Category: Madhya Pradesh

  • फेसबुक से शुरू हुआ प्यार, बना खौफनाक मर्डर केस: एक महिला और तीन मर्दों की सनसनीखेज कहानी

    फेसबुक से शुरू हुआ प्यार, बना खौफनाक मर्डर केस: एक महिला और तीन मर्दों की सनसनीखेज कहानी


     नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश: सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती और रिश्तों का उलझा जाल नरसिंहपुर में एक खौफनाक हत्या तक पहुंच गया। फेसबुक के जरिए बने प्रेम संबंधों, पुराने रिश्तों की जलन और बढ़ती नजदीकियों ने मिलकर ऐसी साजिश रची, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया।

    मामला रीना किरार नाम की महिला से जुड़ा है, जो अपने पति से अलग रह रही थी। इसी दौरान उसकी फेसबुक पर राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी वीरू जाट से दोस्ती हुई। बातचीत धीरे-धीरे बढ़ी और वीरू का उसके घर आना-जाना भी शुरू हो गया। लेकिन इसी बीच कहानी में एक और मोड़ तब आया, जब रीना के पुराने प्रेमी अरुण पटेल को इस नए रिश्ते की जानकारी लगी।

    अरुण पटेल और रीना के बीच पहले से प्रेम संबंध थे और अरुण ही उसके घर का खर्च भी उठा रहा था। लेकिन रीना की बढ़ती नजदीकियां वीरू जाट से उसे नागवार गुजरीं। गुस्से और जलन में उसने रीना के साथ मिलकर एक खतरनाक साजिश रच डाली।

    योजना के तहत वीरू जाट को नरसिंहपुर के साईंखेड़ा इलाके में स्थित घर पर बुलाया गया। वहां पहले से तैयार प्लान के मुताबिक उस पर बेसबॉल बैट से बेरहमी से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र में टेडिया पुल के नीचे फेंक दिया गया, ताकि पहचान और शक दोनों से बचा जा सके।

    हालांकि पुलिस की त्वरित जांच में यह पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रीना किरार, उसके प्रेमी अरुण पटेल और उनके एक सहयोगी हरणाम किरार को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या प्रेम संबंधों में पैदा हुई रंजिश और ईर्ष्या का नतीजा थी। रीना ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि पुराने और नए रिश्तों के बीच टकराव ने इस वारदात को जन्म दिया।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला और उसके सहयोगियों ने हत्या को हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सबूतों और पूछताछ के आधार पर पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया।

    यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर बनने वाले रिश्तों और उनमें छिपे खतरों को उजागर करता है, जहां एक क्लिक ने जिंदगी और मौत के बीच की रेखा को धुंधला कर दिया।

  • सऊदी से नरसिंहपुर पहुंचे युवक की बिगड़ी मानसिक हालत, पुलिस ने मिलवाया परिवार से

    सऊदी से नरसिंहपुर पहुंचे युवक की बिगड़ी मानसिक हालत, पुलिस ने मिलवाया परिवार से


    नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश: मानवीय संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल नरसिंहपुर जिले से सामने आई है, जहां सऊदी अरब से भटककर भारत पहुंचे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को पुलिस ने न सिर्फ सुरक्षित पाया, बल्कि उसे उसके परिवार से भी मिलवाया। यह पूरी घटना नरसिंहपुर पुलिस की तत्परता और इंसानियत की मिसाल बन गई है।

    मामला 44 वर्षीय उनसाद मियां का है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं। वे सऊदी अरब में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, लेकिन कुछ समय पहले उनकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर उन्हें 24 अप्रैल 2026 को रियाद एयरपोर्ट से भारत वापस भेज दिया गया।

    भारत आने के बाद वे मुंबई एयरपोर्ट पर उतरे, लेकिन मानसिक अस्वस्थता के कारण अपने घर नहीं पहुंच सके। वह भटकते हुए भुसावल होते हुए मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले तक आ पहुंचे और कई दिनों तक शहर में इधर-उधर घूमते रहे।

    इसी दौरान 5 मई 2026 को नरसिंहपुर कोतवाली में तैनात आरक्षक पंकज राजपूत की नजर उन पर पड़ी। उनकी स्थिति देखकर आरक्षक ने मानवता दिखाते हुए उनसे बातचीत शुरू की। शुरुआती बातचीत में वे ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहे थे, लेकिन धैर्यपूर्वक संवाद के बाद उन्होंने अपनी पहचान उजागर की।

    उनसाद के पास सिर्फ पासपोर्ट था, जबकि उनका मोबाइल फोन खो चुका था। आरक्षक पंकज राजपूत ने उन्हें भोजन कराया, कपड़े उपलब्ध कराए और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। बातचीत के दौरान उनसाद ने अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर बताया, जिसे उन्होंने याद रखा था।

    आरक्षक ने उस नंबर पर संपर्क कर परिवार को पूरी जानकारी दी। लंबे समय से लापता अपने परिजन की सूचना मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। 9 मई को उनके बड़े भाई जैश मोहम्मद और दो भतीजे नरसिंहपुर पहुंचे।

    परिवार के लोग जब उनसे मिले तो माहौल भावुक हो गया। अपनों को सामने देखकर उनसाद भी भावुक हो उठे। परिजनों ने नरसिंहपुर पुलिस और आरक्षक पंकज राजपूत का आभार व्यक्त किया।

    बाद में पुलिस की मौजूदगी में उन्हें सुरक्षित ट्रेन के माध्यम से उनके घर रवाना किया गया। स्टेशन पर विदाई का दृश्य बेहद भावुक था, जहां पुलिस और परिजनों दोनों की आंखें नम हो गईं।

    यह घटना न सिर्फ पुलिस की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

  • बुजुर्ग की मौत के बाद हाईवे पर बवाल, परिजनों ने पुलिस पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

    बुजुर्ग की मौत के बाद हाईवे पर बवाल, परिजनों ने पुलिस पर लगाए प्रताड़ना के आरोप


    हरदा, मध्यप्रदेश: हरदा जिले में पुलिस पर प्रताड़ना के गंभीर आरोपों के बीच एक 80 वर्षीय बुजुर्ग अजबसिंह कोरकू की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। बुजुर्ग की इंदौर में इलाज के दौरान मौत होने के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए पहले थाने में और फिर हाइवे पर प्रदर्शन किया, जिससे कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

    पूरा मामला ग्राम रेलवा का है, जहां रहने वाले अजबसिंह कोरकू ने 1 मई को कथित रूप से कीटनाशक पी लिया था। परिजनों का आरोप है कि हंडिया थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल कंचनसिंह राजपूत ने उनसे 25 हजार रुपये लेने के बावजूद लगातार प्रताड़ित किया, जिससे परेशान होकर बुजुर्ग ने यह आत्मघाती कदम उठाया।

    जहर पीने के बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 4 मई को छुट्टी दे दी गई। घर लौटने के बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। हालत बिगड़ने पर उन्हें इंदौर रेफर किया गया, जहां शनिवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    पोस्टमार्टम के बाद रविवार को परिजन शव लेकर सीधे हंडिया थाने पहुंचे और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला गरमा गया और करीब तीन घंटे तक थाना परिसर में धरना चलता रहा। प्रदर्शन में स्थानीय विधायक डॉ. आरके दोगने, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई और एससी-एसटी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

    विधायक डॉ. आरके दोगने ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसपी और कलेक्टर पीड़ित परिवार से बात करने को तैयार नहीं हैं, जो बेहद संवेदनहीनता को दर्शाता है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो सोमवार को एसपी और कलेक्टर के बंगले के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया जाएगा।

    स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी थाने से निकलकर हाइवे पर बैठ गए। इससे सड़क पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। मौके पर एएसपी अमित मिश्रा ने लोगों को समझाने की कोशिश की और जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

    लगातार बढ़ते दबाव और प्रदर्शन के बाद देर रात प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हेड कॉन्स्टेबल कंचनसिंह राजपूत को लाइन अटैच कर दिया। हालांकि इसके बावजूद परिजनों की नाराजगी पूरी तरह शांत नहीं हुई है और मामले की जांच की मांग जारी है।

    यह पूरा घटनाक्रम जिले में पुलिस कार्यप्रणाली और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी तैयारी, कुत्तों का वैक्सीनेशन कर टाला खतरा

    पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की बड़ी तैयारी, कुत्तों का वैक्सीनेशन कर टाला खतरा


    सिवनी, मध्यप्रदेश: सिवनी जिले के प्रसिद्ध पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों, खासकर बाघों को एक गंभीर खतरे से बचाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। बफर जोन के 120 गांवों में पाए गए करीब 1560 आवारा श्वानों का वैक्सीनेशन किया जाएगा, ताकि खतरनाक कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) को फैलने से रोका जा सके।

    वन विभाग ने यह कदम तब उठाया है जब पड़ोसी कान्हा टाइगर रिजर्व में इसी वायरस के कारण पांच बाघों की मौत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पेंच प्रबंधन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है, क्योंकि दोनों टाइगर रिजर्व के बीच वन्यजीव कॉरिडोर होने के कारण बाघों की आवाजाही लगातार बनी रहती है।

    पार्क प्रबंधन ने वन रक्षकों की मदद से बफर क्षेत्र के गांवों में सर्वे कराया, जिसमें सिवनी जिले के 80 और छिंदवाड़ा जिले के 40 गांव शामिल हैं। सर्वे में कुल 1560 आवारा कुत्तों की पहचान की गई है, जिन्हें अब चरणबद्ध तरीके से टीका लगाया जाएगा। हालांकि, अभी यह तय नहीं हो पाया है कि वैक्सीनेशन का काम कौन करेगा, लेकिन इसके लिए एनजीओ, पशु चिकित्सा विभाग और वाइल्डलाइफ हेल्थ संस्थानों से सहयोग लेने की योजना बनाई जा रही है।

    कैनाइन डिस्टेंपर वायरस एक अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से कुत्तों और अन्य मांसाहारी वन्यजीवों को प्रभावित करती है। यह बीमारी बाघ, तेंदुआ, लोमड़ी, भेड़िया और लकड़बग्घा जैसे जानवरों तक भी फैल सकती है। संक्रमित आवारा कुत्ते जंगल के आसपास घूमते हुए इस वायरस को वन्यजीवों तक पहुंचा देते हैं, जिससे बड़ी वन्यजीव क्षति का खतरा बढ़ जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी के लक्षणों में सांस लेने में कठिनाई, लगातार खांसी, उल्टी-दस्त, कमजोरी, शरीर कांपना और चलने में लड़खड़ाहट शामिल हैं। गंभीर स्थिति में यह जानलेवा साबित हो सकती है।

    वन विभाग के सामने इस अभियान में बजट की चुनौती भी है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वैक्सीनेशन कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत गोयल ने बताया कि योजना तैयार है और जल्द ही जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा।

    यह पहल न केवल बाघों की सुरक्षा के लिए अहम है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • शहडोल में सनसनी: तेंदूपत्ता गिनती से लौट रहे किसान की जंगल मार्ग में हत्या, बाइक पर मिला शव

    शहडोल में सनसनी: तेंदूपत्ता गिनती से लौट रहे किसान की जंगल मार्ग में हत्या, बाइक पर मिला शव


    शहडोल, मध्यप्रदेश: शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक किसान की बेरहमी से हत्या कर दी गई। देवराव गांव निवासी तुलसी दास कुशवाहा का शव सोमवार सुबह गांव के पास जंगल मार्ग में उनकी बाइक पर खून से लथपथ हालत में मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

    मृतक रविवार शाम तेंदूपत्ता की गिनती के लिए घर से निकला था। बताया जा रहा है कि वह गांव में चल रहे तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में शामिल होने गया था। परिजनों के अनुसार, तुलसी दास देर रात तक घर नहीं लौटे, जिसके बाद परिवार में चिंता बढ़ गई। सुबह जब उनकी कोई जानकारी नहीं मिली तो तलाश शुरू की गई।

    इसी दौरान गांव के कुछ लोग जंगल मार्ग से गुजर रहे थे, जहां उन्होंने सड़क किनारे खड़ी बाइक पर एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर वह तुलसी दास कुशवाहा निकले। शव के आसपास बड़ी मात्रा में खून फैला हुआ था, जिससे स्पष्ट हो रहा था कि हत्या बेहद निर्मम तरीके से की गई है।

    सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मृतक पर किसी धारदार हथियार से कई बार हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना को लेकर परिजनों ने पुरानी रंजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि किसी विवाद के चलते तुलसी दास की हत्या की गई हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और सभी संभावित एंगल से जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस टीम आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास से सबूत जुटाए जा रहे हैं। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी तलाश तेज कर दी गई है।

    अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या के तरीके और कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

  • रेल यात्रा के दौरान दर्दनाक घटना, शाजापुर में अलग-अलग हादसों में यात्री घायल

    रेल यात्रा के दौरान दर्दनाक घटना, शाजापुर में अलग-अलग हादसों में यात्री घायल


    नई दिल्ली। शाजापुर जिले में सोमवार सुबह हापा एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहे दो यात्रियों के साथ अलग-अलग समय पर दर्दनाक हादसे हो गए। दोनों ही घटनाओं में यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इन घटनाओं ने ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पहली घटना सारंगपुर रेलवे स्टेशन की है, जो जिला मुख्यालय शाजापुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित है। जानकारी के अनुसार, हापा एक्सप्रेस जब स्टेशन पर पहुंची तो एक यात्री ट्रेन के गेट के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से उसका पैर प्लेटफॉर्म से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि यात्री के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं और वह दर्द से कराह उठा। आसपास मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ की मदद से घायल को तुरंत नीचे उतारा गया और प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।

    दूसरी घटना आक्या चौहान रेलवे स्टेशन पर हुई। बताया जा रहा है कि ट्रेन जैसे ही थोड़ी देर के लिए रुकी, एक यात्री पानी भरने के लिए नीचे उतरा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह प्लेटफॉर्म के पास गिरकर घायल हो गया। गिरने से यात्री को चोटें आईं और वह उठने में असमर्थ हो गया। मौके पर मौजूद यात्रियों ने तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दी, जिसके बाद उसे भी अस्पताल पहुंचाया गया।

    दोनों घायलों की पहचान उत्तर प्रदेश के रहने वाले यात्रियों के रूप में हुई है। एक की पहचान बलिया निवासी मुक्तिनाथ यादव और दूसरे की गाजीपुर निवासी सुमित कुमार के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, दोनों यात्री अहमदाबाद में मजदूरी और निजी कंपनी में काम करने के उद्देश्य से यात्रा कर रहे थे।

    घटनाएं सुबह लगभग 9 से 10 बजे के बीच हुईं। दोनों मामलों में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की लापरवाही को भी कारण माना जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों यात्रियों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है।

    स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यात्रियों से अपील की जा रही है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और चलती ट्रेन के दरवाजों के पास न बैठें।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर रेलवे सफर के दौरान सुरक्षा जागरूकता की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। यात्रियों की छोटी सी लापरवाही कभी-कभी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

  • कूनो नेशनल पार्क में चीतों की नई शुरुआत, CM मोहन यादव ने दो चीतों को खुले जंगल में छोड़ा

    कूनो नेशनल पार्क में चीतों की नई शुरुआत, CM मोहन यादव ने दो चीतों को खुले जंगल में छोड़ा

    श्योपुर। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में सोमवार को उस समय महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो मादा चीतों को खुले जंगल में रिलीज किया। ये दोनों चीते अफ्रीकी देश बोत्सवाना से हाल ही में भारत लाए गए थे। मुख्यमंत्री रविवार शाम कूनो पहुंचे थे और वहीं रात्रि विश्राम के बाद सोमवार सुबह कूनो नदी किनारे स्थित रिलीज साइट पर पहुंचे। जैसे ही चीतों को जंगल में छोड़ा गया, वे तेजी से प्राकृतिक वातावरण की ओर दौड़ पड़े, जिसे देखकर वन विभाग के अधिकारी और उपस्थित अमला उत्साहित नजर आया।

    चीता प्रोजेक्ट और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया

    भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत लगभग साढ़े तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर की गई थी। इसके तहत अफ्रीकी देशों से चीतों को लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाया जा रहा है। हाल ही में बोत्सवाना से कुल 9 चीते भारत लाए गए थे, जिनमें 5 मादा और 4 नर शामिल हैं। सभी चीतों को पहले क्वारंटीन और फिर सॉफ्ट बाड़ों में रखा गया था। एक महीने की निगरानी के बाद इनमें से दो चीतों को पहली बार खुले जंगल में छोड़ा गया है, जबकि बाकी चीतों को चरणबद्ध तरीके से रिलीज किया जाएगा।

    प्रदेश में चीता स्टेट की पहचान और भविष्य की योजना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब चीता स्टेट के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और यह परियोजना लगातार सफल हो रही है। वर्तमान में कूनो और गांधी सागर क्षेत्र में कुल 57 चीते मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश कूनो नेशनल पार्क में हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण में धीरे-धीरे प्राकृतिक जीवन के लिए तैयार किया जा रहा है। इस अवसर पर कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और वन विभाग के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देश में जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।

  • खम्हरिया में लाल पोटली से मिला बच्चे का नरकंकाल, तंत्र-मंत्र की आशंका से दहशत में ग्रामीण

    खम्हरिया में लाल पोटली से मिला बच्चे का नरकंकाल, तंत्र-मंत्र की आशंका से दहशत में ग्रामीण


    नई दिल्ली।  सीधी जिले के भुईमाड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत खम्हरिया गांव में उस समय दहशत फैल गई जब ग्रामीणों ने गांव के बाहर बांस के पेड़ पर एक लाल कपड़े की संदिग्ध पोटली देखी। पहले तो लोगों को शक हुआ, लेकिन जब पोटली खोली गई तो उसके अंदर एक छोटे बच्चे का नरकंकाल मिला। यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

    तंत्र-मंत्र और कब्र से शव निकालने की आशंका
    ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोगों का मानना है कि यह तंत्र-मंत्र या जादू-टोने से जुड़ा मामला हो सकता है। स्थानीय निवासी सत्य प्रकाश बैगा के अनुसार, आशंका है कि यह नरकंकाल उसी बच्चे का हो सकता है जिसे कुछ समय पहले गांव में दफनाया गया था। जब ग्रामीणों ने दफन स्थल पर जाकर जांच की तो वहां खुदाई के निशान और गड्ढा मिला, जिससे यह संदेह और गहरा गया कि किसी ने कब्र से शव निकालकर इस तरह रखा हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी, सभी एंगल से पड़ताल
    घटना की जानकारी मिलते ही भुईमाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को प्रारंभिक जांच में दफन स्थल पर खुदाई के संकेत मिले हैं। वहीं एक स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि यह पोटली उसके घर में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रखी गई थी, जिसे बाद में बांस के पेड़ पर रखा गया। थाना प्रभारी डी.डी. सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सच्चाई का पता लगाया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल गांव में दहशत और रहस्य का माहौल बना हुआ है।

  • टीकमगढ़ में रेत खनन पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पोकलेन मशीन जब्त, आरोपी फरार

    टीकमगढ़ में रेत खनन पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पोकलेन मशीन जब्त, आरोपी फरार


    नई दिल्ली। टीकमगढ़ के लिधौरा थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए पोकलेन मशीन जब्त की। टीम के पहुंचते ही खनन माफिया फरार हो गए, जबकि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

    टीकमगढ़ जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लिधौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत उपरारा में ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शिकायत में बताया गया था कि रात के अंधेरे में नदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही तहसीलदार निशांत चौरसिया के नेतृत्व में टीम और पुलिस मौके पर पहुंची।

    कार्रवाई के दौरान माफिया फरार, मशीन जब्त
    जैसे ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, अवैध खनन में लगे लोग मौके से भाग निकले। हालांकि मौके से एक पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही नदी किनारे बड़ी मात्रा में रेत के ढेर भी पाए गए, जिन्हें प्रशासन ने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और खनन माफिया के नेटवर्क पर सवाल उठने लगे हैं।

    अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश
    जिले में रेत खनन का ठेका एक निजी कंपनी को दिए जाने के बावजूद अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि स्वीकृत खदानों के बजाय बिना अनुमति वाली नदियों और नालों से रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत खदानों से ही खनन की अनुमति है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन पर बड़ी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

  • महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का दिव्य नजारा, पंचामृत अभिषेक से सजा बाबा महाकाल का स्वरूप

    महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का दिव्य नजारा, पंचामृत अभिषेक से सजा बाबा महाकाल का स्वरूप

    उज्जैन उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के होने वाली भस्म आरती के दौरान भक्तों को बाबा महाकाल के अलौकिक स्वरूप के दर्शन प्राप्त हुए। सुबह चार बजे जैसे ही मंदिर के पट खोले गए, पंडे-पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में विराजित सभी देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर तथा फलों के रस से बने पंचामृत से उनका अभिषेक संपन्न हुआ। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और हरिओम के जयघोष से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।

    भव्य श्रृंगार और भस्म अर्पण की परंपरा

    अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। पहले ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंका गया और फिर पवित्र भस्म अर्पित की गई। इसके पश्चात भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पमालाओं से अलंकृत किया गया। भांग, चंदन और त्रिपुंड से किया गया यह श्रृंगार बाबा महाकाल को राजाधिराज स्वरूप प्रदान करता है। इसके बाद कपूर आरती और फल-मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिभाव से भर गया।

    श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक मान्यता

    भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पारंपरिक रूप से भस्म अर्पित की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद बाबा महाकाल भक्तों को निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं, जिससे यह आरती अत्यंत पवित्र और अद्वितीय मानी जाती है। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर जय महाकाल के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने दिव्य अनुभूति का अनुभव किया।