Category: Madhya Pradesh

  • ग्वालियर का ट्रैफिक सिस्टम बदलेगा, 15 जून से नया ISBT बनेगा बस संचालन का केंद्र

    ग्वालियर का ट्रैफिक सिस्टम बदलेगा, 15 जून से नया ISBT बनेगा बस संचालन का केंद्र


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। शहर के मल्लगढ़ा थाना के पास स्थित नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) को 15 जून से पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत भिंड और मुरैना रूट की बसों का संचालन अब नए ISBT से किया जाएगा, जिससे शहर के भीतर यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और सांसद भारत सिंह कुशवाह की मौजूदगी में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। बस ऑपरेटर्स यूनियन ने भी इस नई व्यवस्था को स्वीकार कर लिया है, जिससे इसके लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।

    नई व्यवस्था के अनुसार, ग्वालियर से भिंड और मुरैना जाने वाली बसें पहले पुराने बस स्टैंड से संचालित होंगी, लेकिन यात्रियों को बोर्डिंग के लिए उन्हें नए ISBT तक जाना अनिवार्य होगा। इसके बाद सभी बसें नए टर्मिनल से यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगी। किसी भी बस को शहर के बीच से सीधे बायपास मार्ग का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।

    धीरे-धीरे इस व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा और अन्य रूटों की बसों को भी नए ISBT से संचालित किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य शहर के मध्य क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना है।

    इसके साथ ही दिल्ली, जयपुर, इंदौर, भोपाल सहित अन्य बड़े शहरों के लिए चलने वाली सभी निजी स्लीपर और वीडियो कोच बसों को भी नए ISBT से शिफ्ट किया जाएगा। जिला प्रशासन इस संबंध में बस संचालकों के साथ अलग से बैठक कर विस्तृत योजना तैयार करेगा।

    स्मार्ट सिटी योजना के तहत संचालित लोक परिवहन सेवा ‘द सूत्र’ का मुख्य संचालन केंद्र भी अब नए ISBT को बनाया जाएगा। इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में बस सेवाओं का बेहतर विस्तार संभव होगा।

    यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुराने बस स्टैंड और नए ISBT के बीच ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक वाहनों के किराए भी निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बने आधुनिक ISBT का उद्देश्य शहर को बेहतर यातायात सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि इस कदम से ग्वालियर को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

    वहीं सांसद भारत सिंह कुशवाह ने इसे शहर की जरूरत बताते हुए कहा कि पुराने बस स्टैंड के कारण शहर के बीचों-बीच ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा था। नए बस टर्मिनल से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि 15 जून से यह व्यवस्था हर हाल में लागू कर दी जाएगी। इसके लिए प्रमुख मार्गों पर अस्थायी पिकअप और ड्रॉप पॉइंट भी बनाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

    प्रशासन का दावा है कि यह बदलाव ग्वालियर की ट्रैफिक व्यवस्था को नए स्तर पर ले जाएगा और शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।

  • छठी का जश्न बना मातम, देवर की गोली से भाभी की मौत; शव छिपाने की कोशिश नाकाम

    छठी का जश्न बना मातम, देवर की गोली से भाभी की मौत; शव छिपाने की कोशिश नाकाम


    मध्य प्रदेश । ग्वालियर में एक छठी समारोह उस समय मातम में बदल गया जब हर्ष फायरिंग के दौरान चली गोली से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना रविवार (31 मई) को थाटीपुर क्षेत्र के नदीपार टाल स्थित तृप्ति नगर में हुई, जहां एक परिवार में नवजात बच्चे के जन्म के छठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। लेकिन खुशी का यह माहौल कुछ ही पलों में त्रासदी में बदल गया।

    जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान परिवार का छोटा भाई योगेश कुशवाह अवैध कट्टे से हर्ष फायरिंग की तैयारी कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह बार-बार हथियार को लोड और अनलोड कर रहा था, इसी दौरान अचानक ट्रिगर दब गया और गोली पास बैठी बच्चे की मां जाह्नवी उर्फ ज्योति कुशवाह (32) के सिर में जा लगी। गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर पड़ी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का प्रयास किया। पति मनोज कुशवाह और देवर योगेश ने मिलकर महिला के शव को एक बड़े डीप फ्रीजर में रख दिया ताकि शव खराब न हो और अंतिम संस्कार बिना किसी को बताए किया जा सके।

    परिजनों ने आसपास के लोगों को यह बताया कि महिला की मौत बीमारी से हुई है, ताकि किसी को शक न हो। रात करीब 11 बजे दोनों आरोपी शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान एक पड़ोसी को उनकी गतिविधियों पर संदेह हो गया। उसने देखा कि घर में डीप फ्रीजर मंगवाया गया है और देर रात अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है, जिससे उसे शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही थाटीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही आरोपी पति मनोज और देवर योगेश मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घर से शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।

    पुलिस ने मामले में अवैध हथियार की भी तलाश शुरू कर दी है और यह जांच की जा रही है कि कट्टा कहां से लाया गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह घटना पूरी तरह लापरवाही और अवैध हथियार के उपयोग का परिणाम है।

    पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। शव को छिपाने और बिना सूचना अंतिम संस्कार की कोशिश को भी गंभीर अपराध माना जा रहा है।

    यह घटना एक बार फिर हर्ष फायरिंग की खतरनाक परंपरा और अवैध हथियारों के उपयोग पर सवाल खड़े करती है, जिसने एक खुशहाल परिवार को गहरे शोक में बदल दिया।

  • नंदी पूजन से लेकर भस्म अर्पण तक गूंजा जय महाकाल, श्रद्धालुओं ने लिए दर्शन लाभ

    नंदी पूजन से लेकर भस्म अर्पण तक गूंजा जय महाकाल, श्रद्धालुओं ने लिए दर्शन लाभ


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य उस समय देखने को मिला जब भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। तड़के मंदिर के कपाट खुलते ही परंपरागत विधि-विधान के अनुसार सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्तिवाचन किया गया और आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया।

    इसके बाद गर्भगृह के पट खोले गए और पुजारियों ने भगवान महाकाल का पूर्व श्रृंगार उतारकर विधिवत पूजन प्रारंभ किया। पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई, जिसके उपरांत भगवान को भांग, चंदन, सिंदूर और विभिन्न आभूषणों से राजा स्वरूप में श्रृंगारित किया गया। यह दिव्य रूप भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

    नंदी हॉल में इस दौरान नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और विधिवत पूजन किया गया। परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। इसके बाद ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग अर्पित किया गया।

    आरती के दौरान भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी मालाएं भी अर्पित की गईं। इसके बाद महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई, जो इस आरती का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है।

    मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी भाव के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और “जय महाकाल” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह आरती न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

  • उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    उज्जैन में खौफनाक वारदात, युवक पर 26 सेकेंड में 60 लाठियां; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप


    मध्य प्रदेश । उज्जैन जिले में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सोशल मीडिया पर 21 मई को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक को खेत में गिराकर बेरहमी से पीटा जा रहा है। महज 26 सेकेंड के इस वीडियो में 5 से 6 हमलावरों को युवक पर लगातार लाठियां बरसाते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस दौरान उस पर 60 से अधिक वार किए गए।

    घटना के बाद सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पीड़ित युवक का नाम संदीप कुमावत है, जो पिपलियाहाना गांव का रहने वाला है और डीजे चलाने का काम करता है। संदीप के अनुसार यह हमला 11 मई को हुआ था, जब वह उज्जैन से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में कुछ लोगों ने उसकी बाइक रोककर उसे जबरन खेत में ले जाकर हमला किया।

    पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने उससे हर महीने 5 हजार रुपए की रंगदारी (हफ्ता) मांगी थी। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। संदीप का कहना है कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे और पिटाई के दौरान उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया।

    सबसे गंभीर बात यह है कि संदीप ने 11 मई को ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने समय पर कोई कार्रवाई नहीं की। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, जहां वह पांच दिनों तक भर्ती रहा। लगभग 10 दिन बाद मामला तब सामने आया जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    इस दौरान एक किसान को धमकी देने के लिए आरोपियों ने यही वीडियो भेजा था। आरोप है कि किसान से भी पैसे की मांग की गई और कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उसका हाल भी संदीप जैसा होगा। डरने के बजाय किसान ने यह वीडियो आगे भेज दिया, जिसके बाद मामला वायरल हो गया और पुलिस हरकत में आई।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस का दावा है कि यह मामला रंगदारी का नहीं बल्कि डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद का है। पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले संदीप का आरोपियों से विवाद हुआ था, जिसके चलते यह हमला किया गया।

    वहीं पीड़ित और स्थानीय लोग इसे ‘ढाबा गैंग’ की दहशत बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में यह गिरोह हफ्ता वसूली और सूदखोरी के लिए कुख्यात है। लोगों में इस गैंग का इतना डर है कि वे खुलकर बोलने से भी डरते हैं।

    संदीप का कहना है कि हमले के बाद वह कई दिनों तक रिश्तेदारों के यहां छिपकर रहा क्योंकि उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। वह अब भी मानसिक रूप से इस घटना से उबर नहीं पाया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अलग-अलग दावों की पुष्टि करने में जुटी है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सक्रिय कथित गैंग के आतंक की गंभीर तस्वीर भी सामने लाती है।

  • उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे

    उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में सोमवार तड़के भक्ति और आस्था का विशेष नजारा देखने को मिला, जब फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, टीवी और फिल्म अभिनेता जय भानुशाली तथा टीवी अभिनेत्री आरती सिंह दर्शन के लिए पहुंचे। तीनों श्रद्धालु तड़के करीब 3 बजे मंदिर परिसर में पहुंचे और भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    मंदिर में प्रवेश के बाद तीनों ने नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य अनुभव लिया। इस दौरान वे पूरी तरह भक्ति भाव में डूबे नजर आए। लगभग दो घंटे तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में उन्होंने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। आरती के पश्चात तीनों ने नंदी महाराज का विधिवत पूजन और अभिषेक किया और परंपरा के अनुसार नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही।

    इसके बाद तीनों श्रद्धालुओं ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में मौजूद पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। दर्शन के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।

    फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने मंदिर दर्शन के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से लगातार बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी उन्हें यहां आकर अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने मंदिर समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की।

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी विशेष भस्म आरती और आस्था के लिए प्रसिद्ध है। हर साल यहां लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी इस पवित्र स्थल के महत्व को और भी बढ़ा देती है।

    सोमवार को हुई इस विशेष भेंट ने एक बार फिर उज्जैन को आस्था और श्रद्धा के केंद्र के रूप में सुर्खियों में ला दिया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी फिल्मी हस्तियों को देखकर उत्साह व्यक्त किया और पूरे माहौल में भक्ति का वातावरण और गहरा हो गया।

  • ओटीपी शेयर करते ही महिला के उड़ गए 1.56 लाख, बिजली विभाग के नाम पर साइबर ठगी

    ओटीपी शेयर करते ही महिला के उड़ गए 1.56 लाख, बिजली विभाग के नाम पर साइबर ठगी


    मध्य प्रदेश । इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला से बिजली बिल अपडेट कराने के नाम पर 1 लाख 56 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। आरोपी ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर महिला को फोन किया और ओटीपी हासिल कर उसके बैंक खाते से रकम निकाल ली। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    पुलिस के अनुसार तुलसियाना रेजीडेंसी निवासी नीलम नागपाल के साथ यह घटना 25 मई की दोपहर हुई। महिला को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम राकेश गुप्ता बताया और खुद को बिजली विभाग से जुड़ा कर्मचारी बताया। कॉल करने वाले ने महिला को बताया कि उसका बिजली बिल विभाग के रिकॉर्ड में अपडेट नहीं हुआ है, इसलिए ट्रांजेक्शन में समस्या आ रही है।

    आरोपी ने महिला को विश्वास में लेते हुए कहा कि उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा, जिसे बताने पर उसका बिल अपडेट हो जाएगा और रिकॉर्ड सही हो जाएगा। इसी भरोसे में आकर महिला ने ओटीपी साझा कर दिया, जो उसके लिए भारी भूल साबित हुई।

    ओटीपी मिलते ही आरोपी ने महिला के बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1 लाख 56 हजार रुपए निकाल लिए। इस राशि में महिला की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) की रकम भी शामिल थी। जैसे ही खाते से पैसे कटे, महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी।

    घटना के बाद पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लसूड़िया थाना पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोई भी बैंक, बिजली विभाग या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ओटीपी नहीं मांगती है।

    फिलहाल पुलिस साइबर ठगों के नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की ठगी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।

  • भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव

    भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा बढ़ोतरी के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर तक सिलेंडर के दामों में 44 रुपए तक की वृद्धि की गई है, जिससे व्यावसायिक रसोई की लागत और बढ़ गई है।

    नई दरों के अनुसार भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 3116.50 रुपए हो गई है। वहीं इंदौर में यह 3222.50 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, उज्जैन में 3250 रुपए और ग्वालियर में सबसे अधिक 3338.50 रुपए में उपलब्ध होगा। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को चिंता में डाल दिया है।

    पिछले तीन महीनों के आंकड़े देखें तो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 1300 रुपए तक का इजाफा हो चुका है। कारोबारियों का कहना है कि यह वृद्धि इतनी तेज है कि रोजमर्रा के संचालन खर्च पर सीधा असर पड़ रहा है। इससे न सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट बल्कि कैटरिंग और इवेंट इंडस्ट्री भी प्रभावित हो रही है।

    होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सिलेंडर के दाम बढ़ने से खाने-पीने की लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में ही मेन्यू की कीमतों में बदलाव करना पड़ा है। लगातार बढ़ती लागत के कारण आने वाले समय में और महंगाई देखने को मिल सकती है।

    कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का भी कहना है कि बड़े आयोजनों की लागत तेजी से बढ़ रही है। टेंट और कैटरिंग एसोसिएशन के अनुसार पहले जहां 500 लोगों के आयोजन में निश्चित बजट लगता था, अब वही खर्च 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ गया है। इससे शादी और अन्य आयोजनों की लागत पर सीधा असर पड़ा है।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश प्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले तीन महीनों में चार बार कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे रेस्टोरेंट उद्योग पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए संचालन मुश्किल होता जा रहा है।

    उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में खाने-पीने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

    फिलहाल कमर्शियल एलपीजी की लगातार बढ़ती कीमतें प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं और व्यवसायी आगे की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

  • गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी

    गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अब राहत महसूस होने लगी है। हालांकि मौसम के इस बदले स्वरूप के साथ बिजली गिरने और तेज आंधी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो इस मौसम के लिए काफी कम माना जा रहा है। वहीं पचमढ़ी में रात का तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर और जबलपुर में 24.7 डिग्री तथा उज्जैन में 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दमोह, रीवा, खरगोन और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भी रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहीं।

    मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। सतना में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में करीब आधा इंच बारिश हुई। शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया सहित अनेक जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से तेज हवाएं चलती रहीं, जबकि शिवपुरी, टीकमगढ़ और गुना में रुक-रुककर बारिश होती रही।

    इस बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आगर-मालवा, शाजापुर, अशोकनगर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, नीमच और मंदसौर सहित कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

    मौसम के इस बदले स्वरूप के बीच श्योपुर जिले से दुखद खबर भी सामने आई है। जिले के ओछापुरा गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 32 वर्षीय राजेश श्रीवास की मौत हो गई। बताया गया कि वह अपने घर के आंगन में सो रहा था, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    मानसून को लेकर भी मौसम विशेषज्ञों ने अहम संकेत दिए हैं। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके आगमन में लगभग एक सप्ताह की देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मई महीने में प्रदेश ने भीषण गर्मी और असामान्य बारिश दोनों का अनुभव किया। एक ओर खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, वहीं दूसरी ओर लगातार हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई में प्रदेश में सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का प्रभाव बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

  • निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसा या लापरवाही? टाइल्स कारीगर की मौत के बाद उठे कई सवाल

    निर्माणाधीन बिल्डिंग में हादसा या लापरवाही? टाइल्स कारीगर की मौत के बाद उठे कई सवाल


    मध्य प्रदेश । इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय टाइल्स कारीगर की मौत हो गई। निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम के दौरान तीसरी मंजिल से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हुए युवक को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने मृतक के साथ काम करने वाले साथियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार गोलू बड़ोले पुत्र राजाराम बड़ोले, जो देवास नाका स्थित वृंदावन कॉलोनी में रहकर टाइल्स लगाने का काम करता था, रविवार रात लसूड़िया क्षेत्र की एक निर्माणाधीन इमारत में कार्य कर रहा था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान वह तीसरी मंजिल पर मौजूद था। इसी दौरान सीढ़ियों के बीच बनी खाली जगह से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गया। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं।

    घटना के बाद उसके साथ काम कर रहे मजदूरों ने परिजनों को सूचना दी। देर रात उसका भाई अजय उसे लेकर एमवाय अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    मृतक के भाई अजय ने घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हादसा रात करीब 10 बजे हुआ था, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी लगभग दो घंटे बाद दी गई। अगर समय पर सूचना मिल जाती और घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का आरोप है कि साथियों ने हादसे के बाद तत्परता नहीं दिखाई और इसी लापरवाही के कारण स्थिति और गंभीर हो गई।

    परिवार के अनुसार गोलू मूल रूप से खरगोन जिले के एक गांव का निवासी था। वह रविवार को ही गांव से इंदौर लौटा था और वापस आने के बाद सीधे अपने काम पर चला गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। परिवार में उसके चार भाई हैं और उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार में शोक का माहौल है।

    घटना की जानकारी मिलते ही लसूड़िया थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और घायल को समय पर चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिली। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है।

    इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • उत्पात की कीमत 25 हजार रुपए, पेनाल्टी नहीं तो रिजल्ट नहीं; IET छात्रों पर कड़ी कार्रवाई

    उत्पात की कीमत 25 हजार रुपए, पेनाल्टी नहीं तो रिजल्ट नहीं; IET छात्रों पर कड़ी कार्रवाई


    मध्य प्रदेश । देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के रामानुजन छात्रावास में हुए हंगामे के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हॉस्टल परिसर में अर्धनग्न होकर डांस करने, अनुशासनहीनता फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दोषी पाए गए छात्रों को 25 हजार रुपए का जुर्माना जमा करने के बाद ही उनका परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।

    आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल के अनुसार मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच समिति की अनुशंसा के आधार पर दोषी छात्रों का रिजल्ट फिलहाल रोक दिया गया है। जब तक छात्र निर्धारित जुर्माना राशि जमा नहीं करेंगे, तब तक उन्हें परीक्षा परिणाम उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। अब तक केवल एक छात्र ने 25 हजार रुपए की पेनाल्टी जमा की है, जबकि बाकी छात्रों को भी यह राशि जमा करनी होगी।

    मामले में शामिल 17 छात्रों की पहचान की जा चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों के अभिभावकों को बुलाया है ताकि उन्हें पूरी घटना से अवगत कराया जा सके। अब तक पांच छात्रों के माता-पिता प्रशासन से मुलाकात कर चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभिभावकों को छात्रों के व्यवहार और विश्वविद्यालय की कार्रवाई दोनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

    हंगामे के कारण फाइनल ईयर के कुछ छात्रों की परीक्षाएं भी प्रभावित हुई थीं। घटना के बाद उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी। अब विश्वविद्यालय जून के मध्य, यानी 15 जून के आसपास इन छात्रों की शेष परीक्षाएं आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। परीक्षा कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

    दरअसल, कुछ दिन पहले रामानुजन छात्रावास में रहने वाले फाइनल ईयर के छात्रों ने देर रात जमकर उत्पात मचाया था। छात्रों ने हॉस्टल परिसर में अर्धनग्न होकर डांस किया और कई जगह तोड़फोड़ की। इस दौरान हॉस्टल की टेबल-कुर्सियां, पानी की टंकियां और खिड़कियों के कांच तक तोड़ दिए गए। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की काफी आलोचना हुई और तत्काल जांच के आदेश दिए गए।

    जांच के दौरान वायरल वीडियो के आधार पर 17 छात्रों को चिन्हित किया गया। इसके बाद अनुशासन समिति ने आर्थिक दंड, रिजल्ट रोकने और परीक्षा से वंचित करने जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। प्रशासन ने इन्हीं सिफारिशों के आधार पर कदम उठाए हैं।

    हालांकि घटना के वीडियो वायरल होने के बाद हॉस्टल के कुछ छात्रों ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी और अपने व्यवहार पर खेद जताया था। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि संस्थान की गरिमा और अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

    विश्वविद्यालय के इस फैसले को अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का संदेश साफ है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासनहीनता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।