Category: Madhya Pradesh

  • फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं

    फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं


    मध्‍य प्रदेश । टीकमगढ़ जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से फर्जी मार्कशीट प्रस्तुत करने का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया, जहां Madhya Pradesh High Court ने दो महिलाओं की याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की सत्यता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब जांच और सत्यापन में मार्कशीट फर्जी पाई गई है, तब याचिकाकर्ताओं को अतिरिक्त सुनवाई का अवसर देने का कोई औचित्य नहीं बनता।

    मामले की सुनवाई शुक्रवार को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में हुई। Justice Vishal Mishra की एकल पीठ ने ममता यादव और नीतू राजपूत द्वारा दायर याचिकाओं पर विचार करने के बाद उन्हें निरस्त कर दिया। दोनों महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया से बाहर किए जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देशों को चुनौती दी थी।

    जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग ने 20 जून 2025 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया के तहत दोनों आवेदिकाओं ने आवेदन प्रस्तुत किए और अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के रूप में महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल से जारी 12वीं कक्षा की मार्कशीट संलग्न की। प्रारंभिक दस्तावेज सत्यापन के बाद 18 अगस्त 2025 को जारी अंतरिम मेरिट सूची में दोनों महिलाओं के नाम शीर्ष स्थानों पर शामिल थे। इस कारण उनका चयन लगभग तय माना जा रहा था।

    हालांकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान 29 अक्टूबर 2025 को जिला चयन समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई कि दोनों आवेदिकाओं द्वारा जमा की गई 12वीं की मार्कशीटें संदिग्ध हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला स्तरीय विवाद निवारण समिति ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित शिक्षण संस्थान से दस्तावेजों का सत्यापन कराया।

    जांच के दौरान संस्थान की ओर से 8 जनवरी 2026 को भेजी गई रिपोर्ट में दोनों मार्कशीटों को फर्जी बताया गया। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 26 मई 2026 को आदेश जारी कर दोनों महिलाओं को भर्ती प्रक्रिया के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सात दिन के भीतर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

    याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए राहत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों, जांच रिपोर्ट और संबंधित तथ्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि दस्तावेज सत्यापन में गंभीर अनियमितता सामने आई है।

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब संबंधित संस्थान स्वयं मार्कशीट को फर्जी घोषित कर चुका है, तब मामले में और सुनवाई करना उचित नहीं है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अनावश्यक सुनवाई न्यायिक समय की बर्बादी के समान होगी।

    हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाती है, तो दोनों महिलाओं को कानून के तहत उपलब्ध अधिकारों का उपयोग करने की स्वतंत्रता रहेगी। वे आवश्यकता पड़ने पर अग्रिम जमानत या अन्य वैधानिक राहत के लिए सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती हैं।

  • प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज

    प्रेम प्रसंग को लेकर जबलपुर में बवाल: दो परिवारों में हिंसक झड़प, वाहन फूंके; 16 लोगों पर केस दर्ज


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Jabalpur जिले के मझौली क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद शुक्रवार रात हिंसक टकराव में बदल गया। दो परिवारों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचना पड़ा। मामले में दोनों पक्षों के कई लोगों के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस के अनुसार मझौली क्षेत्र के एक युवक और युवती के बीच लंबे समय से परिचय और मित्रता थी। इसी दौरान दोनों के बीच संबंधों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। पुलिस के मुताबिक युवती की शादी अन्यत्र तय हो जाने के बाद युवक द्वारा कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक संदेश भेजे गए, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव बढ़ गया।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के परिजन आपसी बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन सहमति बनने के बजाय मतभेद और गहरे हो गए। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा।

    शुक्रवार रात स्थिति अचानक बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान लाठी-डंडों से मारपीट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    घटना के दौरान कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। सड़क किनारे खड़े दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। आग की लपटें उठने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही Nehru Khandate के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद फायर ब्रिगेड की मदद से जलते हुए वाहनों में लगी आग पर काबू पाया गया।

    मामले को लेकर Sampat Upadhyay ने बताया कि प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग और मोबाइल संदेशों को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर काउंटर एफआईआर दर्ज की है। बलवा, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत लगभग 16 लोगों को नामजद किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। आगजनी और संपत्ति को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

  • झाबुआ में भैंस चोरी के आरोप में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी

    झाबुआ में भैंस चोरी के आरोप में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Jhabua जिले में मवेशी चोरी के एक मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस ने भैंस चोरी के आरोप में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में झाबुआ सीट से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुका था। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान बालूसिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने एक गांव से भैंस चोरी की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से पुलिस को आरोपी की रिमांड भी प्राप्त हुई है, जिसके आधार पर उससे पूछताछ की जा रही है।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक अब तक दो भैंस चोरी होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से एक छोटी भैंस बरामद कर ली गई है, जबकि दूसरी भैंस के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में संकेत मिले हैं कि दूसरी भैंस को कहीं बेच दिया गया हो सकता है। इस संबंध में विभिन्न स्थानों पर जानकारी एकत्र की जा रही है।

    मामले की एक खास बात यह भी बताई जा रही है कि जिस गांव में चोरी की घटना हुई, वहां आरोपी के रिश्तेदारी संबंध होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस फिलहाल मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कर रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से यह भी पूछा जा रहा है कि चोरी किए गए मवेशियों को कहां ले जाया गया और उनसे जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या आरोपी का संबंध किसी बड़े मवेशी चोरी गिरोह से है या यह एक अलग घटना थी।

    वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में आरोपी ने झाबुआ सीट से चुनावी मैदान में किस्मत आजमाई थी। राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति का इस प्रकार के आपराधिक मामले में नाम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मामले की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। यदि पूछताछ में अन्य चोरी की घटनाओं या सहयोगियों की जानकारी सामने आती है, तो उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा करने की बात कह रही है।

  • झाबुआ बस स्टैंड की 13 दुकानें सील: व्यापारियों ने हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद कार्रवाई का लगाया आरोप

    झाबुआ बस स्टैंड की 13 दुकानें सील: व्यापारियों ने हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बावजूद कार्रवाई का लगाया आरोप


    मध्‍य प्रदेश । झाबुआ शहर में बस स्टैंड स्थित दुकानों को लेकर नगर पालिका और व्यापारियों के बीच विवाद गहरा गया है। नगर पालिका ने शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात बस स्टैंड परिसर में स्थित दुकान क्रमांक 1 से 13 तक को सील कर दिया। इस कार्रवाई के बाद प्रभावित व्यापारियों ने प्रशासनिक कदम पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उन्हें उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त हो चुका था, इसके बावजूद दुकानों को सील कर दिया गया।

    जानकारी के अनुसार नगर पालिका ने कुछ समय पहले बस स्टैंड स्थित इन दुकानों को जर्जर और क्षतिग्रस्त बताते हुए व्यापारियों को दुकानें खाली करने के नोटिस जारी किए थे। नगर पालिका का तर्क था कि भवन की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से कार्रवाई आवश्यक है। हालांकि दुकानदारों ने इस निर्णय का विरोध करते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

    व्यापारियों का कहना है कि शुक्रवार को ही Madhya Pradesh High Court की एकल पीठ ने मामले में सशर्त स्थगन आदेश जारी किया था। उनका दावा है कि आदेश मिलने के बाद भी नगर पालिका ने देर रात कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया। व्यापारियों का आरोप है कि यह कदम न्यायालय के निर्देशों और उसकी भावना के विपरीत है।

    कार्रवाई के बाद प्रभावित दुकानदारों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि कई परिवार दशकों से इन दुकानों के माध्यम से अपनी आजीविका चला रहे हैं और अचानक की गई कार्रवाई से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    मामले में नगर पालिका के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिलन पटेल और संबंधित अधिकारियों से बातचीत नहीं हो पाई। वहीं नगर पालिका के सब इंजीनियर धीरेन्द्र रावत ने बताया कि सीएमओ बैठक के सिलसिले में बाहर हैं और उन्हें इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी नहीं है।

    दूसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शैलेश बिट्टू सिंगार ने कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि दुकानों को खाली कराने के लिए पिछले तीन वर्षों से नोटिस जारी किए जा रहे थे। उनके अनुसार हाल ही में प्राप्त प्रशासनिक निर्देशों के बाद दुकानों को सीज करने की कार्रवाई की गई है।

    व्यापारियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता Harshvardhan Singh Rathore ने दावा किया कि कार्रवाई में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 221 के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए बिना दुकानों को सील किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित व्यापारी लगभग 30 वर्षों से इन दुकानों में व्यवसाय कर रहे हैं और भवन अभी भी उपयोग योग्य स्थिति में हैं।

    सुनवाई के दौरान न्यायालय ने भी भवन की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल उठाए। न्यायालय ने टिप्पणी की कि नगर पालिका ऐसा कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे यह सिद्ध हो सके कि भवन मरम्मत योग्य नहीं हैं। न्यायालय ने निर्देश दिया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी पहले यह निर्धारित करें कि भवन की मरम्मत संभव है या नहीं। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने तक आगे की कार्रवाई पर रोक रहेगी।

    फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें न्यायालय के अगले निर्देशों और नगर पालिका के आधिकारिक पक्ष पर टिकी हुई हैं।

  • गुजरात के होटल में युवती की हत्या: प्रेमी पर गला रेतने का आरोप, पुलिस अभिरक्षा में हुई वारदात से उठे सवाल

    गुजरात के होटल में युवती की हत्या: प्रेमी पर गला रेतने का आरोप, पुलिस अभिरक्षा में हुई वारदात से उठे सवाल


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले से लापता एक युवती की गुजरात में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवती की हत्या का आरोप उसके साथ बरामद किए गए युवक पर है। घटना गांधीनगर के एक होटल में उस समय हुई, जब दोनों को पुलिस टीम गुजरात से शिवपुरी वापस लेकर आ रही थी। इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी रजनी धाकड़ (21) और संतोष जाटव (25) 7 जून की रात अपने घरों से लापता हो गए थे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों के गुजरात में होने की जानकारी मिली।

    इसके बाद देहात थाना की एक टीम, जिसमें दो पुलिसकर्मी और युवती के परिजन शामिल थे, गुजरात रवाना हुई। पुलिस के अनुसार 11 जून को दोनों को गुजरात के राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र में एक फैक्ट्री के पास स्थित झोपड़ी से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस टीम दोनों को शिवपुरी वापस लेकर रवाना हुई।

    वापसी के दौरान लंबी यात्रा और थकान के कारण टीम ने गांधीनगर क्षेत्र में एक होटल में रुकने का निर्णय लिया। परिजनों के अनुसार सभी लोग एक ही कमरे में ठहरे हुए थे। रात के दौरान अचानक चीखने की आवाज सुनकर लोगों की नींद खुली। मौके पर देखा गया कि युवती गंभीर रूप से घायल थी, जबकि संतोष जाटव भी खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास कर रहा था।

    पुलिस के अनुसार युवती को तत्काल बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मृत्यु हो चुकी थी। वहीं आरोपी युवक को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

    घटना के बाद Chiloda Police Station ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और होटल में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठ रहा है कि प्रेमी युगल को गुजरात से लाने गई टीम में महिला पुलिसकर्मी क्यों शामिल नहीं थी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि होटल में ठहरने के दौरान सुरक्षा संबंधी क्या इंतजाम किए गए थे और आरोपी के पास कथित तौर पर धारदार हथियार कैसे पहुंचा।

    प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस टीम की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के पालन से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

    फिलहाल युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपी युवक की चिकित्सकीय निगरानी में पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले से लापता एक युवती की गुजरात में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवती की हत्या का आरोप उसके साथ बरामद किए गए युवक पर है। घटना गांधीनगर के एक होटल में उस समय हुई, जब दोनों को पुलिस टीम गुजरात से शिवपुरी वापस लेकर आ रही थी। इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी रजनी धाकड़ (21) और संतोष जाटव (25) 7 जून की रात अपने घरों से लापता हो गए थे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों के गुजरात में होने की जानकारी मिली।

    इसके बाद देहात थाना की एक टीम, जिसमें दो पुलिसकर्मी और युवती के परिजन शामिल थे, गुजरात रवाना हुई। पुलिस के अनुसार 11 जून को दोनों को गुजरात के राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र में एक फैक्ट्री के पास स्थित झोपड़ी से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस टीम दोनों को शिवपुरी वापस लेकर रवाना हुई।

    वापसी के दौरान लंबी यात्रा और थकान के कारण टीम ने गांधीनगर क्षेत्र में एक होटल में रुकने का निर्णय लिया। परिजनों के अनुसार सभी लोग एक ही कमरे में ठहरे हुए थे। रात के दौरान अचानक चीखने की आवाज सुनकर लोगों की नींद खुली। मौके पर देखा गया कि युवती गंभीर रूप से घायल थी, जबकि संतोष जाटव भी खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास कर रहा था।

    पुलिस के अनुसार युवती को तत्काल बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मृत्यु हो चुकी थी। वहीं आरोपी युवक को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

    घटना के बाद Chiloda Police Station ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और होटल में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठ रहा है कि प्रेमी युगल को गुजरात से लाने गई टीम में महिला पुलिसकर्मी क्यों शामिल नहीं थी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि होटल में ठहरने के दौरान सुरक्षा संबंधी क्या इंतजाम किए गए थे और आरोपी के पास कथित तौर पर धारदार हथियार कैसे पहुंचा।

    प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस टीम की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के पालन से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

    फिलहाल युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपी युवक की चिकित्सकीय निगरानी में पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच जारी है।

  • 250 क्विंटल सरसों गबन मामले में बड़ा खुलासा: 29 लाख का ट्रक और माल बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    250 क्विंटल सरसों गबन मामले में बड़ा खुलासा: 29 लाख का ट्रक और माल बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में सरसों गबन के चर्चित मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। तेंदुआ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करोड़ों के कृषि व्यापार से जुड़े इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने लगभग 29 लाख रुपए मूल्य का ट्रक और बची हुई सरसों भी बरामद की है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस के अनुसार मामला उस समय सामने आया जब कोलारस निवासी व्यापारी Anita Gupta ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी फर्म ‘बुलबुल इंटरप्राइजेज’ से आगरा भेजी गई सरसों निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंची। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया।

    जानकारी के मुताबिक 21 मार्च 2026 को बुलबुल इंटरप्राइजेज से 250 क्विंटल सरसों आगरा स्थित Mahesh Edible Oil Mills के लिए भेजी गई थी। लेकिन माल लेकर रवाना हुआ ट्रक निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचा। इसके बाद व्यापारी की शिकायत पर ट्रक मालिक रामब्रज गुर्जर और उसके भाई श्रीकेश गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

    तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी बची हुई सरसों को बेचने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर खरई और कस्बाथाना के बीच घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई और मुख्य आरोपी रामब्रज गुर्जर निवासी Dholpur को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस ने ट्रक (आरजे 11 जीए 9297) को भी जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार ट्रक की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपए है। वहीं वाहन में लगभग 100 क्विंटल सरसों बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 7 लाख रुपए आंकी गई है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 29 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि 250 क्विंटल में से बड़ी मात्रा में सरसों पहले ही बेची जा चुकी है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शेष माल कहां और किसे बेचा गया तथा उससे प्राप्त राशि का क्या हुआ। आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    मामले की जांच के दौरान एक और नया नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार रामकेश गुर्जर, जो मुख्य आरोपी रामब्रज का रिश्तेदार बताया जा रहा है, इस पूरे मामले में सहयोगी भूमिका में हो सकता है। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। हालांकि उसके खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं, मामले में नामजद आरोपी श्रीकेश गुर्जर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर मामले के सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।

  • शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां

    शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी में छात्राओं की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की अधीक्षिका प्रीति सूर्येश को उनके पदभार से हटा दिया है। छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अधीक्षिका की कार्यप्रणाली को लेकर छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया।

    जानकारी के अनुसार छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने 9 जून को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखी थीं। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके बाद 11 जून को भी छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी समस्याओं को विस्तार से प्रशासन के सामने रखा।

    छात्राओं के अनुसार छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन में कई बार कीड़े निकल रहे थे। इसके अलावा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, शौचालयों की संख्या कम थी तथा साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। छात्राओं ने अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ छात्राओं ने यह आरोप भी लगाया था कि शिकायत करने के बाद उन्हें दबाव में लेने और धमकाने का प्रयास किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसने छात्रावास का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच दल ने छात्राओं, कर्मचारियों और संबंधित अभिलेखों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी।

    जांच रिपोर्ट में छात्रावास की व्यवस्थाओं में कई खामियां और अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। साथ ही यह भी पाया गया कि अधीक्षिका प्रीति सूर्येश अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित स्तर की जिम्मेदारी नहीं निभा पाईं। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

    इसके बाद जिला स्तर पर जारी आदेश में प्रीति सूर्येश को शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, शिवपुरी के अधीक्षकीय प्रभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया। उन्हें अब शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला, कोटा में शिक्षकीय कार्य के लिए पदस्थ किया गया है।

    वहीं छात्रावास की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए नई जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। शासकीय अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास, फतेहपुर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका अनीता तिग्गा को छात्रावास का नया प्रभार सौंपा गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और छात्रावासों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    यह कार्रवाई छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही है। अब छात्राओं को उम्मीद है कि नई व्यवस्था के तहत छात्रावास की मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

  • दो साल से फरार ब्राउन शुगर तस्कर इंदौर में गिरफ्तार, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

    दो साल से फरार ब्राउन शुगर तस्कर इंदौर में गिरफ्तार, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो साल से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो ब्राउन शुगर तस्करी के मामले में वांछित था। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, लेकिन मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर उसे दबोच लिया गया।

    पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 में भंडारी ब्रिज के पास एमआर-4 रोड पर कार्रवाई के दौरान शादाब खान नामक आरोपी को 105.16 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच के दौरान इमरान पिता शमशेर साकरिया निवासी Pratapgarh का नाम सह-आरोपी के रूप में सामने आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।

    क्राइम ब्रांच को शुक्रवार को सूचना मिली कि फरार आरोपी इमरान साकरिया पटेल प्रतिमा चौराहे के आसपास मौजूद है और वहां से भागने की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल रणनीति बनाकर इलाके में घेराबंदी की। बताया गया कि आरोपी नीली जींस और नीली चौकड़ीदार शर्ट पहने हुए था, जिससे उसकी पहचान करने में पुलिस को आसानी हुई।

    जैसे ही पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, आरोपी मौके से भागने लगा। हालांकि क्राइम ब्रांच की टीम ने उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

    मामले की जानकारी देते हुए Rajesh Kumar Tripathi ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी तलाश थी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने मामले से जुड़े तथ्यों को स्वीकार किया है। इसके बाद उसकी विधिवत गिरफ्तारी कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के तीन मामले दर्ज हैं, जबकि एक अन्य मामला मारपीट से संबंधित बताया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और कहीं वह मादक पदार्थों की तस्करी के अन्य मामलों में भी शामिल तो नहीं था।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। फरार और वांछित आरोपियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों की अवैध तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

  • MPL में आज ‘सुपर सैटरडे’, तीन बड़े मुकाबलों से तय होगी सेमीफाइनल की दिशा; मालवा, ग्वालियर और उज्जैन पर दबाव

    MPL में आज ‘सुपर सैटरडे’, तीन बड़े मुकाबलों से तय होगी सेमीफाइनल की दिशा; मालवा, ग्वालियर और उज्जैन पर दबाव


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर में जारी मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। लीग मुकाबलों के अंतिम दौर में हर मैच का महत्व बढ़ गया है और शनिवार को आयोजित ‘सुपर सैटरडे’ को पूरे टूर्नामेंट का सबसे अहम दिन माना जा रहा है। दिनभर खेले जाने वाले तीन मुकाबलों के नतीजे से सेमीफाइनल की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी और कई टीमों की किस्मत तय होगी।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इंदौर के डेली कॉलेज ग्राउंड और Holkar Stadium पर टिकी हुई हैं, जहां दिनभर रोमांचक मुकाबले खेले जा रहे हैं। अंक तालिका में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी होने के कारण हर टीम के लिए यह मुकाबले ‘करो या मरो’ जैसे बन गए हैं।

    दिन का पहला मुकाबला डेली कॉलेज ग्राउंड पर मालवा स्टैलियंस और Jabalpur Royal Lions के बीच खेला गया। जबलपुर की टीम अपने प्रमुख बल्लेबाज रितिक ताडा की शानदार फॉर्म के भरोसे मैदान में उतरी, जबकि मालवा स्टैलियंस के लिए यह मुकाबला टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदें जिंदा रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। टीम प्रबंधन और समर्थकों की नजरें इस मैच पर विशेष रूप से बनी रहीं क्योंकि हार की स्थिति में मालवा के लिए आगे की राह कठिन हो सकती है।

    दूसरा मुकाबला भी डेली कॉलेज ग्राउंड पर खेला जा रहा है, जहां Bundelkhand Bulls और Gwalior Cheetahs आमने-सामने हैं। ग्वालियर टीम की कमान भारतीय क्रिकेटर Rajat Patidar के हाथों में है। पिछली हार के बाद टीम पर दबाव है और वह जीत के साथ जोरदार वापसी करना चाहेगी। दूसरी ओर बुंदेलखंड बुल्स अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरी है। इस मुकाबले का परिणाम भी सेमीफाइनल की दौड़ को प्रभावित कर सकता है।

    दिन का सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल मुकाबला दोपहर बाद होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां Ujjain Falcons का सामना Rewa Jaguars से होगा। उज्जैन फाल्कन्स की टीम इस समय अच्छे लय में दिखाई दे रही है। टीम के बल्लेबाज माधव तिवारी और सोहम पटवर्धन लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं रीवा जगुआर्स अपनी पिछली गलतियों को सुधारते हुए जीत दर्ज करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।

    टूर्नामेंट अब उस मोड़ पर पहुंच चुका है जहां एक जीत या हार पूरी अंक तालिका का समीकरण बदल सकती है। कई टीमों के अंक बेहद करीब हैं, इसलिए नेट रन रेट भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में कप्तानों और टीम प्रबंधन के सामने सिर्फ जीत ही नहीं बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल करने की चुनौती भी होगी।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शनिवार के मुकाबलों के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। यही वजह है कि खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रशंसकों की उत्सुकता भी चरम पर है। इंदौर में खेला जा रहा यह ‘सुपर सैटरडे’ MPL के इतिहास के सबसे रोमांचक दिनों में से एक साबित हो सकता है।

  • इंदौर में मल्टी के नीचे हार्डवेयर दुकान में भीषण आग, समय रहते खाली कराए गए फ्लैट; बड़ा हादसा टला

    इंदौर में मल्टी के नीचे हार्डवेयर दुकान में भीषण आग, समय रहते खाली कराए गए फ्लैट; बड़ा हादसा टला


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के वीर सावरकर नगर क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब माया भवन मल्टी के भूतल पर स्थित एक हार्डवेयर दुकान में अचानक आग लग गई। आग लगते ही दुकान से धुएं का घना गुबार उठने लगा और देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं। घटना के समय मल्टी में रहने वाले परिवारों में दहशत फैल गई और लोग तुरंत अपने फ्लैट छोड़कर नीचे सड़क पर आ गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। स्थानीय निवासी बाल्टियों और प्लास्टिक के केनों में पानी भरकर आग पर डालने लगे। हालांकि दुकान में मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती रही और लोगों के प्रयास पर्याप्त साबित नहीं हुए।

    मल्टी में रहने वाले निवासी सुभाष चौधरी ने बताया कि आग लगने के कुछ ही मिनटों में धुआं ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया था। स्थिति को देखते हुए सभी परिवारों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि बिल्डिंग में मौजूद सभी फ्लैटों के लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद Prashant Badwe भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तत्काल पानी का टैंकर बुलवाने की व्यवस्था की और यह सुनिश्चित किया कि बिल्डिंग में कोई व्यक्ति अंदर फंसा न हो। इसी दौरान इंदौर फायर ब्रिगेड की दो दमकल गाड़ियां भी घटनास्थल पर पहुंच गईं।

    दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार आग पर नियंत्रण पाने के लिए करीब 20 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि आग पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जाता तो यह ऊपरी मंजिलों तक फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग शुभम इंटरप्राइजेज नामक हार्डवेयर दुकान में लगी थी, जो जी प्लस थ्री भवन के भूतल पर किराए से संचालित की जा रही थी। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक दुकान में बड़ी मात्रा में पीवीसी फिटिंग सामग्री, पेंट, थिनर, हार्डवेयर का सामान और लकड़ी का फर्नीचर रखा हुआ था। इन ज्वलनशील वस्तुओं के कारण आग तेजी से फैल गई और दुकान के भीतर रखा काफी सामान जलकर नष्ट हो गया।

    आग की तीव्रता का असर ऊपरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट तक भी पहुंचा। आग और गर्मी के कारण फ्लैट में लगे पर्दे, पलंग और एलईडी टीवी को नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।

    फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामग्री में किसी तकनीकी कारण से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।