Category: Madhya Pradesh

  • NGT का बड़ा आदेश: भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए 100 दिन की विंटर एक्शन प्लान तैयारी अनिवार्य

    NGT का बड़ा आदेश: भोपाल में प्रदूषण रोकने के लिए 100 दिन की विंटर एक्शन प्लान तैयारी अनिवार्य


    भोपाल । भोपाल की लगातार बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल NGT ने मध्यप्रदेश सरकार और नगर निगम को सख्त निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने कहा है कि राजधानी में सर्दियों के दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स कई बार 300 के पार पहुंच जाता है, जो गंभीर स्थिति का संकेत है। इसी को देखते हुए ठंड शुरू होने से पहले 100 दिन का विस्तृत विंटर एक्शन प्लान तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।

    एनजीटी ने स्पष्ट कहा है कि अगर अभी से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली सर्दियों में वायु प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में मौजूद पीएम 2.5 और धूल के महीन कण स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं और ये हार्ट अटैक, स्ट्रोक, अस्थमा तथा अन्य श्वसन रोगों का बड़ा कारण बन रहे हैं।

    मामले में याचिकाकर्ता राशिद नूर खान ने बताया कि विशेषज्ञों ने खुले में कचरा, पत्तियां, बायोमास और फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। साथ ही पारंपरिक अलाव को भी प्रदूषण का बड़ा कारण बताया गया है, जिसके विकल्प के रूप में एलपीजी और इलेक्ट्रिक हीटर को बढ़ावा देने की बात कही गई है।

    एनजीटी ने अपने निर्देशों में खुले में कचरा जलाने, लकड़ी और कोयले के तंदूरों के उपयोग तथा निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर सख्त नियंत्रण लगाने को कहा है। इसके अलावा होटल, ढाबों और रेस्तरां में लकड़ी-कोयले के उपयोग को सीमित करने की सिफारिश भी की गई है। ट्रिब्यूनल ने शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और लो-इमिशन जोन विकसित करने जैसे उपायों पर जोर दिया है।

    साथ ही ई-रिक्शा, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की भी बात कही गई है, ताकि निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सके। निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य करने, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने और नागरिकों की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
    नगर निगम को नियमित सड़क सफाई, पानी का छिड़काव और डिवाइडरों की सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। एनजीटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर कदम की निगरानी के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की जाएगी, जो लगातार कार्रवाई की समीक्षा करेगी।

  • लालच का वायरस, बना कारण जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में 59 लाख की गड़बड़ी उजागर

    लालच का वायरस, बना कारण जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में 59 लाख की गड़बड़ी उजागर


    जबलपुर । जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग एक बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर चर्चा में है, जहां करीब 59 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग में हड़कंप मच गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

    यह मामला संजीवनी क्लीनिकों के कायाकल्प और NQAS सर्टिफिकेशन की तैयारियों के लिए जारी की गई राशि से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 58 संजीवनी क्लीनिकों को एक-एक लाख रुपये की राशि दी गई थी, ताकि रंगाई-पुताई और आवश्यक सुधार कार्य किए जा सकें, लेकिन आरोप है कि यह काम प्रस्तावित तरीके से पूरा नहीं हुआ।

    मामले के सामने आने के बाद यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि निर्धारित कार्यों के बिना ही पूरी राशि का उपयोग कर लिया गया। इसके चलते संजीवनी अस्पतालों और क्लीनिकों के सुधार कार्य अधूरे रह गए, जबकि सरकारी फंड खर्च हो चुका था।

    इस वित्तीय अनियमितता के उजागर होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सख्त रुख अपनाते हुए चार अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इनमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी, सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव, जिला क्वालिटी मॉनिटर शिखा गर्ग और लेखा प्रबंधक रेखा साहू शामिल हैं।

    अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि अगर तय मानकों के अनुसार NQAS सर्टिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ, तो संबंधित राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

  • बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर

    बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर


    खंडवा । खंडवा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। इसी के तहत व्यापक कॉम्बिंग गश्त और विशेष कार्रवाई करते हुए करीब 200 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को जिला बदर भी किया गया है।

    पुलिस ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत थानों पर गुंडा परेड कराई जा रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस के सामने लाकर सख्त संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में करीब 450 से 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें पुलिस बल के साथ होमगार्ड और वन विभाग की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर क्षेत्र में नजर रखी जा सके।

    पुलिस ने संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। गली मोहल्लों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

    इसके साथ ही साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    खंडवा एसपी अगम जैन ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है और शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई है, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान

    भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान


    भोपाल । भोपाल में एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, जहां एक IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हबीबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पॉश इलाके चार इमली की बताई जा रही है, जहां छात्रा ने अपने घर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

    जानकारी के अनुसार मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ रहती थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    मृतिका की पहचान IPS अधिकारी संजीव कंचन की बेटी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय PHQ में AIG के पद पर पदस्थ हैं। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा शोक फैल गया है।

    पुलिस को शुरुआती जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    जांच के तहत पुलिस मृतिका के मोबाइल फोन को खंगाल रही है, साथ ही उसके संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही इस पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

  • MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य

    MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य

    भोपाल । भोपाल में मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती 2026 के तहत प्रधान आरक्षक कंप्यूटर और सहायक उप निरीक्षक कंप्यूटर के कुल 89 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण की घोषणा कर दी गई है। चयनित उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 7 से 9 जून तक आयोजित की जाएगी।

    यह फिजिकल टेस्ट भोपाल के लाल परेड ग्राउंड और जबलपुर के परेड ग्राउंड तथा 6वीं वाहिनी विसबल रांझी में संपन्न होगा। इस चरण में अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़ सहित शारीरिक दक्षता से जुड़े अन्य परीक्षण किए जाएंगे। इसके साथ ही दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

    सहायक पुलिस महानिरीक्षक चयन एवं भर्ती गोपाल सिंह धाकड़ ने जानकारी दी कि ऑनलाइन परीक्षा के बाद अगले चरण के लिए सूचना पत्र जारी कर दिए गए हैं। उम्मीदवार मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अभ्यर्थियों को तय तारीख और स्थान पर ही उपस्थित होना अनिवार्य होगा और इसमें किसी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।

    भर्ती प्रक्रिया के दौरान आधार e-KYC का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी उम्मीदवारों को अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार नंबर लॉक न हो। इसके बिना सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा दस्तावेज परीक्षण के लिए अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति साथ लाना जरूरी होगा।

    गौरतलब है कि इस भर्ती के लिए परीक्षा 24 और 25 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 8 मई 2026 को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर जारी किया जा चुका है। अब चयनित उम्मीदवार शारीरिक दक्षता परीक्षा के अगले चरण में शामिल होंगे, जो अंतिम चयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • योग कार्यक्रम में चूक से विवाद , खजुराहो में VIP एंट्री पर NO ENTRY लिखने से मचा बवाल

    योग कार्यक्रम में चूक से विवाद , खजुराहो में VIP एंट्री पर NO ENTRY लिखने से मचा बवाल


    खजुराहो । खजुराहो में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के काउंटडाउन के तहत आयोजित योग महोत्सव के दौरान उस समय बड़ी लापरवाही सामने आ गई जब कार्यक्रम स्थल पर VIP एंट्री गेट पर ही नो एंट्री का बैनर लगा दिया गया। यह घटना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI विभाग की ओर से की गई व्यवस्था में गंभीर चूक मानी जा रही है, जिसे लेकर मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई।

    यह पूरा मामला खजुराहो के विश्व प्रसिद्ध पश्चिमी समूह मंदिर परिसर का है, जहां योग महोत्सव के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। इसी परिसर में VIP प्रवेश के लिए बनाए गए गेट पर अचानक NO ENTRY का बैनर नजर आया, जो कैमरों में कैद हो गया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, विभागीय अधिकारियों की नींद उड़ गई और तुरंत आनन फानन में बैनर को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। स्थिति को संभालने के लिए उस बैनर को लाल कपड़े से ढक दिया गया और उसे वहां से हटा दिया गया।

    दिलचस्प बात यह रही कि इसी VIP गेट से बाद में केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप जाधव योग महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम Yoga for Healthy Aging थीम पर आधारित था और इसका उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। लेकिन आयोजन से पहले हुई इस गलती ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।

    कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष मंत्री के अलावा प्रदेश के आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद वी.डी. शर्मा और राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े।

    इसी कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने आयुष क्षेत्र के विस्तार और विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी साझा कीं। बताया गया कि राज्य में पिछले ढाई वर्षों में 9 नए आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी महाविद्यालय शुरू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।

    इसके साथ ही खजुराहो में 15 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का हाईटेक आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना भी सामने आई है। यह सेंटर न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए उपयोगी होगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी आधुनिक आयुष सुविधाएं प्रदान करेगा।

    पर्यटन मंत्री ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर ऐसे वेलनेस सेंटर एमपीटी के सहयोग से विकसित किए जा रहे हैं। पूरे मामले में जहां एक ओर आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे, वहीं दूसरी ओर आयुष और योग के विस्तार को लेकर सरकार ने अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

  • उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ

    उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ


    उज्जैन । उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इलेक्ट्रिक साइकिल की सौगात दी। यह ई-साइकिलें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व निधि के तहत एक कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी क्योंकि इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल पर होने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में ई-साइकिल एक बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनकर सामने आई है, जो कामकाज को सरल और सुलभ बनाएगी।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आई बहनों को यह ई-साइकिल उनके फील्ड वर्क में काफी मदद करेगी। उन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में देश ने सुशासन और विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में यह गति और तेज होगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि वे बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी तरह देश की सेवा करते रहें और देश को आगे बढ़ाते रहें। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • गंगा दशहरा पर नीलगंगा पहुंचे CM मोहन यादव संतों संग किया पूजन, सिंहस्थ को लेकर बड़ा बयान

    गंगा दशहरा पर नीलगंगा पहुंचे CM मोहन यादव संतों संग किया पूजन, सिंहस्थ को लेकर बड़ा बयान


    उज्जैन । धर्मनगरी उज्जैन में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का विशेष संगम देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नीलगंगा आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने विधि विधान से मां गंगा की प्रतिमा का पूजन और अभिषेक किया। परंपरा का निर्वहन करते हुए मुख्यमंत्री ने नीलगंगा सरोवर में गुप्त गंगा के दर्शन किए और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

    नीलगंगा घाट पर इस अवसर पर आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। संतों की उपस्थिति में हुए इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में डुबो दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 का आयोजन ऐतिहासिक होगा, जिसमें पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की भव्यता और उज्जैन की दिव्यता का साक्षी बनेगी। उन्होंने कहा कि शिप्रा के घाटों पर परंपरा और संतों की भावना के अनुरूप भव्य आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।

    इस धार्मिक आयोजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरि गिरि महाराज, अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज, शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज और नारायण गिरि महाराज सहित कई प्रमुख संत उपस्थित रहे। संतों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

    नीलगंगा आश्रम स्थित गंगा सरोवर के विकास और सौंदर्यीकरण कार्य भी इस समय तेजी से जारी हैं। करीब 4 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से यहां घाटों का पुनर्निर्माण, परिक्रमा पथ और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। संतों ने इन विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और इसे धार्मिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    इस मौके पर हरि गिरि महाराज ने कहा कि उज्जैन में विकास कार्य उम्मीदों से कहीं आगे बढ़कर हो रहे हैं। उन्होंने शिप्रा नदी पर बन रहे 29 किलोमीटर लंबे घाटों का उल्लेख करते हुए इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी।

    कार्यक्रम के अंत में जूना अखाड़ा के वरिष्ठ संतों ने मुख्यमंत्री का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने भी सभी संतों से आशीर्वाद लिया और प्रदेश के विकास तथा आध्यात्मिक उन्नति के लिए संकल्प दोहराया।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, आज भी तीव्र लू की चेतावनी, 28 मई से तीन दिन बारिश की संभावना

    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के शुरुआती दो दिनों में जहां कई इलाकों में आंधी और बारिश देखने को मिली, वहीं अब मौसम विभाग ने 28 मई से लगातार तीन दिन तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार यह प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत मानी जा रही है। विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून 10 से 16 जून के बीच दस्तक दे सकता है।

    बुधवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। टीकमगढ़ में रात के समय भी तापमान अधिक बना रहने की संभावना है। वहीं ग्वालियर और जबलपुर में भी तीव्र लू का असर रहने की चेतावनी दी गई है। राजधानी भोपाल में भी हीटवेव चलने के आसार हैं।

    मंगलवार को प्रदेश के 16 शहरों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे। खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री और नौगांव में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री, रीवा में 44.8 डिग्री, राजगढ़ में 44.6 डिग्री, श्योपुर में 44.4 डिग्री तथा गुना में 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। नरसिंहपुर में 44.2 डिग्री, जबकि सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन में तापमान 44 डिग्री तक पहुंच गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 43.2 डिग्री, जबलपुर में 43.9 डिग्री, उज्जैन में 42 डिग्री और इंदौर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    भोपाल में पिछले 14 वर्षों में सात बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है, जबकि दो बार केवल बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी नौतपा की शुरुआत में हल्की बारिश हो चुकी है। वर्ष 2018 और 2019 में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

    मौसम विभाग ने बुधवार के लिए छह जिलों—निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं 19 जिलों में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट और 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल में तेज गर्मी का असर रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर बनी रहेगी। हालांकि 29 मई से आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

  • MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस

    MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के पॉश और हाई-प्रोफाइल इलाके ‘चार इमली (High-profile area ‘Char Imli’)’ में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी (Minor Daughter) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका की उम्र 17 वर्ष थी और वह 11वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर इस साल 12वीं में पहुंची थी।

    जानकारी के मुताबिक मृतका अपने परिवार के साथ चार इमली स्थित सरकारी आवास में रहती थी. घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे. इसी दौरान छात्रा अपने कमरे में गई और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

    हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है. छात्रा के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है. इसके अलावा उसके दोस्तों, परिचितों और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है. यह पता लगाया जा सके कि छात्रा किसी मानसिक तनाव या अन्य परेशानी से गुजर रही थी या नहीं।

    पुलिस क पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में है. इसके बावजूद, पुलिस हर पहलू को स्पष्ट करने के लिए परिवार के सदस्यों, घरेलू सहायकों और मृतका के करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और स्थिति को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी. फिलहाल जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।