Category: Madhya Pradesh

  • अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन

    अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन


    कटनी । कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत फूल मंडी के सामने संचालित एक शराब दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय संगठन ओबीसी महासभा ने इस दुकान को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है और मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

    महासभा का आरोप है कि जिस स्थान पर यह शराब दुकान खोली गई है, वह संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान स्थित हैं। संगठन का कहना है कि इस तरह के स्थान पर शराब दुकान का संचालन सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है और यह नियमों के अनुरूप नहीं है।

    स्कूल और अस्पताल के बीच दुकान, उठे सवाल
    ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष रामरतन नामदेव ने बताया कि दुकान के ठीक पास अंजुमन स्कूल स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। इसके अलावा मुख्य शासकीय जिला अस्पताल भी नजदीक ही है, जहां दिन-रात मरीजों, महिलाओं और बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। संगठन का कहना है कि ऐसे क्षेत्र में शराब दुकान खोलना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे स्थानीय माहौल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    भीड़भाड़ वाले इलाके का मुद्दा
    महासभा ने यह भी बताया कि आसपास शहर की प्रमुख चौपाटी स्थित है, जहां परिवार देर शाम तक आते हैं। साथ ही यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी आता है, जहां यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है। संगठन ने इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उचित जमीनी जांच के अनुमति देना गंभीर लापरवाही है।

    सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर चिंता
    ओबीसी महासभा ने ज्ञापन में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में कई आपत्तिजनक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इस शराब दुकान को तुरंत हटाया जाए या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र का शैक्षणिक और सामाजिक माहौल सुरक्षित रह सके।

  • कटनी में स्कूटी से 7 पेटी अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

    कटनी में स्कूटी से 7 पेटी अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल


    कटनी । कटनी जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एनकेजे थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 63 लीटर देशी प्लेन और मसाला शराब बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को भी जब्त कर लिया गया है।

    यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक स्कूटी पर भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर झलवारा से हिरवारा की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूपेन्द्र राजपूत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और बताए गए रूट पर घेराबंदी की गई।

    घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
    पुलिस टीम ने संदिग्ध स्कूटी को आते देख रोक लिया और दोनों युवकों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान स्कूटी के आगे पैरदान और पीछे सीट पर रस्सी से बंधे कुल 7 कार्टून मिले, जिनमें अवैध देशी शराब भरी हुई थी।  दोनों आरोपी किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में सामने आई पहचान
    कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सतीष चौधरी (27) और विकास चौधरी (27), निवासी झर्रा टिकुरिया, कटनी के रूप में बताई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद 63 लीटर शराब और स्कूटी को जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल कटनी भेज दिया गया।

    अवैध शराब पर सख्ती जारी
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।

  • आमलाबे वॉरियर्स बनी एमपीएल-2 की चैंपियन, फ्रेंड्स इलेवन को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब

    आमलाबे वॉरियर्स बनी एमपीएल-2 की चैंपियन, फ्रेंड्स इलेवन को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब


    मध्यप्रदेश । राजगढ़ जिले के माचलपुर स्थित रावणबल्डी क्रिकेट ग्राउंड पर मंगलवार रात खेले गए एमपीएल-2 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला एकतरफा साबित हुआ। इस खिताबी भिड़ंत में आमलाबे वॉरियर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रेंड्स इलेवन छापीहेड़ा को 6 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैच के बाद मैदान में खिलाड़ियों और समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। आतिशबाजी और तालियों की गूंज के बीच जीत का उत्सव देर रात तक चलता रहा। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी इस रोमांचक फाइनल मुकाबले के गवाह बने।

    पहले ही ढह गई फ्रेंड्स इलेवन की पारी
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी फ्रेंड्स इलेवन छापीहेड़ा की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। आमलाबे वॉरियर्स के गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से लगातार विकेट निकालते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी टीम 10 ओवर में 9 विकेट खोकर सिर्फ 55 रन ही बना सकी, जो इस फाइनल मुकाबले का सबसे कमजोर प्रदर्शन साबित हुआ।

    गेंद और बल्ले दोनों से चमके आमलाबे के खिलाड़ी
    लक्ष्य का पीछा करने उतरी आमलाबे वॉरियर्स ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और मैच को एकतरफा बना दिया। टीम ने मात्र 4.5 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। गेंदबाजी में जीवन आमलाबे ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 2 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। वहीं बल्लेबाजी में अभिषेक जावा ने 12 गेंदों पर नाबाद 26 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर जीत की औपचारिकता पूरी कर दी।

    विजेताओं पर इनामों की बरसात
    समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह मौजूद रहे। उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 51 हजार रुपए का चेक प्रदान किया, जबकि उपविजेता फ्रेंड्स इलेवन को 25,551 रुपए और ट्रॉफी दी गई। कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल भावना और अनुशासन पर जोर दिया गया। साथ ही आयोजन समिति की भी सराहना की गई।

    व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी मिला सम्मान
    टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। संजय पंवार को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ और सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना गया, जबकि देव यादव को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का पुरस्कार मिला। सभी विजेताओं को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

  • सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे

    सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे


    मध्यप्रदेश । जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला मोबाइल टावर पर चढ़ गई और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इस घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक टीम घंटों तक महिला को समझाने में जुटी रही।

    महिला ने आरोप लगाया कि उसके परिवार के ही कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस व प्रशासन उसकी फरियाद नहीं सुन रहे हैं। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर टावर पर चढ़ गई।

    घटना की पहचान सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक-3 निवासी सोनम मल्लाह के रूप में हुई है। महिला का कहना है कि उसके बड़े पिता के पुत्र संतोष मल्लाह और गोपाल मल्लाह ने एक स्थानीय व्यवसायी के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उसने यह भी दावा किया कि उसने इस मामले की शिकायत थाने, तहसील कार्यालय और अन्य विभागों में कई बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    मंगलवार सुबह करीब 9 बजे महिला थाने पहुंची थी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इसके बाद मौके पर पहुंची सिहोरा पुलिस ने लगातार समझाइश शुरू की। थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को सहित अन्य अधिकारी उसे शांत कराने में लगे रहे और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    करीब छह घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार महिला टावर से नीचे उतर आई, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

    फिलहाल पुलिस ने संबंधित पक्ष को बयान के लिए तलब किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही महिला की शिकायत को एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • शराब के लिए विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    शराब के लिए विवाद ने लिया हिंसक रूप, एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    मध्यप्रदेश । सागर जिले के गोपालगंज थाना क्षेत्र में खेल परिसर के सामने एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    घटना 1 जून की रात की है, जब फरियादी अतुल मिश्रा अपने साथियों के साथ मेला ग्राउंड स्थित खेल परिसर के पास मौजूद था। इसी दौरान आरोपी अंकित दक्ष और उसका साथी बिट्टू प्रजापति वहां पहुंचे और शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब पीड़ित ने पैसे देने से इनकार किया, तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी।

    विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने धारदार हथियार से युवक पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार किया गया।

    घटना की शिकायत मिलने के बाद गोपालगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की और लगातार तलाश जारी रखी। इसी कार्रवाई के तहत मंगलवार को मुख्य आरोपी अंकित दक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया।

    थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई है और न्यायालय में पेश किया गया है। घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • सागर में रेलवे ट्रैक पर मिला महिला का क्षत-विक्षत शव, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका

    सागर में रेलवे ट्रैक पर मिला महिला का क्षत-विक्षत शव, ट्रेन की चपेट में आने की आशंका


    मध्यप्रदेश । सागर जिले में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई जब सागर-बीना रेलवे ट्रैक पर 25 नंबर फाटक के पास एक महिला का शव दो टुकड़ों में पड़ा मिला। घटना की जानकारी सबसे पहले गैंगमैन को हुई, जिसके बाद तुरंत जीआरपी को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही जीआरपी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि महिला का शव ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से क्षत-विक्षत हो गया था और उसका सिर धड़ से अलग हो गया था। शव को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि मौत ट्रेन हादसे में हुई है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

    घटनास्थल पर किसी भी प्रकार का पहचान दस्तावेज या मोबाइल फोन नहीं मिला, जिससे मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

    जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों से मिलान कर महिला की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    जीआरपी थाना प्रभारी एचएल चौधरी के अनुसार, प्राथमिक जांच में मामला ट्रेन से दुर्घटनावश मौत का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने कहा है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।

  • 90% से कम ई-अटेंडेंस तो नहीं होगा तबादला: नई नीति के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश

    90% से कम ई-अटेंडेंस तो नहीं होगा तबादला: नई नीति के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश


    मध्यप्रदेश । नई तबादला नीति के तहत शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि केवल उन्हीं शिक्षकों को ट्रांसफर का लाभ मिलेगा, जिनकी ऑनलाइन ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत या उससे अधिक होगी।

    विभाग ने इस बार पात्रता तय करने के लिए अप्रैल 2026 तक के ई-अटेंडेंस आंकड़ों को आधार बनाया है। मई और जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण इन महीनों की उपस्थिति को शामिल नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य उपस्थिति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

    नई व्यवस्था के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन शिक्षकों की संविलियन सेवा अवधि तीन वर्ष पूर्ण नहीं हुई है, उन्हें भी स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल पात्र और निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले शिक्षक ही ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकें।

    शिवपुरी जिला शिक्षा अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षकों की सूची तैयार कर पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। विभाग द्वारा सभी आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

    अधिकारियों का कहना है कि नई नीति का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और उपस्थिति को मजबूत करना है। इससे स्कूलों में शिक्षण कार्य की निरंतरता बनी रहेगी और अनियमितताओं पर भी रोक लगेगी।

  • पिपरसमा मंडी के बाहर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली से जाम, प्याज की भारी आवक से 3 घंटे ठप रहा रास्ता

    पिपरसमा मंडी के बाहर सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली से जाम, प्याज की भारी आवक से 3 घंटे ठप रहा रास्ता


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले की पिपरसमा अनाज मंडी के बाहर बुधवार को प्याज की भारी आवक के चलते सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मुख्य मार्ग पर करीब तीन से चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस कारण किसान, राहगीर और अन्य वाहन चालक घंटों तक फंसे रहे।

    जानकारी के अनुसार, मंडी में प्याज की आवक सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही। बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे, लेकिन पर्याप्त व्यवस्थाओं की कमी के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सड़क पर ही खड़ा करना पड़ा। इससे मंडी के बाहर मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह रुक गया और स्थिति धीरे-धीरे गंभीर जाम में बदल गई।

    जाम के कारण मंडी में होने वाली प्याज की नीलामी (डाक) भी प्रभावित हुई। कई किसानों ने मंडी प्रशासन की अव्यवस्था पर नाराजगी जताई और कहा कि हर साल आवक बढ़ने पर इसी तरह की स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।

    करीब तीन घंटे तक चले इस जाम में सैकड़ों वाहन फंसे रहे और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी और भीड़भाड़ के बीच लोग लंबे समय तक सड़क पर ही फंसे रहे।

    मंडी सचिव बालेश शुक्ला ने बताया कि प्याज की आवक असामान्य रूप से अधिक होने के कारण यह स्थिति बनी। कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के सड़क पर खड़े होने से जाम बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंडी का दूसरा गेट खोलकर वाहनों को अंदर प्रवेश दिलाया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए अतिरिक्त व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।

  • जन्मदिन पार्टी में खाने के ऑर्डर को लेकर मारपीट: शिवपुरी के होटल में दो गुट भिड़े, मैनेजर घायल

    जन्मदिन पार्टी में खाने के ऑर्डर को लेकर मारपीट: शिवपुरी के होटल में दो गुट भिड़े, मैनेजर घायल


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित होटल ग्रीन व्यू में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जन्मदिन की पार्टी के दौरान खाने के ऑर्डर को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस घटना में दोनों गुटों के कई लोग घायल हुए, जबकि बीच-बचाव करने आए होटल मैनेजर को भी चोटें आईं।

    जानकारी के अनुसार, शक्तिपुरम खुड़ा निवासी फैजल खान अपने साथियों के साथ ट्रैक्टर एजेंसी संचालक सतीश धाकड़ का जन्मदिन मनाने होटल पहुंचे थे। इसी दौरान होटल संचालक अनुज अग्रवाल के बेटे कार्तिक अग्रवाल भी अपने दोस्तों के साथ अलग जन्मदिन पार्टी मना रहे थे। दोनों समूहों की मौजूदगी के बीच खाने के ऑर्डर को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही तीखी बहस और फिर हिंसक झड़प में बदल गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चले और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। झगड़े के दौरान होटल स्टाफ ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन होटल मैनेजर जाहिद खान भी इस मारपीट की चपेट में आ गए और उन्हें चोट लगी।

    घटना के दौरान होटल परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी बीच चर्चा यह भी रही कि एक बैग में करीब 2 लाख 20 हजार रुपए नकद रखे थे, हालांकि बाद में यह राशि सुरक्षित रूप से उसके मालिक सतीश धाकड़ को लौटा दी गई।

    सूचना मिलने पर मामला कोतवाली थाने पहुंचा, जहां दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। पुलिस की मौजूदगी में हुई बातचीत के बाद दोनों गुटों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर लिया और किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई। होटल संचालक ने भी नुकसान को लेकर कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी। फिलहाल पुलिस ने मामले को राजीनामे के आधार पर निपटा दिया है, लेकिन घटना ने होटल में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

  • शिवपुरी में साइबर सेल की बड़ी सफलता, 30 लाख के 120 गुम और चोरी मोबाइल बरामद

    शिवपुरी में साइबर सेल की बड़ी सफलता, 30 लाख के 120 गुम और चोरी मोबाइल बरामद


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुम और चोरी हुए 120 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपए आंकी गई है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा।

    पुलिस के अनुसार, साइबर सेल टीम को प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार तकनीकी जांच और ट्रैकिंग की जा रही थी। आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्विलांस की मदद से इन मोबाइलों को मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे विभिन्न राज्यों से ट्रेस किया गया।

    मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और राहत की भावना व्यक्त की। अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों में एक लाख रुपए कीमत का एप्पल आईफोन भी शामिल है, जिसे शिकायत मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर ट्रेस कर लिया गया और उसके मालिक को सौंप दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइलों की रिकवरी के लिए काम कर रही है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी टीम ने करीब 700 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस लौटाए थे।

    इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह जाट सहित टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि तकनीकी निगरानी और डेटा एनालिसिस के जरिए आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।