Category: Madhya Pradesh

  • दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रेन से उतारते ही पकड़ा 700 किलो नकली पनीर, सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

    दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रेन से उतारते ही पकड़ा 700 किलो नकली पनीर, सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू


    नई दिल्ली। दीपावली से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 700 किलो से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया है। यह खेप ट्रेन के जरिए मुरैना से भोपाल लाई गई थी। अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के बाहर माल उतारे जाने के दौरान इसे अपने कब्जे में ले लिया। जब्त किए गए पनीर की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई गई है। अब विभागीय टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में पनीर किसके लिए मंगाया गया था और इसे किन दुकानों होटलों या रेस्टोरेंट तक पहुंचाया जाना था।

    जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार देर रात करीब दो बजे कार्रवाई की। रेलवे स्टेशन पर पनीर के बड़े पैकेट पहुंचने के बाद टीम ने जांच शुरू की और माल को जब्त कर लिया। विभाग ने बिल्टी और बिल से संबंधित जानकारी के आधार पर प्रकरण दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह तक इस मामले में जांच जारी थी। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इसे लेकर सामने आई यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    सप्लाई कहां होनी थी इसकी जांच जारी

    खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अब खेप के पूरे सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का पता लगाने पर जोर है कि पनीर मुरैना से किस व्यक्ति या कारोबारी ने भेजा था। भोपाल में इसे किसने मंगाया था और इसे किन प्रतिष्ठानों तक पहुंचाया जाना था। जांच में यदि किसी होटल रेस्टोरेंट डेयरी या अन्य कारोबारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जब्त माल के गंतव्य और उससे जुड़े लोगों के बारे में जांच की जा रही है।

    क्या होता है एनालॉग पनीर

    एनालॉग पनीर को आम तौर पर पारंपरिक दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसे बनाने में दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण कुछ बाजारों में इसकी मांग बनी रहती है। हालांकि इसकी सामग्री और पोषण संबंधी विशेषताएं असली दूध से बने पनीर से अलग हो सकती हैं। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि वे जो उत्पाद खरीद रहे हैं उसकी सही पहचान और सामग्री की जानकारी उन्हें मिले।

    प्रदेश में प्रतिबंध के बाद भी सामने आया मामला

    करीब तीन महीने पहले मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया था। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी चिंता जताई थी और मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राज्यों से संपर्क करने का फैसला किया था। इसके बावजूद भोपाल में बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर की खेप पहुंचने का मामला सामने आया है। इससे प्रतिबंध के पालन और खाद्य उत्पादों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    त्योहारों के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी सही पहचान सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि जब्त पनीर कहां खपाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • करवा चौथ पर मौसम डाल सकता है खलल, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे चंद्रोदय, जानें अपने शहर का समय

    करवा चौथ पर मौसम डाल सकता है खलल, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे चंद्रोदय, जानें अपने शहर का समय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में गुरुवार 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखेंगी। सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद शुरू होने वाला यह व्रत रात में चंद्र दर्शन और पूजा के बाद पूरा किया जाता है। हालांकि इस बार मौसम महिलाओं की प्रतीक्षा बढ़ा सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में चांद के निर्धारित समय पर निकलने के बावजूद उसका स्पष्ट दर्शन होने में देरी हो सकती है।

    खगोलीय गणनाओं के अनुसार मध्य प्रदेश में सबसे पहले सिंगरौली में रात करीब 8 बजकर 1 मिनट पर चंद्रमा दिखाई देने का अनुमान है। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में चंद्रोदय होगा। राजधानी भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट पर जबकि इंदौर में रात 8 बजकर 34 मिनट पर चांद दिखने का अनुमान है। प्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित आलीराजपुर में चंद्र दर्शन का समय रात करीब 8 बजकर 41 मिनट बताया गया है। इस तरह राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच चंद्रोदय के समय में लगभग 40 मिनट का अंतर हो सकता है।

    नेशनल अवॉर्डी विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के मुताबिक पृथ्वी के भौगोलिक विस्तार और अलग-अलग देशांतर स्थितियों के कारण हर जिले में चांद निकलने का समय एक जैसा नहीं होता। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित जिलों में चंद्रमा पहले दिखाई देता है जबकि पश्चिमी जिलों में इसके दर्शन कुछ देर बाद होते हैं। इसी वजह से सिंगरौली से आलीराजपुर तक चंद्र दर्शन के समय में अंतर देखने को मिलता है।

    बारिश और बादलों से बढ़ सकता है इंतजार

    करवा चौथ के दिन प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर सागर रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल इंदौर नर्मदापुरम उज्जैन ग्वालियर और चंबल संभाग में बादल छाए रह सकते हैं। मौसम की ऐसी स्थिति में चंद्रमा के क्षितिज पर आने के बाद भी उसका दीदार तुरंत नहीं हो पाएगा। ऊंची इमारतों पहाड़ियों और स्थानीय मौसम की वजह से भी चांद दिखाई देने में 10 से 15 मिनट की देरी हो सकती है। इसलिए महिलाओं को अपने जिले में बताए गए चंद्रोदय के समय के साथ आसमान की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।

    सरगी से होती है व्रत की शुरुआत

    करवा चौथ पर व्रत शुरू करने से पहले सुबह सरगी ग्रहण करने की परंपरा है। आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल मिठाई मेवे और फेनी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। दिनभर बिना भोजन और पानी के रहने से पहले पौष्टिक आहार लेना उपयोगी हो सकता है। व्रत रखने वाली महिलाओं को अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए पर्याप्त पौष्टिक भोजन करना चाहिए। यदि किसी को मधुमेह या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है तो निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

    चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है व्रत

    करवा चौथ पर महिलाएं भगवान गणेश चौथ माता और चंद्र देव की पूजा करती हैं। परंपरा के अनुसार रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। इसके बाद व्रत खोलने की मान्यता है। कई परिवारों में करवा चौथ की कथा सुनने और पूजा की विधि पूरी करने का विशेष महत्व होता है।

    इस बार प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्र दर्शन का समय अलग रहेगा और मौसम भी भूमिका निभा सकता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने जिले के अनुमानित चंद्रोदय समय की जानकारी पहले से रखनी चाहिए। बादलों की वजह से चांद दिखाई देने में देरी हो तो धैर्य रखें और पूजा से जुड़ी परंपराओं का पालन स्थानीय मान्यताओं के अनुसार करें।

  • अमोला घाटी में नर कंकाल मिलने से सनसनी, कौन था मृतक और कैसे हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस

    अमोला घाटी में नर कंकाल मिलने से सनसनी, कौन था मृतक और कैसे हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक जंगल के पास नर कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सुरवाया थाना क्षेत्र की अमोला घाटी के ऊपर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना सामने आई है। शुरुआती आशंका के मुताबिक शव करीब 30 दिन पुराना हो सकता है। हालांकि मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मृतक की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार अमोला घाटी के ऊपर एक व्यक्ति का शव दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सुरवाया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। शव की स्थिति को देखते हुए उसके काफी पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी वास्तविक अवधि और मौत से जुड़ी परिस्थितियों की पुष्टि जांच तथा चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

    घटना सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतक कौन था और वह अमोला घाटी के ऊपर किस परिस्थिति में पहुंचा। फिलहाल पुलिस के पास मृतक की पहचान से जुड़ी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच अधिकारियों के सामने सबसे पहली चुनौती शव की पहचान करना है। इसके लिए आसपास के गांवों और क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि पता लगाया जा सके कि किसी अज्ञात व्यक्ति को हाल के दिनों में घटनास्थल के आसपास देखा गया था या नहीं।

    गुमशुदगी के मामलों से जोड़कर की जा सकती है जांच

    मृतक की पहचान का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जानकारी जुटा सकती है। यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की शिकायत दर्ज है तो उसके विवरण का मिलान मृतक से जुड़े उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जा सकता है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि अभी तक मृतक की पहचान या किसी संदिग्ध परिस्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएंगे अहम तथ्य

    इस मामले में पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इनकी मदद से मौत के संभावित कारणों और शव की स्थिति से जुड़े तथ्यों को समझने में सहायता मिल सकती है। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो पुलिस उसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही।

    अमोला घाटी के ऊपर नर कंकाल मिलने की घटना ने क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान मृतक की पहचान करने और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने पर है। अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • MP: भोपाल में नाबालिगों के यौन शोषण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला…78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद

    MP: भोपाल में नाबालिगों के यौन शोषण मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला…78 वर्षीय प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत (Special POCSO Court) ने पहले एक अखबार चलाने वाले मालिक प्यारे मियां (Pyare Miyan) को 10 बार उम्रकैद (Life imprisonment) की सजा सुनाई है. एजेंसी के मुताबिक अदालत ने उस पर 77.64 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को भी 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, प्यारे मियां पांच नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया गया है।


    नौकरी का लालच देकर बुलाने का आरोप

    अभियोजन पक्ष के अनुसार 78 वर्षीय प्यारे मियां साल 2014 से नाबालिग लड़कियों को निशाना बना रहा था. आरोप था कि वह लड़कियों को हर महीने 10 हजार रुपये की नौकरी देने का लालच देकर अपने पास बुलाता था. इसके बाद उनका यौन शोषण और बलात्कार करता था. मामले में राबिया बी पर भी उसके अपराधों में मदद करने का आरोप साबित हुआ।


    काउंसलिंग के दौरान सामने आया था मामला

    यह मामला 11 जुलाई 2020 को सामने आया था. अभियोजन पक्ष के मुताबिक काउंसलिंग के दौरान एक पीड़िता ने अपने साथ हुए यौन शोषण की जानकारी दी थी. उसने बताया कि उसे भोपाल के शाहपुरा इलाके में स्थित एक फ्लैट पर जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था।

    पीड़िता के आरोप के अनुसार, वहां उसे जबरन शराब पिलाई गई और प्यारे मियां ने उसका यौन उत्पीड़न किया. इसके बाद अन्य नाबालिग लड़कियों ने भी इसी तरह के शोषण की घटनाओं के बारे में खुलासा किया।


    आठ मामलों में मृत्यु तक उम्रकैद

    अभियोजन पक्ष के अधिकारी के मुताबिक, विशेष पॉक्सो अदालत ने प्यारे मियां को पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई. उसे आठ मामलों में मृत्यु तक उम्रकैद और दो मामलों में उम्रकैद की सजा दी गई है. ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

    सरकारी वकील पीएन सिंह राजपूत के अनुसार, पुलिस ने मामले की जांच के बाद प्यारे मियां को गिरफ्तार किया था. इसके बाद राबिया बी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी मुकदमा चलाया गया. अदालत ने आरोप साबित होने के बाद प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाईष

  • MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता

    MP: ग्वालियर में बाइक पार्क करने गया पति…. चिडियाघर के बाहर से गायब हो गई नवविवाहिता


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां चिड़ियाघर (Zoo) के बाहर से लापता हुई 18 साल की नवविवाहिता (Newlywed Woman) को पुलिस ने करीब 20 दिन बाद दस्तयाब किया. महिला अपने 21 वर्षीय पति के साथ शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के नरवर से ग्वालियर घूमने आई थी. पति का कहना था कि वह बाइक पार्क करने गया था और पत्नी को चिड़ियाघर के गेट के पास छोड़ गया था. जब वह वापस लौटा तो पत्नी वहां नहीं मिली. इसके बाद उसकी तलाश शुरू हुई. पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली तो महिला एक दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर जाती दिखाई दी. अब महिला मिल गई है और उसने पुलिस को बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और उसने एक शख्स से लिफ्ट ली थी. पुलिस अब उसके बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया अपना रही है।

    यह मामला ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है. शिवपुरी जिले के नरवर क्षेत्र का रहने वाला 21 वर्षीय युवक अपनी 18 वर्षीय पत्नी को बाइक से ग्वालियर घुमाने और रिश्तेदारों से मिलवाने आया था. पत्नी की इच्छा पर दोनों चिड़ियाघर पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि चिड़ियाघर पहुंचने के बाद पति बाइक पार्क करने चला गया. इस दौरान उसने पत्नी को गेट के पास ही छोड़ दिया था. कुछ देर बाद जब वह वापस आया तो पत्नी वहां मौजूद नहीं थी. उसने आसपास तलाश की, लेकिन पत्नी का कोई पता नहीं चला।


    CCTV फुटेज में दूसरे युवक की बाइक पर जाती दिखी महिला

    तलाश के दौरान उसे जानकारी मिली कि उसकी पत्नी किसी दूसरे युवक की बाइक पर बैठकर वहां से चली गई है. इसके बाद पति अपने चाचा के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी. अचानक पत्नी के गायब होने से वह परेशान था और उसने पुलिस से उसे तलाशने की मांग की. महिला के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. चिड़ियाघर और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

    पति ने फुटेज देखकर पत्नी को पहचाना. उसने बाइक सवार युवक की पहचान अरमान खान के रूप में बताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा भी किया. पति की तरफ से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है. पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू की थी. मामले में CCTV फुटेज अहम कड़ी बनी, क्योंकि इसमें महिला को एक अन्य युवक के साथ जाते हुए देखा गया था. हालांकि, फुटेज में दिखाई देने वाली घटना के पीछे की पूरी वजह उस समय स्पष्ट नहीं थी।

    करीब 20 दिन तक तलाश किए जाने के बाद पुलिस ने महिला को दस्तयाब कर लिया. महिला के मिलने के बाद मामले में नया मोड़ आया है. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि वह रास्ता भटक गई थी. इसके बाद उसने एक व्यक्ति से लिफ्ट मांगी थी और उसके साथ चली गई थी. महिला के इस बयान के बाद पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है. महिला ने जिस तरह रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है, उसकी परिस्थितियों की विस्तृत पूछताछ की जाएगी. पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि महिला अपनी मर्जी से गई थी या उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती हुई थी।


    CSP बोले, न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद होगी कार्रवाई

    सीएसपी रॉबिन जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले पड़ाव थाना क्षेत्र से एक महिला के लापता होने की सूचना मिली थी. उसके पति ने इस संबंध में मामला दर्ज कराया था. बाद में CCTV फुटेज में महिला एक युवक के साथ मोटरसाइकिल पर जाती दिखाई दी थी. सीएसपी के मुताबिक, महिला को दस्तयाब कर लिया गया है. उसने बताया है कि वह रास्ता भटक गई थी और किसी से लिफ्ट मांगकर चली गई थी. पुलिस उससे और विस्तृत पूछताछ करेगी. उन्होंने बताया कि महिला बालिग है. यदि उसे जबरदस्ती नहीं ले जाया गया है, तो वह अपनी मर्जी से जा सकती है. अब न्यायालय में महिला के बयान दर्ज कराए जाएंगे. इसके बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    महिला के मिलने के बाद पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है. पुलिस महिला के बयान, उसके लापता रहने के दौरान की परिस्थितियों और CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले युवक की भूमिका की जांच करेगी. फिलहाल महिला ने रास्ता भटकने और लिफ्ट लेने की बात कही है. वहीं, पति ने पहले युवक पर संदेह जताते हुए उसके साथ प्रेम संबंध होने का दावा किया था. इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. न्यायालय में महिला के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित

    MP में चक्रवाती सिस्टम से बदलेगा मौसम, आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट, 31 जिले होंगे प्रभावित


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को 31 जिलों में मौसम प्रभावित रह सकता है, जबकि सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम का सबसे ज्यादा असर 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

    29 अक्टूबर को बढ़ेगा बारिश का असर

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भोपाल, नर्मदापुरम, भिंड, दतिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    वहीं, अगले 24 घंटे के दौरान सीधी, सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में फिलहाल मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को चक्रवाती सिस्टम का असर ज्यादा रहने की संभावना जताई है। इस दिन प्रदेश में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और बारिश का दौर रह सकता है। करवा चौथ भी इसी दिन है, ऐसे में बादलों के कारण कई इलाकों में चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है। 30 और 31 अक्टूबर को भी मौसम में बदलाव जारी रहने का अनुमान है।

    पूर्वी MP में ज्यादा असर, पश्चिमी जिलों में धूप

    चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में देखने को मिल सकता है। दूसरी ओर, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर और राजगढ़ में बारिश या गरज-चमक की चेतावनी नहीं है। इन क्षेत्रों में धूप निकलने की संभावना है।

    धार में सुबह के तापमान में 4.2 डिग्री की गिरावट

    चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव के बीच प्रदेश के कुछ इलाकों में रात और सुबह के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। धार जिले में तेज हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान मंगलवार के 15.4 डिग्री सेल्सियस से गिरकर बुधवार सुबह 11.2 डिग्री पर पहुंच गया। यानी एक दिन में 4.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    मंगलवार को धार में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।

    बारिश से धान की फसल को नुकसान, गेहूं की बुआई पर भी असर संभव

    चक्रवाती सिस्टम से पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश होने पर किसानों की चिंता बढ़ सकती है। खेतों में खड़ी धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है। जबलपुर संभाग के बालाघाट और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की खेती होती है। ऐसे में लगातार या तेज बारिश से कटाई और फसल को सुरक्षित रखने के काम में परेशानी आ सकती है।

    रीवा संभाग में किसान गेहूं की बुआई में जुटे हैं। बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने या कृषि कार्यों में बाधा आने से बुआई प्रभावित हो सकती है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में धान, सोयाबीन, मक्का, उड़द, अरहर, तिल और कुछ क्षेत्रों में मोटे अनाज प्रमुख खरीफ फसलें हैं। हालांकि, बारिश का वास्तविक असर उसकी मात्रा, अवधि और फसल की मौजूदा स्थिति पर निर्भर करेगा।

    पूर्वी हिस्से में मानसून के दौरान हुई थी ज्यादा बारिश

    दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। अब चक्रवाती सिस्टम का असर भी इसी क्षेत्र में ज्यादा रहने का अनुमान है। बारिश से भूमिगत जलस्तर को फायदा मिल सकता है, हालांकि इसका लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि पानी का कितना हिस्सा जमीन में समाता है।

    शाजापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री

    भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात की ठंडक बढ़ने लगी है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर और पचमढ़ी में 13.8 डिग्री, रायसेन में 14.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 14.7 डिग्री और दमोह में 15 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    दूसरी ओर, दिन में कई शहरों का तापमान अब भी 34 से 35 डिग्री के आसपास बना हुआ है। उज्जैन, भोपाल के बैरसिया, धार, खंडवा, खजुराहो, सागर, मंदसौर और नीमच के मरुखेड़ा में अधिकतम तापमान 34.3 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

  • उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज

    उज्जैन में मिलने बुलाकर महिला से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, दो आरोपियों पर एफआईआर दर्ज


    इंदौर: की एक महिला ने उज्जैन में चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। महिला के मुताबिक, इंस्टाग्राम के जरिए उसकी दोस्ती उज्जैन के रहने वाले चक्रेश जैन से हुई थी। युवक ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया था। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चक्रेश जैन और एक अन्य आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महिला ने इस घटना में कुल पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    महिला के अनुसार, कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान चक्रेश जैन से हुई थी। इसके बाद दोनों एक-दो बार मिल भी चुके थे। सोमवार को चक्रेश ने उसे मिलने के लिए उज्जैन बुलाया। महिला बस से उज्जैन पहुंची, जहां मेघदूत होटल के पास चक्रेश अपने एक साथी के साथ कार लेकर उससे मिला। महिला का आरोप है कि इसके बाद दोनों उसे कार में घुमाते रहे और कुछ समय बाद चक्रेश के चार अन्य दोस्त भी कार में सवार हो गए।

    महिला ने आरोप लगाया है कि कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की गई। उसने यौन हिंसा के दौरान गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। महिला के अनुसार, आरोपियों ने उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डालकर उसे घायल किया। घटना के संबंध में महिला ने एक वीडियो जारी कर अपने साथ हुई कथित हिंसा की जानकारी दी है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    महिला ने बताया कि घटना के बाद आरोपी उसे इंदौर में अरबिंदो अस्पताल के बाहर छोड़ गए। महिला के मुंहबोले नाबालिग भाई के मुताबिक, रात करीब नौ बजे उसके पास महिला का फोन आया था। फोन पर वह रो रही थी और उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद भाई उसे लेने अरबिंदो अस्पताल पहुंचा। वहां से महिला अपने भाई के साथ उज्जैन के नानाखेड़ा थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत दी।

    जानकारी के मुताबिक, महिला रात करीब 12 बजे थाने पहुंची थी। पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा। मामले में सीएसपी श्वेता गुप्ता और थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने महिला से पूछताछ की। महिला के लिखित आवेदन के आधार पर चक्रेश जैन और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    सीएसपी श्वेता गुप्ता के मुताबिक, महिला अपनी मर्जी से बस में सवार होकर उज्जैन आई थी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में महिला की ओर से बताए गए आरोपियों की संख्या और दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपियों की संख्या अलग-अलग है। महिला ने वीडियो में चार से पांच लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने फिलहाल दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच में आरोपों और घटना से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।

  • मध्य प्रदेश के सरकारी पोर्टल्स पर साइबर हमले का खतरा, NIC का अलर्ट जारी, विशेषज्ञों की टीमें 24 घंटे निगरानी में जुटीं

    मध्य प्रदेश के सरकारी पोर्टल्स पर साइबर हमले का खतरा, NIC का अलर्ट जारी, विशेषज्ञों की टीमें 24 घंटे निगरानी में जुटीं

    मध्य प्रदेश: में सरकारी वेबसाइटों और ऑनलाइन पोर्टल्स की साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। PHP सॉफ्टवेयर में गंभीर सुरक्षा खामी सामने आने के बाद राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने राज्य के आईटी तंत्र को अलर्ट किया है। इस खतरे को देखते हुए प्रदेश में सरकारी वेबसाइटों और सर्वरों की निगरानी तेज कर दी गई है। कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम (CERT) की तकनीकी टीम लगातार 24 घंटे निगरानी कर रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की समय रहते पहचान की जा सके।

    प्रदेश में बिजली, राजस्व, नागरिक आपूर्ति और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी कई वेबसाइटें PHP तकनीक पर संचालित होती हैं। ऐसे में सॉफ्टवेयर की सुरक्षा में सामने आई कमी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस खामी का फायदा उठाकर हमलावर दूर से ही सरकारी सर्वर तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में इसके लिए सामान्य लॉगिन या पासवर्ड की आवश्यकता नहीं पड़ने का जोखिम भी बताया गया है।

    साइबर सुरक्षा से जुड़ी इस कमजोरी को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसकी गंभीरता का आकलन 10 में से 9.2 अंक के रूप में किया गया है। यह रेटिंग संभावित खतरे की गंभीरता को दर्शाती है। इंटरनेट पर उपलब्ध कुछ सर्वरों को निशाना बनाने की शुरुआती कोशिशें भी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन प्रयासों के मध्य प्रदेश में होने की पुष्टि नहीं हुई है।

    विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा खामी को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो सरकारी विभागों के महत्वपूर्ण डेटा की चोरी होने और ऑनलाइन सेवाओं के बाधित होने का खतरा पैदा हो सकता है। सरकारी पोर्टल्स के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में सर्वर की सुरक्षा में सेंध लगने से विभागीय कामकाज के साथ-साथ आम लोगों को मिलने वाली डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

    अलर्ट में पुराने सॉफ्टवेयर संस्करणों का इस्तेमाल करने वाले विभागों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। जिन वेबसाइटों पर PHP के पुराने या अपडेट नहीं किए गए संस्करण चल रहे हैं, उनके अधिक जोखिम में होने की आशंका है। तकनीकी सलाह के मुताबिक, पुराने संस्करणों में मौजूद सुरक्षा कमजोरियों को दूर करना जरूरी है, ताकि हमलावर उनका फायदा न उठा सकें।

    इसी के तहत सरकारी वेबसाइटों और सर्वरों का प्रबंधन करने वाली तकनीकी टीमों को सॉफ्टवेयर अपडेट करने और उपलब्ध सुरक्षा पैच लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सर्वरों पर आने वाले इंटरनेट ट्रैफिक की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनधिकृत पहुंच की कोशिश सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करना इस निगरानी व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है।

    प्रदेश में साइबर सुरक्षा की स्थिति को लेकर वैभव श्रीवास्तव, एसपी एटीएस एवं ज्वाइंट डायरेक्टर CERT ने बताया कि सुरक्षा संबंधी अलर्ट प्राप्त हुआ है और उनकी टीम लगातार सातों दिन, 24 घंटे निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पिछले दो वर्षों से काम किया जा रहा है और अब तक ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है।

    सरकारी पोर्टल्स की सुरक्षा के लिए फिलहाल सॉफ्टवेयर अपडेट, सर्वर मॉनिटरिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। तकनीकी टीमों के सामने चुनौती यह है कि संभावित कमजोरियों को जल्द दूर किया जाए और सरकारी डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित तथा सुचारु बनाए रखा जाए।

  • मुरैना में चौथी मंजिल से कूदी महिला, पति की समझाइश और बच्चे की पुकार भी नहीं रोक सकी, गंभीर हालत में दिल्ली रेफर

    मुरैना में चौथी मंजिल से कूदी महिला, पति की समझाइश और बच्चे की पुकार भी नहीं रोक सकी, गंभीर हालत में दिल्ली रेफर

    मध्य प्रदेश: के मुरैना शहर में सोमवार तड़के एक महिला द्वारा चौथी मंजिल से छलांग लगाने का मामला सामने आया है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के नैनागढ़ रोड स्थित एक मकान में सुबह करीब चार बजे हुई। महिला को रोकने के लिए उसके पति, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्यों ने काफी कोशिश की, लेकिन वे उसे समझाने में सफल नहीं हो सके। चौथी मंजिल से गिरने के कारण महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर दिल्ली रेफर कर दिया गया। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    छत पर पहुंचकर रेलिंग के पास खड़ी हुई महिला

    जानकारी के अनुसार, सोमवार तड़के महिला मकान की चौथी मंजिल पर पहुंच गई और रेलिंग के पास से नीचे कूदने की कोशिश करने लगी। यह देखकर नीचे मौजूद परिजनों ने उसे रोकने का प्रयास किया। पति लगातार उसे समझाकर नीचे उतरने के लिए कहता रहा। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उसे शांत करने और ऐसा कदम नहीं उठाने की अपील की।

    इस दौरान महिला का बच्चा उसे लगातार ‘मम्मी-मम्मी’ कहकर पुकारता रहा। बच्चे की आवाज और पति की समझाइश के बावजूद महिला ने छलांग लगा दी। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वे उसे बचा नहीं सके।

    मोहल्ले के लोगों ने भी समझाने की कोशिश की

    महिला के छत पर होने और परिजनों की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी महिला को समझाने और नीचे आने के लिए मनाने का प्रयास किया। काफी कोशिशों के बाद भी महिला नहीं मानी और चौथी मंजिल से नीचे कूद गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    महिला के गिरने से गंभीर रूप से घायल होने के बाद परिजन उसे तत्काल कार से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

    घटना का वीडियो आया सामने

    इस घटना के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में महिला को रोकने के लिए की जा रही कोशिशों और बच्चे की आवाज सुनाई देने की बात सामने आई है। घटना से जुड़े वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ है। हालांकि, वीडियो से महिला के इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं होती।

    महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वजह फिलहाल सामने नहीं आई है। किन परिस्थितियों में वह चौथी मंजिल पर पहुंची और छलांग लगाने का फैसला किया, यह अभी स्पष्ट नहीं है। घटना के कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल सबसे अहम बात महिला की गंभीर हालत और उसका इलाज है। उपलब्ध जानकारी में महिला की पहचान, उसकी उम्र और घटना के पीछे की परिस्थितियों से जुड़ा विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

  • खरगोन के नर्मदा घाट पर मिले सैकड़ों वोटर कार्ड, कांग्रेस का बड़ा आरोप, FIR नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी

    खरगोन के नर्मदा घाट पर मिले सैकड़ों वोटर कार्ड, कांग्रेस का बड़ा आरोप, FIR नहीं हुई तो थाने के घेराव की चेतावनी


    खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे 343 मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गईNarmada Voter ID Cards, Khargone News, Madhya Pradesh Politics, Congress Protest, Election Investigation है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ये पहचान पत्र इंदौर जिले की राऊ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। एक ही स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में वोटर कार्ड मिलने से निर्वाचन व्यवस्था और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर कांग्रेस ने पुलिस से शिकायत कर जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पहचान पत्र नर्मदा घाट तक कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने छोड़ा।

    जानकारी के अनुसार रविवार को मंडलेश्वर के नर्मदा घाट पर सफाई अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सफाई कार्य में जुटे स्वयंसेवकों की नजर पानी में तैरते और नदी किनारे पड़े मतदाता पहचान पत्रों पर पड़ी। जब बड़ी संख्या में कार्ड मिलने की जानकारी सामने आई तो मामले ने गंभीर रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि इन पहचान पत्रों पर इंदौर के तिलक नगर आस्था पैलेस और आसपास के क्षेत्रों के पते दर्ज हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।

    घटना की जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने वहां मिले मतदाता पहचान पत्रों को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार किया। अब इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता उनकी संख्या और उनके नर्मदा घाट तक पहुंचने के कारणों की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कार्ड वास्तविक हैं या नहीं और यदि वे वास्तविक हैं तो एक साथ इतनी बड़ी संख्या में एक स्थान पर कैसे पहुंचे। फिलहाल इस मामले में किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

    वोटर कार्ड मिलने के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंडलेश्वर थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को गंभीर बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पार्टी ने सवाल उठाया कि इंदौर के मतदाताओं से जुड़े इतने सारे पहचान पत्र खरगोन जिले के नर्मदा घाट पर कैसे मिले। कांग्रेस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दस्तावेजों के स्रोत और उनके यहां पहुंचने की पूरी जानकारी सामने आ सके।

    कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी कार्यकर्ता थाने का घेराव करेंगे। इसके साथ ही नदी में और भी मतदाता पहचान पत्र होने की आशंका जताते हुए व्यापक तलाशी कराने की मांग की गई है। पार्टी ने इस घटना को कथित वोट चोरी से जोड़कर सवाल उठाए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं पुलिस के अनुसार कांग्रेस की शिकायत प्राप्त हुई है और थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदाता पहचान पत्र नदी किनारे कैसे पहुंचे और इन्हें वहां छोड़ने के पीछे क्या कारण था। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक इस घटना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को जांच के आधार पर ही परखा जाना जरूरी है।