Category: Madhya Pradesh

  • गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना

    गुड़ खिलाना पड़ा भारी इंदौर में हाथी ने ऑटो ड्राइवर को बेरहमी से कुचला सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना


    इंदौर । इंदौर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। एक बेकाबू हाथी ने ऑटो चालक पर अचानक हमला कर उसे सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया और फिर पैरों से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामले में महावत को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है जबकि हाथी को लेकर भी संबंधित विभाग को सूचना भेजी गई है।

    यह घटना शनिवार शाम करीब चार बजकर अठारह मिनट पर राजनगर पुलिस चौकी के पास हुई। मृतक की पहचान 49 वर्षीय विजय उर्फ लक्ष्मण राव होलकर के रूप में हुई है जो पेशे से ऑटो रिक्शा चालक थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विजय हाथी को गुड़ खिलाने के लिए उसके पास पहुंचे थे। इसी दौरान हाथी अचानक उग्र हो गया और उसने हमला कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक हाथी को उज्जैन से जैन समाज के एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंदौर लाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद महावत हाथी को लेकर इलाके में घूम रहा था और भिक्षावृत्ति कर रहा था। इसी दौरान विजय ने हाथी को रोककर उसे गुड़ खिलाना शुरू किया। कुछ ही क्षणों में हाथी ने आक्रामक रूप अपनाया और विजय को सूंड से उठाकर सड़क पर पटक दिया। इसके बाद उसने अपने पैरों से उन्हें बुरी तरह कुचल दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह हाथी को नियंत्रित किया और घायल विजय को वहां से हटाकर अस्पताल पहुंचाया। पहले उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए वर्मा यूनियन अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रात करीब साढ़े सात बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। विजय अपने पीछे पत्नी एक बेटा और अन्य परिजनों को छोड़ गए हैं।

    घटना के बाद चंदन नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी तिलक करोले ने बताया कि महावत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही इंदौर चिड़ियाघर के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है ताकि हाथी की स्थिति और उसके व्यवहार का परीक्षण किया जा सके।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि घटना के समय मृतक शराब के नशे में हो सकता था। हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।

    गौरतलब है कि इंदौर में हाथी के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर के सीतलामाता बाजार और पाटनीपुरा क्षेत्र में हाथियों के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ताजा हादसे के बाद सार्वजनिक स्थानों पर हाथियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग ऐसे आयोजनों और हाथियों की आवाजाही के दौरान सख्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

  • 25 वर्षीय गौरव दवे का अंगदान बनेगा जीवन का वरदान इंदौर में 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी लिवर और दोनों किडनी का होगा प्रत्यारोपण

    25 वर्षीय गौरव दवे का अंगदान बनेगा जीवन का वरदान इंदौर में 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी लिवर और दोनों किडनी का होगा प्रत्यारोपण


    इंदौर । इंदौर एक बार फिर मानवता सेवा और अंगदान की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बनने जा रहा है। शहर के खजूरी बाजार निवासी 25 वर्षीय गौरव दवे के अंगदान से कई गंभीर मरीजों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। यदि सभी चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी हो जाती हैं तो सोमवार को शहर में 68वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसके माध्यम से विभिन्न अस्पतालों तक अंगों को बेहद कम समय में सुरक्षित पहुंचाया जाएगा ताकि जरूरतमंद मरीजों का समय रहते प्रत्यारोपण किया जा सके।

    गौरव दवे को 13 जुलाई को अचानक गंभीर ब्रेन हेमरेज होने के बाद इलाज के लिए राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने लगातार कई दिनों तक उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकीय परीक्षण और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। गौरव फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत थे और अपने परिवार के साथ इंदौर में रहते थे।

    परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय था लेकिन इसी दुख की घड़ी में उन्होंने ऐसा फैसला लिया जिसने कई परिवारों में उम्मीद की नई किरण जगा दी। गौरव की बहन वैदही राठी बहनोई पल्केश राठी और भाई रितिक चावरे ने परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पिता सतीश दवे और माता कविता दवे ने सहमति देकर मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश की। उनके इस निर्णय की हर ओर सराहना हो रही है क्योंकि एक व्यक्ति के अंग कई लोगों को नया जीवन देने वाले हैं।

    अंगदान की पूरी प्रक्रिया में मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के सेवादार जीतू बगानी संदीपन आर्य और लकी खत्री ने समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। ट्रस्ट की टीम ने चिकित्सकीय संस्थानों और परिवार के बीच आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कराने में सहयोग किया ताकि अंगदान की प्रक्रिया समय पर संपन्न हो सके।

    डॉक्टरों के अनुसार गौरव का लिवर राजश्री अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती एक गंभीर मरीज को प्रत्यारोपित किया जाएगा जबकि उनकी दोनों किडनियां चोइथराम हॉस्पिटल में उपचाराधीन दो अलग अलग मरीजों को नई जिंदगी देंगी। इसके अलावा हृदय फेफड़े हार्ट वाल्व पेनक्रियाज और छोटी आंत के आवंटन की प्रक्रिया राष्ट्रीय स्तर पर जारी है। इन अंगों का आवंटन तकनीकी अनुकूलता और मरीजों की चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर किया जाएगा।

    अंगों को सुरक्षित और समय पर संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और पुलिस की मदद से 68वें ग्रीन कॉरिडोर की तैयारी की जा रही है। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए ट्रैफिक को कुछ समय के लिए नियंत्रित कर एंबुलेंस को बिना किसी बाधा के अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है जिससे अंगों की गुणवत्ता बनी रहती है और प्रत्यारोपण सफल होने की संभावना बढ़ जाती है।

    इंदौर लंबे समय से देश में अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी शहरों में शामिल रहा है। यहां पहले भी कई ग्रीन कॉरिडोर बन चुके हैं और अनेक परिवार अपने प्रियजनों के अंगदान के जरिए जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे चुके हैं। गौरव दवे के परिवार का यह निर्णय भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है और यह संदेश देता है कि जीवन भले समाप्त हो जाए लेकिन अंगदान के माध्यम से कई जिंदगियां फिर से मुस्कुरा सकती हैं।

  • आधी रात RRCAT में मची अफरा तफरी बैरियर तोड़कर परिसर में घुसी कार चालक हिरासत में परिवार ने बताया मानसिक स्थिति ठीक नहीं

    आधी रात RRCAT में मची अफरा तफरी बैरियर तोड़कर परिसर में घुसी कार चालक हिरासत में परिवार ने बताया मानसिक स्थिति ठीक नहीं


    इंदौर । इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र स्थित राजा रामन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी यानी आरआरकैट परिसर में रविवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक कार चालक मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर को तोड़ते हुए जबरन अंदर घुस गया। घटना के चलते शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है और उसका इलाज चल रहा है।

    राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार आरआरकैट निवासी वसंत कुमार कुमरे की शिकायत पर कार क्रमांक एमपी 09 सीएस 8622 के चालक सारिम जफर मंसूरी निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।

    जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे कैट चौराहे पर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सारिम अपनी कार लेकर वहां पहुंचा। पुलिस जांच से बचने के प्रयास में उसने कार की रफ्तार बढ़ा दी और सीधे आरआरकैट के मुख्य प्रवेश द्वार की ओर निकल गया। वहां लगे इलेक्ट्रॉनिक बूम बैरियर को टक्कर मारते हुए वह परिसर के अंदर प्रवेश कर गया। टक्कर इतनी तेज थी कि बैरियर क्षतिग्रस्त हो गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

    घटना के तुरंत बाद आरआरकैट के सुरक्षा गार्ड सक्रिय हो गए और कार का पीछा किया। कुछ दूरी पर चालक ने वाहन रोक दिया जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर राजेंद्र नगर थाने पहुंचाया। पूछताछ के दौरान आरोपी पुलिस के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया जिससे पुलिस को उसकी मानसिक स्थिति पर संदेह हुआ।

    इसके बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन से उसके परिजनों से संपर्क किया। परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि सारिम पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी का उपचार करा रहा है और इसी कारण उसे किसी प्रकार की जिम्मेदारी या काम भी नहीं दिया जाता। परिजनों ने इलाज से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए जिनकी जांच की जा रही है।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले ने परिजनों को भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उसे देर रात वाहन चलाने के लिए अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। इससे न केवल उसकी बल्कि आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। समय रहते घटना पर नियंत्रण पा लिया गया वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

    फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के समय चालक की मानसिक स्थिति क्या थी और क्या किसी अन्य कारण से उसने सुरक्षा व्यवस्था तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में छात्र आंदोलन पर सियासी तकरार NEET विरोधी छात्र नेताओं ने पुलिस पर लगाए अपशब्द मानसिक प्रताड़ना और परिवार से दूर रखने के आरोप

    इंदौर में छात्र आंदोलन पर सियासी तकरार NEET विरोधी छात्र नेताओं ने पुलिस पर लगाए अपशब्द मानसिक प्रताड़ना और परिवार से दूर रखने के आरोप


    इंदौर । नीट पेपर लीक के विरोध में इंदौर में प्रस्तावित न्याय यात्रा से पहले गिरफ्तार किए गए छह छात्र नेताओं ने रिहाई के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्र नेताओं का आरोप है कि उन्हें प्रशासन ने डीसीपी से चर्चा कराने का भरोसा देकर बुलाया लेकिन बातचीत कराने के बजाय सीधे थाने ले जाकर धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। छात्रों का कहना है कि पूरी कार्रवाई के दौरान उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और कानून व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

    नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के सदस्य राधे जाट ने बताया कि 23 जुलाई को प्रस्तावित न्याय यात्रा के संबंध में पुलिस प्रशासन से पहले ही संपर्क किया गया था। उन्होंने दावा किया कि यात्रा की पूरी जानकारी एक दिन पहले पुलिस कमिश्नर कार्यालय में दी गई थी और अनुमति भी मांगी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें यह कहकर बुलाया कि डीसीपी से चर्चा कराई जाएगी। छात्रों ने पुलिस पर भरोसा किया और उनके साथ चले गए लेकिन रास्ते में उनके मोबाइल फोन बंद करवा दिए गए। इसके बाद उन्हें पहले जिला अस्पताल चौकी और फिर चंदन नगर थाने ले जाया गया।

    छात्र नेताओं का कहना है कि अगले दिन मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उन्हें एसीपी के सामने पेश किया गया और फिर जेल भेज दिया गया। उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर उनकी बात सुनने की कोशिश नहीं की गई। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने आंदोलन शुरू होने से पहले ही उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

    रिहा हुए छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और मानसिक रूप से परेशान किया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र सुरेंद्र यादव के साथ भी कथित रूप से अपशब्द कहे गए। इस मामले में विजय चौधरी चंद्रशेखर गुर्जर गौरव परिहार और हरिप्रपन्न गोस्वामी को भी गिरफ्तार किया गया था। सभी का कहना है कि उन्हें अपराधियों की तरह पेश किया गया जबकि उनका उद्देश्य केवल छात्रों की आवाज उठाना था।

    छात्र नेताओं का यह भी आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद चार दिनों तक उनके परिवारों को यह तक नहीं बताया गया कि उन्हें कहां रखा गया है। इससे परिजन लगातार परेशान रहे और उन्हें अपने बच्चों की कोई जानकारी नहीं मिल सकी। रिहाई के समय उनसे बॉन्ड ओवर भी भरवाया गया। छात्रों का कहना है कि इससे पहले उन्होंने एमपीपीएससी पटवारी भर्ती घोटाले और अन्य छात्र आंदोलनों में भी हिस्सा लिया था लेकिन कभी इस तरह की कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा।

    रिहाई के बाद छात्र नेताओं ने इंदौर में लागू कमिश्नरी व्यवस्था और धारा 151 के इस्तेमाल की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी नाराजगी जताई कि गिरफ्तारी के दौरान किसी भी राजनीतिक दल के नेता ने उनकी सुध नहीं ली। अब यह मामला छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच नए विवाद का कारण बनता दिखाई दे रहा है जबकि पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल लगातार उठ रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक कहीं बिजली गिरने से मौतें तो कहीं बारिश के लिए शिवलिंग जल में विराजमान

    मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक कहीं बिजली गिरने से मौतें तो कहीं बारिश के लिए शिवलिंग जल में विराजमान


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसके साथ ही कई इलाकों में तेज बारिश तथा आकाशीय बिजली की घटनाएं सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी बीच शहडोल जिले में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। मृतकों में एक 11 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। सभी हादसे खेतों और खुले स्थानों पर हुए जहां लोग बारिश के दौरान काम कर रहे थे।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही निम्न दाब क्षेत्र और डिप्रेशन भी सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 27 से 30 जुलाई के बीच कई क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

    शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम झींक में पहली घटना उस समय हुई जब खेत में धान की रोपाई का काम चल रहा था। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए जिनका उपचार जारी है। जिले के अन्य हिस्सों में भी बिजली गिरने की अलग अलग घटनाओं में दो और लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग घायल हुए। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 15.5 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में लगभग 13 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    उधर नर्मदापुरम जिले के इटारसी में बारिश की कमी से चिंतित किसानों और श्रद्धालुओं ने अच्छी वर्षा की कामना के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया। प्राचीन तिलक सिंदूर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया गया तथा शिवलिंग को पूरी तरह जल में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस परंपरा से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है। सुबह से मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचे और किसानों की समृद्धि तथा अच्छी बारिश की प्रार्थना की।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि गरज चमक के समय खुले मैदानों खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

  • महेश्वर में दर्दनाक हादसा परिवार के सामने नर्मदा की तेज धारा में बहा इंदौर का युवक कुछ सेकेंड में हुआ लापता

    महेश्वर में दर्दनाक हादसा परिवार के सामने नर्मदा की तेज धारा में बहा इंदौर का युवक कुछ सेकेंड में हुआ लापता

    खरगोन । खरगोन जिले के महेश्वर स्थित सहस्त्रधारा घाट पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में इंदौर का 30 वर्षीय युवक नर्मदा नदी की तेज धारा में बह गया। परिवार के सामने हुए इस हादसे में युवक कुछ ही सेकेंड में तेज बहाव में ओझल हो गया। पत्नी और भाई लगातार मदद के लिए चीखते रहे लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी के कारण कोई भी उसे बचाने के लिए नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। घटना का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के अनुसार लापता युवक की पहचान इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित हाड़ा के रूप में हुई है। वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ महेश्वर तथा आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर के लिए आया था। महेश्वर दर्शन के बाद सभी लोग जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा घाट पहुंचे। शाम करीब चार से पांच बजे के बीच नर्मदा में स्नान करते समय अर्पित का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव के साथ गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह कुछ ही पलों में लापता हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर मौजूद पत्नी और भाई ने शोर मचाकर लोगों से मदद मांगी। आसपास मौजूद नाविक ग्रामीण और पर्यटक भी तुरंत पहुंचे लेकिन नदी का तेज बहाव पथरीला तल और गहराई इतनी अधिक थी कि कोई भी पानी में उतरकर बचाव नहीं कर सका। कुछ ही सेकेंड में युवक आंखों से ओझल हो गया।

    सूचना मिलते ही महेश्वर पुलिस होमगार्ड की रेस्क्यू टीम स्थानीय गोताखोर और बाद में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रविवार शाम से देर रात तक नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह छह बजे से एक बार फिर नावों और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

    लापता युवक के पिता अमर सिंह हाड़ा ने बताया कि अर्पित अपने परिवार और दोस्तों के साथ रविवार दोपहर इंदौर से निकला था। घर से निकलते समय उसने जल्द लौटने की बात कही थी। अर्पित जैविक पोषण ऑल इंडिया नाम से अपना कारोबार चलाता था। उसकी शादी को करीब पांच वर्ष हो चुके हैं और उसका तीन साल का एक बेटा भी है। परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने बताया कि सहस्त्रधारा घाट का इलाका तेज बहाव गहरे पानी और पथरीले तल के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अनजान या गहरे पानी वाले स्थानों पर स्नान करने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

    बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में नर्मदा घाट क्षेत्र में डूबने या तेज बहाव में बहने की यह चौथी घटना है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में स्थायी गोताखोरों और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने की बात कही है।

  • MP: भोपाल के बुजुर्ग से शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 3.91 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

    MP: भोपाल के बुजुर्ग से शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 3.91 करोड़ रुपये की साइबर ठगी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के चूना भट्टी इलाके में रहने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगों (Cyber ​​Fraudsters) के ऐसे जाल में फंस गए कि उन्होंने करीब 3.91 करोड़ रुपये गंवा दिए। आरोपियों ने शेयर बाजार (Stock Market) और आईपीओ (IPO) में कई गुना मुनाफे का लालच देकर पहले भरोसा कायम किया और फिर अलग-अलग बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करा ली। ठगों ने इसके लिए फेसबुक विज्ञापन, फर्जी ट्रेडिंग ऐप और नकली सेबी पंजीयन प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया।


    फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क

    पीड़ित के मुताबिक, 29 मई को फेसबुक मैसेज के जरिए एक विज्ञापन का लिंक उनके पास पहुंचा था। इसके बाद ‘अनन्या कुलकर्णी’ नाम की युवती ने उन्हें फोन किया। उसने खुद को फिनसोल सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड की अधिकारी बताया। युवती ने बुजुर्ग को ‘सारथी प्लान’ के जरिए निवेश करने की सलाह दी और कई सौ गुना तक मुनाफा होने का दावा किया। बातों पर भरोसा होने के बाद बुजुर्ग ने निवेश शुरू कर दिया। आरोपियों ने उन्हें एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर निवेश और मुनाफे की जानकारी दिखाई, जिससे उन्हें लगा कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है।


    11 जून से 9 जुलाई तक ट्रांसफर किए करोड़ों

    पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, बुजुर्ग ने 11 जून से 9 जुलाई के बीच अपने अलग-अलग बैंक खातों से आरटीजीएस और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए आरोपियों को करीब 3 करोड़ 91 लाख रुपये भेजे। ठग लगातार निवेश पर भारी रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाते रहे। ठगी का सबसे बड़ा संकेत तब मिला, जब फर्जी ऐप पर पीड़ित के निवेश खाते में 62 अरब 31 करोड़ रुपये की रकम दिखाई गई। इतनी बड़ी रकम देखकर उन्हें लगा कि उनका निवेश जबरदस्त मुनाफे में पहुंच गया है।


    रकम निकालने के लिए मांगा 20 फीसदी टैक्स

    जब बुजुर्ग ने ऐप में दिखाई जा रही रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने नया बहाना बना दिया। उनसे कहा गया कि रकम निकालने से पहले कुल राशि का 20 फीसदी टैक्स या प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। रकम निकालने में असफल रहने और लगातार अतिरिक्त पैसे मांगे जाने पर बुजुर्ग को संदेह हुआ। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। उन्होंने मामले की शिकायत साइबर पुलिस में दर्ज कराई।


    फर्जी दस्तावेजों से बनाया भरोसा

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ठगों ने बुजुर्ग का भरोसा जीतने के लिए फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के साथ नकली सेबी पंजीयन प्रमाण पत्र का भी इस्तेमाल किया। निवेश को वैध दिखाने के लिए शेयर बाजार और आईपीओ में बड़े रिटर्न का लालच दिया गया। शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और फर्जी ट्रेडिंग ऐप से जुड़े डिजिटल सुरागों के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

  • इंदौर में आरोपियों के जुलूस पर उठे सवाल जेल गेट पर खुद खोले पट्टे वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच के घेरे में

    इंदौर में आरोपियों के जुलूस पर उठे सवाल जेल गेट पर खुद खोले पट्टे वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच के घेरे में


    नई दिल्ली । इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में आरोपियों का जुलूस निकालने की पुलिस कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में जेल गेट के बाहर आरोपी अपने हाथ और पैरों पर बंधे पट्टे खोलते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वीडियो में लगाए जा रहे दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी ने जांच के निर्देश दिए हैं।

    यह मामला मेडिकल दुकान के बाहर कार और बाइक की टक्कर के बाद हुए विवाद से जुड़ा है। घटना के बाद हीरानगर पुलिस ने एक नाबालिग सहित चार आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने शोभित साक्यवार निक्की अहिरवार ओम उर्फ देवाय और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर रविवार को इलाके में उनका जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान आरोपियों के हाथ और पैरों पर पट्टे बांधे गए थे। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

    देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें जेल गेट के बाहर आरोपी अपने हाथ और पैरों से पट्टे खोलते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि पट्टे केवल दिखावे के लिए बांधे गए थे। हालांकि इन दावों की किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है और न ही अब तक इस संबंध में कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया गया है।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। मामले में एसीपी रूबीना मिजवानी ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है और वीडियो की सत्यता तथा घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सार्वजनिक स्थानों पर आरोपियों के जुलूस निकालने जैसी कार्रवाइयों को लेकर पहले भी बहस होती रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई स्थिति किस परिस्थिति में बनी और पुलिस की कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता हुई या नहीं।

  • दतिया में बीजेपी की अग्निपरीक्षा नरोत्तम समर्थकों की नाराजगी और जातीय समीकरणों के बीच फंसा उपचुनाव

    दतिया में बीजेपी की अग्निपरीक्षा नरोत्तम समर्थकों की नाराजगी और जातीय समीकरणों के बीच फंसा उपचुनाव


    दतिया । दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं बल्कि बदले हुए राजनीतिक समीकरण बन गए हैं। पूर्व गृह मंत्री और लंबे समय तक दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद चुनावी माहौल बदलता नजर आ रहा है। पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है लेकिन जमीन पर नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव और समर्थकों की भावनाएं अब भी चुनावी चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

    ग्रामीण इलाकों में कई मतदाता आज भी नरोत्तम मिश्रा को दादा के नाम से याद करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में उनकी सक्रिय भूमिका रहती थी। ऐसे में टिकट बदलने के फैसले के बाद कुछ समर्थकों में नाराजगी दिखाई दे रही है। हालांकि पार्टी इसे पूरी तरह नियंत्रित करने का दावा कर रही है।

    पिछले करीब 18 वर्षों में दतिया बीजेपी संगठन में नरोत्तम मिश्रा का मजबूत प्रभाव रहा। इस दौरान उनका समर्थक नेटवर्क बूथ स्तर तक सक्रिय रहा और चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारी भी काफी हद तक इसी टीम के पास रही। अब नए उम्मीदवार के साथ पार्टी को बूथ स्तर पर संगठन को फिर से सक्रिय करना पड़ रहा है। पुराने कार्यकर्ता दोबारा मैदान में जरूर उतरे हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर उनका जनसंपर्क पहले जैसा मजबूत नहीं माना जा रहा।

    इसी चुनौती को देखते हुए बीजेपी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। अब तक आठ मंत्री क्षेत्र में प्रचार कर चुके हैं जबकि 20 विधायकों को अलग अलग शक्ति केंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी भी लगातार मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि व्यापक संगठनात्मक अभियान से संभावित नुकसान की भरपाई की जा सकेगी।

    नरोत्तम मिश्रा भी चुनावी अभियान से पूरी तरह दूर नहीं हैं। उन्हें चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष बनाया गया है और उनके फोटो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रचार सामग्री में प्रमुखता से लगाए गए हैं। हालांकि उनका प्रचार करने का तरीका अलग है। वे उम्मीदवार के साथ मंच साझा करने के बजाय स्वयं घर घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं।

    नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों की नाराजगी के सवाल पर कहा कि अब पार्टी में कोई असंतुष्ट नहीं है और सभी कार्यकर्ता भाजपा की जीत के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने उन्हें लंबे समय तक विधायक और मंत्री बनने का अवसर दिया और अब वे केवल एक कार्यकर्ता के रूप में संगठन की जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस उपचुनाव में जातीय समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। खासकर ब्राह्मण मतदाताओं का रुझान चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में दतिया का उपचुनाव केवल उम्मीदवारों की लड़ाई नहीं बल्कि संगठन की मजबूती स्थानीय नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों की भी बड़ी परीक्षा बन गया है।

  • गेहूं उत्पादन के बाद अब भंडारण में भी एमपी का दम 35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल

    गेहूं उत्पादन के बाद अब भंडारण में भी एमपी का दम 35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल


    नई दिल्ली । देश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन के लिए पहचान बना चुका मध्य प्रदेश अब सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता के मामले में भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 34.94 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इस उपलब्धि के साथ मध्य प्रदेश देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल हो गया है और पंजाब हरियाणा राजस्थान गुजरात तमिलनाडु तेलंगाना तथा ओडिशा जैसे कई बड़े कृषि राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

    राज्यसभा में उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में यह जानकारी सामने आई है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 3493.80 हजार मीट्रिक टन यानी लगभग 34.94 लाख मीट्रिक टन सरकारी खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। यह क्षमता प्रदेश में खरीदे गए गेहूं धान और अन्य खाद्यान्नों के सुरक्षित भंडारण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    केंद्र सरकार के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान भारतीय खाद्य निगम राज्य एजेंसियों और अन्य व्यवस्थाओं को मिलाकर देशभर में कुल 55493.76 हजार मीट्रिक टन यानी लगभग 5.55 करोड़ मीट्रिक टन खाद्यान्न भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसमें अकेले मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 6.3 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि देश के खाद्य सुरक्षा तंत्र में मध्य प्रदेश की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है।

    भंडारण क्षमता के मामले में प्रदेश से आगे केवल उत्तर प्रदेश बिहार महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश का स्थान आता है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि प्रदेश पिछले कुछ वर्षों में गेहूं उत्पादन और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद में भी लगातार अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। अब पर्याप्त भंडारण क्षमता उपलब्ध होने से खरीदे गए अनाज के सुरक्षित संरक्षण और समय पर वितरण में भी आसानी होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक गोदामों और वैज्ञानिक भंडारण सुविधाओं के विस्तार से अनाज की बर्बादी कम होगी और किसानों से खरीदी गई उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी और जरूरत के समय विभिन्न राज्यों तक खाद्यान्न की आपूर्ति भी सुचारु रूप से की जा सकेगी।

    मध्य प्रदेश की यह उपलब्धि राज्य के कृषि और खाद्य प्रबंधन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उत्पादन के साथ साथ भंडारण क्षमता में हुई यह बढ़ोतरी प्रदेश को देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का और अधिक मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।