Category: Madhya Pradesh

  • Datia by-election: दतिया विधानसभा उपचुनाव में शाम 5 बजे तक 69.36% मतदान

    Datia by-election: दतिया विधानसभा उपचुनाव में शाम 5 बजे तक 69.36% मतदान

    भोपाल/दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए गुरुवार को सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, शाम 5 बजे तक 69.36 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरे क्षेत्र में मतदान को लेकर उत्साह बना रहा। मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र के 291 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी गई।

    मतदान के दौरान कांग्रेस ने सिरोल और जिगना क्षेत्रों में फर्जी मतदान की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से चर्चा की। वहीं, पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव में हार की आशंका होने पर कांग्रेस इस तरह के आरोप लगाती है और यह उसकी हताशा को दर्शाता है।

    उधर, बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पहले मतदान का बहिष्कार किया और “सड़क नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए। बाद में एसडीएम अशोक अवस्थी की समझाइश के बाद करीब 50 ग्रामीणों ने मतदान किया।

    इसी बीच रामसागर गांव के एक मतदान केंद्र से पुलिस कांग्रेस के एक पोलिंग एजेंट को अपने साथ ले गई। उस पर मतदाताओं से बातचीत करने का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस नेताओं के थाने पहुंचने और विरोध दर्ज कराने के बाद पुलिस ने एजेंट को छोड़ दिया।

    इस उपचुनाव में 23 उम्मीदवार मैदान में हैं, हालांकि सीधा मुकाबला कांग्रेस के घनश्याम सिंह और भाजपा के आशुतोष तिवारी के बीच माना जा रहा है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 3 अगस्त को मतगणना होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक फर्जीवाड़ा मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट से दो वर्ष की सजा मिलने के बाद रिक्त हुई थी। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 80.2 प्रतिशत मतदान हुआ था। तब राजेंद्र भारती ने भाजपा के नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों से पराजित किया था। उन्हें 88,977 और नरोत्तम मिश्रा को 81,235 वोट मिले थे, जबकि NOTA को 1,452 मत प्राप्त हुए थे।

  • पश्चिम मध्य रेलवे का बड़ा फैसला तत्काल टिकट प्रणाली पूरी तरह बदली अब दस्तावेज सत्यापन के बाद ही बनेगा टोकन

    पश्चिम मध्य रेलवे का बड़ा फैसला तत्काल टिकट प्रणाली पूरी तरह बदली अब दस्तावेज सत्यापन के बाद ही बनेगा टोकन


    नई दिल्ली। रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत और टिकट दलालों पर सख्ती की दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एक अगस्त से भोपाल जबलपुर और कोटा मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों पर तत्काल टिकट बुकिंग की नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता देना आरक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और अनधिकृत एजेंटों तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। रेलवे का मानना है कि इस बदलाव से तत्काल टिकट पाने के लिए घंटों लाइन में लगने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और टिकटों की फर्जी बुकिंग पर भी अंकुश लगेगा।

    अब तक तत्काल टिकट के लिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर टोकन जारी किए जाते थे। कोई भी व्यक्ति लाइन में लगकर टोकन प्राप्त कर सकता था और यह स्पष्ट नहीं होता था कि वह टिकट अपने लिए बनवा रहा है या किसी अन्य व्यक्ति के लिए। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कई लोग बार बार लाइन में लगकर अलग अलग यात्रियों के लिए टिकट बुक कराने की कोशिश करते थे जिससे आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। रेलवे को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं जिनमें दलालों की सक्रियता और वास्तविक यात्रियों को टिकट न मिलने की बात सामने आ रही थी।

    नई व्यवस्था के तहत अब केवल लाइन में पहले पहुंचना ही पर्याप्त नहीं होगा। टोकन लेने वाले व्यक्ति को यह बताना होगा कि वह अपना टिकट बनवा रहा है अपने परिवार के किसी सदस्य का टिकट बनवा रहा है या किसी अन्य व्यक्ति का। इसके आधार पर यात्रियों को दो अलग अलग प्राथमिकता श्रेणियों में रखा जाएगा। प्राथमिकता ए में स्वयं और निकट परिवार के सदस्य शामिल होंगे जिनमें माता पिता पति पत्नी पुत्र पुत्री भाई बहन तथा दादा दादी आते हैं। इन सभी के टिकटों की बुकिंग पहले की जाएगी। इसके बाद प्राथमिकता बी के तहत अन्य व्यक्तियों के टिकट बनाए जाएंगे।

    नई प्रणाली में पहचान और संबंध साबित करने वाले दस्तावेज भी अनिवार्य कर दिए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने परिवार के सदस्य का टिकट बनवा रहा है तो उसे सरकारी दस्तावेज के माध्यम से संबंध का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। वहीं किसी अन्य व्यक्ति का टिकट बनवाने की स्थिति में संबंधित यात्री के पहचान पत्र की स्वयं सत्यापित प्रति और उसके हस्ताक्षर भी आवश्यक होंगे। रेलवे का कहना है कि इससे फर्जी बुकिंग और गलत जानकारी देकर टिकट लेने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

    टोकन वितरण की प्रक्रिया भी पहले से अधिक नियंत्रित रहेगी। एसी तत्काल टिकट के लिए सुबह साढ़े आठ बजे से नौ बजे तक प्रत्येक काउंटर पर अधिकतम दस टोकन जारी किए जाएंगे जबकि स्लीपर श्रेणी के लिए सुबह नौ बजे से साढ़े नौ बजे तक अधिकतम पंद्रह टोकन दिए जाएंगे। प्रत्येक टोकन पर संबंधित काउंटर का नंबर अंकित रहेगा और उसका पूरा रिकॉर्ड रजिस्टर में सुरक्षित रखा जाएगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी जांच की जा सके।

    रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था में टोकन किसी दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा। जिस व्यक्ति के नाम पर टोकन जारी होगा वही टिकट बुक करा सकेगा। साथ ही बार बार टोकन लेने वाले लोगों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना आसान होगा। इससे दलालों और बिचौलियों की भूमिका काफी हद तक सीमित होने की उम्मीद है।

    वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के अनुसार नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य वास्तविक यात्रियों और उनके परिवार को प्राथमिकता देना है ताकि टिकट वितरण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत आरक्षण केंद्रों से ही टिकट बनवाएं और किसी भी अनधिकृत एजेंट या बिचौलिए के झांसे में आने से बचें। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद तत्काल टिकट बुकिंग पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून का प्रचंड रूप भोपाल उज्जैन से लेकर हरदा और खरगोन तक झमाझम बारिश बैतूल में दर्दनाक हादसा

    मध्य प्रदेश में मानसून का प्रचंड रूप भोपाल उज्जैन से लेकर हरदा और खरगोन तक झमाझम बारिश बैतूल में दर्दनाक हादसा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और एक साथ तीन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कई जिलों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है। मानसून ट्रफ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन के एक साथ सक्रिय होने के कारण राजधानी भोपाल सहित उज्जैन रतलाम हरदा और खरगोन में रुक रुक कर तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    बारिश के बीच बैतूल जिले से दुखद खबर सामने आई है। बुधवार देर रात गंज थाना क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के दौरान रेलवे की बाउंड्री वॉल उसके पास बनी झोपड़ी पर गिर गई। हादसे के समय झोपड़ी में सो रहे 27 वर्षीय मजदूर राहुल उइके की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसका साथी शनि सिंह घायल हो गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से राहत कार्य किया गया तथा घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में छिंदवाड़ा जिले के हर्रई में लगभग छह इंच बारिश दर्ज की गई जो प्रदेश में सबसे अधिक रही। इसके अलावा पचमढ़ी में करीब पांच इंच और बैतूल के भैंसदेही क्षेत्र में चार इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। बैतूल जिले के अधिकांश इलाकों में तेज बारिश हुई जबकि छिंदवाड़ा के तामिया नरसिंहपुर के गाडरवारा देवास के खातेगांव और शिवपुरी के पोहरी में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई।

    प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी। भिंड जिले में सबसे तेज करीब पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। इसके अलावा नर्मदापुरम सीहोर इंदौर रायसेन दतिया बड़वानी बैतूल सिवनी जबलपुर उमरिया सागर पन्ना छिंदवाड़ा और सीधी में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं।

    राजधानी भोपाल में सुबह से मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। कभी तेज धूप तो कभी घने बादलों के साथ बारिश का सिलसिला चलता रहा। उज्जैन में भी सुबह से अच्छी बारिश हुई जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हरदा में कई सड़कें पानी से भर गईं जबकि खरगोन में रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। रतलाम में दोपहर के समय तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेश के सत्रह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। धार देवास बुरहानपुर हरदा और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं उज्जैन शाजापुर सीहोर बड़वानी खरगोन खंडवा रायसेन सागर बैतूल छिंदवाड़ा पांढुर्णा और सिवनी में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि तीनों मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने नदी नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने भी नागरिकों से बिजली गिरने और तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

  • दतिया उपचुनाव में दोपहर 3 बजे तक 61.99% मतदान, कांग्रेस-बीजेपी कर रही अपनी-अपनी जीत का दावा

    दतिया उपचुनाव में दोपहर 3 बजे तक 61.99% मतदान, कांग्रेस-बीजेपी कर रही अपनी-अपनी जीत का दावा

    दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को मतदान उत्साहपूर्ण माहौल में जारी है। 3 बजे तक 61.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। जिले के 291 मतदान केंद्रों पर कुल 2 लाख 20 हजार 400 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

    इस बीच कांग्रेस ने सिरोल क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई। पार्टी प्रत्याशी घनश्याम सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्वाचन अधिकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग की।

    वहीं, कांग्रेस के आरोपों पर पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने की आशंका के चलते बेबुनियाद आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी की हताशा और निराशा को दर्शाता है।

    ठाकुरपुरा के बूथ संख्या-275 पर कुल 841 मतदाता हैं। यहां दोपहर 3:30 बजे तक करीब 82 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पिछले विधानसभा चुनाव में इसी बूथ पर लगभग 98 प्रतिशत मतदान हुआ था।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने डबरा में दावा किया कि दतिया में प्रशासनिक दबाव और धनबल का इस्तेमाल किया गया, लेकिन इसके बावजूद जनता कांग्रेस के पक्ष में मतदान कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह बड़ी बढ़त के साथ चुनाव जीतेंगे और पार्टी को करीब 25 हजार वोटों से विजय मिलेगी।

    उधर, कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए पार्टी कार्यकर्ता शिवपुरी सीमा पर सक्रिय हैं और दतिया की जनता प्रदेश की “सरकारी अराजकता” का लोकतांत्रिक जवाब देने के लिए मतदान कर रही है।

    मतदान के दौरान मौसम ने भी करवट बदली। दतिया शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जिसके बाद तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई। मौसम की चुनौती के बावजूद मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया लगातार जारी रही।

  • दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु

    दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु


    दतिया । दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को लोकतंत्र का उत्साह पूरे जिले में देखने को मिला। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आईं। दोपहर तक जिले के 291 मतदान केंद्रों पर कुल 32.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और सभी केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    मतदान शुरू होने से पहले तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई। मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर वीवीपैट क्रमांक 108 पर बैलेटिंग यूनिट और क्रमांक 290 पर कंट्रोल यूनिट में समस्या आई थी। हालांकि मॉक पोल के दौरान सभी राजनीतिक दलों के एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में खराब उपकरणों को तुरंत बदल दिया गया। इसके बाद सभी केंद्रों पर तय समय पर मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि तकनीकी खराबियों का समय रहते समाधान कर लिया गया था और कहीं भी मतदान प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चल रहा है तथा प्रशासन लगातार हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

    इस बीच बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में ग्रामीणों ने मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार करते हुए सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की समझाइश के बाद लगभग 50 ग्रामीणों ने मतदान किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान के बाद अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है और भाजपा के अहंकार का जवाब वोट के जरिए देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बसई क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को प्रवेश नहीं दिया गया जिसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारियों से की गई है।

    वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले पीतांबरा पीठ पहुंचकर पूजा अर्चना की और दतिया के विकास युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र में शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरपूर समर्थन भाजपा के साथ है और पार्टी को बड़ी जीत मिलेगी।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख बीस हजार चार सौ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी उपचुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है।

  • शिवपुरी में नशामुक्ति की दौड़, एसपी ने पुलिसकर्मियों और युवाओं के साथ पूरी की 5 किमी मैराथन, विजेताओं को मिला सम्मान

    शिवपुरी में नशामुक्ति की दौड़, एसपी ने पुलिसकर्मियों और युवाओं के साथ पूरी की 5 किमी मैराथन, विजेताओं को मिला सम्मान


    शिवपुरी । शिवपुरी पुलिस द्वारा चलाए गए 15 दिवसीय “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का गुरुवार सुबह भव्य मिनी मैराथन के साथ समापन हुआ। पोलो ग्राउंड से शुरू हुई 5 किलोमीटर लंबी दौड़ में पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने स्वयं भाग लेकर पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों के साथ पूरी दूरी तय की। एसपी की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया और युवाओं के बीच फिटनेस तथा नशामुक्त जीवनशैली का प्रेरक संदेश दिया। हालांकि शहर के किसी भी थाना प्रभारी ने इस दौड़ में उनके साथ हिस्सा नहीं लिया।

    सुबह छह बजे शुरू हुई मैराथन पोलो ग्राउंड से तात्या टोपे स्मारक, गुरुद्वारा चौराहा, माधव चौक, कमलागंज, वीआईपी रोड, गांधी कॉलोनी, कस्टम गेट, अस्पताल चौराहा, रोटरी चौराहा, कलेक्ट्रेट रोड और एमएम चौराहा होते हुए महल के सामने से वापस पोलो ग्राउंड पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों का उत्साह देखने लायक था और शहरवासियों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।

    मैराथन में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों के सदस्यों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। “नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें” संदेश के साथ हस्ताक्षर अभियान भी आयोजित किया गया, जिसमें लोगों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

    शिवपुरी सराफा एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को ₹5,500, द्वितीय स्थान पर रहने वाले को ₹3,300 तथा तृतीय स्थान हासिल करने वाले को ₹2,200 का पुरस्कार दिया गया। विजेताओं को सम्मानित करते हुए आयोजकों ने खेल और फिटनेस को नशामुक्त समाज की मजबूत नींव बताया।

    शिवपुरी पुलिस ने इस अभियान की शुरुआत 15 जुलाई से की थी। अभियान के दौरान जिलेभर के स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण क्षेत्रों में रैलियां, जनजागरूकता कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, शपथ समारोह, नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

    समापन समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा, जनपद अध्यक्ष, विभिन्न विभागों के अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समाज में नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना समय की जरूरत है और ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि युवा वर्ग सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और नशामुक्त, स्वस्थ एवं जागरूक समाज का निर्माण हो।

  • सरकारी शिक्षक चला रहे निजी कोचिंग? छात्रों पर दबाव के आरोप, जांच के आदेश के साथ विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी

    सरकारी शिक्षक चला रहे निजी कोचिंग? छात्रों पर दबाव के आरोप, जांच के आदेश के साथ विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर निजी कोचिंग संचालित करने और छात्रों को कोचिंग लेने के लिए कथित रूप से दबाव बनाने के आरोपों ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। क्षत्रिय फ्रीडम फाइटर ह्यूमन राइट्स एसोसिएशन के नीरज वर्मा ने कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए 11 सरकारी शिक्षकों पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन करने और विद्यार्थियों के आर्थिक एवं मानसिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने पूरे जिले में सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

    शिकायत में कहा गया है कि शहर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और सीएम राइज स्कूलों में पदस्थ कुछ शिक्षक नियमित शिक्षण कार्य के साथ निजी कोचिंग सेंटर भी संचालित कर रहे हैं। शिकायत में एल.डी. शर्मा, प्रदीप झा, कल्पना धाकड़, केशव शर्मा, देवेंद्र धाकड़, मनीष शर्मा, कृष्णकांत राठौर, विपिन पचौरी, गोविंद धाकड़, दीप ओझा और ददीवाल सर के नाम शामिल किए गए हैं।

    शिकायतकर्ता नीरज वर्मा का आरोप है कि संबंधित शिक्षक विद्यालय में पूरा पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, जिससे छात्र निजी कोचिंग लेने के लिए मजबूर हो जाते हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जो छात्र कोचिंग में प्रवेश नहीं लेते या फीस जमा नहीं करते, उन्हें प्रैक्टिकल परीक्षा में कम अंक देने और वार्षिक परीक्षा में असफल करने की धमकी दी जाती है। वर्मा का कहना है कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव ने जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ), बीआरसीसी और संकुल प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत कोई भी शासकीय शिक्षक नियमों के विरुद्ध निजी ट्यूशन या अन्य व्यावसायिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता।

    डीईओ ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई शिक्षक निजी कोचिंग संचालित करते हुए या किसी प्रतिबंधित व्यावसायिक गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

    हालांकि फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • बदरवास बायपास पर बड़ा हादसा, मंडीदीप से हरियाणा जा रहा चावल से लदा ट्रक पलटा, चालक-हेल्पर सुरक्षित

    बदरवास बायपास पर बड़ा हादसा, मंडीदीप से हरियाणा जा रहा चावल से लदा ट्रक पलटा, चालक-हेल्पर सुरक्षित


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर बड़ा सड़क हादसा हो गया। मंडीदीप से हरियाणा जा रहा चावल से लदा एक ट्रक बदरवास बायपास पर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक और हेल्पर को मामूली चोटें आईं, जबकि ट्रक में भरा पूरा चावल सड़क पर फैल गया। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जल्द ही सामान्य करा दिया।

    जानकारी के अनुसार हादसा सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुआ। ट्रक मंडीदीप से चावल लेकर हरियाणा की ओर जा रहा था। बदरवास बायपास के पास अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण बिगड़ गया और ट्रक सड़क पर पलट गया। ट्रक पलटते ही उसमें भरा चावल सड़क पर बिखर गया, जिससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी।

    घटना की सूचना मिलते ही बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और सड़क पर बिखरे चावल को समेटने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया और माल को सुरक्षित रखने के साथ यातायात व्यवस्था संभाली।

    इसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए ट्रक को सड़क से हटाया गया। सड़क पर फैले चावल को भी साफ कराया गया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात दोबारा सुचारु रूप से शुरू हो सका। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और चालक तथा हेल्पर को केवल मामूली चोटें आईं।

    गौरतलब है कि इसी मार्ग पर दो दिन पहले भी लुकवासा चौकी क्षेत्र में डीजल से भरा एक टैंकर पलट गया था। उस दौरान भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया था।

    पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह वाहन का अनियंत्रित होना सामने आई है। हालांकि ट्रक पलटने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, राजधानी दो दिन रही थमी, सरकार ने मानी बड़ी मांगें, आंदोलन हुआ खत्म

    भोपाल में किसानों का शक्ति प्रदर्शन, राजधानी दो दिन रही थमी, सरकार ने मानी बड़ी मांगें, आंदोलन हुआ खत्म


    भोपाल । भोपाल में किसानों के आंदोलन ने दो दिनों तक राजधानी की रफ्तार लगभग थाम दी। मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी और खाद वितरण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर नर्मदापुरम हरदा सीहोर समेत कई जिलों से आए हजारों किसानों ने ऐसा दबाव बनाया कि आखिरकार सरकार को बातचीत की मेज पर आना पड़ा। किसान एक के बाद एक 22 बैरिकेड पार करते हुए मुख्यमंत्री निवास से महज एक किलोमीटर पहले तक पहुंच गए। उनके सामने केवल तीन बैरिकेड शेष थे। इसी दौरान सरकार ने वार्ता का रास्ता अपनाया और देर रात आंदोलन समाप्त हो गया।

    आंदोलन के चलते रोशनपुरा न्यू मार्केट और मुख्यमंत्री निवास के आसपास का पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। कई स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी जबकि प्रमुख मार्गों पर स्कूल बसों और गिट्टी से भरे डंपरों को बैरिकेड के रूप में खड़ा कर यातायात रोकने की कोशिश की गई। इसके बावजूद किसानों का काफिला लगातार आगे बढ़ता रहा और पुलिस की अधिकांश रणनीतियां नाकाम साबित हुईं।

    सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष के तहत किसानों से संवाद कर समस्याओं का समाधान निकालने की बात कही थी। लेकिन जब प्रदर्शनकारी रोशनपुरा तक पहुंच गए तब सरकार ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना विश्वास सारंग और कृष्णा गौर सहित चार मंत्रियों की समिति गठित कर किसान नेताओं से बातचीत शुरू कराई। मंत्रालय में करीब दो घंटे चली चर्चा के बाद सरकार ने कई अहम घोषणाएं कीं।

    सरकार ने मूंग खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का फैसला लिया। इसके साथ ही खाद वितरण की ई टोकन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त तक और खरीदी की अंतिम तिथि 20 अगस्त तक बढ़ा दी गई। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में खाद वितरण हाईब्रिड व्यवस्था के तहत किया जाएगा जिसमें आधार नंबर मोबाइल नंबर और वितरण का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज रहेगा।

    हालांकि किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है लेकिन उनकी मूल मांग अब भी पूरी नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि उनकी पूरी मूंग की फसल समर्थन मूल्य पर खरीदी जानी चाहिए और वे इस मांग से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आगे भी जरूरत पड़ी तो आंदोलन दोबारा किया जाएगा।

    इस आंदोलन के दौरान पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए। नर्मदापुरम हरदा इटारसी और भैरूंदा सहित कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश हुई। करीब 60 किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ना पड़ा। इसके बावजूद किसान बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचने में सफल रहे और सरकार को अंततः वार्ता के लिए मजबूर होना पड़ा।

    इधर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि केंद्र ने मध्य प्रदेश को देश में सबसे अधिक 4.54 लाख टन मूंग खरीदी की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि पहले स्वीकृत कोटे की पूरी खरीदी की जाए उसके बाद अतिरिक्त कोटे पर विचार किया जाएगा।

    करीब दो दिन तक चले इस आंदोलन के बाद देर रात किसानों ने धरना समाप्त कर दिया और वापस लौटना शुरू किया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन खत्म होने के बाद गुरुवार से स्कूल और सामान्य यातायात पूर्ववत संचालित होंगे।

  • अवैध बैनर पोस्टरों पर कार्रवाई अधूरी, कलेक्टोरेट के सामने ही नियमों की उड़ रही धज्जियां, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल

    अवैध बैनर पोस्टरों पर कार्रवाई अधूरी, कलेक्टोरेट के सामने ही नियमों की उड़ रही धज्जियां, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल


    इंदौर । हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इंदौर शहर में अवैध राजनीतिक धार्मिक और सामाजिक बैनर पोस्टरों पर कार्रवाई अधूरी नजर आ रही है। आदेश के तीसरे दिन भी शहर के प्रमुख मार्गों और सरकारी कार्यालयों के बाहर बड़ी संख्या में अवैध होर्डिंग्स और पोस्टर लगे दिखाई दिए। सबसे ज्यादा चर्चा कलेक्टोरेट परिसर के बाहर बने विशाल प्रवेश द्वार की हो रही है जो जिम्मेदार अधिकारियों की नजरों से अब तक ओझल बना हुआ है।

    कलेक्टोरेट के सामने बना यह बड़ा प्रवेश द्वार ऐसे स्थान पर स्थित है जहां से रोजाना कलेक्टर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गुजरते हैं। इसके बावजूद अब तक इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यालयों के सामने ही नियमों का पालन नहीं होगा तो शहरभर में अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    नगर निगम की ओर से दावा किया गया है कि शहरभर से अब तक करीब एक हजार अवैध बैनर पोस्टर हटाए जा चुके हैं और अभियान लगातार जारी है। बुधवार को भी कई इलाकों में कार्रवाई कर अवैध पोस्टर और बैनर हटाए गए। हालांकि शहर के कई प्रमुख मार्गों पर अब भी बड़ी संख्या में राजनीतिक धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से जुड़े पोस्टर और होर्डिंग्स लगे हुए दिखाई दिए।

    एबी रोड और एमजी रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर भी यूनीपोल मिनी पोल और लॉलीपॉप पोल पर बड़ी संख्या में बैनर पोस्टर लगे मिले। इनमें राजनीतिक कार्यक्रमों धार्मिक आयोजनों और सामाजिक गतिविधियों के प्रचार संबंधी सामग्री शामिल थी। बताया जा रहा है कि इनमें से कई होर्डिंग्स के लिए नगर निगम में निर्धारित शुल्क भी जमा नहीं कराया गया है।

    इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब शहरभर में अवैध होर्डिंग्स हटाने का अभियान चलाया जा रहा है तो सरकारी कार्यालयों के बाहर लगे बैनर पोस्टरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। कलेक्टोरेट जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र के बाहर अवैध प्रवेश द्वार और पोस्टरों का बने रहना अभियान की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।

    शहर के विभिन्न इलाकों में भी हालात लगभग एक जैसे हैं। कई स्थानों पर धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के बैनर अब भी सार्वजनिक स्थलों पर लगे हुए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि हाईकोर्ट के आदेश का पूरी गंभीरता से पालन कराया जाए तो अभियान की शुरुआत सबसे पहले सरकारी परिसरों और प्रमुख प्रशासनिक भवनों के बाहर से होनी चाहिए।

    अब लोगों की नजरें नगर निगम और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी सरकारी परिसरों के बाहर लगे अवैध होर्डिंग्स और प्रवेश द्वारों पर भी समान रूप से कार्रवाई करते हैं या फिर अभियान केवल चुनिंदा स्थानों तक ही सीमित रह जाता है।