Category: Madhya Pradesh

  • तीन साल के प्रेम प्रसंग के बाद विवाद: भाई ने लगाया जबरन कीटनाशक पिलाने का गंभीर आरोप

    तीन साल के प्रेम प्रसंग के बाद विवाद: भाई ने लगाया जबरन कीटनाशक पिलाने का गंभीर आरोप


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के सागर जिले के जरुआखेड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र से एक गंभीर और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 20 वर्षीय युवती के साथ मारपीट और उसे कथित रूप से जबरन कीटनाशक पिलाने का आरोप लगाया गया है। गंभीर हालत में युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
    पीड़िता के परिजनों के अनुसार, युवती का पिछले तीन वर्षों से नीलेश कुशवाहा नामक युवक के साथ प्रेम संबंध था। आरोप है कि युवक ने पहले शादी का वादा किया था, लेकिन बाद में उसने किसी अन्य लड़की से विवाह कर लिया। इसी बात को लेकर जब युवती ने बातचीत करने की कोशिश की, तो उसे युवक द्वारा अपने घर बुलाया गया।
    आरोप है कि घर पहुंचने पर युवक और उसके परिजनों ने युवती के साथ मारपीट की। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब युवती के भाई ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जबरन कीटनाशक पिला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।
    परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने के बाद आरोपियों ने ही युवती को अस्पताल में भर्ती कराया और वहां से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और लोगों में आक्रोश का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल में पीड़िता के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
    फिलहाल युवती की हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। यह मामला प्रेम संबंध से शुरू होकर हिंसक विवाद में बदलने का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है, जिस पर पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • इंदौर जैसी जनहानि का डर: सतना में पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में असमंजस

    इंदौर जैसी जनहानि का डर: सतना में पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में असमंजस


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के सतना नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के वार्ड क्रमांक 1 (अमौधा और बगहा) तथा वार्ड 3 (गढ़िया टोला) में पिछले एक महीने से नलों से झागयुक्त और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं।
    नागरिकों का कहना है कि लगातार दूषित पानी की आपूर्ति से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है और संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने कई बार सीएम हेल्पलाइन और नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
    स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में इंदौर जैसी किसी बड़ी जनहानि का डर भी देखने को मिल रहा है, जहां दूषित पानी के कारण गंभीर घटनाएं सामने आई थीं। इसी आशंका के चलते लोग प्रशासन से तुरंत पाइपलाइन और सीवर व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं।
    इस मामले में स्थानीय पार्षद अभिषेक तिवारी ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से लापरवाह हो चुके हैं और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
    सबसे विवादित स्थिति गढ़िया टोला इलाके में सामने आई, जहां सप्लाई हो रहे हरे रंग के पानी का निरीक्षण करने पहुंची टीम ने इसे पीने योग्य घोषित कर दिया। इस रिपोर्ट के बाद स्थानीय लोग भड़क उठे और जांच टीम के साथ तीखी बहस भी हुई। लोगों का आरोप है कि जांच प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
    फिलहाल पूरे इलाके में पेयजल संकट और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराजगी बनी हुई है। नागरिकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द उच्च स्तरीय जांच कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि लोगों की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

  • 16 कंपनियां करेंगी भर्ती: सीहोर रोजगार मेले में युवाओं के लिए बड़े अवसर

    16 कंपनियां करेंगी भर्ती: सीहोर रोजगार मेले में युवाओं के लिए बड़े अवसर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 12 मई को ‘युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला’ का आयोजन किया जाएगा। यह मेला महिला आईटीआई संस्थान, सीहोर में सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
    इस रोजगार मेले का आयोजन रोजगार विभाग द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कुल 16 कंपनियां भाग लेंगी। इन कंपनियों द्वारा लगभग 1610 से अधिक पदों पर योग्य युवाओं की भर्ती की जाएगी। यह मेला स्थानीय युवाओं के साथ-साथ प्रदेश और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए भी रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आया है।
    मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां शामिल होंगी, जो अलग-अलग योग्यता और कौशल के आधार पर युवाओं का चयन करेंगी। इससे बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलेगा।
    इसके साथ ही जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेगा। यह केंद्र स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को मार्गदर्शन देगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करेगा। साथ ही नए आवेदन तैयार करने की प्रक्रिया में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
    आईटीआई विभाग की ओर से भी इस मेले में विशेष भूमिका निभाई जाएगी। विभाग द्वारा युवाओं को अप्रेंटिसशिप के अवसरों के लिए चयनित किया जाएगा, जिससे उन्हें प्रशिक्षण के साथ रोजगार पाने का मौका मिलेगा।
    यह रोजगार मेला न केवल नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने वालों के लिए भी एक बड़ा मंच साबित होगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ा जा सके।
  • सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ

    सीहोर में कॉन्ट्रैक्टर के घर से 7 लाख नकद और जेवर चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की अवधपुरी कॉलोनी में हुई 32 लाख रुपए की बड़ी चोरी का मामला 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अनसुलझा है। इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    यह घटना कॉन्ट्रैक्टर दीपक जाधव के घर में हुई, जहां से चोरों ने करीब 7 लाख रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। चोरी गए सामान में लगभग 10 लाख रुपए का रानी हार, मंगलसूत्र, सोने की कटोरी, 20 सोने के मोती और चांदी के सिक्के शामिल बताए जा रहे हैं।
    जानकारी के अनुसार, घटना के समय दीपक जाधव का परिवार महाराष्ट्र गया हुआ था। 27 जून को जब वे वापस लौटे तो घर के ताले टूटे मिले और पूरा घर बिखरा पड़ा था। अलमारी खोलने पर नकदी और कीमती जेवर गायब थे, जिससे परिवार के होश उड़ गए।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस कॉलोनी में यह वारदात हुई, उसके आसपास पुलिसकर्मियों के आवास भी स्थित हैं। इसके बावजूद चोरों ने आसानी से घर को निशाना बनाया और फरार हो गए। इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
    घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए थे और पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
    थाना प्रभारी ने जल्द खुलासे का दावा किया था, लेकिन 15 दिन से ज्यादा समय बीतने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। पीड़ित परिवार लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगा रहा है और उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
    इस बड़ी चोरी के मामले में पुलिस की सुस्ती और अब तक कोई सफलता न मिलने से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं।

  • पानी की किल्लत से नाराज लोग सड़क पर उतरे, इंदौर में महापौर और निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

    पानी की किल्लत से नाराज लोग सड़क पर उतरे, इंदौर में महापौर और निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली । इंदौर में गर्मी बढ़ते ही पानी का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को शहर के विकास नगर इलाके में पानी की गंभीर समस्या से परेशान रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और जोरदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
    प्रदर्शन के दौरान रहवासियों ने खाली मटके सड़क पर फोड़ दिए, जिससे माहौल और अधिक आक्रोशपूर्ण हो गया। इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय पार्षद भी शामिल रहीं, जिन्होंने लोगों के साथ सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने महापौर और नगर निगम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की आपूर्ति ठीक नहीं हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि पानी की सप्लाई में अनियमितता के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
    बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई में इंटरकनेक्शन के जरिए बदलाव किया गया है, जिसके कारण कुछ इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो गया है। साथ ही दूषित पानी की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
    प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया, हालांकि मौके पर स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर इस तरह का विरोध शहर में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है
  • दहेज की मांग या मारपीट? टीकमगढ़ में बारात लौटी, शादी हुई कैंसिल

    दहेज की मांग या मारपीट? टीकमगढ़ में बारात लौटी, शादी हुई कैंसिल


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के चंदेरा थाना क्षेत्र के बीजरौठा गांव में एक शादी समारोह उस समय विवाद में बदल गया जब दहेज को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और बारात वापस लौट गई। इस घटना के बाद शादी टूट गई और दोनों परिवारों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    लड़की पक्ष का आरोप: 2 लाख और बुलेट की मांग
    लड़की के पिता शहादत खान ने आरोप लगाया है कि लड़के पक्ष ने शादी के दौरान 2 लाख रुपए नकद और बुलेट बाइक की अतिरिक्त मांग की। उनका कहना है कि इससे पहले फलदान की रस्म में उन्होंने पहले ही 2 लाख रुपए नकद, सोने की अंगूठी, चेन और एक बाइक दी थी। शिकायत के अनुसार, 10 मई को शादी की रस्मों के दौरान अचानक अतिरिक्त दहेज की मांग रख दी गई, जिसे पूरा करने से इनकार करने पर बारात वापस लौट गई।

    दूल्हा पक्ष का दावा: मारपीट के बाद टूटी शादी
    वहीं दूल्हे सरताज के भाई निसार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि बारात में शामिल एक युवक का लड़की पक्ष से विवाद हो गया था, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।, विवाद के बाद लड़की पक्ष ने बारातियों और दूल्हे के साथ मारपीट की, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और बारात वापस लौट गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस घटना के बाद दूल्हा सरताज लापता है और पिछले 24 घंटे से उसका कोई पता नहीं चल रहा है।

    पुलिस जांच में जुटी, अभी FIR दर्ज नहीं
    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान लिए जाएंगे और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच चल रही है और दोनों पक्षों को बुलाकर बयान दर्ज किए जाएंगे।

    लड़की पक्ष का आरोप: FIR नहीं दर्ज होने पर नाराजगी
    लड़की के पिता का आरोप है कि घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है, जिससे वे नाराज हैं। उनका कहना है कि मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

    टीकमगढ़ की यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा और विवाह समारोहों में बढ़ते विवादों की गंभीरता को उजागर करती है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • उज्जैन में श्रद्धा का संगम: एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने किए महाकाल दर्शन

    उज्जैन में श्रद्धा का संगम: एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने किए महाकाल दर्शन


    नई दिल्ली । साउथ और बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया मंगलवार तड़के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान महाकाल की प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। तमन्ना भाटिया करीब सुबह 3 बजे मंदिर पहुंचीं और नंदी हाल में बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ भस्म आरती में शामिल हुईं। इस दौरान वे चंदन और त्रिपुंड लगाए भक्ति भाव में लीन नजर आईं।

    दो घंटे तक देखा भस्म आरती का दिव्य दृश्य
    अभिनेत्री ने लगभग दो घंटे तक भस्म आरती का दिव्य और अनोखा दृश्य देखा। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और ऊर्जा से भर गया। आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन-अभिषेक किया और नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    तमन्ना बोलीं- यह अनुभव शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता
    दर्शन के बाद तमन्ना भाटिया ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए बेहद खास और आध्यात्मिक रूप से ऊर्जा देने वाला था। उन्होंने कहा आज भगवान ने मुझे बुलाया था। बाबा महाकाल के बुलावे पर ही भक्त यहां आते हैं। यहां आकर बहुत अच्छा लगा। जो आरती मैंने देखी, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। उन्होंने आगे कहा कि भस्म आरती में शामिल होकर उन्हें एक अलग ही सकारात्मक ऊर्जा महसूस हुई और ऐसा अनुभव कहीं और नहीं मिलता।

    श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
    मंदिर परिसर में अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई भक्त उनके दर्शन के लिए मंदिर परिसर में मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया था ताकि दर्शन और आरती शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

    महाकालेश्वर मंदिर में तमन्ना भाटिया की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को और खास बना दिया। उनका यह आध्यात्मिक अनुभव एक बार फिर उज्जैन के महाकाल मंदिर की वैश्विक आस्था और आकर्षण को दर्शाता है।

  • उज्जैन के चरक भवन अस्पताल में ब्लैकआउट: एक घंटे अंधेरे में इलाज, मरीजों में हड़कंप

    उज्जैन के चरक भवन अस्पताल में ब्लैकआउट: एक घंटे अंधेरे में इलाज, मरीजों में हड़कंप


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित संभागीय चरक भवन अस्पताल में सोमवार शाम उस समय अव्यवस्था फैल गई जब अचानक करीब एक घंटे तक बिजली सप्लाई ठप हो गई। शाम लगभग 6:45 बजे हुई इस घटना के बाद पूरा अस्पताल परिसर अंधेरे में डूब गया और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने की स्थिति करीब 7:45 बजे तक बनी रही, जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।

    जनरेटर बैकअप फेल, टॉर्च की रोशनी में इलाज
    अस्पताल में बिजली जाने के बावजूद जनरेटर बैकअप समय पर चालू नहीं हो सका। इसके चलते कई वार्डों में डॉक्टरों और स्टाफ को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में ही इलाज करना पड़ा। वार्डों, गलियारों और इमरजेंसी यूनिट में अंधेरा होने के कारण मरीजों की स्थिति और भी कठिन हो गई। गर्मी और उमस के बीच मरीज बेहाल नजर आए।

    इमरजेंसी वार्ड में सबसे ज्यादा अस
    सबसे गंभीर स्थिति इमरजेंसी वार्ड में देखने को मिली, जहां बिजली लंबे समय तक बहाल नहीं हो पाई। गंभीर मरीजों को भी अंधेरे में इलाज मिलने से परिजन काफी परेशान दिखाई दिए। परिजनों ने बताया कि इस दौरान अस्पताल में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित रही।

    परिजनों ने उठाए सवाल, व्यवस्था पर नाराजग
    मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में भी बुनियादी बिजली व्यवस्था का ठप होना बेहद चिंताजनक है। लोगों ने यह भी कहा कि जनरेटर जैसी बैकअप सुविधा होते हुए भी उसका समय पर शुरू न होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

    पहले भी उठ चुके हैं सवाल
    चरक भवन अस्पताल में इससे पहले भी ऑक्सीजन प्लांट और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। बार-बार सुधार के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका
    इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. संगीता पलसानिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

    चरक भवन अस्पताल में हुआ यह ब्लैकआउट न केवल तकनीकी खामी को उजागर करता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। मरीजों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासन को गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।

  • सादगी की अपील बनाम वीआईपी कल्चर: 200 वाहनों के काफिले ने रोका शहर का रास्ता

    सादगी की अपील बनाम वीआईपी कल्चर: 200 वाहनों के काफिले ने रोका शहर का रास्ता


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को उस समय ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई जब पाठ्यपुस्तक निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर उज्जैन से करीब 200 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे। इस काफिले के कारण हाईवे से लेकर भोपाल शहर के कई हिस्सों में लंबा जाम लग गया।  काफिले के चलते बोर्ड ऑफिस, डीबी मॉल क्षेत्र और अरेरा हिल्स तक यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। भीषण गर्मी में जाम में फंसे लोग, खासकर बच्चे और बुजुर्ग, काफी परेशान नजर आए।

    भाजपा कार्यालय में हुआ औपचारिक स्वाग
    भोपाल पहुंचने के बाद सौभाग्य सिंह ठाकुर ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी के साथ पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही और काफिले की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गईं।

    पीएम मोदी की अपील और जमीनी हकीकत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश में वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों से संयम और सादगी अपनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि-
    अनावश्यक सोने की खरीदारी टाली जाए
    गैर-जरूरी विदेश यात्राएं स्थगित की जाएं
    सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को बढ़ावा दिया जाए
    ऊर्जा और संसाधनों का संयमित उपयोग किया जाए

    ट्रैफिक व्यवस्था हुई प्रभावित
    काफिले के कारण कई प्रमुख मार्गों पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। वाहनों की लंबी कतारों से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी।

    भोपाल में हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है कि जहां एक ओर शीर्ष नेतृत्व सादगी और संयम की बात कर रहा है, वहीं जमीनी स्तर पर भव्यता और शक्ति प्रदर्शन के दृश्य सामने आ रहे हैं।

  • उज्जैन में अधिवक्ता चुनाव की वोटिंग शुरू: 2367 वकील करेंगे मतदान, 4 उम्मीदवार मैदान में

    उज्जैन में अधिवक्ता चुनाव की वोटिंग शुरू: 2367 वकील करेंगे मतदान, 4 उम्मीदवार मैदान में


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव के लिए उज्जैन कोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह 10 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। यह मतदान शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। इस चुनाव में करीब 2367 अधिवक्ता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। सुबह से ही मतदान केंद्र पर अधिवक्ताओं की भीड़ देखने को मिली, जहां गर्मी को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में लोग सुबह के समय ही मतदान करने पहुंच गए।

    तीन हॉल में मतदान की व्यवस्था, महिला अधिवक्ताओं की भी भागीदारी
    मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए कोर्ट परिसर में तीन अलग-अलग हॉल बनाए गए हैं। व्यवस्थाओं के बीच मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। इस चुनाव में महिला अधिवक्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो बड़ी संख्या में मतदान करने पहुंचीं। परिसर के बाहर प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं से संपर्क और अपील भी की जा रही है।

    चार उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
    उज्जैन में इस चुनावी मुकाबले में चार प्रमुख प्रत्याशी मैदान में हैं-
    संदीप मेहता
    आशीष उपाध्याय
    अतुल रैना
    सुरेंद्र चतुर्वेदी
    ये सभी उम्मीदवार अधिवक्ताओं से समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं और चुनावी माहौल को सक्रिय बनाए हुए हैं।

    शांतिपूर्ण मतदान के लिए कड़ी व्यवस्था
    बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओम सारवान ने बताया कि मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मुख्य चुनाव अधिकारी विशेष सत्र न्यायाधीश एपीएस चौहान और अन्य न्यायिक अधिकारियों की निगरानी में मतदान प्रक्रिया जारी है।

    25 सदस्यों के चयन के लिए हो रहा मतदान
    यह चुनाव प्रदेश स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अधिवक्ता परिषद के कुल 25 सदस्यों का चयन किया जाएगा। मतदान के बाद मतगणना आगामी चरण में जबलपुर में की जाएगी।

    उज्जैन में अधिवक्ता परिषद चुनाव को लेकर शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिल रहा है। अधिवक्ताओं की बड़ी भागीदारी इस चुनाव की अहमियत को दर्शाती है।