Category: Madhya Pradesh

  • ₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा

    ₹3000 में ‘सॉल्वर’ बनी BTech छात्रा: JEE पास युवती दूसरे की जगह देती पकड़ी गई, उज्जैन में एग्जाम रैकेट का खुलासा


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में परीक्षा प्रणाली को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में बीकॉम परीक्षा के दौरान एक युवती को ‘सॉल्वर’ बनकर दूसरे छात्र की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी खुद JEE जैसी कठिन परीक्षा पास कर चुकी है और बीटेक की छात्रा है।

    जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला 4 मई को सामने आया, जब सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के वाघ देवी भवन में बीकॉम छठे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एनएसयूआई नेता तरुण परिहार की शिकायत पर जांच की गई। जांच में सपना भदौरिया की जगह इंदौर निवासी युवती परीक्षा देती हुई मिली।

    पहले पूछताछ में युवती ने खुद को प्रिशा साहू बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने अपनी असली पहचान विशाखा माहेश्वरी बताई। वह उज्जैन के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रही है और अगले ही दिन उसका खुद का पेपर भी था।

    पूछताछ में सामने आया कि विशाखा अपनी एक दोस्त की बहन की जगह परीक्षा देने आई थी। इसके लिए उसे ₹3000 दिए गए थे। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम दो किस्तों में दी गई—पहले ₹1000 और बाद में ₹2000।

    इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। असली परीक्षार्थी सपना भदौरिया ने विशाखा को भरोसा दिलाया था कि वह पहले भी तीन बार इसी तरह दूसरों से परीक्षा दिलवा चुकी है और कभी पकड़ी नहीं गई। इसी भरोसे में आकर विशाखा ने यह जोखिम उठाया।

    मामले की जानकारी मिलते ही कुलगुरु अर्पण भारद्वाज मौके पर पहुंचे और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं माधव नगर पुलिस ने विशाखा माहेश्वरी, सपना भदौरिया और ऋषभ नामक युवक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अब इस पूरे एग्जाम सॉल्वर रैकेट की गहराई से जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसमें एक संगठित गिरोह शामिल हो सकता है, जो पैसे लेकर छात्रों की जगह परीक्षाएं दिलवाता है।

    यह घटना न सिर्फ परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे पढ़े-लिखे छात्र भी लालच में आकर गलत रास्ता चुन रहे हैं।

    कुल मिलाकर, उज्जैन का यह मामला शिक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अगर समय रहते ऐसे रैकेट्स पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और भी गहरी हो सकती है।

  • एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, 38 हजार करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी

    एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: व्यापारी कल्याण बोर्ड बनेगा, 38 हजार करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी


    नई दिल्ली। मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के व्यापार, उद्योग और बुनियादी विकास को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। सबसे अहम फैसला राज्य में व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का रहा, जो राष्ट्रीय स्तर की तर्ज पर काम करेगा और जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे।

    कैबिनेट के फैसले के मुताबिक इस बोर्ड में 8 प्रमुख विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल किए जाएंगे। इतना ही नहीं, जिला स्तर पर भी इसी तरह की समितियां बनाई जाएंगी, जिनमें व्यापारियों के साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जगह दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं का समाधान और राज्य में व्यापारिक माहौल को मजबूत करना है।

    बैठक के बाद मंत्री चेतन कश्यप ने जानकारी दी कि राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2442 करोड़ रुपए के “आत्मनिर्भरता मिशन” को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विभिन्न विभागों के विकास कार्यों के लिए 38,555 करोड़ रुपए के बड़े बजट को भी स्वीकृति मिली है। सरकार भोपाल के पास एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

    कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग (2026-2031) के तहत सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय भवनों के रखरखाव के लिए 32,405 करोड़ रुपए के प्रावधान को मंजूरी दी। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स और स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क जैसी आईटी योजनाओं को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

    महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए ‘मिशन वात्सल्य’ के बेहतर संचालन और नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 2,412 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 1,295 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि स्वीकृत की गई है।

    कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में मिली चुनावी सफलता पर जनता का आभार भी जताया। साथ ही बताया कि अब तक राज्य में 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जिसका 6,520 करोड़ रुपए का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में 14.7 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

    इसके अलावा इंदौर में 9 से 13 जून तक होने वाले अंतरराष्ट्रीय ब्रिक्स सम्मेलन की भी जानकारी दी गई, जिसमें 26 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में कृषि और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

  • MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक

    MP: गेहूं ऊपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर किया गया रात 10 बजे तक


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में अभी तक 7 लाख 48 हजार किसानों से 39 लाख 2 हजार मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। वहीं गेहूं उपार्जन के लिए तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है।

    यह जानकारी सोमवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 14 लाख 75 हजार किसानों द्वारा गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक कराए गए हैं। किसानों के हित में गेहूँ उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई 2026 तक की गई। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों को 6490.56 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

    उन्होंने बताया कि किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएँ की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है। उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के PCSAP पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ की भर्ती जूट बारदाने के साथ साथ पीपी एचडीपी बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये भण्डारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई, जिससे उपार्जित गेहूँ का सुरक्षित भण्डारण किया जा सके।

  • MP: भोजशाला मामले में HC बोला- ASI सर्वे की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष 3 दिन में दर्ज कराएं आपत्तियां

    MP: भोजशाला मामले में HC बोला- ASI सर्वे की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष 3 दिन में दर्ज कराएं आपत्तियां


    इंदौर
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) ने धार के विवादित भोजशाला परिसर (Disputed Bhojshala complex) के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की वीडियोग्राफी पर मुस्लिम पक्ष को 3 दिन के भीतर अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील ने तकनीकी समस्याओं के कारण वीडियोग्राफी नहीं देख पाने की बात कही। इसके बाद अदालत ने आईटी विभाग को तुरंत एक्सेस देने और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) के साथ इसे साझा करने का आदेश दिया। उधर, एएसआई ने स्पष्ट किया कि 1904 से यह स्मारक उनके संरक्षण में है। एएसआई ने दो-टूक कहा कि 1935 के ‘मस्जिद’ घोषित करने वाले दावे की अब कोई कानूनी मान्यता नहीं है।

    भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इस स्मारक को कमाल मौला मस्जिद बताता है। यह विवादित परिसर एएसआई द्वारा संरक्षित है। धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील तौसीफ वारसी ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के सामने तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया।

    तौसीफ वारसी ने कहा कि उन्हें इस परिसर में एएसआई के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के दौरान की गई वीडियोग्राफी तक पहुंच नहीं मिल सकी है। उधर, एएसआई के एक वकील ने कहा कि अदालत के निर्देशानुसार इस वीडियोग्राफी को गूगल ड्राइव पर उपलब्ध कराया गया था। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील को उसका एक्सेस भी दे दिया गया था।

    खंडपीठ ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद वारसी को वीडियोग्राफी देखने की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए और इसके लिए हाई कोर्ट के आईटी अनुभाग को जरूरी व्यवस्था करने के लिए कहा। अदालत ने यह भी कहा कि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद के ई-मेल पते पर अतिरिक्त पहुंच उपलब्ध कराते हुए उनसे वीडियोग्राफी जल्द से जल्द साझा की जाए।


    पेश कीं दलीलें

    खंडपीठ ने निर्देश दिया कि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी इस वीडियोग्राफी पर 7 मई तक अपनी लिखित आपत्तियां प्रस्तुत करे। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने ASI की ओर से धार के विवादित परिसर के संरक्षण के इतिहास के बारे में दलीलें पेश कीं।


    मुस्लिम पक्ष का दावा- मस्जिद घोषित था स्मारक

    अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने कहा कि यह परिसर साल 1904 से एक संरक्षित स्मारक है। यह एएसआई के नियामकीय नियंत्रण में रहा है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में मुस्लिम पक्ष के एक याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि 1935 में तत्कालीन धार रियासत के दरबार ने 11वीं सदी के इस स्मारक को मस्जिद घोषित किया था।


    5 मई को भी जारी रहेंगी दलीलें

    अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने मुस्लिम पक्ष के दावे को काटते हुए कहा कि यह ऐलान ASI संरक्षित स्मारकों से जुड़े प्रावधानों के कारण निष्प्रभावी हो चुका है। इसे कोई कानूनी मान्यता हासिल नहीं है। सुनील कुमार जैन की दलीलें 5 मई को भी जारी रहेंगी। अदालत ने भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर दायर 4 याचिकाओं और एक रिट अपील पर 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई कर रहा है।

  • उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित

    उज्जैन में सहकारी बैंक में रहस्यमयी चोरी: डेटा वाला CPU ले उड़े चोर, 85 लाख रुपए सुरक्षित


    नई दिल्ली। उज्जैन के खाचरोद क्षेत्र स्थित जिला सहकारी बैंक में चोरों ने ताले तोड़कर अंदर घुसकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया। हैरानी की बात यह रही कि चोरों ने बैंक में रखे लगभग 85 लाख रुपए को बिल्कुल भी नहीं छुआ।

     CPU और डेटा सिस्टम को बनाया निशाना

    चोरों ने बैंक में घुसते ही सबसे पहले CCTV कैमरों के तार काट दिए और रिकॉर्डिंग सिस्टम (DVR) भी चुरा लिया। इसके बाद वे कंप्यूटर सिस्टम से जुड़ा CPU अपने साथ ले गए, जिसमें बैंक का महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था।

    सबूत मिटाने की कोशिश

    घटना से साफ संकेत मिलता है कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से बैंक के इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को निशाना बनाया। CCTV कैमरे और DVR चोरी होने से पुलिस की जांच में शुरुआती दिक्कतें सामने आ रही हैं।

     संदिग्ध परिस्थितियां, जांच तेज

    पुलिस के अनुसार यह कोई सामान्य चोरी नहीं लग रही है, क्योंकि नकदी को छोड़कर सिर्फ डेटा सिस्टम को नुकसान पहुंचाया गया है। इससे किसी अंदरूनी जानकारी या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

    स्टाफ पर भी उठे सवाल

    बैंक के चपरासी ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बावजूद वह बैंक आया था और शाम को ताला लगाकर गया था। इस बयान के बाद पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें स्टाफ की भूमिका भी शामिल है।

     पुलिस जांच जारी

    पुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके। फिलहाल मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।

    चोरी से ज्यादा रहस्य गहरा

    उज्जैन की यह घटना सामान्य चोरी से अलग एक रहस्यमयी मामला बन गई है, जिसमें नकदी सुरक्षित छोड़कर केवल डेटा सिस्टम को निशाना बनाया गया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

  • एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

    एमपी में 4 दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, जाने मौसम का हाल?

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मई की शुरुआत इस बार तेज गर्मी के बजाय आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हो रही है। सोमवार को प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में कहीं ओले गिरे तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। मौसम का यही रुख मंगलवार को भी जारी रहने की संभावना है।

    मौसम केंद्र भोपाल ने राज्य के 39 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने का अनुमान है। जबलपुर, कटनी, सिंगरौली, सीधी, शहडोल और उमरिया में हवा की रफ्तार सबसे अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश के आसार हैं।

    वहीं इंदौर-उज्जैन संभाग के जिलों—इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम और हरदा—में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, हालांकि सिस्टम के असर से कुछ स्थानों पर बदलाव हो सकता है।

    प्रदेश में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच कई शहरों में गर्मी भी बनी हुई है। सोमवार को रायसेन में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो लगातार दूसरे दिन सबसे अधिक रहा। इसके अलावा खरगोन में 43 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री, मंडला में 41.9 डिग्री, नरसिंहपुर में 41 डिग्री, बैतूल में 40.7 डिग्री, रतलाम में 40.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 40.2 डिग्री और शाजापुर में 40.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    दूसरी ओर, खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पचमढ़ी से भी कम है। दतिया में 34.8 डिग्री और टीकमगढ़ में 35.5 डिग्री तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 34.8 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री और भोपाल में 40.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

    सोमवार को रीवा और आगर-मालवा जिलों में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जबकि 15 से ज्यादा जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पास से गुजर रही दो ट्रफ लाइनों के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से कहीं ओलावृष्टि तो कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। 8 मई तक प्रदेश में ऐसे ही मौसम के बने रहने का अनुमान है।

  • ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: पेड़ के नीचे बैठे मजदूर को कार ने कुचला, 24 घंटे बाद मौत

    ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: पेड़ के नीचे बैठे मजदूर को कार ने कुचला, 24 घंटे बाद मौत


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। सिकंदर कंपू क्षेत्र में पेड़ के नीचे बैठकर आराम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर शाकिर खान को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। शाकिर दिनभर काम करने के बाद थककर आराम कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ।

    टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद कार चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

     24 घंटे तक चला जिंदगी का संघर्ष

    अस्पताल में शाकिर खान ने करीब 24 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया, लेकिन सोमवार रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

     CCTV फुटेज से जांच तेज

    पुलिस ने घटना के बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। कुछ फुटेज मिल चुके हैं, जिनके आधार पर आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है। माधौगंज थाना पुलिस के अनुसार, वाहन को कब्जे में ले लिया गया है और चालक की तलाश जारी है।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारी ने कहा है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार किया जाएगा।

    सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल

    यह हादसा एक बार फिर शहरों में तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खतरों को उजागर करता है। एक मेहनतकश मजदूर की जान ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • खंडवा: 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, विद्यालय ने खेलों में रचा इतिहास

    खंडवा: 28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन, विद्यालय ने खेलों में रचा इतिहास


    नई दिल्ली। खंडवा में आयोजित 28 से 30 अप्रैल 2026 की क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में पीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय के 80 छात्रों ने खो-खो, कबड्डी, शतरंज, टेबल टेनिस, लॉन टेनिस, योग और ताइक्वांडो जैसी विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लिया।

    कबड्डी में दोहरी स्वर्ण जीत
    14 आयु वर्ग और 17 आयु वर्ग की बालक कबड्डी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं 17 आयु वर्ग की बालिका खो-खो टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।

    व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी चमके खिलाड़ी

    शतरंज में आर्यन सोलंकी ने रजत पदक
    लॉन टेनिस में आराध्य जोशी ने रजत पदक
    टेबल टेनिस में आरव दुबे को रजत, प्रिंसी पटेल और नंदिनी दीलावरे को कांस्य
    योग में दिकांश जमरा ने कांस्य
    ताइक्वांडो में कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया
    शूटिंग में अश्विनी चौहान ने रजत पदक हासिल किया

    28 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय चयन
    उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर कुल 28 खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है। इनमें कबड्डी, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, शूटिंग और योग के खिलाड़ी शामिल हैं।
    कबड्डी से अंश कामटे, मोहम्मद मिस्बाह, तनिष्क पारखे, टेबल टेनिस से आरव दुबे और अन्य प्रमुख खिलाड़ी चयनित हुए हैं।

    विद्यालय में उत्साह का माहौल
    विद्यालय प्राचार्य धनीराम पटेल, उप प्राचार्य हरेंद्र प्रसाद, योग शिक्षक नितिन पाटीदार और खेल प्रशिक्षक बेनी प्रसाद बघेल सहित सभी शिक्षकों ने खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताई।

     खेल प्रतिभा का उभरता केंद्र
    पीएम केंद्रीय विद्यालय खंडवा ने एक बार फिर साबित किया है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर छात्र राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।

  • महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती

    महादेवगढ़ मंदिर में बंगाली परिवार ने की महाकाल की भव्य महाआरती


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा स्थित महादेवगढ़ मंदिर में एक विशेष धार्मिक आयोजन के तहत बंगाली परिवार ने महाकाल की भव्य महाआरती की। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर भक्ति, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी से आलोकित हो उठा।

    महाकाल की आराधना में उमड़ी श्रद्धा
    आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से महाआरती में भाग लिया और “अखंड भारत” की कामना करते हुए देश की एकता और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

     बंगाली परिवार की सक्रिय भागीदारी
    इस धार्मिक आयोजन में बंगाली परिवार के कई सदस्य शामिल रहे, जिनमें सुनीता सोनोने, दिव्या लेंडे, आशा मराठा, मीता विश्वास, डॉ. टी.के. विश्वास, रीता राय, शिवानी घोष, रितिका घोष, जय घोष, पारितोष घोष, डॉ. पी. कुमार, डॉ. पी.के. मलिक और सुशांत राय प्रमुख रूप से मौजूद थे।

    भक्ति के साथ सामाजिक संदेश भी
    इस आयोजन ने केवल धार्मिक आस्था को ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश भी दिया। श्रद्धालुओं ने मिलकर देश की खुशहाली और शांति की कामना की।

     आस्था और एकता का संगम
    महादेवगढ़ मंदिर में हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें भक्तिभाव और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

  • मध्यप्रदेश में बंद परिवहन निगम पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को फिर नोटिस

    मध्यप्रदेश में बंद परिवहन निगम पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को फिर नोटिस


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में वर्षों से बंद पड़े राज्य सड़क परिवहन निगम को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को पुनः नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जनहित याचिका के रूप में सामने आया है, जिसमें राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर किया गया है।

     21 साल से बंद परिवहन सेवा पर सवाल
    यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बीएल जैन द्वारा दायर की गई थी। इसमें कहा गया है कि लगभग 21 वर्षों से राज्य का परिवहन निगम बंद पड़ा है, जिसके कारण लोगों को यात्रा के लिए निजी बसों और असुरक्षित साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

     ग्रामीण इलाकों में हालात गंभीर
    याचिका में बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की कमी के कारण लोग मालवाहक वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई मामलों में जानमाल की हानि भी हो चुकी है।

     पहले भी नोटिस, लेकिन जवाब नहीं
    कोर्ट ने पहले भी सितंबर 2024 में राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए दोबारा नोटिस जारी किया है।

    सरकारी जिम्मेदारी पर उठे सवाल
    याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि सुरक्षित और सुलभ परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की मूल जिम्मेदारी है, ठीक वैसे ही जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं। केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा गया कि वहां सरकारी परिवहन निगम सफलतापूर्वक चल रहे हैं और लाभ में भी हैं।

     घोषणाओं के बावजूद ठोस कदम नहीं
    याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणाएं की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई जमीन पर नहीं दिखी।

     सार्वजनिक परिवहन पर बढ़ा दबाव
    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की यह सख्ती राज्य में बंद परिवहन व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ रही है। अब सभी की नजर सरकार के जवाब और आगामी कदमों पर टिकी है।