Category: Madhya Pradesh

  • ऊर्जा विभाग का बड़ा फैसला 6500 संविदा अधिकारी और कर्मचारी बन सकेंगे नियमित एक बार मिलेगा सुनहरा मौका

    ऊर्जा विभाग का बड़ा फैसला 6500 संविदा अधिकारी और कर्मचारी बन सकेंगे नियमित एक बार मिलेगा सुनहरा मौका


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश सरकार ने बिजली कंपनियों में कार्यरत 6500 से अधिक संविदा अधिकारी और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए नियमित नियुक्ति का रास्ता खोल दिया है। ऊर्जा विभाग ने संविदा कर्मचारियों के लिए नई नियुक्ति योजना लागू कर दी है जिसके तहत पात्र कर्मचारियों को नियमित रिक्त पदों पर भर्ती का अवसर मिलेगा। इसके लिए अक्टूबर से पहले ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट परीक्षा के अंकों और संविदा सेवा के अनुभव के आधार पर दिए जाने वाले बोनस अंकों को जोड़कर तैयार की जाएगी।

    ऊर्जा विभाग ने इस योजना को संविदा आधार पर कार्यरत कार्मिकों की समकक्ष नियमित पदों पर नवीन नियुक्ति योजना 2026 नाम दिया है। योजना का उद्देश्य लंबे समय से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित सेवा में आने का अवसर देना है। हाल ही में नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदाकर्मियों ने प्रदर्शन भी किया था जिसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।

    योजना का लाभ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी तथा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

    इस योजना के तहत लाइन अटेंडेंट टेस्टिंग अटेंडेंट जूनियर इंजीनियर असिस्टेंट इंजीनियर सहित अन्य समकक्ष पदों पर कार्यरत संविदा अधिकारी और कर्मचारी आवेदन कर सकेंगे। संबंधित बिजली कंपनियों के प्रबंध संचालकों को योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    योजना में आवेदन के लिए वही कर्मचारी पात्र होंगे जिन्होंने योजना की स्वीकृति तिथि तक संबंधित कंपनी में कम से कम दो वर्ष की संविदा सेवा पूरी कर ली हो। यदि किसी कर्मचारी की दो संविदा नियुक्तियों के बीच अंतराल रहा है तो उसे सेवा में व्यवधान नहीं माना जाएगा लेकिन उस अवधि को अनुभव में नहीं जोड़ा जाएगा। पुनः नियुक्ति की स्थिति में भी वास्तविक सेवा अवधि के आधार पर अनुभव की गणना होगी। अनुभव प्रमाण पत्र कार्यपालन अभियंता या उससे वरिष्ठ अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा।

    नियमित पदों पर चयन पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षा के माध्यम से होगा। केवल उन्हीं पदों पर भर्ती की जाएगी जिनके समकक्ष नियमित रिक्तियां उपलब्ध होंगी। परीक्षा में प्राप्त अंकों के साथ संविदा सेवा के अनुभव के आधार पर बोनस अंक जोड़े जाएंगे और इसी आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार होगी। इससे लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को प्रतिस्पर्धा में अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी नियुक्तियां मध्य प्रदेश शासन के आरक्षण नियमों के अनुसार की जाएंगी। संविदा कर्मचारियों को आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा में भी छूट दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक पात्र कर्मचारी इस अवसर का लाभ उठा सकें।

    यदि कोई संविदा कर्मचारी नियमित पद पर चयनित होता है तो उसे पहले अपने संविदा पद से त्यागपत्र देना होगा। इस प्रक्रिया में एक महीने की नोटिस अवधि की अनिवार्यता को शिथिल किया गया है। त्यागपत्र स्वीकार होने के बाद संविदा सेवा समाप्त मानी जाएगी और भविष्य में उसी सेवा के आधार पर वरिष्ठता पदोन्नति या अन्य किसी लाभ का दावा मान्य नहीं होगा।

    सरकार के इस फैसले को बिजली कंपनियों में वर्षों से संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अब उनकी नजर अक्टूबर से पहले होने वाली परीक्षा पर रहेगी जो नियमित सरकारी सेवा का रास्ता तय करेगी।

  • पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें ये जरूरी ट्रैवल टिप्स वरना सफर का मजा हो सकता है खराब

    पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें ये जरूरी ट्रैवल टिप्स वरना सफर का मजा हो सकता है खराब


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है। घने जंगल ऊंचे पहाड़ मनमोहक झरने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। खासकर मानसून के दौरान यहां की हरियाली और झरनों का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। हालांकि पचमढ़ी की यात्रा पर निकलने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है ताकि आपका सफर सुरक्षित आरामदायक और यादगार बन सके।

    अगर आप पहली बार पचमढ़ी जा रहे हैं तो सबसे पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। बरसात के दिनों में यहां लगातार बारिश होती है इसलिए रेनकोट छाता और वाटरप्रूफ बैग साथ रखें। फिसलन वाले रास्तों पर चलने के लिए मजबूत ग्रिप वाले जूते पहनना सबसे अच्छा रहता है। आरामदायक कपड़े चुनें ताकि ट्रैकिंग और घूमने में किसी तरह की परेशानी न हो।

    पचमढ़ी में कई पर्यटन स्थल वन क्षेत्र के अंदर स्थित हैं इसलिए यहां घूमने के लिए स्थानीय गाइड या अधिकृत जिप्सी सेवा का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। बी फॉल्स धूपगढ़ जटाशंकर गुफा पांडव गुफाएं अप्सरा विहार रजत प्रपात और महादेव मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों की यात्रा समय के अनुसार करें ताकि सभी जगह आराम से घूम सकें।

    अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो सुबह जल्दी निकलना सबसे अच्छा रहेगा। सुबह का मौसम सुहावना होता है और भीड़ भी कम रहती है। साथ ही पानी की बोतल हल्का नाश्ता और जरूरी दवाइयां अपने बैग में जरूर रखें। जंगल वाले क्षेत्रों में बिना अनुमति अंदर जाने से बचें और वन विभाग के सभी निर्देशों का पालन करें।

    पचमढ़ी की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी है। प्लास्टिक की बोतलें चिप्स के पैकेट या अन्य कचरा खुले में बिल्कुल न फेंकें। जहां डस्टबिन उपलब्ध हो वहीं कचरा डालें। प्राकृतिक स्थलों पर तेज आवाज में संगीत बजाने से बचें ताकि वहां का शांत वातावरण बना रहे और वन्यजीव भी प्रभावित न हों।

    यात्रा पर निकलने से पहले होटल की बुकिंग पहले ही कर लेना समझदारी होगी खासकर छुट्टियों और मानसून सीजन में यहां पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। पहले से बुकिंग होने पर आपको बेहतर सुविधा और उचित कीमत पर ठहरने की जगह मिल सकती है।

    पचमढ़ी की स्थानीय संस्कृति और स्वाद का आनंद लेना भी यात्रा का अहम हिस्सा है। यहां मिलने वाले स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प आपकी यात्रा को और खास बना सकते हैं। खरीदारी करते समय स्थानीय दुकानदारों से विनम्र व्यवहार करें और स्थानीय नियमों का सम्मान करें।

    अगर आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। फिसलन वाले झरनों और पहाड़ी किनारों पर अनावश्यक जोखिम न लें। फोटो खींचते समय भी सुरक्षा को प्राथमिकता दें क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

    पचमढ़ी सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनमोल धरोहर है। सही योजना आवश्यक तैयारी और जिम्मेदार व्यवहार के साथ की गई यात्रा न केवल आपको खूबसूरत यादें देगी बल्कि इस प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

  • एमपी में मूंग खरीदी पर लेटर वॉर तेज देश का 87 फीसदी कोटा मिलने के बावजूद 2 प्रतिशत खरीद केंद्र ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

    एमपी में मूंग खरीदी पर लेटर वॉर तेज देश का 87 फीसदी कोटा मिलने के बावजूद 2 प्रतिशत खरीद केंद्र ने राज्य सरकार से मांगा जवाब


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज होने के बीच केंद्र और राज्य सरकार के बीच भी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि प्रदेश को देश में सबसे अधिक मूंग खरीदी का कोटा पहले ही दिया जा चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार स्वीकृत लक्ष्य का केवल दो प्रतिशत ही खरीद सकी है। ऐसे में पहले निर्धारित लक्ष्य पूरा किया जाए उसके बाद ही अतिरिक्त कोटा देने के प्रस्ताव पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा।

    जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई 2026 को केंद्र सरकार से प्रदेश के लिए मूंग खरीदी की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीन दिन पहले भेजे गए पत्र में कहा कि मूल्य समर्थन योजना के तहत मध्य प्रदेश को पहले ही देश का सबसे बड़ा कोटा दिया गया है। इसके बावजूद खरीदी की गति बेहद धीमी है और अब तक लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम खरीद हो पाई है।

    केंद्र सरकार के मुताबिक मध्य प्रदेश के लिए इस वर्ष 4 लाख 54 हजार 580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति दी गई है। लेकिन 16 जुलाई 2026 तक केवल 7 हजार 947.92 मीट्रिक टन मूंग की खरीद हो सकी है जो स्वीकृत मात्रा का लगभग दो प्रतिशत है। इस दौरान करीब 12 हजार किसानों से ही उपज खरीदी गई। केंद्र ने राज्य सरकार से खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाने और पहले स्वीकृत लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया है।

    पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मूल्य समर्थन योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार तूर उड़द और मसूर जैसी फसलों की शत प्रतिशत खरीद की व्यवस्था है जबकि अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही की जा सकती है। इसलिए अतिरिक्त कोटा तभी स्वीकृत किया जाएगा जब पहले से स्वीकृत मात्रा की खरीद पूरी हो जाएगी।

    केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष के आंकड़े भी साझा किए हैं। वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश के लिए 4 लाख 19 हजार 692 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की मंजूरी दी गई थी। इसके विरुद्ध 3 लाख 93 हजार 123.79 मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई थी। किसानों को समर्थन मूल्य के रूप में 3 हजार 413.10 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया और 1 लाख 22 हजार 776 किसानों को इसका लाभ मिला।

    पत्र में सोयाबीन का उदाहरण भी दिया गया है। केंद्र ने बताया कि वर्ष 2025-26 में भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्य प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन स्वीकृत की गई थी। इसके लिए 1 हजार 93.13 करोड़ रुपए जारी किए गए जिससे 7 लाख 10 हजार 257 किसानों को लाभ मिला।

    इधर नर्मदापुरम सीहोर रायसेन हरदा और आसपास के जिलों में समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 जुलाई से किसान क्रांति पदयात्रा शुरू करने की घोषणा की है। यह यात्रा नर्मदापुरम के सेठानी घाट से शुरू होकर बुधनी बरखेड़ा ओबेदुल्लागंज मंडीदीप होते हुए 29 और 30 जुलाई को भोपाल पहुंचेगी। किसान मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार से सकारात्मक वार्ता नहीं हुई तो भोपाल में चक्काजाम किया जाएगा और रेल मार्ग भी बाधित किया जा सकता है। ऐसे में मूंग खरीदी का मुद्दा अब किसानों के आंदोलन के साथ राजनीतिक टकराव का भी बड़ा विषय बनता जा रहा है।

  • चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। प्रदेश में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार के लिए उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 से 30 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की जा सकती है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक निम्न दबाव क्षेत्र और डिप्रेशन सक्रिय है जबकि पश्चिमी विक्षोभ भी जल्द प्रभाव दिखाएगा। इन सभी मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। रविवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई और अब इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा।

    भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर कटनी छिंदवाड़ा सिवनी नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच यानी 334.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 15.5 इंच यानी 395.2 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से केवल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है जबकि 41 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। निवाड़ी पूर्वी मध्य प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां औसत से अधिक वर्षा हुई है। दूसरी ओर भोपाल इंदौर सीहोर राजगढ़ देवास हरदा बुरहानपुर नीमच मंदसौर दमोह सिवनी आगर मालवा और भिंड जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से बेहतर रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि जून महीने में कमजोर मानसून के कारण बारिश का आंकड़ा काफी पीछे रह गया था। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी लेकिन पिछले कुछ दिनों तक बारिश कमजोर रहने से प्रदेश फिर औसत से नीचे पहुंच गया। अब सक्रिय मानसूनी सिस्टम से उम्मीद है कि बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई मध्य प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण बारिश वाला महीना होता है क्योंकि पूरे मानसून की लगभग 40 प्रतिशत वर्षा इसी महीने में होती है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश 37.3 इंच मानी जाती है जबकि भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालों से दूर रहने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

  • आखिरी समय पर बदली फ्लाइट तो एयरलाइन पर गिरी कानूनी गाज कश्मीर ट्रिप खराब होने पर छह यात्रियों को मिलेगा मुआवजा

    आखिरी समय पर बदली फ्लाइट तो एयरलाइन पर गिरी कानूनी गाज कश्मीर ट्रिप खराब होने पर छह यात्रियों को मिलेगा मुआवजा


    भोपाल । भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एयर इंडिया को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए छह वरिष्ठ नागरिक यात्रियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने एयरलाइन को कुल 96 हजार रुपए की राशि क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि यह राशि 8 दिसंबर 2024 से सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित आदेश की तारीख से दो महीने के भीतर संबंधित यात्रियों को दी जाए। आयोग ने माना कि एयरलाइन ने यात्रियों को यात्रा शुरू होने से महज दो घंटे पहले फ्लाइट कार्यक्रम में बदलाव की सूचना दी जिससे उनकी पूरी यात्रा योजना बुरी तरह प्रभावित हुई और उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।

    मामले के अनुसार भोपाल निवासी छह वरिष्ठ नागरिकों ने 13 अप्रैल 2024 को 11 मई 2024 की भोपाल से दिल्ली होते हुए श्रीनगर और 17 मई 2024 की वापसी यात्रा के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट बुक की थी। टिकटों पर करीब 1.18 लाख रुपए खर्च किए गए थे। टिकट कन्फर्म होने के बाद यात्रियों ने श्रीनगर पहलगाम और गुलमर्ग में होटल हाउसबोट स्थानीय टैक्सी पर्यटन पैकेज और अन्य सेवाओं की अग्रिम बुकिंग भी कर ली थी। वापसी यात्रा के लिए दिल्ली से रानी कमलापति स्टेशन तक वंदे भारत एक्सप्रेस के आरक्षित टिकट भी पहले से बुक थे।

    यात्रा के दिन एयर इंडिया ने उड़ान शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले सूचना दी कि निर्धारित यात्रा संभव नहीं होगी और यात्रियों को अगले दिन भेजा जाएगा। अचानक हुए इस बदलाव के कारण पूरी यात्रा योजना अस्तव्यस्त हो गई। यात्रियों को होटल बुकिंग दोबारा करनी पड़ी स्थानीय परिवहन और पर्यटन पैकेज बदलने पड़े जबकि रेलवे टिकटों में भी बदलाव करना पड़ा। उनका कहना था कि यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो इतना बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होता। यात्रियों ने एयरलाइन से कई बार मुआवजे की मांग की लेकिन राहत नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

    सुनवाई के दौरान एयर इंडिया ने अपना बचाव करते हुए कहा कि फ्लाइट रद्द नहीं हुई थी बल्कि दिल्ली में बर्ड स्ट्राइक की अप्रत्याशित घटना के कारण उड़ान प्रभावित हुई थी। एयरलाइन के अनुसार इसी वजह से यात्रियों की दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की आशंका थी इसलिए उन्हें अगले दिन की उड़ान में समायोजित किया गया। एयर इंडिया ने इसे अपने नियंत्रण से बाहर की स्थिति बताते हुए सेवा में कमी से इनकार किया।

    हालांकि आयोग ने एयरलाइन के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि यदि वास्तव में बर्ड स्ट्राइक हुई थी तो उसके समर्थन में डीजीसीए की जांच रिपोर्ट तकनीकी रिपोर्ट या अन्य आधिकारिक दस्तावेज पेश किए जाने चाहिए थे लेकिन एयरलाइन ऐसा कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी। केवल लिखित दावा करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि फोर्स मेज्योर का दावा करने वाली एयरलाइन पर ही उसे प्रमाणित करने की जिम्मेदारी होती है।

    परिवादियों की ओर से पैरवी करने वाली अधिवक्ता कल्पना वर्मा ने बताया कि यात्रियों ने प्रति व्यक्ति लगभग 40 हजार रुपए के वास्तविक नुकसान का दावा किया था लेकिन आयोग ने फिलहाल प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और एक हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा। यह फैसला उन यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिन्हें अंतिम समय में फ्लाइट में बदलाव या एयरलाइन की लापरवाही के कारण परेशानी उठानी पड़ती है।

  • एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी

    एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार के लिए छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले चार दिनों तक कई इलाकों में तेज से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    आईएमडी भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।

    कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और डिप्रेशन भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से मौसम और अधिक सक्रिय होगा। इसी वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    अब तक सामान्य से 15% कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 15.5 इंच (395.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक जबकि 41 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। पूर्वी क्षेत्र में निवाड़ी ऐसा एकमात्र जिला है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई है।

  • मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या

    मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सप्ताह पहले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक सड़क हादसे में हुई पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई में रची गई सुनियोजित हत्या थी।

    रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर उसकी गाड़ी को पहले से सड़क के दोनों ओर खड़े हाईवा से कुचलकर हादसे का रूप दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।

    गौरतलब है कि नरसिंहपुर जिले के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर गत 19 जुलाई को एक बेकाबू हाईवा ने सड़क किनारे अपनी कार खड़ी करके सेल्फी ले रहे 6 युवकों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र लोधी (28) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (30) ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा है।

    पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि राजेंद्र लोधी और आरोपी आनंद पटेल दोनों बेलखेड़ा क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े थे। दोनों के बीच अवैध रेत कारोबार में वर्चस्व और आर्थिक हितों को लेकर विवाद था। जबलपुर के डॉ. अमित खरे की भी राजेंद्र से रुपये के लेनदेन को लेकर रंजिश थी, इसीलिए आनंद और डॉ. अमित खरे ने हत्या की साजिश रची। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे ने मुख्य आरोपी को घटना को हादसा दिखाने व साक्ष्य छिपाने के तरीके बताए। घटना वाले दिन आरोपी राजा, अरविंद और भरत पटेल लगातार राजेंद्र लोधी की लोकेशन मुख्य आरोपी आनंद पटेल तक पहुंचा रहे थे। राजेंद्र साथियों के साथ जैसे ही वहां पहुंचा, हाईवा से उनकी गाड़ी को कुचल दिया।

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र पटेल के बीच व्यापार की पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश में राजेंद्र पटेल सहित पांच युवकों को हाईवा से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हत्या में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से बरामद हो गई। पूछताछ में राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद आरोपी भी पकड़े गए।

    पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शुभम, प्रीतम और ऋतुराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि साजिश में जबलपुर के अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल था। उसने आनंद पटेल को हत्या को हादसा दिखाने के तरीके बताए थे। वहीं, राजा पटेल ने राजेंद्र लोधी की रेकी कर उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई।

  • MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन

    MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में संस्कृति विभाग के सहयोग से रविवार देर शाम मानस भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक ‘युगप्रवर्तक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार’ विषय पर आधारित महानाट्य मंचन हुआ। नागपुर के ‘नादब्रह्म’ संस्था के कलाकारों ने डॉ. हेडगेवार’ के जीवन के संघर्षों और विचारों को मंच पर जीवंत कर दिया।

    कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मप्र उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल, उद्योगपति एवं समाजसेवी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. कैलाश गुप्ता थे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में बोलना सौभाग्य के साथ-साथ जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्यों का सही मूल्यांकन उसके विचारों और उनके दीर्घकालीन प्रभाव से होता है। डॉ. हेडगेवार ने अपने 51 वर्ष के जीवन में मात्र 15 वर्षों के संघ कार्य के माध्यम से जिस संगठन की नींव रखी, वह आज विश्व के लिए आश्चर्य का विषय है।

    मंत्री सिंह ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के मन में बचपन से ही देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प था। उन्होंने क्रांतिकारी के रूप में कार्य किया, शिक्षा के लिए कलकत्ता गए और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में देश की आजादी के लिए कार्य किया तथा वर्ष 1930 में जंगल कानून के विरोध में सत्याग्रह करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भी भुगता।

    उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार केवल देश की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वतंत्र भारत के निर्माण को लेकर भी चिंतित थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की और अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण तथा संगठन निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके प्रयासों का परिणाम है कि आज संघ विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में शामिल है।

    मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यदि हम डॉ. हेडगेवार के जीवन से थोड़ी भी प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में अपनाएं, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महानाट्य के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को समझना अधिक सहज होगा तथा यह प्रस्तुति समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक बनेगी।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजकों ने बताया कि नागपुर के ‘नादब्रह्म’ द्वारा निर्मित ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ (संघ सृजन का भव्य नाट्य आविष्कार) महानाट्य का यह 57वां मंचन है तथा इसकी 151 प्रस्तुतियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में इसका सफल मंचन हो चुका है। मध्य प्रदेश में यह इसका आठवां प्रदर्शन रहा।

    इस महानाट्य के संयोजक निखिल देशकर, संरक्षक रविजी भुसारी (ज्येष्ठ प्रचारक, रा.स्व.संघ), निर्माता पद्माकर धानोरकर, लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक सुबोध सुर्जकर और संगीत शैलेश दाणी द्वारा तैयार किया गया था। कार्यक्रम में महाकौशल प्रांत के प्रांत संचालक , विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पाण्डेय, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, डॉ. जितेन्द्र जामदार, भाजपा के प्रदेश दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संदीप रजक सहित गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

  • इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन

    इंदौर में जैन संत सुधासागर महाराज का मंगलप्रवेश, जुलूस में उमड़े हजारों समाजजन


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश के इंदौर में रविवार को राष्ट्रसंत सुधासागर महाराज का नगर प्रवेश हुआ। इस अवसर पर निकले भव्य मंगल प्रवेश जुलूस में हजारों समाजजनों ने महाराज श्री की अगवानी की।

    राजवाड़ा पर जैन समाज के परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे। जुलूस बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर मल्हारगंज, खजूरी बाजार, राजवाड़ा, जवाहर मार्ग और राजमोहल्ला होते हुए दलालबाग पहुंचा। मार्ग में जगह-जगह मंच लगाकर जुलूस का स्वागत किया गया। महिलाएं मंगलगान गाते हुए जुलूस में शामिल हुईं।

    यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर मुनिश्री का स्वागत किया। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा में शामिल हुए। जुलूस में पांच जैन तीर्थों की झांकियां, उज्जैन का 101 सदस्यीय महाकाल बैंड, नासिक का महिला बैंड, 11 विंटेज कारें, दो हाथी, 24 बग्घियां, 12 अश्वारोही बालक-बालिकाएं और 60 महिला मंडल मुख्य आकर्षण रहे।

    इसके बाद दलालबाग में धर्मसभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री ने अपने प्रवचन दिए। मंगल प्रवेश के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुनिश्री से आशीर्वाद लिया। मुनि सुधासागर महाराज को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त है। जब उनका मंगल प्रवेश जुलूस राजवाड़ा पहुंचा तो जैन समाज के हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

  • नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें

    नरसिंहपुर हाईवे कांड का सनसनीखेज खुलासा, अवैध रेत कारोबार की दुश्मनी में हाईवा से कुचलकर ली गई पांच जानें


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 19 जुलाई को जबलपुर भोपाल नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शुरुआती जांच में जिसे सामान्य सड़क दुर्घटना माना जा रहा था वह दरअसल अवैध रेत कारोबार की खूनी रंजिश का नतीजा निकला। छह दिन तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित सामूहिक हत्या थी जिसे दुर्घटना का रूप देने की पूरी तैयारी पहले से कर ली गई थी। इस सनसनीखेज मामले में मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

    पुलिस के मुताबिक अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने के लिए कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। वारदात वाले दिन आरोपियों ने राजेंद्र लोधी की हर गतिविधि पर नजर रखी। उसकी लोकेशन लगातार मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती रही। जैसे ही राजेंद्र अपने साथियों के साथ तय स्थान पर पहुंचा वैसे ही पहले से हाईवे के दोनों ओर खड़े हाईवा वाहनों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और कुचल दिया। इस हमले में राजेंद्र लोधी सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसका इलाज जारी है।

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक वाहन का टूटा हुआ अंग्रेजी अक्षर ए मिला जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और हत्या में इस्तेमाल हाईवा को हीरापुर बंदरोहा के जंगल से बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया जिसके बाद एक के बाद एक आरोपियों की गिरफ्तारी होती चली गई।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक डॉ अमित खरे भी इस साजिश का हिस्सा थे। आरोप है कि उन्होंने हत्या को सड़क हादसा दिखाने और सबूत मिटाने के तरीके बताए। वारदात के बाद आरोपियों के बीच हुई बातचीत में मौत की पुष्टि होने पर खुशी जताने जैसी बातें भी सामने आई हैं जो इस साजिश की गंभीरता को दर्शाती हैं।

    पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार राजेंद्र लोधी और मुख्य आरोपी आनंद पटेल के बीच लंबे समय से अवैध रेत कारोबार और आर्थिक हितों को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया और पांच लोगों की जान चली गई।

    पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। इस खुलासे के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े आपराधिक गठजोड़ पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।