Category: Madhya Pradesh

  • कॉमनवेल्थ में मध्य प्रदेश का दम, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक, सरकार देगी 25-25 लाख और नौकरी

    कॉमनवेल्थ में मध्य प्रदेश का दम, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक, सरकार देगी 25-25 लाख और नौकरी


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। जूडो में सागर जिले की किसान परिवार की बेटी यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टिंग में अजय बाबू वल्लुरी ने रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर मध्य प्रदेश सरकार ने 25-25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि और खेल नीति के तहत सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है और यह सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।

    महिलाओं की 57 किलोग्राम जूडो स्पर्धा में यामिनी मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना इंग्लैंड की असेल्या टोपराक से हुआ, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद रजत पदक जीतकर उन्होंने मध्य प्रदेश और देश का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यामिनी एक सामान्य किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता हरिओम मौर्य खेती करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

    यामिनी के कोच दीपक रजक ने बताया कि उन्होंने पहली बार यामिनी की प्रतिभा को पुराने सदर स्कूल के मैदान में खेलते हुए पहचाना था। उन्होंने परिवार को समझाया कि बेटी में असाधारण क्षमता है और उसे नियमित प्रशिक्षण मिलना चाहिए। शुरुआत में आर्थिक स्थिति और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण परिवार थोड़ा हिचकिचाया, लेकिन बाद में उन्होंने यामिनी का पूरा साथ दिया। लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर यामिनी ने राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई और अब कॉमनवेल्थ गेम्स का रजत पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

    यामिनी के चाचा श्रीनाथ मौर्य ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन आज उनकी उपलब्धि पूरे परिवार के संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि बेटियों को खेल और शिक्षा में आगे बढ़ने का अवसर मिले तो वे देश के लिए बड़ी सफलताएं हासिल कर सकती हैं। यामिनी की सफलता इस बात का जीवंत उदाहरण है।

    वहीं पुरुषों की 79 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अजय बाबू वल्लुरी स्वर्ण पदक से केवल एक किलोग्राम दूर रह गए। मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अजय के पिता भोपाल में पदस्थ हैं और इसी कारण वह लंबे समय से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अजय ने कुल 330 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 149 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया, जबकि क्लीन एंड जर्क में 181 किलोग्राम वजन उठाकर गेम्स रिकॉर्ड की बराबरी भी की।

    हालांकि अंतिम प्रयास में मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद ने 184 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। उनका कुल स्कोर 331 किलोग्राम पहुंच गया और वे स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। अजय बाबू महज एक किलोग्राम के अंतर से गोल्ड से चूक गए, लेकिन उनका प्रदर्शन पूरे प्रतियोगिता के दौरान बेहद शानदार रहा।

    दूसरी ओर महिलाओं की 10000 मीटर रेस वॉक में भारत की रवीना गायकवाड़ का अभियान निराशाजनक रहा। रेस वॉकिंग नियमों के उल्लंघन पर उन्हें तीन रेड कार्ड मिलने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया और उनका सफर वहीं समाप्त हो गया।

    मध्य प्रदेश के दो खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यामिनी और अजय बाबू की सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करने की प्रेरणा देती रहेगी।

  • गुना जिले में मंगेतर से युवक के सामने गैंगरेप का प्रयास, पहले की मारपीट फि‍र लूटपाट, जाने पूरा मामला

    गुना जिले में मंगेतर से युवक के सामने गैंगरेप का प्रयास, पहले की मारपीट फि‍र लूटपाट, जाने पूरा मामला


    गुना । मध्य प्रदेश के गुना में नेशनल हाइवे-46 पर हुई सनसनीखेज वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस के अनुसार, झारखंड के रहने वाले एक युवक और उसकी मंगेतर के साथ लूटपाट की गई. बदमाश उन्हें सड़क किनारे से जंगल में घसीटकर ले गए और युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया. विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट की गई. युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गए.

    पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक राघौगढ़ स्थित एक प्लांट में इंजीनियर है. वह अपनी मंगेतर के साथ टेकरी मंदिर में दर्शन करने के बाद बाइक से लौट रहा था. नेशनल हाइवे-46 पर बाइक पंचर हो गई. दोनों सड़क किनारे खड़े होकर मदद का इंतजार कर रहे थे. इसी दौरान जंगल में छिपे बैठे 6-7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया.

    पुलिस का कहना है कि बदमाश दोनों को जंगल की ओर ले गए, युवक के साथ मारपीट की. इसके बाद युवती के साथ गैंगरेप का प्रयास किया. युवती ने विरोध किया और शोर करते हुए मदद के लिए आवाज लगाई. आवाज सुनकर हाइवे से गुजर रहे कुछ लोगों की हलचल बढ़ी, जिससे आरोपी घबरा गए. इसके बाद वे युवती का पर्स और मोबाइल लूटकर मौके से फरार हो गए.

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची. दोनों घायलों को अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज कराया गया. पुलिस ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. शुरुआती जांच के बाद अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई.

    बदमाशों ने युवक के साथ मारपीट की और युवती के साथ गैंगरेप की कोशिश की. दुपट्टे से युवती के हाथ बांधकर प्राइवेट पार्ट में लकड़ी से चोट पहुंचाई गई. मंगेतर ने विरोध किया तो उसे बुरी तरह से पीटा. इस घटना की सूचना के बाद डायल 112 पुलिस भी पहुंच गई. पुलिस ने दोनों को अस्पताल भेजा. इसके बाद एक टीम जंगल में बदमाशों की सर्चिंग के लिए भेजी गई.

    एसपी हितिका वासल ने बताया कि महिला और पुरुष के साथ लूटपाट की घटना हुई है. बदमाशों ने महिला के साथ गैंगरेप की भी कोशिश की. चीख-पुकार के बाद बदमाश फरार हो गए. पुलिस ने सात में से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी दो की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है. मैं खुद निजी तौर पर इस मामले की निगरानी कर रही हूं और प्रयास रहेगा कि केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए.

    पुलिस के अनुसार, घटना के बाद युवती गहरे सदमे में है. उसकी काउंसलिंग और मेडिकल हेल्प की व्यवस्था की गई है. पुलिस मौके से मिले सबूतों, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है.

  • MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय

    MP में 4-5 अगस्त से फिर शुरू होगा भारी बारिश का दौर, दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले दो दिन हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन 4 और 5 अगस्त से एक बार फिर कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल दो मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से मौसम बदला हुआ है। हालांकि अगले 48 घंटों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, राजस्थान के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया और प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ का असर बना हुआ है। इसके चलते भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर सहित अधिकांश जिलों में रविवार और सोमवार को रुक-रुक कर हल्की बारिश हो सकती है। शनिवार को भी खरगोन, रतलाम, भोपाल समेत कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    4 और 5 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने 4 अगस्त को छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं 5 अगस्त को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।

    43 जिलों में अब भी बारिश सामान्य से कम
    प्रदेश के 43 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, हरदा, झाबुआ, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    अब तक भोपाल, बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा, खरगोन, सीहोर, शहडोल और उमरिया समेत 12 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगस्त के पहले सप्ताह में सक्रिय होने वाले नए सिस्टम से प्रदेश में बारिश का आंकड़ा और बेहतर हो सकता है।

  • राम मंदिर चढ़ावा व्यवस्था को लेकर भोपाल में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की

    राम मंदिर चढ़ावा व्यवस्था को लेकर भोपाल में हंगामा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की


    भोपाल। भोपाल में शनिवार को राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर संसद परिसर में हुए विपक्ष के प्रदर्शन के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व्यापम चौराहे पर एकत्र हुए और वहां से विरोध मार्च निकालते हुए लिंक रोड की ओर बढ़े। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और राहुल गांधी के पुतले का दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। पुलिस ने पहले से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की जिससे कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का मुक्की जैसी स्थिति बन गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी बड़े विवाद की नौबत नहीं आने दी। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

    विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर जिस प्रकार सांकेतिक प्रदर्शन किया गया उससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना था कि भगवान श्रीराम और संत परंपरा से जुड़े प्रतीकों का जिस तरह इस्तेमाल किया गया वह उचित नहीं था और इसी के विरोध में भोपाल में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।

    संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच पहले से चल रही है। उनके अनुसार मामले में विशेष जांच दल जांच कर रहा है और न्यायिक प्रक्रिया भी जारी है। उनका कहना था कि जिन लोगों पर आरोप लगे थे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और इस विषय को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।

    प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि राम मंदिर और हिंदू आस्था को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी का पुतला जलाया गया और प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुतले पर आपत्तिजनक व्यवहार भी किया।

    इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि संसद के मानसून सत्र से जुड़ी है जहां निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद परिसर पहुंचे थे। विपक्षी सांसदों के साथ उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। विपक्ष का कहना था कि उनका उद्देश्य केवल पारदर्शिता और जांच की मांग उठाना था जबकि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान बताया।

    मध्य प्रदेश संत समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक विरोध प्रदर्शन में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि रामलला और संत परंपरा करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है।

    दूसरी ओर विपक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसका प्रदर्शन कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग से जुड़ा था और इसका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज बनी हुई है।

    भोपाल में हुआ यह प्रदर्शन एक बार फिर यह संकेत देता है कि धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर देश में बहस लगातार तेज हो रही है। ऐसे मामलों में प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी पक्षों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अवसर देना रहती है।

  • कॉमनवेल्थ गेम्स में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक

    कॉमनवेल्थ गेम्स में मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन, यामिनी और अजय बाबू ने जीते रजत पदक

    भोपाल । कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बीच मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। जूडो में सागर की यामिनी मौर्य और वेटलिफ्टिंग में अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

    मंत्री सारंग ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के दो खिलाड़ियों का कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यामिनी मौर्य ने 57 किग्रा जूडो में शानदार संघर्ष और तकनीकी कौशल का परिचय देते हुए रजत पदक हासिल किया, वहीं अजय बाबू ने वेट लिफ्टिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सिल्वर मेडल जीतकर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।

    मंत्री सारंग ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें बड़े मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास देगी। मंत्री सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी प्रतियोगिताओं में भी मध्यप्रदेश और भारत के खिलाड़ी इसी प्रकार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अधिक से अधिक पदक जीतेंगे।

    वीडियो कॉल पर जूडो खिलाड़ी यामिनी को दी बधाई

    कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो स्पर्धा में रजत पदक जीतकर मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली खिलाड़ी यामिनी मौर्य से मंत्री सारंग ने वीडियो कॉल पर उन्हें शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री सारंग ने कहा कि यामिनी मौर्य की यह सफलता मध्यप्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने का विश्वास व्यक्त किया।

    खेल नीति के तहत मिलेगा सम्मान और प्रोत्साहन

    मंत्री विश्वास सारंग ने घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार की खेल नीति के अनुसार कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाले यामिनी मौर्य और अजय बाबू को 25-25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही खेल नीति के प्रावधानों के अनुरूप दोनों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

    खिलाड़ियों के लिए हरसंभव सहयोग दे रही सरकार
    मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा खेल वातावरण तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रौशन करते रहें।

  • शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप

    शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप


    शिवपुरी:
    मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।

    इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

    इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।

    पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।

  • रिश्तों को किया शर्मसार, शादी से इनकार पर रिश्तेदार की हैवानियत; पीड़िता ने सुनाई आपबीती

    रिश्तों को किया शर्मसार, शादी से इनकार पर रिश्तेदार की हैवानियत; पीड़िता ने सुनाई आपबीती


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली और शर्मनाक वारदात सामने आई है, जहाँ रिश्तेदारी के ही एक युवक ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसके साथ होटल के कमरे में दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज होकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी पीड़िता को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया था, जिसके चलते डरी-सहमी किशोरी कई दिनों तक खामोश रही। आखिरकार हिम्मत जुटाकर जब पीड़िता ने परिजनों को अपनी आपबीती सुनाई, तो थाने पहुँचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

    पूरी घटना बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर इलाके की है। 15 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि बीते 25 जुलाई की शाम करीब 5 बजे उसकी तबीयत खराब थी, जिसके चलते वह किशनबाग स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान उसका दूर का रिश्तेदार साहिद अहमद अपनी ऑल्टो कार लेकर वहाँ आ पहुँचा। जान-पहचान और रिश्तेदारी होने के कारण उसने बातचीत करने के बहाने किशोरी को कार में बैठा लिया। जब किशोरी को अनहोनी की आशंका हुई और उसने कार से उतरकर साथ जाने से साफ मना किया, तो आरोपी साहिद अपने असली रूप में आ गया। उसने किशोरी को डराया-धमकाया और जबरन कार में बंद कर तेजी से गाड़ी लेकर मौके से निकल गया।

    अपरहण करने के बाद आरोपी साहिद किशोरी को जबरदस्ती पुरानी छावनी इलाके में स्थित एक होटल में ले गया। वहाँ उसने होटल के कमरा नंबर 105 में किशोरी को बंद कर दिया और किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की सीधी धमकी दी। खौफ के साए में लाचार किशोरी गिड़गिड़ाती रही, लेकिन आरोपी ने उसकी एक न सुनी और उसके साथ दरिंदगी करते हुए दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी किशोरी को वापस किशनबाग के पास सुनसान जगह पर छोड़कर मौके से फरार हो गया। आरोपी की धमकियों और लोक-लाज के डर से किशोरी इतनी खौफजदा हो गई थी कि उसने छह दिनों तक इस खौफनाक घटना का जिक्र किसी से नहीं किया और घुट-घुट कर जीती रही।

    शुक्रवार को जब पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी और उसका मानसिक तनाव बढ़ा, तो उसने किसी तरह हिम्मत जुटाई और अपनी माँ तथा मौसी को पूरी सच्चाई बता दी। बेटी के साथ हुई इस दरिंदगी की बात सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजन तुरंत किशोरी को लेकर बहोड़ापुर थाने पहुँचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ समय पहले आरोपी साहिद के परिजनों ने किशोरी के घर शादी का प्रस्ताव भेजा था। हालाँकि, किशोरी के नाबालिग होने के कारण उसके परिजनों ने सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी समझते हुए बालिग होने तक सगाई और शादी की बात को टाल दिया था। इसी बात से आरोपी साहिद रंजिश रख रहा था और उसने मौका पाकर इस वारदात को अंजाम दे डाला।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए बहोड़ापुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि पीड़िता के बयानों और परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी साहिद अहमद के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहाँ लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी साहिद अहमद को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा

  • पद्मश्री प्रख्यात साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत पंचतत्व में विलीन, भोपाल के भदभदा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

    पद्मश्री प्रख्यात साहित्यकार कैलाश चंद्र पंत पंचतत्व में विलीन, भोपाल के भदभदा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार


    भोपाल। हिंदी साहित्य जगत के वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और कैलाश चंद्र पंत का शनिवार को पूरे राजकीय सम्मान और श्रद्धा के साथ भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनका शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को भोपाल स्थित निवास पर हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। वे 90 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

    परिवार की ओर से उनके छोटे भाई चंद्रशेखर पंत ने उनके निधन की जानकारी देते हुए बताया कि कैलाश चंद्र पंत ‘दादा’ ने अंतिम सांस अपने भोपाल स्थित निवास पर ली। उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार शनिवार को भदभदा विश्राम घाट पर संपन्न हुआ।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पंत के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति सहित अनेक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के माध्यम से हिंदी भाषा और साहित्य की उल्लेखनीय सेवा की। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

    उत्तराखंड से था पैतृक संबंध
    कैलाश चंद्र पंत का पैतृक गांव उत्तराखंड के बागेश्वर जिले का खंतोली था। उनका जन्म 26 अप्रैल 1936 को मध्य प्रदेश के महू (इंदौर) में हुआ था। उनके पिता लीलाधर पंत और माता हरिप्रिया पंत रोजगार के सिलसिले में मध्य प्रदेश में आकर बस गए थे।

    उन्होंने अपने शैक्षणिक और साहित्यिक जीवन में इंदौर स्थित यूनियन थियोलॉजिकल सेमिनरी में व्याख्याता तथा भोपाल के पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा वे ‘शिक्षा प्रदीप’, ‘जनधर्म’ और ‘दूरगामी आह्वान’ जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादन से भी जुड़े रहे।

    इसी वर्ष मिला था पद्मश्री सम्मान
    हिंदी साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2026 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वे हिंदी भवन, भोपाल के संचालक रहे और भारत कृषक समाज, राष्ट्रभाषा प्रचार समिति तथा मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति जैसी संस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

    उनकी चर्चित कृतियों में ‘कौन किसका आदमी’, ‘धुंध के आर-पार’, ‘शब्द का विचार-पथ’ और ‘शैलेश मटियानी: सृजन यात्रा’ शामिल हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें साहित्य भूषण सम्मान, निराला साहित्य सम्मान, साहित्य शिरोमणि सम्मान और संस्कृति गौरव सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था।

  • सियासी घटनाओं से गरमाया MP, संसद में तीखे तेवर, नर्स का अनोखा विरोध और शाह-वीडी बैठक सुर्खियों में

    सियासी घटनाओं से गरमाया MP, संसद में तीखे तेवर, नर्स का अनोखा विरोध और शाह-वीडी बैठक सुर्खियों में


    भोपाल। मध्य प्रदेश में राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई घटनाएं शनिवार को चर्चा का केंद्र बनी रहीं। एक ओर संसद में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उसके विरोध प्रदर्शन को सड़क छाप राजनीति करार दिया तो दूसरी ओर भाजपा सांसद विष्णु दत्त शर्मा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। इसी बीच अनूपपुर जिले से सामने आया एक वीडियो सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत बयां करता नजर आया जिसमें एक नर्स मोबाइल नेटवर्क की तलाश में पेड़ पर चढ़कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की कोशिश करती दिखाई दी।

    राज्यसभा में उस समय माहौल गरमा गया जब विपक्ष ने जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सभापति की ओर से अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सदन में लोकतंत्र की मर्यादा को तार तार किया जा रहा है और विपक्ष केवल अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और ऐसे व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं करेगी। हालांकि विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा और सदन में नारेबाजी होती रही।

    इधर दिल्ली में भाजपा सांसद विष्णु दत्त शर्मा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या पार्टी उन्हें कोई नई जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से हटने के बाद फिलहाल वे सांसद के रूप में सक्रिय हैं लेकिन अमित शाह से मुलाकात को लेकर राजनीतिक विश्लेषक अलग अलग अर्थ निकाल रहे हैं। हालांकि भाजपा की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

    राजनीति के साथ साथ प्रशासनिक व्यवस्था की एक तस्वीर अनूपपुर जिले से सामने आई जिसने सभी का ध्यान खींचा। पुष्पराजगढ़ के गन्नागोडा स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एक नर्स ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए पेड़ पर चढ़ गई। स्वास्थ्य केंद्र में मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के कारण उसे मजबूरी में यह तरीका अपनाना पड़ा। वायरल वीडियो में नर्स यह कहते हुए दिखाई दे रही है कि जब तक ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं लग जाएगी तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। यह घटना ग्रामीण इलाकों में डिजिटल व्यवस्था और नेटवर्क की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े करती है।

    उधर दतिया उपचुनाव को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज बनी हुई है। मतदान संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक दल अपने अपने दावे कर रहे हैं। इसी बीच यह चर्चा भी सामने आई कि मतदान से पहले एक होटल में हुई रणनीतिक बैठक में विरोधी दल के साथ कुछ ऐसे लोग भी मौजूद थे जिन्हें राजनीतिक तौर पर दूसरे खेमे के करीबी माना जाता है। बताया जा रहा है कि बैठक को पूरी तरह गोपनीय रखने के लिए होटल के सीसीटीवी कैमरे तक बंद करा दिए गए थे। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन चुनावी नतीजों से पहले इस तरह की चर्चाओं ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।

    संसद की तल्ख बहस हो या संगठन की गतिविधियां अथवा सरकारी व्यवस्था की चुनौतियां मध्य प्रदेश से जुड़ी ये घटनाएं फिलहाल राजनीति और प्रशासन दोनों की दिशा पर सवाल भी खड़े कर रही हैं और चर्चा भी बटोर रही हैं। अब सबकी नजर आने वाले दिनों में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी नतीजों पर टिकी हुई है।

  • जुलाई की झमाझम भी नहीं भर सकी कमी, मध्य प्रदेश के 42 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश

    जुलाई की झमाझम भी नहीं भर सकी कमी, मध्य प्रदेश के 42 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में मानसून ने जुलाई के आखिरी दिन राहत जरूर दी लेकिन तस्वीर पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। पूरे महीने के दौरान दो लंबे ब्रेक आने के बावजूद जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया। इसके बावजूद जून में कमजोर मानसून का असर अब भी प्रदेश पर दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि अब तक पूरे प्रदेश में सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है और 55 में से 42 जिले अभी भी औसत से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। मौसम विभाग का मानना है कि अगस्त के दौरान अच्छी बारिश होने पर यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। फिलहाल अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।

    बीते दो दिनों में सक्रिय रहे तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। सबसे ज्यादा असर पश्चिमी मध्य प्रदेश में देखने को मिला। खरगोन जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 2.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। झिरनिया में सबसे ज्यादा 3.8 इंच वर्षा हुई जबकि गोगांवा में 3.5 इंच कसरावद में 3.1 इंच महेश्वर में 2.6 इंच और सेगांव में करीब 1.9 इंच बारिश दर्ज की गई। भीकनगांव सनावद बड़वाह और खरगोन शहर में भी अच्छी बारिश हुई जिससे नदियों और जलप्रपातों का जलस्तर बढ़ गया। लगातार दो दिन हुई तेज बारिश के कारण प्रसिद्ध कुंदा जलप्रपात उफान पर पहुंच गया और सुरक्षा को देखते हुए सिरवेल महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।

    रतलाम जिले में भी शनिवार सुबह से रुक रुककर बारिश जारी रही। जिले में अब तक 13 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है जिससे शहर का हनुमान ताल पूरी तरह भर गया और जुलाई महीने का वर्षा लक्ष्य भी पूरा हो गया। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक लगभग 9 इंच कम बारिश हुई है। पिछले साल इसी अवधि तक जिले में करीब 22 इंच पानी गिर चुका था जबकि इस बार आंकड़ा 13 इंच के आसपास ही है।

    भोपाल मंदसौर सहित कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ रही हैं इसलिए अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना कम रहेगी। हालांकि यदि बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में नया सिस्टम विकसित होता है तो मौसम अचानक बदल सकता है और कुछ इलाकों में फिर से भारी वर्षा देखने को मिल सकती है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 15.4 इंच यानी 390.3 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि सामान्य स्थिति में इस समय तक 17.6 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में करीब 2.3 इंच यानी 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी 15 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    स्थिति यह है कि अनूपपुर बालाघाट छतरपुर जबलपुर सागर सतना भोपाल ग्वालियर उज्जैन विदिशा रतलाम मंदसौर रायसेन शिवपुरी सहित कुल 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं मऊगंज उमरिया शहडोल खंडवा बड़वानी खरगोन इंदौर देवास राजगढ़ सीहोर सहित 13 जिलों में औसत से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगस्त का महीना प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। यदि मानसून सक्रिय बना रहा और लगातार अच्छे सिस्टम बनते रहे तो न केवल बारिश की मौजूदा कमी पूरी हो सकती है बल्कि खरीफ फसलों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। फिलहाल किसानों और आम लोगों की निगाहें अगस्त की बारिश पर टिकी हुई हैं।