Category: Madhya Pradesh

  • राहत की उम्मीद: मौसम विभाग का अनुमान-इस बार जल्दी आएगा मानसून

    राहत की उम्मीद: मौसम विभाग का अनुमान-इस बार जल्दी आएगा मानसून


    नई दिल्ली। सीहोर जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय सड़कें सुनसान नजर आईं और जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा। तेज धूप और लू के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    गर्मी के इस प्रचंड दौर में मौसम विभाग ने एक राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने सामान्य समय से लगभग एक सप्ताह पहले केरल में दस्तक दे सकता है। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश में भी मानसून 10 से 16 जून के बीच पहुंचने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करेगा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए जून के दूसरे सप्ताह तक सीहोर जिले को भी कवर कर लेगा। इस बार सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना भी जताई जा रही है।

    फिलहाल, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने के कारण गर्मी और लू का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 25 मई से नौतपा की शुरुआत होगी, जिसके चलते जून के पहले सप्ताह तक भीषण गर्मी जारी रह सकती है।

    हालांकि जून के दूसरे सप्ताह से प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है, जिससे बादल, हल्की बारिश और हवाओं के कारण लोगों को धीरे-धीरे राहत मिल सकती है।

    इस बीच प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

  • फैक्ट्री हादसे से मचा हड़कंप: जिंदा जले मजदूर, हाईवे जाम से बढ़ा तनाव

    फैक्ट्री हादसे से मचा हड़कंप: जिंदा जले मजदूर, हाईवे जाम से बढ़ा तनाव


    नई दिल्ली। सतना जिले के अमरपाटन रोड स्थित भटनवारा क्षेत्र में सोमवार रात विद्याश्री सॉल्वेंट प्लांट में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि प्लांट में बॉयलर फटने के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय प्लांट में 4 से 5 कर्मचारी मौजूद थे।

    आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कई किलोमीटर दूर से धुआं और आग दिखाई दे रही थी। इस हादसे में मशीन ऑपरेटर दिलावर सिंह परिहार आग में फंस गए और उनकी मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य कर्मचारी मुन्नू केवट गंभीर रूप से झुलस गया।

    सूचना मिलते ही पुलिस और नगर निगम की दमकल टीम मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल कर्मचारी को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।

    हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सतना-अमरपाटन हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की। कई घंटों तक सड़क पर आवागमन ठप रहा।

    प्रशासन और प्लांट मालिक की ओर से बातचीत के बाद 15 लाख रुपये मुआवजा और अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये की सहायता देने के आश्वासन पर रात करीब 3:30 बजे जाम हटाया गया।

    फैक्ट्री में धान की भूसी से राइस ब्रान ऑयल बनाने का काम होता था और शुरुआती जांच में आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • दहेज प्रताड़ना का आरोप: एक लाख और बाइक के लिए नवविवाहिता को किया गया परेशान

    दहेज प्रताड़ना का आरोप: एक लाख और बाइक के लिए नवविवाहिता को किया गया परेशान


    नई दिल्ली। सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में सामने आए एक दर्दनाक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एक नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में उसके पति, सास और ननद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।

    मामला 21 वर्षीय शशि चौधरी से जुड़ा है, जिसकी शादी करीब एक साल पहले बहेलिया भाट निवासी राजेश चौधरी से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही महिला को दहेज की मांग को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

    30 अप्रैल को शशि ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज दीक्षित ने सभी पक्षों के बयान दर्ज किए, जिसमें गंभीर खुलासे सामने आए।

    जांच में पाया गया कि पति राजेश चौधरी, सास आशा साकेत और ननद संध्या साकेत द्वारा दहेज में एक लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर महिला को लगातार प्रताड़ित किया जाता था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।

    पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • अगले 4 दिन और बढ़ेगा पारा: सागर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित

    अगले 4 दिन और बढ़ेगा पारा: सागर में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित


    नई दिल्ली। सागर में इस समय गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। मई के महीने में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, जहां अधिकतम पारा 44.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने दिन ही नहीं, रातों को भी असहनीय बना दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है।

    शहर की सड़कों पर दोपहर के समय पूरी तरह सन्नाटा देखने को मिल रहा है। बाजारों में रौनक गायब है और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। सूरज की तपिश सुबह 8:30 बजे से ही तेज महसूस होने लगती है और दोपहर 12 से 3 बजे के बीच लू का असर सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति में पहुंच जाता है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

    स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत लोगों को पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और आम पना जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। साथ ही सूती और ढीले कपड़े पहनने, सिर ढककर बाहर निकलने और धूप में ज्यादा देर न रहने की चेतावनी दी गई है।

    डॉक्टरों के अनुसार लू लगने पर सिरदर्द, उल्टी, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, बेहोशी और शरीर में ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे में तुरंत मरीज को छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टियां रखनी चाहिए और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराना चाहिए।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में सबसे ज्यादा सावधानी की जरूरत है। खाली पेट बाहर निकलना, ज्यादा मसालेदार भोजन करना और लंबे समय तक धूप में रहना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गर्मी का यह दौर आने वाले दिनों में और कठिन हो सकता है, जिससे जनजीवन पर असर और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है।

  • रीवा में दर्दनाक वारदात: शराब पार्टी में कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या

    रीवा में दर्दनाक वारदात: शराब पार्टी में कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद में एक पुलिस आरक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात समान थाना क्षेत्र के गड़रिया मोहल्ले में रविवार देर रात हुई।

    जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के रामनगर थाने में पदस्थ 35 वर्षीय आरक्षक राकेश कुमार पटेल अपने 10 वर्षीय बेटे की तबीयत खराब होने के चलते छुट्टी लेकर गांव आए हुए थे। रविवार रात वह परिजनों को थोड़ी देर में लौटने की बात कहकर घर से निकले थे।

    इसके बाद वह अपने परिचित और लंबे समय से दोस्त रहे राकेश तिवारी के घर पहुंचे, जहां दोनों के बीच शराब पार्टी चल रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो धीरे-धीरे बढ़ता गया।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राकेश तिवारी ने अवैध पिस्टल से आरक्षक की कनपटी पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि परिजनों ने घायल आरक्षक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी और पिता ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर बेहतर इलाज मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल अवैध थी और आरोपी के खिलाफ पहले से मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों के बीच विवाद की असली वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    रीवा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में टीमों को लगाया गया है। एसपी गुरुकरण सिंह ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • जमीन पर बैठी प्रशासनिक बैठक: रीवा में कलेक्टर ने 42 अफसरों संग लगाई चौपाल

    जमीन पर बैठी प्रशासनिक बैठक: रीवा में कलेक्टर ने 42 अफसरों संग लगाई चौपाल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में प्रशासनिक सक्रियता का एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं 42 विभागीय अधिकारियों के साथ नॉन-एसी बस में बैठकर गंगेव जनपद पंचायत के टिकुरी गांव पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना था।

    गांव पहुंचते ही कलेक्टर ने ग्राम पंचायत प्रांगण में चौपाल लगाई और सभी अधिकारियों को ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों ने राजस्व, सड़क, पानी, आवास और आंगनवाड़ी जैसी मूलभूत समस्याएं खुलकर सामने रखीं।

    चौपाल के दौरान राजस्व मामलों की समीक्षा में सीमांकन में देरी सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और संबंधित नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित रूप से न खुलने पर सुपरवाइजर के निलंबन और सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस देने की कार्रवाई के आदेश दिए गए।

    ग्रामीणों द्वारा रास्ता विवाद और संकरी सड़कों की समस्या उठाए जाने पर कलेक्टर ने तत्काल समाधान और सड़क चौड़ीकरण के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग गांव में शिविर लगाकर समयबद्ध तरीके से समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

    प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया था, उनके आवास निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं नल-जल योजना में लापरवाही पाए जाने पर पीएचई उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस जारी किया गया।

    विद्युत विभाग को घर-घर मीटर लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने और टंट्या मामा योजना के पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि टिकुरी गांव की समस्याएं भविष्य में फिर से जनसुनवाई में आती हैं तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह दौरा प्रशासनिक सख्ती और जमीनी स्तर पर शासन की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

  • सड़क हादसे के बाद गुस्सा फूटा: अस्पताल में तोड़फोड़, भीड़ ने किया विरोध

    सड़क हादसे के बाद गुस्सा फूटा: अस्पताल में तोड़फोड़, भीड़ ने किया विरोध


    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के चरक भवन जिला अस्पताल में सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब इलाज और एंबुलेंस में देरी के आरोप को लेकर परिजनों और भीड़ ने जमकर हंगामा कर दिया। घटना रात करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है, जब सड़क हादसे में घायल दो युवकों को अस्पताल लाया गया था।

    जानकारी के अनुसार, महाकाल थाना क्षेत्र में एक ऑटो और टू-व्हीलर के बीच जोरदार टक्कर हो गई थी, जिसमें दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को निजी वाहन की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। हालांकि, दोनों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें रेफर करने की तैयारी की जा रही थी।

    इसी दौरान 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे नाराजगी बढ़ गई। देखते ही देखते करीब 60 से 80 लोगों की भीड़ अस्पताल परिसर में जमा हो गई और हंगामा शुरू हो गया।

    आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने अस्पताल के इमरजेंसी गेट नंबर-2 के कांच तोड़ दिए और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों के साथ अभद्रता की भी बात सामने आई है।

    घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात काबू में आए।

    अस्पताल प्रबंधन और सीएमएचओ की ओर से इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

  • भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप: पार्किंग भूमि खरीद मामला पहुंचा लोकायुक्त तक

    भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप: पार्किंग भूमि खरीद मामला पहुंचा लोकायुक्त तक


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर क्षेत्र की एक जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां सरकारी भूमि को कथित तौर पर निजी बताकर बिक्री किए जाने के आरोप लगे हैं। इस मामले में भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है।

    आरोप है कि लगभग 45 हजार वर्गफीट भूमि, जो वर्तमान में महाकाल मंदिर की पार्किंग के रूप में उपयोग हो रही है, उसे निजी भूमि के रूप में दर्ज कर 2 मार्च 2026 को यूटोपिया बोटल एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 3.82 करोड़ रुपये में खरीदा गया। कंपनी के डायरेक्टर और साझेदारों में विधायक चिंतामणि मालवीय और इकबाल सिंह गांधी के शामिल होने की बात सामने आई है।

    शिकायतकर्ता कांग्रेस पार्षद राजेंद्र कुवाल ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्य सचिव, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू से की है। साथ ही इंदौर खंडपीठ में जनहित याचिका भी दायर कर मामले की विस्तृत जांच की मांग की गई है।

    शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित खसरा नंबर 3664/1 और 3666/1 वर्ष 1950 और 1967-68 के राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थे, लेकिन बाद में इन्हें कथित रूप से निजी भूमि में परिवर्तित कर दिया गया। आरोप यह भी है कि जमीन की रजिस्ट्री कृषि भूमि के रूप में की गई, जबकि इसका वास्तविक उपयोग व्यावसायिक और सार्वजनिक पार्किंग के रूप में होता रहा है।

    दस्तावेजों के आधार पर यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन की गाइडलाइन कीमत और वास्तविक बाजार मूल्य में भारी अंतर दिखाकर स्टांप ड्यूटी में बड़ी अनियमितता की गई, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का दावा किया जा रहा है।

    शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जमीन पर पहले से निर्माण मौजूद था, लेकिन उसे छिपाकर केवल सीमित संरचना दिखाकर टैक्स और शुल्क कम किया गया।

    वहीं दूसरी ओर महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन का कहना है कि हरि फाटक और कल्प क्षेत्र की पार्किंग नगर निगम के अधीन आती है और भूमि उपयोग की विस्तृत जांच संबंधित विभागों से की जा सकती है।

    भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह वैध दस्तावेजों के आधार पर हुई है और सभी स्टांप व पंजीयन शुल्क नियम अनुसार जमा किए गए हैं। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और द्वेषपूर्ण बताया है।

    फिलहाल मामला लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और न्यायालय तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में इस विवाद की जांच और तेज होने की संभावना है।

  • आवारा कुत्तों का आतंक: जबलपुर में मासूम बहनों पर हमला, इलाके में दहशत

    आवारा कुत्तों का आतंक: जबलपुर में मासूम बहनों पर हमला, इलाके में दहशत


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पाटन तहसील अंतर्गत आगासौद गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक आवारा कुत्ते ने घर के बाहर खेल रही मासूम बच्ची पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच डाला। यह घटना उस समय हुई जब तीन वर्षीय बच्ची प्राची घर के बाहर खेल रही थी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्ची की चीख सुनकर उसकी मां सुलोचना बाहर दौड़ी और लाठी लेकर कुत्ते को भगाने की कोशिश की। जैसे ही मां ने बड़ी बेटी को किसी तरह बचाया, कुत्ता अचानक घर के अंदर घुस गया और वहां जमीन पर सो रही छह माह की दूसरी बच्ची पर झपट पड़ा। कुत्ते ने मासूम को जबड़े में दबोच लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाकर दोनों बच्चियों को उसके चंगुल से छुड़ाया। इस हमले में दोनों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनके चेहरे, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव आए हैं।

    परिजन तुरंत दोनों को पाटन स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों मासूमों का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है।

    घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर निगम की ओर से प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। कई इलाकों में लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डरने लगे हैं।

    इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत उपचार लेने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में समय पर रेबीज का टीका लगवाना बेहद जरूरी है, अन्यथा गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

    यह घटना एक बार फिर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की समस्या और उसके समाधान पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • कबाड़ बाजार में हड़कंप: जबलपुर में आग ने मचाया तांडव, चार घंटे चला ऑपरेशन

    कबाड़ बाजार में हड़कंप: जबलपुर में आग ने मचाया तांडव, चार घंटे चला ऑपरेशन


    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में सोमवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जहां गुरंदी बाजार इलाके में स्थित कबाड़ की सात दुकानें भीषण आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। यह घटना रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी।

    स्थानीय जानकारी के अनुसार, दुकानदार रात करीब 9 बजे अपनी दुकानें बंद कर घर चले गए थे। इसके कुछ घंटों बाद अचानक आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी दुकानों में रखा कबाड़ तेजी से जलने लगा।

    आग की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए 10 दमकल गाड़ियों को लगाया गया, लेकिन संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण राहत और बचाव कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दमकल वाहन घटनास्थल तक सीधे नहीं पहुंच पाए, जिसके चलते पानी की आपूर्ति में भी देरी हुई।

    करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक दुकानों में रखा सारा सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका था। आग लगने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल फायर विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं।

    सीएसपी एमएल नागोतिया ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दमकल विभाग की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

    इस घटना के बाद एक बार फिर शहर के बीच स्थित कबाड़ गोदामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि इन गोदामों को हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे पहले भी इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की जा चुकी है, जिसमें बड़े हादसे की आशंका जताई गई थी।

    यह हादसा न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत भी दर्शाता है।