Category: Madhya Pradesh

  • शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट! MP में 12 अक्टूबर से TET, 150 सवालों का होगा पेपर; 21 अगस्त से भरें फॉर्म

    शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट! MP में 12 अक्टूबर से TET, 150 सवालों का होगा पेपर; 21 अगस्त से भरें फॉर्म


    भोपाल । मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा TET 2026 को लेकर लंबे समय से चल रही तैयारी अब अगले चरण में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारी चयन मंडल ESB ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर पढ़ा रहे संबंधित शिक्षकों के लिए परीक्षा की नियम पुस्तिका जारी कर दी है। इसके साथ ही परीक्षा की तारीख और आवेदन प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों के इस परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। परीक्षा का आयोजन 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा जबकि ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू की जाएगी।

    अभ्यर्थी 4 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में किसी तरह की गलती होने पर संशोधन का अवसर भी दिया गया है। इसके लिए 21 अगस्त से 9 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्नपत्र के लिए 1000 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा। इसके अलावा आवेदन के माध्यम के हिसाब से पोर्टल या कियोस्क शुल्क भी देना होगा। MP Online पोर्टल के जरिए आवेदन करने पर 60 रुपये और रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर के माध्यम से आवेदन करने पर 20 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन में संशोधन के लिए भी अलग शुल्क लगेगा। पहली बार संशोधन करने पर 20 रुपये और अंतिम चरण में संशोधन के लिए 40 रुपये शुल्क तय किया गया है।

    TET की फीस को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति जताई है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों से परीक्षा शुल्क लिए जाने का विरोध किया है। संगठन की ओर से आवेदन और परीक्षा शुल्क माफ करने के साथ ऑनलाइन परीक्षा की जगह ऑफलाइन परीक्षा कराने की मांग की गई है। इसके अलावा शिक्षकों को परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष अध्ययन अवकाश देने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाजनक परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग भी उठाई गई है।

    प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में कुल 150 प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा। इस तरह परीक्षा कुल 150 अंकों की होगी। उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। खास बात यह है कि परीक्षा में नकारात्मक अंक यानी नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। गलत उत्तर देने पर उम्मीदवार के प्राप्त अंकों में कटौती नहीं की जाएगी।

    परीक्षा में सफलता के लिए भी वर्ग के अनुसार न्यूनतम अंक निर्धारित किए गए हैं। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। वहीं अन्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में भी प्रत्येक प्रश्न एक अंक का रहेगा और नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट निर्धारित है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर कार्यरत संबंधित शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी किया गया है। नियमों के तहत पात्र शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। प्राथमिक स्तर के सरकारी स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षक प्राथमिक शिक्षक सहायक अध्यापक संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 प्रयोगशाला सहायक प्राथमिक शिक्षक विज्ञान सहित संबंधित श्रेणियों के शिक्षक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

    परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी सख्त नियम लागू रहेंगे। मोबाइल फोन कैलकुलेटर स्मार्ट वॉच ब्लूटूथ डिवाइस ईयरफोन डिजिटल वॉच रिकॉर्डिंग उपकरण पेजर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान परीक्षा केंद्र में ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। नकल अनुचित साधनों का इस्तेमाल फर्जी पहचान या किसी दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

    दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार अतिरिक्त समय और Scribe यानी लेखन सहायक की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित पात्रता और जरूरी शर्तों का पालन करना होगा। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। इसमें परीक्षा केंद्र तारीख और समय समेत जरूरी जानकारी उपलब्ध होगी। परीक्षा के बाद रिजल्ट और विषयवार मॉडल आंसर भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

    अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उत्तरों को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी मिलेगा। प्राप्त आपत्तियों पर विषय विशेषज्ञों की समिति विचार करेगी। यदि किसी प्रश्न को निरस्त किया जाता है तो उसके अंकों की गणना नियम पुस्तिका में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए आवेदन की तारीख से लेकर परीक्षा केंद्र के नियम और न्यूनतम उत्तीर्ण अंक तक सभी जानकारियों को ध्यान से समझना जरूरी होगा।

  • निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, मध्य प्रदेश में 11 नए इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव; ₹8,144 करोड़ होंगे खर्च

    निवेश और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, मध्य प्रदेश में 11 नए इंडस्ट्रियल पार्क का प्रस्ताव; ₹8,144 करोड़ होंगे खर्च


    भोपाल । मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मोहन सरकार ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट NICDIT की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में औद्योगिक विस्तार का रोडमैप सामने रखा। केंद्र सरकार की भव्य यानी BHAVYA योजना के तहत मध्य प्रदेश में 11 नए आधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन परियोजनाओं पर करीब 8144.35 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इसके जरिए 9 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।

    सरकार का जोर केवल नए उद्योग लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर भी है। प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों को रणनीतिक रूप से अलग अलग शहरों और क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा ताकि रोजगार और निवेश के अवसर कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित न रहें। इन पार्कों में प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत कंपनियों को पहले से तैयार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका फायदा यह होगा कि निवेश करने वाली कंपनियों को जमीन और आधारभूत ढांचे से जुड़ी शुरुआती अड़चनों को कम करने में मदद मिलेगी और वे अपेक्षाकृत तेजी से उत्पादन या अपनी व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर सकेंगी।

    प्रस्तावित 11 औद्योगिक पार्क उज्जैन के अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर धार के भेंसोला देवास और शाजापुर के पिपलरावांन पालीकालन रतलाम के पलसोड़ी सीहोर के आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर सागर के मसवासी ग्रांट गुना के चैनपुरा ग्वालियर के मोहना जबलपुर के धरमपुरा कटनी के सिमरा और रीवा के शिवसागर में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इन औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए अलग अलग सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी है।

    धार के भेंसोला में प्रस्तावित पार्क को खास तौर पर टेक्सटाइल सेक्टर से जोड़कर विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र पहले से मौजूद पीएम मित्रा पार्क के विस्तार के रूप में काम करेगा। इसके अलावा दूसरे औद्योगिक पार्कों में फार्मा ऑटोमोबाइल रिन्यूएबल एनर्जी सेमीकंडक्टर और आईटी एवं आईटीईएस जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने की योजना है। इससे प्रदेश में पारंपरिक उद्योगों के साथ नए दौर की तकनीक आधारित इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

    औद्योगिक विकास के साथ सरकार ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधाओं को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में सीसीटीवी निगरानी डे केयर सेंटर स्वास्थ्य सुविधाएं आधुनिक कैंटीन और विशेष हॉस्टल जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल तैयार करना है ताकि उद्योगों में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।

    नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मध्य प्रदेश के औद्योगिक विस्तार और निवेश को लेकर प्रस्तुत किए गए विजन पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से इन परियोजनाओं को गति मिलेगी और आने वाले समय में मध्य प्रदेश में नए उद्योग निवेश और रोजगार के बड़े अवसर तैयार हो सकते हैं।

  • MP की राजनीति में एक दिन के कई रंग: शिवलिंग लेकर दिखे सीएम तो जीप में ज्यादा भीड़ पड़ी भारी बच्चों ने पूछे विकास के सवाल

    MP की राजनीति में एक दिन के कई रंग: शिवलिंग लेकर दिखे सीएम तो जीप में ज्यादा भीड़ पड़ी भारी बच्चों ने पूछे विकास के सवाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार का दिन कई दिलचस्प घटनाओं का गवाह बना। कहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंच पर शिवलिंग को कंधे पर उठाते नजर आए तो कहीं इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री की तुलना भगवान द्वारिकाधीश से कर दी। देवास में कांग्रेस की तिरंगा यात्रा के दौरान नेताओं की भीड़ एक खुली जीप पर भारी पड़ गई और कुछ नेता नीचे जा गिरे। वहीं छतरपुर में बच्चों ने मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला रोककर अपने स्कूल और सड़क से जुड़ी समस्याएं सामने रख दीं। इन घटनाओं के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इनकी खूब चर्चा हो रही है।

    इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शिवलिंग भेंट किया। शिवलिंग हाथ में लेते ही मुख्यमंत्री ने उसे अपने कंधे पर उठा लिया। उनका यह अंदाज फिल्म बाहुबली के चर्चित दृश्य की याद दिलाता नजर आया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पल का वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। इसके बाद इस दृश्य को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया।

    इसी कार्यक्रम में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री को लेकर अपने संबोधन में भगवान द्वारिकाधीश का संदर्भ दिया। उन्होंने चंदन नगर में सड़क निर्माण से जुड़ी मांग रखते हुए मुख्यमंत्री से समस्या के समाधान की अपील की। संबोधन के दौरान महापौर से एक और दिलचस्प गलती हो गई। वे मंत्री तुलसी सिलावट का नाम लेना चाह रहे थे लेकिन जुबान फिसलने के कारण उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को जल संसाधन मंत्री बता दिया। मुख्यमंत्री के इशारे के बाद महापौर ने तुरंत अपनी गलती सुधार ली।

    उधर देवास के कांटाफोड़ में कांग्रेस की तिरंगा यात्रा के दौरान एक अलग ही तस्वीर सामने आई। यात्रा में शामिल होने के लिए एक खुली जीप में कई कांग्रेस नेता सवार हो गए। बताया गया कि जीप में 10 से ज्यादा लोग मौजूद थे। पीछे अधिक वजन होने के कारण जीप का अगला हिस्सा ऊपर उठ गया और पीछे बैठे कुछ नेता नीचे जा गिरे। इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनीष चौधरी और पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े समेत कई नेता जीप में मौजूद थे। हादसे में एक महिला कांग्रेस नेता के घायल होने की बात सामने आई है जिन्हें उपचार के दौरान टांके लगाए गए।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस के सबका साथ जैसे राजनीतिक नारों को लेकर भी चुटकी ली गई। हालांकि रैली के दौरान वाहन पर क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने की स्थिति सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े करती है।

    छतरपुर के बसराही गांव में मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला बच्चों ने रोक लिया। मंत्री चंदला विधानसभा क्षेत्र से गुजर रहे थे तभी बच्चों ने रास्ते में आकर उनसे अपने स्कूल और गांव की समस्याओं के बारे में बात की। बच्चों ने स्कूल तक खराब सड़क स्कूल की बाउंड्री वॉल और बिजली से जुड़ी परेशानियां बताईं। मंत्री ने वाहन से उतरकर बच्चों की बातें सुनीं और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।

    यह घटना इस मायने में भी खास रही कि बच्चों ने बिना किसी झिझक के सीधे मंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। गांव की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों को लेकर बच्चों की सक्रियता ने लोगों का ध्यान खींचा है। अब देखना होगा कि बच्चों की ओर से बताई गई समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन कितनी तेजी से कदम उठाता है।

    इन घटनाओं के बीच प्रशासनिक गलियारों से जुड़ी एक चर्चा भी सामने आई है। राजधानी में हाल ही में पदस्थ हुए एक आईएएस अधिकारी को सरकारी बंगला आवंटित होने और उसमें उनकी पसंद के अनुसार रेनोवेशन शुरू होने की बात कही जा रही है। इसी बीच अधिकारी की कटारा हिल्स इलाके में एक निजी बंगले में रुचि की चर्चा भी प्रशासनिक हलकों में है। हालांकि इस मामले से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    कुल मिलाकर मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासन से जुड़ी इन घटनाओं ने एक ही दिन में कई रंग दिखा दिए। मुख्यमंत्री का शिवलिंग उठाने वाला अंदाज हो या महापौर की जुबान फिसलने का मामला कांग्रेस नेताओं का जीप से गिरना हो या बच्चों का मंत्री का काफिला रोककर अपनी बात कहना इन सभी घटनाओं ने लोगों का ध्यान खींचा है।

  • MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव

    MP Weather Alert: पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का खतरा रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में अलर्ट बांधों पर भी बढ़ा दबाव


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं टीकमगढ़ छतरपुर सागर छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर सिवनी मंडला कटनी शहडोल सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर डिंडौरी सतना मऊगंज मैहर उमरिया अनूपपुर पन्ना दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

    बारिश के इस दौर के बीच बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने लगी है। मंडला डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बरगी बांध के गेट इस साल पहली बार खोले जाने की तैयारी है। 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोलकर करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। 17 अगस्त की रात बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था जबकि पानी की आवक करीब 1620 क्यूमेक बताई गई।

    उमरिया में भी जोहिला डैम के दो गेट एक एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में नदी नालों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान अचानक जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में परेशानी पैदा हो सकती है।

    हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण अभी भी एक समान नहीं है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। कई जिलों में बारिश की कमी 4 से 58 प्रतिशत तक बताई गई है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। दूसरी तरफ अनूपपुर शहडोल सीधी सिंगरौली उमरिया बड़वानी भिंड भोपाल बुरहानपुर देवास ग्वालियर खंडवा खरगोन राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी स्तर पर दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार 17 से 21 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।

    ऐसे में अगले तीन दिन प्रदेश के कई हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले जिलों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है। खासकर नदी नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना जरूरी है क्योंकि लगातार बारिश के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

  • भोपाल में टैक्सी हड़ताल का सीधा असर: रेलवे स्टेशन पर घंटों कैब का इंतजार ऑटो बना सहारा तो किराया भी बढ़ा

    भोपाल में टैक्सी हड़ताल का सीधा असर: रेलवे स्टेशन पर घंटों कैब का इंतजार ऑटो बना सहारा तो किराया भी बढ़ा


    भोपाल । भोपाल में टैक्सी चालक संघ की हड़ताल का असर अब आम यात्रियों पर साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार रात 12 बजे से Ola Uber और दूसरी ऐप आधारित कैब सेवाओं का संचालन बंद होने के बाद बुधवार सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन पहुंचने वाले कई यात्रियों ने ऑनलाइन कैब बुक करने की कोशिश की लेकिन लंबे इंतजार के बावजूद वाहन उपलब्ध नहीं हो सके। ऐसे में यात्रियों को मजबूरी में ऑटो और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि कैब सेवा बंद होने का फायदा उठाकर कुछ ऑटो चालक सामान्य किराए से डेढ़ से दो गुना तक किराया मांग रहे हैं।

    स्टेशन पर बाहर से आने वाले यात्रियों को सामान के साथ काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कई लोगों के साथ बच्चे और बुजुर्ग भी थे जिससे परेशानी और बढ़ गई। यात्री आकांक्षा ने बताया कि वह करीब आधे घंटे से कैब का इंतजार कर रही थीं। उनके घुटने में परेशानी है और उनके साथ दो बेटियां भी हैं। एक बच्ची की उम्र दो साल और दूसरी की आठ साल है। उन्हें रोहित नगर स्थित अपोलो अस्पताल जाना था लेकिन कैब उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे विकल्प तलाशने पड़े।

    इसी तरह कर्नाटक से भोपाल पहुंचे यात्री सत्यम को सुल्तानिया अस्पताल जाना था। उन्होंने बताया कि वह उत्तराखंड के रहने वाले हैं और कर्नाटक से भोपाल पहुंचे हैं। उन्होंने काफी देर तक ऑनलाइन कैब बुक करने की कोशिश की लेकिन वाहन नहीं मिला। इसके बाद उन्हें स्टेशन के बाहर दूसरे साधन तलाशने पड़े। ऐसे यात्रियों के लिए हड़ताल के दौरान ऑटो ही प्रमुख विकल्प बन गया है।

    इस बीच टैक्सी चालक संगठनों की ओर से हड़ताल को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ उनकी मुख्य मांग टैक्सी का उचित और स्थायी किराया तय करने की है। ड्राइवरों का कहना है कि पेट्रोल और दूसरे ईंधन की कीमतों के साथ वाहन की किस्त बीमा मरम्मत और रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है जबकि कंपनियों की ओर से मिलने वाला किराया उनकी लागत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।

    संघ की मांग है कि सरकार टैक्सी के लिए प्रति किलोमीटर उचित किराया तय करे। संगठन पहले ही 22 से 30 रुपये प्रति किलोमीटर के साथ टाइम चार्ज और बेस फेयर की मांग कर चुका है। इसके अलावा प्राइवेट नंबर की कार बाइक और ई रिक्शा के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग भी की जा रही है। संगठन का आरोप है कि ऐसे वाहनों के एग्रीगेटर सेवाओं में इस्तेमाल से कमर्शियल टैक्सी चालकों की कमाई प्रभावित होती है।

    हड़ताल के दौरान भोपाल स्टेशन पर यात्रियों को छोड़ने पहुंच रही कुछ कैब को संगठन से जुड़े लोगों द्वारा रोकने की बात भी सामने आई है। अवधपुरी से स्टेशन पहुंचे एक यात्री ने बताया कि उनकी कैब को भी स्टेशन पर रोक लिया गया और उन्हें किराया भुगतान करने नहीं दिया गया। हालांकि आरटीओ की ओर से साफ कहा गया है कि ओवरचार्जिंग की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

    टैक्सी संगठनों की ओर से 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना प्रदर्शन करने की बात कही गई है। संगठन मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन देकर अपनी मांगों के जल्द समाधान की मांग करेगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन टैक्सी बंद में बदला जा सकता है।

    हड़ताल का सबसे ज्यादा असर रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट बस स्टैंड और शहर के प्रमुख इलाकों के बीच सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। संगठन ने आम लोगों को हो रही परेशानी के लिए खेद जताते हुए कहा है कि ड्राइवर अपनी आजीविका से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन कर रहे हैं और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

  • करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए

    करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए


    भोपाल । भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक कथित फर्जी डॉक्टर ने करोड़ों रुपये कमाने का लालच देकर किशोर की हत्या की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन नाबालिगों समेत अन्य आरोपियों का इस्तेमाल किया। मामले में 20 वर्षीय जोहेब खान 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन विधि-विरुद्ध बालकों को पकड़ा गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे।

    पुलिस के अनुसार मृतक किशोर इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन तथा चाबी के छल्ले बेचता था। उसकी मां मजदूर नगर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम करती है। आरोपियों ने करीब एक महीने पहले किशोर से दोस्ती की थी। पुलिस का कहना है कि इसी दोस्ती का फायदा उठाकर उसे वारदात वाली जगह तक ले जाने की योजना बनाई गई।

    बताया गया कि 6 अगस्त को दो नाबालिग किशोर के पास पहुंचे और उसे खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद होने की बात बताई। उन्होंने किशोर से अपने साथ चलने को कहा और बदले में पैसे देने का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक किशोर उनके साथ चला गया। रास्ते में एक और नाबालिग उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद वे किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की तरफ ले गए।

    पुलिस के अनुसार इस दौरान मुख्य आरोपी जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। सुनसान जगह पहुंचने के बाद आरोपियों ने किशोर पर हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उस पर चाकू से वार किए गए जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के जरिए जोहेब से संपर्क किया और आगे के निर्देश लिए।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जोहेब खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के मुताबिक उसने अपने साथियों को एक वीडियो दिखाकर किशोर के शरीर के एक अंग के बदले बड़ी रकम मिलने का लालच दिया था। इसी कथित लालच को वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में इस तरह के किसी सौदे की योजना थी या आरोपियों को किसी अन्य मकसद से गुमराह किया गया था।

    श्यामला हिल्स पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की जानकारी सामने आ सके। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनके बयानों का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच सामग्री से कर रही है।

    पुलिस को 10 अगस्त को किशोर का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण शव को दफना दिया गया था। बाद में कपड़ों चप्पलों और हाथ पर बने निशान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और अब शव को कब्र से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश उसके पीछे की वजह और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है। मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • भोपाल में अब 20 ई-बसों से आसान होगा सफर! रोज 10 से 12 हजार यात्रियों को फायदा दिव्यांगों के लिए भी खास सुविधा

    भोपाल में अब 20 ई-बसों से आसान होगा सफर! रोज 10 से 12 हजार यात्रियों को फायदा दिव्यांगों के लिए भी खास सुविधा


    भोपाल।  भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार से राजधानी की सड़कों पर 10 नई इलेक्ट्रिक बसें दौड़ना शुरू करेंगी। इसके साथ ही भोपाल में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। नई बसों के संचालन से बैरागढ़ कोलार रोड बावड़ियाकलां और शहर के कई प्रमुख इलाकों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि सभी ई-बसें एमपी नगर से होकर गुजरेंगी। इससे नौकरीपेशा लोगों के साथ स्कूल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।

    भोपाल में फिलहाल 10 ई-बसें तीन प्रमुख रूट पर संचालित की जा रही हैं। इन बसों में रोजाना औसतन करीब 4500 यात्री सफर कर रहे हैं। इनमें छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी बताई गई है। अब 10 नई बसें जुड़ने के बाद रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। यानी ई-बस सेवा का विस्तार शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

    नई व्यवस्था में बैरागढ़ से सलैया तक जाने वाला B35 रूट महत्वपूर्ण है। यह बस चिरायु अस्पताल और बैरागढ़ मार्केट से शुरू होकर लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट पीर गेट कमला पार्क रोशनपुरा और एमपी नगर होते हुए बावड़िया चौराहा आकृति ईको सिटी और सलैया तक जाएगी। इस रूट से पुराने शहर के कई हिस्सों को नए विकसित इलाकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

    B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक रहेगा। यह बस कोच फैक्ट्री भोपाल रेलवे स्टेशन पुष्पा नगर अशोका गार्डन सुभाष नगर चेतक ब्रिज बोर्ड ऑफिस और एमपी नगर से होते हुए 1100 क्वार्टर मनीषा मार्केट बंसल अस्पताल चूनाभट्टी मंदाकिनी चौराहा और गेहूंखेड़ा होते हुए कोलार रोड तक जाएगी। इस रूट से शहर के मध्य हिस्से और कोलार क्षेत्र के बीच आने जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकती है।

    वहीं B37 रूट बैरागढ़ ई-बस डिपो से आईएसबीटी तक रहेगा। यह बस बैरागढ़ मार्केट लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट शाहजहांनाबाद नादरा बस स्टैंड भारत टॉकीज जहांगीराबाद पीएचक्यू मिंटो हॉल बिड़ला मंदिर वल्लभ भवन जिला न्यायालय और डीबी मॉल होते हुए आईएसबीटी पहुंचेगी।

    इन ई-बसों की एक खासियत दिव्यांग यात्रियों के लिए दी गई सुविधा भी है। बस में हाइड्रोलिक डोर की व्यवस्था की गई है जिसके जरिए व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल इस्तेमाल करने वाले यात्री आसानी से चढ़ और उतर सकेंगे। हाइड्रोलिक डोर के सामने दो व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल खड़ी करने जितनी जगह भी उपलब्ध कराई गई है। इससे सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।

    भोपाल के ट्रैफिक को देखते हुए ई-बसों का आकार भी महत्वपूर्ण है। इनकी लंबाई करीब 9 मीटर है जबकि शहर में चलने वाली कई पारंपरिक सिटी बसों की लंबाई 12 मीटर तक होती है। कम लंबाई वाली ई-बसें अपेक्षाकृत तंग सड़कों और अधिक ट्रैफिक वाले इलाकों में संचालन के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती हैं। ई-बसों की संख्या बढ़ने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मजबूत होगा और आने वाले समय में यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक सफर मिलने की उम्मीद है।

  • भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल

    भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल


    भिंड/ग्वालियर । मध्य प्रदेश के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। पिकअप में सवार सभी 29 मजदूर ग्वालियर से धान की रोपाई का काम निपटाकर अपने घर उत्तर प्रदेश लौट रहे थे।

    मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गोहद के छीमका गांव के पास नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ग्वालियर से धान की रोपाई का काम पूरा कर उत्तर प्रदेश लौट रहे मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। घायलों में ट्रक ड्राइवर भी शामिल है।

    गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने पिकअप मोड़ी, जिससे वह अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप के परखचे उड़ गए और उसमें सवार मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। शुरुआती जांच में सड़क पर बैठी गायों को बचाने की कोशिश को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    घायल नंदलाल पिता छेन बिहारी ने बताया कि पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे, जो अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। ये सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए आए थे और काम खत्म कर यूपी के लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद पहले चार मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की जानकारी आई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में से पांच शवों को गोहद और तीन शवों को ग्वालियर के अस्पताल में रखा गया है, जहां उनकी पहचान की जा रही है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर बहाल कराया।

  • रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते रीवा और बालाघाट समेत 14 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
    मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, डिंडौरी, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    पहली बार खुलेंगे बरगी बांध के 9 गेट
    मंडला, डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते इस साल पहली बार बरगी बांध के गेट खोले जाएंगे। मंगलवार 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले जाएंगे। इससे 1,031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। 17 अगस्त की रात 8 बजे बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बांध में पानी की आवक 1,620 क्यूमेक बनी हुई थी।

    40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।

  • ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बारूद से जुड़े काम के दौरान हादसा: कर्मचारी घायल, जांच के लिए बनाई गई कमेटी

    ऑर्डनेंस फैक्ट्री में बारूद से जुड़े काम के दौरान हादसा: कर्मचारी घायल, जांच के लिए बनाई गई कमेटी


    जबलपुर । जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में सोमवार सुबह काम के दौरान एक कर्मचारी हादसे का शिकार हो गया। फैक्ट्री के फीलिंग-2 सेक्शन में बारूद से जुड़े काम के दौरान अचानक चिंगारी निकलने से कर्मचारी का बायां हाथ झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मचारी को तत्काल फैक्ट्री हॉस्पिटल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह है कि कर्मचारी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    मिली जानकारी के मुताबिक घायल कर्मचारी की पहचान वासुदेव राम के रूप में हुई है। उसके साथी कर्मचारी शिवेंद्र रजक के अनुसार वासुदेव राम खोखे में बारूद भरने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक चिंगारी निकल गई जिसकी चपेट में आने से उनका हाथ झुलस गया। घटना के तुरंत बाद साथी कर्मचारियों ने उन्हें उपचार के लिए फैक्ट्री अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    फैक्ट्री के जनसंपर्क अधिकारी अविनाश शंकर ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे वासुदेव राम बम के लिए ट्रेसर से संबंधित काम कर रहे थे। इसी दौरान चिंगारी निकलने से उनका बायां हाथ झुलस गया। उन्होंने बताया कि कर्मचारी की हालत खतरे से बाहर है और उसका उपचार कराया जा रहा है।

    हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। मामले की वास्तविक वजह सामने लाने के लिए बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है। जांच के दौरान हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और काम के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं इन सभी बिंदुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।

    इधर साथी कर्मचारियों ने फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कई बार सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन का पूरा ध्यान घायल कर्मचारी के इलाज और हादसे की वजह पता करने पर है।

    जबलपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया में पहले भी बड़े हादसे सामने आ चुके हैं। कुछ समय पहले फैक्ट्री के एफ-6 सेक्शन की बिल्डिंग नंबर 200 में भीषण ब्लास्ट हुआ था जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी जबकि 10 से अधिक कर्मचारी झुलस गए थे। इनमें दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई गई थी। पुराने हादसे की पृष्ठभूमि में ताजा घटना ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

    फिलहाल वासुदेव राम की हालत स्थिर बताई जा रही है। बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चिंगारी निकलने की वजह क्या थी और हादसे के लिए कोई तकनीकी या मानवीय कारण जिम्मेदार था या नहीं।