Category: Madhya Pradesh

  • नहर हादसे के बाद लापता जवान की तलाश तेज, आज एक महिला को डूबने से बचाया गया

    नहर हादसे के बाद लापता जवान की तलाश तेज, आज एक महिला को डूबने से बचाया गया


    रीवा: जिले के सिलपरा डैम में बुधवार सुबह डूबे सेना के जवान गौरव द्विवेदी (28) की तलाश दूसरे दिन भी जारी रही, लेकिन गुरुवार शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद से इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है और एसडीईआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है।

    जानकारी के अनुसार, बघवार गांव निवासी गौरव द्विवेदी अपने परिवार के साथ डैम घूमने गए थे। इस दौरान नहाते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते वे पानी में लापता हो गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    SDERF की टीम का लगातार सर्च ऑपरेशन
    घटना की जानकारी मिलते ही बिछिया थाना पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से डैम में लगातार सर्चिंग की जा रही है, लेकिन अब तक जवान का कोई पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया है।

    सर्चिंग के दौरान बड़ा हादसा टला, महिला को बचाया गया
    सर्च ऑपरेशन के दौरान गुरुवार को एक और हादसा होते-होते टल गया। भटलो गांव निवासी पार्वती देवी चिराहुला कॉलोनी से अपने गांव लौट रही थीं, तभी सिलपरा नहर के पास अचानक उन्हें चक्कर आ गया और वे नहर में गिर गईं। तेज बहाव के बीच स्थिति गंभीर हो सकती थी, लेकिन मौके पर मौजूद SDERF टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बचाव होने से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

    अस्पताल में भर्ती, जवान की तलाश जारी
    रेस्क्यू के बाद महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया और डायल-112 की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण जारी है। वहीं डूबे हुए जवान की तलाश में टीमें लगातार जुटी हुई हैं। डीएसपी उदित मिश्रा ने बताया कि सर्च ऑपरेशन बिना रुके जारी है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि जवान को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

    रीवा का सिलपरा डैम हादसा एक तरफ दुखद स्थिति पैदा कर रहा है, वहीं रेस्क्यू टीम की तत्परता ने एक और जान बचाकर बड़ी अनहोनी को टाल दिया है। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें जवान की तलाश पर टिकी हैं।

  • “NEET दोबारा करा लोगे, बेटी लौटा पाओगे?”-परिवार का दर्द और राहुल के बयान पर मचा राजनीतिक घमासान

    “NEET दोबारा करा लोगे, बेटी लौटा पाओगे?”-परिवार का दर्द और राहुल के बयान पर मचा राजनीतिक घमासान


    नई दिल्ली: NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अनिश्चितता के बीच नागपुर में आत्महत्या करने वाली मऊगंज की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। परिवार गहरे सदमे में है और मां की आंखों से निकलता हर शब्द दर्द की कहानी बयां कर रहा है। मां नीलम चतुर्वेदी का कहना है, “पेपर तो दोबारा करा लोगे, लेकिन मेरी बेटी को लौटा पाओगे क्या?”

    घटना के बाद मामला केवल पारिवारिक त्रासदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आकांक्षा की मौत को सिस्टम की विफलता बताया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा में अनिश्चितता ने छात्रा के भविष्य और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर डाला, जिससे यह दुखद कदम उठाना पड़ा।

    राहुल गांधी का सरकार पर हमला, BJP ने किया पलटवार
    राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि यह घटना केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का परिणाम है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सवाल उठाए। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए राहुल गांधी पर “प्रोपेगेंडा फैलाने” का आरोप लगाया। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष भय और भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। इस बयानबाजी के बीच मामला लगातार गरमाता जा रहा है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

    परिवार का दर्द: कर्ज, संघर्ष और टूटे सपने
    उधर मऊगंज स्थित परिवार में मातम पसरा है। परिवार के अनुसार आकांक्षा बेहद मेधावी छात्रा थी और डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। पिता ने बेटी की पढ़ाई के लिए 15–20 लाख रुपये तक का कर्ज लिया था। आर्थिक दबाव और भविष्य की उम्मीदों के बीच परिवार संघर्ष कर रहा था। मां ने रोते हुए बताया कि परिवार पहले ही भारी कर्ज में डूबा हुआ था, और बेटी पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था। पिता की तबीयत भी खराब बताई जा रही है और वे अस्पताल में भर्ती हैं।

    डिप्रेशन और तनाव की स्थिति ने बढ़ाई चिंता
    परिजनों के अनुसार, पेपर लीक की खबरों के बाद छात्रा मानसिक तनाव में आ गई थी। परीक्षा परिणाम और भविष्य को लेकर अनिश्चितता ने उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से वह चुपचाप रहने लगी थी और उसने खाना-पीना भी कम कर दिया था।

    गांव में मातम और डर का माहौल
    इस घटना के बाद गांव में भी गहरा असर देखने को मिल रहा है। लोग अपनी बेटियों को बाहर पढ़ाई के लिए भेजने को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल है।

    आकांक्षा चतुर्वेदी की मौत ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि परीक्षा प्रणाली, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामला राजनीतिक बहस और सामाजिक चिंता दोनों का केंद्र बना हुआ है।

  • जबलपुर में रहस्यमयी मामला, सड़क किनारे मिली मानव खोपड़ी; इलाके में दहशत का माहौल

    जबलपुर में रहस्यमयी मामला, सड़क किनारे मिली मानव खोपड़ी; इलाके में दहशत का माहौल


    मध्य प्रदेश । जबलपुर के रांझी क्षेत्र स्थित रक्षा नगर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे कचरे के ढेर में मानव खोपड़ी देखी। यह जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत रांझी थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सीएसपी सतीश साहू पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में लेकर जांच शुरू की।

    कचरे के ढेर में मिली खोपड़ी, पास में मिला लाल कपड़ा
    जानकारी के अनुसार, यह घटना फक्कड़ बाबा मंदिर के पास की है, जहां कुछ बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर कचरे के ढेर पर पड़ी मानव खोपड़ी पर गई। बच्चों ने तुरंत अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि खोपड़ी के पास एक लाल कपड़ा भी पड़ा हुआ था, जिससे कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यह किसी तांत्रिक गतिविधि से जुड़ा मामला हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

    पुलिस ने खोपड़ी को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा
    सीएसपी सतीश साहू ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मानव खोपड़ी को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खोपड़ी वहां कैसे पहुंची। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी पुरानी कब्र से संबंधित हो सकती है और क्या किसी जंगली जानवर या आवारा कुत्ते द्वारा इसे यहां लाया गया होगा।

    इलाके में दहशत, कई संभावनाओं पर जांच जारी
    घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि खोपड़ी मानव अवशेष किस परिस्थिति में वहां पहुंचा। जांच में तांत्रिक गतिविधियों से लेकर प्राकृतिक कारणों तक सभी संभावनाओं को शामिल किया गया है। फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • टैंकर का ढक्कन खोलकर ईंधन चोरी का खेल, जबलपुर में 2 आरोपी पकड़े गए

    टैंकर का ढक्कन खोलकर ईंधन चोरी का खेल, जबलपुर में 2 आरोपी पकड़े गए


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में पेट्रोल-डीजल सप्लाई सिस्टम से जुड़ी बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। शहपुरा-भिटौनी ऑयल प्लांट से निकलने वाले ईंधन से भरे टैंकरों से चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए क्राइम ब्रांच और भेड़ाघाट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों को उस समय पकड़ा गया जब वे सुनसान इलाके में टैंकर से पेट्रोल-डीजल निकाल रहे थे पुलिस ने मौके से चोरी किया गया ईंधन, टैंकर और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए हैं।

    पेट्रोलिंग के दौरान मिली सूचना से हुई कार्रवाई
    भेड़ाघाट थाना प्रभारी कमलेश चौरिया के अनुसार, पुलिस टीम क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम पडुआ में एक इंडियन ऑयल कंपनी का टैंकर संदिग्ध स्थिति में खड़ा है और उससे ईंधन निकाला जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और मौके से दो लोगों को पकड़ लिया। इनमें एक व्यक्ति टैंकर के ऊपर चढ़कर ढक्कन खोल रहा था, जबकि दूसरा नीचे गैलनों में तेल भर रहा था।

    चालक ही निकला मुख्य आरोपी, साथी के साथ मिलकर करता था चोरी
    पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजेश यादव (35), निवासी सिरमौर (रीवा) और मुकेश सेन (34), निवासी सुहागी अधारताल के रूप में हुई है। चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य आरोपी राजेश यादव उसी टैंकर का चालक था। उसने स्वीकार किया कि वह शहपुरा-भिटौनी से पेट्रोल और डीजल लेकर रानीताल चौक स्थित पेट्रोल पंप के लिए निकला था, लेकिन रास्ते में अपने साथी के साथ मिलकर सुनसान जगह पर टैंकर रोककर ईंधन की चोरी करता था।

    औजारों से खोलते थे टैंकर, 50 लीटर पेट्रोल और 85 लीटर डीजल बरामद
    आरोपियों ने टैंकर का ढक्कन खोलने के लिए रिपिट खोलने की मशीन, हथौड़ी, पेचकस और प्लास्टिक की सटक जैसे औजारों का इस्तेमाल किया। इसके बाद कुप्पी और अन्य साधनों की मदद से गैलनों में ईंधन भरा जाता था। पुलिस को मौके से पांच गैलन बरामद हुए, जिनमें से दो में करीब 50 लीटर पेट्रोल और तीन में लगभग 85 लीटर डीजल पाया गया।

    टैंकर, उपकरण और मोबाइल जब्त, मामला दर्ज
    पुलिस ने मौके से इंडियन ऑयल का टैंकर, ईंधन से भरे गैलन, विभिन्न औजार, मोबाइल फोन और चाबियां जब्त कर ली हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और ईसी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

  • योग दिवस पर बड़ा कार्यक्रम, जबलपुर में शामिल हो सकती हैं राष्ट्रपति; स्कूलों में अभ्यास सत्र शुरू

    योग दिवस पर बड़ा कार्यक्रम, जबलपुर में शामिल हो सकती हैं राष्ट्रपति; स्कूलों में अभ्यास सत्र शुरू


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार कार्यक्रम को और भी भव्य बनाने की योजना है, क्योंकि इसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उनका दौरा अभी प्रस्तावित है, लेकिन प्रशासन ने इसे लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

    सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कई वरिष्ठ मंत्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर लगातार बैठकें शुरू कर दी हैं।

    सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
    राष्ट्रपति के संभावित आगमन को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता। कार्यक्रम स्थल, रूट मैप, हेलीकॉप्टर लैंडिंग ज़ोन और भीड़ प्रबंधन को लेकर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। मानसून की आशंका को देखते हुए वाटरप्रूफ डोम और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है। कार्यक्रम के लिए गैरीसन ग्राउंड और ग्वारीघाट स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज मैदान को संभावित स्थल के रूप में देखा जा रहा है। जल्द ही अंतिम स्थल का निर्णय लिया जा सकता है।

    स्कूलों में योग अभ्यास सत्र अनिवार्य, बच्चों की होगी बड़ी भागीदारी
    इस आयोजन में स्कूली बच्चों की भागीदारी को लेकर शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग की ओर से स्कूलों के शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित करें और इसकी जानकारी तुरंत साझा करें।

    जारी संदेश में कहा गया है कि 21 जून को होने वाले योग दिवस पर राष्ट्रपति के आगमन की संभावना को देखते हुए छात्रों की उपस्थिति और भागीदारी को प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत स्कूलों में सुबह 6:30 से 8 बजे तक विशेष योग अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

    हजारों लोगों की भागीदारी वाला भव्य आयोजन
    प्रशासन की योजना के अनुसार, इस बड़े आयोजन में हजारों स्कूली छात्र, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहर के नागरिक सामूहिक योग करते नजर आएंगे। कार्यक्रम को व्यवस्थित और अनुशासित बनाने के लिए मिनट-टू-मिनट शेड्यूल तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जा सकता है।

  • अस्पताल में अंधेरा और गर्मी का कहर, जबलपुर में बिजली कटौती से मरीजों की हालत बिगड़ी

    अस्पताल में अंधेरा और गर्मी का कहर, जबलपुर में बिजली कटौती से मरीजों की हालत बिगड़ी


    मध्य प्रदेश । जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कुछ ही पलों में पूरे अस्पताल परिसर, वार्डों और गलियारों में अंधेरा छा गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली जाते ही गर्मी और उमस बढ़ गई, जिससे कई मरीज बेचैन हो गए। जनरल वार्ड में भर्ती कुछ मरीजों और उनके परिजनों को बाहर निकलते भी देखा गया। हालांकि, यह स्थिति करीब 15 से 20 मिनट तक बनी रही, जिसके बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई।

    गर्मी और अंधेरे से परेशान हुए मरीज, परिजनों में चिंता
    अस्पताल में सैकड़ों मरीज भर्ती हैं, जिनमें कई गंभीर स्थिति वाले मरीज भी शामिल हैं जो जीवन रक्षक उपकरणों पर निर्भर थे। अचानक बिजली गुल होने से परिजनों में चिंता बढ़ गई कि कहीं इलाज प्रभावित न हो जाए। कुछ लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि इतने बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बिजली कटौती जैसी स्थिति में तुरंत और सुचारू बैकअप सिस्टम का प्रभावी होना जरूरी है, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।

    बिजली विभाग ने मांगी रिपोर्ट, अस्पताल प्रशासन का दावा- जनरेटर तुरंत चालू हुए
    इस घटना को लेकर मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) के अधिकारियों ने भी जानकारी ली है। अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा ने कहा कि उन्हें इस घटना की विस्तृत जानकारी नहीं मिली है, लेकिन संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अस्पताल के बड़े जनरेटर सिस्टम के बावजूद स्थिति कैसे प्रभावित हुई।

    वहीं मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बिजली गुल होने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि शहर में उस समय बिजली आपूर्ति प्रभावित थी। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में बैकअप के लिए सात बड़े जनरेटर लगे हुए हैं, जिनमें पर्याप्त डीजल भी उपलब्ध था। जैसे ही बिजली गई, जनरेटर सिस्टम स्वतः सक्रिय हो गया।

    डीन के अनुसार, अस्पताल में किसी भी मरीज को गंभीर परेशानी नहीं हुई और न ही किसी को वार्ड से बाहर निकलना पड़ा। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।

    प्रशासनिक दावे बनाम हकीकत, जांच की मांग उठी
    इस घटना के बाद अस्पताल की आपातकालीन बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां एक ओर बिजली विभाग इसकी जानकारी जुटा रहा है, वहीं अस्पताल प्रशासन अपने सिस्टम को पूरी तरह कार्यशील बता रहा है। अब देखना होगा कि जांच में वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।

  • फूलों और ड्रायफ्रूट से हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गुरुवार भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धा

    फूलों और ड्रायफ्रूट से हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, गुरुवार भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धा


    मध्य प्रदेश । Ujjain स्थित Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में गुरुवार तड़के भस्म आरती का भव्य आयोजन किया गया। सुबह लगभग 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर तथा फलों के रस से बने पंचामृत से विधिवत अभिषेक संपन्न हुआ।

    पंचामृत और भस्म से हुआ अभिषेक
    आरती के दौरान प्रथम घंटा बजाकर हरि-ओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद कपूर आरती हुई और भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पण की परंपरा निभाई गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।

    भांग, चंदन और फूलों से राजा स्वरूप श्रृंगार
    भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल का अत्यंत दिव्य श्रृंगार किया गया। उन्हें भांग, चंदन, गुलाब के फूलों की माला, रजत चंद्र, रजत मुकुट और त्रिपुंड से सजाया गया। इसके अलावा शेषनाग का रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्प मालाएं भी अर्पित की गईं। भगवान को भव्य “राजा स्वरूप” में सजाया गया, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण रहा।

    ड्रायफ्रूट और मिष्ठान का भोग 
    श्रृंगार के बाद भगवान महाकाल को फल, ड्रायफ्रूट और मिष्ठान का भोग लगाया गया। पूरे गर्भगृह में फूलों और सुगंधित मालाओं से अलौकिक वातावरण बना रहा।

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़
    भस्म आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और पूरे वातावरण में “हर हर महादेव” की गूंज सुनाई दी।

    भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम है, जो हर दिन Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple को दिव्यता से भर देता है।

  • सूक्ष्म कला का अद्भुत उदाहरण, छात्रा ने दाल पर बनाए 12 ज्योतिर्लिंग और दर्ज कराया वर्ल्ड रिकॉर्ड

    सूक्ष्म कला का अद्भुत उदाहरण, छात्रा ने दाल पर बनाए 12 ज्योतिर्लिंग और दर्ज कराया वर्ल्ड रिकॉर्ड


    मध्य प्रदेश । Ujjain एक बार फिर अपनी प्रतिभा के कारण चर्चा में है। यहां के उत्कृष्ट विद्यालय की 12वीं की छात्रा दीक्षा कुशवाह ने ऐसी सूक्ष्म कला प्रस्तुत की है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। दीक्षा ने केवल 8 मिलीमीटर आकार की चने की दाल पर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों की बेहद बारीक पेंटिंग बनाई। खास बात यह है कि उन्होंने यह पूरा कार्य सिर्फ 22 मिनट में पूरा किया।

    वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
    दीक्षा की इस असाधारण उपलब्धि को World Wide Book of Records में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि सूक्ष्म कला (micro art) के क्षेत्र में एक बड़ी पहचान मानी जा रही है।

    एक साल की मेहनत और कला का सफर
    ऋषि नगर निवासी दीक्षा कुशवाह फ्रीगंज स्थित आर्ट क्लास में सूक्ष्म चित्रकला सीखती हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने पिछले एक वर्ष में इस कला को निखारा और लगातार अभ्यास किया। इस कार्य के लिए उन्हें विशेष उपकरणों, धैर्य और अत्यधिक एकाग्रता की जरूरत पड़ी। इतने छोटे आकार में सटीक आकृतियां बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

    आस्था और प्रेरणा से मिली दिशा
    दीक्षा ने बताया कि उन्हें 12 ज्योतिर्लिंग बनाने की प्रेरणा केदारनाथ, बद्रीनाथ और बाबा महाकाल के दर्शन के बाद मिली। साथ ही कॉलेज के अन्य छात्रों की वर्ल्ड रिकॉर्ड उपलब्धियों ने भी उन्हें प्रेरित किया।

    स्थानीय प्रतिभा की वैश्विक पहचान
    दीक्षा की यह उपलब्धि न केवल उज्जैन बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह दिखाता है कि सही मार्गदर्शन और लगन से छोटी उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

    छोटी सी दाल पर इतनी सूक्ष्म कला बनाकर दीक्षा कुशवाह ने साबित कर दिया कि प्रतिभा आकार नहीं, समर्पण और अभ्यास से बनती है। उनकी यह उपलब्धि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

  • सांदीपनि लोक बनेगा नया धार्मिक केंद्र, सिंहस्थ से पहले उज्जैन में 139 करोड़ की मेगा परियोजना का ऐलान

    सांदीपनि लोक बनेगा नया धार्मिक केंद्र, सिंहस्थ से पहले उज्जैन में 139 करोड़ की मेगा परियोजना का ऐलान


    मध्य प्रदेश । Ujjain एक बार फिर बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा में है। यहां स्थित Sandipani Ashram को अब भव्य ‘सांदीपनि लोक’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 139 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे सिंहस्थ कुंभ से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना ‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के तहत तैयार की जा रही है, जिसका उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली को आधुनिक और भव्य स्वरूप देना है।

    108 फीट ऊंची श्रीकृष्ण प्रतिमा बनेगी मुख्य आकर्षण
    इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण होगी भगवान श्रीकृष्ण की 108 फीट ऊंची प्रतिमा। इसे प्रदेश की सबसे ऊंची श्रीकृष्ण प्रतिमा बताया जा रहा है। इस प्रतिमा का डिजाइन तकनीकी परीक्षण और विंड टनल स्टडी के बाद तैयार किया जाएगा, ताकि इसकी संरचना पूरी तरह सुरक्षित और टिकाऊ हो।

    महर्षि सांदीपनि और गुरुकुल परंपरा का भव्य प्रदर्शन
    परियोजना के तहत आश्रम परिसर में महर्षि सांदीपनि की प्रतिमा, गुरुकुल परंपरा से जुड़े थीम आधारित क्षेत्र, मंदिर परिसर और जल फाउंटेन विकसित किए जाएंगे। यह वही ऐतिहासिक स्थान है, जहां मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने बलराम और सुदामा के साथ शिक्षा प्राप्त की थी।

    डिजिटल अनुभव से जुड़ेगा इतिहास और आस्था
    सांदीपनि लोक को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए AR/VR आधारित अनुभव, डिजिटल प्रदर्शनी और मल्टी-लैंग्वेज ऑडियो-विजुअल सिस्टम उपलब्ध होगा। पर्यटक हेडफोन या VR डिवाइस के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, 64 कलाओं और गुरुकुल परंपरा को इंटरैक्टिव तरीके से समझ सकेंगे।

    लाइट एंड साउंड शो से जीवंत होगी श्रीकृष्ण कथा
    परिसर में इमर्सिव लाइट एंड साउंड शो भी विकसित किया जाएगा, जिसमें श्रीकृष्ण की जीवनगाथा और उज्जैन से उनका ऐतिहासिक संबंध दर्शाया जाएगा।

    सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयारी
    यह पूरी योजना आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, जिससे Ujjain को एक वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। महाकाल लोक के बाद अब सांदीपनि लोक को भी उसी स्तर का बड़ा आध्यात्मिक और पर्यटन प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

    महाकाल लोक के बाद बढ़ा धार्मिक पर्यटन
    महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। अब प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है।

    सांदीपनि लोक परियोजना न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि यह उज्जैन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर एक वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।

  • दर्दनाक हादसा उज्जैन में, टवेरा वाहन पलटने से 9 श्रद्धालु घायल; मौके पर मची अफरा-तफरी

    दर्दनाक हादसा उज्जैन में, टवेरा वाहन पलटने से 9 श्रद्धालु घायल; मौके पर मची अफरा-तफरी


    मध्य प्रदेश । Ujjain में गुरुवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब ऋणमुक्तेश्वर मंदिर से Bhartrihari Gufa की ओर जा रही श्रद्धालुओं से भरी टवेरा गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन में आंध्र प्रदेश से आए 9 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थीं। हादसा इतना अचानक हुआ कि कई यात्री वाहन के अंदर ही फंस गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    स्थानीय लोगों और महंत ने दिखाया साहस
    घटना के तुरंत बाद Rinmukteshwar Mahadev Temple के महंत महावीरनाथ महाराज और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों की मदद से कई यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
    सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ श्रद्धालु वाहन के नीचे दब गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

    निर्माण कार्य और संकरी सड़क बनी वजह?
    स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा उस क्षेत्र में चल रहे घाट निर्माण कार्य के कारण हुआ, जहां एक तरफ निर्माण कार्य और दूसरी तरफ दीवार होने से रास्ता संकरा हो गया था। इसी वजह से वाहन असंतुलित होकर पलट गया।

    पुलिस जांच जारी, ड्राइवर पर शक
    Madhya Pradesh Police ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर ड्राइवर के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसा तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति या मानवीय गलती किस वजह से हुआ।

    धार्मिक यात्रा के दौरान हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर सावधानी की जरूरत को उजागर करता है। स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन की तत्परता ने कई जानें बचाने में अहम भूमिका निभाई।