Category: Madhya Pradesh

  • MP: उज्जैन के नागदा में सीढ़ियां चढ़कर बैंक के अंदर पहुंचे नंदी, देखते ही भाग खड़े हुए ग्राहक

    MP: उज्जैन के नागदा में सीढ़ियां चढ़कर बैंक के अंदर पहुंचे नंदी, देखते ही भाग खड़े हुए ग्राहक


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन (Ujjain) जिले के नागदा (Nagda) में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महिदपुर रोड स्थित श्रीराम फाइनेंस बैंक (Shriram Finance Bank) में अचानक एक नंदी और गाय घुस गए। बैंक के अंदर मवेशियों को देख स्टाफ और ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई।

    दरअसल, मध्य प्रदेश में आवारा मवेशियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार आवारा मवेशियों ने बैंक के अंदर बवाल काटा! जानकारी के मुताबिक, नागदा शहर के महिदपुर रोड स्थित पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में श्रीराम फाइनेंस बैंक में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक नंदी और गाय अचानक बैंक के अंदर घुस गए। बैंक में मौजूद ग्राहक और कर्मचारी घबराकर बाहर निकल आए। कुछ देर तक बैंक का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। इस घटना को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जिसका वीडियो भी सामने आया है।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि बैंक के अंदर नंदी और गाय इधर-उधर भागते हुए नजर आ रही है, वहीं कुछ लोग उसे बाहर निकालने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे है। हालांकि कुछ ही देर बाद नंदी गाय बैंक के बाहर निकल गए। लेकिन इस घटना से एक बार फिर प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है, आवारा मवेशी अक्सर इस इलाके में नजर आते हैं और कई बार दुकानों और संस्थानों के अंदर भी घुस जाते हैं। ऐसे में हर बार स्थानीय गौ-सेवा संगठनों की मदद लेनी पड़ती है।

  • MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान

    MP: दतिया में महूअर नदी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत, खेल-खेल में गई भाई-बहन की जान


    दतिया।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के दतिया जिले (Datia district) में रविवार को एक हृदयविदारक हादसे में सगे भाई-बहन की महुअर नदी (Mahuar River) में डूबने से मौत हो गई। खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंचे दोनों मासूम गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते जिंदगी की जंग हार बैठे। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक भाई सुमित केवट की उम्र 7 साल और बहिन ज्योतिष केवट की उम्र 5 साल है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, भैंसा सुनारी के सिद्धपुरा इलाके में रहने वाले महेश केवट के बेटे सुमित केवट और ज्योतिष केवट अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे महुअर नदी के किनारे पहुंच गए।बताया जा रहा है कि नदी किनारे फिसलन अधिक थी और पानी भी गहरा था, जिससे संतुलन बिगड़ने पर दोनों बच्चे सीधे नदी में जा गिरे और डूबने लगे।घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबता देख तुरंत उन्हें बाहर निकाला और बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बच्चों के माता-पिता दतिया शहर में रिश्तेदारी के एक कार्यक्रम के लिए खरीदारी करने गए थे। बच्चों को परिवार के अन्य सदस्यों के भरोसे छोड़ा गया था।जैसे ही हादसे की सूचना मिली, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही बड़ौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि छोटे बच्चों की निगरानी में जरा सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन और ग्रामीणों के लिए यह जरूरी है कि नदी-तालाब जैसे खतरनाक स्थलों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नदी के किनारे काफी फिसलन थी और पानी भी गहरा था।इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से दोनों बच्चे अचानक नदी में गिर पड़े और देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। खासकर गांवों में नदी, तालाब और कुओं के आसपास बच्चों का अकेले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं, जिससे ऐसे हादसे होने की आशंका बनी रहती है।

  • MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा

    MP: रीवा एयरपोर्ट पर 72 की जगह पहुंचा 48 सीटर विमान…. यात्रियों को चढ़ने से रोका…जमकर हुआ हंगामा


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा एयरपोर्ट (Rewa Airport) से लापरवाही भरी ऐसी खबर सामने आई है, जिसे सुनकर आप भी अपने सिर के बाल खींचने लग सकते हैं। दरअसल 72 सीटों वाला यात्री विमान (72-Seater Passenger Aircraft) बुक था, लेकिन एयरपोर्ट पर 48 सीटर विमान पहुंचा, तो स्टाफ ने कई यात्रियों को यात्रा करने से रोक दिया। घटना के दौरान एयरपोर्ट पर काफी हंगामा हुआ। एक युवती ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है।


    2 घंटे पहले आ गई, लेकिन फिर भी नहीं चढ़ने दिया

    वीडियो शेयर करने वाली युवती अमरपाटन निवासी है। उसने एयरलाइन और एयरपोर्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो जारी किया है। युवती के अनुसार, उसने Alliance Air की फ्लाइट के लिए दिल्ली का टिकट बुक किया था। वह तय समय से लगभग 2 घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंच गई। लेकिन, जब वह बोर्डिंग के लिए आगे बढ़ी, तो उसे यह कहकर रोक दिया गया कि उसके नाम का कोई टिकट उपलब्ध नहीं है।


    एयरपोर्ट पर दिखी तीखी झड़प

    युवती ने अपनी टिकट भी शेयर की, जिसमें 3 मई की हवाई यात्रा दर्ज है। फ्लाइट रात 9.05 बजे से रीवा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात 11.15 बजे पहुंचनी थी। लेकिन, एयरपोर्ट स्टाफ ने उसे यात्रा करने से रोक दिया। वीडियो में युवती के साथ मौजूद शख्स स्टाफ के साथ तीखी बहस करता हुआ नजर आया।


    72 सीटों की जगह भेज दिया 48 सीटर विमान

    हैरानी की बात ये है कि ऐसा केवल उसके साथ ही नहीं हुआ, बल्कि कई अन्य यात्रियों को भी बोर्डिंग करने से रोक दिया गया। इस कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों में खासा गुस्सा देखने को मिला। युवती ने आरोप लगाया कि जिस फ्लाइट के लिए 72 सीटों की बुकिंग की गई थी, उसकी जगह 48 सीटों वाली छोटा विमान भेज दिया गया है।

    रीवा से दिल्ली के लिए नवंबर महीने में 72 सीटर विमान सेवा की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को रीवा से डायरेक्ट दिल्ली की सुविधा देना था, ताकि लोगों का समय बच सके। मगर अब इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है। फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

  • MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

    MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने IAS अकैडमी की डायरेक्टर (Director of IAS Academy) से 1.89 करोड़ रुपए की संगठित लूट के मामले का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड (Mastermind.) समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सेमिनार और नए सेंटर खोलने का झांसा देकर डायरेक्टर को दिल्ली से भोपाल बुलाया और फिर हथियारों के दम पर बंधक बनाकर रकम ट्रांसफर कराई।

    क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा जो कि अकैडमी का पूर्व छात्र है, उसने पूरी साजिश रची. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता शुभ्रा रंजन को एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर पिस्टल और कट्टे की नोक पर डराया-धमकाया और 1.89 करोड़ रुपए अपनी सोसायटी ‘जनकशिला’ और ‘आरएस इंटरप्राइजेस’ के खातों में ट्रांसफर करवा ली।


    फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं शुभ्रा

    घटना सामने आते ही क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और चंद घंटों के भीतर पूरी राशि को बैंक खातों में होल्ड करा दिया. पुलिस का कहना है कि रिफंड की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पूरी रकम पीड़िता को वापस मिल जाएगी. शुभ्रा दिल्ली से आकर भदभदा के पास बने एक फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं. वहीं से आरोपी प्रियांक शर्मा उन्हें अपने साथ फ्रेंचायसी के लिए जगह दिखाने के नाम पर बागसेवनिया ले गया और यहां स्थित एक फ्लैट में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा. इस दौरान उनके खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए गए।


    बंधक बनाकर बनाया फर्जी वीडियो

    आरोपियों ने पीड़िता को डराने के लिए अपने ही एक साथी के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाया, ताकि वह पुलिस में शिकायत न करे और भविष्य में भी पैसे देती रहे. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने वारदात से एक दिन पहले ही किराए का मकान लिया और उसी दिन सुंदरकांड का आयोजन कराया, ताकि शोर-शराबे में पीड़ितों की चीख-पुकार बाहर न जा सके.


    बाहर से बुलाए गए हथियारबंद बदमाश

    वारदात को अंजाम देने के लिए दतिया और रीवा से बदमाश बुलाए गए थे, जिन्होंने हथियारों के दम पर पूरी घटना को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपी प्रियांक शर्मा ने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर खुद को एम्स अस्पताल के ICU में भर्ती करा लिया, ताकि पुलिस से बच सके. हालांकि पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी की मां और पत्नी ने अस्पताल में हंगामा भी किया।


    विदेश भागने की थी तैयारी

    जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विदेश फरार होने की तैयारी में था. फिलहाल उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

  • जबलपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: सोते छात्र पर फ्लाईओवर से फेंका गया एसिड, 50% झुलसा युवक

    जबलपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: सोते छात्र पर फ्लाईओवर से फेंका गया एसिड, 50% झुलसा युवक


    नई दिल्ली। जबलपुर के मदनमहल थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। यहां 22 वर्षीय कॉलेज छात्र शिवांश बैन पर सोते समय फ्लाईओवर से अज्ञात हमलावर द्वारा एसिड फेंक दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
    घर के अंदर हुआ हमला
    घटना रविवार तड़के करीब 3:30 बजे की है। छात्र अपने घर के कमरे में सो रहा था, तभी फ्लाईओवर ब्रिज से फेंका गया एसिड छत को फाड़ते हुए सीधे उसके शरीर पर गिर गया। इसके बाद कमरे में आग जैसी स्थिति बन गई और वह बुरी तरह झुलस गया।
    50% तक झुलसा छात्र
    डॉक्टरों के मुताबिक, शिवांश के दोनों हाथ, सीना और कमर का हिस्सा लगभग 50 प्रतिशत तक जल चुका है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
    परिवार ने बचाई जान
    चीख सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे और कंबल डालकर आग बुझाई। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
    पहले भी हुई थी संदिग्ध घटना
    परिवार का कहना है कि करीब 10 दिन पहले भी घर पर पथराव की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
     पुलिस जांच में जुटी
    मदनमहल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फ्लाईओवर से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
    जबलपुर की यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि शहर में बढ़ते अपराध को लेकर भी चिंता बढ़ाती है।
  • बरगी डैम क्रूज हादसा: को-पायलट का दावा- इंजन खराब था, आखिरी पल तक फंसा रहा; 13 की मौत से हड़कंप

    बरगी डैम क्रूज हादसा: को-पायलट का दावा- इंजन खराब था, आखिरी पल तक फंसा रहा; 13 की मौत से हड़कंप

    नई दिल्ली। बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 लोग किसी तरह बचा लिए गए थे।

    हादसे में को-पायलट रहे महेश पटेल ने घटना के बाद बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि क्रूज का एक इंजन पहले से स्लो था और अचानक आई तेज हवाओं ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

    कैसे हुआ हादसा?
    महेश पटेल के अनुसार, क्रूज शाम करीब 5:16 बजे यात्रा पर निकला था। लौटते समय तेज हवाएं चलने लगीं, जिनकी रफ्तार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई गई। उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ने पर स्टाफ को लाइफ जैकेट बांटने के निर्देश दिए गए थे। उनका दावा है कि इसी दौरान क्रूज का एक इंजन काम करना बंद कर गया, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्रूज पानी में डूबने लगा।

     “आखिरी दम तक अंदर फंसा रहा”
    महेश पटेल ने कहा कि वे क्रूज के पायलट केबिन में थे और आखिरी समय तक अंदर ही फंसे रहे। बाद में पानी के दबाव से बाहर निकल पाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी को छोड़कर नहीं भागे और हालात बेहद भयावह थे।
    अनुभव और जिम्मेदारी
    पटेल ने बताया कि वे पिछले 10 साल से क्रूज संचालन कर रहे हैं और 2012 में उन्होंने ट्रेनिंग ली थी। उनका कहना है कि यदि उन्हें मौसम संबंधी चेतावनी या संचालन रोकने के निर्देश मिले होते, तो क्रूज कभी नहीं चलाया जाता।
     मेंटेनेंस और टिकट विवाद
    उन्होंने यह भी कहा कि क्रूज का आखिरी बड़ा मेंटेनेंस करीब 3 साल पहले हुआ था। साथ ही टिकट व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं, जहां कुछ यात्रियों के बिना टिकट होने की बात सामने आई है।
     कार्रवाई और जांच
    हादसे के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच महेश पटेल को नौकरी से बर्खास्त भी किया गया है।
    बरगी डैम हादसा एक गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी चूक की ओर इशारा करता है, जिसकी जांच अभी जारी है।
  • रतलाम से किडनैप कर उज्जैन में युवक की हत्या, शराब पार्टी के बाद गला घोंटा; आरोपियों के घरों में आगजनी से तनाव

    रतलाम से किडनैप कर उज्जैन में युवक की हत्या, शराब पार्टी के बाद गला घोंटा; आरोपियों के घरों में आगजनी से तनाव


    नई दिल्ली। रतलाम जिले में हुए एक सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र में तनाव फैला दिया है। 22 वर्षीय मनीष माली को घर से किडनैप कर लगभग 90 किलोमीटर दूर उज्जैन ले जाया गया, जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई।

     शराब पार्टी के बाद हत्या

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ। इसी दौरान मनीष की गला दबाकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपियों ने शव को एक कमरे में लॉक कर दिया और मौके से फरार हो गए।

    पुरानी रंजिश बनी वजह

    जानकारी के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पुराना विवाद इस हत्या की जड़ में बताया जा रहा है। एक लड़की को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था, जो बाद में जानलेवा वारदात में बदल गया।

    पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल हैं। मामले में अपहरण के बाद हत्या की धाराएं जोड़ी गई हैं और जांच जारी है।

     गुस्साई भीड़ का प्रदर्शन

    हत्या की खबर के बाद परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव रखकर चक्काजाम किया और आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ की। कुछ जगहों पर आगजनी की भी घटना हुई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और कई स्थानों पर अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई भी की गई।

     स्थिति पर नजर

    रतलाम और उज्जैन दोनों क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो।

    यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद कैसे गंभीर अपराध में बदल सकते हैं, जिससे पूरे इलाके की शांति प्रभावित हो जाती है।

  • उज्जैन शिक्षा विभाग में ‘लड्डू-मिठाई’ कोड से उगाही का खुलासा, WhatsApp चैटिंग वायरल

    उज्जैन शिक्षा विभाग में ‘लड्डू-मिठाई’ कोड से उगाही का खुलासा, WhatsApp चैटिंग वायरल

    उज्जैन के जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों से कथित उगाही और वित्तीय अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां कुछ इंजीनियरों के बीच WhatsApp ग्रुप में “लड्डू” और “मिठाई” जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल कर पैसों की मांग और लेन-देन की बातचीत की जा रही थी।

    जानकारी के मुताबिक, जिला शिक्षा केंद्र उज्जैन के अंतर्गत कार्यरत इंजीनियरों के ग्रुप में कई ऐसे मैसेज सामने आए हैं, जिनमें मान्यता की फाइलों को आगे बढ़ाने, डीपीसी निर्देशों और अन्य कार्यों के नाम पर रकम की मांग की बात की गई है।

    WhatsApp चैटिंग में क्या सामने आया?

    वायरल चैट्स में कथित तौर पर-

    • “भोपाल मिठाई भेजने” के नाम पर पैसे मांगने की बात
    • “लड्डू के लिए शेयर कलेक्ट” जैसे कोड वर्ड का उपयोग
    • UPI स्कैनर भेजकर ऑनलाइन भुगतान की मांग
    • एक दिन में 200 से ज्यादा फाइलों के निपटारे का दावा

    इन मैसेजों ने विभागीय कामकाज और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इंजीनियरों का पक्ष

    कुछ इंजीनियरों ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि “लड्डू” या “मिठाई” के नाम पर किसी तरह की वसूली नहीं की गई है और न ही ऐसा कोई निर्देश दिया गया था। वहीं, मामले में शामिल नामों पर स्पष्टीकरण देने की बात भी कही गई है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया

    जिला परियोजना समन्वयक (DPC) ने मामले पर हैरानी जताते हुए कहा है कि अगर किसी ने उनके नाम का दुरुपयोग कर पैसे मांगे हैं, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    जांच के संकेत

    मामले के सामने आने के बाद अब विभागीय स्तर पर जांच की संभावना बढ़ गई है। चैटिंग और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूतों की जांच की जा सकती है।

    उज्जैन में सामने आया यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस पर हैं कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या कार्रवाई होती है।

  • मोबाइल पर डांट से नाराज नाबालिग 18 दिन बाद मिली, पुलिस ने सुरक्षित परिजनों को सौंपा

    मोबाइल पर डांट से नाराज नाबालिग 18 दिन बाद मिली, पुलिस ने सुरक्षित परिजनों को सौंपा


    नई दिल्ली। उज्जैन जिले के बड़नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग को पुलिस ने 18 दिन बाद बदनावर क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया है। परिजनों ने 14 अप्रैल 2026 को उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की और तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया ताकि जल्द से जल्द नाबालिग का पता लगाया जा सके।

    लगातार तलाश के बाद 2 मई को पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग चंपेलिया गांव में मौजूद है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।

     पूछताछ में सामने आया कारण

    पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि मोबाइल चलाने को लेकर मां की डांट और मोबाइल छीन लिए जाने से वह नाराज हो गई थी। इसी कारण वह बिना बताए घर से निकल गई और बस से सीधे बदनावर पहुंच गई, जहां वह एक परिचित के घर रुकी थी।

     पुलिस की पुष्टि

    जांच में यह साफ हुआ कि इस दौरान उसके साथ किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया।

    यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि बच्चों के साथ संवाद और समझदारी से व्यवहार करना कितना जरूरी है, ताकि छोटी-छोटी बातों से ऐसे गंभीर मामले न बनें।

  • उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती: दिव्य श्रृंगार में सजे बाबा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

    उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती: दिव्य श्रृंगार में सजे बाबा, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब


    नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत पूजन कर आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसमें भांग, चंदन, बिल्वपत्र और रजत आभूषणों से बाबा को राजा स्वरूप में सजाया गया।

    भोर की पहली आरती के साथ ही मंदिर परिसर “हरिओम” के जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद पारंपरिक रूप से भस्म अर्पित की गई, जिसे महाकाल पूजा का सबसे विशेष और पवित्र क्षण माना जाता है।

    भस्म अर्पण के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से विशेष भस्म चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी क्षण भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। 

    नई दिल्ली। उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान दिव्य और भव्य दृश्य देखने को मिला। भगवान महाकाल का विधि-विधान से पंचामृत पूजन कर आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसमें भांग, चंदन, बिल्वपत्र और रजत आभूषणों से बाबा को राजा स्वरूप में सजाया गया।

    भोर की पहली आरती के साथ ही मंदिर परिसर “हरिओम” के जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद पारंपरिक रूप से भस्म अर्पित की गई, जिसे महाकाल पूजा का सबसे विशेष और पवित्र क्षण माना जाता है।
    भस्म अर्पण के दौरान महानिर्वाणी अखाड़ा की ओर से विशेष भस्म चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी क्षण भगवान महाकाल अपने निराकार स्वरूप से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रुद्राक्ष की माला, रजत मुण्डमाल और सुगंधित पुष्पों से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया गया।
    मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनमोहक दिखाई दिया। आरती के दौरान भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े श्रद्धा भाव से देखा।
    इस पावन अवसर पर देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भस्म आरती के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
    भगवान महाकाल की भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और ऊर्जा का अद्वितीय अनुभव है, जो हर भक्त के मन को भक्ति से भर देता है।