Category: Madhya Pradesh

  • MP में NH-52 का बड़ा अपग्रेड: 4 लेन से 6 लेन बनेगा इंदौर-खलघाट कॉरिडोर, NHAI ने शुरू किया काम

    MP में NH-52 का बड़ा अपग्रेड: 4 लेन से 6 लेन बनेगा इंदौर-खलघाट कॉरिडोर, NHAI ने शुरू किया काम

    इंदौर । मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-52 (NH-52) के इंदौर-खलघाट-सेंधवा-महाराष्ट्र सेक्शन को 4-लेन से 6-लेन में बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस अहम हिस्से के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर काम शुरू कर दिया है। यह हिस्सा आगरा-मुंबई कॉरिडोर का महत्वपूर्ण भाग है, जिसकी लंबाई लगभग 160 किलोमीटर है।

    इस अपग्रेड के बाद क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करना आसान हो जाएगा। परियोजना के तहत भेरू घाट, बाकनेर घाट और बिजासन घाट जैसे कठिन पहाड़ी क्षेत्रों को भी 6-लेन में बदला जाएगा।

    DPR तैयार होने के बाद शुरू होगा निर्माण
    NHAI के अनुसार फिलहाल DPR तैयार करने का काम जारी है। रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के बाद निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को लंबे समय के ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।

    नर्मदा पर बनेगा नया पुल
    खलघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी पर एक नया समानांतर पुल बनाने का भी प्रस्ताव है। इससे मौजूदा पुल पर दबाव कम होगा और 6-लेन कॉरिडोर पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से यात्रा का समय घटेगा, ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के बीच संपर्क और मजबूत होगा।

    सुरक्षा और सड़क सुधार पर जोर
    NHAI ने बताया कि पहले हुए 4-लेन कार्यों के दौरान सड़क का रिअलाइनमेंट, चौड़ीकरण और ढलान सुधार जैसे कई कदम उठाए गए थे, जिससे सुरक्षा में सुधार हुआ। अब 6-लेन विस्तार में इन सुधारों को और मजबूत किया जाएगा। इस परियोजना में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बाईपास, सर्विस रोड, फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने की योजना भी शामिल है। खासकर बिजासन घाट जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैकस्पॉट) को सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    रोजाना 40 हजार वाहनों का दबाव
    NH-52 का यह हिस्सा आगरा से मुंबई को जोड़ने वाले प्रमुख कॉरिडोर का हिस्सा है, जिससे इंदौर और मुंबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्र भी जुड़े हैं। इस मार्ग से रोजाना लगभग 40,000 वाहन गुजरते हैं, जिनमें भारी मालवाहन भी शामिल हैं। 6-लेन बनने के बाद यह मार्ग अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद होगा, साथ ही यात्रा समय में भी कमी आएगी।

    औद्योगिक विकास को मिलेगा फायदा
    इस परियोजना से NH-47 और प्रस्तावित इंदौर-वेस्टर्न बायपास को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही मध्य भारत के औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और सप्लाई चेन और बेहतर होगी।

  • MP हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: प्रमुख सचिव समेत 3 अधिकारियों पर 25-25 हजार का जमानती वारंट

    MP हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: प्रमुख सचिव समेत 3 अधिकारियों पर 25-25 हजार का जमानती वारंट


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रमुख सचिव सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। मामला रीवा जिला उद्योग केंद्र में पदोन्नति से जुड़ा है, जहां कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद पालन नहीं किया गया था।

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम सुनवाई में आदेश की अवमानना को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार के प्रमुख सचिव सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। यह कार्रवाई उस मामले में की गई है, जिसमें कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद पदोन्नति से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं किया गया था।

    यह पूरा मामला रीवा जिला उद्योग केंद्र से जुड़ा है, जहां पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश तिवारी की पदोन्नति पर निर्णय लंबित था। याचिकाकर्ता का कहना था कि वे मैनेजर पद पर पदोन्नति के लिए पूरी तरह पात्र हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर लगातार टालमटोल की जा रही थी।

    कोर्ट के पहले आदेश के बावजूद नहीं हुआ पालन

    इस मामले में हाईकोर्ट ने 4 नवंबर 2024 को स्पष्ट आदेश जारी करते हुए संबंधित विभाग को 90 दिनों के भीतर पदोन्नति पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं किया गया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की।

    तीन वरिष्ठ अधिकारी बने पक्षकार

    इस अवमानना याचिका में एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, आयुक्त दिलीप कुमार सिंह और जिला उद्योग केंद्र रीवा के जनरल मैनेजर राहुल दुबे को पक्षकार बनाया गया था। अदालत में यह भी सामने आया कि तीनों अधिकारियों को नोटिस विधिवत रूप से तामील कर दिए गए थे, इसके बावजूद वे सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए।

    कोर्ट की नाराजगी और कड़ा रुख

    सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और इसे कोर्ट के आदेश की गंभीर अवमानना माना। इसके बाद अदालत ने भोपाल और रीवा के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जारी वारंट को तामील कराएं।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी के साथ तीनों अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया।

    अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद

    मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। इस दौरान अदालत यह भी तय करेगी कि आगे की कार्रवाई क्या होगी। यह मामला एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

  • बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास

    बरसात से पहले अलर्ट मोड में जबलपुर: आपदा प्रबंधन ट्रेनिंग में 51 जवानों को मिला रेस्क्यू अभ्यास


    नई दिल्ली । बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ और जल आपदाओं से निपटने के लिए मध्यप्रदेश होमगार्ड विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। भोपाल मुख्यालय के निर्देश पर जबलपुर संभाग में चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जवानों को आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन की बारीकियां सिखाई गईं।
    यह प्रशिक्षण जबलपुर के प्रसिद्ध गौरीघाट क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे आयोजित किया गया, जहां जवानों को वास्तविक परिस्थितियों में अभ्यास कराया गया। 7 मई से 9 मई तक चले इस प्रशिक्षण में कुल 51 होमगार्ड जवानों ने हिस्सा लिया, जो जबलपुर, कटनी, मंडला और नरसिंहपुर जैसे जिलों से चयनित किए गए थे।
    बाढ़ और जल आपदा से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास
    प्रशिक्षण के दौरान जवानों को तेज बहाव वाली नदी में सुरक्षित तैरने, फंसे हुए लोगों को निकालने और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया गया कि आपदा के समय कैसे तेजी और सावधानी के साथ राहत कार्य किया जाए।
    जवानों को आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के उपयोग की भी जानकारी दी गई। इसमें बोट संचालन, चप्पू और ओअर का सही उपयोग, तथा आउटबोर्ड मोटर (OBM) हैंडलिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकें शामिल थीं। इन अभ्यासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी आपदा की स्थिति में टीम तेजी से और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सके।
    SDRF की टीम भी रही शामिल
    इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के जवानों ने भी हिस्सा लिया, जिससे प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी बन गया। विशेषज्ञों की निगरानी में जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया।
    डिवीजनल कमांडेंट और जिला सेनानी व प्रशिक्षण प्रभारी नीरज सिंह ठाकुर की देखरेख में यह पूरा प्रशिक्षण संपन्न हुआ। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभ्यास से जवानों की क्षमता बढ़ती है और आपदा के समय राहत कार्यों में तेजी आती है।
    मानसून से पहले तैयारी तेज
    मौसम विभाग द्वारा मानसून के सामान्य रहने के अनुमान के बीच प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहता है। इसी के तहत प्रदेशभर में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी

    मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला अब थमने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अब धीरे-धीरे मौसम साफ हो रहा है और इसके साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार से ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में यह तेजी से ऊपर जाएगा।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 12 मई से प्रदेश में लू का असर शुरू हो सकता है। खासकर पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में दिन का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    शनिवार को हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की राहत देखने को मिली थी। एक ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। लेकिन यह राहत अब खत्म होती नजर आ रही है।

    रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में तेज गर्मी की शुरुआत का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई के पहले सप्ताह में लगातार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के कारण बारिश का दौर बना रहा, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रहा। लेकिन अब सिस्टम कमजोर पड़ चुका है और गर्म हवाएं प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार 10 मई से प्रदेश में मौसम साफ होने लगा है और 12-13 मई के बीच कई जिलों में लू चलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि होगी और लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मई के मध्य से जून तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को हिदायत दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।

    मौसम के इस बदलाव ने जहां एक ओर बारिश से राहत पाने वालों को झटका दिया है, वहीं अब लू और तपती धूप से जूझने की तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले दिन मध्यप्रदेश के लिए गर्मी की बड़ी चुनौती लेकर आ रहे हैं।

  • इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना

    इंदौर: बीजेपी नेता की कार में आग लगने से हड़कंप, शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना


    नई दिल्ली । इंदौर के प्रजाप्रत नगर स्थित राम टेकरी इलाके में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक खड़ी कार में अचानक आग लग गई। यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की बताई जा रही है। घटना रात करीब 11 बजे की है, जब स्थानीय लोगों ने कार से धुआं और आग की लपटें निकलते देख तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। दमकल कर्मियों ने करीब 5 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक आग कार के आगे के हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी और वाहन को काफी नुकसान हो चुका था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और उसे रोकना मुश्किल हो गया। कुछ ही मिनटों में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फायर विभाग और पुलिस दोनों ही इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि असल वजह सामने आ सके। अभी तक किसी तरह की साजिश या अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    जानकारी के मुताबिक, यह कार बीजेपी नेता शिवेंद्र सिंह गौड़ की है, जो द्वारकापुरी क्षेत्र के निवासी हैं और सुदामा नगर से जुड़े हुए हैं। वे प्रदेश युवा मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं। इसके अलावा उनका संबंध क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ के परिवार से भी बताया जाता है।

    घटना के बाद इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस तब ली जब दमकल विभाग ने समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह। वहीं फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    एमपी में थमेगा बारिश-आंधी का दौर, बढ़ेगी गर्मी, 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद प्रदेश में तेज गर्मी की वापसी होने जा रही है। मौसम विभाग (IMD) ने 12 मई से कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। रविवार से ही तापमान में बढ़ोतरी महसूस होने लगेगी।

    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    शनिवार को प्रदेश में ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में बादल छाए रहे। शाम के समय भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश के साथ तेज आंधी चली।

    प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम बदला हुआ था। 9 मई तक कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान कभी पश्चिमी विक्षोभ तो कभी ट्रफ और चक्रवातीय गतिविधियों का असर देखने को मिला, जिसके चलते मई के शुरुआती दिनों में गर्मी से राहत बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, 10 मई के बाद मौसम साफ होने लगेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा। 12 और 13 मई को प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों के कुछ जिलों में लू चलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। विभाग के अनुसार, गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें, शरीर को हाइड्रेट रखें और दोपहर में लंबे समय तक धूप में निकलने से बचें। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

  • इंदौर हादसा: भारी पार्सल गिरा, सफाईकर्मी घायल-प्रशासन ने गोदाम किया सील

    इंदौर हादसा: भारी पार्सल गिरा, सफाईकर्मी घायल-प्रशासन ने गोदाम किया सील


    नई दिल्ली । इंदौर के राजमोहल्ला इलाके में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। नगर निगम की सफाईकर्मी सुनीता बाली, जो वार्ड क्रमांक 69 में नियमित सफाई कार्य कर रही थीं, उस समय गंभीर रूप से घायल हो गईं जब उनके ऊपर लगभग 1 क्विंटल वजन का भारी पार्सल गिर गया।
    यह हादसा उस समय हुआ जब हंसचाल ट्रेवल्स की बस पर सामान चढ़ाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की छत पर रखा भारी लगेज चढ़ाते समय एक व्यक्ति के हाथ से फिसल गया और सीधे नीचे काम कर रही सफाईकर्मी पर गिर पड़ा। अचानक हुए इस हादसे में सुनीता बाली गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
    स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद करते हुए घायल महिला को उठाया और वर्मा यूनियन अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद कंधे और पसली में फ्रैक्चर की पुष्टि की है। फिलहाल महिला का इलाज जारी है और उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
    हादसे के बाद इलाके में मौजूद लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि बसों पर सामान लोड करने के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है, जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं।
    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि इंडियन ट्रांसपोर्ट के गोदाम से यह पार्सल बस पर लोड किया जा रहा था। लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम को सील कर दिया है।
    नगर निगम अधिकारियों ने भी इस घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, प्रातःकालीन सफाई अभियान के दौरान यह हादसा हुआ है। एआरओ स्तर के अधिकारी को मौके पर भेजा गया और पूरी स्थिति का निरीक्षण किया गया। साथ ही सुरक्षा मानकों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी भारी वस्तु को बिना उचित सुरक्षा उपायों के कैसे लोड किया जा रहा था। जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
    यह हादसा एक बार फिर शहर में ट्रांसपोर्ट और लोडिंग अनलोडिंग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
  • भोपाल में सनसनी: छात्रा की मौत के बाद मकान मालिक की आत्महत्या, जांच पर उठे सवाल

    भोपाल में सनसनी: छात्रा की मौत के बाद मकान मालिक की आत्महत्या, जांच पर उठे सवाल

    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कोहेफिजा इलाके से एक रूह कपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ न्याय और जांच के चक्रव्यूह में फंसकर एक और जिंदगी खत्म हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज की 19 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा रोशनी की आत्महत्या के करीब तीन महीने बाद, उसी मकान के मालिक विजय राठौर ने शनिवार देर रात अपने घर में खुदकुशी कर ली। इस घटना ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है, बल्कि पुलिसिया कार्यप्रणाली और सामाजिक दबाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    विजय राठौर की मौत के बाद उनकी पत्नी करुणा राठौर ने व्यवस्था और छात्रा के परिवार पर तीखे प्रहार किए हैं। करुणा का आरोप है कि उनके पति पूरी तरह बेकसूर थे, लेकिन छात्रा की मौत के बाद से ही उन्हें ‘अपराधी’ की तरह प्रताड़ित किया जा रहा था। पत्नी के मुताबिक, छात्रा के परिजन लगातार उनके घर आकर हत्या के झूठे केस में फंसाने की धमकियां देते थे। इतना ही नहीं, पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बयानों के नाम पर विजय को थाने बुलाकर घंटों बैठाया जाता था, जिससे वे गहरे मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) में चले गए थे।

    पढ़ाई का दबाव बना काल, पर संदेह ने ली दूसरी जान
    घटना की जड़ें फरवरी माह से जुड़ी हैं, जब छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उस समय छात्रा के परिजनों और साथी मेडिकल छात्रों ने इसे हत्या करार देते हुए थाने का घेराव किया था। हालांकि, बाद में पुलिस जांच और मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट में एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। रोशनी ने मरने से पहले खुद को व्हाट्सएप किए गए मैसेज में लिखा था  “सॉरी मम्मी-पापा, नीट निकालना आसान है, लेकिन एमबीबीएस करना उससे भी कठिन है।” स्पष्ट था कि छात्रा पढ़ाई के दबाव के कारण जान दे रही थी, लेकिन इस सच्चाई के बावजूद मकान मालिक पर शक की सुई और दबाव कम नहीं हुआ।

    पत्नी की न्याय की गुहार
    विजय राठौर की पत्नी ने मांग की है कि उनके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले छात्रा के परिजनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि विजय बार-बार कहते थे कि पुलिस और छात्रा का परिवार उन्हें जीने नहीं देगा। शनिवार रात इसी प्रताड़ना से हारकर उन्होंने मौत को गले लगा लिया।

    वर्तमान में कोहेफिजा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। विजय की बेटी बेंगलुरु में रहती है, जिसके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। थाना प्रभारी केजी शुक्ला का कहना है कि परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एक छात्रा के करियर के दबाव ने पहले एक घर का चिराग बुझाया, और अब जांच के दबाव ने दूसरे हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को छीन लिया है।

  • MP के वन विभाग ने रचा इतिहास… भोपाल से उड़ा गिद्ध 3000KM का सफर कर पहुंचा उज्बेकिस्तान

    MP के वन विभाग ने रचा इतिहास… भोपाल से उड़ा गिद्ध 3000KM का सफर कर पहुंचा उज्बेकिस्तान


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का वन विभाग (Forest Department) अब सिर्फ बाघों (Tigers) के ही नहीं, बल्कि गिद्धों (Vultures) के संरक्षण में भी दुनिया के लिए मिसाल पेश कर रहा है. हाल ही में राज्य के गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र (VCBC) केरवा में इलाज पाकर ठीक हुए दो सिनेरियस गिद्धों (Two Cinereous Vultures) ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर वैज्ञानिक जगत को हैरान कर दिया है.

    दरअसल, दिसंबर 2025 में विदिशा के सिरोंज से एक घायल सिनेरियस गिद्ध को बचाया गया था. भोपााल के वन विहार में और BNHS संचालित VCBC में इलाज के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे 23 फरवरी को हलाली बांध क्षेत्र में आजाद किया।

    WWF-India के सहयोग से इस पर GPS लगाया गया था. डेटा के अनुसार, 10 अप्रैल को इसने उड़ान भरी और राजस्थान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान को पार करते हुए 4 मई को उज्बेकिस्तान पहुंच गया. विदिशा से उज्बेकिस्तान तक गिद्ध का 3000 किमी का सफर देख हर कोई हैरान है।


    पाकिस्तान में फंसी मादा गिद्ध का रेस्क्यू

    एक अन्य मामला शाजापुर के सुसनेर से रेस्क्यू की गई मादा सिनेरियस गिद्ध का है. 25 मार्च को रिहा होने के बाद यह गिद्ध पाकिस्तान पहुंच गई. 7 अप्रैल को वहां आए भीषण ओलावृष्टि तूफान के कारण यह उड़ने में असमर्थ हो गई और जमीन पर गिर पड़ी।


    इंटरनेशनल कॉर्डिनेशन

    सिग्नल गायब होने पर WWF-India ने तुरंत WWF-पाकिस्तान से संपर्क किया. पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसे पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया. फिलहाल वह स्थानीय वल्चर सेंटर में स्वस्थ हो रही है।


    GPS से रीयल-टाइम निगरानी

    अधिकारियों का कहना है कि यह लंबी यात्राएं गिद्धों की अद्भुत दिशा-ज्ञान क्षमता और सहनशक्ति का प्रमाण हैं. माइक्रोचिप और GPS-GSM टेलीमेट्री डिवाइस की मदद से वन विभाग इनकी रीयल-टाइम निगरानी कर पा रहा है. इससे पहले साल 2025 में भी एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान तक 4300 किमी की यात्रा कर वापस भारत लौटा था.


    गिद्धों का महत्व

    सिनेरियस गिद्ध एशिया और यूरोप की सबसे बड़ी पक्षी प्रजातियों में से एक है. ये वन ईकोसिस्टम की सफाई में अहम भूमिका निभाते हैं।

  • MP में 100 साल पहले विलुप्त हुए जंगली भैसों का कुनबा बढ़ा… काजीरंगा से कान्हा आए 4 नए भैंसे

    MP में 100 साल पहले विलुप्त हुए जंगली भैसों का कुनबा बढ़ा… काजीरंगा से कान्हा आए 4 नए भैंसे


    मंडला।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) अब जंगली भैंसों (Wild Buffaloes) को दोबारा बसाने को लेकर एक नया कीर्तिमान रच रहा है. असम के काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park, Assam) से लाए गए 4 और जंगली भैंसों को शुक्रवार को कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve.-KTR) के सुपखर रेंज में विशेष रूप से तैयार किए गए बाड़े में छोड़ दिया गया।

    मध्यप्रदेश के जंगलों से जंगली भैंस लगभग 100 साल पहले ही विलुप्त हो गए थे. सुपखर क्षेत्र, जहां इन भैंसों को छोड़ा गया है, ऐतिहासिक रूप से इनका प्राकृतिक आवास रहा है. इस पुनर्वास कार्यक्रम का उद्देश्य इस अहम प्रजाति को एक बार फिर मध्यप्रदेश के ईकोसिस्टम का हिस्सा बनाना है।


    72 घंटे का चुनौतीपूर्ण सफर

    इन जंगली भैंसों को काजीरंगा से कान्हा तक लाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था. करीब 2220 किमी की लंबी यात्रा को विशेष वाहनों में इस सफर को पूरा करने में 72 घंटे लगे. यात्रा के दौरान दो विशेषज्ञ वन्यजीव पशु चिकित्सकों की टीम ने इन पशुओं के स्वास्थ्य की पल-पल निगरानी की।


    कान्हा में बढ़ा कुनबा

    इससे पहले, 28 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले चरण के तहत चार जंगली भैंसों (1 नर और 3 मादा) को बाड़े में छोड़ा था. अब चार नए सदस्यों के आने के बाद कान्हा में इनकी कुल संख्या 8 हो गई है. अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में और भी भैंसों को यहां लाया जाएगा.

    ईकोसिस्टम के लिए क्यों हैं अहम?
    जंगली भैंस भारतीय वन्यजीव विरासत का गौरव हैं. वन अधिकारियों के अनुसार, वन पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बनाए रखने में इनकी भूमिका बेहद अहम है.

    प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) समिता राजोरा और अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल. कृष्णमूर्ति ने इस अभियान को मध्यप्रदेश की वन्यजीव संरक्षण पहलों में एक और मील का पत्थर बताया है। इस अवसर पर KTR के निदेशक रविंद्र मणि त्रिपाठी और उप निदेशकों सहित अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहे।