Category: Madhya Pradesh

  • MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी

    MP: आज ग्वालियर समेत 11 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, भोपाल-इंदौर में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को ग्वालियर सहित 11 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है।

    अलर्ट वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अगले दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी देखने को मिलेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर में तापमान में अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।

    अगले 4 दिन मौसम रहेगा बदला-बदला
    मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिन तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। अगले दो दिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 9 और 10 मई को गर्मी का प्रभाव पूरे प्रदेश में बढ़ जाएगा।

    लगातार सातवें दिन भी बारिश
    बुधवार को प्रदेश में लगातार सातवें दिन भी कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। धार सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा। मई की शुरुआत में लगातार हुई बारिश से फिलहाल गर्मी से राहत बनी हुई है और अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    10 मई से फिर बदलेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार 10 मई से एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर अगले दो दिनों में दिखाई दे सकता है। वर्तमान में प्रदेश के मध्य और ऊपरी हिस्से में दो चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं, जबकि पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है। इसी वजह से प्रदेश में मौसम में लगातार बदलाव बना हुआ है।

  • 10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘सेटलमेंट’ का आरोप; होटल में बंधक बनाकर तस्करों से वसूली का खुलासा


    नई दिल्ली।  इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में तस्कर आरिफ और उसके साथी वसीम को होटल में बंधक बनाकर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक दोनों को एक होटल में रखा गया, जहां पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और माल के बारे में सवाल किए गए। आरिफ ने आरोप लगाया कि उससे जब्त माल और आपूर्ति को लेकर पूछताछ की गई और दबाव बनाया गया।

    10 लाख की डील, 5 लाख में ‘छुट्टी’ का दावा
    तस्कर आरिफ के बयान के अनुसार उसे छोड़ने के लिए पहले 10 लाख रुपए की मांग की गई थी। बाद में मामला 5 लाख रुपए में तय होने की बात सामने आई। आरोप है कि पैसे देने के बाद ही उसे छोड़ा गया।
    रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस पूरी बातचीत में पुलिस अधिकारियों और उनके संपर्कों की भूमिका सामने आई है।

    फाइव स्टार होटल में रखकर पूछताछ का आरोप
    रिपोर्ट के अनुसार आरिफ और वसीम को एक होटल में रखा गया था, जहां उनसे लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान कथित रूप से मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरिफ ने यह भी दावा किया कि उसके एक कस्टमर को बुलाकर भी पुलिस कार्रवाई की गई और बाद में पैसे लेकर छोड़ दिया गया।

    मोबाइल में नकली नोटों का वीडियो, फिर कार्रवाई का दावा
    रिपोर्ट में बताया गया कि एक आरोपी के मोबाइल में नकली नोटों से जुड़े वीडियो मिले थे। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने और पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान कई लेन-देन और वसूली के आरोप सामने आए।

    पत्नी ने गोल्ड लोन लेकर चुकाए पैसे
    आरिफ ने अपने बयान में दावा किया कि पैसे जुटाने के लिए उसकी पत्नी ने गोल्ड लोन लिया। इसके बाद कथित रूप से 1 लाख रुपए देकर उसे छोड़ा गया।

    जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप
    12 पेज की जांच रिपोर्ट में एएसआई, प्रधान आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में नियंत्रण और प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
    हालांकि, अभी तक रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई लंबित है और मामला विभागीय स्तर पर जांच के घेरे में है।

    विभाग में मचा हड़कंप
    मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट को लेकर कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा

    आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर के कोयलारी गांव में आटे में छिपाकर रखे गए विस्फोटक को गायों ने खा लिया, जिससे हुए धमाके में 2 गायों की मौत हो गई और 4 गायें व एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

    घटना 5 मई की है जब कोयलारी गांव के तालाब के पास गायें पानी पीने पहुंचीं। वहां खेत किनारे आटे और दाल में लिपटे विस्फोटक गोले रखे गए थे। भूखी गायों ने उन्हें चारा समझकर खा लिया। जैसे ही उन्होंने इन्हें चबाया, जोरदार धमाका हुआ और मवेशियों के जबड़े बुरी तरह फट गए।
    धमाके में दो गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 4 गायें और एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए।

    गंभीर हालत: जबड़ा लटका, खाना-पानी बंद
    घायल पशुओं की स्थिति बेहद गंभीर है। उनका निचला जबड़ा पूरी तरह टूटकर लटक गया है। कई पशुओं के गले और आहार नली तक पत्थर पहुंच गए हैं, जिससे वे न तो खाना खा पा रहे हैं और न ही पानी पी पा रहे हैं।
    पशु चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत नाजुक है और अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। बचने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है।

    मौके से मिले और विस्फोटक, बम स्क्वॉड की कार्रवाई
    सूचना मिलने पर पुलिस और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि खेत के पास और भी 9 विस्फोटक गोले छिपाए गए थे। नर्मदापुरम से बम स्क्वॉड बुलाकर इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।

    आरोपी गिरफ्तार, ‘सूअर मारने के लिए रखा बम’ बताया
    पुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक कोयलारी गांव निवासी राकेश चौहान के खेत के पास रखे गए थे। घटना के बाद वह फरार हो गया था, जिसे बाद में इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए ये “सूअर मार बम” रखे थे और उन पर आटा-दाल चिपका दी थी, ताकि जानवर उन्हें खा लें। पुलिस ने उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    डॉक्टरों की चेतावनी: हालत बेहद नाजुक
    पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक में छोटे पत्थर भी भरे थे, जो मवेशियों के मुंह और आहार नली तक पहुंच गए हैं। इससे अंदरूनी चोटें गंभीर हो गई हैं और जीवित बचने की संभावना बहुत कम है।

    वन्यजीवों के लिए भी खतरा
    वन विभाग ने मामले की जांच वन्यजीव एंगल से भी शुरू कर दी है, क्योंकि यह क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे “चारा बम” न केवल मवेशियों बल्कि हिरण, नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।

    सुरक्षा पर सवाल
    विशेषज्ञों का कहना है कि आटे में छिपे ऐसे विस्फोटक ग्रामीणों, बच्चों और जानवरों सभी के लिए बड़ा खतरा हैं। पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।

  • आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज

    आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पार्टी ने आगरा–मुंबई नेशनल हाईवे-52 पर 7 अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन की शुरुआत इंदौर के पिगडंबर से सुबह 10:30 बजे हुई, जहां प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी और हरीश चौधरी मौजूद रहे। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हितों की अनदेखी और खरीदी व्यवस्था में खामियों के खिलाफ किया जा रहा है।

    7 जगहों पर हाईवे जाम, एबी रोड पर असर

    कांग्रेस ने रणनीति के तहत पूरे हाईवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर प्रदर्शन तय किया है। इंदौर–आगरा–मुंबई मार्ग यानी एबी रोड पर इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, किसानों को सरकार की नीतियों और गेहूं खरीदी व्यवस्था से भारी नुकसान हो रहा है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया है।

    किसानों की भागीदारी, गांवों में पीले चावल बांटकर अपील

    आंदोलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में भी अभियान चलाया है। कई जगहों पर किसानों को पीले चावल बांटकर प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। मनावर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में यह अभियान चलाया गया। कांग्रेस का दावा है कि किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और आक्रोश दोनों हैं, और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

    पुलिस अलर्ट, भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं।

    चार पहिया वाहनों को राऊ सर्कल, पीथमपुर, भंवरकुआ और विशालत चौराहा से डायवर्ट किया गया है भारी वाहनों के लिए उज्जैन, बदनावर, लेबड़ और महेश्वर–कसरावद मार्ग सुझाए गए हैं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जाम वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    कांग्रेस का आरोप: खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार स्लॉट बुकिंग और तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी सामने आ गई है।
     कांग्रेस के अनुसार, शुरुआती दिनों में अपेक्षित खरीदी नहीं हो पाई, जिससे किसानों को भुगतान और प्रक्रिया में लगातार परेशानी हो रही है।

    11 जिलों में असर, राजनीतिक तापमान बढ़ा

    कांग्रेस के इस चक्काजाम आंदोलन से करीब 11 जिलों में यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती मानकर तैयारियों में जुटा है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत निकाली जा रही है। भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 (8 से 11 जनवरी 2026) का शुभारंभ ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर से किया गया है।

    मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित होगा। यह रेलगाड़ी भोपाल और उज्जैन रेलवे स्टेशनों से भी तीर्थयात्रियों को अपने साथ लेकर सोमनाथ की ओर प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे।

    संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का उद्देश्य देशभर के राज्यों के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, हजार वर्षों के संघर्ष और आस्था का स्मरण करना है। यह उत्सव राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यह पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान और राष्ट्रीय अस्मिता का महाकुंभ है। इसका उद्देश्य देशवासियों को उन हजार वर्षों के लंबे संघर्ष और आस्था की याद दिलाना है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सांस्कृतिक ज्योति को बुझने नहीं दिया। सोमनाथ मंदिर, जो हमारे राष्ट्रीय गौरव और अडिग श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं से इस पावन पर्व की प्रेरणा ली गई है जिससे भावी पीढ़ी अपनी विरासत पर गर्व कर सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त करेगी। श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा का नया संचार करेगी।

  • मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू

    मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के तहत अस्पताल सहायकों के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 21 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होगी।
    भर्ती में अनारक्षित वर्ग के लिए 324 पद, ईडब्ल्यूएस के लिए 120 पद, अनुसूचित जाति के लिए 192, अनुसूचित जनजाति के लिए 240 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 324 पद आरक्षित किए गए हैं। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 72 पद निर्धारित हैं।

    40 हजार से ज्यादा तक वेतन और प्रमोशन के अवसर
    चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतनमान के तहत 15,500 से 49,000 रुपए तक (लेवल-1) वेतन मिलेगा। इसके साथ महंगाई भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी। प्रारंभिक वेतन पोस्टिंग और नियमों के अनुसार तय होगा, जबकि अनुभव के साथ वेतन में वृद्धि होती रहेगी।
    यह पद नियमित श्रेणी का है, जिससे भविष्य में प्रमोशन और करियर ग्रोथ के अवसर भी मिलेंगे।

    आयु सीमा और आरक्षण नियम
    इस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष तय की गई है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला उम्मीदवारों और सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है।

    आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले नियमों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है।

    आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया
    सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपए है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 250 रुपए निर्धारित किए गए हैं। ऑनलाइन कियोस्क से आवेदन करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बैकलॉग पदों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होगी, उसके बाद मेरिट सूची तैयार की जाएगी और अंत में दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी।

    6 महीने में 3000 से ज्यादा भर्तियों की तैयारी
    मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वर्ष 2026 के लिए 10 भर्ती परीक्षाओं का फाइनल शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, अगले 6 महीनों में 3000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है, जो आगे और बढ़ भी सकती हैं। कुछ परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

    नर्सिंग क्षेत्र में भी बड़ी भर्ती
    इसी बीच लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के 2646 पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इसके लिए आवेदन 6 अप्रैल से 20 अप्रैल तक किए जा सकते हैं और परीक्षा 15 मई 2026 से प्रस्तावित है।

  • झालमुड़ी, राजनीति और पावर शो: मध्यप्रदेश में सियासत का ‘स्वादिष्ट’ और रंगीन अंदाज़

    झालमुड़ी, राजनीति और पावर शो: मध्यप्रदेश में सियासत का ‘स्वादिष्ट’ और रंगीन अंदाज़


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अनोखा अंदाज़ देखने को मिला। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भाजपा की जीत का जश्न मनाया जा रहा था। मंच पर कार्यकर्ताओं के बीच झालमुड़ी का वितरण हुआ और माहौल पूरी तरह हल्का-फुल्का हो गया।
    जैसे ही मुख्यमंत्री को संबोधन के लिए बुलाया गया, उन्होंने पहले झालमुड़ी खाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्होंने मंच पर बैठकर झालमुड़ी का आनंद लिया। संचालन कर रही विधायक अर्चना चिटनीस ने मुस्कुराते हुए कहा कि “झालमुड़ी खाने के बाद ही संबोधन होगा,” जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। इसके बाद ही उन्होंने अपना संबोधन दिया और राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष पर तीखे हमले किए।

    नरोत्तम मिश्रा बने ‘झालमुड़ी वाले’, कार्यकर्ताओं का अनोखा स्वागत
    पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी झालमुड़ी के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। उन्होंने भाजपा में शामिल हुए नए कार्यकर्ताओं का स्वागत झालमुड़ी खिलाकर किया। खास बात यह रही कि वे खुद “झालमुड़ी… झालमुड़ी…” कहते हुए कार्यकर्ताओं को बुलाते नजर आए।

    उनका यह अंदाज़ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनकी सक्रियता और आगामी उपचुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया सीट को लेकर संभावित राजनीतिक समीकरणों के बीच मिश्रा लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।

    ‘नायक नहीं, खलनायक हूं मैं’ पर झूमा विदाई समारोह
    भिंड जिले में पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के विदाई समारोह का दृश्य पूरी तरह फिल्मी माहौल में बदल गया। उनके प्रमोशन के बाद जब विदाई दी जा रही थी, तो वहां फिल्म ‘खलनायक’ का गाना बज उठा नायक नहीं, खलनायक हूं मैं।

    इस गाने पर एसपी खुद भी झूमते नजर आए और समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। वीडियो सामने आने के बाद यह समारोह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिया, तो कुछ ने इसे अलग तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया।

    500 गाड़ियों के काफिले से शक्ति प्रदर्शन
    गुना के पूर्व सांसद केपी यादव ने राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। वे करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ।

    इसके बाद उन्होंने भाजपा कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके इस भव्य अंदाज़ को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इसे उनकी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

    राजनीति का नया रंग: हल्कापन और हाई-प्रोफाइल स्टाइल
    मध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों गंभीरता के साथ मनोरंजन और प्रतीकात्मक शैली का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है। झालमुड़ी से लेकर फिल्मी गानों और शक्ति प्रदर्शनों तक हर घटना सियासत को एक नए रंग में पेश कर रही है।

  • स्टेज पर फिल्मी ड्रामा! दुल्हन ने दूल्हे को छोड़ प्रेमी को पहनाई वरमाला

    स्टेज पर फिल्मी ड्रामा! दुल्हन ने दूल्हे को छोड़ प्रेमी को पहनाई वरमाला


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया जब वरमाला की रस्म के दौरान दुल्हन ने दूल्हे को नजरअंदाज कर अपने प्रेमी को वरमाला पहना दी। यह घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और शादी का माहौल देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना 27-28 अप्रैल की रात उमरेठ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। बारात धूमधाम से पहुंची थी, स्टेज सजाया गया था और सभी रस्में सामान्य रूप से चल रही थीं। लेकिन वरमाला के समय दुल्हन ने अचानक स्टेज से उतरकर भीड़ के बीच अपने प्रेमी को माला पहना दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

    इस घटना के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने दुल्हन के प्रेमी की पिटाई कर दी, जबकि दोनों परिवारों के बीच कुर्सियां फेंकने तक की नौबत आ गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    जांच में सामने आया कि दुल्हन आरती (परिवर्तित नाम) और उसके प्रेमी रितेश (परिवर्तित नाम) के बीच पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि दोनों पहले भी तीन बार साथ भागने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि सामाजिक कारणों और पारिवारिक दबाव के चलते उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सामाजिक रूप से दोनों को ‘भाई-बहन’ माना जाता था, क्योंकि उनके परिवार एक ही धार्मिक परंपरा (देव पूजा) से जुड़े थे। इसी कारण परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया और आरती की शादी अविनाश (परिवर्तित नाम) से तय कर दी।

    दूल्हा पक्ष के अनुसार, शादी की सभी तैयारियां बड़े खर्च और भव्यता के साथ की गई थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया। वरमाला कांड के बाद दूल्हा पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन को दिए गए गहने वापस ले लिए। पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई और बारात वापस लौट गई।

    घटना के बाद दुल्हन और उसका प्रेमी दोनों गांव छोड़कर इंदौर चले गए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों अब भी एक-दूसरे से संबंध में हैं और भविष्य में शादी करने की बात कही जा रही है। वहीं, सामाजिक स्तर पर दोनों परिवारों ने उन्हें अपने से अलग कर दिया है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है और एक बार फिर रिश्तों, परंपराओं और व्यक्तिगत पसंद के बीच टकराव को उजागर कर दिया है।

  • MP में शिक्षक भर्ती को मिली रफ्तार, 12 मई से शुरू होगी चॉइस फिलिंग

    MP में शिक्षक भर्ती को मिली रफ्तार, 12 मई से शुरू होगी चॉइस फिलिंग


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। भोपाल में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय के सामने हुए प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने 4000 माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। अब चयनित अभ्यर्थियों को 12 मई से 18 मई 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से स्कूलों का चयन (चॉइस फिलिंग) करना होगा।

    उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जानकारी दी कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमों के अनुसार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति देना है। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रही है और किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश नहीं है।

    यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई और अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा ली गई। लंबे इंतजार के बाद सितंबर 2025 में परिणाम घोषित किया गया। हालांकि करीब 10,700 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी होने के बावजूद पिछले नौ महीनों से नियुक्ति प्रक्रिया अटकी हुई थी, जिससे उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ रही थी।

    भोपाल में हाल ही में हुए प्रदर्शन के बाद सरकार ने प्रक्रिया को तेज करते हुए नियुक्ति आदेश जारी किए। इसके बाद अब चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्कूलों का चयन करना होगा। उन्हें अपने संबंधित जिले या संभाग के सभी स्कूलों को प्राथमिकता क्रम में भरना अनिवार्य किया गया है।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि चॉइस फिलिंग केवल तभी पूरी मानी जाएगी जब पोर्टल शुल्क जमा कर दिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा में स्कूल विकल्प नहीं भरता है, तो उसे बची हुई रिक्तियों के आधार पर स्कूल आवंटित किया जाएगा, जिससे मनचाहा स्कूल मिलने की संभावना कम हो जाएगी।

    इसके अलावा, दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी चल रही है। सभी चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही उनकी अंतिम पात्रता तय होगी और उसके आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से एमपी ऑनलाइन के आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखें, क्योंकि सभी महत्वपूर्ण अपडेट और निर्देश वहीं जारी किए जाएंगे। विशेष पदों जैसे संगीत, नृत्य और खेल विषयों के लिए अलग से सूची जारी की जाएगी।

    सरकार का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और जल्द ही सभी चयनित अभ्यर्थियों को अंतिम नियुक्ति आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे।

  • भोपाल से सोमनाथ यात्रा की शुरुआत, CM मोहन यादव दिखाएंगे हरी झंडी

    भोपाल से सोमनाथ यात्रा की शुरुआत, CM मोहन यादव दिखाएंगे हरी झंडी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। पहली बार ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ गुरुवार को भोपाल से रवाना होगी। इस विशेष ट्रेन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
    इस यात्रा में प्रदेशभर से लगभग 1100 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। यह पहल संस्कृति विभाग द्वारा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026’ के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव को और मजबूत करना बताया जा रहा है।
    इस यात्रा का संबंध गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से है, जिसे भारत के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह मंदिर भारतीय इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। इसी पृष्ठभूमि में इस विशेष यात्रा की शुरुआत की गई है।
    यह मध्य प्रदेश से पहली बार आयोजित होने वाली ऐसी धार्मिक ट्रेन यात्रा है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालु एक साथ सोमनाथ धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। यह ट्रेन भोपाल के साथ-साथ उज्जैन रेलवे स्टेशन से भी यात्रियों को अपने साथ लेकर आगे बढ़ेगी।
    यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सोमनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वहां आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी उनकी सहभागिता होगी।
    सरकारी स्तर पर इस यात्रा को सांस्कृतिक एकता और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की यात्राएं लोगों को भारत की समृद्ध विरासत और परंपराओं से जोड़ने में मदद करती हैं।
    मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। स्टेशन परिसर में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
    यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और श्रद्धा के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।