Category: Madhya Pradesh

  • विंध्य के विकास को मिलेगी नई गति उपाध्यक्ष बने डॉ पटेल को उप मुख्यमंत्री का आशीर्वाद

    विंध्य के विकास को मिलेगी नई गति उपाध्यक्ष बने डॉ पटेल को उप मुख्यमंत्री का आशीर्वाद


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों के बीच एक महत्वपूर्ण मुलाकात चर्चा में रही जब उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से विंध्य विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह पटेल ने सौजन्य भेंट की

    मंत्रालय में हुई इस मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री ने डॉ पटेल को उनके नए दायित्व के लिए आत्मीय बधाई और शुभकामनाएं दी इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र के विकास के लिए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण साबित होगी और उनसे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की अपेक्षा है

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने डॉ पटेल के उज्ज्वल कार्यकाल की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे अपने अनुभव और नेतृत्व क्षमता के बल पर विंध्य क्षेत्र में विकास कार्यों को नई दिशा देंगे उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना और हर क्षेत्र को समान रूप से विकसित करना है जिसमें विंध्य अंचल की भूमिका बेहद अहम है

    डॉ अजय सिंह पटेल ने भी इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे उन्होंने विंध्य क्षेत्र के विकास को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे शिक्षा स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में ठोस काम किया जाएगा

    विंध्य विकास प्राधिकरण क्षेत्र के विकास के लिए बनाई गई एक महत्वपूर्ण संस्था है जिसका उद्देश्य विंध्य अंचल में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और विकास योजनाओं को गति देना है इस संस्था के माध्यम से क्षेत्र में सड़कों जल संसाधनों शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए योजनाएं लागू की जाती हैं

    इस मुलाकात को विंध्य क्षेत्र के विकास के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है जहां सरकार और प्राधिकरण मिलकर क्षेत्र को नई दिशा देने की कोशिश करेंगे आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस नई जिम्मेदारी के साथ विंध्य क्षेत्र में विकास की रफ्तार किस तरह आगे बढ़ती है

  • जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में जल क्रांति ,पुराने तालाब और स्रोतों को मिल रहा नया जीवन

    जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में जल क्रांति ,पुराने तालाब और स्रोतों को मिल रहा नया जीवन


    भोपाल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान एक बड़े जनआंदोलन के रूप में उभरता नजर आ रहा है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू इस पहल का उद्देश्य केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है बल्कि लोगों में जल के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी है यही कारण है कि यह अभियान अब प्रशासनिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर जनभागीदारी का उदाहरण बन चुका है

    जिले में इस अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है वर्षों से उपेक्षित पड़े तालाबों कुओं और जल संरचनाओं की साफ सफाई और जीर्णोद्धार किया जा रहा है ताकि वर्षा जल का बेहतर संचयन हो सके और भूजल स्तर में सुधार आए प्रशासन के अनुसार यह पहल आने वाले समय में जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी

    कलेक्टर डॉ केदार सिंह और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम प्रजापति के निर्देशन में जिले की ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में बड़े पैमाने पर काम चल रहा है जल गंगा अभियान के तहत तालाबों की सफाई शोक पिट निर्माण रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अन्य जल संरक्षण गतिविधियों को तेजी से पूरा किया जा रहा है

    आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से 1006 कार्य पूरे हो चुके हैं जबकि 2834 कार्य अभी प्रगति पर हैं खेत तालाब निर्माण के तहत 3217 कार्य स्वीकृत हुए हैं जिनमें 722 पूर्ण और 1902 प्रगतिरत हैं ब्यौहारी बुढार गोहपारू जयसिंहनगर और सोहागपुर जैसे क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर काम हो रहा है जिससे ग्रामीण इलाकों में जल उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है

    इसके अलावा डगवेल रिचार्जिंग अमृत सरोवर जल संरक्षण और वाटरशेड से जुड़े कई प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के 105 कार्यों में से 53 पूरे हो चुके हैं जो इस अभियान की गति को दर्शाते हैं

    नगरीय निकायों में भी जल संरक्षण को लेकर विशेष पहल की जा रही है जहां जल ग्रहण संरचनाओं का निर्माण नाले नालियों की सफाई और सौंदर्यीकरण रेन वाटर हार्वेस्टिंग और प्याऊ की स्थापना जैसे कार्य पूरे किए जा चुके हैं यह प्रयास न केवल जल संरक्षण में मदद करेंगे बल्कि शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन को भी मजबूत बनाएंगे

    उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का रोपण और सूक्ष्म सिंचाई के विस्तार पर काम किया जा रहा है वहीं जन अभियान परिषद द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है प्रभात फेरियां जल चौपाल कलश यात्राएं और वृक्ष पूजन जैसे कार्यक्रमों ने इस पहल को सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया है

    कुल मिलाकर शहडोल में चल रहा यह अभियान एक सकारात्मक बदलाव की ओर इशारा करता है जहां प्रशासन और जनता मिलकर जल संरक्षण की दिशा में काम कर रहे हैं यदि इसी गति से प्रयास जारी रहे तो आने वाले समय में यह क्षेत्र जल संकट से काफी हद तक उबर सकता है और अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है

  • घंटे मिनट नहीं सूर्योदय से चलता समय काशी विश्वनाथ में लगी वैदिक घड़ी बनी आकर्षण का केंद्र

    घंटे मिनट नहीं सूर्योदय से चलता समय काशी विश्वनाथ में लगी वैदिक घड़ी बनी आकर्षण का केंद्र


    भोपाल/काशी । काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी इन दिनों खास चर्चा का विषय बनी हुई है यह घड़ी केवल समय बताने का साधन नहीं बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और वैदिक कालगणना को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान इस अनोखी घड़ी का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली को करीब से समझा जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ गई है

    यह वैदिक घड़ी मूल रूप से मध्य प्रदेश के उज्जैन से जुड़ी पहल है जिसे वहां के विद्वानों ने तैयार किया है उज्जैन को प्राचीन काल से ही समय गणना और खगोलीय अध्ययन का केंद्र माना जाता रहा है यही वजह है कि इस घड़ी का नाम भी महान सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर रखा गया है इस घड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पारंपरिक घंटे और मिनट के आधार पर नहीं बल्कि सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक के समय चक्र पर आधारित है

    इस घड़ी के माध्यम से केवल समय ही नहीं बल्कि सूर्योदय सूर्यास्त मुहूर्त ग्रहों की स्थिति और पंचांग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त की जा सकती हैं यानी यह एक तरह से वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों पहलुओं को साथ लेकर चलने वाली प्रणाली है जो आधुनिक और प्राचीन ज्ञान का संगम प्रस्तुत करती है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घड़ी को देखने के बाद इसके तकनीकी और पारंपरिक पहलुओं को विस्तार से जाना बताया जाता है कि उन्होंने इसकी संरचना और कार्यप्रणाली को लेकर विशेष रुचि दिखाई इससे पहले भी वे उज्जैन में इस घड़ी के लोकार्पण से जुड़े रहे हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है

    इस घड़ी को हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किया गया था जिसके बाद इसे काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित किया गया अब यह घड़ी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है जो यहां आकर न केवल दर्शन करते हैं बल्कि इस अनोखी समय प्रणाली को भी समझने की कोशिश करते हैं

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इस वैदिक घड़ी को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हैं उनका मानना है कि भारत की पारंपरिक समय गणना प्रणाली को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए वे उज्जैन को प्राइम मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रहे हैं उनका तर्क है कि वर्तमान में प्रचलित ग्रीनविच मीन टाइम पश्चिमी सोच पर आधारित है जिसमें दिन की शुरुआत आधी रात से मानी जाती है जबकि भारतीय परंपरा में सूर्योदय को दिन की शुरुआत माना जाता है

    उज्जैन की भौगोलिक स्थिति कर्क रेखा के पास होने के कारण इसे खगोलीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है यही कारण है कि यहां विकसित की गई वैदिक घड़ी को वैज्ञानिक आधार पर भी सटीक बताया जा रहा है

    कुल मिलाकर यह पहल केवल एक घड़ी तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैज्ञानिक सोच को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह वैदिक समय प्रणाली कितनी व्यापक स्वीकृति प्राप्त कर पाती है

  • सीहोर में दामोदर यादव का तीखा वार सदियों की गुलामी का हिसाब होगा अब बदलने वाली है सियासत

    सीहोर में दामोदर यादव का तीखा वार सदियों की गुलामी का हिसाब होगा अब बदलने वाली है सियासत

    सीहोर । मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गई जब आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने अपने तीखे और आक्रामक भाषण से सियासी माहौल को गर्म कर दिया बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर ग्राम बरखेड़ा कुर्मी में आयोजित इस कार्यक्रम में देर रात तक लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और यादव के भाषण ने पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज कर दी

    रात करीब 11 बजे शुरू हुआ यह संबोधन देर रात 1 बजे तक चला जिसमें दामोदर यादव ने अपने खास अंदाज में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत स्थानीय बुंदेली और मालवी लहजे से करते हुए लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया और फिर सामाजिक न्याय तथा सत्ता में भागीदारी के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया

    यादव ने कहा कि जो लोग आज उनकी विचारधारा और यात्रा को रोकने की कोशिश कर रहे हैं वे दरअसल समाज में आ रही जागरूकता से डरे हुए हैं उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट तक चिट्ठियां भेजी जा रही हैं ताकि उनके आंदोलन को रोका जा सके लेकिन अब यह रुकने वाला नहीं है

    अपने भाषण में उन्होंने सबसे बड़ा संदेश दलित और पिछड़ा वर्ग की एकता को लेकर दिया उन्होंने कहा कि जिस दिन यह दोनों वर्ग एकजुट हो जाएंगे उस दिन देश की राजनीति की दिशा और दशा दोनों बदल जाएंगी उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हों और अपनी ताकत को पहचानें

    घोड़ी पर चढ़ने को लेकर समाज में होने वाले विवादों पर भी यादव ने तीखा कटाक्ष किया उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सदियों तक कुछ वर्गों को दबाकर रखा अब वही लोग डर रहे हैं उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है और अब जो भेदभाव करेंगे उन्हें जवाब मिलेगा उनका यह बयान सभा में मौजूद लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना रहा

    दामोदर यादव ने बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के संघर्ष और उनके योगदान को याद करते हुए लोगों से अपने वोट की ताकत को समझने की अपील की उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी शक्ति वोट है और अगर सही तरीके से इसका इस्तेमाल किया जाए तो सत्ता की तस्वीर बदली जा सकती है

    इस कार्यक्रम में भीम युवा संगठन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए आसपास के गांवों से भी लोग देर रात तक कार्यक्रम में डटे रहे और पूरा माहौल जय भीम के नारों से गूंजता रहा

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीहोर जिले में आजाद समाज पार्टी लगातार अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और इस तरह की आक्रामक सभाएं आने वाले चुनावों की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं दामोदर यादव के इस भाषण को भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है

  • नर्मदापुरम में क्रेडिट की सियासत शिवराज के स्वागत में दिखीं सांसद लेकिन पोस्ट से गायब हुआ नाम

    नर्मदापुरम में क्रेडिट की सियासत शिवराज के स्वागत में दिखीं सांसद लेकिन पोस्ट से गायब हुआ नाम

    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में एक साधारण सा स्वागत कार्यक्रम अचानक सियासी चर्चा का केंद्र बन गया जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दौरे के दौरान हुई एक छोटी सी सोशल मीडिया गतिविधि ने बड़े सवाल खड़े कर दिए इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजनीति में हर तस्वीर और हर शब्द के अपने मायने होते हैं

    मंगलवार रात करीब 10 बजकर 10 मिनट पर शिवराज सिंह चौहान का काफिला भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी के जनता कार्यालय पहुंचा जहां उनका भव्य स्वागत किया गया ढोल नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच उन्हें पारंपरिक तरीके से हल भेंट किया गया कार्यक्रम छोटा था और शिवराज सिंह करीब 10 मिनट रुककर आगे बढ़ गए लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया

    कार्यक्रम के बाद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्वागत की तस्वीरें साझा कीं इन तस्वीरों में क्षेत्र के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता नजर आए पोस्ट में विधायकों और जिला अध्यक्ष का नाम विस्तार से लिखा गया लेकिन हैरानी की बात यह रही कि राज्यसभा सांसद माया नारोलिया का नाम पूरी तरह से गायब था

    दिलचस्प पहलू यह है कि जिन तस्वीरों को पोस्ट किया गया उनमें माया नारोलिया स्पष्ट रूप से सामने की पंक्ति में खड़ी दिखाई दे रही हैं वह विधायक के ठीक बगल में मुस्कुराती नजर आती हैं यानी उनकी मौजूदगी किसी से छिपी नहीं थी इसके बावजूद पोस्ट में उनका नाम शामिल न होना कई सवाल खड़े कर रहा है

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह महज एक मानवीय भूल है या फिर इसके पीछे कोई सियासी रणनीति या आंतरिक खींचतान छिपी हुई है कई लोग इसे भाजपा के भीतर चल रही क्रेडिट की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं जहां बड़े नेताओं के कार्यक्रमों में अपने योगदान को प्रमुखता देने की होड़ रहती है

    राजनीति में क्रेडिट लेना और देना दोनों ही अहम माना जाता है ऐसे में किसी वरिष्ठ नेता का नाम नजरअंदाज करना सामान्य बात नहीं मानी जाती खासकर तब जब वह कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद हों यही वजह है कि इस छोटी सी चूक ने बड़ा रूप ले लिया है और सोशल मीडिया पर लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं

    हालांकि इस मामले पर अभी तक किसी भी नेता की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन जिस तरह से यह मुद्दा चर्चा में आया है उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह सियासी समीकरणों पर असर डाल सकता है

    यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आज के दौर में सोशल मीडिया केवल जानकारी साझा करने का माध्यम नहीं बल्कि राजनीति का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है जहां एक छोटी सी पोस्ट भी बड़े राजनीतिक संदेश दे सकती है और कभी कभी अनजाने में ही विवाद का कारण बन जाती है

  • 600 से ज्यादा कॉलेज निकले फर्जी हाईकोर्ट सख्त CBI और नर्सिंग काउंसिल को जवाब देना होगा

    600 से ज्यादा कॉलेज निकले फर्जी हाईकोर्ट सख्त CBI और नर्सिंग काउंसिल को जवाब देना होगा


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब जवाबदेही से बचना संभव नहीं होगा इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने CBI इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को अगली तारीख से पहले विस्तृत हलफनामा और प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं

    मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है कोर्ट ने CBI को निर्देशित किया है कि वह अगली सुनवाई तक यह स्पष्ट करे कि जांच के दौरान किन व्यक्तियों और संस्थानों की संलिप्तता सामने आई है और अब तक उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है

    इसके साथ ही इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को भी यह बताने को कहा गया है कि उन्होंने उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जिन्होंने मानकों को नजरअंदाज कर अनुपयुक्त कॉलेजों को मान्यता दी इन संस्थाओं को अपने हलफनामे में स्पष्ट करना होगा कि किन प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाइयों के जरिए ऐसे कॉलेजों को बढ़ावा देने वाले जिम्मेदार लोगों पर शिकंजा कसा गया है

    यह पूरा मामला उस जनहित याचिका से जुड़ा है जिसे लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने दायर किया था याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2020-21 के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में फर्जी और अमानक नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता दी गई जिसके चलते शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए

    हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जब CBI ने जांच शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए करीब 800 नर्सिंग कॉलेजों की जांच में से लगभग 600 कॉलेज या तो पूरी तरह से अनुपयुक्त पाए गए या उनमें बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी कई कॉलेजों में भवन लैब लाइब्रेरी और अनुभवी शिक्षकों जैसी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद ही नहीं थीं इतना ही नहीं कुछ संस्थान केवल कागजों पर संचालित हो रहे थे और कई जगह एक ही शिक्षक या प्रिंसिपल को कई कॉलेजों में कार्यरत दिखाया गया था

    मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब याचिकाकर्ता की ओर से यह आरोप लगाया गया कि CBI द्वारा अपात्र घोषित किए गए 117 कॉलेजों के छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों में स्थानांतरित करने के बजाय उन्हीं कॉलेजों में परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं इससे छात्रों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं

    दूसरी ओर मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने कोर्ट से परीक्षाओं और परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी है हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लेते हुए दोनों पक्षों के आवेदन लंबित रखे हैं और साफ किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा

    अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं यह देखना अहम होगा कि जांच एजेंसियां और संबंधित संस्थाएं कोर्ट के सामने क्या जवाब पेश करती हैं और इस बड़े घोटाले में कितनों पर कार्रवाई होती है

  • सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा

    सेना की ट्रेन रोकने की साजिश का अंत खंडवा रेलवे कोर्ट ने ट्रैकमैन को सुनाई 6 साल की सजा


    खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को रोकने के सनसनीखेज मामले में आखिरकार न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है और रेलवे कोर्ट ने इस गंभीर अपराध में शामिल आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है इस फैसले ने न केवल रेलवे सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश दिया है बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

    इस मामले में आरोपी रेलवे कर्मचारी साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उसे 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है यह घटना 18 सितंबर 2024 की है जब जम्मू कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को खंडवा के डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच अचानक रोकना पड़ा था

    दरअसल रेलवे ट्रैक पर लगाए गए डेटोनेटर के फटने से ट्रेन को आपात स्थिति में रोकना पड़ा था जिससे यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था यह मामला बेहद संवेदनशील था क्योंकि इसमें सेना की विशेष ट्रेन शामिल थी ऐसे में किसी भी बड़ी घटना की आशंका को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की गई

    घटना के बाद रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी थी रेलवे टीआई संजीव कुमार और उनकी टीम ने मौके से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया इस दौरान आरपीएफ की टीम और श्वान दस्ते के कुत्ते जेम्स की मदद से करीब 8 किलोमीटर तक सर्चिंग अभियान चलाया गया

    इस सर्चिंग के दौरान मिले सुरागों के आधार पर रेलवे कर्मचारी साबिर की पहचान हुई पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया जिससे जांच एजेंसियों को मामले की कड़ी जोड़ने में आसानी हुई इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी एनआईए और एटीएस जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हुई थीं

    जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए और इसके बाद मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया जहां विस्तृत सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई इस फैसले को रेलवे सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है

    यह मामला इस बात का उदाहरण है कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या आपराधिक कृत्य कितने गंभीर परिणाम ला सकते हैं अदालत के इस फैसले से यह संदेश गया है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

    इस पूरे घटनाक्रम ने रेलवे सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और यात्रियों के साथ साथ देश की महत्वपूर्ण सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके

  • MP: पांचवें बच्चे का जन्म सुनकर दंग रह गईं मैहर कलेक्टर…. प्रसूता को दी समझाइश

    MP: पांचवें बच्चे का जन्म सुनकर दंग रह गईं मैहर कलेक्टर…. प्रसूता को दी समझाइश


    मैहर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मैहर की कलेक्टर (Maihar: Collector) IAS बिदिशा मुखर्जी (IAS Bidisha Mukherjee) इन दिनों अपने सख्त और संवेदनशील तेवरों के लिए चर्चा में हैं. हाल ही में जब वे मैहर के सिविल अस्पताल (Maihar Civil Hospital) का औचक जायजा लेने पहुंचीं, तो वहां का नजारा देख वह खुद को रोक नहीं पाईं और एक ‘सुपर वुमेन’ की तरह समाज की कुरीतियों पर दहाड़ती नजर आईं. पांचवें बच्चे का जन्म सुनकर दंग रह गईं…

    अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को जब यह पता चला कि एक महिला ने अपने पांचवें बच्चे को जन्म दिया है, तो वे दंग रह गईं. उन्होंने महिला के पास जाकर बड़ी ही आत्मीयता, लेकिन दृढ़ता के साथ उसे समझाइश दी कि आज के महंगाई के दौर में इतने बच्चों का पालन-पोषण, उनकी अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखना कितना चुनौतीपूर्ण है. कलेक्टर ने महिला से सीधे सवाल किया कि आखिर इतने बड़े परिवार का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा?


    अस्पताल में उनके इस तेवर ने वहां मौजूद कर्मचारियों और मरीजों के परिजनों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया. यह पूरा घटनाक्रम समाज की उस गहरी सोच पर प्रहार करता है जहां आज भी ‘पुत्र प्राप्ति’ या अन्य सामाजिक कारणों से लगातार बच्चे पैदा किए जाते हैं।


    महिला सशक्तिकरण का दिया उदाहरण

    कलेक्टर ने समाज को आईना दिखाते हुए कहा कि आज जमाना बदल गया है. उन्होंने उदाहरण दिया कि “आज मध्य प्रदेश में 31% कलेक्टर महिलाएं हैं, हमारी पूरी टीम महिलाओं की है. फिर यह भेदभाव क्यों?”


    ग्राउंड स्टाफ को फटकार

    उन्होंने केवल महिला को ही नहीं टोका, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के अमले और मैदानी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल दागे. कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आखिर परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता अभियान कहां है? उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि विभाग सिर्फ कागजों पर काम न करे, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों को छोटे परिवार के फायदों और मातृ स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूक करे।

    कलेक्टर ने अस्पताल में मिल रहे भोजन की क्वालिटी की भी जांच की और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए यह भी स्वीकार किया कि मैहर एक नया जिला है और यहां महिला रोग विशेषज्ञ, नेफ्रोलॉजिस्ट और ऑर्थोपेडिक सर्जन जैसे विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने के लिए वे निरंतर प्रयास कर रही हैं।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड… भाई गोविन्द बोला- सोनम इंदौर आई तो उनके घर में नहीं रहेगी

    राजा रघुवंशी हत्याकांड… भाई गोविन्द बोला- सोनम इंदौर आई तो उनके घर में नहीं रहेगी


    इंदौर।
    राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi murder case) की मुख्य आरोपी सोनम (Sonam) को मेघालय कोर्ट ने जमानत (Meghalaya court Grants Bail) दे दी है। राजा के परिवारवालों का आरोप है कि जमानत मिलने में सोनम के भाई गोविंद ने भी उसकी मदद की है। अब इस मामले में गोविंद का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अगर राजा का परिवार हाई कोर्ट जाना चाहता है तो उन्हें जाना चाहिए। वहीं ये पूछे जाने पर कि क्या वह सोनम की जमानत का विरोध करते है, उन्होंने कहा कि कानून के हिसाब से जो हुआ सही हुआ। इसी के साथ उन्होंने ये भी साफ किया है कि सोनम इंदौर आ भी गई तो उनके घर में नहीं रहेगी।

    गोविंद ने कहा, मुझे भी पता चला है कि सोनम को जमानत मिल गई है, लेकिन ऑर्डर की कॉपी आना बाकी है। मुझे भी मीडिया के जरिए पता चला कि बेल मिल गई है। हमारे पास अभी तक कोई प्राइवेट वकील नहीं है। सरकार द्वारा नियुक्त वकील अभी इस केस में लगे हुए हैं। । मुझे नहीं पता कि वह कब रिहा होंगी, कहां रहेंगी या शिलांग में होंगी या नहीं।

    सोनम की जमानत करवाने के आरोपों पर गोविंद ने कहा, मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है। जेल में सोनम से मिलने से पहले मैंने राजा के भाई को साफ-साफ बता दिया था कि मुझे कुछ कागजी कार्रवाई करनी है। मैंने उन्हें पहले ही साफ-साफ बता दिया था। गोविंद ने कहा, हम सोनम को अभी घर में नहीं रखेंगे। यह संभव नहीं है। सोनम की जमानत पर उन्होंने कहा, यह एक कानूनी फैसला है और कानून के हिसाब से जो हुआ, सही हुआ। अगर यह सरकार का फैसला है, तो मैं इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। उन्होंने आगे कहा, अगर मेरे माता-पिता उसे घर लाना चाहते हैं, तो मैं घर पर नहीं रहूंगा।


    सीबीआई जांच की मांग

    इससे पहले सोनम को जमानत मिलने पर राजा के परिवार ने असंतोष जताया और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। राजा की भावुक मां उमा ने कहा कि सोनम उनके बेटे के हत्याकांड की कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता है और उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उसे जमानत कैसे मिल गई। उन्होंने कहा कि मेघालय पुलिस ने पिछले नौ महीने में इस मामले की अच्छी तरह जांच की, ‘लेकिन यह उनकी समझ से परे है कि महीने-दो महीने में खेल अचानक कैसे बदल गया?’ राजा की मां ने कहा, हम सरकार से एक ही मांग करते हैं कि हत्याकांड के शिकार मेरे बेकसूर बेटे को इंसाफ मिले। मुझे इस मामले में सीबीआई जांच चाहिए। राजा के बड़े भाई विपिन ने कहा कि उनका परिवार सोनम को जमानत देने के निचली अदालत के फैसले को मेघालय हाई कोर्ट में चुनौती देगा।

    10 महीने से जेल में बंद थी सोनम
    विपिन ने जांच में ‘हेर-फेर’ का संदेह जताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने उन्हें अब तक न तो चार्जशीट की कॉपी दी है, न ही उन्हें से ठीक से देखने का मौका मिला है। अधिकारियों ने बताया कि अपने पति राजा रघुवंशी की साजिशन हत्या में शामिल होने के आरोप में सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से नौ जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह 10 महीने से अधिक समय तक शिलांग के जिला कारागार में न्यायिक हिरासत के तहत बंद थी।

    राजा रघुवंशी का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। उनकी सोनम से शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को हनीमून के वास्ते मेघालय के लिए रवाना हुए थे। हनीमून के दौरान 23 मई को लापता राजा रघुवंशी का शव दो जून को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (जिसे चेरापूंजी भी कहा जाता है) में एक झरने के पास गहरी खाई में पाया गया था। राजा रघुवंशी हत्याकांड में शामिल होने के आरोप में उनकी पत्नी सोनम के साथ ही इस महिला के कथित प्रेमी राज कुशवाह और कुशवाह के तीन दोस्तों को भी गिरफ्तार किया गया था।

  • मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, भोपाल में मंगलवार रहा सीजन का सबसे गर्म दिन

    मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर, भोपाल में मंगलवार रहा सीजन का सबसे गर्म दिन

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल खजुराहो इस समय सबसे ज्यादा तप रहा है, जहां मंगलवार को तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में भी पारा 43.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो पिछले 10 वर्षों में दूसरा सबसे अधिक और इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा।

    मौसम में बदलाव का कारण सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन है, जिसकी वजह से राज्य के उत्तरी क्षेत्रों ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, बुधवार को प्रदेश के 15 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, विदिशा, सागर, रायसेन, मंडला और छिंदवाड़ा शामिल हैं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल केंद्र के अनुसार, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, सतना और रीवा में दिन के समय लू का प्रभाव रहेगा, जबकि शाम के बाद मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, बालाघाट, सिवनी और बैतूल में भी वर्षा की संभावना जताई गई है।

    भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इस समय लू का असर सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का प्रभाव अभी जारी रहने वाला है।

    मंगलवार को खजुराहो के अलावा कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार दर्ज किया गया। सीधी में 44.6 डिग्री और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रहा। वहीं रायसेन में 43.8, उमरिया में 43.5, खंडवा में 43.4, मुरैना में 43.3, मंडला में 43.2 और रतलाम-दमोह में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल 43.6 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि इंदौर में 42.2, जबलपुर में 42.7 और ग्वालियर व उज्जैन में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।