Category: Madhya Pradesh

  • मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा

    मध्य प्रदेश में बारिश का रौद्र रूप, भोपाल में जर्जर मकान गिरा, सिवनी में 4.9 इंच बारिश, इंदौर में अकेले निकला दूल्हा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिला। प्रदेश के ऊपर एक साथ सक्रिय तीन मौसम प्रणालियों ने बारिश की रफ्तार और तेज कर दी है। बीते 24 घंटों के दौरान 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 4.9 इंच वर्षा सिवनी में रिकॉर्ड की गई, जबकि राजधानी भोपाल और राजगढ़ में 1.6 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं सड़कें जलमग्न हो गईं तो कहीं पुराने भवनों को नुकसान पहुंचा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं। इन तीनों सिस्टम के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। यही वजह है कि प्रदेश के कई हिस्सों में कम समय में तेज बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का यही सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

    सिवनी में सबसे अधिक 4.9 इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा धार, पचमढ़ी, उमरिया, दमोह, सीधी और मंडला में एक इंच से ज्यादा वर्षा हुई। शाजापुर, आगर मालवा, सीहोर, विदिशा, देवास, बड़वानी, मंदसौर, श्योपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, इंदौर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, छतरपुर, बैतूल, रतलाम, गुना, नरसिंहपुर, खंडवा, रीवा, उज्जैन, सागर और सतना समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    लगातार हो रही बारिश का असर आम जनजीवन पर भी साफ दिखाई दिया। राजधानी भोपाल में करीब 90 वर्ष पुराने जर्जर मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

    रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में बीना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया। कई सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।

    बारिश का असर सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। इंदौर में गुरुवार सुबह गंगवाल से राजमोहल्ला जा रही एक बारात तेज बारिश की वजह से बिखर गई। अधिकांश बाराती बारिश से बचने के लिए रास्ते में रुक गए, जबकि दूल्हा डीजे के साथ अकेले ही आगे बढ़ता दिखाई दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।

    मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए नदियों और नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।

  • जंतर मंतर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भोपाल में बड़ा आंदोलन, प्रदेशभर से नीलम पार्क पहुंचेंगे छात्र-युवा

    जंतर मंतर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भोपाल में बड़ा आंदोलन, प्रदेशभर से नीलम पार्क पहुंचेंगे छात्र-युवा


    मध्यप्रदेश । राजधानी भोपाल गुरुवार को प्रदेशव्यापी छात्र आंदोलन का केंद्र बनने जा रही है। दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से छात्र और युवा भोपाल के नीलम पार्क में एकत्र होंगे। यह प्रदर्शन मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है, जिसमें नर्सिंग छात्र सहित विभिन्न छात्र संगठनों और युवाओं के शामिल होने का दावा किया गया है।

    आयोजकों के अनुसार आंदोलन का उद्देश्य केवल दिल्ली की घटना का विरोध करना नहीं बल्कि युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से उठाना भी है। प्रदर्शन के दौरान बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं, परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताएं, मध्यप्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े, सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने का विरोध तथा विभिन्न विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर भर्ती की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रदर्शन का प्रमुख हिस्सा रहेगी।

    आयोजकों का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा भोपाल पहुंच रहे हैं। उनका दावा है कि आंदोलन में हजारों प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। इसके लिए विभिन्न जिलों में पहले से तैयारियां की गई थीं और बड़ी संख्या में छात्र संगठनों ने समर्थन देने की घोषणा भी की है।

    दूसरी ओर संभावित भीड़ और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भोपाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नीलम पार्क और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त बल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखे गए हैं।

    प्रशासन की ओर से प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है। वहीं आयोजकों का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।

    हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और रोजगार के मुद्दों को लेकर युवाओं में असंतोष लगातार बढ़ा है। ऐसे में भोपाल में होने वाला यह राज्यव्यापी प्रदर्शन प्रदेश की राजनीति और छात्र आंदोलनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आंदोलन के बाद सरकार की ओर से इन मांगों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

  • जेनजी प्रोटेस्ट पर रघुवीर यादव का भावुक संदेश, छात्रों के समर्थन में बोले मेरे जिस्म का कतरा कतरा उनके साथ है

    जेनजी प्रोटेस्ट पर रघुवीर यादव का भावुक संदेश, छात्रों के समर्थन में बोले मेरे जिस्म का कतरा कतरा उनके साथ है


    मध्यप्रदेश । CJP के जेनजी प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर अब फिल्म और रंगमंच जगत की हस्तियां भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं। चर्चित अभिनेता रघुवीर यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार को मानवता के लिए पीड़ादायक बताया और कहा कि ऐसी घटनाओं को समाज कभी नहीं भूल सकता। वहीं अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराते हुए छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखी।

    इन दिनों लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत में प्रधान के किरदार से चर्चा में रहे रघुवीर यादव ने वीडियो संदेश में कहा कि जो दृश्य उन्होंने देखे उन पर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों के साथ जिस तरह का कथित व्यवहार हुआ उसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। अभिनेता ने कहा कि यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि संवेदनशीलता और मानवता से जुड़ा विषय है।

    रघुवीर यादव ने अपने संदेश में सवाल उठाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आखिर दोष क्या था। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ इस तरह की घटना होती है तो उसका दर्द केवल उसी परिवार तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर हर संवेदनशील व्यक्ति को आत्ममंथन करने की जरूरत है।

    वीडियो के दौरान अभिनेता भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के साहस को वह सलाम करते हैं और उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं ने जिस हिम्मत के साथ अपनी बात रखने का प्रयास किया है उससे उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी। साथ ही उन्होंने जिम्मेदार पक्षों से भी संवेदनशीलता के साथ स्थिति को देखने की अपील की।

    रघुवीर यादव ने अपने संबोधन में पुलिसकर्मियों का जिक्र करते हुए भी भावनात्मक टिप्पणी की और कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों और युवाओं के साथ मानवीय व्यवहार होना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं समाज पर गहरा असर छोड़ती हैं और भविष्य में भी लंबे समय तक याद रखी जाती हैं।

    इस बीच वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो संदेश में शिक्षा और छात्रों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में युवाओं की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के साथ काम करते हुए उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा है और समाज के भविष्य के लिए उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

    हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग अलग पक्षों के अपने अपने दावे हैं। प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जांच तथा प्रशासनिक पक्ष भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में मामले से जुड़े सभी तथ्यों और जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।

    फिलहाल रघुवीर यादव और नसीरुद्दीन शाह की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक बहस जारी है।

  • भ्रष्टाचार जांच की सुस्त रफ्तार, 23 हजार से ज्यादा शिकायतों के बावजूद EOW ने सिर्फ 8 मामलों में पेश किया चालान

    भ्रष्टाचार जांच की सुस्त रफ्तार, 23 हजार से ज्यादा शिकायतों के बावजूद EOW ने सिर्फ 8 मामलों में पेश किया चालान


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं की जांच के लिए जिम्मेदार आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। विधानसभा में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि पिछले साढ़े छह वर्षों में ईओडब्ल्यू को 23 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन इनमें से अदालत तक केवल आठ मामलों के चालान ही पहुंच सके। यह आंकड़ा जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली और मामलों के निपटारे की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

    यह जानकारी विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में सामने आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तुत जवाब के अनुसार वर्ष 2020 से जून 2026 के बीच ईओडब्ल्यू को कुल 23 हजार 261 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से प्रारंभिक जांच के बाद केवल 3 हजार 18 मामलों को शिकायत के रूप में दर्ज किया गया, जबकि 756 आवेदनों को जांच के बाद बंद कर दिया गया।

    सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि इतने बड़े पैमाने पर शिकायतें मिलने के बावजूद अदालत में चालान पेश किए गए मामलों की संख्या महज आठ रही। इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि जांच प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में न्यायिक कार्रवाई इतनी धीमी क्यों है।

    आंकड़ों के अनुसार जिन मामलों में चालान पेश किए गए उनमें इंदौर नगर निगम जल कार्य घोटाला, सतना में स्वास्थ्य एवं निर्माण कार्यों में अनियमितता, भोपाल में शासकीय भूमि से जुड़े फर्जी दस्तावेजों का मामला, जबलपुर विकास प्राधिकरण में वित्तीय गड़बड़ी, ग्वालियर की गृह निर्माण सहकारी समिति में कथित धोखाधड़ी, भोपाल की सहकारी संस्था में पद के दुरुपयोग और गबन का मामला, उज्जैन में निर्माण कार्यों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताएं तथा रीवा नगर निगम में फर्जी माप पुस्तिका के आधार पर भुगतान का मामला शामिल हैं।

    इनमें से अधिकांश मामलों में शिकायत दर्ज होने और न्यायालय में चालान पेश होने के बीच कई वर्षों का अंतर दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2020 में दर्ज कुछ शिकायतों में चालान वर्ष 2025 में पेश किए गए। इससे जांच पूरी होने और अभियोजन की प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    वहीं व्यापम और भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य चर्चित मामले में पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा स्वयं को फरियादी के रूप में शामिल करने का आवेदन भी ईओडब्ल्यू ने मूल शिकायत के साथ जोड़ लिया है। यह मामला फिलहाल सत्यापन और जांच की प्रक्रिया में है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद तय की जाएगी।

    विधानसभा में सामने आए इन आंकड़ों ने विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का अवसर भी दिया है। विपक्ष का कहना है कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच और अभियोजन की गति इतनी धीमी रहेगी तो दोषियों तक समय पर कार्रवाई पहुंचाना मुश्किल होगा। वहीं सरकार का कहना है कि वित्तीय अपराधों की जांच जटिल होती है और साक्ष्य जुटाने तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में समय लगता है।

    हालांकि विधानसभा में पेश आंकड़े यह संकेत जरूर देते हैं कि बड़ी संख्या में शिकायतें मिलने के बावजूद मामलों को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने की रफ्तार बेहद धीमी है। ऐसे में अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि सरकार जांच प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।

  • कैंसर की समय रहते होगी पहचान, जीएमसी भोपाल ने बनाया AI आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम, भारत सरकार ने दिया पेटेंट

    कैंसर की समय रहते होगी पहचान, जीएमसी भोपाल ने बनाया AI आधारित स्क्रीनिंग सिस्टम, भारत सरकार ने दिया पेटेंट


    मध्यप्रदेश । देश में तेजी से बढ़ रहे मुख कैंसर की चुनौती से निपटने के लिए मध्यप्रदेश से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऐसी अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है जो शुरुआती चरण में ही ओरल कैंसर की पहचान करने में सक्षम होगी। इस नवाचार के तहत तैयार किए गए ओरल कैंसर स्क्रीनिंग डिवाइस के डिजाइन को भारत सरकार ने पेटेंट प्रदान किया है। इसके साथ ही महाविद्यालय के डेंटल सर्जरी विभाग ने मुख आरोग्य नाम का एक स्मार्ट मोबाइल ऐप भी विकसित किया है जो मरीज के मुंह की तस्वीरों का एआई तकनीक से विश्लेषण कर कैंसर के संभावित लक्षणों की पहचान करेगा।

    यह तकनीक प्रदेश में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है और भविष्य में मुख कैंसर की स्क्रीनिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। खास बात यह है कि इस तकनीक का लाभ केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुंचेगा।

    मुख आरोग्य ऐप को विशेष रूप से आशा कार्यकर्ताओं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के उपयोग के लिए तैयार किया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मुंह की शुरुआती जांच आसानी से की जा सकेगी। यदि किसी व्यक्ति में कैंसर के संभावित लक्षण दिखाई देते हैं तो ऐप तुरंत उसे विशेषज्ञ अस्पताल में रेफर करने की सुविधा भी देगा। इससे बीमारी की पहचान और इलाज के बीच होने वाली देरी काफी कम हो सकेगी।

    भारत में हर वर्ष लगभग डेढ़ लाख नए ओरल कैंसर के मामले सामने आते हैं। मध्यप्रदेश में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है और पुरुषों में इसकी घटना दर करीब 25 प्रति लाख आबादी दर्ज की गई है। भोपाल उन शहरों में शामिल है जहां मुख कैंसर का बोझ अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब कैंसर काफी बढ़ चुका होता है जिससे इलाज जटिल और महंगा हो जाता है। ऐसे में शुरुआती पहचान मरीज की जान बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    डेंटल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज भार्गव ने बताया कि मोबाइल ऐप मरीज के मुंह के भीतर मौजूद घावों और संदिग्ध लक्षणों की तस्वीरों का विश्लेषण करता है। इसके बाद एआई आधारित प्रणाली यह आकलन करती है कि कैंसर की आशंका है या नहीं। यदि रिपोर्ट संदिग्ध आती है तो मरीज को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास भेजने की व्यवस्था भी ऐप के माध्यम से की गई है। उनका कहना है कि शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान होने पर इलाज अधिक प्रभावी कम जटिल और कम खर्चीला होता है जबकि मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।

    डॉ. अनुज भार्गव ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम पंक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह ऐप प्रदेश के सभी जिलों में उपयोग होगा। इससे बड़ी संख्या में स्क्रीनिंग डेटा एकत्र होगा जिससे एआई मॉडल और अधिक सटीक बनेगा तथा भविष्य में आम लोगों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।

    यह अनुसंधान महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. कविता ऐन सिंह के मार्गदर्शन में पूरा हुआ। परियोजना के विकास में डॉ. ऋचा शर्मा और डॉ. अनिमेष बड़ोदिया की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में ओरल कैंसर की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार की दिशा में एक नई क्रांति साबित हो सकती है।

  • एमपी के लाल विवेक सागर पर फिर देश को भरोसा, हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में मिली जगह

    एमपी के लाल विवेक सागर पर फिर देश को भरोसा, हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम में मिली जगह


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के लिए एक बार फिर गर्व का अवसर आया है। प्रदेश हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी और भारतीय टीम के स्टार मिडफील्डर विवेक सागर प्रसाद का चयन एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष टीम में किया गया है। बेल्जियम और नीदरलैंड की संयुक्त मेजबानी में 15 से 30 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में विवेक एक बार फिर मिडफील्ड की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम इंडिया की जीत की उम्मीदों को मजबूती देंगे।

    भारतीय हॉकी टीम इस बार अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ विश्व कप में उतर रही है। टीम की कप्तानी अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह के हाथों में होगी जबकि वरिष्ठ खिलाड़ी मनप्रीत सिंह भी टीम का अहम हिस्सा हैं। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने विश्व कप के लिए ऐसी टीम चुनी है जिसमें अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा।

    विश्व कप में भारत को पूल डी में रखा गया है जहां उसका मुकाबला इंग्लैंड पाकिस्तान और वेल्स जैसी मजबूत टीमों से होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से भिड़ेगी जबकि 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबला खेला जाएगा। इन मुकाबलों पर देशभर के हॉकी प्रेमियों की खास नजर रहेगी।

    विवेक सागर प्रसाद पिछले कई वर्षों से भारतीय हॉकी टीम के भरोसेमंद मिडफील्डर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। अपनी तेज रफ्तार शानदार बॉल कंट्रोल और सटीक पासिंग के दम पर उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बड़े मुकाबलों में दबाव के बीच संयम बनाए रखने की उनकी क्षमता उन्हें टीम का अहम खिलाड़ी बनाती है।

    मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के लिए भी विवेक का चयन बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खेल विभाग का कहना है कि प्रदेश की खेल अकादमियां लगातार ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार कर रही हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिल रही है और हॉकी के प्रति उनका रुझान लगातार बढ़ रहा है।

    प्रदेश के खेल प्रेमियों और हॉकी प्रशंसकों ने विवेक सागर प्रसाद के चयन पर खुशी जताई है और उम्मीद जताई है कि वह विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर भारत को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार बनाएंगे। स्वतंत्रता दिवस के दिन विश्व कप अभियान की शुरुआत करने वाली भारतीय टीम से पूरे देश को बेहतर प्रदर्शन और ऐतिहासिक सफलता की उम्मीद रहेगी।

  • 'माई के हार' से बना मैहर, जानिए मां शारदा धाम का रहस्य, आल्हा की भक्ति और संगीत घराने का इतिहास

    'माई के हार' से बना मैहर, जानिए मां शारदा धाम का रहस्य, आल्हा की भक्ति और संगीत घराने का इतिहास


    मध्य प्रदेश का मैहर शहर सिर्फ एक आम धार्मिक जगह नहीं है, यह भक्ति, रहस्य और संगीत का एक अनोखा संगम है। त्रिकूट पर्वत पर बसा मां शारदा का यह धाम पूरी दुनिया में जाना जाता है। हर साल लाखों भक्त यहां अपनी मुराद लेकर आते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इस पवित्र शहर के नाम और इतिहास के पीछे कितनी दिलचस्प कहानियां छिपी हैं।

    शक्तिपीठ की महिमा हो, अमर योद्धा आल्हा की भक्ति हो या फिर संगीत की दुनिया का मैहर घरानायह जगह हर किसी को अपनी ओर खींचती है।

    माई का हार से कैसे बना मैहर?
    मैहर नाम के पीछे भगवान शिव और माता सती से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। माना जाता है कि जब सती के वियोग में शिवजी तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने अपने चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए थे।

    उसी समय माता सती का हार यहां त्रिकूट पर्वत पर गिरा था। हार गिरने की वजह से इस जगह को पहले ‘माई का हार’ कहा गया। धीरे-धीरे समय बीतने के साथ यही नाम बदलकर ‘मैहर’ हो गया। आज यह धाम देश के 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है।

    1063 सीढ़ियों पर बसा 1500 साल पुराना मंदिर

    पर्वत की चोटी पर स्थित यह मंदिर करीब 1500 साल पुराना बताया जाता है। इतिहासकार भी प्राचीन शिलालेखों के आधार पर इसकी प्राचीनता को मानते हैं।

    मंदिर तक जाने के लिए श्रद्धालुओं को 1063 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।

    हालांकि अब यहां रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे बुजुर्ग और बीमार लोग आसानी से ऊपर पहुंच सकते हैं।

    9वीं शताब्दी में आदिगुरु शंकराचार्य ने यहां पहली बार विधिवत पूजा की थी। तांत्रिक साधना करने वालों के लिए भी यह जगह बेहद खास है।

    आज भी आल्हा करते हैं पहली पूजा
    मैहर की सबसे हैरान करने वाली बात अमर योद्धा आल्हा से जुड़ी है। स्थानीय लोगों और पुजारियों का कहना है कि आज भी आल्हा सबसे पहले मां शारदा की पूजा करते हैं।

    रोज सुबह जब मंदिर के दरवाजे खुलते हैं, तो माता के चरणों में ताजे फूल और चंदन चढ़ा हुआ मिलता है। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक या लिखित सबूत नहीं है, लेकिन यहां आने वाले भक्तों की इस चमत्कार में अटूट श्रद्धा है। उनका मानना है कि आल्हा आज भी अदृश्य रूप में यहां आते हैं।

    संगीत की दुनिया में मैहर का नाम
    धार्मिक पहचान के अलावा मैहर को संगीत की नगरी भी कहा जाता है। मशहूर सरोद वादक उस्ताद अलाउद्दीन खां ने इसी शहर में ‘मैहर संगीत घराने’ की नींव रखी थी। उन्होंने और उनके शिष्यों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को दुनिया भर में फैलाया। इसलिए संगीत प्रेमियों के लिए मैहर किसी तीर्थ से कम नहीं है।

  • आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना

    आज का मौसम अपडेट बारिश और बादलों का रहेगा असर जानिए किन इलाकों में भारी वर्षा की संभावना


    नई दिल्ली । आज देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा भी देखने को मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रह सकती है जिससे कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है जिससे लोगों को असहजता का सामना भी करना पड़ सकता है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादल छाए रहने और रुक रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे मौसम सुहावना बनेगा। वहीं निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    मध्य भारत के राज्यों में भी मानसून का असर जारी रहने के संकेत हैं। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदी नाले और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों में कई स्थानों पर गरज चमक के साथ वर्षा हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कों पर फिसलन की स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

    दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहने का अनुमान है जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। मौसम में लगातार बदलाव के कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने और बदलते मौसम के अनुसार खानपान का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने से आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना हो वहां अनावश्यक यात्रा से बचना और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।

    कुल मिलाकर आज का दिन देश के कई हिस्सों में बारिश और बादलों के बीच बीतने की संभावना है। कहीं मौसम सुहावना रहेगा तो कहीं तेज बारिश और उमस लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सतर्कता और सावधानी के साथ मौसम का आनंद लेना ही सबसे बेहतर विकल्प होगा।

  • दतिया उपचुनाव में सियासी बवाल, ‘लठ से वोट डलवाएंगे’ वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर, भाजपा ने दी सफाई

    दतिया उपचुनाव में सियासी बवाल, ‘लठ से वोट डलवाएंगे’ वाले वायरल वीडियो पर कांग्रेस हमलावर, भाजपा ने दी सफाई


    दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। वीडियो में एक युवक कथित रूप से भाजपा के जनसंपर्क अभियान के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के सामने यह कहते हुए सुनाई देता है कि, “लठ से वोट डलवाएंगे, मारपीट करेंगे और पकड़-पकड़कर लोगों से वोट डलवाएंगे।” वीडियो में मंत्री युवक की पीठ थपथपाते हुए और “अरे वाह” कहते नजर आ रहे हैं।

    वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इसे कार्यकर्ता का व्यक्तिगत और अतिउत्साह में दिया गया बयान बताते हुए अपना पक्ष रखा है। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो दतिया जिले के बड़ौनी क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला जनसंपर्क अभियान चला रहे थे।

    क्या है वायरल वीडियो में?
    सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक युवक कथित तौर पर मंत्री से कहता दिखाई देता है कि वह “लठ से वोट डलवाएंगे, मारपीट करेंगे और लोगों को पकड़कर मतदान कराएंगे।” इस दौरान मंत्री युवक की पीठ थपथपाते नजर आते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और चुनावी माहौल में नया विवाद खड़ा हो गया। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग राजनीतिक दल इसे लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं।

    कांग्रेस ने उठाए सवाल
    वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर बताते हुए चुनाव आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि डर, दबाव और हिंसा की भाषा लोकतंत्र के अनुकूल नहीं है। उनका कहना है कि यदि वीडियो में कही गई बातें सही हैं तो यह निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी।

    भाजपा का पक्ष
    विवाद बढ़ने पर भाजपा की ओर से भी सफाई सामने आई। वरिष्ठ नेता डॉ. रामजी खरे ने कहा कि कई बार कार्यकर्ता जोश में इस तरह की बातें कह देते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी का आधिकारिक रुख पूरी तरह लोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से लोगों से मतदान की अपील करती है तथा किसी भी प्रकार की हिंसा या दबाव की राजनीति का समर्थन नहीं करती।

    फिलहाल, दतिया उपचुनाव के बीच वायरल वीडियो को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। कांग्रेस इसे चुनावी आचार-विचार से जोड़कर भाजपा पर निशाना साध रही है, जबकि भाजपा इसे एक कार्यकर्ता के व्यक्तिगत बयान तक सीमित बता रही है।

  • एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में लगातार 60 घंटे से मेहरबान मानसून, 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तीन मजबूत मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से पिछले 60 घंटे से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। प्रदेश के 40 से अधिक जिले बारिश से तरबतर हो चुके हैं। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने अगले 24 घंटे के लिए इंदौर और उज्जैन संभाग सहित 17 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय हैं। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि इन तीनों सिस्टम की वजह से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है, जिसके चलते कई जिलों में कम समय में तेज बारिश दर्ज की जा रही है।

    इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
    गुरुवार के लिए आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडौरी, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी रुक-रुककर तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है।

    कई जिलों में बारिश का असर
    टीकमगढ़ में गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे से बारिश शुरू हो गई। पिछले चार दिनों से रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। जिले में अब तक औसतन 11.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है और पूरे दिन बारिश जारी रहने की संभावना है।

    बड़वानी जिले के सेंधवा में भी हल्की बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। वहीं मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे के बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन के समय भी हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी मंगलवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे शहर का मौसम लगातार ठंडा और सुहावना बना हुआ है।