Category: Madhya Pradesh

  • ओंकारेश्वर में अनोखी पहल: आटे के दीपकों से दीपदान, नर्मदा संरक्षण के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार

    ओंकारेश्वर में अनोखी पहल: आटे के दीपकों से दीपदान, नर्मदा संरक्षण के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार


    नई दिल्ली।  मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के संरक्षण और स्वच्छता को लेकर एक अनूठी पहल शुरू की गई है। अब यहां नर्मदा महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा प्लास्टिक या थर्माकोल के दीपों के बजाय आटे से बने पर्यावरण अनुकूल दीपकों से दीपदान किया जा रहा है। यह कदम नदी में प्रदूषण को रोकने और नर्मदा को स्वच्छ बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

     हर शाम होती है भव्य नर्मदा महाआरती, बढ़ रही श्रद्धालुओं की भागीदारी
    ओंकारेश्वर में हर शाम मां नर्मदा के तट पर भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है, जो अब हरिद्वार और ऋषिकेश की गंगा आरती की तर्ज पर प्रसिद्ध हो रहा है।
    देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होकर आस्था व्यक्त करते हैं और आटे के दीपकों से दीपदान करते हैं।

    आटे के दीपक बने पर्यावरण संरक्षण का माध्यम
    प्रशासन के अनुसार, आटे से बने दीपकों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि दीपक जलने के बाद उनका अवशेष पानी में घुल जाता है। इससे नदी में कोई प्रदूषण नहीं होता।
    इसके अलावा यह आटा जलीय जीवों के लिए भोजन का भी काम करता है, जिससे नर्मदा के पारिस्थितिकी तंत्र को भी लाभ मिलता है।

    महिलाओं को मिल रहा रोजगार, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
    इस पहल का सामाजिक प्रभाव भी बेहद सकारात्मक है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्थानीय स्व-सहायता समूहों की महिलाएं इन आटे के दीपकों का निर्माण कर रही हैं। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिल रहा है, बल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन रही हैं।

    पर्यावरण और आस्था का संगम बना ओंकारेश्वर का प्रयास
    खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता के अनुसार, यह पहल धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं में स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

    अन्य धार्मिक स्थलों के लिए बन सकता है मॉडल
    प्रशासन का मानना है कि ओंकारेश्वर में शुरू हुई यह पहल अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जहां बड़े पैमाने पर नदी प्रदूषण की समस्या देखी जाती है।

  • इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर

    इंदौर जैन मंदिर में बड़ी चोरी: 10 लाख से अधिक की चांदी व अष्टधातु की मूर्तियां गायब, CCTV में कैद हुए चोर


    नई दिल्ली। इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र स्थित ग्रेटर बाबा जैन मंदिर में सोमवार तड़के बड़ी चोरी की घटना सामने आई। अज्ञात चोर रात करीब 2:18 बजे मंदिर परिसर में दाखिल हुए और लगभग 42 मिनट तक अंदर रहे। इसके बाद वे 3 बजे के आसपास वहां से फरार हो गए। चोरों ने मंदिर की रेकी पहले से की थी, जिससे उन्हें वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई।

     चांदी और अष्टधातु की मूर्तियां सहित धार्मिक सामग्री चोरी
    चोर मंदिर से भारी मात्रा में धार्मिक सामान लेकर फरार हुए। चोरी गए सामान में शामिल हैं-

    5 चांदी की मूर्तियां
    1 मिश्र धातु की मूर्ति
    1 शिला
    2 शांति धारा पात्र
    28 कलश
    पूरे सामान की कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

    चौकीदार को नहीं लगी भनक, सुबह खुला मामला
    मंदिर के चौकीदार राकेश त्रिवेदी ने बताया कि रोज की तरह रात 10:30 बजे मंदिर बंद किया गया था। सुबह 5 बजे जब मंदिर खोला गया, तब गर्भगृह से मूर्तियां गायब मिलीं।
    उन्होंने बताया कि रात में किसी तरह की हलचल का पता नहीं चला और न ही उन्हें चोरी की कोई भनक लगी।

     CCTV में कैद हुई पूरी वारदात, पुलिस जांच में जुटी
    एरोड्रम थाना पुलिस के अनुसार, चोर बाइक से मंदिर परिसर पहुंचे थे। इनमें से एक आरोपी ने दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया और चोरी की घटना को अंजाम दिया।
    पूरी वारदात मंदिर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान और तलाश में जुट गई है।

    फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, समाज में आक्रोश
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। जैन समाज के लोगों ने घटना पर नाराजगी जताई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि हाल के दिनों में जैन मंदिरों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे चिंता बढ़ रही है।

    पुलिस का दावा: जल्द होगी गिरफ्तारी
    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान

    उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान


    नई दिल्ली। उमरिया जिले में पिछले दो दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार और शुक्रवार को जिले के कई इलाकों में हल्की से तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
    मौसम में इस बदलाव के चलते भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।

    तापमान में करीब 5 डिग्री की गिरावट, गर्मी से मिली राहत
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन दो दिनों में कुल 7.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 25 से 28 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था।

    बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और 1 मई को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे जिले में गर्मी से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

     ओलावृष्टि का असर, आम की फसल को नुकसान की आशंका
    इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर कृषि पर पड़ा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह के अनुसार, बारिश और ओलावृष्टि के कारण आम की फसल को नुकसान पहुंचा है।

    कई इलाकों में बागवानी फसलों पर ओलों की मार देखी गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में नुकसान का आकलन किया जाएगा।

     मौसम सामान्य होने के बाद फिर लौटी दिनचर्या
    मौसम खुलने के बाद जिले में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। सुबह के समय लोग सब्जी और अन्य जरूरतों के लिए मंडियों में पहुंचने लगे हैं।
    फिलहाल उमरिया में धूप और छांव का मिश्रित दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।

     आगे भी मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर

    शहडोल में दर्दनाक सड़क हादसा: बोरवेल गाड़ी ने 3 को कुचला, मां-बेटे की मौत, 10 साल की बच्ची गंभीर


    नई दिल्ली।  शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोरवेल मशीन गाड़ी ने पैदल जा रहे एक परिवार को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।

    हादसे में सूखा गांव की रहने वाली अंशु उरमलिया (30) और उनके 6 वर्षीय बेटे राधा रमन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 वर्षीय बच्ची आस्था तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गई।

    गर्भवती महिला की मौके पर मौत, हादसे ने बढ़ाया दर्द

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि अंशु उरमलिया बोरवेल गाड़ी के टायर के नीचे आ गईं। वे 7 महीने की गर्भवती थीं और हादसे में उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गंभीर चोटों के कारण उनका शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मृतका अंशु उरमलिया, लाइनमैन राम गोपाल द्विवेदी की बेटी थीं।

     मासूम बेटे ने अस्पताल में तोड़ा दम, बच्ची की हालत नाजुक

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल 6 वर्षीय राधा रमन को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। वहीं 10 साल की आस्था तिवारी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में लगातार उपचार कर रही है।

     टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक, पुलिस ने दर्ज किया केस

    हादसे की सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस और एसडीओपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
    फरार बोरवेल गाड़ी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है।

    गांव में मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। मृतकों के घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

    इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहनों और ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों का पालन और नियंत्रण होता, तो यह दर्दनाक घटना टाली जा सकती थी।

  • सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर

    सिंगरौली बैंक डकैती का बड़ा खुलासा: बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क उजागर


    नई दिल्ली। सिंगरौली जिले के वैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में 17 अप्रैल को हुई सनसनीखेज डकैती मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। वैढ़न थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन उर्फ चईया यादव (21) और गुलशन (19) के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र के खीरूबिगहा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।

    पुलिस रिमांड पर पूछताछ, गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश
    दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनसे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और डकैती की पूरी साजिश का खुलासा किया जा सके।
    अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे नेटवर्क को उजागर करने में मदद करेंगे।

     जेल में बंद मास्टरमाइंड ने रची थी पूरी साजिश
    पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाई-प्रोफाइल डकैती का मास्टरमाइंड सुबोध सिंह है, जो फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि उसने ओडिशा की कुचिंडा जेल में बंद अपने सहयोगी पीयूष जायसवाल के जरिए इस वारदात की योजना बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया।
    गिरफ्तार आरोपी लूटे गए माल को ठिकाने लगाने और नेटवर्क को सपोर्ट करने में भूमिका निभा रहे थे।

     पहले से कई आरोपी गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा
    इस मामले में पहले ही फंटूस, कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह है, जो कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस अब गिरोह के वित्तीय नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    लूटे गए माल की बरामदगी पर अभी भी सस्पेंस
    पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। हालांकि, डकैती में लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    बैंक में हुई थी करोड़ों की डकैती, पूरे क्षेत्र में मचा था हड़कंप
    गौरतलब है कि 17 अप्रैल को दिनदहाड़े बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हथियारबंद बदमाशों ने फायरिंग कर करीब 9-10 किलो सोना और लगभग 20 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इस वारदात की कुल कीमत करीब 15 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।

  • सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता

    सतना में वन स्टॉप सेंटर से लापता किशोरी का सुराग: रामपुर बघेलान से दूसरी बालिका सकुशल मिली, एक अब भी लापता


    नई दिल्ली। सतना के जवाहरनगर स्थित वन स्टॉप सेंटर (सखी) से 27 अप्रैल को तीन नाबालिग बालिकाओं के लापता होने का मामला सामने आया था। घटना की रिपोर्ट सेंटर की प्रशासक नीता श्रीवास्तव द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।
    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने विशेष टीम गठित कर बालिकाओं की तलाश तेज करने के निर्देश दिए थे।

    तकनीकी इनपुट और मुखबिर की मदद से मिली दूसरी सफलता
    पुलिस ने लगातार तलाश अभियान चलाते हुए पहले चरण में 30 अप्रैल को एक बालिका को कटनी से सकुशल बरामद किया था। अब 3 मई को दूसरी किशोरी को रामपुर बघेलान क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है।
    पुलिस के अनुसार, दोनों किशोरियों को सुरक्षित परिजनों या संबंधित संरक्षण व्यवस्था में सौंपने की प्रक्रिया जारी है।

    तीसरी किशोरी अब भी लापता, यूपी के बिजनौर की रहने वाली है
    तीनों में से एक नाबालिग बालिका अभी भी लापता है, जिसकी तलाश पुलिस लगातार कर रही है। जानकारी के अनुसार, यह किशोरी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की निवासी है। पुलिस टीम विभिन्न तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    पुलिस ने घोषित किया था इनाम, तलाश अभियान जारी
    तीनों बालिकाओं के लापता होने के बाद पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने उनके बारे में पुख्ता जानकारी देने पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से ही पुलिस ने खोजबीन अभियान को और तेज कर दिया है।

    प्रशासन सतर्क, तीसरी किशोरी की सुरक्षित वापसी पर फोकस
    दो किशोरियों की बरामदगी के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरी बालिका की बरामदगी अब भी प्राथमिकता बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

  • शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध

    शादी समारोह के दौरान हुई वारदात, दिव्यांग युवती से किया गया जघन्य अपराध


    नई दिल्ली। सतना जिले के सभापुर क्षेत्र में 29 अप्रैल को एक शादी समारोह के दौरान हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। आरोप है कि चार लोगों ने मिलकर 20 वर्षीय मूकबधिर दिव्यांग युवती को जबरन कार में खींचा और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

     तेजी से हुई पुलिस कार्रवाई, तीन आरोपी सलाखों के पीछे

    पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की।

    सबसे पहले मुख्य आरोपी किशन सिंह को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 72 घंटे के भीतर दूसरे आरोपी अभयानंद द्विवेदी को भी पुलिस ने दबोच लिया। जांच को आगे बढ़ाते हुए रविवार को तीसरे आरोपी अमन उर्फ रवि गुप्ता को भी मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।

     कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेजा गया

    गिरफ्तारी के बाद अमन गुप्ता को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक प्रक्रिया के तहत उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

     चौथा आरोपी अब भी फरार, पुलिस कर रही लगातार तलाश

    इस मामले में अब भी चौथा आरोपी विकास उर्फ गोलू गुप्ता फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

    इसके साथ ही पुलिस आरोपी की संपत्ति और संपर्कों का भी ब्यौरा जुटा रही है, ताकि उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

    संवेदनशील मामला, पुलिस की सख्त निगरानी जारी

    यह मामला बेहद संवेदनशील होने के कारण पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से निगरानी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • बिना दफ्तर शुरू हुआ विंध्य विकास प्राधिकरण: पहले ही दौरे में सामने आई अव्यवस्था, अध्यक्ष ने मांगा कार्यालय

    बिना दफ्तर शुरू हुआ विंध्य विकास प्राधिकरण: पहले ही दौरे में सामने आई अव्यवस्था, अध्यक्ष ने मांगा कार्यालय

    नई दिल्ली। रीवा में क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से गठित विंध्य विकास प्राधिकरण की शुरुआत ही अव्यवस्थाओं के बीच होती नजर आई। हाल ही में नियुक्त हुए अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति के पहले औपचारिक दौरे में यह साफ हो गया कि प्राधिकरण के पास न तो स्थायी कार्यालय है और न ही कामकाज के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधन।
    इस स्थिति ने न केवल प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि भविष्य में योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।

    पहले ही दिन उठी कार्यालय की मांग, कमिश्नर से की गई अपील
    अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने स्थिति का जायजा लेने के बाद संभागीय कमिश्नर से औपचारिक रूप से कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बिना स्थायी दफ्तर के किसी भी विकास प्राधिकरण का सुचारू संचालन संभव नहीं है।

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं की समीक्षा, बैठकों का आयोजन और फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन जैसे कार्यों के लिए जरूरी है कि प्राधिकरण के पास एक सुव्यवस्थित कार्यालय हो।

    नियुक्तियों के बाद बढ़ी उम्मीदें, लेकिन शुरुआती स्तर पर ही चुनौतियां
    राज्य सरकार ने हाल ही में विंध्य विकास प्राधिकरण का गठन करते हुए पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति को अध्यक्ष नियुक्त किया है। साथ ही डॉ. अजय सिंह पटेल और संजय तीर्थानी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इन नियुक्तियों के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन शुरुआती चरण में ही संसाधनों की कमी ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    संसाधन और ढांचे की कमी से रुका कामकाज, फील्ड कार्य भी प्रभावित
    स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि यदि प्राधिकरण के गठन के साथ ही कार्यालय और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती, तो कामकाज की शुरुआत बेहतर तरीके से हो सकती थी।

    वर्तमान में स्थिति यह है कि कार्यालय के अभाव में न तो बैठकें नियमित रूप से हो पा रही हैं और न ही विकास योजनाओं पर फील्ड स्तर पर कोई ठोस कार्य शुरू हो सका है।
    आगे की राह: भवन मिलने के बाद ही शुरू होगा असली काम
    प्रशासनिक स्तर पर अब यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही प्राधिकरण को स्थायी कार्यालय और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद ही विंध्य क्षेत्र में विकास योजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन शुरू हो सकेगा।
    फिलहाल, शुरुआत में ही सामने आई इन चुनौतियों ने प्राधिकरण की तैयारियों और योजना निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज

    पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज


    नई दिल्ली। सागर जिले के बंडा नगर परिषद में वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद प्रभुदयाल राठौर और नगर परिषद प्रशासन के बीच पुराना भुगतान विवाद अब गंभीर कानूनी और आपराधिक मोड़ पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि पार्षद का एक टेंडर कार्य का भुगतान पिछले लगभग 7 वर्षों से लंबित था। इसी भुगतान को लेकर उन्होंने हाल ही में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को लीगल नोटिस भेजा था।

    घटना 2 अप्रैल की दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और उपयंत्री कक्ष में नाली निर्माण कार्य की जानकारी लेने के बाद CMO कक्ष में जाकर नोटिस सौंपा।

     नोटिस पढ़ते ही बढ़ा विवाद, गाली-गलौज और हाथापाई के आरोप

    पार्षद प्रभुदयाल राठौर के अनुसार, जैसे ही CMO ने लीगल नोटिस पढ़ा, वे कथित रूप से आवेश में आ गए। उन्होंने नोटिस पर टिप्पणी लिखकर पार्षद के सामने रख दिया और तेज आवाज में बहस करने लगे।

    स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पार्षद ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू की। आरोप है कि इसके बाद CMO ने चैंबर से बाहर आकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और हाथापाई की। इस धक्का-मुक्की में पार्षद का मोबाइल भी जमीन पर गिर गया। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर परिषद कार्यालय के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

    थाने से लौटने के बाद फिर बढ़ा विवाद, दी गई जान से मारने की धमकी

    घटना यहीं नहीं रुकी। शिकायत के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे CMO थाने से लौटकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

    आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ आए एक व्यक्ति, जिसने खुद को CMO का रिश्तेदार बताया, ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    एक महीने बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू

    घटना की शिकायत बंडा थाने में पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले की जांच लगभग एक महीने तक की और साक्ष्यों के आधार पर अब कार्रवाई करते हुए आरोपी अजितराज उर्फ राजा मसीह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

     प्रशासनिक कामकाज पर उठे सवाल, माहौल तनावपूर्ण

    इस घटना के बाद नगर परिषद बंडा में प्रशासनिक कार्यशैली और भुगतान लंबित मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर इस विवाद ने माहौल को और गर्म कर दिया है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

  • ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल

    ब्रिक्स कृषि कार्य समूह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में, 21 देशों के कृषि मंत्री होंगे शामिल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में केन्द्र सरकार द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के अंतर्गत कृषि कार्य समूह का महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 9 से 13 जून तक ग्रेंड शेरेटन होटल में होगा। पांच दिवसीय इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में 21 देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्धारक एवं विशेषज्ञ शामिल होंगे।

    यह जानकारी रविवार देर शाम केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में इंदौर में आयोजित सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की और इसे ऐतिहासिक अवसर बताया।

    वैश्विक कृषि विमर्श का केंद्र बनेगा इंदौर

    केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृषि व्यापार और किसान कल्याण जैसे विषयों पर नई दिशा तय करेगा। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी तैयारियां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप, समयबद्ध और सुव्यवस्थित हों। सरकार का लक्ष्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि भारत की कृषि क्षमता, नवाचार और परंपरा का प्रभावी प्रदर्शन करना है।

    केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देशों का वैश्विक कृषि में बड़ा योगदान है, जिसमें लगभग 42 फीसदी कृषि भूमि, 68 फीसदी छोटे किसान, करीब 45 प्रतिशत अनाज उत्पादन इन देशों से जुड़ा है। सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, यूगांडा, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलम्बिया, इंडोनेशिया सहित कुल 21 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि विश्व के लगभग 68 प्रतिशत किसान इन देशों में निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन की सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों।

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण, जलवायु, स्मार्ट कृषि, कृषि व्यापार और आपूर्ति शृंखला, डिजिटल कृषि और प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स, किसान कल्याण और अनुसंधान सहयोग शामिल हैं। यह सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं होगा, बल्कि अतिथियों को इंदौर की स्वच्छता, संस्कृति, मालवा की मेहमाननवाज़ी और कृषि विविधता से भी परिचित कराया जाएगा। इंदौर के 56 दुकान के सुस्वाद कराएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह आयोजन मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय है और इससे किसानों, कृषि नवाचारों और नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा। यह सम्मेलन वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और नवाचार के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत और मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। शहर की स्वच्छता, हरियाली और सुंदरता अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने उत्कृष्ट रूप में प्रदर्शित होना चाहिए। उन्होंने नगर निगम, पुलिस प्रशासन, पर्यटन, लोक निर्माण, स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थलों, प्रमुख मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष साफ-सफाई, आकर्षक सजावट और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सम्मेलन के दौरान मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, पारंपरिक खान-पान और कृषि नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए। विदेशी प्रतिनिधियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदेश भ्रमण और कृषि उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। एयरपोर्ट और होटलों पर अंग्रेजी, रूसी, तुर्की सहित विभिन्न भाषाओं के जानकार गाइड तैनात किए जाएं और उन्हें व्यवहार और आतिथ्य का पूर्व प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि मेहमानों का स्वागत पगड़ी, तिलक और फूलमालाओं के साथ भारतीय परंपरा के अनुरूप गर्मजोशी से किया जाए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य एवं प्रसिद्ध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की ब्रांडिंग में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।

    बैठक में जानकारी दी गई कि सम्मेलन दो चरणों में आयोजित होगा। प्रथम चरण में 9 से 11 जून तक वरिष्ठ अधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में स्मार्ट कृषि, कृषि अनुसंधान, कृषि व्यापार, किसान कल्याण तथा सतत विकास रणनीतियों जैसे विषयों पर तकनीकी चर्चा होगी। इसके बाद 12 एवं 13 जून को कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें कृषि क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नीति संबंधी विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में कृषि आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

    समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायकगण मधु वर्मा, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, इंदौर संभागायुक्त डॉ सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।