Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल

    शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित एक युवक को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित अपनी टीम के साथ पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोककर जांच की। चालक के पास वैध रॉयल्टी और परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया गया।

    जब जब्त वाहन को पुलिस बल की मौजूदगी में थाने ले जाया जा रहा था तभी मौके पर मौजूद कुछ लोगों और अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान धक्का मुक्की और तीखी बहस की स्थिति बन गई। घटना के बाद खनिज निरीक्षक ने पिछोर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि मंगल लोधी और उसके साथियों ने शासकीय कार्य में बाधा डाली पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और जब्त वाहन छुड़ाने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

    अब सामने आए वायरल वीडियो में खनिज निरीक्षक पहले युवक मंगल लोधी से मोबाइल मांगते दिखाई देते हैं। कुछ ही क्षण बाद वे युवक को थप्पड़ मार देते हैं जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की और कहासुनी शुरू हो जाती है। वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि थप्पड़ मारने से पहले क्या हुआ था और विवाद किस वजह से बढ़ा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दोनों पक्षों की भूमिका क्या रही। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार


    शिवपुरी  शिवपुरी में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से तेज रफ्तार कार टकरा गई जिससे पोहरी एसडीएम कार्यालय के रीडर श्याम सिंह दोहरे की पत्नी मनीषा दोहरे की मौत हो गई। हादसे में श्याम सिंह दोहरे सहित चार अन्य लोग घायल हुए हैं जिनका मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार पोहरी एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर श्याम सिंह दोहरे का हाल ही में भिंड तबादला हुआ था। शुक्रवार को जिला मुख्यालय शिवपुरी से कार्यमुक्त होने के बाद वे अपने परिवार और परिचितों के साथ कार से पोहरी लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी मनीषा दोहरे के अलावा एक शिक्षक उनकी पत्नी और उनका बच्चा भी सवार थे।

    बताया जा रहा है कि शिवपुरी पोहरी मुख्य मार्ग की खराब स्थिति के कारण उन्होंने झिरी मार्ग से जाने का फैसला किया। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े बारह बजे मुद्गल पेट्रोल पंप के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मनीषा दोहरे ने दम तोड़ दिया जबकि श्याम सिंह दोहरे और अन्य घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

    शनिवार को मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से कार की टक्कर मानी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर किस परिस्थिति में खड़ी थी तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क किनारे बिना पर्याप्त संकेतों के खड़े भारी वाहनों से होने वाले खतरों की ओर इशारा करता है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

  • सागर मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही ऑपरेशन से एक दिन पहले लगा हाई रिस्क इंजेक्शन मरीज की गई जान

    सागर मेडिकल कॉलेज की बड़ी लापरवाही ऑपरेशन से एक दिन पहले लगा हाई रिस्क इंजेक्शन मरीज की गई जान


    सागर  सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई एक मरीज की मौत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस एनेस्थीसिया इंजेक्शन का उपयोग ऑपरेशन के दौरान मरीज को बेहोश करने के लिए किया जाना था उसे निर्धारित समय से एक दिन पहले ही नस के जरिए लगा दिया गया। घटना के बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ी और कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद उसकी मौत हो गई। मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है।

    जानकारी के अनुसार देवेंद्र पाठक को गले में गांठ की समस्या के चलते बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उनकी बायोप्सी होनी थी। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन में उपयोग होने वाला हाई रिस्क एनेस्थीसिया इंजेक्शन नर्स ने पहले ही मरीज को लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद मरीज की सांसें उखड़ने लगीं और उसकी हार्टबीट रुक गई। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर देकर उसे बचाने की कोशिश की और बाद में वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया। इलाज के दौरान कुछ समय के लिए हालत में सुधार जरूर हुआ लेकिन 23 जून की सुबह मरीज ने दम तोड़ दिया।

    मृतक की पत्नी रीता पाठक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाते समय संबंधित नर्स मोबाइल फोन और ब्लूटूथ इयरफोन पर बातचीत में व्यस्त थी। इसी लापरवाही के कारण गलत समय पर दवा दे दी गई जिससे मरीज की जान चली गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    कॉलेज प्रशासन ने परिजनों की शिकायत और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्स शिखा पटले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भी पूरे मामले की अलग से जांच कर रही है।

    घटना पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एनेस्थीसिया जैसी हाई अलर्ट दवाएं केवल निर्धारित प्रक्रिया और विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में ही दी जानी चाहिए। यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी को दवा को लेकर जरा भी संदेह हो तो पहले वरिष्ठ डॉक्टर या नर्सिंग अधिकारी से पुष्टि करना अनिवार्य होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला केवल व्यक्तिगत लापरवाही तक सीमित नहीं हो सकता बल्कि दवा वितरण प्रणाली डबल वेरिफिकेशन सुपरविजन प्रशिक्षण और अस्पताल की मानक संचालन प्रक्रिया में संभावित खामियों की भी गंभीर जांच की जानी चाहिए।

  • भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू

    भोपाल में बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से सनसनी शरीर पर चोट के निशान हत्या के एंगल से जांच शुरू


    भोपाल भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में एक बंद मकान से रिटायर्ड दंपती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दो दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने और मकान से तेज दुर्गंध आने पर किराए पर रहने वाले छात्रों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो पति पत्नी मृत अवस्था में मिले। शवों पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका सहित सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है।

    मृतकों की पहचान 64 वर्षीय हेमंत बारीक और उनकी 62 वर्षीय पत्नी शकुंतला बारीक के रूप में हुई है। हेमंत बारीक भारतीय रेलवे से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे जबकि उनकी पत्नी शकुंतला बारीक कस्तूरबा अस्पताल में नर्स के पद से रिटायर हुई थीं। दंपती ऐशबाग के सुदामा नगर स्थित अपने मकान में रहते थे। मकान के एक हिस्से में कुछ छात्र किराए पर रहते हैं। दंपती की कोई संतान नहीं थी।

    छात्रों के अनुसार पिछले दो दिनों से दोनों घर से बाहर नहीं निकले थे। शुक्रवार को मकान से तेज दुर्गंध आने लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बंद मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। अंदर दोनों के शव पड़े मिले जिनकी स्थिति काफी खराब हो चुकी थी।

    एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि शव पूरी तरह से डीकंपोज हो चुके हैं और उनके शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही एक्सरे और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण भी कराए जा रहे हैं ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

    परिजनों से पूछताछ में पता चला कि शकुंतला बारीक ने बुधवार को आखिरी बार अपनी भाभी से फोन पर बातचीत की थी। उस दौरान उन्होंने बताया था कि उनके पति की आंख में परेशानी है और वह उन्हें कस्तूरबा अस्पताल लेकर जा रही हैं। बातचीत में उन्होंने किसी तरह के खतरे या विवाद का जिक्र नहीं किया था। हालांकि परिजनों के अनुसार पति पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे लेकिन उनकी किसी से पुरानी रंजिश की जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि मामले की सच्चाई जल्द सामने आ सके।

  • मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल राहुल गांधी के पोस्टर पर विवाद दिग्विजय सिंह का वीडियो वायरल मंत्री का ऑटो चलाना बना चर्चा का विषय

    मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल राहुल गांधी के पोस्टर पर विवाद दिग्विजय सिंह का वीडियो वायरल मंत्री का ऑटो चलाना बना चर्चा का विषय


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश की राजनीति में शनिवार को कई घटनाएं चर्चा का विषय बनी रहीं। छतरपुर में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगे पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की उलटी प्रति दिखाई देने से पार्टी विपक्ष के निशाने पर आ गई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा जिसमें वह एक मशहूर फिल्मी डायलॉग पूरा नहीं कर सके। दूसरी ओर प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग का ऑटो चलाते हुए वीडियो भी लोगों का ध्यान खींचता रहा।

    छतरपुर में कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रेस वार्ता आयोजित की थी। हालांकि कार्यक्रम के मुद्दों से ज्यादा चर्चा मंच पर लगे पोस्टर और बैनर की हुई। पोस्टर में राहुल गांधी के हाथ में संविधान की प्रति उलटी दिखाई दे रही थी। वहीं एक अन्य बैनर में उनके चेहरे पर केक लगा हुआ नजर आया। कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रिंटिंग की तकनीकी गलती बताया लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर पार्टी की आलोचना की।

    इसी बीच भोपाल में मीसाबंदियों के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान की सबसे अधिक अनदेखी और दुरुपयोग कांग्रेस के शासनकाल में हुआ है। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद पोस्टर विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

    उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी एक कार्यक्रम के दौरान अलग कारण से सुर्खियों में रहे। कार्यक्रम की एंकर ने पहले उनसे फिल्मों के शौक के बारे में पूछा जिस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि सिनेमा का शौक किसे नहीं होता। इसके बाद उनसे मशहूर फिल्मी डायलॉग ये ढाई किलो का हाथ पूरा करने के लिए कहा गया। सवाल सुनकर दिग्विजय सिंह हंस पड़े लेकिन उन्होंने डायलॉग पूरा करने के बजाय बात को टाल दिया। इसके बाद उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जाने लगा।

    इधर प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। अपने विधानसभा क्षेत्र में मीसाबंदी रहे बुजुर्ग रामकुमार पटेल से मुलाकात करने पहुंचे सारंग ने कुछ समय के लिए ऑटो की ड्राइविंग सीट संभाली और ऑटो चलाया। उन्होंने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया जिसके बाद यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    इन घटनाओं के बीच राजनीतिक गलियारों में प्रशासनिक हलचल की भी चर्चा रही। बताया जा रहा है कि एक विभाग में नए डायरेक्टर के रूप में पदभार संभालने वाले युवा आईएएस अधिकारी ने लंबे समय से प्रभाव रखने वाले एक अधिकारी की जिम्मेदारियों और प्रभाव को सीमित करना शुरू कर दिया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और यह चर्चा राजनीतिक तथा प्रशासनिक हलकों तक सीमित है।

    कुल मिलाकर प्रदेश की राजनीति में एक ही दिन पोस्टर विवाद नेताओं के वायरल वीडियो और प्रशासनिक चर्चाओं ने सियासी माहौल को गर्माए रखा।

  • मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार

    मध्य प्रदेश में मानसून पर लगा ब्रेक 43 जिलों में बारिश की चेतावनी ग्वालियर चंबल को करना होगा सबसे ज्यादा इंतजार


    मध्यप्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद उसकी रफ्तार फिलहाल थम गई है। दक्षिण पूर्वी हिस्से के 15 जिलों तक पहुंचने के बाद पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई है। इसके साथ ही शनिवार को प्रदेश के 43 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। इसके बाद आलीराजपुर इंदौर धार हरदा बैतूल खंडवा बुरहानपुर खरगोन छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी और बड़वानी सहित 15 जिलों में इसकी आधिकारिक एंट्री दर्ज की गई। इसके बाद मानसून की प्रगति धीमी पड़ गई। विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग की ओर आगे बढ़ सकता है जबकि ग्वालियर और चंबल क्षेत्र में इसकी दस्तक सबसे आखिर में होने की संभावना है।

    शनिवार के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ आलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम बैतूल हरदा जबलपुर कटनी नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा सिवनी बालाघाट मंडला डिंडोरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल उमरिया अनूपपुर सागर पन्ना दमोह और छतरपुर में बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर नीमच मंदसौर निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में भी कहीं कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। सिवनी में करीब दो इंच बारिश दर्ज की गई जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी गिरा। शाजापुर के शुजालपुर और अकोदिया सहित कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई। दतिया इंदौर राजगढ़ शिवपुरी मंडला रीवा सागर बालाघाट खंडवा आगर मालवा और मंदसौर सहित अनेक जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा।

    बारिश के बीच कुछ स्थानों पर हादसे भी हुए। बालाघाट जिले में आकाशीय बिजली गिरने से दो बच्चों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग झुलस गए। वहीं देवास जिले के खटांबा गांव में आंधी और बारिश के दौरान एक गैलरी गिरने से दो महिलाओं की जान चली गई और तीन लोग घायल हो गए।

    लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा जबकि खंडवा सागर छिंदवाड़ा बैतूल सिवनी उमरिया धार और नर्मदापुरम में भी तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस उज्जैन का 33.5 डिग्री जबलपुर का 36.7 डिग्री जबकि ग्वालियर सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग का कहना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले दो से तीन दिनों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और प्रदेश के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

  • MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच

    MLA रेस्ट हाउस विवाद ने लिया नया मोड़ आरोपी पक्ष ने थाने में पिटाई का लगाया आरोप अब होगी पुलिस जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर से कथित मारपीट के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना में आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर पुलिस कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

    आरोपी पक्ष की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान पहले उनके बेटों के साथ एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर मारपीट की गई। इसके बाद अरेरा हिल्स थाने में भी पुलिस की मौजूदगी में उनके बेटों के साथ कथित रूप से मारपीट हुई। शिकायत में कहा गया है कि दोनों युवकों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उनकी शिकायत पर तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर ने भी पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनके अनुसार 24 जून की रात वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस स्थित अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। इसी दौरान घर के बाहर कुछ युवक शराब पी रहे थे। उन्हें वहां से हटने के लिए कहने पर विवाद शुरू हो गया।

    देवराज का आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवक उनके घर की सीढ़ियों तक पहुंच गए और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। मना करने पर उनके साथ मारपीट और छीनाझपटी की गई। उन्होंने बताया कि शोर सुनकर उनके दोस्त मौके पर पहुंचे और बीच बचाव कर उन्हें बचाया। आरोप है कि जाते समय युवक उन्हें धमकी देकर वहां से चले गए।

    घटना के बाद देवराज ने जेपी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया और अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है।

    अब आरोपी पक्ष की ओर से लगाए गए नए आरोपों के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के दौरान क्या हुआ और किस पक्ष के आरोप सही हैं। फिलहाल पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसून की रफ्तार थमी, एंट्री के बाद ठहरा, 43 जिलों में आज बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में 24 जून को दक्षिण-पूर्वी हिस्से के 15 जिलों में दस्तक देने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है। पिछले तीन दिनों से मानसून आगे नहीं बढ़ा है और मौसम विभाग के अनुसार इसके अगले 2 से 3 दिन तक भी इसी स्थिति में रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनने पर मानसून सबसे पहले भोपाल और उज्जैन संभाग में आगे बढ़ेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इसकी एंट्री सबसे आखिर में होगी।

    24 जून को मानसून के प्रदेश में प्रवेश के साथ आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी जिलों में इसके पहुंचने की घोषणा की गई थी। इसके बाद से मानसून की प्रगति रुकी हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अन्य हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना जताई है।

    आज 43 जिलों में बारिश के आसार
    शनिवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर में बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    शुक्रवार को कई जिलों में झमाझम बारिश
    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। सिवनी में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। शाजापुर जिले के शुजालपुर, अकोदिया और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि उज्जैन में डेढ़ इंच से अधिक पानी बरसा। इसके अलावा दतिया, इंदौर, राजगढ़, शिवपुरी, मंडला, रीवा, सागर, बालाघाट, खंडवा, शाजापुर, आगर-मालवा और मंदसौर समेत कई जिलों में भी आंधी और बारिश का असर रहा।

    तापमान में आई गिरावट
    बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। खरगोन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा खंडवा में 30.1, सागर में 31.1, छिंदवाड़ा में 31.8, बैतूल में 32.7, सिवनी और उमरिया में 33.2, धार में 33.4 तथा नर्मदापुरम में 33.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल और इंदौर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश के आंकड़ों में सुधार
    पिछले 72 घंटे से प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में सुधार दर्ज किया गया है। कई स्थानों पर 4 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 99 मिमी (करीब 4 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि अब तक 58.5 मिमी (करीब 2.1 इंच) वर्षा हुई है। यह सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, यानी हालिया बारिश से करीब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। फिलहाल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 68 प्रतिशत कम और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

  • पिता की मौत के छह महीने बाद बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम, घर में फंदे पर मिला शव, कारणों की जांच जारी

    पिता की मौत के छह महीने बाद बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम, घर में फंदे पर मिला शव, कारणों की जांच जारी


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक 19 वर्षीय युवक द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने का’ मामला सामने आया है। अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र के बल्लभ नगर स्थित घर में युवक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि करीब छह महीने पहले युवक के पिता ने भी आत्महत्या की थी।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान आकाश गौतम के रूप में हुई है। वह बेरोजगार था और अपनी मां तथा छोटे भाई के साथ रहता था। शुक्रवार सुबह उसकी मां रोज की तरह घरों में काम करने चली गई थीं, जबकि छोटा भाई खेलने के लिए बाहर निकल गया था। दोपहर के समय जब छोटा भाई घर लौटा तो उसने आकाश को कमरे में फंदे पर लटका देखा। इसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही अरेरा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। जांच अधिकारी का कहना है कि परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि लगभग छह महीने पहले आकाश के पिता ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवार का कहना है कि पिता की मृत्यु के बाद आकाश मानसिक तनाव में रहने लगा था। बताया गया कि इस दौरान उसे शराब की लत भी लग गई थी और समय के साथ उसकी स्थिति और बिगड़ती चली गई। हालांकि पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है और इन्हें अंतिम निष्कर्ष नहीं मान रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

  • अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज

    अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई राजस्व टीम पर खनन माफिया द्वारा खुलेआम धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। बदरवास तहसील के सड़बूड़ गांव में हुई इस घटना में तहसीलदार सचिन भार्गव और उनकी टीम को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि सिंध नदी के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है। इस पर तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि भारी मशीनों की मदद से मिट्टी निकाली जा रही थी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उसका अवैध परिवहन किया जा रहा था। टीम ने मौके पर कार्रवाई शुरू की, तभी स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने विरोध शुरू कर दिया और सरकारी अमले के साथ अभद्रता की। इसी दौरान मुख्य आरोपी जयमंडल यादव ने तहसीलदार को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वह गोली चला देगा और जेल जाने के लिए भी तैयार है। इसके साथ ही उसने अपने बेटे को घर से हथियार लाने के लिए भी कहा, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दहशत में आ गए।

    घटना के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और आरोपी पक्ष ने मौके से हाइड्रा मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भगा दिया। हालांकि राजस्व टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर बदरवास थाने में खड़ा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि पर करीब 15-15 फीट गहरे गड्ढे बनाकर अवैध खनन किया गया था, जिससे बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन सामने आया है।

    कोटवार और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी इस पूरी घटना की पुष्टि की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि जान से मारने की धमकी देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में चिंता बढ़ गई है और अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।

    यह मामला राज्य में अवैध खनन पर बढ़ते दबाव और प्रशासनिक टीमों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।