Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का बड़ा बदलाव! बनेगा कमिश्नर-कलेक्ट्रेट का नया आधुनिक परिसर

    भोपाल में प्रशासनिक ढांचे का बड़ा बदलाव! बनेगा कमिश्नर-कलेक्ट्रेट का नया आधुनिक परिसर



    नई दिल्ली। भोपाल में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में जल्द ही कमिश्नर और कलेक्ट्रेट की नई अत्याधुनिक बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसके साथ ही आईजी पुलिस कार्यालय, नजूल अधिकारी बैरागढ़ और भोपाल शहर के अन्य महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों के लिए भी नए भवन प्रस्तावित हैं।

    इस संबंध में बुधवार को संभागायुक्त संजीव सिंह की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण की रूपरेखा, शिफ्टिंग प्रक्रिया और विभागवार जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।

    15 विभागों को खाली करने होंगे दफ्तर
    पुनर्घनत्वीकरण योजना के तहत प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में 15 विभागों को अपने वर्तमान कार्यालय खाली करने होंगे। संभागायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शिफ्टिंग के लिए स्पष्ट टाइम लिमिट तय करें ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने स्टाफ की संख्या के आधार पर आवश्यक स्थान का निर्धारण जल्द से जल्द करे। साथ ही एक जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर सके।

    नए परिसर में क्या होगा खास?
    योजना के तहत कलेक्टर कार्यालय के सामने स्थित शासकीय कार्यालयों की जगह एक समेकित प्रशासनिक परिसर विकसित किया जाएगा। इसमें शामिल होंगे।

    नवीन आयुक्त कार्यालय

    कलेक्टर कार्यालय भोपाल

    आईजी पुलिस कार्यालय

    नजूल अधिकारी बैरागढ़

    भोपाल शहर के अन्य शासकीय कार्यालय

    संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना में कोई नया कार्यालय जोड़ा नहीं जाएगा और न ही किसी वर्तमान कार्यालय को बाहर रखा जाएगा।

    मुख्यालय स्तर से मांगी गई शिफ्टिंग की जानकारी
    बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने मुख्यालय स्तर पर शिफ्टिंग से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो। कलेक्टर कार्यालय से प्रभावित विभागों की सूची तैयार कर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    बैठक में हाउसिंग बोर्ड के कमिश्नर चंद्रमौली शुक्ला, संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व किरण गुप्ता, एडीएम पी.सी. शाक्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी विभागों से उनके कर्मचारियों की संख्या और आवश्यक स्पेस की विस्तृत जानकारी ली गई।
  • भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण: 10 लेन सड़क के लिए हटेंगी झुग्गियां, पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता

    भोपाल में अयोध्या बायपास चौड़ीकरण: 10 लेन सड़क के लिए हटेंगी झुग्गियां, पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता



    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में नेशनल हाईवे-146 पर अयोध्या बायपास को 10 लेन में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है। आशाराम तिराहा से रत्नागिरी तिराहे तक लगभग 16 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। परियोजना के तहत आनंद नगर में एक फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रशासन का दावा है कि इससे शहर में यातायात का दबाव कम होगा और भोपाल को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

    हालांकि, इस विकास कार्य की आड़ में कई परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के चलते अब तक 146 दुकानों को हटाया जा चुका है। इसके अलावा तीन धार्मिक स्थलों, एक वार्ड कार्यालय और एक पुलिस चौकी को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। अब बारी केसर बस्ती की है, जहां करीब 90 झुग्गियों को हटाने की तैयारी की जा रही है।

    प्रशासन द्वारा झुग्गीवासियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, जिससे बस्ती में रहने वाले परिवारों में चिंता का माहौल है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और उनके पास वैकल्पिक आवास की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि न तो उन्हें उचित मुआवजे की स्पष्ट जानकारी दी गई है और न ही पुनर्वास की ठोस योजना बताई गई है।

    बस्ती के रहवासियों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन बिना पुनर्वास के उन्हें हटाना अन्याय होगा। उनका तर्क है कि अचानक बेघर होने की स्थिति में बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित होगी। कई परिवार दिहाड़ी मजदूरी या छोटे-मोटे काम करके अपना जीवनयापन करते हैं, ऐसे में दूर किसी अज्ञात स्थान पर बसाए जाने से उनकी आजीविका पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

    मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने भी हस्तक्षेप किया है। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला, मोहित सक्सेना और रीतेश सोनी सहित अन्य प्रतिनिधि केसर बस्ती पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनका कहना है कि विकास आवश्यक है, लेकिन गरीबों को उजाड़कर नहीं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले प्रत्येक प्रभावित परिवार के पुनर्वास और उचित मुआवजे की लिखित एवं पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, उसके बाद ही हटाने की कार्रवाई की जाए।

    यह मामला एक बार फिर विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन का सवाल खड़ा करता है। बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन इनके कारण प्रभावित होने वाले लोगों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास, बुनियादी सुविधाएं और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

    अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। क्या चौड़ीकरण की रफ्तार के बीच विस्थापित होने वाले परिवारों को न्याय मिल पाएगा, या विकास की दौड़ में उनकी आवाज दबकर रह जाएगी यह आने वाला समय ही तय करेगा।

  • कृषक कल्याण वर्ष 2026 में खेतों तक पहुंच रहा कृषि रथ आधुनिक यंत्रों और नई तकनीक से किसानों को किया जा रहा जागरूक

    कृषक कल्याण वर्ष 2026 में खेतों तक पहुंच रहा कृषि रथ आधुनिक यंत्रों और नई तकनीक से किसानों को किया जा रहा जागरूक


    भोपाल। राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में कृषि रथों का भ्रमण जारी है। इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले के सभी छह विकासखंडों में कृषि रथ संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक उन्नत यंत्रों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी सीधे उनके गांव तक पहुंचाना है। कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।

    नरसिंहपुर जिले में कृषि रथ के जरिए किसानों को ई विकास प्रणाली अंतर्गत ई टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उन्नत खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

    कृषि रथ के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन कीट एवं रोग प्रबंधन और फसल विविधीकरण के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसानों को यह बताया जा रहा है कि खेती को केवल परंपरागत तरीके से करने के बजाय इसे लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाना जरूरी है। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार भी इस अभियान का हिस्सा है।

    नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को समझाया जा रहा है कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। इसके स्थान पर सुपर सीडर हैप्पी सीडर जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल स्ट्रॉ रीपर और रीपर कम बाइंडर जैसे आधुनिक यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे तीन कार्य एक साथ कर सकते हैं। इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है और पैदावार में भी वृद्धि होती है।

    इसी तरह रतलाम जिले में भी कृषि रथ के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध विषयों पर किसानों को जानकारी दी जा रही है। उद्यानिकी पशुपालन आत्मा और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल से किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो रहा है जिससे नवीन और वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ गांव स्तर तक पहुंच रहा है।

    प्रदेश में संचालित यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित खेती की ओर प्रेरित कर रहा है। माना जा रहा है कि कृषि रथ की यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देगी। राज्य शासन की यह कोशिश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

  • जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत

    जयपुर इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में मध्यप्रदेश की दमदार उपस्थिति 9 एमएसएमई इकाइयों ने स्टोन उद्योग में दिखाई ताकत


    भोपाल। मध्यप्रदेश की स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में प्रभावशाली सहभागिता दर्ज कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। 5 से 8 फरवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में देश और विदेश से बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि व्यापारी और क्रेता शामिल हुए। इस मंच पर मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित इकाइयों ने अपने उत्पादों और नवाचार क्षमता का प्रदर्शन किया।

    ग्वालियर से 6 इकाइयों ने भागीदारी की जिनमें तंवर स्टोन इंडस्ट्रीज जैन स्टोन इंडस्ट्रीज के आर स्टोन इंडस्ट्रीज महाकाय इंडस्ट्रीज अभ्युदय इंटरप्राइजेज और श्री साईं राम स्टोन शामिल हैं। कटनी से एमके ग्रेनाइट एंड मार्बल कंपनी और श्री राम मार्बल्स ने प्रतिनिधित्व किया जबकि इंदौर से द राईट एंगल्स ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। इन सभी इकाइयों को मध्यप्रदेश शासन के एमएसएमई विभाग द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया। चयनित उद्यमों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं ताकि वे अपने उत्पादों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकें।

    इकाइयों का चयन मुख्यालय स्तर पर एमएसएमई विभाग के माध्यम से किया गया। चयन के लिए उत्पादों की गुणवत्ता नवाचार क्षमता बाजार संभावनाएं और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना में शामिल होना प्रमुख आधार रहे। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों की विविधता और उनकी वैश्विक मांग को ध्यान में रखते हुए इन इकाइयों को मंच प्रदान किया गया।

    प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने ग्रेनाइट मार्बल और अन्य प्राकृतिक पत्थरों से बने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया। देश विदेश से आए व्यापारिक प्रतिनिधियों और क्रेताओं के साथ सार्थक व्यावसायिक संवाद स्थापित किए गए। इस सहभागिता से मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर और उत्पादन क्षमता का परिचय व्यापक स्तर पर हुआ। कई आगंतुकों ने प्रदेश के उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन की सराहना की।

    यह पहल केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही बल्कि स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इससे निर्यात संभावनाओं के विस्तार के साथ साथ नए व्यापारिक समझौतों की राह भी खुली है। साथ ही महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में भी यह प्रयास अहम माना जा रहा है।

    माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता को नई गति देगी। स्टोन उद्योग मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भागीदारी से रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी। जयपुर में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट में प्रदेश की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश का स्टोन उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है और आने वाले समय में निर्यात के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है।

  • भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर बढ़ते हादसों से नाराज़ संत समाज, बड़े आंदोलन की चेतावनी

    भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर बढ़ते हादसों से नाराज़ संत समाज, बड़े आंदोलन की चेतावनी


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में ग्वालियर भिंड नेशनल हाईवे 719 को लेकर संत समाज ने मोर्चा खोल दिया है। हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों और केंद्र सरकार के हालिया बजट में इसके निर्माण या उन्नयन के लिए कोई प्रावधान न किए जाने से नाराज़ संत समाज ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

    दरअसल, इस मुद्दे पर हाल ही में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछा गया था। सवाल सुनते ही मंत्री नाराज़ हो गए और बिना जवाब दिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बीच में ही छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम के बाद मामला और गरमा गया है। संत समाज और स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से इस हाईवे की बदहाल स्थिति के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं की जा रही है।

    अखिल भारतीय संत समिति के जिला अध्यक्ष संत कालीदास महाराज ने ऐलान किया है कि अब यह आंदोलन निर्णायक होगा। उन्होंने कहा कि देश के शंकराचार्य, मठ मंदिरों के महंत और साधु संत सड़कों पर उतरेंगे। अगले 20 से 25 दिनों में व्यापक आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

    संत समाज का आरोप है कि ग्वालियर भिंड हाईवे पर हर साल होने वाली मौतें सरकारी फाइलों में केवल आंकड़े बनकर रह जाती हैं। जब तक इस मार्ग के निर्माण या चौड़ीकरण का कार्य शुरू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है और यातायात के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। बढ़ते हादसों ने लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि सरकार इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती है।

  • इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई नगर निगम के ARO राजेश परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां कुर्क आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा

    इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई नगर निगम के ARO राजेश परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां कुर्क आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति का खुलासा


    मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार अब केंद्रीय जांच एजेंसी के शिकंजे में हैं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए परमार और उनके परिवार के नाम दर्ज 1.06 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर दिया है। जांच में सामने आया है कि उनके पास मौजूद संपत्ति उनकी ज्ञात वैध आय से 175 प्रतिशत अधिक है।

    यह मामला मूल रूप से आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है। ईओडब्ल्यू ने राजेश परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। जांच के दौरान साल 2007 से 2022 तक की आय और संपत्ति का विस्तृत आकलन किया गया।

    ईडी की जांच में सामने आया कि इस 15 वर्ष की अवधि में राजेश परमार ने करीब 1.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं। जब इन संपत्तियों की तुलना उनकी आधिकारिक सैलरी और अन्य वैध आय स्रोतों से की गई तो यह अंतर चौंकाने वाला निकला। एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक पाई गई। जांच एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि अपराध से अर्जित संदिग्ध आय लगभग 1.21 करोड़ रुपये हो सकती है।

    अटैच की गई संपत्तियों में मकान प्लॉट और जमीन शामिल हैं जो राजेश परमार और उनके परिजनों के नाम दर्ज हैं। इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है ताकि जांच के दौरान इनका हस्तांतरण या विक्रय न किया जा सके। ईडी का कहना है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत इन संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    जांच में यह भी सामने आया कि कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित नकदी को सीधे निवेश करने के बजाय पहले बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया। ईडी के अनुसार बड़ी मात्रा में नकद राशि को स्वयं और परिवार के सदस्यों के खातों में जमा कराया गया। इसके बाद बैंक ट्रांसफर के जरिए इन्हीं पैसों से अचल संपत्तियां खरीदी गईं। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य धन के वास्तविक स्रोत को छिपाना और उसे वैध कमाई के रूप में दिखाना था।

    प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई को इंदौर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी पहल माना जा रहा है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों तथा वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी द्वारा अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

  • खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी

    खंडवा में भाजपा नेता की मौत से सियासी हलचल मृत्यु पूर्व वीडियो में कांग्रेस नेता पर कर्ज वसूली और प्रताड़ना के आरोप पुलिस जांच में जुटी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में भाजपा नेता और पूर्व पार्षद जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। मृत्यु से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये पर कर्ज वसूली और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो बयान लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    मृत्यु से पहले बनाए गए वीडियो को जांच का अहम आधार माना जा रहा है। वीडियो में चौधरी ने कहा कि वे लंबे समय से भारी आर्थिक दबाव में थे और लगातार मानसिक उत्पीड़न झेल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग पचास लाख रुपये के लेनदेन को लेकर वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उनके अनुसार यह मानसिक तनाव इतना बढ़ गया था कि वे पूरी तरह टूट चुके थे।

    चौधरी ने वीडियो में यह भी कहा कि कर्ज और सामाजिक दबाव के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया। उन्होंने बताया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था लेकिन अन्य लेनदारों ने इस तरह का दबाव नहीं बनाया। उनका आरोप था कि भुगतान को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा।

    जानकारी के अनुसार आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर तीन निवासी चौधरी मंगलवार सुबह करीब दस बजे घर से निकले और कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये के घर पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।

    सूत्रों के अनुसार चौधरी लंबे समय से आर्थिक और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर भोजन कर रहे थे और कर्ज के बोझ के चलते पारिवारिक संबंधों में भी दूरी आ गई थी। उनके बेटे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है जबकि बेटी उच्च शिक्षित है। हर महीने पांच से दस तारीख के बीच ब्याज चुकाने का दबाव रहता था और दस फरवरी को भुगतान की अंतिम तिथि बताई जा रही थी। मित्रों से आर्थिक मदद की कोशिश की गई लेकिन सहायता नहीं मिल सकी। आरोप है कि भुगतान न करने की स्थिति में मकान बिकवाने की चेतावनी दी जा रही थी।

    घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग पहुंच गए और शोक व्यक्त किया। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य मौके पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बनेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, बर्राई में प्रतिमा अनावरण व सांदीपनि विद्यालय प्रवेश समारोह

    भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी बनेगा पं. दीनदयाल उपाध्याय उद्यान, बर्राई में प्रतिमा अनावरण व सांदीपनि विद्यालय प्रवेश समारोह


    भोपाल। एकात्म मानववाद के जनक पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर राजधानी भोपाल के बर्राई क्षेत्र को दो महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से निर्मित उद्यान का शुभारंभ किया तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर सांदीपनि विद्यालय में विद्यार्थियों का प्रवेश समारोह भी आयोजित हुआ जहां बच्चों का स्वागत गुलाब के फूल देकर किया गया।

    स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि यह उद्यान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी स्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि यह पार्क पर्यावरण की दृष्टि से क्षेत्र के लिए श्रेष्ठ स्थल होगा जहां बच्चे युवा और बुजुर्ग सभी सुबह-शाम समय व्यतीत कर सकेंगे। पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा समाज को उनके आदर्शों और विचारों की निरंतर प्रेरणा देती रहेगी।

    उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना आवश्यक है। जब तक लक्ष्य निर्धारित नहीं होगा तब तक सफलता संभव नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पं. दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं और विद्यार्थियों को भी विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए आगे आना चाहिए।

    विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत में व्यक्ति नहीं बल्कि गुणों की पूजा होती है। जो व्यक्ति अपने जीवन को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित करता है वही पूजनीय बनता है। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने सादगी विद्वत्ता और राष्ट्रसेवा के माध्यम से जो विचार दिए वे आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रहे हैं।

    श्री तोमर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की स्थापना भी उसी विचारधारा का परिणाम है जिसमें सबका साथ सबका विकास की भावना निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 में विकसित भारत के साक्षी बनने वाले ये विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय चिंतन को जनमानस तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में विकास को नई गति मिली है। उन्होंने झागरिया में स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की।

    यह आयोजन न केवल एक उद्यान और प्रतिमा के अनावरण तक सीमित रहा बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति लक्ष्य निर्धारण और समाज सेवा की भावना जगाने का संदेश भी देता नजर आया।

  • वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार

    वंदे मातरम की अनिवार्यता पर सियासत तेज, BJP का कांग्रेस पर हमला कांग्रेस ने किया पलटवार


    भोपाल । वंदे मातरम की अनिवार्यता को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के निर्देश जारी होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।

    बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जिन्ना के सामने घुटने टेक दिए थे और मुस्लिम लीग के दबाव में वंदे मातरम को अनिवार्य नहीं किया। शर्मा ने कहा कि जिस दिन वंदे मातरम के जयघोष के साथ देश को आजादी मिली, उसी दिन इसे अनिवार्य कर देना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने इसकी अनिवार्यता समाप्त कर दी और इसके कई अंश हटा दिए।

    मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी वंदे मातरम को देश के लिए मंत्र बताते हुए कहा कि इसे बहुत पहले अनिवार्य हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश में कई सुधार कर रहे हैं और यह भी उसी दिशा में एक कदम है।

    वहीं कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस नेता और पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम हमेशा से कार्यक्रमों का हिस्सा रहा है और यह आजादी की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे, वे आज राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। शर्मा ने आरोप लगाया कि मदरसों के नाम पर राजनीति की जा रही है, जबकि वहां भी वंदे मातरम गाया जाता है।

    कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वंदे मातरम के सम्मान पर कभी आपत्ति नहीं रही, लेकिन कुछ शब्दों को लेकर पहले आपत्तियां थीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन गाने या न गाने का प्रश्न व्यक्तिगत और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।

    केंद्र सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यक्रमों सहित सभी सरकारी आयोजनों में वंदे मातरम अनिवार्य होगा। तिरंगा फहराने के अवसर पर भी इसे गाया जाएगा। निर्देशों में छह अंतरों वाला पूरा संस्करण शामिल करने, जन गण मन से पहले वंदे मातरम बजाने और सम्मान में खड़ा होना अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसकी अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है। इन निर्देशों के बाद प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

  • 12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

    12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि


    भोपाल। लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित होगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2 000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही परियोजना प्रबंधन प्रणाली 2.0 PMS 2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन और औपचारिक शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

    मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण हरित भवन अवधारणा आधुनिक निर्माण तकनीक गुणवत्ता नियंत्रण और निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त श्री विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल 2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रणाली है जिसके माध्यम से निर्माण कार्यों का पारदर्शी सुव्यवस्थित और दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व स्वीकृति और समय सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगी जिससे सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

    प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली के अंतर्गत सभी आवश्यक अभिलेख और स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के बाद ही अगले चरण की अनुमति दी जाएगी। साथ ही स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा विभागीय पत्राचार को त्वरित और कागजरहित बनाएगी। यह कार्यशाला प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता को नई दिशा देगी तथा अभियंताओं को आधुनिक तकनीक और सतत विकास के सिद्धांतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।