Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में बड़ा घोटाला: 71 लाख की मशीन बनी 4.32 करोड़ का बोझ, EOW की सर्जिकल स्ट्राइक जारी

    शिवपुरी में बड़ा घोटाला: 71 लाख की मशीन बनी 4.32 करोड़ का बोझ, EOW की सर्जिकल स्ट्राइक जारी


    नई दिल्ली। शिवपुरी नगर पालिका में वर्ष 2015 के दौरान की गई स्वच्छता मशीनों की खरीद अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। उस समय लगभग 71.69 लाख रुपये की मशीनें खरीदी गई थीं लेकिन नियमों को दरकिनार कर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। आरोप है कि ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया को अनदेखा करते हुए एक ही दिन में सभी कार्यादेश जारी कर दिए गए और भुगतान भी तत्काल कर दिया गया। इस पूरे मामले में एक निजी फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाने की बात सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि जिन आठ मशीनों का भुगतान किया गया उनमें से चार मशीनें नगर पालिका को कभी प्राप्त ही नहीं हुईं।

    दूसरा भाग करोड़ों की रिकवरी और कानूनी पेच
    मामला आगे बढ़ते हुए एमएसएमई काउंसिल तक पहुंचा जहां मूल राशि पर भारी ब्याज जोड़ते हुए कुल 4.32 करोड़ रुपये की रिकवरी तय की गई है। यह राशि मूल खरीद से कई गुना अधिक हो चुकी है जिससे नगर पालिका पर बड़ा वित्तीय बोझ खड़ा हो गया है। दूसरी ओर संबंधित कंपनी ने हाई कोर्ट में नगर पालिका के खिलाफ अवमानना याचिकाएं दायर कर दी हैं जिससे मामला और उलझ गया है। आगामी 11 मई 2026 को इस प्रकरण की महत्वपूर्ण सुनवाई तय की गई है। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि यह पूरा मामला फर्जी दस्तावेजों और गलत आदेशों के आधार पर किया गया भुगतान है जिससे संस्था को भारी नुकसान हुआ है।

    तीसरा भाग ईओडब्ल्यू की जांच और संभावित एफआईआर
    इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ग्वालियर ने जांच शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू ने नगर पालिका से संबंधित सभी दस्तावेज तलब कर लिए हैं और अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग और स्टोर शाखा से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। एजेंसी जल्द ही एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। वर्तमान प्रशासन का मानना है कि यह एक सुनियोजित वित्तीय अनियमितता का मामला है जिसमें जनता के धन का दुरुपयोग हुआ है। अब यह पूरा मामला न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि कानूनी रूप से भी बड़ा रूप ले चुका है और आने वाले समय में कई और खुलासे संभव हैं।

    तीसरा भाग ईओडब्ल्यू की जांच और संभावित एफआईआर

    इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ग्वालियर ने जांच शुरू कर दी है। ईओडब्ल्यू ने नगर पालिका से संबंधित सभी दस्तावेज तलब कर लिए हैं और अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग और स्टोर शाखा से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। एजेंसी जल्द ही एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। वर्तमान प्रशासन का मानना है कि यह एक सुनियोजित वित्तीय अनियमितता का मामला है जिसमें जनता के धन का दुरुपयोग हुआ है। अब यह पूरा मामला न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि कानूनी रूप से भी बड़ा रूप ले चुका है और आने वाले समय में कई और खुलासे संभव हैं।
  • गुना में अडाणी समूह की सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास, सिंधिया बोले- युवाओं को रोजगार के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर

    गुना में अडाणी समूह की सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास, सिंधिया बोले- युवाओं को रोजगार के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर


    भोपाल।
    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे युवाओं को अन्य प्रांतों में रोजगार तलाशने नहीं जाना पड़ेगा। बहनों को भी लखपति दीदी बनाकर समृद्धि का लाभ दिलवाया जा रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया रविवार को मध्य प्रदेश के गुना जिले में अडाणी समूह की अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव परिश्रम और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। गुना के विकास के लिए नई दीप माला प्रज्ज्वलित हो रही है।

    सिंधिया ने कहा कि गुना क्षेत्र में सीमेंट इकाई की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम है। यह कार्य बहुप्रतिक्षित था। उन्होंने लगभग सौ वर्ष पूर्व सिंधिया परिवार द्वारा इस क्षेत्र में किए गए औद्योगीकरण के प्रयासों का उल्लेख भी किया।

    उन्होंने कहा कि कोटा-बीना लाइन के दोहरीकरण, तात्या टोपे विश्वविद्यालय प्रारंभ करने की पहल, जल प्रदाय योजना और सिंचाई योजनाओं के क्रियान्वयन, गुना से देवास राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा बनाने के लिए 5 हजार करोड़ के व्यय, गुना के लिए 15 किलोमीटर लंबाई के बायपास जैसे कार्य आमजन को सुविधा प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में गुना -चाचौड़ा- राघोगढ़ क्षेत्र के किसान पंजाब की तरह पहचान बना रहे हैं।

    इससे पहले केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में अंम्बुजा सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने औद्योगिक विकास, अधोसंरचनात्मक सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया।

    प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर, युवाओं के लिए रोजगार प्राथमिकता: मोहन यादव
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी तरह के उद्योगों की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश सरकार युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देते हुए किसानों, महिलाओं और गरीबों के साथ सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रिय है। पर्यटन और पशुपालन के क्षेत्र में प्रदेश महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त करेगा। गुना क्षेत्र में सीमेंट निर्माण इकाई से डेढ़ हजार लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। अडाणी समूह की ओर से 32 हैक्टेयर भूमि पर इस इकाई की स्थापना के फलस्वरूप 4 मिलीयन टन सीमेंट उत्पादन होगा।

    उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से गुना जिले में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा आमजन को बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। प्रदेश का ग्वालियर और चंबल अंचल कभी डकैतों की गोलियों से गूंजता था, अब यहां विकास का परचम लहरा रहा है। अब यहां दस्युओं के स्थान पर प्रगति पहचान का माध्यम बनी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। सरकार जनहित के लिए निरंतर कार्य कर रही है। गुना अंचल के लिए आज होली और दीपावली के त्यौहारों की तरह उल्लास का वातावरण है। इस क्षेत्र में सिंचाई, पानी, बिजली के साथ सभी नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जो आगे भी जारी रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की महत्वपूर्ण घोषणाएं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय इस क्षेत्र के विकास के लिए सिंधिया परिवार द्वारा पहल की गई थी। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकास को गति दे रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री सिंधिया द्वारा दिए गए सुझावों को मानते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें गुनिया नदी के पुनर्जीवन के लिए 80 करोड़ 22 लाख राशि का प्रस्ताव भारत सरकार की जल शक्ति योजना में भेजने, लक्ष्मण कोपरा से राम नगर टकोदिया तक पहुंच को आसान बनाने के लिए पार्वती नदी पर 42 करोड़ रुपये की लागत से ब्रिज निर्माण और गुना शहर के भुजारिया तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा शामिल है।

    मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र हो रहा सशक्त : प्रणव अदाणी

    उद्योगपति प्रणव अदाणी ने कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से विकास को नई रफ्तार मिली है। अधोसंरचना, लॉजिस्टिक, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाओं से मध्य प्रदेश में उद्योग क्षेत्र की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है। पीएम गति शक्ति मिशन से औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण सशक्त हो रहा है। गत वर्ष भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एक लाख हजार करोड़ से अधिक निवेश का संकल्प व्यक्त किया था, जिसे साकार करने के लिए सीमेंट इकाई की आधारशिला रखी जा रही है। प्रथम चरण में एक हजार 60 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जो आगामी चरणों में तीन गुना से अधिक होगा। श्री अदाणी ने मध्य प्रदेश में कटनी, कैमोर सहित अन्य क्षेत्रों में सीमेंट और अन्य इकाइयों की स्थापना की पहल की गई। समूह द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रोजेक्ट अमल में लाए जाएंगे।

    कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिले के विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    रोड शो में हुआ भव्य स्वागत

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम से पहले शहर में रोड शो किया। उनके गुना आगमन पर रोड-शो के दौरान नागरिकों ने पुष्पहारों से उनका भव्य स्वागत किया। जिनमें स्थानीय नागरिक, युवा, व्यापारी वर्ग, महिला समाज, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।

  • एमपी में आज 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ेगी गर्मी

    एमपी में आज 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। प्रदेश में दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने की वजह से सोमवार को कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिलेगा। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई इलाकों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है।

    कई जिलों में बदला मौसम
    रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के करीब 18 जिलों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी पड़ने की संभावना जताई है।

    रतलाम सबसे गर्म
    रविवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मई महीने में पहली बार यहां पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा है। इसके अलावा शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 42.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 40.4 डिग्री, इंदौर में 41.9 डिग्री, ग्वालियर में 38.4 डिग्री और जबलपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    12 मई से लू का असर
    मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में गर्म हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम में बदलाव बना हुआ है। 10 मई तक कई जिलों में बारिश और आंधी का दौर जारी रहा। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस तो कभी टर्फ और चक्रवाती सिस्टम के कारण मई के पहले सप्ताह में बारिश होती रही।

    लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
    गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर की तेज धूप से बचने की अपील की गई है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है।

  • प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में हुआ है खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में हुआ है खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की गौरवशाली पहचान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खादी को “नए भारत की नई खादी” के रूप में नई पहचान मिली है, जिससे पूरे देश में खादी पुनर्जागरण का सूत्रपात हुआ है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को एक बयान में कहा कि आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश, युवाओं का सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से खादी और ग्रामोद्योग राज्य की प्रगति का सशक्त स्तंभ बन रहे हैं। बुनकर मुद्रा योजना के तहत पिछले तीन वर्षों 2023-24 से 2025-26 में कुल 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित किया गया है। वर्ष 2023-24 में 44 बुनकरों को 21.40 लाख, 2024-25 में 147 बुनकरों को 231.80 लाख और 2025-26 में 3 बुनकरों को 15.30 लाख रुपये का ऋण दिया गया।

    उन्होंने कहा कि गांधीजी के ‘ग्राम स्वराज’ और ‘गाँव की ओर जाओ’ संदेश को साकार करते हुए बोर्ड ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, परंपरागत कारीगरी को आधुनिक नवाचार से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाने का कार्य कर रहा है।

    प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “आत्मनिर्भर भारत, भारत में बनाओ, स्वदेशी के लिए मुखर, स्टार्टअप इंडिया” जैसे अभियानों और “सबका साथ, सबका विकास” मंत्र ने खादी एवं ग्रामोद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई है। “स्थानीय से वैश्विक” का दृष्टिकोण कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है।

    राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 50 हजार से 5 लाख तक की ऋण सुविधा व्यक्तिगत बुनकर, उद्यमी, स्व-सहायता समूह, हथकरघा संगठन और सहकारी समितियों को दी जा रही है। बुनकरों की सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में तीन वर्षों में 616 बुनकर और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 840 बुनकर बीमित किए गए। प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना में 436 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का जीवन बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में मात्र 20 रुपये वार्षिक शुल्क पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा मिल रहा है।

    राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि म.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सूती, ऊनी, रेशमी एवं पॉलीवस्त्र खादी के साथ मसाले, साबुन, जड़ी-बूटी उत्पाद एवं हस्तनिर्मित वस्तुओं को बढ़ावा दे रहा है। विपणन के लिए “विन्ध्या वैली” और “कबीरा” जैसे नाम स्थापित किए गए हैं जो गुणवत्ता और परंपरा के प्रतीक हैं। “अपना हाथ – अपना साथ” के मार्गदर्शन में महिला स्व-सहायता समूहों, कारीगरों और उद्यमियों को तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग दिया जा रहा है।

    प्रबंध संचालक माल सिंह भयड़िया ने बताया कि महात्मा गांधी जी के “गाँव की ओर चलो” आह्वान से प्रेरित होकर मंडल ने ग्रामोद्योग को आर्थिक एवं सामाजिक परिवर्तन का सशक्त साधन बनाया है। सुव्यवस्थित योजनाओं से ग्रामीण कारीगरों के उत्पादों को उचित बाजार मिल रहा है। बोर्ड की नई अंतरजाल साइट कारीगरों, उद्यमियों एवं समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रदर्शनियाँ प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित कर रही हैं।

    तीन वर्षों की प्रगति एक नजर में

    – बुनकर मुद्रा योजना: 194 बुनकरों को 268.50 लाख रुपये का ऋण वितरित
    – प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना: 616 बुनकर बीमित
    – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: 840 बुनकर बीमित

  • चीता माताओं के संघर्ष कहानी…. विदेशी धरती से आकर कूनो में बढाया वंश…. मदर्स डे पर शॉर्ट फिल्म रिलीज

    चीता माताओं के संघर्ष कहानी…. विदेशी धरती से आकर कूनो में बढाया वंश…. मदर्स डे पर शॉर्ट फिल्म रिलीज


    श्योपुर।
    मदर्स-डे (Mother’s Day) के मौके पर कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन (Kuno National Park Management) ने चीता माताओं (Cheetah Mothers) के संघर्ष और मातृत्व को समर्पित एक शॉर्ट फिल्म जारी की, जो भारतीय जंगलों में चीतों की नई पीढ़ी को बसाने में उनकी भूमिका को दर्शाती है. इसमें बताया गया कि प्रोजेक्ट चीता के तहत पिछले साढ़े तीन सालों में भारत में चीतों का कुनबा बढ़कर अब 57 हो गया है. इस प्रोजेक्ट की सफलता में मादा चीतों का योगदान सबसे अहम रहा है।

    नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से आईं 6 मादा चीतों में से 5 ने शावकों को जन्म दिया है. भारत में जन्मी 2 मादा चीतों ने भी सफलतापूर्वक प्रजनन कर शावकों को जन्म दिया है. पिछले साढ़े तीन वर्षों में कुल 49 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 37 पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं।

    कूनो पार्क की इन माताओं ने न सिर्फ खुद को भारत के माहौल में ढाला, बल्कि अपने शावकों को भी शिकार और सुरक्षा के उपाय सिखाए. वर्तमान में चीते कूनो और उसके आसपास के करीब 5 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।


    फिल्म में चीता मदर्स और उनके शावकों के संघर्ष की दिखी झलक.

    अलग-अलग देशों से लाए गए चीतों के कारण आनुवंशिक विविधता मजबूत हुई है, जिससे इनब्रीडिंग का खतरा टल गया है. दूसरी पीढ़ी (एफ-2 जेनरेशन) के शावकों का आना इस बात का सबूत है कि भारत में चीतों की आबादी अब धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बन रही है।

    कूनो प्रबंधन अब नए क्षेत्रों में भी चीतों को बसाने की तैयारी कर रहा है,जहां दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और भारत में जन्मे चीतों का एक मिला-जुला समूह रखा जाएगा. इस विशेष मौके पर कूनो के फील्ड स्टाफ, डॉक्टरों और वन अधिकारियों की मेहनत को भी सराहा गया, जिनकी दिन-रात की निगरानी की वजह से यह अभियान आज इस मुकाम पर पहुंचा है।

    प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि कूनो पार्क में चीता प्रोजेक्ट सफलता के नए आयाम गढ़ रहा है. विदेशी धरती से चीते लाकर बसाए गए जिन्होंने यहां नई पीढ़ी को जन्म देकर चीता प्रोजेक्ट को सफल बनाया है. 10 मई को मदर्स-डे है, लिहाजा हमने मां के रूप में मादा चीताओं और उनके शावकों की ममत्वमयी तस्वीर पेश करने का प्रयास किया है।

  • कोहेफिजा में दर्दनाक घटना: पहले छात्रा ने दी जान, फिर मकान मालिक की मौत से इलाके में हड़कंप

    कोहेफिजा में दर्दनाक घटना: पहले छात्रा ने दी जान, फिर मकान मालिक की मौत से इलाके में हड़कंप


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का पॉश इलाका कोहेफिजा इस समय दोहरी आत्महत्या की घटनाओं से स्तब्ध है। तीन महीने पहले गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) की एक होनहार छात्रा की मौत से उपजा विवाद थमा भी नहीं था कि अब उसी मकान के मालिक ने मौत को गले लगा लिया है। शनिवार देर रात हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन और जांच प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मृतक की पहचान विजय राठौर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विजय उसी मकान के मालिक थे, जहाँ एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी किराए पर रहती थी। फरवरी माह में रोशनी का शव उसके बाथरूम में मिला था, जिसके बाद से ही विजय और उनका परिवार लगातार जांच के दायरे में और मानसिक तनाव में था।

    आरोपों के घेरे में जांच और छात्रा के परिजन
    विजय राठौर की आत्महत्या के बाद उनकी पत्नी करुणा राठौर ने व्यवस्था और छात्रा के परिजनों पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। करुणा का कहना है कि उनके पति अपराधी नहीं थे, लेकिन छात्रा की मौत के बाद से उन्हें एक अपराधी की तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि रोशनी के परिजन लगातार घर आकर उन्हें धमकाते थे और झूठे केस में फंसाने का दबाव बना रहे थे।

    पत्नी का यह भी दर्द छलका कि पुलिस की कार्यप्रणाली ने विजय को मानसिक रूप से तोड़ दिया था। करुणा के अनुसार, पुलिस बार-बार बयान दर्ज करने के नाम पर विजय को थाने बुलाती थी और वहां घंटों बिना किसी ठोस वजह के बैठाकर रखा जाता था। सामाजिक लोक-लाज और लगातार पूछताछ के डर ने विजय को गहरे अवसाद (Depression) में धकेल दिया, जिसका परिणाम शनिवार की रात इस आत्मघाती कदम के रूप में सामने आया।

    क्या था रोशनी सुसाइड केस?
    मामले की जड़ें फरवरी 2026 की उस घटना में हैं, जब 19 वर्षीय छात्रा रोशनी ने अपने कमरे में खुदकुशी कर ली थी। उस वक्त मेडिकल कॉलेज के छात्रों और रोशनी के परिवार ने इसे हत्या करार देते हुए कोहेफिजा थाने का घेराव किया था। हालांकि, बाद में पुलिस को रोशनी के मोबाइल से एक ‘डिजिटल सुसाइड नोट’ मिला था, जिसमें उसने नीट और एमबीबीएस की पढ़ाई के अत्यधिक तनाव का जिक्र किया था। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन भी किया था, लेकिन अब तक कोई आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं हुई थी।

    पुलिसिया कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
    मकान मालिक की आत्महत्या के बाद कोहेफिजा पुलिस एक बार फिर रक्षात्मक मुद्रा में है। थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि विजय राठौर की मौत के मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल उनकी बेटी के बेंगलुरु से आने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या वाकई विजय पर किसी तरह का बाहरी दबाव था या उन्होंने किसी अन्य निजी कारण से यह कदम उठाया।

    यह घटनाक्रम न केवल एक परिवार की तबाही की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किसी मामले की लंबी खिंचती जांच और सामाजिक दबाव किस तरह एक निर्दोष व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर घातक प्रहार कर सकते हैं। अब देखना यह होगा कि एसआईटी इन दोनों मौतों के अंतर्संबंधों की गुत्थी कैसे सुलझाती है।

  • आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप

    आतंकी मॉड्यूल का खुलासा: MP के युवकों पर ISI के लिए काम करने का आरोप


    नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मध्यप्रदेश के तीन युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि ये युवक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे और दिल्ली के ऐतिहासिक मंदिर, हाईवे के एक प्रसिद्ध ढाबे तथा हरियाणा के सैन्य कैंप को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीकमगढ़ निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर के डबरा निवासी राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में हुई है। तीनों को दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया है।

     मोबाइल से मिले संदिग्ध ई-मेल और पाकिस्तान कनेक्श
    स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध ई-मेल, ऑडियो और वीडियो कॉल रिकॉर्ड मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों को आतंकी गतिविधियों से जोड़ने के बदले क्या आर्थिक या अन्य लाभ दिए गए थे।

     ऐतिहासिक मंदिर की रेकी कर भेजी तस्वीरे
    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी। मंदिर परिसर और वहां तैनात पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गई थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि मॉड्यूल का मकसद मंदिर परिसर में हमला कर दहशत फैलाना था।

    हाईवे के ढाबे पर ग्रेनेड हमले की साजि
    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे को भी निशाना बनाया गया था। आरोपियों को वहां ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इस साजिश को बेहद गंभीर मान रही हैं।

     सैन्य कैंप की भी की गई रेक
    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के हिसार स्थित सैन्य कैंप और उसके आसपास के इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी। इन वीडियो को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स तक पहुंचाया गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस थाने भी मॉड्यूल के निशाने पर बताए जा रहे हैं।

    ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ में हुआ खुलासा
    यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा चलाए जा रहे “गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0” के तहत की गई। इससे पहले भी इस ऑपरेशन में कई राज्यों से संदिग्ध ऑपरेटिव्स गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जांच एजेंसियां मॉड्यूल के नेटवर्क, फंडिंग और सीमा पार संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं।

    सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच जार
    दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सुरक्षा सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन जुड़े हुए हैं।

  • गर्भवती महिलाओं की जांच में लापरवाही: दो सीबीएमओ को नोटिस, 15 दिन का अल्टीमेटम

    गर्भवती महिलाओं की जांच में लापरवाही: दो सीबीएमओ को नोटिस, 15 दिन का अल्टीमेटम


    नई दिल्ली । राजगढ़ जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और स्वास्थ्य केंद्रों की खराब स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत दो सीबीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि कई कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, नरसिंहगढ़ ब्लॉक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में खराब प्रदर्शन पर सीबीएमओ डॉ. राजेंद्र अहिरवार को नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा खिलचीपुर और राजगढ़ ब्लॉक के सीबीएमओ को बैठक में अनुपस्थित रहने पर कारण बताओ नोटिस दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के वेतन काटने की कार्रवाई की जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर गर्भवती महिलाओं का पंजीयन समय पर नहीं हो रहा है और उनकी नियमित जांच में लापरवाही बरती जा रही है। इस पर प्रशासन ने सख्त नाराजगी जताते हुए प्रत्येक ब्लॉक से सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पांच सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और एएनएम को भी नोटिस जारी किए हैं।

    इसके अलावा ओपीडी सेवाओं और स्वास्थ्य शिविरों में तय लक्ष्य के अनुसार एक्स-रे जांच नहीं होने पर भी संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई गई है। प्रशासन ने इसे गंभीर सेवा लापरवाही मानते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं।

    पोषण पुनर्वास केंद्रों की स्थिति भी समीक्षा में संतोषजनक नहीं पाई गई। यहां बच्चों की कम संख्या और समय से पहले डिस्चार्ज किए जाने के मामलों पर भी कार्रवाई की गई है। इस पर जिले के सभी छह फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. इच्छित गढ़पाले ने स्पष्ट कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 15 दिनों में जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिखता है तो और भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • रायसेन में बड़ा हादसा: बाइक सवार को बचाने में टैंकर पुलिया पर लटका

    रायसेन में बड़ा हादसा: बाइक सवार को बचाने में टैंकर पुलिया पर लटका


    नई दिल्ली। सलामतपुर क्षेत्र में भोपाल-विदिशा नेशनल हाईवे 146 पर शुक्रवार रात एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। आमखेड़ा और काछी कानाखेड़ा गांव के बीच एक ऑयल टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया की रेलिंग पर अटक गया और आधा वाहन हवा में लटक गया। यह घटना उस समय हुई जब टैंकर चालक ने सामने से आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में अचानक वाहन मोड़ दिया।

    जानकारी के अनुसार, टैंकर (एमपी04 एचई 7333) विदिशा की ओर जा रहा था, तभी अचानक सामने से बाइक सवार आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से स्टेयरिंग घुमा दिया, जिससे टैंकर नियंत्रण खो बैठा और पुलिया की रेलिंग पर जाकर फंस गया। गनीमत रही कि टैंकर पूरी तरह नीचे नहीं गिरा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

    इस टक्कर में बाइक को भी नुकसान पहुंचा, जिसका अगला पहिया टूट गया। हालांकि बाइक सवार को गंभीर चोट नहीं आई और वह सुरक्षित बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग घबरा गए।

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद क्रेन की मदद से टैंकर को सुरक्षित रूप से हटाया गया और हाईवे पर यातायात को फिर से बहाल किया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टैंकर पूरी तरह पुलिया से नीचे गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि नीचे काफी गहराई है और वाहन में भारी मात्रा में तेल भी भरा हुआ था।

  • सरकारी कार्रवाई: वन भूमि पर कब्जे के आरोप में पंचायत सचिव की नौकरी गई

    सरकारी कार्रवाई: वन भूमि पर कब्जे के आरोप में पंचायत सचिव की नौकरी गई


    नई दिल्ली । विदिशा वन मंडल में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। ग्राम पंचायत बीजूखेड़ी, जनपद पंचायत लटेरी के पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई वन भूमि पर कब्जे के गंभीर आरोपों और जांच में दोष सिद्ध होने के बाद की गई है।
    मामले की शुरुआत उस समय हुई जब वन परिक्षेत्र उत्तर लटेरी की देहरीपामा बीट के कक्ष क्रमांक पी-410 में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत सामने आई। इस पर वन विभाग ने 21 जुलाई 2024 को वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर पर ही इस अतिक्रमण का आरोप था।
    वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 ‘अ’ के तहत संबंधित सचिव को दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन आरोपी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। इससे मामला और गंभीर हो गया।
    जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद वनमंडलाधिकारी विदिशा ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद भूमि से कब्जा नहीं हटाया गया। आदेश की अवहेलना के बाद विभाग ने जिला पंचायत को कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा।
    इसके बाद जिला पंचायत ने कार्रवाई करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर 8 मई 2026 को पंचायत सचिव किशन सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया।
    वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हों।
    इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सरकारी भूमि संरक्षण को लेकर एक सख्त संदेश दिया गया है।