Category: Madhya Pradesh

  • शिवपुरी में साइबर सेल की बड़ी सफलता, 30 लाख के 120 गुम और चोरी मोबाइल बरामद

    शिवपुरी में साइबर सेल की बड़ी सफलता, 30 लाख के 120 गुम और चोरी मोबाइल बरामद


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुम और चोरी हुए 120 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपए आंकी गई है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा।

    पुलिस के अनुसार, साइबर सेल टीम को प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार तकनीकी जांच और ट्रैकिंग की जा रही थी। आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्विलांस की मदद से इन मोबाइलों को मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे विभिन्न राज्यों से ट्रेस किया गया।

    मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और राहत की भावना व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों में एक लाख रुपए कीमत का एप्पल आईफोन भी शामिल है, जिसे शिकायत मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर ट्रेस कर लिया गया और उसके मालिक को सौंप दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइलों की रिकवरी के लिए काम कर रही है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी टीम ने करीब 700 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस लौटाए थे।

    इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह जाट सहित टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि तकनीकी निगरानी और डेटा एनालिसिस के जरिए आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • सतना में वन्यजीव शिकार का खुलासा, डॉग स्क्वॉड की निशानदेही पर घर से खून लगे हथियार बरामद

    सतना में वन्यजीव शिकार का खुलासा, डॉग स्क्वॉड की निशानदेही पर घर से खून लगे हथियार बरामद


    सतना । सतना जिले के सगमनिया क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव शिकार से जुड़े एक संदिग्ध मामले का बड़ा खुलासा किया है। बीट खम्हरिया के अंतर्गत ग्राम पंचायत नैना सगमनिया में पानी की टंकी के पास किसी वन्य प्राणी के शिकार की सूचना मिलने के बाद वन अमला सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर खून के नमूने मिलने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई। इसके बाद वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की मदद ली। प्रशिक्षित डॉग “स्पार्टन” को मौके पर सर्चिंग के लिए लगाया गया, जिसने जांच के दौरान पास में स्थित रामाधार बंसल के घर की ओर स्पष्ट संकेत दिया।

    घर पर ताला लगा होने के कारण अधिकारियों को आशंका हुई कि अंदर वन्यजीव शिकार से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। इस पर वन परिक्षेत्राधिकारी शुभम दुबे की अनुशंसा पर उप वन मंडल अधिकारी बहादुर सिंह द्वारा सर्च वारंट जारी किया गया। वारंट मिलने के बाद टीम ने घर की तलाशी ली।

    तलाशी के दौरान घर के भीतर से खून से सने हथियार, एक तराजू और वन्य प्राणी के बाल बरामद किए गए। वन विभाग ने सभी सामान को जब्त कर लिया है और मामले की जांच तेज कर दी है।

    वन विभाग ने इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शिकार किस वन्य प्राणी का किया गया था। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित रख लिया गया है।

    बरामद किए गए बाल और खून के नमूनों को डीएनए जांच के लिए जबलपुर स्थित फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस वन्यजीव का शिकार किया गया था और मामले में किन लोगों की संलिप्तता है।

    वन विभाग ने कहा है कि जांच के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

  • सतना में स्कॉर्पियो सवारों का हंगामा, पत्थरबाजी के बाद चलाई गोली; 7 पर FIR, एक हिरासत में

    सतना में स्कॉर्पियो सवारों का हंगामा, पत्थरबाजी के बाद चलाई गोली; 7 पर FIR, एक हिरासत में


    सतना । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला-बाइपास के पास मंगलवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मजदूरों के एक समूह पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले पत्थरबाजी हुई और फिर पिस्टल से फायरिंग तक की नौबत आ गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, ईंट-भट्टे के पास बैठे मजदूरों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब स्कॉर्पियो (एमपी 19 सीबी 1665) वहां आकर रुकी। वाहन से एक युवक नीचे उतरा और कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर अनुचित हरकत करने लगा। इस पर मजदूरों में शामिल एक महिला गुड़िया प्रजापति ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद शुरू हो गया।

    आरोप है कि आपत्ति जताने पर युवक ने गाली-गलौज करते हुए महिला पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार अन्य 5-6 युवक भी मौके पर उतर आए और मजदूरों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति और बिगड़ गई।

    इसी दौरान आरोपियों में शामिल प्रभु सिंह परिहार ने विनोद प्रजापति को जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, विनोद प्रजापति समय रहते झुक गए, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी और एक बड़ा हादसा टल गया।

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को बढ़ता देख आरोपी अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने भाग रहे आरोपियों में से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    सूचना मिलने पर कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने भेज दिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
    सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत टिकुरिया टोला-बाइपास के पास मंगलवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब स्कॉर्पियो सवार युवकों ने मजदूरों के एक समूह पर हमला कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पहले पत्थरबाजी हुई और फिर पिस्टल से फायरिंग तक की नौबत आ गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    जानकारी के अनुसार, ईंट-भट्टे के पास बैठे मजदूरों के बीच उस समय तनाव पैदा हो गया जब स्कॉर्पियो (एमपी 19 सीबी 1665) वहां आकर रुकी। वाहन से एक युवक नीचे उतरा और कथित रूप से सार्वजनिक स्थान पर अनुचित हरकत करने लगा। इस पर मजदूरों में शामिल एक महिला गुड़िया प्रजापति ने आपत्ति जताई, जिससे विवाद शुरू हो गया।

    आरोप है कि आपत्ति जताने पर युवक ने गाली-गलौज करते हुए महिला पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार अन्य 5-6 युवक भी मौके पर उतर आए और मजदूरों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में स्थिति और बिगड़ गई।

    इसी दौरान आरोपियों में शामिल प्रभु सिंह परिहार ने विनोद प्रजापति को जान से मारने की धमकी देते हुए पिस्टल से फायर कर दिया। हालांकि, विनोद प्रजापति समय रहते झुक गए, जिससे गोली उन्हें नहीं लगी और एक बड़ा हादसा टल गया।

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को बढ़ता देख आरोपी अपनी स्कॉर्पियो छोड़कर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने भाग रहे आरोपियों में से एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    सूचना मिलने पर कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्कॉर्पियो को क्रेन की मदद से जब्त कर थाने भेज दिया है। साथ ही घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

    पुलिस ने इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

  • धमकी देकर नाबालिग से दुष्कर्म, रीवा में आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    धमकी देकर नाबालिग से दुष्कर्म, रीवा में आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया


    मध्यप्रदेश । रीवा शहर के अमहिया थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक लंबे समय तक जान से मारने की धमकी देकर पीड़िता का शोषण करता रहा। लगातार डर और दबाव में रहने के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 1 जून को अमहिया थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि क्षेत्र निवासी सरताज अंसारी उसे लगातार धमकाता था और इसी डर का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए पूरे मामले की जांच पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के तहत की जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, पीड़िता लंबे समय से आरोपी की धमकियों के कारण चुप रही। बाद में परिवार को जानकारी मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

  • रीवा के सिलपरा डैम में सेना का जवान डूबा, SDERF का सर्च ऑपरेशन जारी

    रीवा के सिलपरा डैम में सेना का जवान डूबा, SDERF का सर्च ऑपरेशन जारी


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र स्थित सिलपरा डैम में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां भारतीय सेना का एक जवान डूब गया। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है और SDRF की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

    जानकारी के अनुसार, 28 वर्षीय जवान गौरव द्विवेदी अपने भाई और बहन के साथ डैम घूमने के लिए पहुंचे थे। बघवार गांव निवासी गौरव सुबह करीब 6 बजे सिलपरा डैम पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान जब वह पानी के किनारे आगे बढ़े, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे अचानक गहरे पानी में चले गए। इसके बाद वे लापता हो गए, जिससे मौके पर मौजूद परिजनों में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से डैम में लगातार सर्चिंग की जा रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक जवान का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

    बताया जा रहा है कि गौरव द्विवेदी भारतीय सेना में पदस्थ हैं और कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर अपने घर आए थे। परिवार के साथ समय बिताने के दौरान यह हादसा हो गया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

    SDRF टीम के प्रभारी विकास पांडेय ने बताया कि सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है और जब तक जवान को ढूंढ नहीं लिया जाता, तब तक रेस्क्यू अभियान बंद नहीं किया जाएगा। टीम हर संभव तरीके से डैम में तलाश कर रही है।

    फिलहाल पूरे इलाके में माहौल गमगीन है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के दृष्टिकोण से डैम क्षेत्र में लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।

  • हरित परिवहन की ओर कदम, 500 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार काफिले में शामिल

    हरित परिवहन की ओर कदम, 500 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार काफिले में शामिल


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब मुख्यमंत्री अपने आधिकारिक दौरे और आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री के काफिले में पहली बार एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया गया है।

    मुख्यमंत्री के लिए खरीदी गई नई इलेक्ट्रिक कार Mahindra XEV 9e बुधवार से आधिकारिक तौर पर उनके काफिले का हिस्सा बन जाएगी। मुख्यमंत्री आज शाम भोपाल से दिल्ली रवाना होते समय मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर तक इसी इलेक्ट्रिक वाहन से यात्रा करेंगे। इस पहल को हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।

    इस नई कार को विशेष वीआईपी नंबर MP 02 VB 2047 आवंटित किया गया है। यहां ‘VB’ का अर्थ ‘विकसित भारत’ है, जबकि ‘2047’ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर संकेत करता है। इस नंबर के माध्यम से सरकार ने विकसित भारत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया है।

    मुख्यमंत्री इससे पहले भी ईंधन की खपत कम करने के लिए अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा चुके हैं। जहां पहले उनके काफिले में 13 वाहन शामिल रहते थे, वहीं बाद में इसे घटाकर 7 वाहन कर दिया गया। उनकी इस पहल के बाद कई मंत्रियों और अधिकारियों ने भी कम वाहनों के उपयोग और कार पूलिंग को अपनाया।

    नई इलेक्ट्रिक कार आधुनिक तकनीक और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस है। इसमें 79kWh क्षमता का बैटरी पैक दिया गया है, जो एक बार चार्ज होने पर 500 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम बताया गया है। वाहन में 286 हॉर्सपावर की इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो बेहतरीन प्रदर्शन और तेज रफ्तार प्रदान करती है। कंपनी के अनुसार यह कार महज 7.45 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है।

    इंटीरियर की बात करें तो वाहन में 16-स्पीकर प्रीमियम ऑडियो सिस्टम, ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले, पैनोरमिक ग्लास रूफ, वायरलेस चार्जिंग और मल्टीकलर एम्बिएंट लाइटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा ‘पेट मोड’ और ‘कैंपिंग मोड’ जैसे विशेष फीचर भी दिए गए हैं।

    सुरक्षा के लिहाज से कार में 360 डिग्री कैमरा, सर्विलांस मोड, मल्टीपल एयरबैग्स, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) और अन्य आधुनिक सुरक्षा तकनीकें मौजूद हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा वाहन की जांच पूरी कर ली गई है और ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

    मुख्यमंत्री के काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन की एंट्री को सरकारी स्तर पर ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई शुरुआत माना जा रहा है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी जाएगा।

  • साइबर ठगों का नया जाल, कार्ड एक्टिवेशन के नाम पर धोखाधड़ी

    साइबर ठगों का नया जाल, कार्ड एक्टिवेशन के नाम पर धोखाधड़ी


    ग्वालियर । ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एक युवती को निशाना बनाते हुए उसके क्रेडिट कार्ड से करीब 1.48 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर पहले क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने का झांसा दिया और बाद में राशि वापस दिलाने के नाम पर ओटीपी हासिल कर खाते से रकम निकाल ली। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय अक्षिता बांगड़ के पास एक निजी बैंक का क्रेडिट कार्ड था, जो उन्हें फरवरी 2026 में प्राप्त हुआ था। हालांकि उन्होंने उस कार्ड को सक्रिय नहीं कराया था। 6 अप्रैल को उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को बैंक का प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट कराने की प्रक्रिया समझाने लगा।

    कॉल करने वाले व्यक्ति ने अक्षिता को एक मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए कहा। युवती ने उसकी बातों पर भरोसा कर निर्देशों का पालन किया। इसके कुछ समय बाद उनके क्रेडिट कार्ड से करीब 99 हजार 861 रुपए का ट्रांजेक्शन हो गया। पीड़िता को इस लेनदेन की जानकारी तत्काल नहीं मिल सकी, जिससे उन्हें धोखाधड़ी का पता नहीं चला।

    करीब एक महीने बाद 4 मई को अक्षिता को फिर एक अन्य नंबर से कॉल आया। इस बार कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मददगार बताते हुए पिछले ट्रांजेक्शन की जानकारी दी और कहा कि यदि वह चाहें तो निकाली गई राशि वापस दिलाई जा सकती है। बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे ओटीपी साझा करने को कहा।

    पीड़िता ने जब ओटीपी बताया तो ठगों ने कुछ ही मिनटों में उनके क्रेडिट कार्ड से दो और ट्रांजेक्शन कर दिए। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 1 लाख 48 हजार रुपए की राशि निकाल ली गई। इसके बाद जब युवती को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत के आधार पर मामला कोतवाली थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, कार्ड विवरण, सीवीवी नंबर या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक या वित्तीय संस्थान कभी भी फोन पर ग्राहकों से ओटीपी नहीं मांगते। थोड़ी सी सावधानी साइबर ठगी जैसी घटनाओं से बचा सकती है।

  • 7 महीने तक किराए के कमरे में रखने का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

    7 महीने तक किराए के कमरे में रखने का आरोप, आरोपी की तलाश जारी



    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से रिश्तों और भरोसे को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की के साथ लगातार दुष्कर्म किए जाने का मामला उजागर हुआ है। आरोपी ने न केवल नाबालिग को शादी का झूंठा दिलासा दिया, बल्कि समाज की नजरों से बचने के लिए उसे सात महीने तक एक किराए के कमरे में अपनी पत्नी बताकर रखा। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी अचानक उसे बेसहारा छोड़कर गायब हो गया और अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।

    घटनाक्रम की शुरुआत करीब दो साल पहले हुई थी। पीड़ित 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने हजीरा थाने में अपनी आपबीती सुनाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता के मुताबिक, उसका भाई डीजे (DJ) संचालन का काम करता है। इसी काम के सिलसिले में हजीरा थाना क्षेत्र के यादव धर्मकांटा का रहने वाला राहुल राठौर नाम का युवक उसके भाई के साथ काम करता था। भाई के साथ दोस्ती होने के कारण राहुल का पीड़िता के घर पर अक्सर आना-जाना होने लगा। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे गहरी पहचान और फिर दोस्ती में बदल गई। समय बीतने के साथ ही यह दोस्ती प्रेम संबंधों में तब्दील हो गई, जिसका फायदा उठाने की साजिश आरोपी ने पहले ही रच ली थी।

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल राठौर ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाकर शादी करने का पक्का वादा किया। इसके बाद वह उसे बहला-फुसलाकर धर्मकांटा इलाके के पास एक किराए के मकान में ले गया। बीते 2 अक्टूबर 2025 से वह नाबालिग को उसी कमरे में रखकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। शातिर आरोपी ने मकान मालिक को शक न हो, इसलिए नाबालिग का परिचय अपनी ‘पत्नी’ के रूप में कराया था। इस दौरान जब भी नाबालिग उस पर सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने का दबाव बनाती या शारीरिक संबंध बनाने का विरोध करती, तो आरोपी राहुल जल्द ही शादी का मंडप सजाने की बात कहकर उसे चुप करा देता था। इसी बीच आरोपी ने डीजे का काम छोड़कर टमटम (ई-रिक्शा) चलाना भी शुरू कर दिया था ताकि वह गुजारा कर सके।

    विश्वासघात की पराकाष्ठा तब हुई जब बीते दिनों आरोपी राहुल अचानक नाबालिग को कमरे पर ही छोड़कर लापता हो गया। पीड़िता ने जब उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपी का मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा। खुद को ठगा और अकेला पाकर पीड़िता न्याय की गुहार लेकर पुलिस स्टेशन पहुंची। महाराजपुरा थाना पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता के नाबालिग होने के कारण तुरंत ऐक्शन लिया। पुलिस ने आरोपी राहुल राठौर के खिलाफ बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

  • कार की टक्कर से युवक की मौत, बेहट रोड पर छात्र भी हादसे का शिकार

    कार की टक्कर से युवक की मौत, बेहट रोड पर छात्र भी हादसे का शिकार


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के उटीला थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम कुछ घंटों के भीतर हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने इलाके में सनसनी फैला दी। एक हादसे में शोक सभा में शामिल होने जा रहे युवक की तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत हो गई, जबकि दूसरे हादसे में कोचिंग के लिए जा रहे एक छात्र को एम्बुलेंस ने टक्कर मार दी। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पहला हादसा टांकोली गांव के पास हुआ, जहां गोल पहाड़िया निवासी प्रीतम सिंह सोलंकी रिश्तेदारी में आयोजित शोक सभा में शामिल होने पहुंचे थे। वह बस से उतरने के बाद सड़क पार कर रहे थे, तभी सामने से तेज गति से आ रही एक सफेद वैगनआर कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रीतम सिंह कई फीट दूर जा गिरे और उनके सिर तथा सीने में गंभीर चोटें आईं।

    घटना की सूचना मिलते ही उटीला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में अज्ञात वैगनआर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है।

    इसी क्षेत्र में दूसरा हादसा मुरार-भेहट रोड पर सामने आया। टिहोली गांव निवासी छात्र संदीप पाल अपनी साइकिल से कोचिंग जाने के लिए निकला था। मुख्य सड़क पार करते समय ग्वालियर की ओर से आ रही 108 एम्बुलेंस ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क किनारे जा गिरा।

    स्थानीय लोगों और राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्र को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल एम्बुलेंस को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।

    दोनों घटनाओं ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। टांकोली हादसे में फरार कार चालक की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, जबकि एम्बुलेंस चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों के बीच प्रशासन और पुलिस लोगों से यातायात नियमों का पालन करने तथा वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील कर रही है।

  • केबल कारोबार के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गोलीकांड का आरोपी गिरफ्तार

    केबल कारोबार के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गोलीकांड का आरोपी गिरफ्तार


    ग्वालियर । ग्वालियर में केबल नेटवर्क कारोबार को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। कोटेश्वर कॉलोनी निवासी केबल संचालक विक्की यादव का अपहरण कर उसे गोली मारने वाले 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश छोटू कमरिया को पुलिस ने मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले कई दिनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।

    पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज वारदात के पीछे केबल नेटवर्क कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर चल रहा विवाद मुख्य कारण है। घायल विक्की यादव शहर में डिस्क और केबल नेटवर्क व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि छोटू कमरिया और उसके साथी विक्की के कारोबार में जबरन साझेदारी चाहते थे। जब विक्की ने उनकी मांग ठुकरा दी तो आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।

    घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। आरोपियों ने विक्की यादव को बातचीत और समझौते का झांसा देकर बुलाया और उसे जबरन कार में बैठा लिया। इसके बाद उसे सिटी सेंटर क्षेत्र की ओर ले जाया गया। रास्ते में और सुनसान स्थान पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। जब वह गंभीर रूप से घायल हो गया तो उस पर पिस्टल से फायर कर दिया। गोली लगने के बाद आरोपी उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर फरार हो गए।

    घटना के बाद पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर पुलिस अधीक्षक ने मुख्य आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

    मंगलवार रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इनामी बदमाश छोटू कमरिया बेहटा चौकी के पास हाईवे पर किसी वाहन का इंतजार कर रहा है और शहर छोड़ने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।

    जैसे ही छोटू कमरिया ने पुलिस को देखा, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उसे पीछा कर दबोच लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा होने और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल घायल विक्की यादव का उपचार जारी है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।