Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर में चोरी के शक में 3 युवक पकड़े गए, भीड़ ने की जमकर पिटाई; पुलिस ने बचाया

    जबलपुर में चोरी के शक में 3 युवक पकड़े गए, भीड़ ने की जमकर पिटाई; पुलिस ने बचाया


    मध्य प्रदेश । जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र स्थित सिग्मा कान्हा सिटी कॉलोनी में मंगलवार तड़के चोरी के शक में तीन युवकों को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से तीनों युवकों को छुड़ाकर हिरासत में लिया। घायल अवस्था में उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

    सूने मकान में घुसने का आरोप, कॉलोनी में मचा हड़कंप
    जानकारी के अनुसार, कॉलोनी में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाएं बढ़ी थीं, जिसके चलते स्थानीय लोग पहले से सतर्क थे। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे तीन संदिग्ध युवक कॉलोनी में घूमते नजर आए और एक सूने मकान में घुसने का आरोप है।
    इस पर रहवासियों ने तुरंत एक-दूसरे को सूचना दी और मकान के आसपास घेराबंदी कर ली। जैसे ही तीनों युवक बाहर निकले, उन्हें पकड़ लिया गया।

    भीड़ ने की मारपीट, वीडियो भी आया सामने
    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पकड़े गए युवकों ने खुद को छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन गुस्साई भीड़ ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग युवकों के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि युवकों ने भागने की कोशिश भी की, लेकिन कॉलोनीवासियों ने चारों तरफ से घेरकर उन्हें पकड़ लिया।

    पुलिस ने संभाला मामला, जांच जारी
    सूचना मिलने पर बरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए तीनों युवकों को भीड़ से सुरक्षित निकाला। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि तीनों युवकों की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही भीड़ द्वारा की गई मारपीट के मामले की भी जांच होगी।

  • जमीन सीमांकन के नाम पर 80 हजार की डील, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

    जमीन सीमांकन के नाम पर 80 हजार की डील, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । जबलपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने राजस्व विभाग के एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। मामला Jabalpur का है, जहां राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी को 80 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया।

    जानकारी के अनुसार, व्यापारी रोहित जैन ने अपने साथियों के साथ शहपुरा तहसील के ग्राम क्लोन में मटर प्लांट लगाने के लिए जमीन खरीदी थी। जमीन का नामांतरण पूरा हो चुका था, लेकिन सीमांकन की प्रक्रिया लंबित थी। इसी काम के लिए उन्होंने राजस्व निरीक्षक से संपर्क किया था।

    शिकायतकर्ता का आरोप है कि सभी दस्तावेज पूरे होने के बावजूद आरोपी ने सीमांकन के बदले पहले एक लाख रुपये की मांग की। पिछले करीब दो महीने से वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहा था, लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने से काम टाल दिया जाता था।

    परेशान होकर व्यापारी ने लोकायुक्त एसपी से लिखित शिकायत की। शिकायत की जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को आरोपी ने रतन कॉलोनी स्थित अपने घर के पास शिकायतकर्ता को पैसे लेकर बुलाया।

    जैसे ही व्यापारी ने उसे 80 हजार रुपये दिए और आरोपी ने रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

  • युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

    युवक की संदिग्ध मौत से हड़कंप, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक 18 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। यह मामला Shivpuri जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के पीपरघार गांव का है।

    जानकारी के अनुसार, गांव निवासी गोविंद धाकड़ (18) ने सोमवार शाम अज्ञात कारणों से सल्फास की गोलियां खा लीं। जहरीला पदार्थ खाने के कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।

    परिजन आनन-फानन में उसे शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया। पुलिस को भी आत्महत्या के पीछे के कारणों का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

    मामले की सूचना मिलने पर मेडिकल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब युवक के मोबाइल, बातचीत और आसपास के हालात की जांच कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

    यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक तनाव और सामाजिक दबाव जैसे मुद्दों की ओर ध्यान खींचती है, हालांकि इस मामले में कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं।

  • एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, पारा 5 डिग्री से अधिक लुढ़का, धार-बड़वानी में भारी बारिश का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान लगातार आठ दिनों से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में गर्मी का असर काफी कम हुआ है। हीटवेव की स्थिति समाप्त हो गई है और न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार को नौतपा का अंतिम दिन है और इस दौरान प्रदेश के 45 जिलों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा।

    मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, धार और बड़वानी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

    दिन और रात दोनों में मिली गर्मी से राहत
    लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। रविवार और सोमवार की दरमियानी रात खंडवा का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में यह 19.4 डिग्री रहा।

    इसके अलावा दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री, दतिया में 23.7 डिग्री, नौगांव और नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, धार में 24.3 डिग्री, रतलाम, टीकमगढ़ और सतना में 24.5 डिग्री तथा मंडला में 24.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    सोमवार को दिन के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा। भोपाल में 37.6 डिग्री, इंदौर में 38.1 डिग्री, ग्वालियर में 35.9 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दतिया में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री, पचमढ़ी में 33.6 डिग्री, गुना में 33.8 डिग्री और खंडवा में सबसे कम 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मानसून की एंट्री में हो सकती है देरी
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देर से होने की संभावना जताई जा रही है।

    आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है और इसकी शुरुआत दक्षिणी हिस्से से होती है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था, जबकि इसकी विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। इस वर्ष मानसून अभी तक केरल नहीं पहुंचा है। सामान्य परिस्थितियों में केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार प्रदेश में मानसून 20 से 22 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    अगले चार दिन भी बदला रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने 2 से 5 जून तक के लिए जारी पूर्वानुमान में प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल कहीं भी हीटवेव का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

  • ठेका व्यवस्था पर सवाल, खन्ना बंजारी साइडिंग में श्रमिकों की अनदेखी से बढ़ा संकट

    ठेका व्यवस्था पर सवाल, खन्ना बंजारी साइडिंग में श्रमिकों की अनदेखी से बढ़ा संकट


    कटनी । कटनी जिले के बरही क्षेत्र स्थित खन्ना बंजारी रेलवे साइडिंग पर मजदूरों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां करीब 800 से अधिक श्रमिक बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के जोखिम भरे हालात में काम करने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के बीच हालात इतने खराब हैं कि कई मजदूरों को राहत पाने के लिए मालगाड़ी के नीचे बैठकर आराम करना पड़ रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।

    रेलवे साइडिंग पर गिट्टी लोडिंग का कार्य चौबीसों घंटे जारी रहता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष मजदूर शामिल हैं। एक रैक में मौजूद 59 डिब्बों को भरने के लिए लगभग 826 मजदूरों की जरूरत होती है, जो लगातार भारी श्रम करते हुए अपनी जीविका चलाते हैं। लेकिन इस कठिन कार्य के बावजूद उन्हें सुरक्षा के नाम पर लगभग कुछ भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

    नियमानुसार इस तरह के उच्च जोखिम वाले कार्यों में मजदूरों को दस्ताने, जूते, मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरण दिए जाने चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार और माइंस प्रबंधन सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी कर रहे हैं। न केवल सुरक्षा उपकरणों की कमी है, बल्कि पीने के लिए ठंडा पानी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे भीषण गर्मी में उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

    मजदूरों का कहना है कि उन्हें केवल गर्मी ही नहीं, बल्कि कड़कड़ाती ठंड और बारिश में भी इसी तरह बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना पड़ता है। गिट्टी लोडिंग के दौरान उड़ने वाली बारीक धूल लगातार उनके शरीर और फेफड़ों में जा रही है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई मजदूरों ने आशंका जताई है कि वे सिलिकोसिस जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आ सकते हैं, जो लंबे समय में जानलेवा साबित हो सकती है।

    श्रमिकों में अशोक कोल, प्रेम बाई और वंदना सहित कई मजदूरों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। काम के दौरान लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है, लेकिन मजबूरी में उन्हें इसी हालात में काम करना पड़ रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रतिक्रिया दी है कि स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही माइंस प्रबंधन और संबंधित ठेकेदारों को तलब किया जाएगा और पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। साथ ही श्रमिकों की सुरक्षा, उन्हें मिलने वाली सुविधाओं और नियमों के पालन की जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी और समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

    फिलहाल खन्ना बंजारी साइडिंग पर काम कर रहे मजदूरों की स्थिति प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक गंभीर सवाल बनकर खड़ी है, जिसका समाधान अब समय की मांग बन चुका है।

  • कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज

    कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज


    कटनी । कटनी में फुटकर फल व्यापारियों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया जब दर्जनों व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए थोक आढ़तियों की कथित मनमानी तथा नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। फुटकर फल व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष रामराज गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

    व्यापारियों का कहना है कि थोक फल आढ़ती लंबे समय से निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से अतिरिक्त कमीशन वसूल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों में कमीशन प्रथा पर स्पष्ट प्रतिबंध होने के बावजूद आढ़ती ठेला चालकों और फुटकर व्यापारियों से 4 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

    संघ ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में 28 मई 2026 को केले के व्यापारियों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 11 जून 2026 से 10 रुपये अतिरिक्त कमीशन वसूलने का निर्णय थोप दिया गया। व्यापारियों ने बताया कि इस निर्णय को लेकर दुकानों पर बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह व्यवस्था सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही है। फुटकर व्यापारियों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में मंडी सचिव की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है।

    व्यापारियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थोक आढ़ती बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित आढ़तियों के बैंक खातों और बही-खातों की गहन जांच कराई जाए, ताकि वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सके। इसके साथ ही संघ ने यह भी कहा कि कमीशन प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर फलों की बिक्री केवल पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए, जिससे सभी व्यापारियों को समान अवसर मिल सके।

    इसी बीच फुटकर व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। संघ के अध्यक्ष रामराज गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम का अतिक्रमण अमला लगातार छोटे और गरीब ठेला व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। बिना उचित कारण कार्रवाई करने से छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

    ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा कर वैधानिक और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    प्रशासन के आश्वासन के बाद भी व्यापारियों में संतोष पूरी तरह दिखाई नहीं दिया, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है।

  • 20 मिनट की बरसात ने बढ़ाई मुश्किल, निचले इलाके पानी से लबालब

    20 मिनट की बरसात ने बढ़ाई मुश्किल, निचले इलाके पानी से लबालब


    शुजालपुर । शुजालपुर में सोमवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। करीब 3 बजे के आसपास शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन कुछ ही मिनटों की इस बारिश ने कई जगहों पर परेशानी भी खड़ी कर दी। करीब 20 मिनट तक चली तेज बारिश के दौरान तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक फैल गई और लोग राहत महसूस करते दिखे।

    निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें बनी तालाब
    तेज बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई जगहों पर सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं, जबकि नालियां उफनती नजर आईं। अचानक आई इस बारिश से सामान्य जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ओलावृष्टि और आंधी से बढ़ी किसानों की चिंता
    बारिश के साथ कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे, जिससे कृषि क्षेत्रों में नुकसान की आशंका जताई जा रही है। विशेषकर संतरा उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों के अनुसार तेज हवाओं के कारण कई बागानों में छोटे फल गिर गए हैं और कुछ जगह पेड़ों की टहनियां टूटने की भी सूचना है। हालांकि नुकसान का सही आकलन मौसम साफ होने के बाद ही हो सकेगा, लेकिन शुरुआती संकेत किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाले हैं।

    40 डिग्री की गर्मी के बाद मिली राहत
    पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। दोपहर के समय गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित था। ऐसे में अचानक हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और लोगों को बड़ी राहत मिली।

    मौसम विभाग का अनुमान: अगले दो दिन अस्थिर रहेगा मौसम
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। अगले एक से दो दिनों तक क्षेत्र में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

  • कालापीपल में सियासी तनाव: बयान पर सियासत गरम, प्रदर्शन के दौरान पुलिस-कार्यकर्ता भिड़ंत

    कालापीपल में सियासी तनाव: बयान पर सियासत गरम, प्रदर्शन के दौरान पुलिस-कार्यकर्ता भिड़ंत


    कालापीपल । कालापीपल में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के हालिया बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यह विरोध मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर दिए गए बयान के बाद तेज हुआ।

    प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के बयान को “अशोभनीय” बताते हुए माफी की मांग की और पुतला दहन का प्रयास किया।

    पुलिस ने रोका पुतला दहन, मौके पर बढ़ा तनाव
    स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। हालात काबू में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
    घटना के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण बना रहा, हालांकि अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया।

    राजनीतिक बयान से भड़की सियासत
    यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था-
    “हम तो अभिनंदन लाल हैं, तुम टपोरी लाल हो।” मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सरकार के विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाते हुए जीतू पटवारी पर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे प्रदेशाध्यक्ष पहले कभी नहीं देखे गए, जिनके कार्यकाल में चुनावी उम्मीदवार भी मैदान छोड़कर चले गए।

    कांग्रेस की प्रतिक्रिया और मांग
    कांग्रेस नेताओं ने इस बयान को अपमानजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है।

    जमीनी हालात पर प्रशासन की नजर
    प्रशासन ने घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शांति बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

  • टोस्ट पैकेट में छिपकली मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग ने जांच के लिए भेजे सैंपल

    टोस्ट पैकेट में छिपकली मिलने से हड़कंप, खाद्य विभाग ने जांच के लिए भेजे सैंपल


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक टोस्ट पैकेट के अंदर मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और पैकिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

    प्रशासन ने तुरंत शुरू की कार्रवाई
    घटना की जानकारी मिलते ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) सक्रिय हो गया और संबंधित ब्रांड के टोस्ट के सैंपल एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

    सैंपल जांच के लिए भेजे गए
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और खाद्य विभाग के उप संचालक डॉ. संजय ऋषीश्वर के अनुसार, “शुद्ध बेकरर्स” के “शुद्ध स्पेशल सूजी टोस्ट” के पैकेट का नमूना जांच के लिए लिया गया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की जा रही है।

    शिकायत के बाद खुला मामला
    यह पूरा मामला तब सामने आया जब कृष्ण विहार कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसने बच्चों के लिए टोस्ट खरीदा था, जिसमें खोलने पर मरी हुई छिपकली मिली। इसके बाद यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

    जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई
    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित निर्माता और विक्रेता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    खाद्य सुरक्षा पर उठे सवाल
    इस घटना के बाद शहर में पैकेज्ड फूड की गुणवत्ता और निरीक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि बाजार में बिकने वाले सभी खाद्य उत्पादों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

  • शिवपुरी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिला अज्ञात युवक का शव, हत्या की आशंका से सनसनी

    शिवपुरी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में मिला अज्ञात युवक का शव, हत्या की आशंका से सनसनी


    शिवपुरी  शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र में स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक अज्ञात युवक का निर्वस्त्र शव पानी में तैरता हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर जांच शुरू कर दी।

    शव की हालत से बढ़ी जांच की चुनौती
    पुलिस के अनुसार मृतक पुरुष की उम्र लगभग 30 से 40 वर्ष के बीच आंकी जा रही है। शव पर केवल अंडरवियर मौजूद था, जबकि बाकी शरीर पूरी तरह नग्न अवस्था में मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शव लगभग 10 से 15 दिन पुराना हो सकता है, जिसके चलते उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है।

    सीवर लाइन से बहकर आने की आशंका
    सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि शव संभवतः किसी सीवर पाइपलाइन के माध्यम से बहकर प्लांट तक पहुंचा है। इसी आधार पर पुलिस सभी संभावित कड़ियों को जोड़कर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस इस घटना को सिर्फ दुर्घटना नहीं मान रही है। प्रारंभिक आशंका के तहत हत्या की संभावना भी जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि युवक की हत्या कर शव को सीवर लाइन में फेंका गया हो सकता है, जिससे वह बहते हुए ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच गया।

    पहचान के लिए पुलिस की कवायद तेज
    देहात थाना पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों को फोटो और विवरण भेजे गए हैं। पुलिस आसपास के लापता व्यक्तियों की सूची भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि शव की पहचान होते ही मामले की जांच और तेज की जाएगी। इसके बाद ही मौत के वास्तविक कारण और घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सकेगी।

    जांच के सभी पहलुओं पर नजर
    फिलहाल पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर हर एंगल से जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम की मदद भी ली जा सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत प्राकृतिक है, दुर्घटना है या फिर किसी सुनियोजित हत्या का मामला।