Category: Madhya Pradesh

  • सतना में सनसनी, पति-पत्नी के शव घर में फांसी के फंदे पर मिले

    सतना में सनसनी, पति-पत्नी के शव घर में फांसी के फंदे पर मिले


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में बुधवार को एक दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां पति-पत्नी के शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और इलाके में शोक का माहौल है। यह मामला रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के तिवनी गांव का है। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान 45 वर्षीय मंगलदीन कोरी और उनकी 43 वर्षीय पत्नी शकुंतला कोरी के रूप में हुई है।

    जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह घर का दरवाजा खुला हुआ था, लेकिन काफी देर तक अंदर से कोई हलचल नहीं होने पर पड़ोसियों को शक हुआ। इसके बाद आसपास के लोगों ने घर के अंदर जाकर देखा तो पति-पत्नी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और वजह है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • महाकालेश्वर मंदिर का श्रावण महोत्सव 2026, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की होगी प्रस्तुति

    महाकालेश्वर मंदिर का श्रावण महोत्सव 2026, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की होगी प्रस्तुति


    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में आगामी 30 जुलाई से 21वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन शुरू होने जा रहा है। धार्मिक आस्था और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े इस प्रतिष्ठित महोत्सव में देशभर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह महोत्सव वर्ष 2004 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रावण और भाद्रपद माह में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसमें संगीत, नृत्य और कला की विविध विधाओं का संगम देखने को मिलेगा।

    मंदिर समिति के अनुसार महोत्सव का आयोजन 30 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इस दौरान श्रावण और भाद्रपद माह के प्रत्येक शनिवार को विशेष सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी। इन कार्यक्रमों में देश के विभिन्न राज्यों से कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा, जो अपनी कला से श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।

    महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मंच देने वाला एक बड़ा सांस्कृतिक उत्सव माना जाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं। उज्जैन की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक विरासत को और भव्य बनाने वाला यह महोत्सव इस बार भी देशभर के कला प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र रहेगा।

  • मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई

    मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक मौतें, पन्ना में मृत मजदूरों को आज दी जाएगी अंतिम विदाई


    पन्ना । पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र में निर्माणाधीन कुएं की मिट्टी धंसने से हुई दर्दनाक दुर्घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों का पोस्टमार्टम कराने के बाद आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    यह हादसा अजयगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयापुरवा गांव में हुआ था, जहां निर्माणाधीन कुएं में काम के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गांव में मातम फैल गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    सभी मृत मजदूरों का पोस्टमार्टम अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिनका आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों में गहरा दुख और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी और पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला अजयगढ़ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल और अस्पताल का निरीक्षण किया तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

    अधिकारियों ने परिजनों को शासन और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवारों की मांगों के समाधान और राहत कार्यों को लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और ग्रामीण लगातार पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।

  • 12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

    12 घंटे ड्यूटी फिर भी वेतन नहीं, ग्वालियर में 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का फूटा गुस्सा


    ग्वालियर । ग्वालियर में लोगों की जान बचाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा खुद गंभीर बदहाली का शिकार होती नजर आ रही है। मेंटीनेंस की कमी, खराब वाहनों, डीजल संकट और कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने जैसे आरोपों ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

    मंगलवार को 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े चालक और EMT कर्मचारी अपनी समस्याएं लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखी। कर्मचारियों ने सेवा संचालन करने वाली JASS कंपनी पर लापरवाही और व्यवस्थाओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

    कर्मचारियों के मुताबिक जिले में संचालित सात से आठ एम्बुलेंस लंबे समय से मेंटीनेंस के अभाव में बंद पड़ी हैं। कई वाहनों के एयर कंडीशनर खराब हैं, जिससे भीषण गर्मी में मरीजों और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने बताया कि कई एम्बुलेंस की लाइटें खराब हैं और कुछ वाहन डीजल की कमी के कारण रास्ते में ही बंद हो जाते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो रहा है, जिससे उनकी जान पर भी खतरा बन सकता है।

    एम्बुलेंस कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार 12-12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा। वेतन में देरी और खराब कार्य परिस्थितियों से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे काम बंद करने को मजबूर हो सकते हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    इस पूरे मामले ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन और संबंधित कंपनी 108 एम्बुलेंस सेवा को पटरी पर लाने के लिए क्या कदम उठाते हैं, क्योंकि इसका सीधा असर मरीजों की जिंदगी पर पड़ सकता है।

  • भोपाल का पानी RO से भी ज्यादा शुद्ध? मेयर मालती राय ने प्लांट में खुद पिया पानी

    भोपाल का पानी RO से भी ज्यादा शुद्ध? मेयर मालती राय ने प्लांट में खुद पिया पानी

    भोपाल । भोपाल में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत और गंदे पानी की शिकायतों को लेकर चल रहे विवाद के बीच नगर निगम ने लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की है। इसी कड़ी में मंगलवार को भोपाल की मेयर मालती राय ने अरेरा हिल्स स्थित वॉटर फिल्ट्रेशन प्लांट का औचक निरीक्षण किया और वहां पहुंचकर खुद ट्रीटेड पानी का गिलास पीकर उसकी शुद्धता का दावा किया।

    मेयर मालती राय ने कहा कि अपर लेक से सप्लाई होने वाला पानी पूरी तरह सुरक्षित है और यह RO से भी बेहतर गुणवत्ता का है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और निगम के जल सप्लाई सिस्टम पर भरोसा रखने की अपील की। निरीक्षण के दौरान भाजपा पार्षद रवींद्र यति और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे।

    अधिकारियों ने मेयर को जानकारी दी कि एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब में पानी के सैंपल की जांच की गई है, जिसमें पीएच लेवल, टीडीएस, टर्बिडिटी और बैक्टीरियल सेफ्टी सभी मानकों के अनुरूप पाए गए हैं। नगर निगम का दावा है कि अब तक 20 हजार से अधिक पानी के सैंपल की जांच की जा चुकी है और सभी रिपोर्ट संतोषजनक रही हैं।

    हालांकि दूसरी ओर शहर में लो-प्रेशर और गंदे पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अधिकारियों ने माना कि बार-बार बिजली कटौती होने से पंपिंग सिस्टम प्रभावित होता है, जिसके कारण कई इलाकों में पानी का दबाव कम हो जाता है। सिस्टम को दोबारा शुरू करने में समय लगने से सप्लाई प्रभावित हो रही है।

    नगर निगम के आंकड़े भी शहर की जल व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर रहे हैं। निगम के अनुसार 1 जनवरी से अब तक 5,610 पाइपलाइन लीकेज सुधारे गए हैं। इसका मतलब है कि पिछले करीब पांच महीनों में रोज औसतन 38 पाइपलाइन लीकेज सामने आए हैं।

    इसके अलावा नगर निगम ने 15 हजार से अधिक सीवेज चैंबरों की सफाई भी कराई है ताकि जलभराव और ओवरफ्लो जैसी समस्याओं को रोका जा सके। बावजूद इसके विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लांट का पानी भले शुद्ध हो, लेकिन पुरानी और बार-बार टूटने वाली पाइपलाइनें घरों तक पहुंचते-पहुंचते पानी को दूषित कर सकती हैं। मेयर के इस निरीक्षण और दावे के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर निगम पानी की गुणवत्ता के साथ वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए कितनी तेजी से काम करता है।

  • मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल

    मुरैना में हैरान करने वाला कांड, स्कूटर पर पिस्टल लोड करते समय चली गोली, दोनों घायल


    मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो युवकों ने खुद पर चली गोलियों को गैंगवार और हमले का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच और CCTV फुटेज ने पूरी सच्चाई उजागर कर दी।

    घटना मंगलवार को गर्ल्स स्कूल रोड इलाके में हुई, जब अचानक गोलियों की आवाज सुनकर इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूटर पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और दोनों को तीन-तीन गोलियां लगीं। शुरुआत में मामला किसी आपसी रंजिश या गैंगवार जैसा दिखाई दिया, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई।

    पुलिस के अनुसार घायल युवकों की पहचान गोपालपुरा निवासी राहुल सिकरवार और पुराना चुंगी नाका निवासी निखिल तिवारी के रूप में हुई है। दोनों एक स्कूटर पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे बैठे युवक ने अपनी अवैध पिस्टल निकाली और चलते वाहन पर ही उसे लोड करने लगा।

    जांच में सामने आया कि जैसे ही स्कूटर एक स्पीड ब्रेकर से गुजरा, जोरदार झटका लगने से युवक का संतुलन बिगड़ गया और पिस्टल से लगातार कई राउंड फायर हो गए। अचानक हुई फायरिंग में दोनों युवक खुद ही गोलियों की चपेट में आ गए।

    पुलिस ने जब सड़क किनारे लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी तो पूरी घटना साफ हो गई। फुटेज में स्कूटर के झटके के बाद गोली चलने और दोनों युवकों के घायल होने की घटना कैद हो गई। इसके बाद पुलिस को समझ आ गया कि यह किसी गैंगवार का मामला नहीं बल्कि लापरवाही और अवैध हथियार के इस्तेमाल का मामला है।

    इस घटना ने एक बार फिर चंबल क्षेत्र में अवैध हथियारों के बढ़ते इस्तेमाल और युवाओं में हथियारों के क्रेज को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस्तेमाल की गई पिस्टल प्रतिबंधित श्रेणी की और बेहद खतरनाक मानी जा रही है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है। उनकी हालत स्थिर होने के बाद पुलिस आधिकारिक बयान दर्ज करेगी। इसके बाद आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • श्योपुर में हड़कंप, दुकान विवाद में न्याय न मिलने पर बुजुर्ग ने कलेक्ट्रेट में की आत्मघाती कदम

    श्योपुर में हड़कंप, दुकान विवाद में न्याय न मिलने पर बुजुर्ग ने कलेक्ट्रेट में की आत्मघाती कदम

    श्योपुर । श्योपुर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां शिकायतों से परेशान एक बुजुर्ग ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    मृतक की पहचान देवेंद्र गोयल के रूप में हुई है, जो सब्जी मंडी क्षेत्र में दुकान के मालिक थे। बताया जा रहा है कि उनकी दुकान पर उनके ही परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा कब्जा कर लिया गया था। इस मामले को लेकर वह लंबे समय से न्याय की गुहार लगा रहे थे।

    परिजनों और जानकारी के अनुसार, देवेंद्र गोयल ने 28 फरवरी को दुकान पर कब्जे की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्होंने 2 मार्च से लेकर 26 मई तक कई बार लिखित आवेदन दिए, लेकिन आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे वे लगातार परेशान चल रहे थे।

    मंगलवार को वह अपनी समस्या लेकर श्योपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जनसुनवाई चल रही थी। उस समय कलेक्टर शीला दाहिमा मौजूद नहीं थीं। डेप्युटी कलेक्टर देवेंद्र मीणा ने उनका आवेदन लिया। इसके बाद बाहर निकलते ही बुजुर्ग ने सल्फास खा लिया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

    घटना के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह तीन बार जनसुनवाई में आ चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी मौत हो गई।

    बताया जा रहा है कि पहले उन्होंने पुलिस में भी शिकायत दी थी, लेकिन मामला राजस्व विभाग से जुड़ा होने के कारण उन्हें वहां भेज दिया गया था। इसके बाद से वह लगातार दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • मध्यप्रदेश में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: E-5 हाथी को मिला सहारा, तनाव में था हिंसक व्यवहार

    मध्यप्रदेश में बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन: E-5 हाथी को मिला सहारा, तनाव में था हिंसक व्यवहार


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल और अनूपपुर वन क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का कारण बना जंगली हाथी E-5 आखिरकार वन विभाग की टीम द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। इस हाथी पर तीन ग्रामीणों की मौत और कई मवेशियों व घरों को नुकसान पहुंचाने के आरोप थे, जिसके चलते इसे अत्यंत खतरनाक माना जा रहा था।

    लेकिन इस पूरे ऑपरेशन में जो बात सामने आई, उसने विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, E-5 वास्तव में स्वभाव से हिंसक नहीं था, बल्कि अपने झुंड से अलग हो जाने के कारण लंबे समय से अकेलेपन और तनाव में था। माना जा रहा है कि इसी मानसिक स्थिति ने उसके व्यवहार को आक्रामक बना दिया था।

    रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित पालतू हाथी रामा को मैदान में उतारा गया। आमतौर पर जंगली हाथी अन्य हाथियों या इंसानों के संपर्क में आने पर आक्रामक हो जाते हैं, लेकिन E-5 ने रामा को देखते ही अलग व्यवहार दिखाया। वह शांत हुआ और धीरे-धीरे उसके करीब आने लगा। विशेषज्ञों ने इसे सामाजिक जुड़ाव की तलाश के रूप में देखा।

    वन विभाग की टीम ने इससे पहले 22 मई को हाथी को काबू में करने की कोशिश की थी, लेकिन वह प्रयास असफल रहा था। उस दौरान E-5 ने पिंजरा और GPS कॉलर तक तोड़ दिया था। इसके बाद रणनीति बदली गई और रातों-रात एक नया प्लान तैयार किया गया।

    मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. समिता राजौरा के नेतृत्व में अगले चरण में पालतू हाथियों और माहूतों की मदद से उसे सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर पहनाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ रेंज में शिफ्ट किया गया।

    अब E-5 को अन्य हाथियों के झुंड के करीब रखा गया है, ताकि वह दोबारा सामाजिक वातावरण में लौट सके और सामान्य जीवन जी सके। यह पूरा मामला वन्यजीव व्यवहार और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई समझ भी सामने लाता है।

  • रेत माफिया का कहर: चेकिंग के दौरान आरक्षक पर चढ़ाया ट्रैक्टर, हालत गंभीर

    रेत माफिया का कहर: चेकिंग के दौरान आरक्षक पर चढ़ाया ट्रैक्टर, हालत गंभीर


    भोपाल । बालाघाट जिले के लालबर्रा थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान रेत माफिया की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कामथी क्षेत्र में मंगलवार देर शाम चेकिंग के दौरान एक ट्रैक्टर चालक ने पुलिस आरक्षक पर वाहन चढ़ा दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    जानकारी के अनुसार, लालबर्रा थाने में पदस्थ आरक्षक सुनील और राजेश्वर रहांगडाले को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में अवैध रेत का परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर दोनों आरक्षक मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान जब पुलिस टीम घटनास्थल का वीडियो बनाने लगी, तभी ट्रैक्टर चालक ने अचानक वाहन आरक्षक राजेश्वर रहांगडाले पर चढ़ा दिया।

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल आरक्षक को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें गोंदिया रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और स्थिति गंभीर बनी हुई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात आईजी ललित शाक्यवार और एसपी आदित्य मिश्रा जिला अस्पताल पहुंचे और घायल आरक्षक का हाल जाना। अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

    आईजी ललित शाक्यवार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक को पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध रेत खनन और माफिया के बढ़ते हौसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

  • उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप

    उज्जैन रेलवे ट्रैक पर बड़ी वारदात वंदे भारत ट्रेन पर पथराव से मचा हड़कंप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब तेज रफ्तार वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन पर अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। यह घटना उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 200 मीटर दूर गदा पुलिया और नीलगंगा रेलवे ट्रैक के बीच हुई, जिसमें ट्रेन के पांच से अधिक कोचों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

    जानकारी के अनुसार घटना शाम लगभग 7:30 बजे की है, जब वंदे भारत ट्रेन अपने निर्धारित रफ्तार से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैक किनारे मौजूद कुछ युवकों ने अचानक ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज था कि कोच C/6, C/7, C/8, C/9, E/1 और E/2 के विंडो ग्लास और पिलर ग्लास टूट गए। अचानक हुए हमले से ट्रेन में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई। इसके बावजूद अचानक कांच टूटने की आवाजों से कई यात्री घबरा गए और कुछ देर के लिए कोचों में भय का माहौल बना रहा। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन और अधिकारियों को घटना की सूचना दी। ट्रेन को रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ी और यह अपने तय समय पर आगे रवाना हो गई।

    घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। उप निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व में टीम ने प्रभावित कोचों की जांच की और यात्रियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    सामने आए CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध युवक ट्रेन के आने से पहले ट्रैक के आसपास घूमते दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही ट्रेन पास आई, वे पथराव कर मौके से फरार हो गए। प्रारंभिक जांच में इसे अचानक किया गया हमला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।

    इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, क्योंकि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों की जल्द पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ट्रैक के आसपास निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।