Category: Madhya Pradesh

  • अब नहीं छूटेगा साल 5वीं 8वीं के फेल और अनुपस्थित छात्रों के लिए जून में फिर परीक्षा

    अब नहीं छूटेगा साल 5वीं 8वीं के फेल और अनुपस्थित छात्रों के लिए जून में फिर परीक्षा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के भोपाल सहित पूरे प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है जहां फेल और अनुपस्थित विद्यार्थियों को एक और मौका दिया जा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब ये छात्र 1 जून से 6 जून 2026 के बीच आयोजित होने वाली पुन परीक्षा में शामिल हो सकेंगे जिससे उनका एक शैक्षणिक वर्ष बच सकता है।

    शिक्षण सत्र 2025 26 की मुख्य परीक्षा में असफल या अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस पुन परीक्षा में सरकारी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों अनुदान प्राप्त संस्थानों और पंजीकृत मदरसों में पढ़ने वाले छात्र भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल एक परीक्षा के कारण बाधित न हो।

    परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रवेश पत्र 25 मई तक उपलब्ध करा दिए जाएंगे। छात्र अपना एडमिट कार्ड राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक पोर्टल www.rskmp.in से डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए शाला प्रमुख जनशिक्षा केंद्र प्रभारी और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि सभी छात्रों तक समय पर प्रवेश पत्र पहुंचाया जाए।

    पुन परीक्षा की तैयारी को लेकर भी खास व्यवस्था की गई है। परीक्षा से पहले शाला स्तर पर विषयवार अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएंगी ताकि छात्र बेहतर तरीके से तैयारी कर सकें। जिन छात्रों ने पहले प्रोजेक्ट कार्य पूरा नहीं किया था या जिनके अंक कम थे उन्हें दोबारा प्रोजेक्ट पूरा करने और मूल्यांकन का अवसर भी दिया जाएगा।

    इस बार परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था भी अलग तरीके से की गई है। सभी परीक्षा केंद्र जनशिक्षा केंद्र स्तर पर बनाए जाएंगे ताकि परीक्षा प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी रहे। यदि किसी केंद्र पर 500 से अधिक छात्र होते हैं तो राज्य शिक्षा केंद्र की अनुमति से अतिरिक्त केंद्र भी बनाए जा सकेंगे।

    परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रश्न पत्रों की ऑन द स्पॉट प्रिंटिंग की जाएगी। यानी प्रश्न पत्र सीधे परीक्षा केंद्र पर ही डाउनलोड और प्रिंट किए जाएंगे जिससे लीक जैसी समस्याओं की संभावना कम होगी।

    गर्मी के मौसम को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। साथ ही बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पिलाने लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए ORS उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

    कुल मिलाकर यह पहल उन छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है जो किसी कारणवश मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाए थे। अब उनके पास अपनी मेहनत से खुद को साबित करने और अगली कक्षा में आगे बढ़ने का एक और सुनहरा अवसर है।

  • नियम तोड़े तो नहीं मिलेगी राहत इंदौर में अवैध बिल्डिंग पर निगम की सख्त कार्रवाई

    नियम तोड़े तो नहीं मिलेगी राहत इंदौर में अवैध बिल्डिंग पर निगम की सख्त कार्रवाई


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम का सख्त रुख लगातार देखने को मिल रहा है। शहर के साउथ तोड़ा इलाके में निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निर्माणाधीन भवन के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चला दिया जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और अन्य निर्माणकर्ताओं के बीच भी संदेश साफ पहुंच गया कि नियमों के उल्लंघन पर अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।

    जानकारी के मुताबिक साउथ तोड़ा क्षेत्र में करीब तीन हजार स्क्वेयर फीट में एक भवन का निर्माण किया जा रहा था लेकिन जांच में पाया गया कि इस निर्माण में कई हिस्से स्वीकृत नक्शे के विपरीत बनाए जा रहे थे। जैसे ही इसकी सूचना नगर निगम को मिली टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बिना देरी किए कार्रवाई शुरू कर दी गई।

    नगर निगम के अधिकारियों ने जेसीबी मशीन की मदद से अवैध हिस्सों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई मोहम्मद शरीफ के निर्माणाधीन भवन पर की गई जहां नियमों का खुला उल्लंघन सामने आया था। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

    निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    इस कार्रवाई के बाद आसपास के क्षेत्रों में भी निर्माण कार्य कर रहे लोगों में हलचल देखी गई है। कई लोगों ने अपने निर्माण की वैधता को लेकर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है ताकि किसी भी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।

    नगर निगम की इस सख्ती को शहर में व्यवस्थित विकास और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि शहर के मास्टर प्लान और बिल्डिंग बायलॉज का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति न बने। इंदौर में लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि अवैध निर्माण करने वालों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं और नियमों का पालन ही एकमात्र रास्ता बचा है।

  • गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत

    गाय बचाने की कोशिश में दर्दनाक हादसा सीहोर में बस पेड़ से टकराई हेल्पर की मौत


    सीहोर/आष्टा। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में इंदौर भोपाल राज्यमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है जहां तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। आष्टा के कोठरी के पास हुए इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार अहमदाबाद से भोपाल जा रही वर्मा ट्रेवल्स की बस सुबह के समय इस मार्ग से गुजर रही थी। तभी अचानक सड़क पर एक गाय आ गई जिसे बचाने के प्रयास में चालक ने जोर से ब्रेक लगाया। इसी दौरान बस का टायर फट गया और वाहन का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते बस सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई और जोरदार आवाज के साथ हादसा हो गया।

    हादसे की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। केबिन में बैठे हेल्पर सुनील मुकाती जो बड़ी पोलाई के निवासी थे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह केबिन में बुरी तरह फंस गए थे और उन्हें बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को कटर की मदद लेनी पड़ी।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा और तत्काल घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चार यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार हादसे का प्राथमिक कारण गाय को बचाने के प्रयास में अचानक ब्रेक लगाना और उसी दौरान टायर फटना माना जा रहा है। हालांकि पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में नियंत्रित किया गया। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

    यह हादसा एक बार फिर यह संकेत देता है कि सड़क पर अचानक आने वाली बाधाएं और तेज रफ्तार किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

  • उज्जैन में सनसनी: कृषि अध्ययनशाला के गेट पर धमकी भरा संदेश, लिखा- “तुम सब मरोगे”

    उज्जैन में सनसनी: कृषि अध्ययनशाला के गेट पर धमकी भरा संदेश, लिखा- “तुम सब मरोगे”


    नई दिल्ली| उज्जैन में स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब परिसर के मुख्य गेट पर अज्ञात लोगों द्वारा डरावना संदेश लिखा पाया गया। दीवार पर कुंकू से “तुम सब मरोगे” लिखा हुआ मिला, जिससे शिक्षक, कर्मचारी और छात्र भयभीत हो गए।
    यह घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। रविवार की छुट्टी के बाद जब सोमवार सुबह चौकीदार आशीष बोरिंग चालू करने पहुंचे, तो उन्होंने गेट के पास मटकी, लाल कपड़ा और तंत्र क्रिया जैसे प्रतीक देखे। इसी दौरान दीवार पर लिखा यह डरावना संदेश भी सामने आया।
    घटना स्थल पर मिले इन संदिग्ध सामानों ने पूरे परिसर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। बताया जा रहा है कि यह नई बिल्डिंग है, जहां करीब 10 दिन पहले ही कक्षाएं शुरू हुई हैं और लगभग 1100 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।
    घटना के समय चौकीदार ने बताया कि रात करीब 2 बजे तक स्टाफ परिसर में मौजूद था, लेकिन इसके बाद यह घटना घटित हुई। सुबह जैसे ही यह मामला सामने आया, शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
    सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भवन के बाहर CCTV कैमरे नहीं लगे हैं, जिसके कारण अज्ञात शरारती तत्वों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
    घटना के बाद दीवार पर लिखा संदेश पुताई कर मिटा दिया गया है, लेकिन परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल अभी भी बना हुआ है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि यह किसी अंधविश्वास से जुड़ी हरकत है या जानबूझकर दहशत फैलाने की कोशिश।

  • सड़क सुरक्षा पर हाईकोर्ट का सवाल- अवैध कट और धीमी एंबुलेंस सेवा पर मांगा जवाब

    सड़क सुरक्षा पर हाईकोर्ट का सवाल- अवैध कट और धीमी एंबुलेंस सेवा पर मांगा जवाब

    नई दिल्ली|  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अहम सवाल खड़े किए हैं। चीफ जस्टिस Sanjeev Sachdeva और जस्टिस Vinay Saraf की डिविजन बेंच ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि जब ओला-उबर जैसी कैब सेवाएं कुछ ही मिनटों में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती?

    कोर्ट ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

    याचिका डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी Mahavir Singh द्वारा दायर की गई है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि सड़क दुर्घटनाओं में जान बचाने के लिए ओला-उबर जैसी रियल टाइम एंबुलेंस सेवा लागू की जाए। उनका कहना है कि समय पर मेडिकल सहायता न मिलने के कारण कई जिंदगियां बचाई नहीं जा पातीं।

    याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। खासतौर पर भोपाल-जबलपुर हाईवे का जिक्र करते हुए बताया गया है कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं, जो लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।

    कोर्ट में यह भी कहा गया कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि एंबुलेंस की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।

    हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से विस्तृत जवाब और रिपोर्ट तलब करते हुए अगली सुनवाई में पूरी जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस टिप्पणी के बाद अब सड़क सुरक्षा और एंबुलेंस सिस्टम को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।


  • ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने साले पर किया जानलेवा हमला, सड़क पर तड़पता छोड़ा

    ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने साले पर किया जानलेवा हमला, सड़क पर तड़पता छोड़ा


    नई दिल्ली| मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक रूह कँपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ रिश्तों का कत्ल करने की कोशिश की गई। थाटीपुर थाना क्षेत्र की मेहरा कॉलोनी में एक जीजा ने अपने ही साले पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। महज एक मामूली बहस के बाद, आवेश में आए जीजा ने सब्जी काटने वाले चाकू से अपने साले के शरीर को छलनी कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हमला इतना तेज और बेरहम था कि पीड़ित को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गर्दन, पेट, पीठ और सीने पर एक के बाद एक 24 वार किए गए, जिससे युवक खून से लथपथ होकर सड़क पर ही गिर पड़ा और तड़पने लगा।

    सुलह की कोशिश बनी खूनी संघर्ष की वजह
    पुलिस जांच में सामने आया है कि इस विवाद की जड़ें चार साल पुरानी हैं। मुरैना निवासी देवेंद्र रजक की बहन की शादी ग्वालियर के कृष्णा रजक के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष पति कृष्णा, उसका भाई सोनू और पिता राम अवतारलगातार विवाहिता को प्रताड़ित कर रहे थे। 25 अप्रैल को देवेंद्र अपनी बहन के दुखों को दूर करने और मामले में बीच-बचाव कर सुलह कराने के उद्देश्य से मुरैना से ग्वालियर आया था। उसे उम्मीद थी कि बातचीत से मसला हल हो जाएगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    जब देवेंद्र ने अपनी बहन को साथ भेजने की बात कही, तो कृष्णा आग बबूला हो गया। बात गाली-गलौज से शुरू होकर हाथापाई तक पहुँच गई। इसी बीच कृष्णा घर के अंदर से चाकू निकाल लाया और अपनी बहन के सामने ही उसके भाई पर टूट पड़ा।

    वीडियो में कैद हुई दरिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार
    इस पूरी वारदात का एक विचलित करने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी कृष्णा अपने साले पर ताबड़तोड़ हमला करता दिख रहा है। हमले के दौरान देवेंद्र की बहन अपने भाई को बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन पत्थर दिल हमलावर नहीं रुका। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अपनी बाइक उठाकर मौके से फरार हो गया।

    स्थानीय लोगों और बहन ने तत्परता दिखाते हुए घायल देवेंद्र को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ वह फिलहाल जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक खून बह जाने और महत्वपूर्ण अंगों पर चोट लगने के कारण उसकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

    पुलिस की कार्रवाई: ससुर की तलाश जारी
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करते हुए दबिश दी। सीएसपी मुरार, अतुल सोनी ने पुष्टि की है कि मुख्य आरोपी कृष्णा रजक और उसके भाई सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, उनका पिता राम अवतार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की टीमें फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

  • बीजेपी की अहम बैठक ओरछा में तय, प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी, जल्द आएगी सदस्यों की सूची

    बीजेपी की अहम बैठक ओरछा में तय, प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी, जल्द आएगी सदस्यों की सूची


    नई दिल्ली| भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान मध्यप्रदेश की सियासत से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आया है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत आयोजित इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने घोषणा की कि आगामी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ऐतिहासिक नगरी ओरछा में आयोजित की जाएगी।

    यह बैठक मई 2026 में होने जा रही है और इसे खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह Hemant Khandelwal के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक होगी। संगठन के भीतर इसे नई रणनीति और दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    हालांकि, अभी तक प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह सूची एक या दो दिनों में जारी की जा सकती है, जिसके बाद संगठनात्मक ढांचे को और स्पष्ट रूप दिया जाएगा।

    इस बैठक में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे, जिनमें राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री Shivprakash, प्रदेश प्रभारी Dr. Mahendra Singh, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री Ajay Jamwal और प्रशिक्षण महाअभियान के जोन प्रभारी केसी पटेल प्रमुख रूप से मौजूद थे।

    बैठक में संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और बूथ स्तर तक संगठन विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओरछा में होने वाली यह बैठक भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इससे आने वाले समय में संगठन की दिशा और गति दोनों तय होंगी।

  • इंदौर में पानी संकट पर पार्षद का बड़ा बयान, बोले- अब महापौर-निगम कमिश्नर से लेंगे पानी

    इंदौर में पानी संकट पर पार्षद का बड़ा बयान, बोले- अब महापौर-निगम कमिश्नर से लेंगे पानी


    नई दिल्ली| इंदौर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की किल्लत ने एक बार फिर हालात बिगाड़ दिए हैं। शहर के कई इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच वार्ड 75 से एक अनोखी और गंभीर स्थिति सामने आई है, जहां पार्षद ने खुद ही महापौर और नगर निगम कमिश्नर से पानी की मांग कर दी है।
    वार्ड 75 के पार्षद कुणाल सोलंकी ने नगर निगम महापौर Pushyamitra Bhargav और निगम कमिश्नर Kshitij Singhal को पत्र लिखकर 10 पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वार्ड का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में आता है, जहां नर्मदा जल आपूर्ति ठीक से नहीं पहुंच पा रही है।
    पार्षद के मुताबिक, स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई इलाकों में बोरिंग भी सूखने लगे हैं, जिससे लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि गर्मी के चलते पानी की खपत बढ़ गई है, लेकिन सप्लाई बेहद सीमित है।
    हालांकि, प्रशासन की ओर से समय पर टैंकर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण पार्षद ने खुद ही कुछ अस्थायी व्यवस्था की है, लेकिन वह भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। उन्होंने साफ कहा है कि यह व्यवस्था केवल आंशिक राहत दे पा रही है, जबकि समस्या व्यापक है।
    पार्षद कुणाल सोलंकी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे वार्ड के लोगों के साथ महापौर और नगर निगम कमिश्नर के घर जाकर पानी की मांग करेंगे। इस बयान ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। इस बार भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं और लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
    अब देखना होगा कि नगर निगम इस समस्या को कितनी जल्दी हल करता है या फिर इंदौर के इस वार्ड में पानी संकट और गहराता है।

  • MP में 100 साल पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों की वापसी…. CM आज सूखपार में करेंगे रिलीज

    MP में 100 साल पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों की वापसी…. CM आज सूखपार में करेंगे रिलीज


    बालाघाट।
    मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के वन्यजीव इतिहास (Wildlife History) में 28 अप्रैल का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है. ‘टाइगर’ और ‘चीता’ स्टेट के बाद अब मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh) अपनी धरती पर ‘जंगली भैंसों’ को दोबारा बसाने जा रहा है. मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) बालाघाट के सूपखार क्षेत्र में 4 जंगली भैंसों को उनके नए प्राकृतिक आवास में छोड़कर इस अभियान का आगाज करेंगे.

    तकरीबन 100 साल पहले मध्यप्रदेश से विलुप्त हो चुकी इस प्रजाति को वापस लाने के लिए असम सरकार के साथ एक खास समझौता हुआ है.

    इसके तहत पहले चरण में असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से 4 भैंसों (3 मादा, 1 नर) का दल कान्हा पहुंच रहा है. ‘फाउंडर पॉपुलेशन’ के रूप में कुल 50 जंगली भैंसों को लाने का लक्ष्य है, जिनमें से इस सीजन में 8 भैंसें लाई जाएंगी. काजीरंगा और कान्हा के विशेषज्ञ डॉक्टरों और अधिकारियों की टीम इस पूरे ‘ट्रांसलोकेशन’ की निगरानी कर रही है।


    MP-असम के बीच वाइल्ड लाइफ एक्सचेंज

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंता विश्व सरमा के बीच हुए समझौते के तहत दोनों राज्यों के बीच वन्यजीवों का आदान-प्रदान होगा।


    कान्हा ही क्यों बना पहली पसंद?

    भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII), देहरादून के अध्ययन के अनुसार, कान्हा टाइगर रिजर्व का सूपखार और टोपला क्षेत्र जंगली भैंसों के लिए देश में सबसे उपयुक्त स्थान है. यहां के बड़े घास के मैदान (Grasslands) और प्रचुर जल स्रोत इस प्रजाति के फलने-फूलने के लिए अनुकूल हैं.


    विलुप्ति की कगार से वापसी

    मध्यप्रदेश में आखिरी बार 1979 में सूपखार क्षेत्र में एक जंगली भैंसा देखा गया था. शिकार और आवास की कमी के कारण यह प्रजाति यहां खत्म हो गई थी. वर्तमान में इनकी मुख्य आबादी केवल असम में है. इस पहल से न केवल एक दुर्लभ प्रजाति बचेगी, बल्कि कान्हा का इकोसिस्टम भी सशक्त होगा.

  • MP: उज्जैन के इस गांव में दुल्हे ने पेश की मिसाल…. 50 लाख का दहेज लौटाया

    MP: उज्जैन के इस गांव में दुल्हे ने पेश की मिसाल…. 50 लाख का दहेज लौटाया


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain district) में बड़नगर तहसील (Badnagar tehsil) के ग्राम बंगरेड (Bangred village) में आयोजित एक तिलक समारोह ने दहेज प्रथा के खिलाफ एक संदेश दिया है. कई बार देखने को मिलता है कि दहेज के लालच में शादी टूट जाती है. लेकिन बंगरेड में एक परिवार ने दहेज न लेकर समाज के सामने मिसाल पेश की है. परिवार ने करीब 50 लाख रुपए का दहेज लौटा दिया, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।


    दूल्हे पक्ष ने दहेज लेने से किया इनकार

    क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजावत के पुत्र आदर्श दीप राजावत का विवाह इंदौर जिले के देपालपुर तहसील अंतर्गत तामलपुर निवासी किसान महेन्द्र सिंह पंवार की पुत्री बिंदिया कुमारी से आगामी नवंबर 2026 में तय हुआ है. जिसकी सगाई (तिलक) के दौरान दूल्हे पक्ष ने दहेज लेने से मना कर दिया।


    50 लाख का दहेज वधु पक्ष को किया वापस

    रविवार को बड़नगर तहसील के बंगरेड स्थित रिसोर्ट में तिलक समारोह कार्यक्रम हुआ. कार्यक्रम के दौरान जब वधु पक्ष द्वारा पारंपरिक रूप से 25 लाख रुपए नकद और 15 तोला सोना (कुल करीब 50 लाख रुपए) देने की प्रक्रिया शुरू की गई, तभी दूल्हे आदर्श दीप राजावत और उनके पिता जितेंद्र सिंह राजावत ने दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया.


    लोगों ने बताया दहेज प्रथा के खिलाफ प्रेरणादायक पहल

    दूल्हे पक्ष ने बताया कि वे किसी भी प्रकार का दहेज स्वीकार नहीं करेंगे और केवल प्रतीकात्मक रूप में एक सोने की अंगूठी ही लेंगे. इसके बाद पूरे सम्मान के साथ नकद राशि और सोने के आभूषण वधु पक्ष को लौटा दिए गए. लोगों ने इसे दहेज प्रथा के खिलाफ एक बड़ी और प्रेरणादायक पहल बताया।

    जितेंद्र सिंह राजावत ने कहा, “समाज में दहेज जैसी कुरीतियां अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन यदि लोग आगे आकर पहल करें, तो बदलाव संभव है. कई गरीब परिवार बेटियों की शादी में दहेज के कारण परेशान होते हैं. इसलिए इस पहल से समाज में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है।

    दूल्हे को चाहिए सुंदर दुल्हन और ससुर को बहु बिटिया
    उज्जैन में आधा करोड़ का दहेज लेने से मना करने वाले ससुर जीतेंद्र राजावत ने कहा कि “उन्हे एक बहु और उसके साथ आने वाले धन दौलत की जरुरत नहीं है. ईश्वर ने उन्हे बहुत कुछ दिया है. उन्हे तो घर में एक बिटिया चाहिए तो पुत्रवधु के रुप में मिल रही है.” तिलक समारोह के बाद रिंग सेरेमनी में वर पक्ष ने बहु पक्ष की ओर से सिर्फ एक गोल्ड रिंग स्वीकारा. यह शादी नवंबर महीने में होनी है और इससे पहले ससुर की ओर से सिर्फ मजबूत रिश्ते की डिमांड की गई है जिससे दो परिवार एक साथ जुड़ जाएं।