Category: Madhya Pradesh

  • 4 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: 5 महीने पहले की थी लव मैरिज, कलाई पर मिले गहरे कट के निशान

    4 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत: 5 महीने पहले की थी लव मैरिज, कलाई पर मिले गहरे कट के निशान


    भोपाल । राजधानी भोपाल के बैरागढ़ क्षेत्र में एक 25 वर्षीय गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला की मौत के बाद उसके परिजनों ने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस फिलहाल आत्महत्या की दिशा में जांच कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

    मृतका की पहचान भारती सोलंकी के रूप में हुई है, जो संजय नगर बैरागढ़ की निवासी थीं। जानकारी के अनुसार भारती ने करीब पांच महीने पहले परिवार की इच्छा के विरुद्ध विक्की सोलंकी से प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद वह अपने पति के साथ रह रही थीं। परिजनों के मुताबिक भारती चार माह की गर्भवती थीं और दो दिन पहले ही नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए डॉक्टर के पास गई थीं।

    घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के परिजन अस्पताल पहुंचे और मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

    मृतका के भाई जीतू सोलंकी का आरोप है कि उनकी बहन की मौत सामान्य नहीं है। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने पर पति विक्की ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कही, जबकि अन्य परिजनों द्वारा अलग-अलग बातें बताई जा रही थीं। परिवार का दावा है कि भारती के हाथ की कलाई पर गहरा कट का निशान था और गले पर भी चोट के निशान दिखाई दिए। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना से एक दिन पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। परिवार के अनुसार भारती ने अपने पति को किसी अन्य महिला से फोन पर बातचीत करते हुए देख लिया था, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। परिजनों का दावा है कि इस विवाद की जानकारी स्वयं भारती ने उन्हें फोन कर दी थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

    दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जांच अधिकारी के अनुसार घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसलिए महिला के इस कदम के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों को लेकर कोई निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।

    फिलहाल पुलिस मृतका के परिजनों, पति और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    यह मामला प्रेम विवाह, पारिवारिक विवाद और एक गर्भवती महिला की असामयिक मौत से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हैं।

  • राज्यसभा चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, तरुण और रजनीश ने भरा नामांकन

    राज्यसभा चुनाव में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, तरुण और रजनीश ने भरा नामांकन


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के रूप में Tarun Chugh और Rajnish Agrawal का नामांकन दाखिल कराकर चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। नामांकन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक रहा, वहीं पार्टी ने अपनी राजनीतिक ताकत का भी प्रदर्शन किया।

    नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस मौके पर पूर्व मंत्री Bhupendra Singh ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि पार्टी की स्थिति इतनी मजबूत है कि यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार भी मैदान में उतार दे, तब भी जीत सुनिश्चित रहेगी। उनके इस बयान ने राज्यसभा चुनाव को लेकर नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।

    भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा को विधायकों का व्यापक समर्थन प्राप्त है और पार्टी के पक्ष में संख्या बल मजबूत है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा संगठन और जनाधार दोनों के स्तर पर मजबूत स्थिति में है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के परिणाम को लेकर पार्टी पूरी तरह आश्वस्त है।

    राज्यसभा चुनाव को केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति परीक्षण के रूप में भी देखा जा रहा है। इस चुनाव में विभिन्न दलों की रणनीति, विधायकों की एकजुटता और राजनीतिक समीकरणों पर सबकी नजर बनी हुई है। भाजपा की ओर से किए गए शक्ति प्रदर्शन को विपक्ष के लिए एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नामांकन के बाद अब सभी दल अपने-अपने विधायकों को साधने और रणनीति मजबूत करने में जुट जाएंगे। चुनावी गणित के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    कुल मिलाकर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। भाजपा के आत्मविश्वास भरे दावों ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है, जबकि विपक्ष भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
  • मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों ने भरा नामांकन

    मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों ने भरा नामांकन

    भोपाल। मध्यप्रदेश से राज्यसभा की रिक्त होने वाली तीन सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक निर्वाचन के तहत भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने शनिवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

    भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल और तरुण चुग ने निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।

    नामांकन दाखिल करने के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खांडेलवाल, वरिष्ठ नेता एवं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह तथा गोविंद सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा नेताओं ने उम्मीदवारों की जीत का विश्वास भी व्यक्त किया।

  • यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव

    यूका फैक्ट्री का कचरा हटने से भोपाल से मिटा गैस त्रासदी का कलंक, अब जमीन का करेंगे प्रबंधनः CM मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) को प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण बताया. कहा कि इस भयानक घटना ने नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।

    CM यादव विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की शुरुआत की गई। सीएम यादव ने कहा, “भोपाल गैस त्रासदी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह सबसे भयानक घटना थी जिसने आम नागरिकों और पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।


    फैक्ट्री के कचरे का हुआ सफल निपटारा

    मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े कचरे का निपटारा कर दिया है. उन्होंने आगे कहा, “इससे भोपाल की धरती से गैस त्रासदी का कलंक मिट गया है. अब राज्य सरकार यूनियन कार्बाइड की जमीन के सही प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    बता दें कि 2-3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से बेहद जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था. इसमें कम से कम 5,479 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग अपंग हो गए. इसे दुनिया की सबसे बुरी औद्योगिक त्रासदियों में से एक माना जाता है।


    ग्रीन एनर्जी और वन्यजीवों का सह-अस्तित्व

    CM यादव ने कहा कि राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई अहम पहल की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरित ऊर्जा के लिए सौर, पवन, बायोमास और जलविद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, और सांची, खजुराहो व अन्य जगहों पर बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं।

    वन्यजीव संरक्षण के साथ सह-अस्तित्व का बेहतरीन उदाहरण पेश करने का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि राज्य में तेंदुओं को लाने के अलावा असम से जंगली भैंसें भी लाई गई हैं.

    उन्होंने कहा, “पर्यावरण संरक्षण की मूल अवधारणा हमारी सनातन संस्कृति में निहित है. 5 तत्वों से बनी इस सृष्टि के संरक्षण के लिए हर तत्व का महत्व हमारी पूजा-पद्धति, खान-पान और प्रार्थनाओं में मौजूद है. सनातन संस्कृति में एक पेड़ को दस पुत्रों के बराबर माना जाता है. पर्यावरण संरक्षण हमारी जीवनशैली में झलकता है.”

    यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. यादव ने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत राज्य में नदियों, कुओं, बावड़ियों और तालाबों के संरक्षण का पवित्र कार्य चल रहा है.

    इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार और वन एवं पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल समेत कई अन्य लोग मौजूद थे. अहिरवार ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हवा, पानी और पेड़ों को बचाना बहुत जरूरी है।

  • गर्मी का कहर जारी, उमस ने बढ़ाई परेशानी; कुछ जगहों पर राहत की बूंदें संभव

    गर्मी का कहर जारी, उमस ने बढ़ाई परेशानी; कुछ जगहों पर राहत की बूंदें संभव


    मध्‍य प्रदेश 6 जून को मौसम का मिजाज अधिकतर इलाकों में गर्म और उमस भरा बना हुआ है। Monsoon की सक्रियता अभी सीमित है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिन के समय तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    सुबह से ही आसमान साफ और धूप तीखी रहने के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस किया गया। दोपहर के समय उमस का स्तर बढ़ने से लोगों को बेचैनी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नमी की अधिकता के कारण गर्मी और अधिक तीव्र महसूस हो रही है।

    हालांकि, मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यह बारिश मुख्य रूप से स्थानीय बादलों के बनने और नमी के दबाव के कारण संभव है। इससे उन इलाकों में अस्थायी राहत मिल सकती है जहां तापमान अधिक है।

    ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में गर्मी का असर समान रूप से देखा जा रहा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है, जबकि लोग दिन के गर्म हिस्से में घरों के अंदर रहना ही बेहतर समझ रहे हैं।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि नमी और बादलों की गतिविधि बढ़ती है तो मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बनी हुई है।

    कुल मिलाकर, 6 जून का दिन गर्मी और उमस से भरा रहेगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश लोगों को थोड़ी राहत दे सकती है।

  • MP में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, गृह विभाग ने बदली कई अफसरों की कुर्सी

    MP में बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल, गृह विभाग ने बदली कई अफसरों की कुर्सी


    भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। यह आदेश दिनांक 05 जून 2026 को जारी किया गया, जिसमें कई पुलिस अधिकारियों और निरीक्षकों के स्थानांतरण एवं नई पदस्थापना की सूची जारी की गई है। इस आदेश का उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करना बताया जा रहा है।

    जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जिलों एवं पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से हटाकर नवीन पदस्थापना पर भेजा गया है। इनमें कई पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस अधिकारी तथा अन्य संवर्ग के अधिकारी शामिल हैं। सूची में कुछ अधिकारियों को जिला स्तर पर इधर-उधर किया गया है, जबकि कुछ को विशेष पुलिस इकाइयों में नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

    गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होंगे और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे शीघ्र अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें। आदेश में प्रशासनिक जरूरतों और कार्यहित को आधार बताते हुए यह फेरबदल किया गया है।

    सूत्रों के अनुसार यह तबादला सूची पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। कुछ अधिकारियों को अपराध नियंत्रण इकाइयों में भेजा गया है, जबकि कुछ को थाना स्तर पर नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। इसके साथ ही कुछ अधिकारियों को प्रशासनिक इकाइयों में भी स्थानांतरित किया गया है।

    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार समय-समय पर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए इस तरह के तबादले करती रही है। इस नवीन आदेश को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पुलिस विभाग के कार्यों में गति लाने और जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

    इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में हलचल देखी जा रही है। जिन अधिकारियों का स्थानांतरण हुआ है, वे अब नए स्थानों पर अपनी जिम्मेदारियाँ संभालेंगे। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से कई बार कार्यप्रणाली में सुधार आता है और जिलों में कानून व्यवस्था को नई दिशा मिलती है। फिलहाल सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन करते हुए तुरंत नई पदस्थापना पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • बेरोजगारी से ‘किन्नर गैंग’ तक: ट्रेनों में वसूली का नया नेटवर्क, यूपी–बिहार के युवक निकले मास्टरमाइंड

    बेरोजगारी से ‘किन्नर गैंग’ तक: ट्रेनों में वसूली का नया नेटवर्क, यूपी–बिहार के युवक निकले मास्टरमाइंड


    मध्य प्रदेश । जबलपुर रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों से वसूली के नाम पर चल रहे एक संगठित नेटवर्क का रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि कई किन्नर के वेश में दिखने वाले लोग असल में युवक हैं, जो बेरोजगारी और आसान कमाई के लालच में यह तरीका अपना रहे थे।

    RPF की हालिया कार्रवाई में पकड़े गए तीन संदिग्धों के बाद यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि वे महिलाएं या वास्तविक किन्नर नहीं, बल्कि युवक हैं जो पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से वेश बदलकर ट्रेनों में यात्रियों से पैसे वसूलते हैं।

    सूत्रों के अनुसार, यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहा नेटवर्क है, जिसमें यूपी और बिहार के कई युवक शामिल हैं। ये लोग जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और इटारसी जैसे बड़े रेलवे जंक्शन वाले क्षेत्रों में सक्रिय हैं और किराए के मकानों में रहकर अपना संचालन करते हैं।

    पकड़े गए आरोपियों में कानपुर के रहने वाले आशीष (बदला हुआ नाम आशी), महेश (माही) और पिंचू (तरन्नुम) शामिल हैं। ये लोग घर से सामान्य कपड़ों में निकलते हैं, लेकिन स्टेशन के पास पहुंचते ही साड़ी और सूट पहनकर किन्नर का रूप धारण कर लेते हैं। भारी मेकअप, सिंदूर और व्यवहारिक शैली अपनाकर ये यात्रियों को भ्रमित करते हैं और वसूली करते हैं।

    RPF जांच में सामने आया कि ये लोग यात्रियों से प्रति व्यक्ति ₹10 से ₹100 तक वसूलते हैं। रोजाना इनकी कमाई ₹1,500 से ₹2,000 तक पहुंच जाती है। कई मामलों में तो ये QR कोड के जरिए डिजिटल भुगतान भी स्वीकार करते हैं।

    पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इनमें से कुछ युवकों ने पहले नौकरी की तलाश की, लेकिन रोजगार न मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया से प्रेरित होकर यह रास्ता चुना। आसान कमाई और कम कानूनी जोखिम को देखते हुए यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।

    RPF अधिकारियों के अनुसार, पिछले छह महीनों में करीब 120 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 60 प्रतिशत युवक निकले हैं। यह गिरोह यात्रियों की असहज स्थिति और डर का फायदा उठाकर लगातार अवैध वसूली कर रहा था।

    इस मामले के सामने आने के बाद असली किन्नर समुदाय ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नकली वसूली करने वाले युवक पूरे समुदाय की छवि खराब कर रहे हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    रेलवे सुरक्षा बल अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि इसके पीछे मौजूद बड़े गिरोह और आर्थिक कनेक्शन का पता लगाया जा सके।

  • साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़

    साइबर कैफे से चल रहा था टिकटों का खेल, कालाबाजारी का भंडाफोड़


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे की आड़ में चल रहे अवैध रेल ई-टिकट कारोबार का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक साइबर कैफे संचालक को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से कुल 74 अवैध ई-टिकट बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए टिकटों की कुल कीमत करीब ₹1,24,549 आंकी गई है।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित झा (35) के रूप में हुई है, जो न्यू शोभापुर कॉलोनी का निवासी बताया गया है। आरपीएफ ने उसके पास से कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध टिकट बुकिंग में किया जा रहा था।

    सूत्रों के अनुसार, आरपीएफ पोस्ट जबलपुर को सूचना मिली थी कि रांझी क्षेत्र में स्थित एक साइबर कैफे और ऑनलाइन शॉप के जरिए अवैध रूप से ई-टिकट बेचे जा रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद एसआई योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और आरोपी को मौके से पकड़ लिया।

    जांच में सामने आया कि आरोपी “सन साइबर कैफे” के नाम से दुकान संचालित कर रहा था और एमपीऑनलाइन के साथ-साथ छह अलग-अलग आईआरसीटीसी यूजर आईडी का उपयोग कर व्यावसायिक स्तर पर टिकट बुकिंग कर रहा था। वह यात्रियों से प्रति टिकट ₹50 से ₹100 तक अतिरिक्त शुल्क वसूल रहा था, जिससे अवैध कमाई की जा रही थी।

    आरपीएफ की जांच में 74 ई-टिकट बरामद हुए, जिनमें 6 लाइव टिकट शामिल हैं जिनकी कीमत ₹11,152 है, जबकि 68 पुराने टिकटों की कीमत ₹1,13,397 पाई गई। इस तरह कुल जब्ती की कीमत ₹1,24,549 आंकी गई।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी डिजिटल वॉलेट और बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेता था। अब आरपीएफ संबंधित बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    पूरी कार्रवाई के बाद आरोपी को आरपीएफ पोस्ट जबलपुर लाया गया और उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर उसे बंध पत्र पर रिहा कर दिया गया।

  • रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई

    रेलवे में रिश्वत लेते सेक्शन इंजीनियर गिरफ्तार, CBI ने सागर में की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में सीबीआई की टीम ने गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए सागर रेलखंड में पदस्थ एक रेलवे अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सेक्शन इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला के रूप में हुई है। कार्रवाई के बाद टीम आरोपी को जबलपुर लेकर पहुंची और उसे सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 5 दिन की रिमांड की मांग की गई है।

    मामला रेलवे के सागर रेलखंड से जुड़ा है, जहां गिट्टी सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार ने काम पूरा होने के बाद अपनी सिक्योरिटी राशि वापस मांगी थी। आरोप है कि इसी राशि को जारी करने के बदले सेक्शन इंजीनियर ने ठेकेदार से ₹1 लाख की रिश्वत की मांग की थी। जब ठेकेदार ने रिश्वत देने से इनकार किया तो अधिकारी ने उसकी सिक्योरिटी राशि रोक दी।

    इसके बाद ठेकेदार ने पूरे मामले की शिकायत जबलपुर स्थित सीबीआई एसपी कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद सीबीआई ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी ने रिश्वत की रकम लेने के लिए ठेकेदार को सागर के एक होटल में बुलाया था। तय योजना के तहत सीबीआई टीम सादी वर्दी में पहले से ही होटल के आसपास तैनात थी। जैसे ही ठेकेदार ने आरोपी को ₹1 लाख की राशि सौंपी, टीम ने तुरंत उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

    सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी से आगे की पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य संभावित मामलों और नेटवर्क की जांच भी की जा रही है। इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

  • भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, पंचामृत से लेकर भस्म अर्पण तक पूरी हुई महापूजा

    भस्म आरती में महाकाल का दिव्य श्रृंगार, पंचामृत से लेकर भस्म अर्पण तक पूरी हुई महापूजा


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान एक बार फिर आस्था, परंपरा और वैदिक विधियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही पूरे परिसर में मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन की ध्वनि गूंज उठी।

    सभा मंडप में सबसे पहले वीरभद्रजी के कान में स्वस्तिवाचन किया गया और उसके बाद घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा ली गई। इसके बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए और गर्भगृह में पुजारियों ने विधिवत पूजा आरंभ की।

    गर्भगृह में भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारकर सबसे पहले पंचामृत पूजन किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया, जिसके बाद कर्पूर आरती संपन्न हुई। इसके साथ ही नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन भी किया गया।

    इसके बाद जलाभिषेक कर भगवान महाकाल का पुनः शुद्धिकरण किया गया। फिर उन्हें रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट, रुद्राक्ष की माला, शेषनाग का रजत मुकुट, सुगंधित पुष्पमालाएं और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, सूखे मेवे और भस्म अर्पित कर भगवान को अलौकिक स्वरूप प्रदान किया गया।

    पूजा के अगले चरण में फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। इस संपूर्ण भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरागत रूप से भगवान को भस्म अर्पित की गई।

    मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं, जिसे अत्यंत दिव्य और दुर्लभ माना जाता है।