Category: Madhya Pradesh

  • उमरिया में अवैध रेत खनन पर बवाल, वनकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास

    उमरिया में अवैध रेत खनन पर बवाल, वनकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र में अवैध रेत खनन रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। मामला सलैया गांव के जंगल क्षेत्र का है, जहां सोमवार शाम यह खतरनाक घटना हुई। वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को पनिया नाला क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां से अवैध रेत से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली निकलते दिखाई दिए।

    वनकर्मियों को कुचलने की कोशिश, ट्रैक्टर लेकर फरार हुए आरोपी
    वनकर्मियों ने जब ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो चालकों ने रफ्तार बढ़ा दी। आरोप है कि रेत माफिया ने वनकर्मियों की ओर ट्रैक्टर मोड़कर उन्हें कुचलने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वनकर्मी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, वन विभाग की टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है।

    पहले भी हुई है मारपीट की घटनाएं
    चंदिया परिक्षेत्र अधिकारी नीलेश द्विवेदी ने बताया कि फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वनरक्षक रमाशंकर ने बताया कि यह गिरोह पहले भी वनकर्मियों पर हमला कर चुका है। कुछ समय पहले भी इसी क्षेत्र में वनरक्षक के साथ मारपीट कर जब्त ट्रैक्टर छुड़ा लिया गया था।

    वन विभाग में आक्रोश, बढ़ाई गई सख्ती
    घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है। विभाग ने कहा है कि अवैध रेत खनन और माफियाओं की बढ़ती गुंडागर्दी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हमले
    यह पहला मामला नहीं है जब रेत माफिया ने प्रशासनिक टीमों पर हमला किया हो। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में वनकर्मियों और अधिकारियों पर हमले हो चुके हैं-

    वनरक्षक से मारपीट, सिर में गंभीर चोट (उमरिया)
    ट्रैक्टर जब्ती के दौरान वनकर्मियों पर हमला (टीकमगढ़)
    लाठी-डंडों से वनकर्मियों की पिटाई (सिंगरौली)
    SDM की गाड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश (भिंड)

    उमरिया की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अवैध रेत खनन पर रोक लगाना कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वन विभाग की सख्ती के बावजूद माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

  • BTR में बाघ का हमला: तेंदूपत्ता तोड़ने गए युवक गंभीर घायल, शहडोल रेफर

    BTR में बाघ का हमला: तेंदूपत्ता तोड़ने गए युवक गंभीर घायल, शहडोल रेफर


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) के मानपुर बफर परिक्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गए एक युवक पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना मानपुर बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ 385 स्थित अमहाई नाला के पास हुई, जहां सुबह के समय ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए पहुंचे थे।

    युवक के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें
    घायल युवक की पहचान धर्मेंद्र के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगल में काम करते समय अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में धर्मेंद्र के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उसके शरीर पर बाघ के दांतों और पंजों के कई गहरे निशान पाए गए। हमले के बाद मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर जंगल से बाहर भागे।

    तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, शहडोल रेफर
    घटना की जानकारी मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत मानपुर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवक की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।

    वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक भरा गायकवाड़ ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घायल के इलाज में हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

    यह घटना एक बार फिर जंगल क्षेत्रों में काम करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। वन विभाग की सतर्कता के बावजूद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

  • तपती धूप से जनजीवन प्रभावित: विदिशा की सड़कों पर दिखा वीरान नजारा

    तपती धूप से जनजीवन प्रभावित: विदिशा की सड़कों पर दिखा वीरान नजारा


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में नौतपा शुरू होने से पहले ही गर्मी ने अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर 2 बजे तक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री के करीब पहुंच गया।
    लगातार बढ़ती गर्मी के कारण दिनभर जनजीवन प्रभावित रहा और लोग गर्म हवाओं से बचने के लिए घरों में रहने को मजबूर हो गए।

    दोपहर में बाजारों में पसरा सन्नाटा
    भीषण गर्मी का असर शहर की रफ्तार पर साफ दिखाई दिया। दोपहर होते-होते विदिशा की व्यस्त सड़कें लगभग खाली हो गईं। आम दिनों में जहां बाजारों में चहल-पहल रहती है, वहीं इस दिन सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।
    तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं।

    हीट वेव की आशंका, और बढ़ सकता है तापमान
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। खासकर मई के तीसरे सप्ताह में पारा और ऊपर चढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर भारत से आने वाली गर्म हवाओं के कारण हीट वेव (लू) की स्थिति बनने की आशंका है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।

    डॉक्टरों की सलाह: लू से बचाव जरूरी
    भीषण गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार—

    शरीर को हाइड्रेटेड रखें, बार-बार पानी पीते रहें
    नींबू पानी, ओआरएस और छाछ का सेवन बढ़ाएं
    दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
    बाहर निकलते समय हल्के और सूती कपड़े पहनें
    धूप से बचने के लिए छाता या टोपी का उपयोग करें

    विदिशा में बढ़ती गर्मी आने वाले दिनों में लोगों के लिए और मुश्किलें खड़ी कर सकती है। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर उपाय है।

  • विदिशा पुलिस की बड़ी सफलता, एक माह में 48 नाबालिग बालिकाएं सुरक्षित मिलीं, ऑपरेशन मुस्कान जारी

    विदिशा पुलिस की बड़ी सफलता, एक माह में 48 नाबालिग बालिकाएं सुरक्षित मिलीं, ऑपरेशन मुस्कान जारी


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पुलिस ने गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं की तलाश के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चले विशेष अभियान में 48 नाबालिग बालिकाओं और किशोरियों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया। यह संख्या जिले से दर्ज गुमशुदगी के मामलों से भी अधिक बताई जा रही है, जिससे यह साफ होता है कि पुलिस ने पुराने लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से हल किया।

    तीन साल में 827 किशोरियों को किया गया सुरक्षित बरामद
    विदिशा पुलिस के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत कुल 827 गुमशुदा बालिकाओं और किशोरियों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया है।

    आंकड़ों के अनुसार-

    वर्ष 2023 में 226 में से 209 बालिकाएं बरामद की गईं
    वर्ष 2024 में 302 में से 282 बालिकाएं सुरक्षित मिलीं
    वर्ष 2025 में 271 के मुकाबले 336 बालिकाएं खोजी गईं
    वर्ष 2026 (अप्रैल तक) 134 में से 125 बालिकाएं सुरक्षित वापस लाई गईं
    इन आंकड़ों से पुलिस की सक्रियता और खोजबीन की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    कई राज्यों तक चला सर्च ऑपरेशन
    इस अभियान के दौरान पुलिस ने सिर्फ मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहकर राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक तलाशी अभियान चलाया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर, रायसेन और देवास सहित कई जिलों में विशेष टीमों ने लगातार खोजबीन की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, थाना और चौकी प्रभारियों सहित कई टीमों ने समन्वय के साथ यह अभियान चलाया।

    पाकिस्तान सीमा तक पहुंची पुलिस टीम
    एक मामले में पुलिस टीम एक गुमशुदा किशोरी की तलाश में राजस्थान होते हुए पाकिस्तान सीमा तक पहुंच गई थी। गहन खोजबीन के बाद किशोरी को सुरक्षित बरामद कर वापस लाया गया। यह मामला अभियान की गंभीरता और पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार ‘ऑपरेशन मुस्कान’ का मुख्य उद्देश्य गुमशुदा बच्चों और किशोरियों को सुरक्षित ढूंढकर उनके परिजनों से मिलाना है। यह अभियान केवल खोजबीन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।

    विदिशा पुलिस का यह अभियान लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। बड़ी संख्या में बालिकाओं की सुरक्षित वापसी ने न केवल परिजनों को राहत दी है, बल्कि पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता को भी उजागर किया है।

  • मैहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज: विधायक ने गिनाए विकास कार्य, कार्यकर्ताओं को बताया ताकत

    मैहर में राजनीतिक बयानबाजी तेज: विधायक ने गिनाए विकास कार्य, कार्यकर्ताओं को बताया ताकत


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के मैहर में सोमवार देर शाम आयोजित “2 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने अपने दो साल के कार्यकाल का विस्तृत लेखा-जोखा जनता के सामने रखा। यह कार्यक्रम विधायक कार्यालय के पास स्थित एक निजी पैलेस में आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विधायक कई बार भावुक नजर आए और मंच से अपनी बात रखते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।

    “काम ही बोलता है, पैसा आता-जाता रहता है”  विधायक
    अपने संबोधन में विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि उनकी असली ताकत जनता का विश्वास और कार्यकर्ताओं का समर्थन है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “मैं बार-बार कहता हूं कि काम करिए, क्योंकि काम ही बोलता है। पैसा आता है और जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे साधारण परिवार से आते हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं के सहयोग और जनता के आशीर्वाद से ही विधायक बने हैं। इस दौरान उन्होंने मंच से अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कई अनुभव साझा किए।

    विकास कार्यों पर चर्चा, सुझावों की अपील
    विधायक ने अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी भी दी और कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास अकेले संभव नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की कि वे मैहर के विकास के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करें। उन्होंने कहा कि जो भी सकारात्मक सुझाव आएंगे, उन पर पूरी ईमानदारी और गंभीरता से काम किया जाएगा।

    पारदर्शिता और सेवा पर जोर
    अपने संबोधन में विधायक ने पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि समाज में कई बार नकारात्मक सोच विकास को रोकती है, इसलिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
    उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उपलब्ध रहेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।

    कार्यक्रम में दिखा उत्साह
    इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विकास कार्यों पर चर्चा हुई और आगामी योजनाओं को लेकर भी विचार साझा किए गए।

    मैहर विधायक का यह कार्यक्रम न केवल उनके दो साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड रहा, बल्कि उनके भावुक संबोधन ने राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव की एक अलग तस्वीर भी पेश की।

  • मैहर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बाल विवाह रोका, परिजनों को समझाकर रुकी शादी

    मैहर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बाल विवाह रोका, परिजनों को समझाकर रुकी शादी


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ग्राम पंचायत देवरा मोलहाई में सोमवार देर शाम प्रशासन ने एक नाबालिग की शादी को समय रहते रोक दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए बाल विवाह की तैयारी को रुकवा दिया। यह पूरी कार्रवाई एसडीएम एसपी मिश्रा के निर्देशन में की गई। टीम की त्वरित सक्रियता के चलते एक संभावित बाल विवाह होने से पहले ही टल गया, जिससे प्रशासन की सतर्कता एक बार फिर सामने आई।

    अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, समझाइश से रुकी शाद
    मामले की जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार संजीव पांडेय, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी, थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी, एसआई भाग्यचंद कुशराम सहित पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कम उम्र में विवाह न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है।

    कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी, दुष्परिणामों पर किया जागरूक
    अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। इसके तहत दोषियों पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही टीम ने बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों पर भी विस्तार से समझाइश दी। लगातार समझाइश के बाद परिवार ने विवाह को रोकने पर सहमति व्यक्त की।

    पंचनामा कार्रवाई पूरी, परिजनों ने मानी बा
    महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद एसडीएम से चर्चा कर संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इसके बाद मौके पर पहुंचकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई भी पूरी की गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिवार ने शादी रोकने का निर्णय लिया, जिससे एक बड़ा सामाजिक और कानूनी उल्लंघन होने से बच गया।

    प्रशासन की अपील: बाल विवाह की सूचना तुरंत दे
    प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

    मैहर प्रशासन की यह कार्रवाई दिखाती है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से सामाजिक कुप्रथाओं को रोका जा सकता है। बाल विवाह जैसी प्रथाओं पर सख्ती से रोक लगाना ही बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 5 घायल, दंपती की हालत गंभीर

    अचानक ब्रेक से बड़ा हादसा: दो बाइकों की टक्कर में 5 घायल, दंपती की हालत गंभीर


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पांढुर्णा क्षेत्र के मोरडोगरी के पास सोमवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल पांढुर्णा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।

    दोनों बाइकों पर सवार थे अलग-अलग लोग
    जानकारी के अनुसार, पहली बाइक पर ग्राम नाडा सावनेर निवासी हुकुमचंद डहारे (45) अपनी पत्नी प्रगति डहारे (30) के साथ पांढुर्णा की ओर जा रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर अमोल बोरीवार (32), सविता बघारे (34) और तीन वर्षीय बालक चेतन बघारे सिवनी की ओर जा रहे थे। दोनों वाहन अलग-अलग दिशाओं से आ रहे थे, लेकिन मोरडोगरी के पास अचानक स्थिति बदल गई और बड़ा हादसा हो गया।

    अचानक ब्रेक और लापरवाही बनी हादसे की वजह
    घायलों के अनुसार, मोरडोगरी के पास अचानक ब्रेक लगाने के कारण दोनों बाइक अनियंत्रित हो गईं और आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और सभी को गंभीर चोटें आईं।
    हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत मदद की और घायलों को सड़क से हटाकर अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।

    दंपती की हालत गंभीर, नागपुर रेफर
    अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि हुकुमचंद डहारे और उनकी पत्नी प्रगति डहारे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए दोनों को नागपुर रेफर कर दिया गया है। अन्य तीन घायलों का इलाज पांढुर्णा सिविल अस्पताल में जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, यातायात प्रभावित
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि हादसा केवल अचानक ब्रेक की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी था।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क पर सावधानी और सुरक्षित ड्राइविंग की आवश्यकता को उजागर करता है। थोड़ी सी लापरवाही ने पांच लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया।
  • बारातियों से भरा मैजिक वाहन पलटा, एक ही परिवार के 15 लोग घायल, बस की लापरवाही से हुआ हादसा

    बारातियों से भरा मैजिक वाहन पलटा, एक ही परिवार के 15 लोग घायल, बस की लापरवाही से हुआ हादसा


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के सौसर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। काजलवाणी और कुड़म गांव के बीच बारातियों से भरा एक मैजिक वाहन अचानक सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में एक ही परिवार के 15 सदस्य घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    यह सभी लोग सौसर के वार्ड क्रमांक 1 से भीमालगोंडी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। यात्रा के दौरान जैसे ही वाहन काजलवाणी और कुड़म के बीच पहुंचा, सामने से आ रही एक बस ने अचानक कट मार दिया। इसी दौरान मैजिक चालक ने वाहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे पलट गया।

    बस की लापरवाही से हुआ हादसा, चालक ने खोया नियंत्र
    प्रत्यक्षदर्शियों और मैजिक चालक भरत चवारे के अनुसार, बस ने अचानक दिशा बदलते हुए कट मारा, जिससे स्थिति असंतुलित हो गई। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन भारी संख्या में बैठे यात्रियों के कारण मैजिक का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए पहुंचे। सभी घायलों को वाहन से बाहर निकाला गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती, दो की हालत गंभी
    सूचना मिलते ही सौसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सौसर सिविल अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दो गंभीर घायलों सूरज और सुरेश को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर कर दिया। अन्य 13 घायलों का इलाज सौसर सिविल अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कई लोगों को हल्की से मध्यम चोटें आई हैं, लेकिन सभी को निगरानी में रखा गया है।

    पुलिस ने शुरू की जांच, यातायात हुआ प्रभावि
    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की गंभीर अनदेखी की ओर इशारा करता है। एक छोटी सी लापरवाही ने खुशियों से भरे सफर को दर्दनाक हादसे में बदल दिया।

  • एमपी में उज्जैन समेत 6 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम में लगातार दूसरे दिन 45 डिग्री पहुंचा

    एमपी में उज्जैन समेत 6 जिलों में लू का अलर्ट, रतलाम में लगातार दूसरे दिन 45 डिग्री पहुंचा

    भोपाल । मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर थमते ही गर्मी ने फिर से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश में अब हीट वेव यानी लू का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को उज्जैन, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, रतलाम और झाबुआ जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भीषण गर्मी बनी रह सकती है। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    कई शहरों में बढ़ेगा तापमान
    मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत प्रदेश के 49 जिलों में तेज गर्मी का असर रहेगा। कई शहरों में तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। उज्जैन संभाग के रतलाम, नीमच और मंदसौर सबसे ज्यादा गर्म रहने की संभावना जताई गई है।

    रतलाम लगातार सबसे गर्म
    सोमवार को रतलाम में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार दूसरे दिन यहां पारा 45 डिग्री के आसपास बना रहा। इंदौर में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है। बीते वर्ष 1 मई को यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री था। उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 40.8 डिग्री और ग्वालियर में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा शाजापुर में 44.2 डिग्री, धार में 44 डिग्री, खरगोन में 42.6 डिग्री, खंडवा में 42.5 डिग्री और गुना में 41.5 डिग्री तापमान रहा। रायसेन, सागर, नर्मदापुरम और श्योपुर में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।

    मई की शुरुआत में लगातार बारिश
    प्रदेश में 30 अप्रैल से 10 मई तक लगातार आंधी और बारिश का दौर चला था। इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी चक्रवाती सिस्टम और टर्फ का असर देखने को मिला। इसी वजह से मई के पहले सप्ताह में मौसम बदला हुआ रहा।

    मौसम विभाग की सलाह
    गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर की तेज धूप से बचने की अपील की गई है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

  • MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा

    MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी और कार्रवाई करने वाली टीम, दोनों एक ही विभाग के हैं. पुलिस विभाग (Police Department.) के भीतर ही चले इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ (‘Cleanup Operation’) में एक कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

    पूरा मामला एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे आपसी विवाद से शुरू हुआ था. आरोप है कि जब फरियादी किरायेदार मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचा, तो कोहेफिजा थाने में तैनात कांस्टेबल यशपाल तोमर ने उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।


    कमिश्नर तक पहुंची बात

    किरायेदार ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए. कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया: जैसे ही कांस्टेबल और एफआरवी ड्राइवर ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीपी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।


    कोहेफिजा थाना अब जांच के दायरे में

    इस घटना ने पूरे थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कमिश्नर के सख्त रुख के बाद अब कोहेफिजा थाने के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यह देखा जा रहा है कि क्या इस वसूली रैकेट में अन्य सीनियर या जूनियर अधिकारी भी शामिल थे।