Category: Madhya Pradesh

  • बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को मिला आधुनिक खेती का संदेश, प्राकृतिक कृषि, सोलर पंप और नवाचार से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का आह्वान

    बलराम कृषि महोत्सव में किसानों को मिला आधुनिक खेती का संदेश, प्राकृतिक कृषि, सोलर पंप और नवाचार से समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने का आह्वान

     प्रदेश में कृषि को अधिक लाभकारी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने किसानों को नई तकनीकों और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बदलते समय में खेती को केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित रखने के बजाय वैज्ञानिक तकनीकों, प्राकृतिक कृषि पद्धतियों और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को अपनाना आवश्यक है। इससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होगी और प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि समृद्ध और आत्मनिर्भर कृषि ही विकसित मध्यप्रदेश की मजबूत नींव है।

    मुख्यमंत्री ने धार जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीकों और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि करनी चाहिए।

    उन्होंने प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलता है। साथ ही कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के अंतर्गत सोलर पंपों की स्थापना को भी किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को लेकर भी सरकार की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस विषय पर व्यापक जनसंवाद किया गया है तथा विभिन्न राजनीतिक दलों, धार्मिक और सामाजिक समुदायों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के बाद आगामी विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में आवश्यक विधायी प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। उनका कहना था कि सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानून लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे।

    बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी पहुंचाना रहा। महोत्सव में कृषि आधारित और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। इसके साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत किसानों और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।

    महोत्सव में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, प्राकृतिक खेती, बलराम तालाब, सूक्ष्म सिंचाई, जल संरक्षण, श्रीअन्न, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, इफको, कृभको तथा अन्य कृषि सहयोगी संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने इन प्रदर्शनों का अवलोकन कर नई तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इससे उन्हें खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने के नए विकल्पों की जानकारी मिली।

    जिलेभर से लगभग दो हजार किसानों ने इस महोत्सव में भाग लिया। किसान उत्पादक संगठनों, कृषि संगठनों के प्रतिनिधियों, कृषि आदान विक्रेताओं तथा कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आयोजन किसानों के लिए वैज्ञानिक कृषि, आधुनिक नवाचार, प्राकृतिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का प्रभावी मंच साबित हुआ। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर किसानों से संवाद किया और कृषि विकास से जुड़े विभिन्न प्रयासों की जानकारी साझा की।

  • मध्य प्रदेश में डीजल की कीमतें स्थिर, 18 जुलाई को भी नहीं बदले ईंधन के दाम; जिलों में टैक्स के अनुसार दिखा मूल्य अंतर

    मध्य प्रदेश में डीजल की कीमतें स्थिर, 18 जुलाई को भी नहीं बदले ईंधन के दाम; जिलों में टैक्स के अनुसार दिखा मूल्य अंतर


    मध्य प्रदेश:  में 18 जुलाई 2026 को डीजल की कीमतों में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया है। राज्य में डीजल का औसत खुदरा मूल्य लगभग 100.50 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है। एक दिन पहले यानी 17 जुलाई को भी कीमतें इसी स्तर पर थीं। लगातार स्थिर बने हुए ईंधन दामों से वाहन चालकों, परिवहन क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को फिलहाल राहत मिली हुई है। हालांकि राज्य के विभिन्न जिलों में स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण प्रति लीटर कीमतों में अंतर बना हुआ है।

    मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों और जिलों की बात करें तो राजधानी भोपाल में डीजल 99.33 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है, जबकि इंदौर में इसकी कीमत 100.09 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। जबलपुर में डीजल 99.69 रुपये, ग्वालियर में 99.59 रुपये और उज्जैन में 100.11 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। वहीं रीवा, अनूपपुर, मंडला, धार, छतरपुर, शाहडोल, उमरिया और सतना जैसे कई जिलों में डीजल का मूल्य 101 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। दूसरी ओर अशोकनगर, भोपाल, ग्वालियर और सीहोर जैसे कुछ जिलों में कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से नीचे बनी हुई हैं।

    राज्य में जिलावार कीमतों का यह अंतर मुख्य रूप से स्थानीय वैट, परिवहन व्यय और अन्य करों के कारण देखने को मिलता है। इसी वजह से एक ही राज्य के भीतर अलग-अलग स्थानों पर उपभोक्ताओं को डीजल के लिए अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती है। ईंधन कंपनियां प्रत्येक जिले के कर ढांचे और वितरण लागत के आधार पर खुदरा मूल्य तय करती हैं।

    देश में ईंधन की कीमतें डायनामिक फ्यूल प्राइसिंग प्रणाली के तहत निर्धारित की जाती हैं। इस व्यवस्था के अनुसार पेट्रोल और डीजल के दामों की समीक्षा प्रतिदिन की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर नई दरें रोज सुबह 6 बजे लागू होती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार, विनिमय दर या अन्य आर्थिक संकेतकों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता तो कीमतें कई दिनों तक स्थिर भी रह सकती हैं।

    डीजल की कीमत तय करने में कई महत्वपूर्ण आर्थिक कारकों की भूमिका होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर, वैश्विक मांग और आपूर्ति की स्थिति, शिपिंग लागत तथा कर संरचना जैसे तत्व अंतिम खुदरा मूल्य को प्रभावित करते हैं। इन सभी कारकों में बदलाव होने पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि या कमी देखने को मिल सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल केवल निजी वाहनों के लिए ही नहीं बल्कि माल परिवहन, कृषि, निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में इसकी कीमतों में स्थिरता का सीधा असर परिवहन लागत और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ता है। लंबे समय तक कीमतें स्थिर रहने से व्यापारिक गतिविधियों की लागत नियंत्रित रहती है और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं बढ़ता।

    फिलहाल मध्य प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि जुलाई महीने में डीजल की कीमतों में कोई उल्लेखनीय बदलाव दर्ज नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार नई कीमतें तय होंगी, जिनकी घोषणा प्रतिदिन सुबह की जाएगी। वाहन चालकों और व्यवसायों के लिए सलाह है कि ईंधन भरवाने से पहले अपने जिले की ताजा कीमत की जानकारी अवश्य प्राप्त करें, क्योंकि स्थानीय करों के कारण अलग-अलग शहरों में दरों में अंतर बना रह सकता है।

  • मध्य प्रदेश के कई शहरों की तैयारी पर उठे सवाल, अर्बन चैलेंज फंड में उज्जैन-इंदौर को बढ़त, छिंदवाड़ा और कटनी को करना होगा इंतजार

    मध्य प्रदेश के कई शहरों की तैयारी पर उठे सवाल, अर्बन चैलेंज फंड में उज्जैन-इंदौर को बढ़त, छिंदवाड़ा और कटनी को करना होगा इंतजार


    मध्य प्रदेश:
    भारत सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के पहले चरण में मध्य प्रदेश के लिए 2753.10 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। यह स्वीकृति राज्य के कई शहरों में जल प्रदाय, सीवरेज नेटवर्क, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक पर्यटन से जुड़े विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि इस प्रक्रिया में कुछ प्रमुख नगर निगम आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी नहीं कर सके, जिसके कारण उन्हें पहले चरण का लाभ नहीं मिल पाया।

    पहले चरण में सबसे बड़ा झटका छिंदवाड़ा, कटनी और ग्वालियर नगर निगमों को लगा। इन शहरों की परियोजनाएं समय पर निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रस्तुत नहीं हो सकीं, जिससे इन्हें अब अगले चरण की प्रक्रिया का इंतजार करना होगा। अधिकारियों के अनुसार परियोजनाओं की तकनीकी और वित्तीय तैयारी में कमी के कारण प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति तक नहीं पहुंच पाए।

    छिंदवाड़ा नगर निगम ने लगभग 67 करोड़ रुपये की जल प्रदाय परियोजना तैयार की थी, लेकिन इसके लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था और ऋण संबंधी दस्तावेज स्पष्ट नहीं होने के कारण प्रस्ताव अधूरा माना गया। इसी प्रकार कटनी नगर निगम ने लगभग 600 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की योजना बनाई थी, लेकिन समय पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं होने से परियोजना पहले चरण में शामिल नहीं हो सकी।

    ग्वालियर नगर निगम की स्थिति भी इससे अलग नहीं रही। यहां जल प्रदाय और सीवरेज से जुड़े 1500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य प्रस्तावित थे, लेकिन विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन समय पर तैयार नहीं हो पाया। इसके कारण इतने बड़े निवेश वाली योजना भी फिलहाल अगले चरण के लिए स्थगित कर दी गई। राजधानी भोपाल को भी पहले चरण में परियोजना के तहत राशि नहीं मिल सकी।

    इसके विपरीत इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और रीवा जैसे शहरों की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इंदौर में जल प्रदाय व्यवस्था और वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए 907 करोड़ रुपये तथा सीवर नेटवर्क उन्नयन और ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 306 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जबलपुर में जल प्रदाय विस्तार के लिए 64 करोड़ और सीवरेज परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। रीवा को जल प्रदाय व्यवस्था के लिए 99 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।

    धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उज्जैन को इस चरण में सबसे बड़ी मंजूरी मिली है। यहां 11 प्रमुख मंदिर परिसरों के समग्र विकास और कॉरिडोर निर्माण के लिए 1124 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और शहरी अधोसंरचना को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण निवेश माना जा रहा है।

    अर्बन चैलेंज फंड के तहत केंद्र सरकार परियोजना लागत का 25 प्रतिशत, यानी लगभग 688.28 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। शेष राशि में 50 प्रतिशत संबंधित नगरीय निकायों को बॉण्ड, ऋण या अन्य वित्तीय साधनों के माध्यम से जुटानी होगी, जबकि निजी निवेश को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य का कुल हिस्सा लगभग 5000 करोड़ रुपये रहेगा और इसके माध्यम से अगले पांच वर्षों में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की शहरी विकास परियोजनाएं पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    इस पूरी प्रक्रिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल योजनाएं तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय पर वित्तीय, तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी करना भी उतना ही आवश्यक है। जिन नगर निगमों की परियोजनाएं पहले चरण से बाहर रह गई हैं, उनके लिए अगले चरण से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करना बड़ी चुनौती होगी। यदि ऐसा किया जाता है तो भविष्य में इन शहरों को भी आधुनिक शहरी सुविधाओं और आधारभूत विकास का लाभ मिल सकेगा।

  • सांदीपनि विद्यालयों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा दावा, बोले- निजी स्कूल छोड़कर सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहा विद्यार्थियों का भरोसा

    सांदीपनि विद्यालयों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा दावा, बोले- निजी स्कूल छोड़कर सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहा विद्यार्थियों का भरोसा

    मध्य प्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र में दो नए सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर कहा कि प्रदेश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सांदीपनि विद्यालयों के कारण अब विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधनों के माध्यम से राज्य सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मैत्री भारतीय संस्कृति में समानता, आत्मीयता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा प्राप्त कर ज्ञान और संस्कार का महत्व स्थापित किया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा का संतुलित समावेश किया गया है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने झिंझरी और बहोरीबंद में निर्मित दो नए सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण किया। इन विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ डिजिटल शिक्षा, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप तथा विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ किसानों के कल्याण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी सरकार समान रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने स्लीमनाबाद टनल परियोजना को बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी सहित कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और इसका लाभ बड़ी संख्या में किसानों को मिलेगा।

    उन्होंने आगे कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने और कृषि उत्पादन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के कई जिलों में खेती की स्थिति बेहतर होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी विधानसभा सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता के प्रारूप को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र से पहले जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर इस संबंध में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है।

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में 1500 रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा, सिंचाई, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत विकास से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • मंत्री तुलसी सिलावट ने डॉ. ए.के. द्विवेदी के सुझावों को सराहा, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    मंत्री तुलसी सिलावट ने डॉ. ए.के. द्विवेदी के सुझावों को सराहा, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    मध्य प्रदेश में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, शिक्षाविद एवं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत जल संरक्षण संबंधी सुझावों की सराहना करते हुए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस दिशा में किए गए प्रयास भविष्य की पीढ़ियों के लिए उपयोगी साबित होंगे।

    डॉ. ए.के. द्विवेदी ने मंत्री से मुलाकात के दौरान प्रदेश के सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में प्रतिवर्ष “जल ही जीवन है” विषय पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का प्रस्ताव सौंपा। उनका मानना है कि यदि विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए, तो समाज में पानी के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी और भविष्य में जल संकट की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सकेगा।

    प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि इस विषय को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय के सीपीग्राम्स पोर्टल के माध्यम से भी सुझाव भेजे गए थे। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ करते हुए अधिकारियों को मामले पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए मंत्री सिलावट ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि प्रस्ताव का सकारात्मक परीक्षण करते हुए प्रमुख सचिव को आवश्यक अनुशंसा शीघ्र भेजी जाए, ताकि इसे प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा सकें।

    डॉ. द्विवेदी ने अपने प्रस्ताव में प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को “वॉटर कंजर्वेशन कैंपस” के रूप में विकसित करने की अवधारणा भी प्रस्तुत की है। इसके तहत परिसरों में वर्षा जल संचयन व्यवस्था को बढ़ावा देने, भूजल संवर्धन के उपाय लागू करने तथा जल संरक्षण को व्यवहारिक शिक्षा का हिस्सा बनाने का सुझाव दिया गया है। उनका मानना है कि जब विद्यार्थी स्वयं इन गतिविधियों से जुड़ेंगे, तो समाज में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

    प्रस्ताव के अनुसार विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जा सकता है। इनमें निबंध लेखन, भाषण, वाद-विवाद, पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं, स्लोगन लेखन, जन-जागरूकता रैलियां तथा जल संरक्षण की शपथ जैसे कार्यक्रम शामिल किए जाने का सुझाव दिया गया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से जल बचाने के लिए प्रेरित करना है।

    मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि शिक्षण संस्थानों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किए जाते हैं, तो जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। इससे जल संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित होगा।

    डॉ. ए.के. द्विवेदी ने उम्मीद जताई कि यदि उनके सुझावों पर प्रभावी अमल होता है, तो मध्य प्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है। उनका मानना है कि विद्यार्थियों में जल बचाने के संस्कार विकसित करना भविष्य की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों का स्थायी समाधान साबित हो सकता है।

  • MP: भोपाल में दांत साफ करते समय टूथब्रश का हिस्सा टूटकर गले में फंसा… डॉक्टरों ने बचाई 5 साल के बच्चे की जान

    MP: भोपाल में दांत साफ करते समय टूथब्रश का हिस्सा टूटकर गले में फंसा… डॉक्टरों ने बचाई 5 साल के बच्चे की जान


    भोपाल।
    MP की राजधानी भोपाल (Bhopal) में एक 5 वर्षीय मासूम के साथ दर्दनाक हादसा हो गया. दांत साफ (Clean teeth) करते समय टूथब्रश अचानक टूट गया और उसका टूटा हुआ हिस्सा बच्चे के मुंह से होते हुए गले में गहराई तक फंस गया. बच्चे को तेज दर्द, बोलने और निगलने में परेशानी होने लगी. घबराए परिजन उसे तत्काल हमीदिया अस्पताल (Hamidia Hospital) लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने समय रहते ऑपरेशन कर उसकी जान बचा ली।

    हमीदिया अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा गले के अंदर संवेदनशील हिस्से में फंसा हुआ है. स्थिति गंभीर होने के कारण ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा बाहर निकाला. पूरी प्रक्रिया सफल रही और बच्चे को किसी तरह की गंभीर क्षति नहीं पहुंची।


    डॉक्टरों की निगरानी में बच्चा

    हमीदिया अस्पताल की डॉ कीर्ति वाईके ने बताया कि इलाज में थोड़ी भी देरी होती तो टूथब्रश का हिस्सा श्वास नली या भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकता था. इससे संक्रमण, अत्यधिक रक्तस्राव या सांस लेने में गंभीर परेशानी जैसी जटिलताएं पैदा हो सकती थीं. समय पर अस्पताल पहुंचने और विशेषज्ञों की त्वरित कार्रवाई से बच्चे की जान बच गई. फिलहाल मासूम की हालत स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

    ‘ब्रश करते समय कभी अकेला न छोड़ें’
    डॉ कीर्ति वाईके ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों को ब्रश करते समय कभी अकेला न छोड़ें. बच्चों को हमेशा निगरानी में ब्रश कराएं और टूथब्रश की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें. यदि ब्रश टूट जाए या किसी भी तरह की दुर्घटना हो जाए तो उसे स्वयं निकालने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचें।

    यह घटना सभी अभिभावकों के लिए एक बड़ी सीख है कि छोटी-सी लापरवाही भी बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. समय पर इलाज और हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों की सतर्कता से इस मासूम की जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया।

  • MP: इंदौर की 3 वर्षीय अनिका के लिए एक-एक पल भारी, राशि जुटाने के बाद शुरू नहीं हुआ इलाज…. AIIMS में घूम रहीं फाइलें

    MP: इंदौर की 3 वर्षीय अनिका के लिए एक-एक पल भारी, राशि जुटाने के बाद शुरू नहीं हुआ इलाज…. AIIMS में घूम रहीं फाइलें


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) की तीन वर्षीय अनिका शर्मा (Anika Sharma) के लिए समय लगातार भारी पड़ता जा रहा है. स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy- SMA) टाइप-2 जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही इस मासूम का इलाज अब भी शुरू नहीं हो पाया है. जबकि परिवार, समाज और संस्थाओं की मदद से उपचार के लिए अधिकांश राशि जुटाई जा चुकी है. इसके बावजूद प्रशासनिक देरी बच्ची के इलाज की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है.

    दरअसल, इसी मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सुनवाई करते हुए दिल्ली एम्स की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता जताई. अदालत ने पाया कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद एम्स की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया. इस पर अदालत ने साफ निर्देश दिए कि हर हाल में 23 जुलाई 2026 तक जवाब पेश किया जाए. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि इलाज के लिए अब केवल सीमित राशि की जरूरत है, लेकिन एम्स की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से जीवनरक्षक इंजेक्शन की खरीद अटकी हुई है. एक ओर केंद्र सरकार से स्वीकृत सहायता की प्रक्रिया लंबित है, तो दूसरी ओर क्राउडफंडिंग से जुटाई गई राशि भी इनवॉइस के अभाव में जारी नहीं हो पा रही है।

    हाईकोर्ट ने संकेत दिए हैं कि इतने संवेदनशील मामले में अब और देरी स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि अनिका के लिए बीतता हर दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि जिंदगी और उम्मीद के बीच की दूरी बढ़ा रहा है।

    इससे पहले, हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से 22 जून को जवाब तलब किया था. साथ ही राज्य सरकार से यह बताने को कहा था कि वह बच्ची के इलाज में किसी प्रकार सहायता कर सकती है या नहीं?

    बता दें कि बच्ची के इलाज के लिए करीब 9.50 करोड़ रुपये की जरूरत है. परिजन अब तक करीब 8 करोड़ रुपये जुटा चुके हैं, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत 50 लाख रुपये और तमाम लोगों एवं सामाजिक संगठनों से प्राप्त सहयोग राशि शामिल है.

    बच्ची के इलाज के लिए अमेरिका से एक इंजेक्शन मंगाया जाना है. यह इंजेक्शन मंगवाकर उसका इलाज जल्द से जल्द शुरू किया जाना चाहिए, क्योंकि हर गुजरते दिन के साथ उसके स्वास्थ्य के लिए खतरा बढ़ रहा है.

    स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी एक आनुवंशिक तंत्रिका-मांसपेशीय रोग है. इसमें रीढ़ की हड्डी में मौजूद ‘मोटर न्यूरॉन’ धीरे-धीरे नष्ट होने लगते हैं, जिससे मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं और उनका क्षय होने लगता है.

    ‘मोटर न्यूरॉन’ मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में पाई जाने वाली खास तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं, जो दिमाग से शरीर की मांसपेशियों तक अलग-अलग क्रियाओं के वास्ते संदेश पहुंचाती हैं, जिनमें सांस लेना, निगलना और बोलना शामिल हैं. फिलहाल मासूम की हालत स्थिर है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।

  • MP Weather: भोपाल-इंदौर समेत 44 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-उमरिया में हैवी रेन की चेतावनी

    MP Weather: भोपाल-इंदौर समेत 44 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, डिंडौरी-उमरिया में हैवी रेन की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के 44 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें डिंडौरी और उमरिया जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    भोपाल स्थित मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, 19 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में लगातार तेज बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।

    शुक्रवार को करीब नौ दिन बाद उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके साथ सक्रिय ट्रफ के कारण पर्याप्त नमी प्रदेश तक पहुंच रही है। जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, वैसे-वैसे बारिश की तीव्रता भी बढ़ती जाएगी। नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    इन जिलों में बारिश का पूर्वानुमान

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान डिंडौरी और उमरिया में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है।

    वहीं श्योपुर, गुना, राजगढ़, शाजापुर, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में धूप निकलने की संभावना भी जताई गई है।

    सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश

    प्रदेश में जुलाई के शुरुआती नौ दिनों के दौरान किसी भी जिले में भारी या अति भारी बारिश दर्ज नहीं हुई। इसका असर कुल वर्षा के आंकड़ों पर भी पड़ा है। शुक्रवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई।

    अब तक प्रदेश में 247 मिमी (9.7 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 291 मिमी (11.5 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से 5 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है।

  • दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा

    दतिया और हमारी आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाना है :डॉ. नरोत्तम मिश्रा


    दतिया/भोपाल,। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री अजय जामवाल, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा, उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने शुक्रवार को होटल रतन रॉयल में बनाए गए दतिया उपचुनाव कार्यालय का दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए मैदान में उतरने का आव्हान किया। इससे पहले सभी वरिष्ठ नेताओं ने भारत माता, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी एवं श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर वंदे मातरम् का गायन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    दतिया, मध्यप्रदेश और देश को विकसित बनाने के लिए भाजपा प्रत्याशी को जिताना है -श्री शिवप्रकाश जी
    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री श्री शिवप्रकाश जी ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता एक विचार और एक उद्देश्य के लिए कार्य करते हैं। श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए हमें संगठन को निरंतर मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी ने कहा था कि जो भी भाजपा के ध्वज को ऊँचा उठाने का कार्य करेगा, मैं समझूँगा कि मेरा जीवन सफल हो गया। आज हम सभी का दायित्व है कि उनके इस संकल्प और सपने को साकार करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य विकसित दतिया, विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का निर्माण है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाना आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि सभी लोग पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ घर-घर जाएँ तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनहितैषी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुँचाएँ। भारतीय जनता पार्टी ने पिछले वर्षों में देश, प्रदेश और क्षेत्र के विकास के लिए अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का गौरव और सम्मान पूरे विश्व में बढ़ा है तथा आज विश्व मंच पर भारत की अलग पहचान बनी है। हमें उनके नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना है। हम सभी कार्यकर्ता इस संकल्प के साथ कार्य करें कि भारत सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बने तथा विश्व के प्रत्येक कोने में भारत माता का गौरव बढ़े। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    स्वाभिमान और सम्मान के लिए भाजपा को विजयश्री दिलाएं कार्यकर्ता-श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विचारधारा और समर्पित कार्यकर्ताओं का संगठन है। लेकिन कई अन्य पार्टियां परिवार और व्यक्ति आधारित दल हैं। भाजपा में एक सामान्य कार्यकर्ता को अपनी मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। यही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। भारतीय जनता पार्टी विकास, सुशासन और सुरक्षा की राजनीति के लिए जानी जाती है। जनता ने हमेशा भाजपा पर विकास के कार्यों के आधार पर विश्वास जताया है और हमें उसी विश्वास को और मजबूत करना है। दतिया उपचुनाव में भाजपा की जीत हमारी सरकार, संगठन, विचारधारा तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय तक कांग्रेस के विधायक रहे, लेकिन क्षेत्र के विकास के लिए कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किए। यदि विकास हुआ होता तो कांग्रेस आज विकास के नाम पर जनता से वोट मांगती। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। ऐसे समय में दतिया विधानसभा का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के स्वाभिमान, सम्मान और संगठन की प्रतिष्ठा का चुनाव है। इसलिए सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को ऐतिहासिक विजय दिलाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    कांग्रेस ने घोटाले कर देश को पीछे धकेला, भाजपा ने विकसित भारत की मजबूत नींव रखी-डॉ. महेंद्र सिंह
    भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में देश ने अनेक बड़े घोटाले देखे। कोयला आवंटन, 2जी स्पेक्ट्रम, बोफोर्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, आदर्श हाउसिंग सोसायटी, अगस्ता वेस्टलैंड और नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों ने कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर किया। इसके विपरीत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन के साथ विकसित भारत की मजबूत नींव रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले निर्णयों ने भारत को नई दिशा दी है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से गरीबों को पक्के आवास, निःशुल्क राशन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन तथा महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह महात्मा बुद्ध, भगवान महावीर, चंद्रगुप्त, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई, महात्मा गांधी और श्रद्वेय अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान विभूतियों की विरासत वाला भारत है। आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में यही भारत विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    प्रत्याशी केवल माध्यम है, चुनाव कार्यकर्ताओं के परिश्रम से जीता जाता है-श्री जगदीश देवड़ा
    मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने श्री आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी बनाया है, लेकिन भाजपा की कार्यपद्धति में प्रत्याशी केवल एक माध्यम होता है, चुनाव की वास्तविक ताकत समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति और विजय का आधार है। उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव पर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर है। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय, एकजुटता और पूरी ऊर्जा के साथ चुनाव मैदान में उतरना है तथा भाजपा प्रत्याशी को ऐतिहासिक और प्रचंड विजय दिलानी है। भारतीय जनता पार्टी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर कार्य करती है। इसी भावना के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता अगले 15 दिनों तक पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ घर-घर संपर्क कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुँचाए तथा भाजपा की विजय सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
    दतिया और आने वाली पीढ़ियों के विकास के लिए भाजपा को मजबूत बनाएं-डॉ. नरोत्तम मिश्रा
    भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया विधानसभा में 10 साल तक कांग्रेस के विधायक रहे, 5 साल उनके पिताजी सांसद रहे, लेकिन उन्होंने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। अब वे विकास के नाम पर वोट भी नहीं मांग सकते हैं। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है और दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी की जीत इस विकास यात्रा को और मजबूती देगी। डॉ. मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से पूरी शक्ति और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि दतिया के विकास और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भारतीय जनता पार्टी को मजबूत बनाना है।
    कांग्रेस परिवार तक सीमित, भाजपा में कार्यकर्ता को मिलता है सम्मान और अवसर- श्री भारत सिंह कुशवाह
    दतिया उपचुनाव प्रभारी व सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद पर आधारित है, जबकि भारतीय जनता पार्टी में प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी मेहनत, समर्पण और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है, जहाँ हर कार्यकर्ता के योगदान का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसान, महिला, युवा, गरीब, वरिष्ठ नागरिक सहित समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए अनेक जनहितैषी योजनाएँ संचालित की हैं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुँचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को प्रचंड विजय दिलाकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व को और अधिक मजबूत बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
    जब तक तन में प्राण रहेंगे, दतिया की सेवा करता रहूंगा -श्री आशुतोष तिवारी
    भाजपा प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर विश्वास व्यक्त करते हुए दतिया की सेवा का अवसर दिया है। अब यह विश्वास जनता और कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से और मजबूत होगा। जब तक उनके तन में प्राण रहेंगे, वे दतिया की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहेंगे तथा हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे। कार्यकर्ता की एक आवाज पर वे उनके द्वार तक पहुँचेंगे और जनता के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आमजन से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए अपील की कि 30 जुलाई को कमल के फूल का बटन दबाकर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड विजय दिलाएं। कार्यक्रम का संचालन श्री पंकज गुप्ता ने किया एवं आभार श्रीमती मीनाक्षी कटारे ने व्यक्त किया।
    मंच पर ये रहे मौजूद
    चुनाव कार्यालय के उदघाटन के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, श्री राकेश शुक्ला, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री शैलेंद्र बरूआ, सांसद श्रीमती संध्या राय, चुनाव अभियान प्रमुख व पूर्व मंत्री श्री अरविंद भदौरिया, चुनाव अभियान सह प्रमुख एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत, पार्टी के प्रदेश महामंत्री व दतिया उपचुनाव के सह प्रभारी श्री राहुल कोठारी, अपेक्स बैंक के प्रशासक श्री महेंद्र यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल, संभाग प्रभारी श्री अभय सिंह यादव, पूर्व मंत्री श्रीमती इमरती देवी, जिला प्रभारी श्री गजेंद्र सिंह सिकरवार, जिला अध्यक्ष श्री रघुवीर कुशवाह, विधायक श्री प्रदीप अग्रवाल, श्री प्रीतम लोधी, पूर्व विधायक श्री घनश्याम पिरोनिया, श्रीमती रक्षा सिरोनिया एवं श्री शैतान सिंह पाल सहित पार्टी पदाधिकारी मंचासीन रहे।
  • MP: लगभग 10 वर्ष बाद जेल विभाग के 40 अधिकारियों को पदोन्नति

    MP: लगभग 10 वर्ष बाद जेल विभाग के 40 अधिकारियों को पदोन्नति


    भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति संबंधी निर्णय के अनुपालन में जेल विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को गति देते हुए लगभग 10 वर्ष बाद विभाग के 40 अधिकारियों के पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। शासन के निर्देशों के पालन में जेल मुख्यालय द्वारा सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत अधिकारियों को उप जेल अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है।

    जनसंपर्क अधिकारी राजेश दाहिमा ने शुक्रवार को बताया कि पदोन्नत अधिकारियों को उनके नवीन पद एवं दायित्व के अनुरूप पदस्थापित करने की प्रक्रिया जेल मुख्यालय द्वारा प्रारंभ कर दी गई है। पदोन्नति से अधिकारियों में उत्साह का संचार हुआ है तथा इससे जेल विभाग की प्रशासनिक कार्यक्षमता और कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी।

    जेल मुख्यालय में आयोजित समारोह में महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं डॉ. वरुण कपूर ने पदोन्नत अधिकारियों को नई रैंक प्रदान की। समारोह के दौरान महानिदेशक जेल डॉ. वरुण कपूर द्वारा पदोन्नत अधिकारियों ज्योति तिवारी, हरीश आर्य, दिलीप नायक एवं राकेश कुमार मिहोरिया की वर्दी पर अशोक चिन्ह लगाकर उन्हें उप जेल अधीक्षक की नई रैंक प्रदान की गई।

    इस अवसर पर महानिदेशक जेल डॉ. वरुण कपूर ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पदोन्नति नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों के साथ-साथ विभाग की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी अधिकारी अपने नवीन दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन एवं समर्पण के साथ करेंगे तथा जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    समारोह में विशेष महानिदेशक जी. अखेतो सेमा, अतिरिक्त महानिरीक्षक संजय पांडे, उपमहानिरीक्षक मंशाराम पटेल, केंद्रीय जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे सहित जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।