Category: Madhya Pradesh

  • मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले तीन दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश लेकर आ सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को आठ जिलों में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले चौबीस घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना कटनी उमरिया मंडला डिंडौरी सिवनी रायसेन और बैतूल में भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को नदी नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ अलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन नीमच मंदसौर रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम हरदा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर जबलपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा बालाघाट रीवा सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल अनूपपुर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक मानसून की स्थिति सामान्य से कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 336 दशमलव 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 407 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिखाई दे रहा है। अनूपपुर बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया आगर मालवा अलीराजपुर अशोकनगर बड़वानी बैतूल दतिया धार गुना ग्वालियर हरदा झाबुआ खंडवा खरगोन मुरैना नर्मदापुरम नीमच रायसेन रतलाम शाजापुर श्योपुर शिवपुरी उज्जैन और विदिशा सहित कुल 48 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर भोपाल भिंड बुरहानपुर देवास इंदौर मंदसौर राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें देवास सबसे आगे है जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है जिससे 28 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने नदी नालों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खेती के लिए भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • भोपाल के छात्रावास में जन्मदिन बना मातम 12वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान सुसाइड नोट मिलने से जांच तेज

    भोपाल के छात्रावास में जन्मदिन बना मातम 12वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान सुसाइड नोट मिलने से जांच तेज


    भोपाल । भोपाल के कटारा हिल्स स्थित आदिवासी कन्या छात्रावास में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई जहां 12वीं कक्षा की छात्रा और जेईई की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सबसे दुखद बात यह रही कि जिस दिन उसने यह कदम उठाया उसी दिन उसका 17वां जन्मदिन भी था। इस घटना से छात्रावास में रहने वाली अन्य छात्राएं शिक्षक और परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें छात्रा ने इस कदम के लिए स्वयं को जिम्मेदार बताते हुए अपने माता पिता से माफी मांगी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

    मृतक छात्रा की पहचान अलीराजपुर जिले की रहने वाली दर्शन मिनामा के रूप में हुई है। वह भोपाल के अनंत हायर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं की छात्रा थी और साथ ही एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से जेईई परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह सितंबर 2025 से छात्रावास में रह रही थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर मानी जाती थी।

    जानकारी के अनुसार रविवार शाम वह कोचिंग से लौटकर अपने कमरे में चली गई। उसकी रूममेट पिछले लगभग बीस दिनों से गांव गई हुई थी जिसके कारण वह कमरे में अकेली रह रही थी। शाम करीब छह बजे उसकी सहेलियां जन्मदिन मनाने के लिए केक लेकर उसके कमरे पर पहुंचीं लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। लगातार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद जब सेंट्रल लॉक खोला गया तो छात्रा कमरे के अंदर फंदे से लटकी हुई मिली। यह दृश्य देखकर छात्राओं में चीख पुकार मच गई और तुरंत वार्डन को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।

    मौके पर पहुंची पुलिस एफएसएल टीम और फोटोग्राफर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला जिसमें छात्रा ने लिखा कि वह अपने इस कदम के लिए स्वयं जिम्मेदार है और अपने माता पिता से माफी मांगती है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को छात्रा के मानसिक तनाव या अवसाद में होने की आशंका है लेकिन आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस परिजनों से बातचीत कर रही है और छात्रा के दोस्तों तथा शिक्षकों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों को समझा जा सके। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया परिजनों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।

    इस घटना ने छात्रावास की व्यवस्थाओं और वहां रहने वाली छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग दस महीने पहले इसी छात्रावास में 12वीं की एक अन्य छात्रा ने भी आत्महत्या कर ली थी। उस समय भी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत करने की बात कही गई थी लेकिन अब दोबारा हुई इस घटना ने उन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में परिवार शिक्षकों और छात्रावास प्रबंधन को नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए ताकि यदि कोई छात्र मानसिक तनाव या भावनात्मक परेशानी से गुजर रहा हो तो समय रहते उसकी पहचान कर उचित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सुसाइड नोट सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • एनजीटी के आदेशों की अनदेखी कर वेटलैंड में मड रैली जैव विविधता पर मंडराया खतरा प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

    एनजीटी के आदेशों की अनदेखी कर वेटलैंड में मड रैली जैव विविधता पर मंडराया खतरा प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल


    भोपाल । भोपाल के कलियासोत डैम के वेटलैंड क्षेत्र में आयोजित मड रैली एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। पर्यावरणविदों और वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस आयोजन को प्राकृतिक पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा बताते हुए आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जिस क्षेत्र में सैकड़ों लोग और दर्जनों वाहन पहुंचे वहां पहले से ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से ऐसे आयोजनों पर रोक लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद खुलेआम मड रैली का आयोजन होना कई सवाल खड़े करता है।

    रविवार को कलियासोत डैम के किनारे बड़ी संख्या में ऑफरोड वाहनों की रेस आयोजित की गई। आयोजन में पचास से अधिक गाड़ियों ने हिस्सा लिया जबकि सैकड़ों लोग वहां मौजूद रहे। इस दौरान कई वाहन आपस में टकरा गए और कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। इतनी बड़ी गतिविधि होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वेटलैंड केवल जलभराव वाला क्षेत्र नहीं होता बल्कि यह अनेक दुर्लभ जलीय जीव जंतुओं पक्षियों और वनस्पतियों का प्राकृतिक आवास होता है। यहां मगरमच्छ घड़ियाल कछुए मछलियां और कई प्रवासी पक्षी निवास करते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही तेज आवाज और भीड़भाड़ से इन जीवों का प्राकृतिक जीवन प्रभावित होता है। इतना ही नहीं कई जीवों के घोंसले और अंडे भी ऐसे आयोजनों के कारण नष्ट हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों ने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में भी इसी तरह की मड रैली के खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की गई थी। इसके बाद जनवरी 2020 में एनजीटी ने देशभर के वेटलैंड क्षेत्रों में मड रैली और इसी तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। उस समय भोपाल जिला प्रशासन ने भी ऐसे आयोजन की अनुमति निरस्त कर दी थी। इसके बावजूद दोबारा ऐसे आयोजन का होना नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    वन विभाग के अनुसार कलियासोत और आसपास के जंगलों में बाघ तेंदुए सहित कई वन्यजीवों की आवाजाही रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों और अत्यधिक शोर से वन्यजीवों के व्यवहार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे आयोजनों पर रोक नहीं लगी तो क्षेत्र की जैव विविधता को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।

    घटना के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ है। राजस्व अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और अवैध रूप से मड रैली आयोजित करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में हर शनिवार और रविवार को विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके।

    जानकारों के मुताबिक ऐसे आयोजनों की जानकारी आम तौर पर सार्वजनिक नहीं की जाती। सोशल मीडिया और निजी मैसेजिंग ग्रुप के माध्यम से चुनिंदा लोगों को सूचना दी जाती है जिससे बड़ी संख्या में ऑफरोड वाहन चालक और दर्शक मौके पर पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि प्रशासन को समय रहते सूचना नहीं मिल पाती।

    पर्यावरण विशेषज्ञों ने मांग की है कि वेटलैंड क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह नियंत्रित की जाए नियमित गश्त बढ़ाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका मानना है कि प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

  • एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा

    एमपी के 8 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, प्रदेश में अब भी 17% कम पानी बरसा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी सिस्टम और मानसून ट्रफ के असर से बारिश का सिलसिला जारी है। सोमवार को कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने आठ जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    राजधानी भोपाल में सुबह से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। जिन जिलों में हैवी रेन की चेतावनी दी गई है, उनमें सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल शामिल हैं।

    इसके अलावा भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस समय तक 16 इंच (407 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 47 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है। वहीं भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।

  • पांच हत्याओं के सनसनीखेज मामले में जांच तेज फरार आरोपी ऋतुराज हिरासत में बुधगांव कनेक्शन और डॉक्टर की डिग्री भी जांच के घेरे में

    पांच हत्याओं के सनसनीखेज मामले में जांच तेज फरार आरोपी ऋतुराज हिरासत में बुधगांव कनेक्शन और डॉक्टर की डिग्री भी जांच के घेरे में


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के बहुचर्चित पांच हत्याकांड की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 19 जुलाई को इंदिरानगर में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपी ऋतुराज को पुलिस ने रविवार शाम हिरासत में ले लिया। आरोपी को जबलपुर के मढ़ाताल थाना क्षेत्र से नरसिंहपुर लाया गया है जहां उससे पूरे घटनाक्रम और फरार आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी पूछताछ से मामले के कई अहम राज सामने आ सकते हैं।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी के जबलपुर में होने की सूचना मिलने के बाद नरसिंहपुर पुलिस की विशेष टीम वहां पहुंची और उसे अभिरक्षा में लेकर जिले आई। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि आरोपी ने स्वयं थाने में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था या पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल जांच एजेंसियां उससे हत्या की साजिश वारदात की योजना और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर लगातार पूछताछ कर रही हैं।

    इस हत्याकांड में अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें आनंद लोधी अनुज लोधी और राजा पटेल को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की गई। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पूछताछ के दौरान पुलिस ने हत्या की साजिश पैसों के लेनदेन और फरार आरोपियों की लोकेशन से जुड़े सवाल किए लेकिन पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी पहले दिए गए बयानों पर ही कायम रहे और फरार आरोपियों प्रीतम तथा शुभम के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके।

    जांच के दौरान पुलिस का फोकस अब घटना के बाद सामने आए बुधगांव कनेक्शन पर भी है। पुलिस आनंद लोधी के उस दावे की पड़ताल कर रही है जिसमें उसने वारदात के बाद बुधगांव पहुंचकर सतीश पटेल के यहां वाहन छोड़ने की बात कही थी। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं और आरोपी के बयान कितने तथ्यात्मक हैं।

    मामले में गिरफ्तार जबलपुर निवासी डॉ. अमित खरे भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। पुलिस अब उनकी शैक्षणिक योग्यता और मेडिकल डिग्री का सत्यापन कराने की प्रक्रिया में जुटी है। इसके लिए जबलपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से पत्राचार किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी डिग्री वैध है या नहीं। पुलिस का मानना है कि जांच के इस पहलू से भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि फरार आरोपी ऋतुराज से पूछताछ जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं फरार अन्य आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • खेत के लिए पानी भरना पड़ा भारी नदी में डूबा ट्रैक्टर सूझबूझ से किसान की बची जान ग्रामीणों ने जेसीबी से किया रेस्क्यू

    खेत के लिए पानी भरना पड़ा भारी नदी में डूबा ट्रैक्टर सूझबूझ से किसान की बची जान ग्रामीणों ने जेसीबी से किया रेस्क्यू


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के बिजरौनी गांव में रविवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब खेत में दवा छिड़काव के लिए नदी से पानी भरने पहुंचे किसान का ट्रैक्टर अचानक गहरे गड्ढे में समा गया। ट्रैक्टर देखते ही देखते पानी में डूबने लगा लेकिन किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते छलांग लगा दी और अपनी जान बचा ली। हालांकि इस घटना में ट्रैक्टर पूरी तरह पानी में डूब गया जिससे वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है।

    जानकारी के अनुसार बिजरौनी गांव निवासी किसान सुल्ला राठौर अपने खेत में घास नष्ट करने वाली दवा का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने से उनका बोरवेल बंद हो गया और खेत के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो सका। मजबूरी में उन्होंने ट्रैक्टर पर ड्रम बांधकर नदी से पानी भरने का निर्णय लिया। जब वे ट्रैक्टर लेकर नदी में उतरे तो पानी के भीतर बने गहरे गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा। जैसे ही ट्रैक्टर आगे बढ़ा वह अचानक गहरे हिस्से में फंस गया और कुछ ही क्षणों में पानी में डूबने लगा।

    स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए किसान सुल्ला राठौर ने बिना देर किए ट्रैक्टर से छलांग लगा दी। उनकी सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और वे सुरक्षित बाहर निकल आए। वहीं ट्रैक्टर पूरी तरह पानी में समा गया जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई।

    घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले ग्रामीणों ने दूसरे ट्रैक्टर की सहायता से डूबे वाहन को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जेसीबी मशीन को बुलाया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और जेसीबी तथा दूसरे ट्रैक्टर की संयुक्त मदद से आखिरकार डूबे हुए ट्रैक्टर को नदी से बाहर निकाला जा सका।

    हालांकि इस हादसे में किसान पूरी तरह सुरक्षित हैं लेकिन ट्रैक्टर को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं जिनकी जानकारी नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे स्थानों को चिन्हित कर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

  • सराफा दुकान में चोरी की बड़ी साजिश नाकाम गैस कटर लेकर पहुंचे बदमाश गिरफ्तार गिरोह का सरगना अब भी फरार

    सराफा दुकान में चोरी की बड़ी साजिश नाकाम गैस कटर लेकर पहुंचे बदमाश गिरफ्तार गिरोह का सरगना अब भी फरार


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले की बैराड़ पुलिस ने सराफा दुकान में चोरी की कोशिश करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई टाटा नेक्सॉन कार 315 बोर का एक देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मामले में गिरोह का सरगना समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने बताया कि बैराड़ स्थित प्रिंस ज्वेलर्स के संचालक जगदीश प्रसाद गुप्ता ने 22 जुलाई को चोरी के प्रयास की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 21 जुलाई की रात दुकान बंद कर घर जाने के बाद करीब 1 बजकर 20 मिनट पर पुलिस ने दुकान के बाहर आग जैसी स्थिति होने की सूचना दी। जब मौके पर पहुंचकर देखा गया तो पता चला कि बदमाश गैस कटर की मदद से दुकान का ताला काटकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की आहट मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।

    घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर तीन संदिग्ध बदमाश गैस कटर से ताला काटते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों मुखबिरों की सूचना और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की। जांच में रिंकू उर्फ योगेश कुशवाह निवासी जौरा राकेश कुशवाह और उनके साथियों की संलिप्तता सामने आई।

    पुलिस को 26 जुलाई को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य टाटा नेक्सॉन कार से पहाड़गढ़ की ओर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर सहसराम पहाड़गढ़ मार्ग पर घेराबंदी की गई और संदिग्ध कार को रोक लिया गया। कार में सवार सौरभ कुशवाह निवासी भूराडाढ़ा जिला मुरैना और आकाश रावत निवासी भूपतपुरा जौरा को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान सौरभ के पास से 315 बोर का देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।

    पूछताछ में सौरभ ने खुलासा किया कि उसका जीजा रिंकू उर्फ योगेश कुशवाह पूरे गिरोह का सरगना है। उसने राकेश कुशवाह देवेंद्र उर्फ देवू उर्फ चुटिया सविता और अन्य साथियों के साथ मिलकर बैराड़ की सराफा दुकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। योजना के तहत रिंकू गैस कटर लेकर आया था जबकि सौरभ और देवू हथियारों के साथ पहुंचे थे। वहीं आकाश नशे की हालत में कार में ही सो गया था। इसी दौरान पुलिस की भनक लगने पर सभी आरोपी बिना चोरी किए मौके से फरार हो गए।

    पूछताछ में यह भी सामने आया कि सौरभ और रिंकू पहले भी धौलपुर भिंड और आगरा में चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार रिंकू पर विभिन्न जिलों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं और वही पूरे गिरोह का संचालन करता है। फिलहाल पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल नेक्सॉन कार हथियार और कारतूस जब्त कर लिए हैं। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया जाएगा।

  • बिजली संकट से उबल पड़ा शिवपुरी सरपंच सड़क पर लेटे ग्रामीणों ने तीन घंटे किया चक्काजाम अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला रास्ता

    बिजली संकट से उबल पड़ा शिवपुरी सरपंच सड़क पर लेटे ग्रामीणों ने तीन घंटे किया चक्काजाम अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला रास्ता


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव में लगातार हो रही बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। रविवार सुबह सरपंच अतर सिंह लोधी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने सिरसौद पिछोर मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान सरपंच खुद सड़क पर लेट गए और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने मानवता का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को बिना किसी बाधा के गुजरने दिया। सुबह करीब नौ बजे बिजली विभाग के अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर समाधान का भरोसा देने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से लोड सेटिंग के नाम पर रोजाना 10 से 12 घंटे तक बिजली की आपूर्ति बाधित की जा रही है। सबसे अधिक परेशानी रात के समय होने वाली कटौती से हो रही है। लगातार बिजली गुल रहने के कारण लोग भीषण गर्मी और उमस में रातभर जागने को मजबूर हैं। घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अंधेरे के कारण हाल ही में एक महिला छत से गिरकर घायल भी हो गई थी जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

    चक्काजाम की सूचना मिलते ही अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद विभाग के अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

    सरपंच अतर सिंह लोधी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में एक घंटे बिजली देने के बाद अगले घंटे फिर कटौती कर दी जाती है जिससे सिरसौद सहित आसपास के करीब 15 गांवों के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी गई लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि करैरा कस्बे में लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती नहीं की जाती जबकि ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली बंद रखी जाती है जिससे लोगों में भेदभाव की भावना पैदा हो रही है।

    ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और लोड सेटिंग के नाम पर घंटों कटौती जारी रही तो वे दोबारा सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है बल्कि कुछ महीने पहले भी इसी समस्या को लेकर प्रदर्शन किया जा चुका है लेकिन हालात अब तक नहीं बदले। ऐसे में अब वे स्थायी समाधान मिलने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

  • महाकाल की भोर हुई दिव्य आराधना से आलोकित भस्म आरती में जटाधारी स्वरूप ने मोहा मन भांग चंदन और पुष्पों से हुआ राजसी श्रृंगार

    महाकाल की भोर हुई दिव्य आराधना से आलोकित भस्म आरती में जटाधारी स्वरूप ने मोहा मन भांग चंदन और पुष्पों से हुआ राजसी श्रृंगार


    मध्य प्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का दिव्य और भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खुलते ही वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के बीच पूजन की शुरुआत हुई। सबसे पहले गर्भगृह में विराजमान सभी देवी देवताओं का विधि विधान से पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया और दूध दही घी शक्कर तथा फलों के रस से तैयार पंचामृत अर्पित कर विशेष स्नान कराया गया। प्रथम घंटाल बजने के साथ हरि ओम का जल अर्पित किया गया और पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण छा गया।

    कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को जटाधारी स्वरूप में अलंकृत किया गया। उनके मस्तक पर रजत चंद्र सुशोभित किया गया तथा भांग और चंदन अर्पित कर दिव्य तिलक लगाया गया। गुलाब की सुगंधित मालाओं से भगवान का श्रृंगार किया गया। रजत मुकुट और त्रिपुंड से सजे बाबा महाकाल का स्वरूप भक्तों को मंत्रमुग्ध करता रहा। इसके बाद परंपरा के अनुसार ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से संपन्न होने वाली यह प्राचीन परंपरा महाकाल मंदिर की सबसे विशेष धार्मिक विधियों में मानी जाती है।

    भस्म अर्पित करने के उपरांत भगवान महाकाल का राजा स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया। उन्हें भांग ड्रायफ्रूट सुगंधित पुष्प और आकर्षक आभूषण अर्पित किए गए। शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुंडमाला रुद्राक्ष की मालाएं और रंग बिरंगी पुष्पमालाओं से बाबा महाकाल का अलौकिक स्वरूप सजाया गया। अंत में फल और मिष्ठान का भोग अर्पित कर आरती संपन्न हुई।

    भस्म आरती में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु तड़के ही मंदिर पहुंच गए थे। जैसे ही आरती शुरू हुई पूरा मंदिर हर हर महादेव और जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंज उठा। भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख समृद्धि और मंगल की कामना की। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

    उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में विशेष स्थान रखता है और यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। सोमवार की इस दिव्य आराधना ने एक बार फिर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति से सराबोर कर दिया।

  • देवास में गूंजा वीरों के शौर्य का जयघोष कारगिल योद्धाओं का सम्मान पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

    देवास में गूंजा वीरों के शौर्य का जयघोष कारगिल योद्धाओं का सम्मान पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि


    देवास । कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देवास में रविवार शाम शौर्य सम्मान और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। सनातन विचार मंच की ओर से मल्हार स्मृति सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान कारगिल के अमर शहीदों और देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरा सभागृह देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया और उपस्थित लोगों ने वीर सैनिकों के सम्मान में जोरदार तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सेवारत सैनिक समाजसेवी और नागरिक मौजूद रहे। समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष राय सिंह सेंधव पूर्व मंत्री दीपक जोशी तथा कारगिल युद्ध में हिस्सा लेने वाले वीर सैनिक विशेष रूप से शामिल हुए। सभी अतिथियों ने मंच से कारगिल युद्ध के इतिहास को याद करते हुए देश की सीमाओं की रक्षा में जवानों के अदम्य साहस पर गर्व व्यक्त किया।

    सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का प्रतीक नहीं बल्कि उन वीर सपूतों के अद्वितीय साहस त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है जिन्होंने दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मनों का सामना करते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि देश आज सुरक्षित है तो उसके पीछे हमारे सैनिकों का अथक परिश्रम समर्पण और सर्वोच्च बलिदान है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

    कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण उस समय देखने को मिला जब पूर्व मंत्री दीपक जोशी देशभक्ति गीतों की धुन पर वीर सैनिकों के साथ उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए। सभागृह में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। देशभक्ति गीतों और राष्ट्रगान से पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम की भावना से सराबोर हो गया।

    वक्ताओं ने अपने संबोधन में युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सैनिकों का अनुशासन समर्पण और देशप्रेम हर नागरिक के लिए प्रेरणा है। युवाओं को उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध के वीरों के संघर्ष और बलिदान से जुड़े प्रसंगों का भी उल्लेख किया गया जिससे उपस्थित लोग भावुक हो उठे।

    समारोह के अंत में सभी ने एक स्वर में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष लगाए। देशभक्ति के नारों से पूरा सभागृह गूंज उठा और कारगिल के वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। यह आयोजन न केवल वीर सैनिकों के सम्मान का अवसर बना बल्कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की भावना को मजबूत करने का भी संदेश दे गया।