Category: Madhya Pradesh

  • Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे

    Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे


    कटनी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल में चर्चा में रहे Gen-Z आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

    कटनी के कुठला क्षेत्र में अपने शिष्यों द्वारा निर्मित ‘बागेश्वर बालाजी’ मठ के कार्यक्रम में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से भारतीय संस्कृति और मर्यादा के अनुरूप संवाद करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में समसामयिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

    ‘विरोध हो, लेकिन मर्यादा के साथ’
    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के परिवार या मां-बहन के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि असहमति व्यक्त करते समय भी भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

    युवाओं से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील
    उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। ऐसे में युवाओं को विवाद और कटुता के बजाय संवाद, शांति और संयम का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बात प्रेमपूर्ण और शालीन भाषा में रखें।

    सावन और कांवड़ यात्रा पर भी दी सलाह
    धीरेंद्र शास्त्री ने सावन माह और कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से भगवान शिव की भक्ति पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों या समाज में विवाद की स्थिति पैदा हो।

    संयम और संस्कार पर दिया जोर
    उन्होंने कांवड़ यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे धर्म और समाज की गरिमा बनी रहे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति, संस्कार, आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव में निहित है, जिसे हर हाल में सुरक्षित रखना चाहिए।

  • MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम

    MP में बारिश 15% कम, 42 जिलों में औसत से कम गिरा पानी, 5 अगस्त से फिर बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अभी भी सामान्य से पीछे चल रही है। प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 19 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है। प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। रविवार को केवल सीहोर जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकांश जिलों में हल्की बारिश होने से वर्षा के आंकड़ों में खास सुधार नहीं हुआ।

    42 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक वर्षा हो चुकी है।

    सिस्टम सक्रिय, लेकिन असर कमजोर
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ और दो अन्य मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी तीव्रता कम होने के कारण पिछले दो दिनों से भारी बारिश का दौर थम गया है। अगले दो दिन भी अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि कहीं भी भारी वर्षा का अलर्ट नहीं है।

    5 अगस्त से फिर तेज बारिश के आसार
    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 4 अगस्त से नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 5 अगस्त से मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी जिलों में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।

  • मप्रः सावन में उज्जैन, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर स्थित होटलों में विशेष फलाहारी थाली की व्यवस्था

    मप्रः सावन में उज्जैन, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर स्थित होटलों में विशेष फलाहारी थाली की व्यवस्था


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपी टूरिज्म) द्वारा पवित्र श्रावण (सावन) माह के अवसर पर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए उज्जैन, ओंकारेश्वर एवं महेश्वर स्थित अपने होटल एवं पर्यटन इकाइयों में विशेष फलाहारी भोजन की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु निर्धारित समय पर पौष्टिक एवं स्वादिष्ट फलाहारी व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।

    मप्र टूरिज्म के मैनेजर श्याम तिवारी ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि उज्जैन शहर के तीन इकाई जिसमें सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज होटल, शिप्रा रेजिडेंसी, होटल उज्जैनी शामिल है। इसी प्रकार खरगोन में नर्मदा रिसोर्ट महेश्वर और खंडवा जिले के टेम्पल व्यू ओंकारेश्वर सहित कुल पांच स्थानों पर कावड़ यात्रियों (श्रद्धालु) के लिए फलाहारी की व्यवस्था उपलब्ध करायी जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि एमपी टूरिज्म की इन इकाइयों में फलाहारी नाश्ता प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक, फलाहारी दोपहर का भोजन (लंच) दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक तथा फलाहारी रात्रि भोजन (डिनर) शाम 7 बजे से रात्रि 10:30 बजे तक उपलब्ध रहेगा। फलाहारी लंच थाली में भगर उपमा, साबूदाना वड़ा, आलू जीरा, सिंघाड़े की पुड़ी, तली हुई मूंगफली, फलाहारी चिप्स, हरी एवं लाल चटनी, दो प्रकार के मौसमी फल तथा लौकी का हलवा परोसा जाएगा। वहीं फलाहारी डिनर थाली में पतली ग्रेवी वाली आलू की सब्जी, कुट्टू की पुड़ी, साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा, तली हुई मूंगफली, फलाहारी नमकीन, हरी एवं लाल चटनी, सांवा की खीर तथा दो प्रकार के मौसमी फल शामिल रहेंगे।

    एमपी टूरिज्म ने कावड़ यात्रियों (श्रद्धालु) से अपील की है कि वे सावन माह में धार्मिक एवं आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर स्थित एमपी टूरिज्म की इकाइयों में उपलब्ध विशेष फलाहारी का लाभ प्राप्त करें।

  • मप्रः दतिया उपचुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती 6 साल के लिए निष्कासित

    मप्रः दतिया उपचुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती 6 साल के लिए निष्कासित


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से ठीक पहले कांग्रेस आलाकमान ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। इस संबंध में रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।

    उपचुनाव के नतीजों के ठीक मुहाने पर पूर्व विधायक पर की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई से पार्टी के आंतरिक घटनाक्रम और स्थानीय समीकरणों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। दतिया उपचुनाव के लिए मतों की गिनती 3 अगस्त को होगी। मतगणना से ठीक 24 घंटे पहले पार्टी द्वारा अपने ही वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक को बाहर का रास्ता दिखाने के इस फैसले को राजनीतिक दृष्टि से काफी संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह लगातार राजेंद्र भारती पर चुनाव में भीतरघात और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगा रहे थे। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप खुले तौर पर सामने आए थे।

    राजेंद्र भारती दतिया की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं। वे तीन बार विधायक रह चुके हैं और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर पूरे प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गए थे। उनके पिता स्वर्गीय श्याम सुंदर श्याम भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे थे, जिससे दतिया में भारती परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता है।

    हालांकि, इसी वर्ष एक पुराने सहकारी बैंक धोखाधड़ी मामले में विशेष अदालत से तीन वर्ष की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसी कारण दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया। बाद में दोषसिद्धि पर रोक पाने की उनकी कोशिशों के बीच मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा, लेकिन वे चुनाव नहीं लड़ सके।

    उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया। मतदान के बाद घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती पर भाजपा के साथ मिलकर भीतरघात करने और कांग्रेस प्रत्याशी को हराने की कोशिश करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। इन आरोपों के बाद पार्टी में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग तेज हो गई थी। अब मतगणना से पहले कांग्रेस ने राजेंद्र भारती को छह साल के लिए निष्कासित कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।

  • पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक

    पानी की टंकी में मिली डिकंपोज बॉडी, फिनाइल डालने की सलाह पड़ी भारी; फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया क्यों है खतरनाक


    इंदौर । इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र स्थित जबरन कॉलोनी में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव उसके घर की पानी की टंकी से बरामद किया गया। कई दिनों तक लापता रहने के बाद जब घर से तेज दुर्गंध आने लगी तो पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच के बाद टंकी से शव बाहर निकलवाया। प्रारंभिक जांच में पानी में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 45 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ पप्पू मालवीय के रूप में हुई है। वह पेशे से पुताई का काम करता था और जबरन कॉलोनी में अकेले रहता था। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी और बेटी कई वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह शराब पीने का आदी भी था।

    बताया जा रहा है कि रविवार के बाद से ओमप्रकाश किसी को दिखाई नहीं दिया। पहले लोगों ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद उसके घर से तेज बदबू आने लगी। जब लोगों ने घर का गेट खोलकर देखा तो पानी की टंकी से दुर्गंध आ रही थी। सूचना मिलते ही रावजी बाजार थाना पुलिस, एफएसएल टीम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

    करीब सात फीट गहरी और साढ़े तीन फीट चौड़ी पानी की टंकी में लगभग डेढ़ फीट पानी भरा हुआ था। उसी में ओमप्रकाश का शव डूबा मिला। लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव पूरी तरह डिकंपोज हो चुका था और शरीर की चमड़ी भी निकलने लगी थी। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई थी। संकरी टंकी से शव निकालना भी बेहद मुश्किल साबित हुआ। इसके लिए मौके पर मौजूद टीम को फर्श का हिस्सा तोड़ना पड़ा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।

    शव निकालने के दौरान एक दिलचस्प लेकिन महत्वपूर्ण स्थिति भी सामने आई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बदबू कम करने के लिए पानी की टंकी में फिनाइल डालने की सलाह दी। यहां तक कि कुछ लोग फिनाइल की बोतल भी ले आए थे, लेकिन पुलिस ने तत्काल उन्हें रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ डालने से जांच प्रभावित हो सकती है और पोस्टमार्टम के दौरान भी यह गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

    इस पूरे मामले पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी पुलिस के फैसले को सही बताया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह के अनुसार, डिकंपोज शव वाले पानी में फिनाइल या कोई अन्य केमिकल मिलाने से वह शव के हर हिस्से तक पहुंच जाता है। इससे पोस्टमार्टम के दौरान मिलने वाले महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य और निष्कर्ष प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मौत के कारणों का सही आकलन करना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शव भले ही अत्यधिक सड़ चुका हो और दुर्गंध असहनीय हो, फिर भी वैज्ञानिक जांच की शुद्धता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉक्टर कई बार दो से तीन जोड़ी दस्ताने पहनकर पोस्टमार्टम करते हैं, ताकि आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच पूरी की जा सके।

    फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह हादसा था, आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • वीर सपूत को इंदौर का सलाम, मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, हर आंख हुई नम

    वीर सपूत को इंदौर का सलाम, मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, हर आंख हुई नम


    इंदौर । इंदौर ने रविवार को अपने वीर सपूत मेजर हमजा आरिफ को पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। एक महीने पहले जिस घर में शादी की खुशियां और शहनाइयों की गूंज थी, वहीं अब मातम पसरा हुआ था। तिरंगे में लिपटे मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके घर पहुंचा, परिजनों का दर्द और पूरे शहर की भावनाएं एक साथ उमड़ पड़ीं। पत्नी ज्योति अरोरा की आंखों से बहते आंसू, माता-पिता की खामोशी और सेना की अंतिम सलामी ने हर मौजूद व्यक्ति को भावुक कर दिया।

    रविवार सुबह सैफी नगर में मेजर हमजा आरिफ की जनाजे की नमाज अदा की गई। इसके बाद भारतीय सेना के वाहन में तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर अंतिम यात्रा के लिए रवाना हुआ। अंतिम यात्रा सैफी नगर से माणिकबाग पुल, कलेक्टर चौराहा, राजबाड़ा और सदर बाजार होते हुए इमली बाजार स्थित शिया दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान पहुंची। पूरे रास्ते शहरवासियों ने अपने वीर अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोगों ने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर हाथ जोड़कर नमन किया, जबकि अनेक लोगों ने सैल्यूट कर सम्मान व्यक्त किया।

    राजबाड़ा पर अंतिम यात्रा के पहुंचते ही वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। “भारत माता की जय” और “मेजर हमजा आरिफ अमर रहें” के नारों के बीच हजारों लोगों ने अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम किया। शहरवासियों की भीड़ इस बात की गवाह बनी कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक के प्रति समाज में कितना सम्मान और आदर है।

    कब्रिस्तान में भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया और अपने साथी अधिकारी को अंतिम सलामी अर्पित की। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी, समाजजन, रिश्तेदार और मित्र भी मौजूद रहे।

    अंतिम विदाई का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब मेजर हमजा आरिफ की पत्नी ज्योति अरोरा अपने पति को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचीं। कांपते हाथों से उन्होंने तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को नमन किया, लेकिन अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सेना के अधिकारियों ने वह तिरंगा उन्हें सौंपा जिसमें मेजर हमजा आरिफ लिपटकर अपने घर लौटे थे। उन्होंने उस तिरंगे को सीने से लगाकर अपने जीवनसाथी को अंतिम विदाई दी। वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

    परिजनों ने बताया कि मेजर हमजा आरिफ का विवाह महज एक महीने पहले ही हुआ था। शादी के बाद वह कुछ दिनों की छुट्टी बिताकर अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि नई जिंदगी की शुरुआत के कुछ ही दिनों बाद वह तिरंगे में लिपटकर अपने घर वापस आएंगे।

    गौरतलब है कि गुरुवार देर रात राजस्थान के जैसलमेर जिले में ड्यूटी से लौटते समय सेना के वाहन के सामने अचानक एक ऊंट आ गया। टक्कर के बाद वाहन अनियंत्रित होकर कई बार पलट गया। हादसे में 31 वर्षीय मेजर हमजा आरिफ का मौके पर ही निधन हो गया, जबकि उनके साथ मौजूद दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों का सैन्य अस्पताल में उपचार जारी है। नौ वर्षों तक भारतीय सेना में सेवाएं देने वाले मेजर हमजा आरिफ अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और तीन बहनों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका बलिदान केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे इंदौर और देश के लिए गर्व और भावनाओं का विषय बन गया है।

  • इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा विवाद, RSS शाखा का वीडियो शेयर करने वाले छात्र पर पुलिस ने दर्ज की FIR

    इंस्टाग्राम पोस्ट से बढ़ा विवाद, RSS शाखा का वीडियो शेयर करने वाले छात्र पर पुलिस ने दर्ज की FIR


    इंदौर । इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने एक छात्र के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि छात्र ने शाखा का वीडियो रिकॉर्ड कर इंस्टाग्राम पर साझा किया और उसके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी पोस्ट कीं, जिससे संगठन की छवि खराब करने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

    पुलिस के अनुसार मामला संघ के सदस्य मोहनलाल मालवीय की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में बताया गया है कि वीणा नगर निवासी छात्र क्षितिज वाने ने आरएसएस की नियमित शाखा का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वीडियो के साथ संगठन के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी गईं और धमकी भरे अंदाज में पोस्ट साझा किए गए।

    जानकारी के मुताबिक हीरानगर क्षेत्र के नॉर्थ एवेन्यू स्थित एक खाली मैदान में आरएसएस की शाखा प्रतिदिन संचालित होती है। यहां संघ के सदस्य मोहनलाल मालवीय, दीपक शर्मा, लोकेंद्र कोष्ठी, लालजी प्रतापत, नितिन विश्वकर्मा सहित कई स्वयंसेवक नियमित रूप से शाखा में शामिल होते हैं। शिकायत में कहा गया है कि करीब छह महीने पहले भी संबंधित छात्र शाखा स्थल पर पहुंचा था और वीडियो रिकॉर्ड करते हुए शाखा लगाए जाने पर सवाल उठाए थे। उस समय स्वयंसेवकों ने उसे समझाकर वहां से भेज दिया था।

    संघ के सदस्यों का आरोप है कि हाल ही में छात्र दोबारा शाखा का वीडियो रिकॉर्ड करने पहुंचा और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा कर दिया। शिकायत के अनुसार उसने कथित रूप से “आरएसएस देशद्रोही” शीर्षक से पोस्ट भी साझा की, जिसे संगठन के सदस्यों ने आपत्तिजनक बताया। उनका कहना है कि इस तरह की पोस्ट से सामाजिक माहौल खराब हो सकता है और संगठन की छवि प्रभावित होती है।

    घटना के बाद संघ के पदाधिकारियों ने पहले आपस में चर्चा की और फिर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद शनिवार देर रात संघ के सदस्य हीरानगर थाने पहुंचे और कथित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट तथा अन्य डिजिटल सामग्री पुलिस को सौंपते हुए शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    हीरानगर थाना पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो, पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट, पोस्ट की सामग्री और वीडियो की सत्यता का परीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के पीछे क्या उद्देश्य था तथा कानून के तहत कौन-कौन सी धाराएं लागू होती हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील विषय से जुड़ी सामग्री सोशल मीडिया पर साझा करते समय जिम्मेदारी और कानून का पूरा ध्यान रखें, ताकि अनावश्यक विवाद और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा न हो।

  • इंदौर में दर्दनाक हादसा, दोस्तों का इंतजार कर रही युवती को अज्ञात कार ने रौंदा, अस्पताल में तोड़ा दम

    इंदौर में दर्दनाक हादसा, दोस्तों का इंतजार कर रही युवती को अज्ञात कार ने रौंदा, अस्पताल में तोड़ा दम


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक युवती की जिंदगी छीन ली। तेजाजी नगर थाना क्षेत्र के बायपास स्थित अंडरपास के पास दोस्तों का इंतजार कर रही 29 वर्षीय युवती को तेज रफ्तार अज्ञात कार ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवती को उसके दोस्त अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन कई घंटे तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान महालक्ष्मी नगर निवासी 29 वर्षीय साहिबा पिता मोहम्मद अफसर के रूप में हुई है। मूल रूप से भोपाल की रहने वाली साहिबा पिछले करीब दो वर्षों से इंदौर में रहकर इवेंट मैनेजमेंट से जुड़ा काम कर रही थीं। हादसा शनिवार रात करीब 11 बजे उस समय हुआ, जब वह अपने दोस्तों के साथ भोजन करने के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रही थीं।

    जानकारी के मुताबिक साहिबा को ढाबे का सही रास्ता नहीं मिल रहा था। उन्होंने अपने दोस्त अंकुर को फोन कर लोकेशन नहीं मिलने की जानकारी दी। इस पर अंकुर ने उन्हें तेजाजी नगर अंडरपास के पास रुकने के लिए कहा और बताया कि वह कुछ ही देर में उन्हें लेने पहुंच रहा है। साहिबा अपनी एक्टिवा लेकर वहीं इंतजार करने लगीं, लेकिन इससे पहले कि उनके दोस्त वहां पहुंचते, एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे के बाद साहिबा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। कुछ देर बाद जब अंकुर ने उन्हें दोबारा फोन किया तो किसी राहगीर ने कॉल रिसीव कर बताया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। सूचना मिलते ही अंकुर और उसका साथी सहज मौके पर पहुंचे और पहले घायल युवती को गौरव अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया।

    एमवाय अस्पताल में चिकित्सकों ने पूरी कोशिश की, लेकिन अत्यधिक चोटों के कारण रविवार तड़के करीब तीन बजे साहिबा ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद दोनों दोस्त अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन मौत की पुष्टि होने के बाद वे शव छोड़कर चले गए। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

    घटना की सूचना मृतका के परिजनों को भी दी गई। बताया जा रहा है कि साहिबा ने हादसे से पहले अपने भाई से भी संपर्क किया था। हालांकि, जानकारी मिलने के बावजूद परिजन रातभर इंदौर नहीं पहुंचे। पुलिस के अनुसार मृतका के भाई ने प्रारंभिक बातचीत में हादसे को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं और दोस्तों पर भी संदेह जताया है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से साहिबा का अपने परिवार से नियमित संपर्क नहीं था।

    तेजाजी नगर थाना पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के जिम्मेदार वाहन और चालक की पहचान की जा सके। प्रारंभिक जांच में मामला हिट एंड रन का माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • जुलाई की तेज बारिश भी नहीं कर पाई भरपाई, एमपी के ज्यादातर डैम आधे खाली, 43 जिलों में कम बारिश

    जुलाई की तेज बारिश भी नहीं कर पाई भरपाई, एमपी के ज्यादातर डैम आधे खाली, 43 जिलों में कम बारिश


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं रही है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई तेज बारिश के बावजूद जून में हुई कमी की भरपाई नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसका सबसे बड़ा असर जलाशयों और बांधों पर दिखाई दे रहा है, जहां अधिकांश बड़े डैम आधे भी नहीं भर पाए हैं। यदि अगस्त में अच्छी बारिश नहीं हुई तो प्रदेश के कई हिस्सों में जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 15.7 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य वर्षा 18.1 इंच होनी चाहिए थी। यानी करीब 2.4 इंच की कमी बनी हुई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि पांच जिलों में तो 10 इंच से भी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सबसे कम बारिश मुरैना में केवल 6.3 इंच दर्ज हुई है।

    कम बारिश का असर प्रदेश के प्रमुख जलाशयों पर साफ दिखाई दे रहा है। कोलार, बाणसागर, बरना, कुंडालिया, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, गांधीसागर और तिघरा जैसे बड़े बांध अभी तक आधे भी नहीं भर पाए हैं। पिछले वर्ष जुलाई के अंत तक अधिकांश जलाशय लगभग भर चुके थे और कई डैमों के गेट भी खोलने पड़े थे, लेकिन इस बार केवल बैतूल स्थित सतपुड़ा डैम के सात गेट ही खोले गए हैं। जलाशयों में पानी कम होने के कारण कई शहरों में नियमित जलापूर्ति भी प्रभावित होने लगी है।

    कृषि क्षेत्र पर भी मानसून की स्थिति का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। शाजापुर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एस.एस. धाकड़ के अनुसार वर्तमान मौसम सोयाबीन की फसल के लिए अनुकूल है क्योंकि अभी हल्की और मध्यम बारिश फसल के विकास में मददगार है। हालांकि दाना बनने के समय अधिक पानी की आवश्यकता होगी। दूसरी ओर खंडवा, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव हुआ है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं धान की खेती के लिए अब भी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है।

    इस वर्ष मानसून भी प्रदेश में सामान्य से नौ दिन देरी से पहुंचा था। 24 जून को इसकी एंट्री हुई और अगले नौ दिनों में पूरे प्रदेश को कवर किया। शुरुआती देरी के कारण जून में वर्षा 30 प्रतिशत तक कम रही। जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति सुधरी और औसत वर्षा सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक हो गई थी, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ गया। तीसरे और चौथे सप्ताह में तेज बारिश जरूर हुई, फिर भी शुरुआती कमी पूरी नहीं हो सकी।

    प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा बालाघाट जिले में करीब 24 इंच दर्ज की गई है, जबकि वर्षा प्रतिशत के लिहाज से बुरहानपुर सबसे आगे है, जहां सामान्य कोटे का लगभग 77 प्रतिशत पानी बरस चुका है। सीहोर, देवास, डिंडौरी और सिवनी जैसे जिलों में भी 20 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई है। दूसरी ओर मुरैना, दतिया, श्योपुर, रीवा और अलीराजपुर जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा 10 इंच से भी नीचे बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में भारी बारिश का दौर कुछ समय के लिए थमा है, लेकिन अगले सप्ताह से प्रदेश में फिर सक्रिय मानसून की संभावना है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ किसानों और आम लोगों को भी बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश की नजरें अगस्त की बारिश पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यही आने वाले महीनों में पेयजल उपलब्धता, सिंचाई और खरीफ फसलों की स्थिति तय करेगी।

  • मस्जिद में नौकरी का सपना टूटा, 40 कमरों के टॉयलेट साफ कराए, भारतीय दूतावास ने कराई वतन वापसी

    मस्जिद में नौकरी का सपना टूटा, 40 कमरों के टॉयलेट साफ कराए, भारतीय दूतावास ने कराई वतन वापसी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के दीवानगंज निवासी मोहम्मद फैजान बेहतर भविष्य और धार्मिक सेवा का सपना लेकर ओमान गए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनकी जिंदगी एक दर्दनाक संघर्ष में बदल गई। मस्जिद में इमामत कराने का वादा करने वाले एजेंट ने उन्हें विदेश तो भेज दिया, लेकिन वहां उनसे धार्मिक कार्य की जगह 30 से 40 कमरों वाले सरकारी कार्यालय में टॉयलेट साफ कराने, बर्तन धुलवाने और सफाई का काम कराया गया। कई दिनों तक भूखे रहकर 14 से 15 घंटे मजदूरी करने को मजबूर फैजान आखिरकार भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय की मदद से करीब ढाई महीने बाद अपने घर लौट सके।

    फैजान ने बताया कि जनवरी 2026 में उनकी मुलाकात एक एजेंट से हुई थी। एजेंट ने भरोसा दिलाया कि ओमान की एक मस्जिद में उन्हें इमाम के रूप में नियुक्त किया जाएगा। शुरुआत में 20 हजार रुपए लिए गए और बाद में मेडिकल व अन्य औपचारिकताओं के नाम पर कुल मिलाकर करीब दो लाख रुपए वसूल लिए गए। परिवार ने बड़ी मुश्किल से यह रकम जुटाई और 4 मई 2026 को फैजान ओमान के मस्कट पहुंच गए।

    मस्कट पहुंचने के बाद उन्हें दो-तीन दिन कंपनी के पास रखा गया, लेकिन जल्द ही सच्चाई सामने आ गई। जिस धार्मिक सेवा के लिए उन्हें भेजा गया था, उसकी जगह उन्हें एक मंत्रालय के कार्यालय में सफाई कर्मचारी बना दिया गया। रोजाना दर्जनों कमरों, टॉयलेट, बाथरूम और बर्तनों की सफाई कराई जाती थी। लंबे समय तक लगातार 14 से 15 घंटे काम लेने के बावजूद न तो उन्हें वेतन दिया गया और न ही भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की गई।

    फैजान के मुताबिक जब भी उन्होंने वेतन या खाने के लिए पैसे मांगे तो कंपनी हर बार टालती रही। धीरे-धीरे उनके पास मौजूद सारी रकम खत्म हो गई। कई बार लगातार चार-चार दिन तक उन्हें बिना भोजन के रहना पड़ा। ऐसे कठिन समय में कंपनी ने कोई मदद नहीं की, बल्कि वहां रहने वाले कुछ भारतीय नागरिक उनके सहारा बने। मस्कट में रहने वाले नवाब भाई ने उन्हें खाने के लिए पैसे दिए, जबकि मोहम्मद खलील अहमद ने लगभग डेढ़ महीने तक अपने घर में रखकर भोजन और रहने की व्यवस्था की।

    मदद की उम्मीद में फैजान लगातार उस एजेंट से संपर्क करते रहे जिसने उन्हें विदेश भेजा था। शुरुआत में एजेंट हर बार एक-दो दिन इंतजार करने की बात कहकर उन्हें टालता रहा, लेकिन बाद में उसने उनका नंबर ही ब्लॉक कर दिया। जब फैजान ने कंपनी से भारत लौटने की इच्छा जताई तो उनसे 650 ओमानी रियाल जमा कराने की शर्त रख दी गई। इसी दौरान कंपनी ने उनका पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई।

    18 जुलाई को यह मामला भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन तक पहुंचा। उन्होंने तुरंत भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और भारतीय प्रवासी सहायता केंद्र को शिकायत भेजी। शिकायत मिलने के बाद भारतीय दूतावास ने दस्तावेजों की प्रक्रिया शुरू कराई और लेबर कोर्ट से एग्जिट परमिट दिलवाया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 26 जुलाई को उनकी वापसी की मंजूरी मिली। 28 जुलाई की रात फैजान मुंबई पहुंचे और 30 जुलाई को अपने गृह गांव दीवानगंज लौट आए।

    सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन ने बताया कि उन्होंने अब तक विदेशों में फंसे 1500 से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी में मदद की है। उनका कहना है कि यदि पीड़ित समय रहते सही दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराएं तो भारतीय दूतावास अधिकांश मामलों में प्रभावी कार्रवाई करता है। फैजान की आपबीती विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से ही विदेश जाने की अहम सीख भी देती है।