Category: Madhya Pradesh

  • सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान

    सब्जी लेकर लौट रही महिला से लूट की कोशिश, चेन टूटकर बची जान


    सीहोर । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। पूरी घटना पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका फुटेज सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।

    घटना टिकुरिया टोला की कंधी गली की है, जहां 48 वर्षीय मीरा गुप्ता शुक्रवार शाम बाजार से सब्जी खरीदकर अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह घर के पास पहुंचीं, तभी एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने उन्हें निशाना बना लिया।

    जानकारी के अनुसार, बदमाश ने पहले महिला को ओवरटेक किया और कुछ दूरी आगे जाकर अपनी बाइक वापस मोड़कर लाया। इसके बाद उसने महिला के बराबर आते ही अचानक उनके गले पर झपट्टा मारते हुए सोने की चेन छीनने की कोशिश की।

    हालांकि इस दौरान महिला ने झटका महसूस किया और चेन टूटकर उनके पास ही गिर गई। बदमाश अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सका और मौके से तेजी से फरार हो गया। गनीमत रही कि इस घटना में महिला को कोई गंभीर चोट नहीं आई।

    वारदात के वक्त आरोपी ने अपना चेहरा कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी। रिहायशी इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है।

    घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। कोलगवां थाना पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्ध बाइक सवार की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान जल्द कर ली जाएगी और उसे गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह घटना एक बार फिर शहरों में बढ़ती छिनैती की घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है।

  • जमीन विवाद में हत्या के बाद हंगामा, सीहोर में फरार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग तेज

    जमीन विवाद में हत्या के बाद हंगामा, सीहोर में फरार आरोपियों पर कार्रवाई की मांग तेज


    सीहोर । सीहोर जिले में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसक घटना के बाद अब मामला प्रशासनिक स्तर पर पहुंच गया है। इछावर थाना क्षेत्र के कालापीपल में हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से नाराज होकर शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया।

    मृतक कैलाश चंद्र वर्मा के पुत्र विमलेश वर्मा ने एसडीओपी पूजा शर्मा को एक शिकायती पत्र सौंपा, जिसमें पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया गया है। शिकायत के अनुसार 26 अप्रैल को जमीन विवाद को लेकर कुछ लोगों ने परिवार पर लाठी-डंडों और चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में कैलाश चंद्र वर्मा और उनके दोनों पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कैलाश चंद्र वर्मा की मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिवार न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।

    परिजनों का कहना है कि केवल पांच आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई आरोपी अभी भी फरार हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि फरार आरोपी लगातार उन्हें धमकियां दे रहे हैं और राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर समझौते का दबाव बना रहे हैं।

    परिजनों ने यह भी कहा कि आरोपियों द्वारा लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिससे परिवार में भय का माहौल है। धरना प्रदर्शन के दौरान परिवार ने सभी फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग की।

    एसपी कार्यालय पहुंचे परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि शेष आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

  • मोतीनगर पुलिस की कार्रवाई: घर के बाहर से बाइक चुराने वाला आरोपी दबोचा

    मोतीनगर पुलिस की कार्रवाई: घर के बाहर से बाइक चुराने वाला आरोपी दबोचा


    सागर । सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में हुई बाइक चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है।

    यह मामला सिंधी कैंप, संत कंवर राम वार्ड निवासी महेश कुमार आडवाणी की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 28 मई को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 24 मई की रात उन्होंने अपनी बाइक (MP 15 MH 0655) घर के बाहर खड़ी की थी, जो सुबह गायब मिली। गाड़ी चोरी होने के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    शिकायत मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।

    लगातार सुराग जुटाते हुए पुलिस टीम ने पगारा रोड स्थित सुभाष नगर निवासी 30 वर्षीय रीतेश जाटव (पिता हुकुमचंद जाटव) को हिरासत में लिया। थाने में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बाइक चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया।

    पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि आरोपी से अन्य संभावित चोरी की घटनाओं को लेकर भी पूछताछ की जा रही है, क्योंकि आशंका है कि वह पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहा हो सकता है।

    पुलिस की इस कार्रवाई में CCTV तकनीक की अहम भूमिका रही, जिससे न केवल आरोपी की पहचान संभव हुई बल्कि चोरी गई बाइक भी बरामद हो सकी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच में जुटी हुई है।

    इस सफलता से स्थानीय लोगों में राहत है और पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

  • सागर: ANA बिल्डर सहित कई प्रोजेक्ट पर चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन

    सागर: ANA बिल्डर सहित कई प्रोजेक्ट पर चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन


    सागर । सागर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पगारा और भैंसा क्षेत्रों में दबिश देकर नियम विरुद्ध विकसित की जा रही कॉलोनियों में बने पक्के निर्माण और बाउंड्रीवॉल को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया।

    प्रशासन की टीम सबसे पहले ग्राम भैंसा पहुंची, जहां खसरा नंबर 138 पर ANA बिल्डर द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद निर्माण कार्यों को बिना किसी देरी के तोड़ दिया गया। इस परियोजना से जुड़े पार्टनर सिमरजीत सिंह, आशु और अमरदीप के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

    इसके बाद टीम ने ग्राम पगारा में कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जहां खसरा नंबर 831 पर लाल जैन द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। यहां भी प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रुकवाते हुए बाउंड्रीवॉल और अन्य संरचनाओं को जेसीबी से गिरा दिया।

    प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन जमीनों पर अब किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा और आगे की प्लॉटिंग या विकास गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो सके।

    इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अमन मिश्रा ने किया। उनके साथ तहसीलदार राहुल गौंड, नितिन यादव, संजय जैन, निरंजन कुर्मी, आशुतोष गौतम और पटवारी उमाशंकर पांडे सहित कैंट थाना पुलिस बल मौजूद रहा।

    प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी काटने वाले बिल्डर्स में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में अवैध प्लॉटिंग और नियम विरुद्ध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

    स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति और विकास प्राधिकरण की स्वीकृति के किसी भी प्रकार की कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • सागर: शिव बारात में जानलेवा हमला करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 3 माह से था फरार

    सागर: शिव बारात में जानलेवा हमला करने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 3 माह से था फरार


    सागर  सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र में शिवरात्रि के अवसर पर निकली शिव बारात जुलूस के दौरान हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी घटना के बाद से करीब तीन महीने से फरार चल रहा था।

    पुलिस के अनुसार, 15 फरवरी को क्षेत्र में शिव बारात का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान जुलूस में तलवार लाने को लेकर विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया।

    विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने आयोजक अनिल उर्फ अन्ना कोष्टी पर हमला कर दिया। इस हमले में मयंक यादव, देव उर्फ देवरा यादव और ओम यादव शामिल थे। आरोप है कि मयंक यादव ने छुरे से अनिल पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    घटना के बाद घायल को तत्काल देवरी अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर सागर रेफर कर दिया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

    थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी मयंक यादव को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार आरोपी मयंक यादव (पिता महेंद्र यादव, निवासी पड़रई बुजुर्ग, हाल मुकाम झुनकू वार्ड देवरी) से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है।

    पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक नाबालिग आरोपी को पहले ही पकड़ा जा चुका है, जबकि तीसरा आरोपी ओम यादव अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही थी, हालांकि अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • सागर सनसनी: घायल हालत में सड़क पर चलता दिखा बुजुर्ग, चाकू कंधे में धंसा रहा

    सागर सनसनी: घायल हालत में सड़क पर चलता दिखा बुजुर्ग, चाकू कंधे में धंसा रहा


    रीवा । सागर जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शराब पीने के लिए पैसे न देने पर बदमाशों ने एक बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में चाकू सीधे उनके कंधे के पास घुस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

    यह घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पीड़ित बुजुर्ग बड़ी माता मंदिर क्षेत्र के रहने वाले हैं। घटना के दौरान पांच बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और शराब के लिए पैसे की मांग करने लगे। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

    हमले में एक बदमाश ने चाकू से उनके बाएं कंधे पर वार किया, जो गहराई तक धंस गया। इसके बावजूद घायल बुजुर्ग किसी तरह सड़क पर पैदल चलते हुए दिखाई दिए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हालत में चलते हुए नजर आ रहे हैं।

    स्थानीय लोगों ने जब उन्हें इस हालत में देखा तो तुरंत मदद के लिए आगे आए। राहगीरों ने उन्हें सहारा देकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर बताई है और इलाज जारी है।

    घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या पांच थी, जो वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस टीम अस्पताल पहुंचकर घायल बुजुर्ग के बयान दर्ज कर रही है।

    पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    यह घटना एक बार फिर शहर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों की सक्रियता को उजागर करती है, जिस पर पुलिस प्रशासन के लिए सख्त कार्रवाई की चुनौती सामने आई है।

  • रीवा में मनरेगा घोटाला उजागर, RTI कार्यकर्ता के नाम फर्जी मस्टर रोल बना भुगतान

    रीवा में मनरेगा घोटाला उजागर, RTI कार्यकर्ता के नाम फर्जी मस्टर रोल बना भुगतान


    रीवा। रीवा जिले की गंगेव जनपद पंचायत अंतर्गत कैथा गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि एक RTI और सामाजिक कार्यकर्ता के नाम पर बिना किसी कार्य के फर्जी मस्टर रोल तैयार कर मजदूरी भुगतान दिखाया गया।

    यह मामला ग्राम कैथा निवासी शिवानंद द्विवेदी से जुड़ा है, जिनके खेत में तालाब निर्माण के लिए वर्ष 2023-24 में 3.85 लाख रुपये से अधिक की तकनीकी स्वीकृति दी गई थी। लेकिन लंबे समय तक कार्य शुरू नहीं हुआ, जिसके बाद हितग्राही ने 21 मई 2025 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर कार्य शुरू कराने की मांग की।

    आरोप है कि पंचायत ने इस शिकायत को गलत तरीके से समझते हुए वास्तविक निर्माण कार्य शुरू करने के बजाय हितग्राही के नाम पर ही मस्टर रोल जारी कर दिया। जांच में सामने आया कि मस्टर रोल क्रमांक 9296, 9298 और 9299 में शिवानंद द्विवेदी के नाम से 20 दिनों का रोजगार दर्शाया गया, जबकि वास्तव में कोई कार्य हुआ ही नहीं था।

    जिला पंचायत की मनरेगा शाखा द्वारा की गई जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित जॉब कार्ड पर मजदूरी भुगतान के नाम पर 42.28 रुपये दर्शाए गए, जबकि 1617.36 रुपये की राशि बकाया भी दिखा दी गई। यह स्थिति योजना की पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

    जांच अधिकारी योगेन्द्र पाण्डेय द्वारा तैयार रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि कार्य स्थल पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के प्रमाण नहीं मिले। न ही वहां मजदूरी करने के फोटो, माप पुस्तिका (मेजरमेंट बुक) या कोई हस्ताक्षरित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।

    इसके बावजूद तत्कालीन उपयंत्री और सहायक यंत्री द्वारा ई-एमबी (eMB) प्रणाली में कार्य का ऑनलाइन सत्यापन कर दिया गया, जिसे जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन माना गया है।

    पूरे मामले की जांच के बाद ग्राम पंचायत कैथा के सचिव महेश पटेल, तत्कालीन उपयंत्री प्रवीण पाण्डेय और सहायक यंत्री निखिल मिश्रा को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया है। इस संबंध में 31 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भेज दी गई है।

    रिपोर्ट में तीनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इस खुलासे के बाद रीवा जिले के मनरेगा विभाग में हड़कंप की स्थिति है और पूरे मामले की आगे की जांच जारी है।

  • शिवपुरी में नौतपा के बीच मौसम का कहर, आंधी-बारिश से भारी तबाही

    शिवपुरी में नौतपा के बीच मौसम का कहर, आंधी-बारिश से भारी तबाही

    शिवपुरी।  शिवपुरी जिले में नौतपा के पांचवें दिन शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। मौसम के इस बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया और कई जगहों पर व्यापक नुकसान की स्थिति बन गई।

    शाम के समय शुरू हुई तेज आंधी के बाद देर रात तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान शिवपुरी शहर सहित कोलारस, बदरवास, पिछोर, करैरा, बैराड़ और रन्नौद क्षेत्रों में इसका व्यापक असर देखा गया। तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जिससे कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई।

    रन्नौद तहसील के खरेह गांव में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही, जहां तेज आंधी के कारण कई मकानों की टीन शेड उड़ गईं और घरों में रखा सामान व अनाज भीग गया। इसी गांव में पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित BSNL का पुराना मोबाइल टावर तेज हवाओं के कारण गिरकर पास के मकान पर जा गिरा। इस हादसे में मकान के दो ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

    स्थानीय निवासी धर्मेंद्र रघुवंशी ने बताया कि यह टावर 20 साल से अधिक पुराना और जर्जर स्थिति में था। इसे हटाने के लिए पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    इसी तरह सजाई गांव में तेज आंधी के कारण एक विशाल इमली का पेड़ ट्रैक्टर पर गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बीजरी गांव में भगवत सिंह दांगी के मकान पर नीम का पेड़ गिरने से मकान को भी नुकसान पहुंचा है।

    ठाठी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से ग्रामीणों द्वारा रखे गए हजारों कंडों में आग लग गई, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इसके अलावा तेज हवाओं के कारण कई मकानों की दीवारें भी ढह गईं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।

    पूरे जिले में आंधी-बारिश के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। शिवपुरी शहर सहित कई ग्रामीण इलाकों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण यातायात भी बाधित हुआ और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भीषण प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन संपत्ति का व्यापक नुकसान हुआ है।

  • अवैध खनन मामला: जब्त होने थे वाहन, लेकिन भिंड-मुरैना-श्योपुर में जुर्माना लेकर छोड़े गए

    अवैध खनन मामला: जब्त होने थे वाहन, लेकिन भिंड-मुरैना-श्योपुर में जुर्माना लेकर छोड़े गए

    चंबल । चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के खिलाफ चल रही कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। परिवहन विभाग के उच्च स्तर से मिले पत्र के बाद यह खुलासा हुआ है कि मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में नियमों के उल्लंघन के बावजूद बड़ी संख्या में वाहनों को जब्त करने के बजाय केवल जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया।

    परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिका से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीर माना जाएगा। पत्र में संबंधित जिलों के अधिकारियों से कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है और यह पूछा गया है कि जब नियमों के तहत वाहन राजसात किए जाने चाहिए थे, तो उन्हें क्यों छोड़ा गया।

    जानकारी के अनुसार, श्योपुर जिले में पिछले छह दिनों में 11 वाहन बिना नंबर प्लेट के पकड़े गए, जिनमें से केवल एक जेसीबी को जब्त किया गया, जबकि बाकी 10 वाहनों को जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया। इसी तरह मुरैना में भी 12 ट्रैक्टरों और अन्य 54 वाहनों पर जुर्माना लगाकर उन्हें छोड़ दिया गया, जबकि केवल दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया।

    भिंड जिले की स्थिति भी इसी तरह चिंताजनक बताई जा रही है, जहां 28 से अधिक बिना नंबर प्लेट वाले वाहन पकड़े गए। इनमें अधिकांश ट्रकों पर केवल 500 रुपये का जुर्माना लगाकर उन्हें छोड़ दिया गया।

    इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्रवाई की गंभीरता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि जिन अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए केवल जुर्माना वसूला, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

    परिवहन सचिव ने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि अवैध खनन गतिविधियों में लगे सभी फर्जी, बिना नंबर प्लेट और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को तुरंत जब्त किया जाए और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत राजसात की कार्रवाई की जाए।

    गौरतलब है कि चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्ती दिखाई है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई की प्रभावशीलता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

    अब इस ताजा खुलासे के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है, क्योंकि यह न केवल नियमों के पालन पर बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर भी सीधा सवाल खड़ा करता है।

  • हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कागजों में दो बार रिटायर किए गए चौकीदार को फिर मिली नौकरी

    हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कागजों में दो बार रिटायर किए गए चौकीदार को फिर मिली नौकरी


    ग्वालियर । ग्वालियर खंडपीठ में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने वन विभाग के एक विवादित और प्रशासनिक मनमानेपन से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एक दैनिक वेतनभोगी चौकीदार को राहत देते हुए उसके पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है और विभाग द्वारा जारी दो अलग-अलग रिटायरमेंट आदेशों को पूरी तरह निरस्त कर दिया है।

    यह मामला दतिया वन परिक्षेत्र में कार्यरत साहब सिंह ठाकुर से जुड़ा है, जिन्हें वर्ष 1986 में चौकीदार के पद पर नियुक्त किया गया था। लगभग 31 वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्हें वर्ष 2017 में नियमित कर दिया गया था। इसी दौरान उनकी वास्तविक उम्र को लेकर विवाद खड़ा हुआ।

    विभाग ने जब उनकी आयु निर्धारण के लिए जिला मेडिकल बोर्ड को अधिकृत किया, तो 7 अप्रैल 2017 को विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल ने वैज्ञानिक जांच के आधार पर उनकी उम्र 50 वर्ष निर्धारित की। इस रिपोर्ट के अनुसार उनकी सेवानिवृत्ति वर्ष 2029 में होनी चाहिए थी।

    हालांकि, इसके बावजूद वन विभाग ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को नजरअंदाज करते हुए अपनी ओर से उनकी उम्र 60 वर्ष मान ली और उन्हें उसी वर्ष 2017 में ही रिटायर करने का आदेश जारी कर दिया। कर्मचारी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां अदालत ने प्रारंभिक रूप से उस पर रोक लगा दी।

    लेकिन इसके बाद विभाग ने एक और विवादित कदम उठाते हुए 17 अप्रैल 2018 को दूसरा आदेश जारी कर दिया, जिसमें उनकी उम्र 62 वर्ष मानकर फिर से सेवा समाप्त करने का प्रयास किया गया। इस तरह कागजों पर एक ही कर्मचारी को दो बार रिटायर दिखा दिया गया।

    मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने वन विभाग के रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब विभाग ने स्वयं मेडिकल बोर्ड से आयु निर्धारण कराया था, तो उसकी वैज्ञानिक रिपोर्ट को प्रशासनिक अधिकारी मनमाने तरीके से खारिज नहीं कर सकते।

    अदालत ने यह भी कहा कि विभाग किसी भी प्रकार का वैकल्पिक जन्म प्रमाण पत्र या विरोधी मेडिकल रिपोर्ट पेश करने में विफल रहा, जिससे मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर संदेह किया जा सके।

    हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट निर्देश दिया कि साहब सिंह ठाकुर को उनकी वास्तविक सेवा अवधि यानी अप्रैल 2029 तक सम्मानपूर्वक नौकरी पर रखा जाए। साथ ही उन्हें बकाया वेतन, एरियर और सभी सेवा लाभ भी तत्काल प्रभाव से दिए जाएं।

    इस फैसले को प्रशासनिक जवाबदेही और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिसने सरकारी विभागों की मनमानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।