Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन के शिवोहम तिवारी का नेशनल टीम में चयन, स्टेट स्विमिंग में 6 पदकों के साथ मचाया धमाल

    उज्जैन के शिवोहम तिवारी का नेशनल टीम में चयन, स्टेट स्विमिंग में 6 पदकों के साथ मचाया धमाल


    मध्य प्रदेश । रीवा में आयोजित 54वीं स्टेट ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप में उज्जैन के युवा तैराकों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। 30 मई से 2 जून तक चली इस प्रतियोगिता में उज्जैन के कुल 6 तैराकों ने 19 पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की, जिसमें 2 स्वर्ण, 5 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं।

    इसके साथ ही उज्जैन की अन्य युवा प्रतिभाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जुनीना हुसैन ने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले, 800 मीटर और 1500 मीटर फ्री स्टाइल जैसी कठिन स्पर्धाओं में 5 पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की। आध्या राय ने बैकस्ट्रोक स्पर्धा में पदक हासिल किया, जबकि समर्थ गेहलोत ने कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में योगदान दिया।

    कुल मिलाकर उज्जैन के तैराकों ने प्रतियोगिता में शानदार तालमेल और मेहनत का परिचय देते हुए 19 पदकों के साथ जिले का मान बढ़ाया। शिवोहम तिवारी के राष्ट्रीय स्तर पर चयन को स्थानीय खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    परिवार के अनुसार, शिवोहम पूरे वर्ष नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ तैयारी करते हैं। उनके पिता ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि लगातार प्रशिक्षण और समर्पण ने ही यह सफलता दिलाई है।

    शिवोहम ने अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई रेसों के कारण थकान जरूर थी, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए हर स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। वर्तमान में वे 11वीं कक्षा के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ खेल को संतुलित कर आगे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। यह उपलब्धि उज्जैन के खेल जगत के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है और इससे युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”

    कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम का गवाह बना, जब प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर शुक्रवार तड़के भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। वे विशेष रूप से भस्म आरती में शामिल हुए और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

    कैलाश खेर सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य दृश्य देखा। आरती के दौरान वे पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए। लगभग दो घंटे तक उन्होंने आरती का अनुभव लिया और इसके बाद नंदी जी का पूजन-अभिषेक किया। उन्होंने नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की, जैसा कि परंपरा के अनुसार श्रद्धालु करते हैं।

    इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार के माध्यम से पुजारी के जरिए भगवान महाकाल को जल अर्पित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के पश्चात मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उनका सम्मान किया गया।

    इस आध्यात्मिक अनुभव के बाद कैलाश खेर ने कहा कि महाकाल के दरबार में पहुंचना स्वयं में एक दिव्य अनुभूति है। उनके अनुसार, जो भी श्रद्धालु यहां आता है, वह आध्यात्मिक रूप से शुद्ध होता है और जन्मों के पापों से मुक्ति का अनुभव करता है। उन्होंने भस्म आरती को अत्यंत पवित्र और दुर्लभ दर्शन बताया और कहा कि यह केवल भगवान महाकाल की विशेष कृपा से ही संभव हो पाता है।

    उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है।

    महाकाल मंदिर में हुई यह उपस्थिति एक बार फिर इस बात का प्रमाण है कि यह स्थान केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं और कलाकारों के लिए भी आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

  • महाकाल मंदिर को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की हुई सराहना

    महाकाल मंदिर को मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार, AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की हुई सराहना


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर अब केवल आस्था का प्रमुख केंद्र ही नहीं रहा, बल्कि यह देश के सबसे आधुनिक और हाईटेक धार्मिक स्थलों में भी शामिल हो गया है। केंद्र सरकार ने मंदिर की अत्याधुनिक एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चयनित किया है। इस सम्मान के पीछे मंदिर परिसर में लागू की गई ‘त्रिनेत्र’ नामक स्मार्ट निगरानी व्यवस्था प्रमुख कारण बनी है।

    मंदिर परिसर और महाकाल रुद्रसागर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एरिया (MRIDA) में 500 से अधिक एआई-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे लगातार निगरानी करते हैं। यह प्रणाली भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा नियंत्रण और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए विकसित की गई है। फेसियल रिकॉग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और रियल टाइम वीडियो एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों ने इसे देश की सबसे उन्नत सुरक्षा प्रणालियों में शामिल कर दिया है।

    लाखों श्रद्धालुओं की दैनिक आवाजाही के बीच यह तकनीक हर गतिविधि पर नजर रखती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान होते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है, जिससे प्रशासन को त्वरित कार्रवाई का अवसर मिलता है। इस कारण इसे “महाकाल की तीसरी आंख” भी कहा जाने लगा है।

    राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार के लिए चयन से पहले केंद्र सरकार की एक विशेषज्ञ टीम ने उज्जैन पहुंचकर पूरे सिस्टम का गहन निरीक्षण किया था। इसके बाद उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने 13 सदस्यीय जूरी के सामने इस परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। तकनीकी मूल्यांकन और प्रस्तुति के आधार पर ‘त्रिनेत्र’ परियोजना को देश की सर्वश्रेष्ठ डिजिटल और स्मार्ट गवर्नेंस परियोजनाओं में शामिल किया गया।

    यह पुरस्कार 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि के साथ उज्जैन ने डिजिटल प्रशासन और स्मार्ट धार्मिक प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है।

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य लगातार ई-गवर्नेंस, नवाचार और तकनीक आधारित जनसेवा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

    आज महाकाल मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के अग्रणी मॉडल के रूप में उभर रहा है। एआई आधारित यह प्रणाली आने वाले समय में अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हो सकती है।

  • अहमदाबाद से रवाना होगा शव, फ्लाइट का इंतजार करते समय हुआ था हमला

    अहमदाबाद से रवाना होगा शव, फ्लाइट का इंतजार करते समय हुआ था हमला


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain से जुड़े एक दर्दनाक अंतरराष्ट्रीय हादसे में ईरान में हुए हमले के दौरान मारे गए भारतीय नागरिक मंजूर अहमद का पार्थिव शरीर शुक्रवार को भारत पहुंच गया। शव पहले अहमदाबाद एयरपोर्ट लाया गया, जहां से अब उसे सड़क मार्ग से उज्जैन लाया जा रहा है। दोपहर तक शव के उज्जैन पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह घटना उस समय हुई जब मंजूर अहमद कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ड्रोन और मिसाइल हमले में उनकी मौत हो गई।

    एयरपोर्ट पर अचानक हुआ हमला
    जानकारी के अनुसार यह हमला कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर हुआ, जहां भारी धमाकों और मिसाइल हमले के चलते अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में कई यात्री घायल भी हुए। मंजूर अहमद उसी समय फ्लाइट पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे और हमले की चपेट में आ गए। उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।

    शादी में आने वाले थे भारत
    मृतक के परिजनों के अनुसार मंजूर अहमद 8 जून को रतलाम में होने वाली अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे। वे लंबे समय से विदेश में काम कर रहे थे और परिवार से मिलने का इंतजार कर रहे थे। उनके बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि पिता की आखिरी बातचीत मंगलवार शाम हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे कुवैत से मुंबई पहुंचेंगे और वहां से ट्रेन के जरिए मध्य प्रदेश आएंगे।

    30 साल से विदेश में कर रहे थे काम
    मंजूर अहमद पिछले करीब 30 वर्षों से विदेश में रहकर टेलरिंग का काम कर रहे थे। वे अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार में उनकी पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उनके कंधों पर थी। वे समय-समय पर घर आते रहते थे, लेकिन अधिकतर समय विदेश में ही काम करते थे।

    अहमदाबाद से उज्जैन लाया जा रहा शव
    मृतक का पार्थिव शरीर शुक्रवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से औपचारिकताओं के बाद उसे सड़क मार्ग से उज्जैन भेजा गया। स्थानीय प्रशासन और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए हैं। परिवार और रिश्तेदारों के घर पर शोक का माहौल है। जैसे ही मौत की खबर आई, आसपास के लोग और परिचित बड़ी संख्या में घर पहुंचने लगे।

    भारत ने हमले की निंदा की
    इस घटना पर भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आम नागरिकों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

    पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा
    इस हमले को लेकर ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने इसे अपनी सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।

  • शिप्रा एक्सप्रेस में मिली 1.5 करोड़ की हेरोइन, उज्जैन स्टेशन पर आरोपी दबोचा गया

    शिप्रा एक्सप्रेस में मिली 1.5 करोड़ की हेरोइन, उज्जैन स्टेशन पर आरोपी दबोचा गया


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain रेलवे स्टेशन पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शिप्रा एक्सप्रेस से 1.067 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो कथित तौर पर यह खेप पश्चिम बंगाल ले जा रहा था।

    इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें नारकोटिक्स और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारी ट्रेन के जनरल कोच में तलाशी अभियान चलाते और संदिग्ध आरोपी को पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है, जिसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं।

    खुफिया सूचना के बाद स्टेशन पर बिछाया गया जाल
    जानकारी के अनुसार, Central Bureau of Narcotics को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि शिप्रा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22911) के माध्यम से बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही एजेंसी ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ संयुक्त रणनीति तैयार की।

    गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब एक बजे ट्रेन के उज्जैन स्टेशन पहुंचने से पहले ही अधिकारियों ने प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी। ट्रेन रुकते ही जनरल कोच में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान अधिकारियों की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी, जिसकी गतिविधियां सामान्य यात्रियों से अलग दिखाई दे रही थीं।

    बैग की तलाशी में खुला बड़ा राज
    संदेह के आधार पर युवक को रोककर उसके हैंडबैग की जांच की गई। तलाशी के दौरान बैग में छिपाकर रखे गए दो पैकेट बरामद हुए। जब पैकेटों की जांच की गई तो उनमें कुल 1.067 किलोग्राम हेरोइन मिली। अधिकारियों ने मौके पर ही मादक पदार्थ को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बरामद हेरोइन की मात्रा और उसकी कीमत को देखते हुए इसे हाल के समय की महत्वपूर्ण नारकोटिक्स कार्रवाई माना जा रहा है।

    राजस्थान से हावड़ा तक फैला था सप्लाई रूट
    जांच एजेंसियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमेश चंद्र के रूप में हुई है, जो राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि हेरोइन की खेप राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से पश्चिम बंगाल के हावड़ा भेजी जा रही थी। इस पूरे नेटवर्क में उज्जैन एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप किसे सौंपी जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    वीडियो में दिखी पूरी कार्रवाई
    कार्रवाई का जो वीडियो सामने आया है, उसमें अधिकारी ट्रेन रुकते ही जनरल कोच में प्रवेश कर यात्रियों और सामान की जांच करते नजर आ रहे हैं। कुछ देर बाद संदिग्ध युवक को प्लेटफॉर्म पर लाकर उसके बैग की तलाशी ली जाती है। बैग से हेरोइन बरामद होने के बाद अधिकारियों द्वारा उसे हिरासत में लेते हुए भी देखा जा सकता है। यह वीडियो एजेंसियों की सतर्कता और योजनाबद्ध कार्रवाई को भी दर्शाता है, जिसके चलते बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ को गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया।

    नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
    सीबीएन ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच का फोकस पूरे ड्रग तस्करी नेटवर्क की पहचान करने और इसके अन्य सदस्यों तक पहुंचने पर है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में पूछताछ से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। एजेंसी सप्लाई चेन, फंडिंग नेटवर्क और तस्करी के रूट की भी गहन जांच कर रही है।

  • महाकाल दर्शन व्यवस्था पर सवाल, अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    महाकाल दर्शन व्यवस्था पर सवाल, अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित Shri Mahakaleshwar Temple में भस्म आरती की अनुमति दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। मंदिर प्रशासन के औचक निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि कुछ लोगों ने श्रद्धालुओं से प्रति व्यक्ति 2500 रुपए लेकर आरती में प्रवेश की व्यवस्था कराने का दावा किया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने तत्काल पुलिस को शिकायत सौंपी, जिसके आधार पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रवेश व्यवस्था में भी बदलाव करने का निर्णय लिया है।

    औचक निरीक्षण में सामने आई गड़बड़ी
    शुक्रवार तड़के मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक भस्म आरती की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रवेश द्वारों से आने वाले श्रद्धालुओं से बातचीत की और उनकी अनुमति प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। नीलकंठ द्वार, मानसरोवर मार्ग और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर अनुमति जांच के दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने चौंकाने वाली जानकारी दी। तीन श्रद्धालुओं ने बताया कि उनसे भस्म आरती में शामिल होने की अनुमति दिलाने के नाम पर 2500-2500 रुपए लिए गए थे।

    श्रद्धालुओं की शिकायत से खुला मामला
    प्रशासक द्वारा पूछताछ किए जाने पर श्रद्धालुओं ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अलावा अतिरिक्त राशि का भुगतान किया था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित दस्तावेजों और अनुमति प्रक्रिया की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भस्म आरती की प्रोटोकॉल अनुमति किसी कथित ‘हिन्दू संगठन’ के नाम से कराई गई थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि श्रद्धालुओं से वसूली गई राशि किस व्यक्ति या समूह तक पहुंची।

    तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
    मंदिर प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए Mahakal Police Station में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि श्रद्धालुओं से पैसे लेने में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या यह कोई संगठित नेटवर्क था या कुछ व्यक्तियों द्वारा की जा रही अवैध गतिविधि।

    प्रवेश व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
    घटना के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए नीलकंठ द्वार को मुख्य और एकमात्र प्रवेश द्वार बनाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि एकल प्रवेश व्यवस्था से अनुमति प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और किसी भी प्रकार की दलाली या अवैध वसूली पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

    भस्म आरती को लेकर रहती है भारी मांग
    महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। प्रतिदिन तड़के होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आवेदन करते हैं। सीमित संख्या में अनुमति मिलने के कारण कई बार दलालों और बिचौलियों के सक्रिय होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

    ताजा मामले ने एक बार फिर आरती अनुमति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही अनुमति प्राप्त करें।

  • आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी

    आधा इंच बारिश के बाद सुहाना हुआ मौसम, कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Indore में प्री-मानसून गतिविधियों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। गुरुवार देर रात से शुरू हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने भीषण गर्मी से राहत दिलाई। शुक्रवार तड़के शहर के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि सुबह से कई इलाकों में रिमझिम और बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर में 15.6 मिमी यानी लगभग आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे बड़ा बदलाव रात के तापमान में देखने को मिला, जो एक ही दिन में करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। इससे शहरवासियों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है।

    चार दिन बाद बदला मौसम का मिजाज
    पिछले चार दिनों से इंदौर का अधिकतम तापमान लगातार 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। बुधवार को दिन का तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को यह 38.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। बादल छाने लगे और कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। इसके असर से न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बुधवार रात जहां तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस था, वहीं गुरुवार रात यह घटकर 19 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-मानसून की सक्रियता के चलते फिलहाल वातावरण में ठंडक बनी रहेगी और अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।

    आज भी बारिश और बूंदाबांदी के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मिश्रित मौसम बना रहेगा। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश, कहीं रिमझिम फुहारें और कहीं केवल बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। बादलों और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी कमी महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में सक्रिय रह सकती हैं।

    मध्य प्रदेश में 20 से 22 जून के बीच मानसून की संभावना
    इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून ने Kerala में दस्तक दे दी है, जिससे मध्य प्रदेश में मानसून आगमन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य तिथि की तुलना में लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। सामान्यतः मानसून 15 जून के आसपास मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि केरल में प्रवेश के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में सक्रिय होता है। चूंकि इस वर्ष मानसून 4 जून को केरल पहुंचा है, इसलिए 20 जून के बाद इसके प्रदेश में प्रवेश की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी पर नजर
    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की वास्तविक गति अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम पर निर्भर करेगी। यदि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है, जबकि किसी बड़े मौसमीय व्यवधान की स्थिति में इसकी तिथि में बदलाव भी संभव है। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का सिलसिला जारी है, जिसे मानसून पूर्व गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।

    पिछले वर्षों में जून रहा अपेक्षाकृत ठंडा
    मौसम के आंकड़ों के अनुसार इंदौर में पिछले छह वर्षों के दौरान जून माह में अत्यधिक गर्मी नहीं पड़ी। वर्ष 2020 से 2025 के बीच जून में अधिकतम तापमान 39.6 से 41.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पिछले वर्ष 2025 में भी जून के दौरान अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, लेकिन समय-समय पर हुई बारिश ने गर्मी का असर कम रखा था। इस बार भी प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में राहत बनी हुई है।

  • पहले दोस्तों से मारपीट, फिर युवक पर हमला; चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

    पहले दोस्तों से मारपीट, फिर युवक पर हमला; चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Indore में गुरुवार देर रात एक कैफे पर हुए खूनी हमले में 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के विदुर नगर स्थित 60 फीट रोड पर चार युवकों ने पहले मृतक के दोस्तों के साथ मारपीट की और उन्हें वहां से भगा दिया। इसके बाद युवक पर चाकू और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज किया है। शुरुआती जांच में प्रेम प्रसंग को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    देर रात कैफे पर हुआ हमला
    मृतक की पहचान क्रिश श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो विदुर नगर का निवासी था। गुरुवार रात करीब 12 बजे वह अपने दोस्तों चेतन और आदर्श के साथ एक कैफे पर बैठा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसी दौरान आरोपी बाइक से वहां पहुंचे और आते ही विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने हथियार निकाल लिए, जिससे घबराकर क्रिश के दोनों दोस्त वहां से भाग गए। दोस्तों के जाने के बाद बदमाशों ने क्रिश को घेर लिया और उस पर चाकू तथा डंडों से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    अस्पताल में तोड़ा दम
    घटना की सूचना मिलते ही द्वारकापुरी पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन और स्थानीय लोग क्रिश को तुरंत अस्पताल लेकर गए, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हत्याकांड की सूचना मिलते ही दिशेष अग्रवाल, शिवेंदु जोशी और मनीष मिश्रा मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

    चार आरोपी हिरासत में
    पुलिस ने मामले में अंकित पाल, अनिकेत पाल, गौरव काला और शिवा उर्फ शिवम पाल को आरोपी बनाया है। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर आरोपियों की संख्या बढ़ भी सकती है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी गौरव पर पहले से चार और अंकित पर दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह?
    जांच में सामने आया है कि मृतक और आरोपियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि प्रेम प्रसंग से जुड़ा विवाद इस हत्याकांड की मुख्य वजह हो सकता है। सूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी और तनाव की स्थिति बन चुकी थी। पुलिस अब पुराने विवादों और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

    परिवार का इकलौता बेटा था क्रिश
    क्रिश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। वह पहले चोइथराम मंडी में बिलिंग का काम करता था, लेकिन पिछले करीब तीन महीनों से बेरोजगार था। परिवार में उसकी मां रोशनी, बड़ी बहन और पिता महेंद्र हैं। पिता मंडी में सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार सदमे में है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस जुटी साक्ष्य जुटाने में
    पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों और मृतक के दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के बाद घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल हत्या, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • शोरूम में लगी आग, पड़ोसियों ने सीढ़ियां जोड़कर बचाई कई लोगों की जान

    शोरूम में लगी आग, पड़ोसियों ने सीढ़ियां जोड़कर बचाई कई लोगों की जान


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Indore में शुक्रवार सुबह एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शोरूम में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा होते-होते टाल दिया। लसूड़िया क्षेत्र के खालसा चौक के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने शोरूम में आग लगने से ऊपरी मंजिलों में रहने वाले करीब 20 लोग फंस गए। स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन शोरूम में खड़े सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है।

    सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी
    घटना शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे की है। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम से अचानक धुआं और लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और धुआं पूरी इमारत में फैलने लगा। ऊपरी मंजिलों पर बने फ्लैट्स में रहने वाले परिवार उस समय सो रहे थे। धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी होने पर लोगों की नींद खुली। जब उन्होंने नीचे देखा तो शोरूम आग की लपटों से घिरा हुआ था। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि इमारत की सीढ़ियां शोरूम के ठीक बगल में थीं और आग तथा धुएं की वजह से वहां से नीचे उतरना असंभव हो गया था। ऐसे में लोग अपने-अपने फ्लैट और बालकनियों में फंस गए।

    पड़ोसियों ने दिखाई सूझबूझ, छतों के बीच बनाया रास्ता
    इमारत से उठती चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। पड़ोस की बहुमंजिला इमारत में रहने वालों ने राहत कार्य शुरू कर दिया। लोगों ने पहले फंसे हुए परिवारों को छत पर पहुंचने के लिए कहा। इसके बाद दोनों इमारतों की छतों के बीच सीढ़ियां लगाकर अस्थायी रास्ता तैयार किया गया। खिड़कियों और लोहे के एंगल से रस्सियां बांधकर दूसरी इमारत तक पहुंचाई गईं। कुछ लोग सीढ़ियों के सहारे दूसरी बिल्डिंग की छत तक पहुंचे, जबकि कई लोगों को रस्सियों के सहारे सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस दौरान पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई और बचाव अभियान में शामिल हो गई।

    एक घंटे में पाया आग पर काबू
    फायर ब्रिगेड अधिकारी शोभाराम मालवीय ने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल दल मौके पर पहुंच गया था। आग पर काबू पाने के लिए दो पानी के टैंकर लगाए गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि आग फ्लैट्स तक नहीं पहुंच सकी, जिससे लोगों का घरेलू सामान सुरक्षित बच गया। हालांकि शोरूम में रखे सभी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन आग की चपेट में आकर नष्ट हो गए।

    पत्थर मारकर जगाए गए लोग
    इमारत में रहने वाले भानु सिंह और निशा सिंह ने बताया कि वे गहरी नींद में थे। अचानक बाहर शोर-शराबा सुनाई दिया। जब लोगों ने खिड़कियों पर पत्थर फेंककर उन्हें जगाया, तब उन्हें आग की जानकारी मिली। भानु सिंह के अनुसार, बिल्डिंग में कुल नौ फ्लैट हैं, जिनमें कुछ परिवार ही रह रहे थे। अधिकांश लोग किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन उनके परिवार सहित कुछ लोगों को विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए निकाला गया। वहीं बेंगलुरु निवासी चेतन, जो इंदौर में किराए के फ्लैट में रहते हैं, ने बताया कि वे भी लोगों के शोर सुनकर जागे और तब उन्हें स्थिति की गंभीरता का पता चला।

    चौकीदार की सतर्कता बनी मददगार
    पड़ोस की इमारत के चौकीदार प्रवीण ने बताया कि एक परिवार, जो हाल ही में दुबई से आया था, सुबह बारिश का नजारा देखने के लिए जागा हुआ था। सबसे पहले उसी परिवार ने धुआं देखा और अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। समय रहते चेतावनी मिलने से लोगों को छत तक पहुंचने और बचाव अभियान शुरू करने का मौका मिल गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

    EV सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
    यह घटना ऐसे समय हुई है जब इंदौर पहले भी इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी आग की घटनाओं का सामना कर चुका है। कुछ समय पहले चार्जिंग के दौरान एक इलेक्ट्रिक कार में लगी आग ने कई लोगों की जान ले ली थी। ताजा घटना के बाद एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहन शोरूम और बैटरी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं।

  • नितिन नवीन की मौजूदगी से बढ़ी अटकलें, क्या राज्यसभा जाएंगे रजनीश अग्रवाल?

    नितिन नवीन की मौजूदगी से बढ़ी अटकलें, क्या राज्यसभा जाएंगे रजनीश अग्रवाल?


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश से राज्यसभा की दो सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जिस नाम ने सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल पैदा की है, वह है रजनीश अग्रवाल। संगठन में वर्षों तक पर्दे के पीछे काम करने वाले रजनीश अग्रवाल को पार्टी ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा अब भी संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं को शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का दावा करती है।

    पार्टी में उन्हें मजाकिया लेकिन सम्मानजनक अंदाज में ‘बूथ का भूत’ कहा जाता है। इसकी वजह है बूथ प्रबंधन में उनकी विशेषज्ञता और चुनावी मशीनरी को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका। राज्यसभा की इस दावेदारी के साथ उन्होंने कई बड़े और चर्चित नेताओं को पीछे छोड़ दिया है।

    बूथ मैनेजमेंट के मास्टरमाइंड
    साल 2021 से मध्य प्रदेश भाजपा में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे रजनीश अग्रवाल ने प्रदेश के करीब 65 हजार बूथों के डिजिटाइजेशन का काम कराया। उनके नेतृत्व में बूथों को A, B, C और D श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया, जिससे चुनावी रणनीति को अधिक प्रभावी बनाया जा सका। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान 30 मतदाताओं पर एक अर्द्धपन्ना प्रभारी नियुक्त करने जैसी रणनीतियां भी उनकी टीम ने तैयार कीं। भाजपा के बढ़ते वोट शेयर और बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती में उनकी भूमिका को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया।

    सवर्ण प्रतिनिधित्व के फॉर्मूले ने खोला रास्ता
    मध्य प्रदेश से राज्यसभा में भाजपा के आठ सांसद हैं, लेकिन इनमें सामान्य वर्ग का कोई प्रतिनिधि नहीं था। पार्टी नेतृत्व ने इस बार सामाजिक संतुलन साधने के लिए सवर्ण वर्ग से किसी नेता को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया। इसी रणनीति के तहत कई दिग्गज नेताओं के नामों पर चर्चा हुई। इनमें नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय, अरविंद भदौरिया, अखंड प्रताप सिंह और मुन्नालाल गोयल जैसे नाम शामिल थे। हालांकि पार्टी ने यह तर्क स्वीकार किया कि हाल के वर्षों में चुनाव लड़ चुके नेताओं के बजाय ऐसे कार्यकर्ता को अवसर दिया जाए, जिसने संगठन में लंबे समय तक काम किया हो और जिसे अब तक कोई बड़ा राजनीतिक पद न मिला हो। यही कारण रहा कि अंततः रजनीश अग्रवाल के नाम पर सहमति बन गई।

    ABVP से शुरू हुआ सफर
    सागर जिले के मंडीबामोरा कस्बे से आने वाले रजनीश अग्रवाल का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। पत्रकारिता के छात्र रहे अग्रवाल लंबे समय तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे और बाद में भाजपा संगठन में आए। पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने संगठनात्मक काम में ऐसी पहचान बनाई कि वे पार्टी की चुनावी रणनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए। भाजपा नेताओं के अनुसार, वे प्रचार से अधिक संगठन पर ध्यान देने वाले कार्यकर्ता माने जाते हैं।

    वीडी शर्मा और शिवराज का मिला समर्थन
    रजनीश अग्रवाल को प्रदेश भाजपा में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी उस समय मिली थी जब वीडी शर्मा प्रदेश अध्यक्ष थे। वे शर्मा की टीम में प्रदेश मंत्री भी बने। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही राज्यसभा के लिए सवर्ण उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई, वीडी शर्मा ने रजनीश अग्रवाल का नाम प्रमुखता से आगे बढ़ाया। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें उपयुक्त उम्मीदवार मानते हुए समर्थन दिया।

    ‘मैं टिकट मांगने भी नहीं गया’
    राज्यसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद रजनीश अग्रवाल ने कहा कि यह केवल भाजपा में संभव है कि एक सामान्य कार्यकर्ता को राज्यसभा जैसे उच्च सदन तक पहुंचने का अवसर मिले। उन्होंने बताया कि वे संकोचवश मुख्यमंत्री मोहन यादव से टिकट की मांग करने तक नहीं गए। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया, जिसके लिए वे आभारी हैं।

    शादी में शामिल होने पहुंचे थे नितिन नबीन
    रजनीश अग्रवाल और नितिन नबीन का संबंध भारतीय जनता युवा मोर्चा के दिनों से है। अग्रवाल ने बताया कि जब वे युवा मोर्चा में प्रदेश महामंत्री थे, तब नितिन नबीन प्रदेश प्रभारी थे। उन्होंने याद करते हुए बताया कि 15 दिसंबर 2011 को अपनी शादी का निमंत्रण देते समय उन्होंने मजाक में कहा था कि घोड़ी पर उन्हें नितिन नबीन ही चढ़ाएंगे। नितिन नबीन ने वादा निभाया और शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे।

    तरुण चुग को भी मिला मौका
    भाजपा ने दूसरी सीट पर तरुण चुग को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पंजाब की राजनीति और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। वहीं कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है, जिन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।