Category: Madhya Pradesh

  • रायसेन में आमने-सामने भिड़ीं दो बसें, बच्चे समेत 3 की मौत; कई घायल भोपाल रेफर

    रायसेन में आमने-सामने भिड़ीं दो बसें, बच्चे समेत 3 की मौत; कई घायल भोपाल रेफर


    रायसेन  रायसेन जिले के खरबई थाना चौकी क्षेत्र में स्थित सेहतगंज टोल प्लाजा के समीप सुबह करीब 11 बजे यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोपाल-सागर रूट पर चलने वाली दो निजी बसें तेज रफ्तार में थीं और मोड़ पर नियंत्रण खो बैठीं। देखते ही देखते दोनों बसों की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बसों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में कुछ यात्री बस की सीटों और खिड़कियों के बीच फंस गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।

    तीन लोगों की मौत, पहचान में भी आई मुश्किल
    हादसे में तीन यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में दो की पहचान नीतीश व्यास (28) निवासी सुल्तानगंज और माखन लोधी (29) निवासी बेगमगंज के रूप में हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ यात्रियों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। शवों की हालत भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पहचान करने में कठिनाई हो रही है।

    15 से अधिक घायल, कई भोपाल रेफर
    हादसे में घायल हुए यात्रियों को तत्काल स्थानीय अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कई लोगों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल रेफर किया गया है। घायलों के हाथ, पैर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दुर्घटना के कारण मार्ग की एक लेन पर यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।

    ओवरस्पीड और मोड़ को बताया जा रहा कारण
    स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों बसें तेज रफ्तार में थीं। मोड़ पर पहुंचने के बाद चालक बसों पर नियंत्रण नहीं रख सके और सीधी भिड़ंत हो गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि टक्कर के बाद एक बस सड़क से नीचे उतर गई, जबकि दूसरी बस पुलिया से टकराकर रुकी। शक्ति ट्रेवल्स की बस को अधिक नुकसान पहुंचा है।

    प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर
    घटना की सूचना मिलते ही रायसेन कलेक्टर Arun Kumar Vishwakarma और पुलिस अधीक्षक Ashutosh Gupta मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत कार्यों की निगरानी की और घायलों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

  • भोपाल का मौसम अपडेट: 5 जून 2026 को गर्मी के साथ हल्की बारिश की संभावना, तापमान 35°C तक पहुंचने के आसार

    भोपाल का मौसम अपडेट: 5 जून 2026 को गर्मी के साथ हल्की बारिश की संभावना, तापमान 35°C तक पहुंचने के आसार


    नई दिल्ली । भोपाल में 5 जून 2026 को मौसम आमतौर पर गर्म रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है, हालांकि दोपहर के बाद हल्की बारिश या फुहारें राहत दे सकती हैं।

    राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह से ही गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है, लेकिन बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है।

    दोपहर में बदल सकता है मौसम का मिजाज 
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दोपहर के समय हल्की धूप के साथ बादल छाने की स्थिति बन सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की भी संभावना है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

    हालांकि यह बारिश ज्यादा देर तक रहने वाली नहीं होगी, लेकिन इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिल सकती है। मौसम में इस तरह का उतार-चढ़ाव मानसून के नजदीक आने के संकेत भी देता है।

    गर्मी और उमस से बढ़ सकती है परेशानी
    दिन के पहले हिस्से में तेज धूप के कारण गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने वालों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप से बचाव करना जरूरी है, ताकि लू या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

    रात में मौसम होगा अपेक्षाकृत सुहावना
    दिनभर की गर्मी के बाद शाम और रात के समय मौसम कुछ हद तक सुहावना हो सकता है। तापमान में गिरावट आने से लोगों को राहत मिलेगी और हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है।

    हालांकि वातावरण में नमी बनी रह सकती है, जिससे हल्की चिपचिपाहट महसूस हो सकती है। फिर भी दिन की तुलना में रात का मौसम अधिक आरामदायक रहने की संभावना है।

    कुल मिलाकर भोपाल का मौसम 5 जून 2026 को गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है, लेकिन दोपहर में हल्की बारिश की संभावना लोगों के लिए राहत लेकर आ सकती है। बदलते मौसम के इस दौर में सतर्क रहना और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।

  • शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप

    शिवपुरी में धरना दे रहे कांग्रेसियों पर हमला, नामजद शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में कांग्रेस के धरने के दौरान हिंसा का मामला सामने आया है। 27 मई को नवीन नगर परिषद भवन के पास चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच अचानक हालात बिगड़ गए, जब करीब 10 से 12 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 25 से 30 लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इन लोगों के हाथों में लाठी-डंडे और प्लास्टिक पाइप थे। धरना स्थल पर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर भागने लगे।

    वीडियो वायरल, हमले की पुष्टि का दावा
    घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ नकाबपोश युवक बाइक से आते और फिर अचानक मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में भगदड़ और हंगामे जैसी स्थिति भी देखी जा सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वीडियो हमले की पुष्टि करता है और इसी आधार पर आरोपियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

    कांग्रेस का आरोप: सुनियोजित हमला, कार्रवाई में देरी
    ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल गुप्ता के अनुसार इस हमले में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं, जिनमें अतुल पाराशर, राजवीर सिंह परमार, रामस्वरूप कुशवाह और चंद्रशेखर गौतम सहित अन्य शामिल हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और विपक्षी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने भी आरोप लगाया कि नामजद शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

    नामजद शिकायत और पुलिस की स्थिति
    कांग्रेस द्वारा दी गई शिकायत में मंगल लोधी, सुनील लोधी, आजाद लोधी, सौरव लोधी, जीवन लोधी, असवेन्द्र लोधी, कपूर लोधी और आकाश लोधी सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं। हालांकि, पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार का कहना है कि कुछ नामजद आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जांच में घटना स्थल पर मौजूदगी साबित नहीं हुई है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज में कई लोग चेहरा ढके हुए नजर आए हैं, जिससे पहचान में कठिनाई हो रही है।

    पुलिस के अनुसार पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता नामजद एफआईआर पर अड़े रहे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जांच जारी, तनाव बरकरार
    घटना के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और कांग्रेस लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है। वहीं पुलिस जांच और साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

  • एकतरफा कार्रवाई का आरोप, झाबुआ में पटवारी सस्पेंड; कर्मचारियों ने उठाया विरोध का बिगुल

    एकतरफा कार्रवाई का आरोप, झाबुआ में पटवारी सस्पेंड; कर्मचारियों ने उठाया विरोध का बिगुल


    मध्य प्रदेश । झाबुआ जिले के ग्राम गुंदीपाड़ा में 12 वर्षीय बच्ची शिवानी की कुएं में गिरने से हुई दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन द्वारा हल्का पटवारी नीलेश अखाड़े को निलंबित किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। पटवारी संघ ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने पहले संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस तो जारी किया, लेकिन जवाब देने के लिए पर्याप्त समय दिए बिना ही सीधे निलंबन की कार्रवाई कर दी गई। संघ का कहना है कि यह निर्णय एकतरफा और नियमों के विपरीत है।

    संघ का दावा: पहले ही दी गई थी खतरनाक संरचनाओं की जानकारी
    पटवारी संघ ने अपने ज्ञापन में मध्यप्रदेश खुले नलकूप सुरक्षा अधिनियम 2024 का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में प्राथमिक जिम्मेदारी भूमि स्वामी और बोरवेल/कुआं खोदने वाली एजेंसी की होती है। ऐसे में सीधे पटवारी को दोषी ठहराकर निलंबित करना अनुचित है। संघ ने यह भी दावा किया कि जिले के पटवारियों द्वारा पहले ही बिना मुंडेर वाले कुओं और खुले बोरवेल की सूची संबंधित तहसील कार्यालयों को सौंप दी गई थी। इसके बावजूद कार्रवाई केवल एक कर्मचारी पर केंद्रित करना अन्यायपूर्ण है।

    राजस्व कर्मचारियों में बढ़ा असंतोष
    निलंबन आदेश के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में असंतोष तेजी से बढ़ा है। कई पटवारियों का कहना है कि यदि प्रशासन इस तरह त्वरित और कठोर कार्रवाई करेगा, तो जमीनी स्तर पर काम करना मुश्किल हो जाएगा। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि फील्ड में संसाधनों की कमी और सीमित अधिकारों के बावजूद पूरी जिम्मेदारी पटवारियों पर डाल दी जाती है, जो सही नहीं है।

    चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
    पटवारी संघ ने प्रशासन के खिलाफ तीन चरणों में आंदोलन की घोषणा की है। पहले चरण में झाबुआ, रामा और रानापुर तहसीलों के सभी पटवारी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।

    यदि इसके बाद भी निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया तो दूसरे चरण में जिले के सभी पटवारी तीन दिन के सामूहिक अवकाश पर जाएंगे और सरकारी सोशल मीडिया समूहों से भी बाहर हो जाएंगे। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि फिर भी मांगें नहीं मानी गईं तो आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति बन सकती है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
    फिलहाल इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह विवाद अब प्रशासन और राजस्व कर्मचारियों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है।

  • रेलवे का बड़ा फैसला, सांची स्टेशन पर बनी रहेगी 4 ट्रेनों की रोक; आसान होगी यात्रा

    रेलवे का बड़ा फैसला, सांची स्टेशन पर बनी रहेगी 4 ट्रेनों की रोक; आसान होगी यात्रा


    मध्य प्रदेश । पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया है कि सांची और विदिशा स्टेशनों पर चार प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव अब अगले आदेश तक जारी रहेगा। पहले यह ठहराव प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद इसे आगे बढ़ा दिया गया है।

    कौन-कौन सी ट्रेनें रुकेंगी
    इन प्रमुख ट्रेनों का ठहराव जारी रहेगा:
    कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12629 / 12630)  -विदिशा में ठहराव
    श्री माता वैष्णो देवी कटरा–चेन्नई एक्सप्रेस (16031 / 16032) -सांची में ठहराव

    धार्मिक और लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा
    इस निर्णय से सांची और विदिशा के यात्रियों को देश के कई हिस्सों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। खासकर वैष्णो देवी, चेन्नई, कर्नाटक और दिल्ली जैसे बड़े रूटों पर यात्रा करने वालों को सीधा लाभ मिलेगा।

     रेलवे अधिकारियों का बयान
    रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर यह ठहराव जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।

     स्थानीय लोगों को फायदा
    इस फैसले से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अब बड़े स्टेशनों तक जाने की जरूरत कम पड़ेगी और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।

  • विदिशा में सड़कों की दुर्दशा पर तंज, कांग्रेस ने गड्ढों का पूजन कर साधा निशाना

    विदिशा में सड़कों की दुर्दशा पर तंज, कांग्रेस ने गड्ढों का पूजन कर साधा निशाना


    मध्य प्रदेश । विदिशा जिले में सड़क की खराब हालत और बढ़ते गड्ढों को लेकर कांग्रेस ने सांकेतिक विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क के गड्ढों की पूजा-अर्चना कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।

     भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना
    कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि जिले में भाजपा सांसद, विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष होने के बावजूद सड़कें बदहाल हैं। उनका कहना है कि जनता ने विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को चुना था, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।

     पूरे जिले में सड़कें खराब होने का दावा
    कांग्रेस नेताओं के अनुसार केवल शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में सड़कों की स्थिति खराब है। कई जगह लंबे समय से मरम्मत और निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक खींचतान के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

    “सद्बुद्धि” की प्रार्थना और विरोध का संदेश
    कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि गड्ढों की पूजा कर उन्होंने जिम्मेदारों को “सद्बुद्धि” देने और जल्द सड़क सुधार की प्रार्थना की है। यह प्रदर्शन पूरी तरह सांकेतिक था, जिसका उद्देश्य जनता की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना था।

     आगे आंदोलन की चेतावनी
    कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो पार्टी कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी। साथ ही आने वाले दौरों में वरिष्ठ नेताओं से भी इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाएगा।

  • आग से बचाव पर बड़ा एक्शन, इमारतों में आपातकालीन निकासी व्यवस्था की होगी जांच

    आग से बचाव पर बड़ा एक्शन, इमारतों में आपातकालीन निकासी व्यवस्था की होगी जांच


    विदिशा । विदिशा में जिला प्रशासन ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी बड़े प्रतिष्ठानों की जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम दिल्ली की हालिया आगजनी घटना के बाद एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
    फायर सेफ्टी से लेकर निकासी व्यवस्था तक जांच
    जांच टीम होटल, लॉज, अस्पताल और बहुमंजिला इमारतों में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करेगी, जैसे:
    फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशीलता
    आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था
    फायर एनओसी (No Objection Certificate) की वैधता
    विद्युत सुरक्षा मानक
    भवन निर्माण नियमों का पालन
     नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवा
    प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी भी प्रतिष्ठान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अवैध निर्माण पाया गया, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

    संयुक्त टीम करेगी निरीक्षण
    इस अभियान के लिए प्रशासन ने नगर पालिका, फायर ब्रिगेड, लोक निर्माण विभाग और अन्य विभागों की संयुक्त टीम बनाई है। यह टीम जिलेभर में चरणबद्ध तरीके से सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट तैयार करेगी।

     पहले से रोकथाम पर जोर
    अधिकारियों का मानना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले ही सुरक्षा मानकों की जांच कर कमियों को दूर किया जाए। इसी सोच के तहत यह अभियान शुरू किया गया है।

  • हड़ताल के बीच धार्मिक रास्ता अपनाया, सतना में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का सुंदरकांड पाठ

    हड़ताल के बीच धार्मिक रास्ता अपनाया, सतना में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का सुंदरकांड पाठ


    मध्य प्रदेश । सतना जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने विरोध को आध्यात्मिक रूप देते हुए भगवान श्रीराम और बजरंगबली की आराधना के साथ सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया। इसके बाद सद्बुद्धि यज्ञ किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन को “सद्बुद्धि” देने और लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की प्रार्थना की।

    सामूहिक प्रार्थना और बड़ी भागीदारी
    इस कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी शामिल हुए। वातावरण में भक्ति और मांगों को लेकर गंभीरता—दोनों का मिश्रण देखने को मिला। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकार, सम्मानजनक भविष्य और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर है।

    कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
    आंदोलनरत कर्मचारियों ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं:
    नियमितीकरण का लाभ देना
    एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा लागू करना
    हर साल 10% वेतन वृद्धि
    महंगाई भत्ता (DA) देना
    CHO के वेतन में PBI समायोजन
    वेतन विसंगतियों का पुनः परीक्षण
    समान कार्य के लिए समान वेतन
    सेवा सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा

     सरकार से समाधान की उम्मीद
    कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हजारों परिवारों को राहत देगी।

    आंदोलन का शांतिपूर्ण स्वरूप
    पूरे कार्यक्रम में कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। सुंदरकांड और यज्ञ के माध्यम से उन्होंने समाधान की दिशा में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की।

  • गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी

    गाजीपुर माता मंदिर में बड़ी वारदात, चांदी सिंहासन उखाड़कर ले गए चोर; जांच जारी


    मध्य प्रदेश । सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के शिवराजपुर स्थित गाजीपुर माता मंदिर में बुधवार रात बड़ी वारदात हुई। अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और वहां स्थापित चांदी का भारी सिंहासन उखाड़कर ले गए। इस चोरी की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिससे स्थानीय श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।

     पुलिस मौके पर पहुंची, जांच तेज
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। नागौद एसडीओपी रघु केसरी और सिंहपुर थाना प्रभारी पंकज शुक्ला ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मंदिर परिसर के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

     तकनीकी जांच और सुराग तलाश
    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

     ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
    मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरी नाराजगी है। लोगों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

     प्रशासन का आश्वासन
    पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इस चोरी का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

  • युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल

    युवक को घेरकर जमीन पर गिराया और घसीटा, रीवा में मारपीट का वीडियो वायरल


    मध्य प्रदेश । रीवा के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पूर्वा फॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कुछ युवक मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद दूसरे पक्ष के युवकों से बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और हिंसा में बदल गया।

     पांच युवकों ने मिलकर किया हमला
    घटना में आरोप है कि पांच युवकों ने मिलकर एक युवक को घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। पीड़ित को जमीन पर गिराकर घसीटते हुए भी पीटा गया, जिससे वह घायल हो गया। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार, इस हमले में अभिषेक नामक युवक को निशाना बनाया गया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग भी विवाद में शामिल थे।

     वीडियो में कैद हुई पूरी वारदात
    घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ में घिरे युवक को बेरहमी से पीटा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की, लेकिन हिंसा तब तक जारी रही।

    पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह
    सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच पहले से विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि उसी पुरानी रंजिश ने इस घटना को जन्म दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव जैसी स्थिति बन गई।

     पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की पहचान जारी
    मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एडिशनल एसपी के अनुसार, वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    आगे की कार्रवाई
    फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज को अहम साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास जारी है, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।