Category: Madhya Pradesh

  • 100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत

    100 फीट तक बेकाबू दौड़ी कार, सामने से आ रही बाइक को रौंदा; दो की मौके पर मौत


    देवास । देवास जिले के शिप्रा बायपास स्थित रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में पहुंच जाने से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क की खामियों तथा राहत कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

    जानकारी के अनुसार नायता पुवाल्डा निवासी हैदर, अंसार और इमरान शनिवार सुबह रोज की तरह इंदौर काम पर जाने के लिए बाइक से निकले थे। तीनों मोटर निकालने का काम करते हैं और रोजगार के सिलसिले में इंदौर जा रहे थे। सुबह करीब साढ़े आठ बजे जब वे रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज से गुजर रहे थे, तभी इंदौर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेलवे ब्रिज पर सड़क की सतह कई जगह ऊंची-नीची है। इसी वजह से कार चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। कार करीब 100 फीट तक बेकाबू हालत में दौड़ती रही और फिर डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में पहुंच गई। सामने से आ रही बाइक को कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि हादसे की भयावहता देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार हैदर उछलकर रेलवे ब्रिज से लगभग 50 फीट नीचे जा गिरा। अंसार और इमरान भी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और एक-एक पैर तक कटकर नीचे जा गिरा। हैदर और अंसार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल इमरान को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि दुर्घटना के काफी समय बाद तक एंबुलेंस और राहत दल नहीं पहुंचे। मजबूरी में घायलों और मृतकों को निजी वाहनों तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इसी बात को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

    चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर एसडीएम अभिषेक शर्मा, ट्रैफिक डीएसपी, सीएसपी सुमित अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में स्थानीय विधायक मनोज चौधरी ने भी ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी मांगों को सुनते हुए सड़क की तकनीकी खामियों की जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।

    हादसे के बाद एक बार फिर रूपाखेड़ी रेलवे ब्रिज की सड़क गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़क की ऊंची-नीची सतह के कारण यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि जिम्मेदार एजेंसियों ने समस्या को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा अब लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

    पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने सड़क की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य कराने का भरोसा दिया है। लेकिन दो परिवारों के लिए यह हादसा ऐसा जख्म बन गया है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी।

  • बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ

    बार-बार ट्रांसफार्मर फॉल्ट से परेशान जनता का विरोध, सड़क पर बैठकर किया हनुमान चालीसा पाठ


    देवास । देवास के जमुना नगर और आवास नगर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती ने आखिरकार लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। शुक्रवार रात क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए और मक्सी रोड पर चक्काजाम कर बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और बिजली समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई।

    रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति लंबे समय से अव्यवस्थित बनी हुई है। इलाके में लगे ट्रांसफार्मर में बार-बार फॉल्ट आने के कारण घंटों बिजली गुल रहती है। भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती ने लोगों का जीवन प्रभावित कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कामकाज तक प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत कर काम चलाया जा रहा है।

    शुक्रवार रात जब एक बार फिर बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा मक्सी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने धार्मिक तरीके से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। इससे पूरे क्षेत्र का माहौल अनोखा लेकिन विरोधपूर्ण नजर आया।

    चक्काजाम के कारण मक्सी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और जल्द ही स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

    स्थानीय रहवासी कविता बाई ने बताया कि ट्रांसफार्मर की समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद विभाग केवल अस्थायी मरम्मत करता है, जिससे कुछ समय बाद फिर वही स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को अब स्थायी समाधान चाहिए, क्योंकि बार-बार बिजली गुल होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।

    इधर बिजली कंपनी के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को सुधारने का प्रयास किया। लेकिन मरम्मत कार्य के दौरान ही दोबारा फॉल्ट आने से समस्या की गंभीरता उजागर हो गई। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने और समाधान के भरोसे के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात फिर से सामान्य हो सका।

    रहवासियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रांसफार्मर और बिजली आपूर्ति की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य है, लेकिन क्षेत्रवासियों की नजर अब वादों के अमल पर टिकी हुई है।

  • श्मशान घाट के पास हमला, युवक घायल-दो आरोपियों ने दी जान से मारने की धमकी

    श्मशान घाट के पास हमला, युवक घायल-दो आरोपियों ने दी जान से मारने की धमकी


    शाजापुर। शाजापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक हिंसक घटना सामने आई, जहां पुराने श्मशान घाट के पास एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि दो युवकों ने उसे बेल्ट और प्लास्टिक के पाइप से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, फरियादी सूरज पंवार (22), निवासी बेरछा रोड रेलवे पुलिया क्षेत्र, नगर पालिका के कचरा वाहन में हेल्पर के रूप में कार्य करता है। पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7 बजे वह राजेश्वरी मंदिर के पास स्थित चिल्लर नदी क्षेत्र में गया था। इसी दौरान वहां अनिल और उसका एक साथी मौजूद थे। कुछ समय बाद दोनों ने उसे पुराने श्मशान घाट के पास बुलाया, जहां विवाद की स्थिति बन गई।

    पीड़ित के अनुसार, नदी क्षेत्र में आने को लेकर आरोपियों ने उससे बहस शुरू कर दी और देखते ही देखते मामला बढ़ गया। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए उस पर हमला कर दिया। अनिल ने बेल्ट से और उसके साथी ने प्लास्टिक पाइप से सूरज पर लगातार वार किए। अचानक हुए इस हमले से वह खुद को बचा नहीं सका।

    मारपीट में युवक की पीठ, छाती, होंठ, गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। हमले के निशान उसके शरीर पर साफ देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह वह वहां से बचकर निकला और घर पहुंचा, जहां उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी।

    पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के बाद दोनों आरोपियों ने उसे धमकी दी कि यदि वह दोबारा उस क्षेत्र में आया तो उसकी जान ले ली जाएगी। इस धमकी से वह काफी दहशत में है।

    परिजनों के साथ सूरज थाने पहुंचा और कोतवाली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान और लोकेशन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शाजापुर सड़क हादसा: ब्रेक फेल बस ने कई वाहनों को रौंदा, लोग घायल

    शाजापुर सड़क हादसा: ब्रेक फेल बस ने कई वाहनों को रौंदा, लोग घायल


    शाजापुर। शाजापुर शहर में शनिवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत मंडी के पास निर्माणाधीन पुलिया के नजदीक एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित हो गई। सारंगपुर की ओर से आ रही बालाजी बस के ब्रेक फेल हो जाने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कुछ ही पलों में सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो बाइक और दो चार पहिया वाहनों सहित कुल चार वाहन चपेट में आ गए, जबकि तीन लोग घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई। बताया जाता है कि जैसे ही बस निर्माणाधीन पुलिया के पास पहुंची, अचानक उसके ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। चालक ने बस को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन तेज रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण वाहन अनियंत्रित होता चला गया। देखते ही देखते बस पहले सड़क पर चल रहे बाइक सवारों से टकराई और फिर आगे बढ़ते हुए अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर जोरदार आवाजें सुनाई दीं और आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए।

    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायलों को वाहन से निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें चोटें आई हैं।

    घायलों में मझनिया निवासी जितेंद्र शामिल हैं, जो किसी आवश्यक कार्य से शाजापुर की ओर आ रहे थे और बस की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अन्य घायलों में लक्ष्मण और उनकी मां सानूबाई भी शामिल हैं, जो बैंक संबंधी कार्य के लिए शहर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया और वे बस की चपेट में आ गए। तीनों घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बच सकी।

    घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है। प्रारंभिक जांच में ब्रेक फेल होने को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ चालक के बयान भी दर्ज कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    हादसे के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारु कराया। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह के पुराने और तकनीकी रूप से कमजोर वाहनों की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • विदिशा में जनता परेशान, सरकारी दफ्तरों में चल रहे एसी और पंखे बिना कामकाज

    विदिशा में जनता परेशान, सरकारी दफ्तरों में चल रहे एसी और पंखे बिना कामकाज


    विदिशा । विदिशा जिले में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग ने आम जनता का जीवन मुश्किल कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग बार-बार बिजली गुल होने और कम वोल्टेज की समस्या से परेशान हैं। घरों में पंखे, कूलर और एसी जैसे उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    बिजली विभाग का कहना है कि गर्मी के कारण खपत बढ़ने से सिस्टम पर दबाव है, जिसके चलते कटौती और ट्रिपिंग की समस्या हो रही है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है।

    शुक्रवार को शहर के कई सरकारी दफ्तरों की ग्राउंड रिपोर्ट में यह सामने आया कि जहां आम जनता बिजली संकट से जूझ रही है, वहीं सरकारी कार्यालयों में बिजली की खुली बर्बादी जारी थी। कई दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित थे, लेकिन लाइटें, पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर लगातार चालू हालत में पाए गए।

    एसडीएम कार्यालय में कई चैंबर खाली पड़े थे, लेकिन वहां बिजली उपकरण चालू थे। कार्यालय में अधिकारी मौजूद नहीं थे, फिर भी कमरे एसी की ठंडी हवा में चलते रहे। इसी तरह कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में भी अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित थे, लेकिन वहां भी लाइट, पंखे और कूलर लगातार चलते रहे।

    बिजली कंपनी के जोन-1 कार्यालय में भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। दफ्तर खाली होने के बावजूद एसी और पंखे चलते रहे, जिससे साफ दिखाई दिया कि बिजली बचत के नियमों का पालन नहीं हो रहा है।

    इस स्थिति ने आम जनता में नाराजगी बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि एक तरफ उन्हें घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्यालयों में बिना जरूरत बिजली खर्च की जा रही है। यह स्थिति जनता के साथ अन्याय जैसी महसूस हो रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण नियमों के तहत सभी सरकारी भवनों में बिजली उपयोग को नियंत्रित करना आवश्यक है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एयर कंडीशनर का तापमान 24 डिग्री पर सेट रखना अनिवार्य है और अनावश्यक बिजली उपयोग पर कार्रवाई का प्रावधान भी है।

    जनता की मांग है कि प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाए और सभी सरकारी दफ्तरों में बिजली उपयोग को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन लागू की जाए। साथ ही नियमित निगरानी भी की जाए, ताकि ऊर्जा की बर्बादी रोकी जा सके।

    फिलहाल, एक तरफ जनता गर्मी और बिजली कटौती से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी दफ्तरों में बिजली की यह स्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

  • आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट

    आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट

    विदिशा। विदिशा जिले में नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को शुक्रवार देर रात अचानक बड़ी राहत मिली। आधी रात के आसपास मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ आंधी चलने लगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ठंडक महसूस की गई।

    आंधी के चलते कई इलाकों में घरों की छतों और आंगनों में रखा सामान उड़ गया, हालांकि किसी बड़े नुकसान या जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। तेज हवाओं के बाद सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे सूरज की तपिश कमजोर पड़ गई और लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई।

    शनिवार को विदिशा में अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। जबकि शुक्रवार को जिले में तापमान काफी अधिक रहा था, जिसमें अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। उस दिन तेज धूप और लू के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा देखा गया।

    नौतपा के तीसरे दिन गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई थी, जिससे बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकले। लेकिन देर रात आए मौसम परिवर्तन ने स्थिति बदल दी और लोगों ने राहत की सांस ली।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के प्रभाव के कारण आगामी दिनों में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है। 30, 31 मई और 1 जून को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। 30 मई के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे नौतपा की भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। यदि बारिश होती है तो तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है और मौसम सुहाना बना रह सकता है।

    फिलहाल विदिशा में बदले हुए मौसम ने लोगों को राहत दी है और आने वाले दिनों को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं कि भीषण गर्मी का असर कम होगा और मौसम सामान्य स्थिति की ओर लौटेगा।


  • सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी

    सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी


    सतना । सतना और मैहर जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी पूरी होने के बाद अब भंडारण और परिवहन व्यवस्था गंभीर संकट में फंस गई है। खरीदी बंद हुए 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद करीब 12 लाख क्विंटल गेहूं अब भी विभिन्न उपार्जन केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।

    दोनों जिलों में इस वर्ष बड़े पैमाने पर गेहूं की खरीदी की गई थी। आंकड़ों के अनुसार लगभग 57 हजार किसानों से करीब 38 लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया। लेकिन खरीदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उठाव और भंडारण की रफ्तार बेहद धीमी हो गई, जिससे बड़ी मात्रा में अनाज केंद्रों पर ही जमा रह गया।

    अब तक केवल लगभग 26 लाख क्विंटल गेहूं ही गोदामों तक पहुंच पाया है, जबकि शेष 12 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं अभी भी उपार्जन केंद्रों पर रखा हुआ है। कई स्थानों पर यह गेहूं अस्थायी रूप से खुले में ढेर बनाकर रखा गया है, जिससे मौसम खराब होने पर भारी नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

    इस स्थिति का सीधा असर किसानों के भुगतान पर भी पड़ा है। सरकारी नियमों के अनुसार किसानों को उनकी उपज का भुगतान तभी किया जाता है, जब खरीदे गए अनाज का परिवहन और भंडारण पूरा हो जाता है। फिलहाल करीब 313 करोड़ रुपये का भुगतान अटका हुआ है, जिससे हजारों किसान परेशान हैं और लगातार भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

    किसानों और समितियों का कहना है कि मुख्य समस्या परिवहन व्यवस्था की धीमी गति है। पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता न होने और भंडारण केंद्रों में क्षमता की कमी के कारण गेहूं का उठाव समय पर नहीं हो पा रहा है। इसके चलते उपार्जन केंद्रों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।

    स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात मौसम में आया बदलाव है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बादल और हल्की बारिश जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग की संभावित बारिश की चेतावनियों ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। यदि तेज बारिश होती है तो खुले में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भीग सकता है, जिससे उसकी गुणवत्ता खराब होने की आशंका है।

    इससे न केवल किसानों की मेहनत पर असर पड़ेगा, बल्कि सरकारी खरीद व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ सकते हैं। पहले से ही उठाव में देरी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और अब मौसम का खतरा स्थिति को और गंभीर बना रहा है।

    प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कैसे तेजी से परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त कर सभी उपार्जन केंद्रों से गेहूं का सुरक्षित उठाव कराया जाए। साथ ही किसानों को लंबित भुगतान जल्द से जल्द दिलाना भी प्राथमिकता बन गई है।

    फिलहाल हालात यह हैं कि लाखों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है और किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द व्यवस्था सुधरेगी, ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित रह सके और भुगतान समय पर मिल सके।

  • सतना के चित्रकूट में हंगामा, बिजली कटौती को लेकर पावर हाउस पर तनाव

    सतना के चित्रकूट में हंगामा, बिजली कटौती को लेकर पावर हाउस पर तनाव


    सतना । सतना जिले के चित्रकूट में बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं। लगातार दूसरी रात बिजली संकट और उसके बाद हुए घटनाक्रम ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, गुरुवार-शुक्रवार की रात आए तेज अंधड़ के कारण चित्रकूट क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। घंटों की मरम्मत के बाद शुक्रवार शाम करीब 5:45 बजे बिजली बहाल की गई, लेकिन यह राहत अधिक देर तक नहीं टिक सकी।

    आरोप है कि कुछ लोग अपने घर की बिजली ठीक कराने की मांग को लेकर रजौला स्थित 33/11 केवी सबस्टेशन पहुंचे और पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद करा दी। इससे गर्मी और उमस के बीच लोग पानी की समस्या से भी जूझने लगे।

    सबस्टेशन ऑपरेटर पंकज सेन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन लोग जबरन सबस्टेशन पहुंचे और धमकी देकर पूरे क्षेत्र की बिजली बंद कराई। आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल भी छीन लिया गया और उन्हें दबाव में लेकर बिजली सप्लाई बंद कराई गई।

    ऑपरेटर का दावा है कि इन लोगों में एक मजिस्ट्रेट भी शामिल थे, जो पुलिसकर्मियों के साथ सबस्टेशन पहुंचे थे। पंकज सेन के अनुसार, मजिस्ट्रेट ने यह कहते हुए दबाव बनाया कि जब तक उनके घर की बिजली ठीक नहीं होती, तब तक पूरे क्षेत्र की सप्लाई चालू नहीं होने दी जाएगी।

    स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग पावर हाउस पहुंच गए। घंटों बिजली न मिलने और बार-बार कटौती से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

    इधर, बिजली बहाल होने के कुछ समय बाद ही फिर से सप्लाई बाधित हो गई, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। इन्वर्टर तक डिस्चार्ज हो जाने और पानी की समस्या खड़ी होने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए।

    भीड़ बढ़ने पर कथित तौर पर संबंधित लोग मौके से चले गए, लेकिन लोगों ने पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की मांग जारी रखी। बाद में विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई गई।

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। ऑपरेटर द्वारा दिए गए लिखित शिकायत पत्र में मारपीट, धमकी और जबरन बिजली बंद कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों ही स्तर पर मामले की जांच की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

  • सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल

    सतना बाईपास पर बस-बाइक की भीषण टक्कर, युवक की मौत, एक घायल


    मध्‍य प्रदेश  सतना-मैहर बाईपास पर शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा कोलगवां थाना क्षेत्र के उतैली मोड़ के पास हुआ, जहां सतना से मैहर जा रही अभय ट्रेवल्स की बस (MP 19 P 0685) ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार तीन लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में 25 वर्षीय विवेक यादव (पिता रक्कू यादव) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय विनय यादव (पिता लक्खू यादव) गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक पर सवार 30 वर्षीय वंदना यादव (पति विकास) को भी चोटें आई हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बस में सवार यात्री भी घटना के बाद नीचे उतरकर वहां से चले गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में डॉक्टरों ने विवेक यादव को मृत घोषित कर दिया, जबकि विनय यादव के सीने में गंभीर अंदरूनी चोटें बताई गई हैं और उसका इलाज जारी है। वंदना यादव को मामूली चोटें आई हैं और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, तीनों लोग चकदही गांव के यादव परिवार से हैं। मृतक विवेक अपनी भाभी वंदना को डॉक्टर को दिखाने के लिए बाइक से सतना आ रहा था, तभी यह हादसा हो गया। अचानक हुए इस दर्दनाक हादसे से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों ने बाईपास पर ट्रैफिक नियंत्रण और सख्त निगरानी की मांग की है।

  • सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान

    सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान


    सीहोर । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका फुटेज सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।

    घटना टिकुरिया टोला की कंधी गली की है, जहां 48 वर्षीय मीरा गुप्ता शुक्रवार शाम बाजार से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह घर के पास पहुंचीं, तभी एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने उन्हें निशाना बना लिया।

    जानकारी के अनुसार, बदमाश ने पहले महिला को ओवरटेक किया और कुछ दूरी आगे जाकर अपनी बाइक वापस मोड़कर लाया। इसके बाद उसने महिला के बराबर आते ही अचानक उनके गले पर झपट्टा मारते हुए सोने की चेन छीनने की कोशिश की।

    हालांकि इस दौरान महिला ने झटका महसूस किया और चेन टूटकर उनके पास ही गिर गई। बदमाश अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका और मौके से तेजी से फरार हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में महिला को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

    वारदात के वक्त आरोपी ने अपना चेहरा कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी। रिहायशी इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।

    घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध बाइक सवार की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान जल्द कर ली जाएगी और उसे गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह घटना एक बार फिर शहरों में बढ़ती छिनैती की घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।