Category: Madhya Pradesh

  • निगम परिषद की बैठक में गरमाएगा भोपाल का मुद्दा! सड़कें खुदी पड़ीं और सफाई व्यवस्था बदहाल फिर भी चर्चा से बाहर

    निगम परिषद की बैठक में गरमाएगा भोपाल का मुद्दा! सड़कें खुदी पड़ीं और सफाई व्यवस्था बदहाल फिर भी चर्चा से बाहर


    भोपाल । भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक बुधवार 19 अगस्त को ISBT स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित होने जा रही है। साल के पहले नियमित परिषद सम्मेलन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। बैठक के एजेंडे में शहर की मौजूदा समस्याओं से जुड़े जनहित के मुद्दे शामिल नहीं होने पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि राजधानी की सड़कें बारिश के बाद बदहाल हो चुकी हैं कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है और सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों की शिकायतें लगातार बनी हुई हैं। इसके बावजूद इन अहम मुद्दों को परिषद की बैठक के एजेंडे में जगह नहीं दी गई है। ऐसे में बैठक के हंगामेदार रहने के आसार जताए जा रहे हैं।

    नगर निगम परिषद की बैठक की शुरुआत पार्षदों के सवाल जवाब से होगी। इसके बाद एजेंडे में शामिल प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक सुबह 11 बजे शुरू होगी। बताया गया है कि सम्मेलन में नगर निगम की खाली हुई एक बिल्डिंग को किराए पर दिए जाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा होनी है। विपक्ष का कहना है कि जब शहर के सामने बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई सवाल खड़े हैं तो परिषद की बैठक में इन विषयों पर प्राथमिकता से चर्चा होनी चाहिए।

    बारिश के बाद भोपाल की सड़कों की स्थिति विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। राजधानी में कई स्थानों पर सड़कें उखड़ी हुई हैं और कुछ इलाकों में सड़क निर्माण या दूसरे कामों के कारण रास्ते प्रभावित हैं। तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या भी सामने आती है। ऐसे में आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष का सवाल है कि शहर की ऐसी स्थिति के बीच सड़क और जलभराव जैसे मुद्दे परिषद की बैठक में चर्चा का हिस्सा क्यों नहीं बनाए गए।

    सफाई व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष नगर निगम को घेरने की तैयारी में है। कई इलाकों में बारिश के बाद कचरा जमा होने और जल निकासी से जुड़ी शिकायतों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि शहर की सफाई और बुनियादी सुविधाएं सीधे तौर पर आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हैं। ऐसे में परिषद की बैठक में इन विषयों पर पार्षदों को सवाल पूछने और अधिकारियों से जवाब लेने का मौका मिलना चाहिए।

    नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने एजेंडे को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हर बैठक में शहर सरकार की ओर से जनहित के मुद्दों को पर्याप्त जगह नहीं दी जाती। उन्होंने दावा किया कि पिछली बैठक में भी जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की मांग की गई थी लेकिन विपक्ष की बात नहीं सुनी गई। अब एक बार फिर शहर की प्रमुख समस्याओं को एजेंडे से बाहर रखने को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।

    सीनियर पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने भी भोपाल की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जताई है। उनके मुताबिक शहर की कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और तेज बारिश के बाद राजधानी के बड़े हिस्से में पानी भरने की स्थिति बनी। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था भी कई स्थानों पर ठीक नहीं है। विपक्ष इन सभी मुद्दों को परिषद की बैठक में उठाने की तैयारी में है।

    यह सम्मेलन इस साल का पहला ऐसा परिषद सम्मेलन बताया जा रहा है जिसमें पार्षदों को सवाल जवाब के जरिए शहर से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। इससे पहले इस साल दो सम्मेलन हुए हैं लेकिन उनमें एक महिला सशक्तिकरण और दूसरा कचरे के नए नियमों से संबंधित था। इन बैठकों में पार्षदों के सवाल जवाब का सामान्य प्रारूप नहीं था।

    अब बुधवार की बैठक में विपक्ष के तेवर और सत्ता पक्ष के जवाब पर सबकी नजर रहेगी। एजेंडे में जनहित के मुद्दों की कमी को लेकर विपक्ष पहले ही अपनी रणनीति स्पष्ट कर चुका है। ऐसे में सड़क जलभराव सफाई और शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल बैठक में जोरदार तरीके से उठने की संभावना है। अगर इन मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होती है तो निगम परिषद का यह सम्मेलन हंगामेदार हो सकता है।

  • MP के 12 जिलों में आज हैवी रेन की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव

    MP के 12 जिलों में आज हैवी रेन की चेतावनी, पूर्वी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पूर्वी हिस्से में बने स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय अवदाब के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। इसके असर से 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर रहेगा। 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकती हैं।

    आज इन जिलों में तेज बारिश के आसार

    टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में 4 से 8 इंच तक बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। रायसेन, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, मंडला, शहडोल, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना और छतरपुर में 2.5 से 4 इंच तक बारिश हो सकती है।

    भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    22.6 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 12% कम

    IMD के अनुसार प्रदेश में अब तक 573.1 मिमी यानी 22.6 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 25.6 इंच (651.4 मिमी) से करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक कुल 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 16% और पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 9% कम बारिश दर्ज की गई है।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 5% से 39% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के मुताबिक अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • मुख्यमंत्री बुधवार को 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में जमा करेंगे 2,148 करोड़ रुपये

    मुख्यमंत्री बुधवार को 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में जमा करेंगे 2,148 करोड़ रुपये

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 19 अगस्त को मैहर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक पात्र बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक से कुल 2,148 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मैहर जिले में 256 करोड़ रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी करेंगे।

    नियमित सहायता के साथ रक्षाबंधन का विशेष शगुन

    जनसम्पर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त के रूप में 1,500 प्रति हितग्राही कुल 1,835.46 करोड़ रुपये से अधिक और रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर 250 प्रति हितग्राही कुल 312.83 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त सहायता दी जा रही है। इस प्रकार प्रत्येक लाड़ली बहना के खाते में कुल 1,750 रुपये की संयुक्त राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से पहुंचेगी।

    योजना के तहत अब तक का कुल वित्तीय विवरण

    उन्होंने बताया कि जून 2023 में योजना की शुरुआत से लेकर अगस्त 2026 तक की कुल 39 किश्तों के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के खातों में 63 हजार 248 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के लिये 23,882.81 करोड़ रुपये का विस्तृत बजट प्रावधान रखा है।


  • भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन! चक्काजाम के बीच आत्मदाह की चेतावनी से गरमाया माहौल

    भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन! चक्काजाम के बीच आत्मदाह की चेतावनी से गरमाया माहौल


    भोपाल। भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का गुस्सा मंगलवार को सड़क पर दिखाई दिया। दुकानों और प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी और महिलाएं रोशनपुरा चौराहे पर पहुंचीं और करीब पौने दो घंटे तक चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और सरकार से कार्रवाई रोककर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिला कारोबारी भी शामिल रहीं।

    व्यापारियों का कहना है कि भोपाल के कई इलाकों में वर्षों से छोटे और बड़े कारोबार संचालित हो रहे हैं। इन कारोबारों से सिर्फ दुकान मालिक ही नहीं बल्कि कर्मचारी और उनके परिवार भी जुड़े हुए हैं। ऐसे में अचानक सीलिंग की कार्रवाई होने से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी रोटी प्रभावित होने की आशंका है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार ऐसा रास्ता निकाले जिससे नियमों का पालन भी हो सके और लंबे समय से चल रहे कारोबार भी पूरी तरह बंद न हों।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ व्यापारी मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। बाद में प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान भी गाया।

    इस आंदोलन में महिला कारोबारियों की मौजूदगी भी खास रही। ब्यूटी पार्लर और छोटे व्यवसाय चलाने वाली महिलाओं ने सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ अलग अंदाज में विरोध जताया। एक ब्यूटिशियन ने सड़क पर ही मेकअप करके अपना विरोध दर्ज कराया। महिला व्यापारियों का कहना था कि ब्यूटी पार्लर और इस तरह के छोटे कारोबार बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देते हैं। अगर इन प्रतिष्ठानों को बंद किया जाता है तो इसका सीधा असर कारोबारियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ेगा।

    प्रदर्शन में शामिल व्यापारियों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना था कि यदि उनकी समस्याओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों की ओर से आंदोलन उग्र करने और आत्मदाह जैसे कदम उठाने की चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसी चेतावनियों को लेकर प्रशासन और पुलिस के सामने स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।

    व्यापारियों ने भोपाल के मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की मांग भी उठाई है। थोक बाजार व्यापारी संघ के अभिषेक रब्बू के मुताबिक शहर में मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान किया जाना चाहिए ताकि जिन इलाकों में लंबे समय से कारोबार चल रहे हैं वहां व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके। व्यापारियों ने गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून 2022 जैसे प्रावधान लागू करने की मांग भी रखी है।

    व्यापारियों का तर्क है कि कई संपत्तियों की बाकायदा रजिस्ट्री हुई है और नगर निगम की ओर से इन संपत्तियों से संपत्ति कर भी लिया जाता है। ऐसे में वर्षों से संचालित कारोबारी गतिविधियों पर अचानक नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ी है। उनका कहना है कि यदि नियमों से जुड़ी कोई समस्या है तो सरकार को पहले समाधान और नियमितीकरण का रास्ता तलाशना चाहिए।

    फिलहाल रोशनपुरा चौराहे पर हुए प्रदर्शन के बाद व्यापारियों ने आंदोलन खत्म कर दिया है लेकिन उन्होंने साफ संकेत दिया है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है। अब निगाहें प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर हैं। एक तरफ नगर निगम की कार्रवाई और दूसरी तरफ कारोबारियों की रोजी रोटी से जुड़ी चिंता के बीच भोपाल में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है।

  • मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: महिलाओं-किसानों को बड़ी सौगात, 1.46 लाख करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी

    मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: महिलाओं-किसानों को बड़ी सौगात, 1.46 लाख करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार 18 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रालय में हुई इस बैठक में महिला कल्याण से लेकर किसानों स्वास्थ्य शिक्षा नर्मदा संरक्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सड़क विकास और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक प्रदेश में विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए करीब 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों को अगले पांच वर्षों के विकास और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कैबिनेट के फैसलों में महिलाओं और बेटियों से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिखाई दिया। सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये का प्रावधान मंजूर किया है। यह योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। लंबे समय के लिए वित्तीय प्रावधान तय होने से योजना के आगामी संचालन के लिए बजटीय आधार मजबूत होगा।

    इसी तरह बेटियों के भविष्य और शिक्षा से जुड़ी लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16 हजार 326 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए भी अगले पांच वर्षों में 2 हजार 137 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन तीनों योजनाओं को मिलाकर महिला कल्याण और बेटियों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 1.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र को भी कैबिनेट से बड़ा बजट मिला है। सरकार ने स्वास्थ्य योजनाओं और संबंधित कार्यों के लिए 11 हजार 835 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने मौजूदा सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में किया जाएगा। सरकार की कोशिश प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा प्रभावी और सुलभ बनाने की है।

    किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। कृषि शिक्षा अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के लिए 870 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके जरिए कृषि क्षेत्र में नई तकनीक अनुसंधान प्रशिक्षण और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने से जुड़े कामों को बढ़ावा देने की योजना है। कैबिनेट में डिंडौरी जिले की उपलब्धि का भी उल्लेख हुआ जहां प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के तहत किए गए कार्यों के मामले में देश में बेहतर प्रदर्शन की जानकारी दी गई। सरकार अब इस मॉडल को दूसरे जिलों तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगी।

    बैठक का एक बड़ा फैसला नर्मदा संरक्षण से जुड़ा रहा। सरकार ने नर्मदा नदी को निर्मल और अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का राज्य अनुदान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मिशन के तहत नदी के प्रदूषण को रोकने घाटों की साफ सफाई जल गुणवत्ता और नर्मदा के प्राकृतिक प्रवाह को बेहतर बनाए रखने जैसे मुद्दों पर काम किया जाएगा।

    विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अगले पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी गई है। सरकार का जोर तकनीकी विकास नवाचार और विज्ञान आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर रहेगा। वहीं प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के प्रबंधन को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है।

    खेल प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानने के लिए 5 से 15 वर्ष के बच्चों का टैलेंट सर्च कार्यक्रम चलाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके जरिए प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी खेल प्रतिभा के अनुसार प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर देने की तैयारी है।

    कुल मिलाकर 18 अगस्त की मोहन कैबिनेट बैठक में सरकार ने महिला कल्याण किसानों स्वास्थ्य पर्यावरण विज्ञान तकनीक सड़क और खेल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया है। अगले पांच वर्षों के लिए किए गए इन वित्तीय प्रावधानों से सरकार ने विकास और जनकल्याण का एक व्यापक रोडमैप सामने रखने की कोशिश की है।

  • भोपाल के पनिया गांव में स्वतंत्रता दिवस पर कीचड़ भरे रास्ते से तिरंगा लेकर स्कूल पहुंचे बच्चे, जर्जर भवन से गिरा प्लास्टर

    भोपाल के पनिया गांव में स्वतंत्रता दिवस पर कीचड़ भरे रास्ते से तिरंगा लेकर स्कूल पहुंचे बच्चे, जर्जर भवन से गिरा प्लास्टर

    भोपाल। देश भर में स्वतंत्रता दिवस का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर शैक्षणिक संस्थानों में ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हालांकि, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे एक ग्रामीण क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और तटीय व ग्रामीण बुनियादी ढांचे की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल जिले की बैरसिया तहसील के पनिया गांव में स्कूली छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे अत्यंत कठिन परिस्थितियों को पार करते हुए विद्यालय पहुंचे। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण स्कूल तक पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह से कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो चुका था। छोटे-छोटे बच्चों को इसी दुर्गम रास्ते से गुजरकर ध्वजारोहण समारोह में भाग लेने के लिए जाना पड़ा।

    परेशानियों का सिलसिला केवल खराब रास्ते तक ही सीमित नहीं रहा। जब छात्र विद्यालय परिसर में पहुंचे, तो वहां जर्जर भवन की खतरनाक स्थिति सामने आई। विद्यालय के एक कमरे की छत का प्लास्टर टूटकर जमीन पर गिर गया, जिससे वहां उपस्थित लोगों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। इस प्रकार की स्थिति में दैनिक रूप से पठन-पाठन कार्य संचालित होना बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा जोखिम माना जा रहा है।

    तमाम विपरीत परिस्थितियों और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के बावजूद विद्यार्थियों के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। छात्रों ने अनुशासित रूप से पंक्तिबद्ध होकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान का गायन किया। बच्चों के चेहरे पर देशभक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था, जबकि पृष्ठभूमि में जर्जर इमारत और कीचड़युक्त परिसर व्यवस्थागत कमियों को उजागर कर रहा था।

    मध्य प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून के मौसम के दौरान इस प्रकार की समस्याएं अक्सर सामने आती रहती हैं। ग्रामीण इलाकों में पक्के संपर्कों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पनिया गांव की यह घटना यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं का विकास अभी भी एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती बना हुआ है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तरीय वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनाक्रम पर संज्ञान लेने की बात कही है। जिला कलेक्टर ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और आश्वस्त किया है कि संबंधित विभाग के माध्यम से विद्यालय भवन की मरम्मत तथा पहुंच मार्ग को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से शीघ्र अति शीघ्र नए भवन और पक्की सड़क की मांग की है।

    स्थानीय समुदाय का मानना है कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षा के लिए सुरक्षित कक्षाएं, पेयजल और पक्के पहुंच मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। जर्जर इमारतों की समय पर मरम्मत न होने से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

    फिलहाल, इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। देखना होगा कि प्रशासनिक आश्वासन के बाद पनिया गांव के इस प्राथमिक विद्यालय का जीर्णोद्धार कब तक पूरा हो पाता है और छात्रों को एक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण कब उपलब्ध कराया जाता है।

  • भोपाल वालों के लिए मौसम का अपडेट: 18 अगस्त को बारिश की संभावना और सुहाने तापमान के संकेत

    भोपाल वालों के लिए मौसम का अपडेट: 18 अगस्त को बारिश की संभावना और सुहाने तापमान के संकेत


    नई दिल्ली । भोपाल में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है। 18 अगस्त को राजधानी में बारिश के आसार बने हुए हैं और आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को भोपाल में हल्की बारिश की संभावना है जबकि तापमान अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है। सोमवार शाम तक भोपाल में बादल छाए हुए थे और मौसम में नमी बनी हुई थी।

    मौसम विभाग और उपलब्ध पूर्वानुमानों के संकेतों को देखें तो मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ी हैं। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और अगले कुछ दिनों में इसका प्रभाव अलग अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। भोपाल भी उन इलाकों में शामिल है जहां हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में शहरवासियों को आने वाले दिनों में मौसम के बदलते मिजाज के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

    18 अगस्त को भोपाल में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। बीच बीच में बारिश होने से मौसम सुहावना रह सकता है। बारिश के कारण तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। उपलब्ध पूर्वानुमान में मंगलवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    भोपाल में लगातार बारिश के दौरान शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है। सड़क पर निकलने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर यात्रा की योजना बनानी चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों के लिए बारिश के दौरान विशेष सावधानी जरूरी होगी क्योंकि गीली सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है। तेज बारिश होने की स्थिति में खुले इलाकों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना भी बेहतर रहेगा।

    मानसून के दौरान भोपाल की झीलों और आसपास के इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिलता है। बारिश के बाद शहर का तापमान कम होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलती है। हालांकि लगातार बारिश के कारण यातायात प्रभावित होने और कुछ इलाकों में पानी जमा होने की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

    18 अगस्त के बाद भी भोपाल में बारिश की संभावना बनी रहने के संकेत हैं। उपलब्ध साप्ताहिक पूर्वानुमान में 19 अगस्त को भी छिटपुट बारिश और 20 अगस्त को जोरदार बौछारों की संभावना दिखाई गई है। इसके बाद भी सप्ताह के बाकी दिनों में बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है।

    कुल मिलाकर भोपाल में 18 अगस्त का मौसम राहत देने वाला रह सकता है। बादलों की मौजूदगी और हल्की बारिश से तापमान नियंत्रित रहने की संभावना है। हालांकि मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है इसलिए किसी भी यात्रा या जरूरी काम से पहले ताजा मौसम अपडेट देखना सबसे बेहतर रहेगा।

  • पत्नी की हत्या के बाद बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप, बेटे ने बचकर पुलिस को दी सूचना; बेटी की मौत

    पत्नी की हत्या के बाद बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप, बेटे ने बचकर पुलिस को दी सूचना; बेटी की मौत


    इंदौर । इंदौर के कनाड़िया इलाके में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। झलारिया गांव में रहने वाले 37 वर्षीय ड्राइवर सुनील चौहान पर अपनी पत्नी की हत्या करने और इसके बाद दोनों बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप है। घटना के बाद 10 वर्षीय बेटी माही की मौत हो गई जबकि 8 वर्षीय बेटा अजय किसी तरह तालाब से बाहर निकलने में सफल रहा। बाहर आने के बाद बच्चे ने वहां से गुजर रही पुलिस की एफआरवी टीम को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस के अनुसार सुनील अपनी पत्नी अनीता बाई के साथ झलारिया गांव में किराए के मकान में रहता था। सोमवार रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। शुरुआती जांच में पुलिस को दंपती के बीच लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक पत्नी के अन्य लोगों से बातचीत करने को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हालांकि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था इसकी पुष्टि विस्तृत जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस का कहना है कि विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी पर चाकू से हमला किया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वह दोनों बच्चों को लेकर हिंगोनिया गांव के पास स्थित एक तालाब पर पहुंचा। आरोप है कि उसने दोनों बच्चों को तालाब में फेंक दिया। इस दौरान 8 वर्षीय अजय किसी तरह पानी से बाहर निकल आया और अपनी जान बचाई। इसके बाद उसने आसपास मौजूद लोगों और पुलिस टीम को घटना की जानकारी दी। बच्चे से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

    जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम झलारिया गांव पहुंची लेकिन आरोपी वहां मौजूद नहीं था। पुलिस के मुताबिक वह रात में इलाके से निकलने की तैयारी में था। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम बनाई गई। इसी दौरान पुलिस को वह आसपास घूमता हुआ मिला और उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पत्नी पर हमला करने और बच्चों को तालाब में ले जाने से जुड़ी जानकारी पुलिस को दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने महिला का शव बरामद किया।

    दूसरी ओर तालाब में बच्ची की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। रात करीब ढाई बजे टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद 10 वर्षीय माही का शव तालाब से बरामद किया गया। शुरुआती तौर पर बच्ची की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।

    महिला के शरीर पर भी चाकू के निशान मिलने की बात सामने आई है। पुलिस गला दबाने के आरोप की भी जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित कर एफएसएल टीम की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात किस क्रम में हुई और घटना के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी।

    पूरे घटनाक्रम के दौरान एसीपी खजराना थाना प्रभारी कनाड़िया सहित पुलिस टीम एफएसएल और एसडीआरएफ के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। मृतका और बच्ची के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी से पूछताछ के साथ घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।

    बताया गया है कि सुनील पेशे से ड्राइवर था और कुछ समय पहले ही परिवार के साथ बापू गांधी नगर इलाके से झलारिया में किराए के मकान में रहने आया था। उसके माता पिता और परिवार के अन्य सदस्य लसूड़िया क्षेत्र के बापू गांधी नगर में रहते हैं। अनीता मूल रूप से देवास जिले के कांटाफोड़ की रहने वाली थी। सुनील का परिवार भी कांटाफोड़ से जुड़ा बताया गया है और करीब 17 से 18 वर्षों से इंदौर में रह रहा है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बारिश ने खोली इंतजामों की पोल! भोपाल में 35 जलभराव वाले स्पॉट के बाद अब 8 नए स्थान सामने आए

    बारिश ने खोली इंतजामों की पोल! भोपाल में 35 जलभराव वाले स्पॉट के बाद अब 8 नए स्थान सामने आए


    भोपाल । भोपाल में बारिश के साथ जलभराव की पुरानी समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। पिछले साल ट्रैफिक पुलिस ने शहर में जलभराव वाले 35 स्थानों को चिह्नित कर नगर निगम पीडब्ल्यूडी और दूसरी संबंधित एजेंसियों को इनकी सूची भेजी थी। इन जगहों पर जलभराव की वजह तलाशने के साथ जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद संबंधित एजेंसियों ने 17 स्थानों पर सुधार कार्य पूरा होने का दावा किया। कहीं नालों की सफाई और मरम्मत कराई गई तो कहीं सड़क का लेवल ठीक किया गया। कुछ स्थानों पर गड्ढे भरने और सीसी रोड बनाने का काम भी किया गया। लेकिन इस बार बारिश ने इन दावों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है।

    बारिश के दौरान जिन जगहों पर सुधार किए जाने की बात कही गई थी उनमें से कई स्थानों पर फिर पानी जमा हो गया। हालात इतने खराब हुए कि कुछ जगहों पर सड़क तक बंद करनी पड़ी। 11 अगस्त को हुई बारिश में भी शहर के कई हिस्सों में भारी जलभराव देखने को मिला था। अब समस्या सिर्फ पुराने स्थानों तक सीमित नहीं रही है। इस मानसून के दौरान शहर में जलभराव के 8 नए स्थान भी सामने आए हैं। ट्रैफिक पुलिस इन नए स्पॉट की सूची तैयार कर संबंधित एजेंसियों को भेजने की तैयारी कर रही है।

    इस बार किलोल पार्क डिपो चौराहा आरआरएल से एम्स रोड बाणगंगा रानी कमलापति बंसल प्लाजा वीआईपी रोड पर सेल्फी पार्क से पहले और लालघाटी से बैरागढ़ लेफ्ट टर्न तक के क्षेत्र नए जलभराव वाले स्थान के रूप में सामने आए हैं। इन जगहों पर बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रमुख मार्गों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

    पुराने जलभराव वाले स्थानों की स्थिति भी राहत देने वाली नहीं है। गणेश मंदिर तिराहे पर जलभराव रोकने के लिए साइड वर्ज हटाकर पानी की निकासी का रास्ता बनाने की कोशिश की गई थी। इसके बावजूद बारिश के दौरान यहां रास्ता बाधित होने की स्थिति बन गई। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से निकासी व्यवस्था को और बेहतर करने का काम किया जा रहा है।

    ओल्ड केम्पियन तिराहे पर सड़क का लेवल सुधारने के लिए उसे ऊंचा किया गया और सीसी रोड भी बनाई गई। इसके बावजूद बारिश में यहां पानी जमा हो गया। खटलापुरा मंदिर क्षेत्र में जलभराव रोकने के लिए सड़क का समतलीकरण कराया गया था लेकिन बारिश के बाद यहां भी पानी रुकने की समस्या सामने आई। नर्मदापुरम रोड की सर्विस रोड पर गड्ढे भरने सहित कई सुधार कार्य किए गए थे लेकिन बारिश के दौरान यहां भी पानी की निकासी ठीक नहीं रही।

    बैरागढ़ क्षेत्र की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। ईसाइ कब्रिस्तान से सीहोर नाके तक सड़क के दोनों तरफ 150 से अधिक बड़े गड्ढे होने की बात सामने आई है। इन गड्ढों को भरने का दावा भी किया गया था लेकिन बारिश के बाद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आया। जलभराव के साथ सड़क पर गड्ढे होने से वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।

    ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि पिछले साल चिह्नित किए गए 35 स्थानों की सूची संबंधित एजेंसियों को दी गई थी और इनमें अधिकांश जगहों पर सुधार कार्य किए गए हैं। इस बारिश में सामने आए 8 नए स्थानों की सूची भी संबंधित विभागों को भेजी जाएगी। वहीं नगर निगम का कहना है कि इन स्थानों पर जलभराव के बजाय जल रुकाव की समस्या है और इसका समाधान किया जा रहा है। विभाग से जुड़े स्थानों पर सुधार कार्य किए जाने की बात भी कही गई है।

    हालांकि लगातार सामने आ रही तस्वीरें यह सवाल जरूर खड़ा करती हैं कि अगर सुधार कार्य किए जा चुके हैं तो मामूली बारिश में कई स्थानों पर दोबारा पानी क्यों भर रहा है। भोपाल जैसे बड़े शहर में जलभराव सिर्फ यातायात की समस्या नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से भी जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में नए स्पॉट के साथ पुराने स्थानों की निकासी व्यवस्था की भी दोबारा जांच जरूरी हो गई है ताकि हर बारिश में वही समस्या दोबारा खड़ी न हो।

  • भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों का बदलेगा शेड्यूल, 16 ट्रेनें कैंसिल और 48 का रूट डायवर्ट; सफर से पहले देखें लिस्ट

    भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों का बदलेगा शेड्यूल, 16 ट्रेनें कैंसिल और 48 का रूट डायवर्ट; सफर से पहले देखें लिस्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में रेल यात्रियों के लिए सितंबर और अक्टूबर के दौरान सफर की योजना बनाने से पहले ट्रेनों का नया शेड्यूल देखना जरूरी होगा। बीना स्टेशन पर आगासौद से बीना के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने के लिए यार्ड में बड़े स्तर पर काम किया जाना है। इस निर्माण कार्य के चलते 20 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया जाएगा। रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार अलग अलग तारीखों में 16 ट्रेनें निरस्त रहेंगी जबकि 48 ट्रेनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के शुरुआती और अंतिम स्टेशन में भी बदलाव किया जाएगा।

    इस बदलाव का असर भोपाल और रानी कमलापति से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर भी पड़ेगा। भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेस को 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक निरस्त रखा जाएगा। इसी तरह रानी कमलापति से रीवा के बीच चलने वाली ट्रेन भी कुछ दिनों तक अपने निर्धारित रास्ते के बजाय दूसरे मार्ग से चलेगी। ऐसे में जिन यात्रियों ने अक्टूबर में भोपाल से रीवा या दूसरे शहरों की यात्रा की योजना बनाई है उन्हें टिकट बुक करने या स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की स्थिति जरूर जांचनी होगी।

    रानी कमलापति रीवा ट्रेन 12186 को 8 से 14 अक्टूबर तक इटारसी कटनी जबलपुर और रीवा के रास्ते चलाया जाएगा। वापसी में रीवा से रानी कमलापति आने वाली ट्रेन 12185 भी इसी अवधि में कटनी जबलपुर और इटारसी होकर चलेगी। भोपाल धनबाद ट्रेन 11631 को 9 12 और 15 अक्टूबर को इटारसी जबलपुर कटनी साउथ और न्यू कटनी के रास्ते चलाया जाएगा। वहीं धनबाद से भोपाल आने वाली ट्रेन 11632 भी निर्धारित तारीखों पर बदले हुए मार्ग से संचालित होगी।

    भोपाल सिंगरौली ट्रेन 22165 को 10 13 और 14 अक्टूबर को इटारसी जबलपुर कटनी साउथ और न्यू कटनी के रास्ते चलाया जाएगा। सिंगरौली से भोपाल आने वाली ट्रेन 22166 को भी 9 और 13 अक्टूबर को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा। भोपाल जोधपुर ट्रेन 14814 को 1 से 15 अक्टूबर तक संत हिरदाराम नगर मक्सी नागदा और कोटा होकर चलाया जाएगा। वापसी में जोधपुर भोपाल ट्रेन 14813 भी 1 से 14 अक्टूबर तक कोटा नागदा संत हिरदाराम नगर और मक्सी होकर भोपाल पहुंचेगी।

    भोपाल हावड़ा ट्रेन 13026 को 14 अक्टूबर और हावड़ा भोपाल ट्रेन 13025 को 12 अक्टूबर को इटारसी जबलपुर कटनी साउथ और न्यू कटनी के रास्ते चलाया जाएगा। इसी तरह भोपाल चोपन ट्रेन 11633 को 11 अक्टूबर और चोपन भोपाल ट्रेन 11634 को 12 अक्टूबर को बदले हुए मार्ग से संचालित किया जाएगा।

    कुछ ट्रेनों के प्रारंभिक और अंतिम स्टेशन में भी बदलाव रहेगा। बिलासपुर भोपाल ट्रेन 18236 को 6 से 14 अक्टूबर तक मालखेड़ी में ही समाप्त किया जाएगा। वहीं भोपाल बिलासपुर ट्रेन 18235 को 7 से 15 अक्टूबर तक मालखेड़ी से शुरू किया जाएगा। भोपाल बीना की ट्रेन 61631 को 7 से 15 अक्टूबर तक मंडीबामोरा में समाप्त किया जाएगा। इसी अवधि में कुछ अन्य भोपाल बीना ट्रेनों के शुरुआती और अंतिम स्टेशन में भी बदलाव किया जाएगा।

    रेलवे के इस काम का उद्देश्य बीना क्षेत्र में तीसरी रेल लाइन को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ना और भविष्य में ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाना है। हालांकि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। खासकर भोपाल बीना और उत्तर भारत तथा पूर्वी भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय का ध्यान रखना होगा। इसलिए यात्रा से पहले ट्रेन के निर्धारित समय मार्ग और प्रारंभिक या अंतिम स्टेशन की जानकारी रेलवे के आधिकारिक माध्यम से जांच लेना बेहतर रहेगा।