Category: Madhya Pradesh

  • शादी समारोह में हत्या केस: ग्वालियर में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

    शादी समारोह में हत्या केस: ग्वालियर में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के सिंधिया नगर स्थित “गड्ढे वाला मोहल्ला” में वर्ष 2024 में हुए चर्चित सोनू आदिवासी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अठारहवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पारस कुमार जैन की अदालत ने मामले में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

    यह मामला 25-26 अप्रैल 2024 की दरमियानी रात का है, जब सोनू आदिवासी अपने रिश्तेदार की बेटी की शादी समारोह में शामिल होने के लिए सिंधिया नगर पहुंचा था। शादी का माहौल चल रहा था, लेकिन इसी दौरान पुरानी रंजिश ने एक दर्दनाक वारदात का रूप ले लिया।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनू शादी समारोह के दौरान टेंट के पीछे स्थित किराना दुकान के पास गया था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी उसे धमकाते हुए कह रहे थे कि “तू दूसरों के मामलों में ज्यादा नेता बनता है, आज तुझे सबक सिखाते हैं।”

    जांच में यह सामने आया कि घटना से लगभग 15-20 दिन पहले आरोपियों का किसी अन्य व्यक्ति से विवाद हुआ था, जिसमें सोनू ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था। इसी बात को लेकर आरोपी उससे रंजिश रखने लगे थे और बाद में इस हत्या की योजना बनाई गई।

    घटना के दौरान अनिल आदिवासी और उसके पिता वीरू आदिवासी ने सोनू के हाथ पकड़ लिए, ताकि वह किसी तरह बचाव न कर सके। इसी बीच मुख्य आरोपी सुनील आदिवासी ने लोहे का धारदार चाकू निकालकर सोनू के सीने और पसलियों पर कई वार कर दिए। हमले के बाद सोनू गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और शादी समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन घायल सोनू को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन गंभीर आंतरिक चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    इस जघन्य हत्या के मामले में अदालत में पेश गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह हमला पूर्व नियोजित था और बदले की भावना से किया गया था। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है, जबकि पुलिस और प्रशासन ने भी अदालत के निर्णय को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

  • ग्वालियर में दर्दनाक सुसाइड: भाई को वीडियो कॉल कर युवक ने खुद को मारी गोली

    ग्वालियर में दर्दनाक सुसाइड: भाई को वीडियो कॉल कर युवक ने खुद को मारी गोली


    ग्वालियर । ग्वालियर शहर के डफरीन सराय इलाके में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात उस समय सनसनी फैल गई जब नगर निगम में क्रेन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत युवक ने अपनी लाइसेंसी राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह घटना करीब रात 1 बजे की बताई जा रही है।

    मृतक की पहचान गौरव भदौरिया के रूप में हुई है, जिसने आत्महत्या से पहले अपने बड़े भाई को वीडियो कॉल किया और उसी कॉल के दौरान 315 बोर की राइफल मुंह पर रखकर ट्रिगर दबा दिया। घटना के बाद परिवार और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार, गौरव भदौरिया ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट भी किया था, जिसमें उसने अपने ही परिवार के कई सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने अपने पिता रणवीर सिंह भदौरिया, मां सत्यवती भदौरिया, बहन नीतू सिकरवार और मामी सीमा परमार पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

    पोस्ट में गौरव ने लिखा कि उसे लगातार पैसे और जमीन में हिस्सा देने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने यह भी दावा किया कि उससे 5 लाख रुपए की मांग की गई थी और मांग पूरी न करने पर उसे जहर देकर मारने की धमकी दी गई थी। इसी तनाव और दबाव के चलते वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर हुआ।

    गौरव ने यह भी लिखा कि वह अपनी बहन को पहले ही 2.40 लाख रुपए दे चुका था, इसके बावजूद उससे और पैसे मांगे जा रहे थे और मकान में हिस्सेदारी देने का दबाव बनाया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि इन सभी बातों के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान था।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस सभी आरोपों और पारिवारिक विवाद के पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

    परिवार और रिश्तेदारों के बीच इस घटना के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो कॉल की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

    फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मामला केवल पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव का है या इसके पीछे कोई और गहरी वजह भी शामिल है।

  • चितौली गांव शोक में डूबा: भजन-कीर्तन के बीच किसान की सर्पदंश से मौत

    चितौली गांव शोक में डूबा: भजन-कीर्तन के बीच किसान की सर्पदंश से मौत


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के बेलगढ़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत चितौली गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां भागवत कथा में भजन-कीर्तन कर रहे एक किसान की सांप के काटने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मृतक की पहचान 50 वर्षीय मदनलाल रावत के रूप में हुई है, जो पिछले एक सप्ताह से लकेश्वरी माता मंदिर में आयोजित भागवत कथा में नियमित रूप से शामिल हो रहे थे। धार्मिक प्रवृत्ति के कारण वे न केवल कथा सुनते थे, बल्कि भजन-कीर्तन में भी सक्रिय भागीदारी निभाते थे।

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे कथा के दौरान जब मदनलाल रावत भजन गा रहे थे, तभी अचानक एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। शुरुआत में वहां मौजूद लोगों को इस घटना का अंदाजा नहीं हुआ और कार्यक्रम सामान्य रूप से चलता रहा।

    कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और श्रद्धालुओं ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि सांप के जहर का असर तेजी से फैल चुका था और तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका।

    देर रात करीब 1 बजे उपचार के दौरान मदनलाल रावत ने दम तोड़ दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही बेलगढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और बाद में परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।

    इस हादसे ने पूरे चितौली गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का कहना है कि मदनलाल बेहद धार्मिक स्वभाव के व्यक्ति थे और किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि एक धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की दर्दनाक घटना घट जाएगी।

    गांव में शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित घटना को लेकर स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सांपों से सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • लापता बच्ची की मौत का रहस्य: नदी किनारे मिला शव, हत्या की आशंका तेज

    लापता बच्ची की मौत का रहस्य: नदी किनारे मिला शव, हत्या की आशंका तेज


    ग्वालियर । ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र से लापता हुई 12 वर्षीय 5वीं कक्षा की छात्रा का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पांच दिन से लापता बच्ची का शव शुक्रवार रात भिंड जिले के मौ क्षेत्र में सिंध नदी किनारे क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया। आशंका जताई जा रही है कि शव का कुछ हिस्सा जलीय जीवों, संभवतः मगरमच्छों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया है।

    मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब बच्ची के सौतेले पिता ने दावा किया कि 24 मई को बच्ची ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसके अनुसार, बदनामी और पुलिस कार्रवाई के डर से उसने शव को भिंड ले जाकर नदी किनारे दफना दिया। हालांकि पुलिस इस बयान को संदिग्ध मान रही है और हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है।

    बच्ची के लापता होने की रिपोर्ट 25 मई को सिरोल थाने में दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट सौतेले पिता द्वारा ही दर्ज कराई गई थी, लेकिन शुरुआती जांच में ही पुलिस को उसके बयानों और व्यवहार पर संदेह होने लगा था। पुलिस ने उसे निगरानी में रखा और मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश जारी रखी।

    शुक्रवार रात भिंड के मौ इलाके में सिंध नदी किनारे से जब बच्ची का शव बरामद हुआ, तो पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। शव की स्थिति बेहद खराब थी, जिसके चलते पुलिस ने तुरंत उसे पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। संभावना जताई जा रही है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। एक ओर सौतेला पिता इसे आत्महत्या के बाद शव छिपाने की बात बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पुलिस इसे संदिग्ध हत्या मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    मृत बच्ची पिछले करीब आठ वर्षों से अपने सौतेले पिता और मां के साथ रह रही थी। परिवार में उसकी दो छोटी बहनें भी हैं, जिनकी उम्र 6 और 8 वर्ष बताई जा रही है। सौतेला पिता पेशे से टैक्सी चालक है और ट्रैवल्स एजेंसी के लिए ईको वैन चलाता है।

    पुलिस ने बच्ची के माता-पिता दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नदी किनारे और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान भी चलाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार के सबूत जुटाए जा सकें।

    यह मामला अब पूरी तरह से संदिग्ध बन चुका है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि यह वास्तव में आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई गंभीर अपराध छिपा हुआ है।

  • उज्जैन में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, मंदिर गूंजा जयकारों से

    उज्जैन में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, मंदिर गूंजा जयकारों से


    उज्जैन । महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत से अभिषेक संपन्न कराया।

    पंचामृत में दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस का प्रयोग किया गया। इसके बाद घंटानाद और हरिओम जल अर्पण के साथ आरती की शुरुआत हुई। इस दौरान भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसमें रजत ॐ बिल्वपत्र मुकुट, रुद्राक्ष माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं।

    भगवान के मस्तक पर त्रिपुंड, त्रिशूल और डमरू का प्रतीकात्मक स्वरूप सजाया गया, साथ ही शेषनाग का रजत मुकुट और मुंडमाल भी अर्पित की गई। गर्भगृह में गणेश, माता पार्वती और कार्तिकेय भगवान की भी विधिवत पूजा की गई।

    आरती के दौरान फलों और मिष्ठानों का भोग लगाने के बाद कपूर आरती की गई और अंत में भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।

    भस्म आरती के समय पूरा मंदिर परिसर “जय महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठा और बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन का लाभ लिया। इस पवित्र अनुष्ठान का संचालन महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से किया गया।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन के 100 चौराहे बनेंगे हाईटेक

    सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, उज्जैन के 100 चौराहे बनेंगे हाईटेक

    उज्जैन  उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर शहरी विकास कार्यों को गति दे दी है। श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए शहर के 100 प्रमुख चौराहों को हाईटेक बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।

    प्रशासन के अनुसार, इन चौराहों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जहां ट्रैफिक सिग्नल और कैमरों की लाइव फीड सीधे एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से जुड़ी होगी। इससे शहर के किसी भी हिस्से में ट्रैफिक दबाव या भीड़ बढ़ने की स्थिति पर तुरंत निगरानी और कार्रवाई संभव हो सकेगी।

    कलेक्टर रौशन सिंह ने बताया कि शहर में पहले से ही सड़क चौड़ीकरण और नए मार्गों के विकास का काम चल रहा है। 60 से अधिक सड़कों को चार और छह लेन में विकसित किया जा रहा है, ताकि यातायात का प्रवाह निर्बाध बना रहे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से चौराहों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

    नई योजना में सभी चौराहों पर लेफ्ट टर्न और यू-टर्न को विशेष रूप से डिजाइन किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति कम हो और वाहनों की आवाजाही तेज हो सके।

    प्रशासन का दावा है कि इन हाईटेक चौराहों के जरिए पूरे शहर की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। कंट्रोल रूम से निगरानी के माध्यम से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी बल्कि सिंहस्थ के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    लक्ष्य है कि सिंहस्थ 2028 से पहले सभी प्रस्तावित काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि आयोजन के दौरान शहर की व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके।

  • उज्जैन में नौतपा के बीच मौसम ने ली करवट, तेज बारिश और ठंडी हवाओं से राहत

    उज्जैन में नौतपा के बीच मौसम ने ली करवट, तेज बारिश और ठंडी हवाओं से राहत

    उज्जैन । उज्जैन में नौतपा के छठे दिन शनिवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और ठंडी हवाओं ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी। पिछले कई दिनों से जारी लू और उमस के बीच तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

    सुबह करीब 7 बजे शहर में तेज बारिश शुरू हुई और ठंडी हवाओं ने वातावरण को सुहावना बना दिया। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार, सुबह का तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में काफी कम है।

    बीते दिनों में उज्जैन लगातार गर्मी की चपेट में था। 28 मई को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 29 मई को यह लगभग 40 डिग्री रहा। रात के समय भी तापमान 27 से 28 डिग्री के बीच बना रहने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही थी।

    लगातार बढ़ती गर्मी के बीच हवा में नमी का स्तर भी अधिक रहा, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ गई थी। ऐसे में शनिवार सुबह हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि रात में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है और गर्मी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बारिश के बाद शहर के लोगों ने राहत महसूस की और लंबे समय से चल रही भीषण गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिली।

  • इंदौर के छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध तेज, ‘न्याय रैली’ आज

    इंदौर के छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध तेज, ‘न्याय रैली’ आज


    इंदौर।  इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हुई तोड़फोड़ को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक विरोध तेज हो गया है। जनहित पार्टी ने नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई को “अमानवीय” बताते हुए शनिवार शाम 7 बजे ‘न्याय रैली’ निकालने की घोषणा की है।

    पार्टी का आरोप है कि छावनी क्षेत्र की 136 साल पुरानी बसाहट को बिना उचित प्रक्रिया, बिना सहमति और बिना पर्याप्त मुआवजा दिए तोड़ दिया गया। दावा किया गया है कि कई लोगों को केवल दो दिन पहले सूचना दी गई और फिर भारी पुलिस बल व जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे लोगों को अपना सामान तक निकालने का समय नहीं मिला।

    विरोध कर रही पार्टी का कहना है कि कई प्रभावित परिवारों के पास संपत्तियों की वैध रजिस्ट्री मौजूद है, बावजूद इसके बड़े पैमाने पर मकानों और दुकानों को ध्वस्त किया गया। आरोप यह भी है कि जहां 10 फीट तक हटाने की बात थी, वहां कई जगह 20 फीट तक निर्माण गिरा दिया गया।

    जनहित पार्टी ने मांग की है कि प्रभावित लोगों को बाजार मूल्य से दोगुना मुआवजा दिया जाए, एफएआर और टीडीआर जैसे नियमों पर पुनर्विचार हो और छोटे व्यापारियों व फेरी वालों की आजीविका सुरक्षित रखी जाए। साथ ही शहर के विकास कार्यों में पारदर्शिता और सहमति को अनिवार्य करने की मांग उठाई गई है।

    पार्टी ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं, क्योंकि उनका कहना है कि यदि ऐसे ही कार्रवाई चलती रही तो अन्य पुराने क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

    इस कार्रवाई के दौरान हुए नुकसान और विरोध के चलते मामला अब पूरी तरह राजनीतिक रूप लेता जा रहा है और शहर में तनाव का माहौल बना हुआ है।

  • इंदौर में देर रात बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की टक्कर में एक वाहन पलटा, शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप

    इंदौर में देर रात बड़ा सड़क हादसा: दो कारों की टक्कर में एक वाहन पलटा, शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप

    इंदौर । इंदौर के बीआरटीएस स्थित रसोमा चौराहे पर देर रात तेज रफ्तार में दो कारों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक कार कई बार पलट गई, जबकि दूसरा वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा शुक्रवार देर रात करीब 3 बजे हुआ। एक कार मेदांता अस्पताल की ओर से और दूसरी एलआईजी क्षेत्र की तरफ से आ रही थी। चौराहे पर पहुंचते ही दोनों वाहनों में जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एलआईजी की ओर से आ रही कार अनियंत्रित होकर दो बार पलट गई। इस कार में सवार देव चौहान को गंभीर चोटें आईं, खासकर कंधे में फ्रैक्चर बताया जा रहा है।

    घटना के बाद एक कार में सवार युवतियों के मौके से चले जाने की बात सामने आई है। पुलिस के पहुंचने से पहले वे वहां से जा चुकी थीं। कार के अंदर शराब की तीन बोतलें मिलने से मामला और गंभीर हो गया है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद करने की बात कही है।

    वहीं, एयरबैग खुलने के कारण दूसरी कार में सवार लोगों की जान बाल-बाल बच गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभावित नशे में ड्राइविंग को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
     

  • इंदौर में स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल: निगमकर्मियों पर खुले में कचरा फेंकने और जलाने के आरोप

    इंदौर में स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल: निगमकर्मियों पर खुले में कचरा फेंकने और जलाने के आरोप


    इंदौर इंदौर में देश की सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में लगातार शीर्ष पर रहने वाली छवि पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामलों में नगर निगम के कर्मचारियों पर ही खुले में कचरा डंप करने और उसे रात के समय जलाने के आरोप लगे हैं, जिससे रहवासी इलाकों में धुआं और बदबू फैलने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

    वार्ड क्रमांक-53, नेत्रराम का बगीचा और डेली कॉलेज के सामने जैसे इलाकों से सामने आए वीडियो में ट्रैक्टर-ट्रॉली से कचरा लाकर बीच रहवासी क्षेत्र में फेंका जाता दिख रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिन में खुले में कचरा डाला जाता है और रात होते ही उसी कचरे में आग लगा दी जाती है, जिससे पूरा इलाका धुएं से भर जाता है।

    रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसका विरोध किया, लेकिन निगमकर्मी नहीं मानते। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 27 मई की रात कचरे में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया और फायर ब्रिगेड को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। वहीं 28 मई को भी दरोगा की मौजूदगी में कचरा डंप किए जाने का वीडियो सामने आया है।

    सूत्रों के मुताबिक पिछले दो महीनों में शहर में कचरा जलाने की 50 से अधिक शिकायतें फायर ब्रिगेड तक पहुंच चुकी हैं। औसतन रोजाना दो से तीन ऐसी घटनाएं दर्ज हो रही हैं, जिनमें कई बार आग आसपास की दुकानों और संपत्तियों तक पहुंचकर नुकसान भी पहुंचा चुकी है।

    नगर निगम की ओर से वार्ड पार्षद ने इस मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से शिकायत की है और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की बात कही है। वहीं जोन प्रभारी ने जांच के आदेश देते हुए कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान सामने आने से नगर निगम की कार्यप्रणाली और कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।