Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर में भाभी की गोली लगने से मौत का मामला उलझा: देवर बोला ‘मजाक में चला ट्रिगर’, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

    ग्वालियर में भाभी की गोली लगने से मौत का मामला उलझा: देवर बोला ‘मजाक में चला ट्रिगर’, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर के तृप्ति नगर में 32 वर्षीय ज्योति उर्फ जाह्नवी कुशवाह की गोली लगने से हुई मौत का मामला अब गंभीर रूप से उलझता जा रहा है। एक ओर जहां मृतका के देवर योगेश ने इसे गलती से हुआ हादसा बताया है, वहीं दूसरी ओर मायके पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। पुलिस ने देवर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मृतका का पति अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

    देवर का दावा: ‘मजाक में चला ट्रिगर, गोली चल गई’
    पुलिस पूछताछ में देवर योगेश ने बताया कि वह रात में पिस्टल के साथ हवाई फायरिंग कर रहा था, इसी दौरान एक कारतूस चेंबर में फंस गया था। उसने बताया कि सुबह जब वह नीचे आया तो उसने मजाक में पिस्टल पहले भाई और फिर बहन पर तानकर ट्रिगर दबाया, लेकिन गोली नहीं चली। इसके बाद जब उसने भाभी ज्योति के सिर पर पिस्टल सटाकर ट्रिगर दबाया, तो चेंबर में फंसा कारतूस चल गया और गोली सीधे उनके सिर में लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

    शव छिपाने का आरोप, फ्रीजर में रखने से बढ़ा शक
    घटना के बाद परिजनों पर पुलिस को सूचना देने के बजाय शव को डीप फ्रीजर में रखने का आरोप भी लगा है। मायके पक्ष का कहना है कि यदि यह वास्तव में दुर्घटना थी, तो तुरंत अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया।

    मायके पक्ष का आरोप: ‘हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश’
    मृतका के भाई भावेश ने थाटीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि घटना को हादसा बताकर छिपाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि शव को अस्पताल ले जाने के बजाय छिपाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारी भी की जा रही थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतका को शादी के बाद से पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता था और मामले में पूरे परिवार की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

    पुलिस जांच में जुटी, पति फरार
    थाटीपुर थाना पुलिस ने आरोपी देवर योगेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हथियार की बरामदगी और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है। वहीं, मृतका का पति मनोज कुशवाह अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    जांच पर टिकी नजर
    फिलहाल पुलिस इस मामले को हादसा और हत्या दोनों एंगल से जांच रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और हथियार की फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

  • नरसिंहपुर में राजस्व न्यायालयों पर सवाल, वकीलों ने उठाई आवाज

    नरसिंहपुर में राजस्व न्यायालयों पर सवाल, वकीलों ने उठाई आवाज


    मध्य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को अधिवक्ताओं ने राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के नाम प्रभारी अपर कलेक्टर गजेंद्र नागेश को दिया गया।

    अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि राजस्व न्यायालयों में न केवल मामलों के निपटारे में देरी हो रही है, बल्कि कई बार उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार भी नहीं किया जाता, जिससे न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।

    लंबित मामलों और ऑनलाइन प्रक्रिया पर उठे सवाल
    ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि राजस्व न्यायालयों में मामलों का समय पर पंजीयन और निपटारा नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि कई मामलों को केवल पोर्टल पर लंबित न दिखाने के उद्देश्य से ऑनलाइन डिस्पोज कर दिया जाता है, जबकि वास्तविक सुनवाई ऑफलाइन जारी रहती है। इसके साथ ही, बिना उचित प्रक्रिया के मामलों को खारिज करने और अपंजीकृत प्रकरणों के संचालन को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

    नियमित अधिकारी और समयबद्ध न्यायालय कार्य की मांग
    अधिवक्ताओं ने मांग की कि नरसिंहपुर जिले में नियमित अपर कलेक्टर की तत्काल नियुक्ति की जाए। वर्तमान में जिला पंचायत सीईओ को अपर कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जिससे न्यायालयीन कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि अपर कलेक्टर न्यायालय में सुनवाई के लिए निश्चित दिन और समय तय किया जाए ताकि वकीलों और पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी न हो।

    कर्मचारियों पर कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग
    ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि न्यायालय में लंबे समय से पदस्थ कर्मचारियों को हटाया जाए, ऑनलाइन और ऑफलाइन मामलों की जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र पंजीयन और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि आम नागरिकों को न्याय में देरी न हो।

    प्रशासन से समाधान की उम्मीद
    अधिवक्ताओं ने प्रशासन से इस पूरे मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने और जल्द सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • नरसिंहपुर में किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन: मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और 12 घंटे बिजली की मांग, SDM को सौंपा ज्ञापन

    नरसिंहपुर में किसानों का अर्धनग्न प्रदर्शन: मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी और 12 घंटे बिजली की मांग, SDM को सौंपा ज्ञापन


    मध्य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले में मंगलवार को राष्ट्रवादी किसान आर्मी के बैनर तले किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के नाम का ज्ञापन एसडीएम मणीन्द्र कुमार सिंह को सौंपा।

    मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग
    किसानों ने मांग की कि जिले में उत्पादित मूंग फसल की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि वर्तमान खरीद व्यवस्था में किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और उन्हें अपनी उपज बेचने में कठिनाई हो रही है।

    ई-टोकन व्यवस्था पर सवाल
    ज्ञापन में ई-टोकन व्यवस्था को जटिल बताते हुए इसे समाप्त करने या सरल बनाने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि इस प्रणाली के कारण उन्हें खाद और अन्य कृषि संसाधन प्राप्त करने में लगातार परेशानी हो रही है।

    12 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग
    किसानों ने सिंचाई संकट को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण खेती प्रभावित हो रही है और उत्पादन पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही खाद-बीज वितरण प्रणाली को सुधारने, लंबी कतारों को खत्म करने, गिरदावरी की त्रुटियों को ठीक करने और फसल पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग की गई है।

    बकाया भुगतान और सुधार की मांग
    किसानों ने गेहूं, चना और मसूर की फसलों के बकाया भुगतान तुरंत जारी करने की मांग भी रखी। उनका आरोप है कि भुगतान में देरी से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

    उग्र आंदोलन की चेतावनी
    राष्ट्रवादी किसान आर्मी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

  • खाद के लिए किसानों की लंबी कतार, रातभर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर डटे

    खाद के लिए किसानों की लंबी कतार, रातभर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर डटे


    मध्य प्रदेश । अशोकनगर जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में किसान डबल लॉक गोदाम के सामने से लेकर त्रिदेव मंदिर तक सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ डटे रहे।

    स्थिति यह रही कि सोमवार रात तेज आंधी और बारिश के बावजूद किसान वहीं रुके रहे और पूरी रात सड़क किनारे ही गुजार दी। किसानों ने अपने साथ खाने-पीने की व्यवस्था कर रखी थी और वहीं भोजन भी तैयार किया।

    टोकन व्यवस्था के आधार पर हो रहा वितरण
    जिले में खाद का वितरण ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल उन्हीं किसानों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिनके टोकन पहले से बुक थे। मंगलवार सुबह से टोकन धारकों को खाद वितरण शुरू किया गया, जबकि कई किसान नए टोकन बुक कराने की मांग पर भी अड़े हुए हैं।

    पहले चक्काजाम, फिर गोदाम पर डेरा
    खाद संकट को लेकर सोमवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने राजमाता चौराहे पर चक्काजाम किया था। इसके बाद प्रशासन ने आश्वासन देते हुए किसानों को विदिशा रोड स्थित खाद गोदाम भेजा। इसके बाद से ही किसान लगातार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ गोदाम परिसर में मौजूद हैं।

    कुछ किसानों को मिली खाद, कई इंतजार में
    सोमवार को कुछ किसानों को खाद का वितरण किया गया, जबकि कई के दस्तावेज लेकर टोकन प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिन किसानों के टोकन लंबित हैं, उनके लिए अगले एक-दो दिनों में व्यवस्था की जाएगी।

    किसानों की मांग: तुरंत खाद उपलब्ध कराई जाए
    किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में खाद की कमी से खेती प्रभावित हो रही है। किसान लगातार मांग कर रहे हैं कि सभी को जल्द से जल्द खाद उपलब्ध कराई जाए।

  • अशोकनगर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का असर

    अशोकनगर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का असर


    मध्य प्रदेश । अशोकनगर जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारी अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं, जिसके चलते अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो गई हैं।

    धरने के दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित कर्मचारियों ने अप्रेजल आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया।

    कई महत्वपूर्ण सेवाएं बाधित
    हड़ताल के कारण जिला अस्पताल की कई अहम सेवाएं ठप हो गई हैं। इनमें टीकाकरण, एसएनसीयू, जननी सुरक्षा योजना के भुगतान, ओपीडी सेवाएं, सीएम हेल्पलाइन से जुड़े कार्य, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करना और टीबी मरीजों को दवा वितरण जैसी सेवाएं शामिल हैं।
    इसके अलावा ब्लड बैंक का अधिकांश कार्य भी प्रभावित हुआ है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से नियमितीकरण, स्वास्थ्य बीमा, वेतन वृद्धि और समान कार्य के लिए समान वेतन जैसी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।

    आंदोलन की चेतावनी, भोपाल घेराव की तैयारी
    संघ ने यह भी घोषणा की है कि उनका यह आंदोलन 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास घेराव के बाद समाप्त होगा। तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

    मरीजों पर बढ़ा असर
    हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा असर मरीजों पर पड़ा है, जिन्हें इलाज और जरूरी सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में सामान्य कामकाज बाधित होने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

  • रजिस्ट्री की मांग लेकर पहुंचे लोग, तनाव में बिगड़ी महिला की तबीयत

    रजिस्ट्री की मांग लेकर पहुंचे लोग, तनाव में बिगड़ी महिला की तबीयत


    मध्य प्रदेश । देवास कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मकानों के मालिकाना हक की मांग को लेकर पहुंचे रहवासियों के बीच एक महिला अचानक बेसुध होकर गिर पड़ी। एलआईजी श्रमिक कॉलोनी के लोग अपनी आवासीय समस्या के समाधान की मांग लेकर कलेक्टर से मिलने आए थे।

    महिला की पहचान विद्या शर्मा के रूप में हुई है। मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं ने तुरंत उन्हें संभाला, चेहरे पर पानी के छींटे मारे और हवा देकर होश में लाने का प्रयास किया। कुछ ही देर में महिला को होश आ गया।

    “टेंशन में खाना नहीं खाया” – भावुक हुई महिला
    होश में आने के बाद विद्या शर्मा भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि मकान के विवाद के तनाव में उन्होंने सुबह से कुछ नहीं खाया था। उन्होंने कहा, “अगर मेरी मौत हो जाए तो मेरा शव कंपनी में ले जाना।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    रजिस्ट्री की मांग को लेकर लंबे समय से विवाद
    दरअसल, एलआईजी श्रमिक कॉलोनी के रहवासी गजरा गियर्स लिमिटेड की हायर परचेज स्कीम के तहत दिए गए मकानों की रजिस्ट्री की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सेवा अवधि पूरी करने वाले कर्मचारियों को मकान दिए गए थे और तय शर्तों के अनुसार 15 वर्षों तक वेतन से राशि काटकर भुगतान किया गया था। रहवासियों का आरोप है कि कई कर्मचारियों ने 15 वर्ष से अधिक सेवा दी, इसके बावजूद अब तक उनके नाम पर मकानों की रजिस्ट्री नहीं की गई है। साथ ही, मकानों से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

    कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप
    रहवासियों का कहना है कि पहले मकानों के बदले राशि काटी गई, लेकिन वह हाउसिंग बोर्ड में जमा नहीं कराई गई। अब कंपनी का कहना है कि ये मकान केवल सेवा अवधि तक रहने के लिए दिए गए थे और उन्हें खाली करना होगा। इस स्थिति ने रहवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

    कलेक्टर ने दिया आश्वासन
    मामले को लेकर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने रहवासियों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन ने मामले की जांच और समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।

    दस्तावेजों और रजिस्ट्री की मांग पर अड़ा मामला
    रहवासियों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें मकानों के वैध दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और उनके नाम पर रजिस्ट्री तत्काल की जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म हो सके।

  • तेज हवाओं का असर, इंदौर में व्यवस्था बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम

    तेज हवाओं का असर, इंदौर में व्यवस्था बहाली के लिए युद्धस्तर पर काम


    मध्य प्रदेश । इंदौर में सोमवार को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज धूलभरी आंधी ने शहर में काफी नुकसान पहुंचाया। आंधी के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 150 स्थानों पर पेड़ और डगाले गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे कई इलाकों में यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

    जैसे ही सूचना नगर निगम को मिली, टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और पेड़ों व डगालों को हटाने का काम शुरू किया गया। मंगलवार को भी शहर के कई हिस्सों में सफाई और मलबा हटाने का कार्य लगातार जारी रहा।

    निगम की टीमें अलर्ट मोड पर, 24 घंटे निगरानी
    नगर निगम ने स्थिति को देखते हुए अपनी सभी टीमों को अलर्ट मोड पर रख दिया है। अधिकारियों के अनुसार अब दिन या रात किसी भी समय सूचना मिलने पर टीम तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहेगी।

    उद्यान विभाग के अधिकारी शांतिलाल यादव ने बताया कि आंधी के कारण बड़ी संख्या में पेड़ और डगाले गिरे, जिनमें से कई को सोमवार को ही हटाकर सड़क किनारे कर दिया गया था, जबकि बाकी को मंगलवार को भी हटाया जा रहा है।

    वाहनों को नुकसान, लेकिन जनहानि नहीं
    प्रशासन के अनुसार आंधी के कारण कुछ स्थानों पर खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा है, हालांकि राहत की बात यह है कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द यातायात और सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

    तेज हवाओं के बाद सतर्कता बढ़
    मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए नगर निगम ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

  • शिवपुरी में खेत में मिला युवक का शव: शरीर पर चोट के निशान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

    शिवपुरी में खेत में मिला युवक का शव: शरीर पर चोट के निशान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के गौचोनी गांव में मंगलवार सुबह एक 27 वर्षीय युवक का शव खेत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही हिम्मतपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान पवन लोधी पुत्र रामेश्वर लोधी, निवासी गौचोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

    रखवाली करने गया था युवक, सुबह मिला शव
    परिजनों के अनुसार, सोमवार को गांव में रामायण पाठ के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन था। कार्यक्रम के बाद पवन लोधी खेत की रखवाली करने गया था। मंगलवार सुबह उसके मौत की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

    परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
    मृतक के रिश्तेदार उमेश लोधी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पवन के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। साथ ही उसका मोबाइल फोन शव से करीब 50 मीटर दूर टूटी हुई हालत में मिला, जिससे मामले को संदिग्ध माना जा रहा है। परिजनों का कहना है कि गांव में कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही थी, इसलिए उन्हें आशंका है कि यह हत्या का मामला हो सकता है।

    पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    हिम्मतपुर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

    गांव में तनाव, जांच पर टिकी नजर
    घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और लोग अलग-अलग तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • 26 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा

    26 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फिजिकल थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने ग्वालियर जिले के एक कथित स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, नकदी और वाहन बरामद किए गए हैं।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामनिवास उर्फ करुआ रावत (35) निवासी ग्राम पाटई, थाना आरोन, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से 106 ग्राम स्मैक, 52 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 28 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।

    मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
    फिजिकल थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि करवला पुलिया के पास एक व्यक्ति स्मैक बेचने की फिराक में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

    पूछताछ में बड़ा खुलासा: फैला था नेटवर्क
    पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथी राजेंद्र रावत के साथ मिलकर स्मैक तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था। पुलिस के अनुसार, राजेंद्र बड़े सप्लायरों से नशीला पदार्थ लाकर दोनों मिलकर उसे ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं था, बल्कि शिवपुरी, करेरा, सुभाषपुरा और बैराड़ जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ था।

    युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
    पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने कई गांवों में युवाओं को निशाना बनाकर स्मैक की सप्लाई शुरू कर दी थी, जिससे क्षेत्र में नशे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा था।

    पहले से दर्ज हैं मामले, एनडीपीएस एक्ट में केस
    फिजिकल थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी रामनिवास के खिलाफ पहले भी बैराड़ थाना में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन है।

    पुलिस का सख्त संदेश
    थाना प्रभारी कृपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

  • विदिशा में अड़ीबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन, बदमाश का निकाला जुलूस

    विदिशा में अड़ीबाजी पर पुलिस का बड़ा एक्शन, बदमाश का निकाला जुलूस


    मध्य प्रदेश । विदिशा जिले में कोतवाली पुलिस ने अड़ीबाजी और अवैध वसूली के आरोपी राहुल अहिरवार (36) का सार्वजनिक जुलूस निकालकर कड़ा संदेश दिया है। आरोपी पर कृषि उपज मंडी के व्यापारियों से मारपीट, धमकी और पैसों की जबरन मांग करने के गंभीर आरोप थे। पुलिस ने आरोपी को मंडी क्षेत्र, बरईपुरा चौराहा और आसपास के इलाकों में घुमाया, जहां उसने लोगों के सामने अपने अपराधों के लिए माफी मांगते हुए तौबा करने की बात कही।

    मंडी में व्यापारियों से मारपीट और धमकी का मामला
    कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि आरोपी राहुल अहिरवार कुछ समय पहले कृषि उपज मंडी क्षेत्र में शराब के नशे में व्यापारियों से पैसे मांग रहा था। विरोध करने पर उसने व्यापारियों के साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया भी था। इस मामले में उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई, फरार आरोपी गिरफ्तार
    पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर जिले में फरार और आदतन अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी को बरईपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को उन स्थानों पर ले जाकर कार्रवाई दिखाई, जहां उसने पहले लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली की घटनाओं को अंजाम दिया था।

    सार्वजनिक संदेश: अपराधियों में डर, जनता में भरोसा
    पुलिस द्वारा निकाले गए इस जुलूस का उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना बताया गया। थाना प्रभारी आनंद राज ने कहा कि गुंडागर्दी, अड़ीबाजी और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई की जाएगी, बल्कि सार्वजनिक रूप से भी सख्त संदेश दिया जाएगा, ताकि शहर में कानून व्यवस्था मजबूत बनी रहे।