Category: Madhya Pradesh

  • MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी

    MP में 20 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर…. ASC मंडलोई को 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जिम्मेदारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 20 आईएएस अधिकारियों (20 IAS officers) का तबादला किया गया है। राज्य के मुख्य सचिव का पद संभालने के बाद अशोक बरनवाल (Ashok Barnwal) ने मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) से सलाह-मशविरा के बाद यह फैसला लिया।

    एक अधिकारी ने बताया कि इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। अधिकारी ने शुक्रवार देर रात हुए इस बदलाव के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री के ACS होने के साथ-साथ मंडलोई उद्योग और MSME विभागों की भी कमान संभालेंगे। वे राघवेंद्र सिंह की जगह लेंगे, जिनका तबादला वन विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कर दिया गया है।

    अधिकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ने संदीप यादव की जगह ली है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर अहम ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध’ प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और राजस्व विभाग की कमान ई. रमेश कुमार को सौंपी गई है। यादव और कुमार दोनों ही सबसे सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजोरा की जगह ले रहे हैं, जिन्हें RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट का डायरेक्टर जनरल नियुक्त किया गया है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुखवीर सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों का काम पहले बरनवाल देखते थे, जिन्हें बाद में मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव अजय कटेसरिया को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में आठ साल के अंतराल के बाद प्रमोशन नियमों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई और रतलाम के कलेक्टर के तौर पर यूनिफॉर्म सिविल कोड को भी लागू किया।

    अधिकारी ने बताया कि इंदौर डिवीजन के कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे सीनियर आईएएस अधिकारी सुदाम खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव के पद पर तैनात किया गया है। कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड की जिम्मेदारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप-सचिव नियुक्त किया गया है। भास्कर लक्ष्यकार अब इंदौर के नए डिविजनल कमिश्नर होंगे।

    केसी गुप्ता को कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ-साथ बागवानी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है, जबकि प्रधान सचिव मनीष सिंह अब ऊर्जा विभाग का कार्यभार संभालेंगे। सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ACS के पद पर तैनात किया गया है। वह RCPV नरोन्हा एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट के महानिदेशक के पद पर कार्यरत थे।

    जॉन किंग्सले एआर को औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें MSME विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वह बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सचिव थे। अधिकारी ने बताया कि उज्जैन के एडिशनल कमिश्नर के तौर पर काम कर रहे रत्नाकर झा को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वह हर्षल पंचोली की जगह लेंगे, जिनका तबादला भोपाल में एनवायरनमेंट प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन ऑर्गनाइजेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर किया गया है।

    शहडोल के कलेक्टर के तौर पर काम कर रहे केदार सिंह को भोपाल में पीडब्ल्यूडी का एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। सिंह की जगह मिशा सिंह लेंगी जो अभी रतलाम की कलेक्टर हैं। मंदसौर की कलेक्टर रहीं अदिति गर्ग को भोपाल में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग का कमिश्नर बनाया गया है। गर्ग की जगह दिव्यांक सिंह लेंगे, जो अभी भोपाल नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर हैं।

    अधिकारी ने बताया कि मुख्य सचिव के ऑफिस में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे गुरु प्रसाद को खरगोन का कलेक्टर बनाया गया है। सतना नगर निगम के कमिश्नर शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्रीति यादव को भेजा गया है, जिन्हें एमपी औद्योगिक विकास निगम इंदौर का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया है।

    इंदौर जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन को भोपाल में मुख्य सचिव के कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। अधिकारी ने बताया कि जैन की जगह एमपी औद्योगिक विकास निगम के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति को इंदौर जिला पंचायत का सीईओ बनाया गया है।

  • Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

    Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह की जमानत पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला


    भोपाल।
    राजधानी भोपाल (Bhopal) के बहुचर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मृत्यु मामले (Twisha Sharma case) में जेल में बंद सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह (Giribala Singh) की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को जिला न्यायालय में तीखी बहस हुई। सीबीआई (CBI) की विशेष अदालत और परिजनों के अधिवक्ताओं का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।

    शनिवार को इस पर फैसला आने की संभावना है। मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले तीन न्यायाधीश अलग-अलग व्यक्तिगत कारणों से इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर चुके हैं। शुक्रवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने भी यह कहते हुए सुनवाई से इनकार कर दिया कि उन्होंने आरोपी गिरिबाला सिंह के अधीन न्यायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके पश्चात मामला प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामप्रताप मिश्र की अदालत में स्थानांतरित किया गया, जहां विस्तृत सुनवाई हुई।


    बचाव पक्ष ने दिया बुजुर्ग मां का हवाला

    बचाव पक्ष के वक्ताओं ने तर्क दिया कि गिरिबाला सिंह की मां लगभग 100 वर्ष की हैं और वे पूरी तरह अपनी बेटी की देखभाल पर निर्भर हैं। याचिकाकर्ता स्वयं भी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसके अलावा, आरोपी को नियमित पेंशन एवं युद्ध वीरांगना पेंशन मिलती है। आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम होने के कारण उन पर दहेज प्रताड़ना का आरोप स्वाभाविक प्रतीत नहीं होता। बचाव पक्ष ने दावा किया कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और उनके जेल में रहने के दौरान उनके घर पर चोरी भी हो चुकी है।


    सीबीआई और त्विषा के परिजनों ने किया विरोध

    सीबीआई की ओर से उपस्थित अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने जमानत याचिका का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि केवल महिला होना या आर्थिक रूप से संपन्न होना जमानत का आधार नहीं बन सकता। सीबीआई ने अदालत में जेल प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट पेश कर आरोपी के स्वास्थ्य को सामान्य बताया। साथ ही ध्यान दिलाया कि उच्च न्यायालय पहले ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है और जांच के दौरान आरोपी ने अपना वॉइस सैंपल देने से भी साफ इनकार कर दिया था।

    सीबीआई ने खुलासा किया कि आरोपी ने सीसीटीवी तकनीशियन और एक सैलून संचालक से संपर्क कर निजी प्रतिनिधि के माध्यम से फुटेज हासिल करने का प्रयास किया था। जमानत मिलने पर गवाहों और साक्ष्यों को प्रभावित करने की प्रबल संभावना है। त्विषा शर्मा के परिजनों के अधिवक्ता ने मां की देखभाल वाले तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी की बुजुर्ग मां कभी उनके साथ नहीं रही हैं। वे केवल जेल से बाहर निकलने के लिए मां का सहारा ले रही हैं ताकि बाहर आकर मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकें। अदालत ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के उपरांत अदालत ने मामले का फैसला सुरक्षित रख लिया है। संभावना है कि शनिवार को जमानत याचिका पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।

  • एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून का जोर बरकरार, आज भोपाल-इंदौर समेत 35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को भोपाल, इंदौर समेत 35 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं करीब 20 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। अब तक राज्य में औसतन 13 इंच वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो इस मानसून सीजन के कुल औसत कोटे का लगभग 35 प्रतिशत है।

    अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही लगातार नमी
    मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के साथ मानसून ट्रफ भी मध्यप्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके चलते हवा में नमी का स्तर 80 से 95 प्रतिशत तक बना हुआ है, जिससे कई इलाकों में तेज बारिश की परिस्थितियां बनी हुई हैं।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    इसके अलावा पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    लगातार बारिश से सुधरे आंकड़े
    बीते चार दिनों से हो रही लगातार बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। 20 जुलाई तक जहां राज्य में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं अब यह कमी घटकर 11 प्रतिशत रह गई है। वर्तमान में प्रदेश में औसतन 330.4 मिमी (करीब 13 इंच) वर्षा हो चुकी है, जबकि इस अवधि तक 370.9 मिमी (करीब 14.6 इंच) बारिश सामान्य मानी जाती है।

    14 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
    देवास, भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मंदसौर सहित 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां अब तक 19.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है। वहीं प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दतिया प्रवास पर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दतिया प्रवास पर


    भोपाल,। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई, शनिवार को दतिया विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। प्रवास के दौरान आप विभिन्न आमसभाओं, प्रबुद्धजन बैठक, प्रमुख कार्यकर्ताओं से भेंटकर व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 जुलाई को दोपहर 2 बजे दतिया के उदगवां एवं सायं 4 बजे सीतापुर मंडल के ग्राम उपरायं में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। आप सायं 6ः30 बजे दतिया चुनाव कार्यालय, होटल रतन रॉयल में आयोजित प्रबुद्धजन बैठक को संबोधित करने के पश्चात् दतिया नगर व ग्रामीण के प्रमुख कार्यकर्ताओं से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सायं 7ः45 बजे होटल एमपीटी मोटेल में व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
  • मप्र में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को मिला तीन अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार

    मप्र में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को मिला तीन अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार

    भोपाल, 24 जुलाई। मध्य प्रदेश शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह (बैच 1997) को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपते हुए बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, सुखबीर सिंह को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ आगामी आदेश तक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    आदेश के मुताबिक, सुखबीर सिंह वर्तमान में प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग के रूप में कार्यरत हैं। अब वे अपने मौजूदा दायित्वों के साथ इन तीन महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार भी संभालेंगे। यह व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेगी। वर्तमान में प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह लोक निर्माण विभाग संभाल रहे हैं।
  • इंदौर के छात्र आंदोलन में टी शर्ट बनी चर्चा का केंद्र ना मर्दों के प्रदेश वाले बयान का युवाओं ने दिया करारा जवाब

    इंदौर के छात्र आंदोलन में टी शर्ट बनी चर्चा का केंद्र ना मर्दों के प्रदेश वाले बयान का युवाओं ने दिया करारा जवाब


    मध्य प्रदेश। दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब मध्य प्रदेश में भी साफ सुनाई दे रही है। इंदौर का भंवरकुआं चौराहा इन दिनों प्रदेश के छात्र आंदोलन का बड़ा केंद्र बन चुका है जहां लगातार कई दिनों से युवा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मामलों के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। इसी आंदोलन के दौरान एक टी शर्ट ने अचानक पूरे प्रदेश में चर्चा छेड़ दी। टी शर्ट पर लिखा संदेश ना मर्दों के प्रदेश मप्र से भी आए हैं मर्द सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच बहस का विषय बन गया।

    इस टी शर्ट को आंदोलन की शुरुआत करने वाले पवन अहिरवार और उनके साथियों ने पहनकर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान इसी संदेश के साथ नारे भी लगाए गए। युवाओं का कहना था कि यह केवल एक टी शर्ट नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के युवाओं के आत्मसम्मान और उनकी आवाज का प्रतीक है। उनका दावा है कि प्रदेश के युवाओं को कमजोर समझने वालों को यह संदेश देना जरूरी था कि यहां के छात्र भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना जानते हैं।

    दरअसल कुछ दिन पहले दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक प्रशांत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में उसने खुद को मध्य प्रदेश का बताते हुए कहा था कि यह ना मर्दों का प्रदेश है जहां कोई आवाज नहीं उठाता। उसने यह भी कहा था कि प्रदेश में कई बड़े मुद्दे सामने आते हैं लेकिन लोग खुलकर विरोध नहीं करते। यही बयान इंदौर के आंदोलनकारियों को नागवार गुजरा और उन्होंने इसका जवाब अपने तरीके से देने का फैसला किया।

    पवन अहिरवार का कहना है कि मध्य प्रदेश के युवाओं को किसी भी तरह से कमजोर नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई गंभीर मुद्दों पर लोगों ने आवाज उठाई है लेकिन कई मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। चाहे भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद हों स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले हों या अन्य जनहित के मुद्दे युवाओं ने हमेशा सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह टी शर्ट उसी सोच के खिलाफ एक प्रतीकात्मक जवाब है जिसने पूरे प्रदेश को गलत नजरिए से पेश करने की कोशिश की।

    भंवरकुआं चौराहे पर जारी धरने में शामिल छात्र नेताओं का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित नहीं होती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। लगातार बारिश और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन में डटे हुए हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और भरोसे से जुड़ा सवाल है।

    आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिल रहा है। मनावर विधायक डॉ हीरालाल अलावा भी छात्रों के बीच पहुंचे और उन्होंने निष्पक्ष जांच तथा जवाबदेही तय करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि इंदौर का छात्र आंदोलन अब केवल धरना प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह युवाओं की भावनाओं और आत्मसम्मान का भी प्रतीक बन गया है। वायरल टी शर्ट ने एक नया संदेश दिया है कि मध्य प्रदेश के युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने में पीछे नहीं हैं। आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में जाएगा यह भले समय बताए लेकिन फिलहाल यह टी शर्ट पूरे आंदोलन की सबसे चर्चित पहचान बन चुकी है।

  • अनोखी बारात ने खींचा सबका ध्यान, दूल्हा निकला पूरे शाही अंदाज में लेकिन बाराती रहे गायब

    अनोखी बारात ने खींचा सबका ध्यान, दूल्हा निकला पूरे शाही अंदाज में लेकिन बाराती रहे गायब


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर से एक ऐसी बारात का वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। आमतौर पर शादी की बारात में सैकड़ों लोग, डीजे की धुन पर झूमते रिश्तेदार और नाचते-गाते दोस्त दिखाई देते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल अलग थी। बारिश के बीच निकली इस बारात में घोड़ी पर दूल्हा तो था, डीजे भी बज रहा था, लेकिन उसके पीछे नाचने वाले बाराती लगभग नदारद थे।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को इंदौर के राजमोहल्ला चौराहे के पास का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बारात राजमोहल्ला चौराहे से मालगंज की ओर जा रही थी। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि डीजे वाहन पर बॉलीवुड का लोकप्रिय गीत “पल पल ना माने टिंकू जिया” बज रहा है, लेकिन उस पर थिरकने वाला कोई नजर नहीं आता।

    पूरी बारात में दूल्हे के साथ केवल चार लोग दिखाई दे रहे हैं। इनमें दो ढोल बजाने वाले कलाकार, एक घोड़ी संचालक और एक व्यक्ति दूल्हे के ऊपर छाता पकड़े हुए चलता दिखाई देता है। इसके अलावा न कोई रिश्तेदार, न दोस्त और न ही पारंपरिक बारात की रौनक वीडियो में दिखाई देती है। यही वजह है कि यह वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे “मिनिमलिस्ट शादी” बता रहा है तो कोई मजाकिया अंदाज में कह रहा है कि “आजकल महंगाई में बारात भी शॉर्टकट हो गई है।” कई लोगों ने इसे बारिश और मौसम की वजह से कम लोगों की मौजूदगी से भी जोड़कर देखा है, जबकि कुछ इसे सादगीपूर्ण विवाह का उदाहरण बता रहे हैं।

    हालांकि, यह वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया और यह बारात किसकी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। वीडियो की सत्यता और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने नहीं आई हैं। इसके बावजूद यह क्लिप सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से शेयर की जा रही है और हजारों लोग इसे देख चुके हैं।

    इंदौर की यह अनोखी बारात अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई है। जहां एक ओर भव्य शादियों का चलन बढ़ रहा है, वहीं यह वीडियो सादगी, परिस्थितियों या किसी अलग अंदाज की शादी को लेकर लोगों के बीच नई बहस भी छेड़ रहा है।

  • पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज

    पेपर लीक के खिलाफ MP में छात्रों का उबाल, इंदौर से श्योपुर तक सड़कों पर प्रदर्शन; पारदर्शी परीक्षा और कार्रवाई की मांग तेज


    इंदौर । प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध की आग अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गई है। प्रदेश के कई शहरों में छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर बड़ी संख्या में युवा धरने पर बैठे हैं। लगातार हो रही बारिश भी उनके हौसलों को डिगा नहीं सकी। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाती और पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

    इंदौर में छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उनका कहना है कि लाखों युवाओं की वर्षों की मेहनत पेपर लीक जैसी घटनाओं से बर्बाद हो जाती है। इसलिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग दोहराई।

    उधर, श्योपुर में भी छात्र संगठनों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। “समस्त छात्र शक्ति” के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र पीजी कॉलेज से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। करीब चार किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा के दौरान छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में सुधार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कलेक्ट्रेट पहुंचकर छात्रों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा और लगभग दो घंटे तक धरना देकर नारेबाजी की।

    रीवा, उमरिया और बड़वानी सहित अन्य जिलों में भी छात्र अलग-अलग स्थानों पर धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का आरोप है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसलिए सरकार को दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

    प्रदर्शनकारी युवाओं ने यह भी कहा कि केवल जांच बैठाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए मजबूत कानून, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही तय करना जरूरी है। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे आंदोलन और व्यापक रूप ले सकते हैं।

    प्रदेशभर में बढ़ते छात्र आंदोलनों ने साफ कर दिया है कि युवाओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग को लेकर उठी यह आवाज अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी आंदोलन का रूप ले चुकी है।

  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे दंपती के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। साथ ही टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों से मंत्री के घर तक चलने का आग्रह किया था।

    जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता हाथ में संविधान की प्रति लेकर मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे थे। इससे पहले ही पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित प्रदर्शन की सूचना मिल गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दंपती ने कई लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन निर्धारित समय पर कोई भी उनके समर्थन में नहीं पहुंचा। जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र धरना-प्रदर्शन में मौजूद लोगों से भी मंत्री के आवास तक चलने की अपील की थी, लेकिन वहां से भी किसी ने उनका साथ नहीं दिया।

    जब दंपती मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और बिना अनुमति प्रदर्शन न करने की सलाह दी। इसके बावजूद वे सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने प्रहलाद पांडेय को उठाकर वाहन में बैठाया और उनकी पत्नी को भी हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां दोनों से पूछताछ की गई।

    परदेशीपुरा थाना प्रभारी आर.डी. कानवा ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाया था। उन्होंने यह भी माना कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना उनकी गलती थी। इसके बाद पुलिस ने शांति भंग की आशंका और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 151 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    इससे पहले भी दंपती ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया बयानों से आहत होने की बात कहते हुए उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। उस दौरान भी पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे प्रदर्शन पर अड़े रहे थे।

  • छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा

    छात्र आंदोलन पर स्तुति मिश्रा की पोस्ट वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष VD शर्मा की पत्नी के समर्थन से बढ़ी चर्चा


    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं खजुराहो से सांसद वीडी शर्मा की पत्नी स्तुति मिश्रा का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने और संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की अपील की है।

    स्तुति मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके आंदोलन को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान निकलना चाहिए। बड़े पदों पर बैठे लोगों को जिद नहीं करनी चाहिए, बल्कि बच्चों की बात सुननी चाहिए। उन्होंने लिखा कि यदि छात्र सरकार से उम्मीद नहीं करेंगे तो फिर किससे करेंगे। उनके अनुसार, प्रेम और सहानुभूति किसी भी समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और हर बच्चे को सम्मान व संवेदनशील व्यवहार मिलना चाहिए।

    पोस्ट के शुरुआती संस्करण में उन्होंने यह भी लिखा था कि गलती होने पर क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं होता और जो लोग इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें दंड मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि छात्रों की मांगों को सुनना आवश्यक है और उनके साथ न्याय होना चाहिए। हालांकि, पोस्ट वायरल होने के बाद उन्होंने इस हिस्से को संपादित कर हटा दिया।

    स्तुति मिश्रा का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। हालांकि, उन्होंने बाद में अपने संदेश में संशोधन करते हुए केवल छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

    यह पहला अवसर नहीं है जब स्तुति मिश्रा का कोई सोशल मीडिया पोस्ट सुर्खियों में आया हो। इससे पहले बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा था कि भविष्य में बैंक होम लोन और कार लोन की तरह पेट्रोल-डीजल लोन भी ईएमआई पर उपलब्ध कराएंगे। उस पोस्ट के वायरल होने के बाद विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी टिप्पणी पर सफाई भी दी थी।

    वर्तमान पोस्ट ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, इसे लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।