आरोपी साफ शब्दों में कहते हैं कि कोई पटवारी नहीं आएगा और ट्रैक्टर यहीं चलेगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस धक्का मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति बन जाती है।

    पीड़ित किसान मानसिंह ने अहमदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि गांव के राजू महेंद्र चंदरसिंह अरविंद और योगेंद्र ने पुरानी रंजिश के चलते उनकी कृषि भूमि में घुसकर जानबूझकर ट्रैक्टर चलाया जिससे बोई हुई फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसान का कहना है कि विरोध करने पर आरोपियों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और भविष्य में भी खेत को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

    घटना के बाद किसान ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा फसल के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद और आपसी रंजिश के कारण किसानों को होने वाले नुकसान की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान

    कंटेनर के अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: ट्रक के केबिन में फंसा चालक, रस्सियों से गेट तोड़कर बचाई जान


    देवास । देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया जिसमें ट्रक चालक की जान बाल बाल बच गई। कंटेनर के अचानक ब्रेक लगाने के कारण पीछे से आ रहा ट्रक उससे जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन के भीतर स्टेयरिंग और बॉडी के बीच बुरी तरह फंस गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीणों तथा राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया।

    जानकारी के अनुसार अनीश पाल नामक चालक ट्रक लेकर देवास से मक्सी की ओर जा रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आ गए। मवेशियों को बचाने के प्रयास में कंटेनर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रहा ट्रक समय पर नहीं रुक सका और तेज रफ्तार में कंटेनर से जा भिड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह पिचक गया और चालक अंदर ही फंस गया।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। चालक को बाहर निकालने के कई प्रयास किए गए लेकिन केबिन पूरी तरह दब जाने के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए रस्सियों की मदद से केबिन और उसके गेट को बांधकर खींचने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गेट खुल सका और चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    हादसे में चालक के पैर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए देवास जिला अस्पताल भेजा गया जहां उसका उपचार जारी है। समय पर राहत कार्य शुरू होने और स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण चालक की जान बचाई जा सकी।

    टोंककला चौकी प्रभारी मलखान सिंह भाटी ने बताया कि कंटेनर और ट्रक दोनों देवास से मक्सी की ओर जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर के सामने अचानक मवेशी आने के कारण ब्रेक लगाए गए जिससे पीछे से आ रहा ट्रक टकरा गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

  • देवास हादसे में उजड़ा परिवार: एक ही दिन पत्नी और बेटी को खोने का दर्द, अंतिम विदाई में छलक पड़े आंसू

    देवास हादसे में उजड़ा परिवार: एक ही दिन पत्नी और बेटी को खोने का दर्द, अंतिम विदाई में छलक पड़े आंसू


    देवास । देवास के खटांबा गांव में सूरज पूजा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे के बाद शनिवार को मां-बेटी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। छज्जा गिरने से जान गंवाने वाली 41 वर्षीय लक्ष्मी और उनकी मां के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए। जिला अस्पताल में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब बुजुर्ग पिता धारूलाल सोलंकी ने कफन में लिपटी अपनी बेटी का अंतिम बार चेहरा देखा और कांपते हाथों से उसके चरण स्पर्श कर विदा दी। वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इसके बाद लक्ष्मी का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन रवाना किया गया, जहां उनका ससुराल है।

    इस हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। बेटी को विदा करने के बाद धारूलाल सोलंकी को अपनी पत्नी के शव से भी अंतिम विदाई लेनी पड़ी। पत्नी का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम रूम से बाहर लाया गया तो वे खुद को संभाल नहीं सके। परिजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया और शव को अंतिम संस्कार के लिए देवास के संजय नगर ले जाया गया। एक ही दिन में पत्नी और बेटी को खो देने का यह दर्द पूरे परिवार पर भारी पड़ता दिखाई दिया।

    शुक्रवार दोपहर खटांबा गांव में सूरज पूजा और मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। धार्मिक अनुष्ठान के बाद बड़ी संख्या में लोग भोजन कर रहे थे। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। खराब मौसम के बीच मकान की छत का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा और उसके नीचे बैठी कई महिलाएं दब गईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने मां और बेटी को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर छज्जा गिरने के कारणों की जानकारी जुटाई।

    शनिवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। लक्ष्मी के शव को अंतिम संस्कार के लिए उज्जैन भेजा गया, जबकि उनकी मां का अंतिम संस्कार देवास के संजय नगर में किया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग भी परिवार के दुख में शामिल हुए और अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। एक धार्मिक आयोजन में हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया।