Category: Madhya Pradesh

  • पारिवारिक विवाद पहुंचा पुलिस के पास: बेटों और बहुओं की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे माता-पिता

    पारिवारिक विवाद पहुंचा पुलिस के पास: बेटों और बहुओं की शिकायत लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे माता-पिता

     
    झाबुआ । झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील अंतर्गत ग्राम हिरानिनामापाड़ा से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग दंपति ने अपने ही बेटों और बहुओं पर लगातार मारपीट, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित रतनीबाई और उनके पति नाकु डांगी मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

    जमीन बांटने के बाद भी नहीं थमी प्रताड़ना
    दंपति ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जमीन-जायदाद पहले ही अपने तीनों बेटों धनसिंग, डूंगरसिंग और एक अन्य पुत्र के बीच बांट दी थी। इसके बावजूद अब उनके पास केवल एक बीघा जमीन बची है, जिससे वे किसी तरह जीवनयापन कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी बेटों और बहुओं द्वारा उनके साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

    शराब के नशे में मारपीट और मकान तोड़ने का आरोप
    पीड़ित दंपति के अनुसार, बीते रविवार और 23 मई को बेटों और उनकी पत्नियों ने शराब के नशे में उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। नाकु डांगी ने आरोप लगाया कि उन्हें पत्थर मारकर घायल किया गया, जिससे उनके पैर में चोट आई है। वहीं, रतनीबाई ने बताया कि आरोपियों ने उनका मकान तोड़ दिया, जिसके चलते उन्हें भीषण गर्मी में खुले बरामदे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

    ‘पुलिस भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती’ कहकर धमकी का आरोप
    दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने विरोध किया तो बेटों ने कहा कि अब जमीन और मकान उनके हैं और पुलिस भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने थाने में शिकायत करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनका पीछा भी किया।

    एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग
    लगातार प्रताड़ना से परेशान बुजुर्ग दंपति ने पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार से निवेदन किया है कि उनके बेटों और बहुओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे अपना शेष जीवन भयमुक्त होकर जी सकें।

  • पानी के लिए हाहाकार: अवल्दा गांव में संकट, पाइपलाइन खराब और ट्यूबवेल बंद होने से लोग परेशान

    पानी के लिए हाहाकार: अवल्दा गांव में संकट, पाइपलाइन खराब और ट्यूबवेल बंद होने से लोग परेशान


    बड़वानी। बड़वानी जिले की ग्राम पंचायत अवल्दा के पुनर्वास स्थल पर पिछले एक सप्ताह से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। नर्मदा जल आपूर्ति की पाइपलाइन जगह-जगह से टूट जाने के कारण बसाहट में पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थिति यह है कि करीब 150 परिवारों को रोजाना दूर-दराज से कुएं, खेतों और नदी से पानी ढोना पड़ रहा है।

    इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई के नेतृत्व में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचे और स्थायी समाधान की मांग की।

    चार ट्यूबवेल में से एक भी नहीं दे रहा पानी
    सरपंच ने बताया कि पुनर्वास स्थल पर खोदे गए चार ट्यूबवेलों में से एक भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। दो ट्यूबवेल का जलस्तर काफी नीचे चला गया है, तीसरे में से मोटर पंप के पाइप निकाल लिए गए हैं, जबकि चौथे ट्यूबवेल में बार-बार मोटर जल जाने के कारण पानी की आपूर्ति ठप है। इस वजह से ग्रामीणों को मजबूरी में रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

    पुनर्वास स्थल हैंडओवर नहीं, अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर पंचायत
    सरपंच धर्मेंद्र मंडलोई ने यह भी बताया कि पुनर्वास स्थल अभी तक ग्राम पंचायत को आधिकारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया है। इसके बावजूद पंचायत टैंकरों के माध्यम से किसी तरह पानी उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नर्मदा पाइपलाइन की मरम्मत और स्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था के बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।

    पशुओं के लिए भी पानी का संकट, होद निर्माण की मांग
    गांव में केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि पशुओं के लिए भी गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। बसाहट स्थल पर मवेशियों के लिए एक भी होद (पानी पीने का स्थान) नहीं बनाया गया है, जिससे गर्मी के मौसम में पशुधन भी प्रभावित हो रहा है। सरपंच ने एनवीडीए विभाग से पशुओं के लिए होद निर्माण कराने की मांग की है।

    ग्रामीणों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
    ग्रामीण गौरी बाई सहित अन्य लोगों ने बताया कि उन्हें रोजाना खेतों और कुओं से पानी लाना पड़ता है। शिकायत करने के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    प्रशासन ने दिए कार्रवाई के निर्देश
    मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि पाइपलाइन की मरम्मत और जल आपूर्ति बहाल की जा सके।

  • सेंधवा में बड़ा आरोप-प्रत्यारोप: विधायक ने लगाया वसूली का आरोप, जिला पंचायत CEO ने बताया बेबुनियाद

    सेंधवा में बड़ा आरोप-प्रत्यारोप: विधायक ने लगाया वसूली का आरोप, जिला पंचायत CEO ने बताया बेबुनियाद


    बड़वानी  बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र में विधायक मोंटू सोलंकी और जिला पंचायत सीईओ काजल जावला के बीच विवाद सामने आया है। ग्राम पाड़छा के दौरे के दौरान ग्रामीणों के बीच खड़े होकर विधायक ने सीईओ पर पंचायत सचिवों से 10-10 लाख रुपये की अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया।

    विधायक ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिवों को निलंबन की धमकी देकर उनसे अवैध वसूली की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक दौरे और बैठकों की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

    पानी, सड़क और विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल
    ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए विधायक ने क्षेत्र में पीने के पानी, खराब सड़कों और पुलियों की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी विकास कार्यों की बजाय वसूली और मनमानी में लगे हुए हैं, जिससे जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

    सीईओ का पलटवार: आरोप पूरी तरह निराधार
    जिला पंचायत सीईओ काजल जावला ने विधायक के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि ग्राम पाड़छा में आयोजित गंगा दशहरा के शासकीय कार्यक्रम में विधायक को विधिवत आमंत्रित किया गया था, लेकिन सभी कार्यक्रमों में हर जनप्रतिनिधि की मौजूदगी संभव नहीं होती।

    सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला पंचायत का प्रभार उनके पास है, इसलिए वे नियमित रूप से समीक्षा बैठकें और पंचायतों का निरीक्षण करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि बैठकों के लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।

    निलंबित सचिव का मामला भी जुड़ा
    सीईओ ने बताया कि संबंधित पंचायत में एक सचिव को जल गंगा अभियान के तहत कार्य में अनियमितता के कारण निलंबित किया गया है। आरोप है कि बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान प्रमाणित किया गया था, जिसके चलते सरपंच और जीआरएस को भी नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसी कार्रवाई के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ है।

  • ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए

    ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर प्रशासन सक्रिय: खंडवा में 26 पंजीयन केंद्र बनाए गए


    खंडवा  खंडवा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर जिलेभर में 26 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसान 25 मई से 15 जून 2026 तक अपना निशुल्क पंजीयन करा सकेंगे।प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी फसल को सरकारी खरीदी व्यवस्था से जोड़ सकें और उन्हें उचित मूल्य मिल सके।

    26 केंद्रों पर मुफ्त पंजीयन की सुविधा
    किसानों की सुविधा के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और मार्केटिंग संस्थाओं को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इनमें टेमीकला, सिहाड़ा, गुड़ीखेड़ा, सिंगोट, कालमुखी, अमलपुरा, छैगांवमाखन, पंधाना, मूंदी, भगवानपुरा, सुलगांव, पुनासा, मोहना, दौलतपुरा, छनेरा, बरूड़, सोमगांवखुर्द, किल्लौद, बड़केश्वर, खालवा, खेड़ी और आशापुर सहित कई केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा खालवा की कृषक सहकारी विपणन समिति और हरसूद की को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी में भी पंजीयन की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी।

    ऑनलाइन भी कर सकेंगे पंजीयन
    निशुल्क केंद्रों के अलावा किसान एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), लोक सेवा केंद्र और साइबर कैफे के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क देकर पंजीयन करा सकते हैं। इससे किसानों को अपने नजदीकी स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध होगी।

    गांव-गांव पहुंचेगा प्रचार अभियान
    प्रशासन ने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि कोटवारों और पटवारियों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित न रहे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी किसान समय पर रजिस्ट्रेशन कर सकें और खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

  • खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स

    खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स


    खंडवा । खंडवा के प्रसिद्ध कपड़ा कारोबारी और ‘जींस हाउस’ के संचालक मनीष जैन की हिमाचल प्रदेश यात्रा के दौरान दुखद मौत हो गई। वे अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए भारत-चीन सीमा के पास स्थित ऊंचाई वाले क्षेत्र काजा पहुंचे थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। चालक उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    परिजन पहुंचे हिमाचल, कठिन परिस्थितियों में किया अंतिम संस्कार
    22 मई को मौत की सूचना मिलने के बाद उनके बेटे शांतनु जैन, भाई तपिश जैन और करीबी दोस्त तुरंत हिमाचल प्रदेश रवाना हुए। करीब 30 घंटे की कठिन यात्रा के बाद परिजन काजा पहुंचे, जहां बेहद दुर्गम परिस्थितियों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने बताया कि चारों ओर बर्फ, तेज ठंड और शून्य के आसपास तापमान के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन था। बाद में सतलज नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर अस्थियां प्रवाहित की गईं।

    स्थानीय लोगों और पुलिस ने की मदद
    इस मुश्किल समय में स्थानीय निवासी केसन रेपचिक ने परिजनों की मदद करते हुए लकड़ी, वाहन और अन्य आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई। वहीं हिमाचल पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए सहयोग किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर तुरंत डेथ सर्टिफिकेट जारी किया। परिजनों ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद को अत्यंत संवेदनशील और मानवीय बताया।

    एक्सपर्ट की सलाह: ऊंचाई वाले इलाकों में बरतें विशेष सावधानी
    ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुनीश मिश्रा के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    विशेषज्ञों की सलाह है कि-

    शरीर को ऊंचाई के अनुसार ढलने का समय दिया जाए
    सांस फूलना या सिरदर्द होने पर तुरंत नीचे के इलाके में लौटें
    पल्स ऑक्सीमीटर और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर साथ रखें
    हृदय, बीपी और अस्थमा के मरीज बिना मेडिकल सलाह यात्रा न करें
    पर्याप्त पानी पिएं और शराब-धूम्रपान से बचें
    समुदाय में शोक की लहर
    इस अचानक हुई घटना से खंडवा में शोक का माहौल है। कारोबारी के निधन को व्यापारिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में बड़ी क्षति माना जा रहा है।

  • खंडवा में सड़क पर हड़कंप: ट्रक-टैंकर की जोरदार टक्कर, आधे घंटे रेस्क्यू के बाद घायल बाहर निकाले गए

    खंडवा में सड़क पर हड़कंप: ट्रक-टैंकर की जोरदार टक्कर, आधे घंटे रेस्क्यू के बाद घायल बाहर निकाले गए


    खंडवा । खंडवा जिले के इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पंधाना थाना क्षेत्र की बोरगांव चौकी अंतर्गत एक निजी होटल के सामने ट्रक के ब्रेक फेल हो जाने से वह सामने खड़े टैंकर में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक व क्लीनर केबिन में फंस गए। हादसा करीब दोपहर 2 बजे हुआ, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा।

    केबिन में फंसे ड्राइवर-क्लीनर, आधे घंटे तक चला रेस्क्यू
    हादसे में ट्रक चालक नासिर खान और क्लीनर राशिद खान गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद दोनों केबिन में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सूचना मिलते ही बोरगांव चौकी प्रभारी अविनाश भोपले पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद केबिन का क्षतिग्रस्त हिस्सा काटकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद डायल-100 की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंधाना पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    तेज रफ्तार और ब्रेक फेल हादसे की वजह
    पुलिस के अनुसार ट्रक तेज रफ्तार में था, इसी दौरान अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए। चालक नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सीधे आगे चल रहे टैंकर से टकरा गया। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े।

    हाईवे पर बढ़ते हादसों से चिंता
    स्थानीय लोगों ने बताया कि इंदौर-एदलाबाद हाईवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। भारी वाहनों की तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और तकनीकी खराबी इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर नियमित वाहन जांच, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

  • सरकारी खरीदी से पहले ही मंडी में मूंग की धूम: खरगोन में 55 हजार क्विंटल बिक्री का अनुमान

    सरकारी खरीदी से पहले ही मंडी में मूंग की धूम: खरगोन में 55 हजार क्विंटल बिक्री का अनुमान


    खरगोन। खरगोन जिले में गर्मी की मूंग फसल की सरकारी खरीदी शुरू होने से पहले ही किसान अपनी उपज मंडी और खुले बाजार में बेचने लगे हैं। अनुमान है कि 15 जून के बाद सरकारी खरीदी शुरू होने तक करीब 55 हजार क्विंटल मूंग बाजार में पहुंच चुकी होगी। मंगलवार को मंडी में एक ही दिन में लगभग 1500 क्विंटल मूंग की आवक दर्ज की गई। मंडी में बढ़ती आवक यह साफ संकेत दे रही है कि किसान सरकारी खरीदी प्रक्रिया का इंतजार करने के बजाय सीधे बाजार में बिक्री को ज्यादा बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

    मंडी में 6666 से 7551 रुपये तक पहुंचा भाव
    मंगलवार को खरगोन मंडी में मूंग का भाव 6666 से 7551 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा। लगातार बढ़ती आवक के बीच दामों में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। वर्तमान में मंडी में मूंग का औसत भाव 6800 से 7600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बना हुआ है। अनाज मंडी के आंकड़ों के अनुसार 10 मई के बाद मूंग की आवक में तेजी आई है और अब प्रतिदिन 1200 से 1500 क्विंटल मूंग मंडी में पहुंच रही है।

    सरकारी खरीदी प्रक्रिया में देरी से परेशान किसान
    किसानों का कहना है कि सरकारी खरीदी प्रक्रिया काफी धीमी होती है। पंजीयन, गिरदावरी और भुगतान में कई बार एक महीने तक का समय लग जाता है, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है। किसान आत्माराम भाई ने बताया कि अनिश्चितता के कारण उन्होंने इस बार अपनी मूंग 6000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर मंडी में बेच दी, ताकि समय पर भुगतान मिल सके।

    18,500 हेक्टेयर में हुई मूंग की खेती
    इस वर्ष खरगोन जिले में लगभग 18,500 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की खेती की गई है। कृषि उत्पादन के लिहाज से यह खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में से एक मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर बढ़ती आवक और बाजार में सक्रिय बिक्री यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में मंडी में मूंग की सप्लाई और भी बढ़ सकती है।

  • धार में सड़क हादसे के बाद बवाल: बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव

    धार में सड़क हादसे के बाद बवाल: बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत, ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव


    धार। धार जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छड़ावद में सोमवार देर रात हुए सड़क हादसे के बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यहां 28 वर्षीय बाइक सवार सुनील पिता मोहन की बोलेरो वाहन की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण शव लेकर राजगढ़ थाने पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

    ग्रामीणों ने थाने के बाहर शव रखकर लंबे समय तक हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।

    काम से लौटते समय हुआ हादसा, मुरम के ढेर से बचने की कोशिश में टक्कर
    राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार के अनुसार, मृतक सुनील राजगढ़ में वेल्डिंग का काम करता था और सोमवार रात काम खत्म कर बाइक से अपने गांव लौट रहा था। छड़ावद मार्ग पर सड़क किनारे केबल बिछाने का कार्य चल रहा था, जहां मुरम का ढेर पड़ा था। बताया गया कि बाइक सवार सुनील मुरम के ढेर से बचने की कोशिश कर रहा था, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस कार्रवाई पर सवाल, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
    घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि हादसे के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन गंभीर घटना को नजरअंदाज कर वहां से चली गई। इस बात को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। वहीं पुलिस का कहना है कि वे इनामी बदमाश की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे, और प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि हादसा उससे पहले ही हो चुका था।

    इनामी बदमाश की सूचना पर पहुंची पुलिस, गलत पहचान का मामला
    घटना स्थल पर उस समय देवकृष्ण पुरोहित हत्याकांड के इनामी आरोपी सुरेंद्र भाटी की सूचना पर पुलिस कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान एक युवक को पकड़ लिया गया, लेकिन ग्रामीणों ने उसे सुरेंद्र भाटी नहीं बल्कि रुस्तम बताया। बाद में उसने भी अपना नाम रुस्तम बताया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने इस भ्रम के चलते सड़क हादसे की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।

    बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज, सीसीटीवी से जांच जारी
    थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि बोलेरो वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • धार में बड़ी चोरी से हड़कंप: मनावर में लाखों का माल साफ, खुलासे की मांग को लेकर पाटीदार समाज का विरोध

    धार में बड़ी चोरी से हड़कंप: मनावर में लाखों का माल साफ, खुलासे की मांग को लेकर पाटीदार समाज का विरोध

    धार। धार जिले के मनावर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं को लेकर पाटीदार समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को बड़ी संख्या में समाजजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और एसपी सचिन शर्मा को ज्ञापन सौंपकर हालिया बड़ी चोरी की वारदात का जल्द खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष चंचल पाटीदार सहित कई लोग मौजूद रहे। समाजजनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    घर से तिजोरी उठाकर ले गए चोर, सोना-चांदी और नकदी चोरी
    ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई की रात मनावर तहसील के ग्राम कवठी में दीपक पिता सोमजी पाटीदार के घर अज्ञात बदमाशों ने खिड़की तोड़कर प्रवेश किया और तिजोरी ही उठा ले गए। आरोप है कि चोरों ने करीब 400 ग्राम सोना, ढाई किलो चांदी और लगभग 3 लाख रुपये नकद चोरी कर लिए। पीड़ित परिवार ने 21 मई को सिंघाना चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन समाजजनों का आरोप है कि एफआईआर में चोरी गए सामान का पूरा विवरण शामिल नहीं किया गया।

    सीसीटीवी फुटेज सौंपने के बावजूद कार्रवाई धीमी
    परिवार ने बताया कि चोरी की घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंप दिए गए हैं, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष और पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    किसानों के खेतों से मोटर चोरी, ग्रामीणों में डर का माहौल
    समाजजनों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। किसानों के खेतों से मोटर चोरी जैसी वारदातें भी सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और नाराजगी का माहौल है।

    मनावर तहसील पाटीदार समाज के अध्यक्ष देवराम पाटीदार ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद थाना प्रभारी और एसडीओपी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

    थाना प्रभारी पर लापरवाही के आरोप
    समाजजनों ने कहा कि पुलिस की ओर से मामले में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है और जांच में लापरवाही बरती गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और चोरी का सामान बरामद नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

    एसपी ने दिया जांच और कार्रवाई का आश्वासन
    मामले में एसपी सचिन शर्मा ने समाजजनों को आश्वासन दिया है कि शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई जल्द की जाएगी।

  • देवास में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन: 200 पुलिसकर्मियों ने दबोचे 143 वारंटी, लंबे समय से फरार आरोपी भी गिरफ्त में

    देवास में सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन: 200 पुलिसकर्मियों ने दबोचे 143 वारंटी, लंबे समय से फरार आरोपी भी गिरफ्त में


    देवास । देवास जिले में पुलिस ने सोमवार रात फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ बड़ा कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। इस अभियान में 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिन्होंने पूरे जिले में एक साथ दबिश देकर कार्रवाई की। देर रात तक चली इस मुहिम में कुल 143 फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई से जिलेभर में हड़कंप की स्थिति बन गई और कई आरोपी छिपने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बच नहीं सके।

    लंबे समय से फरार आरोपियों पर विशेष फोकस
    अभियान के दौरान पुलिस ने उन आरोपियों को भी प्राथमिकता से पकड़ा जो लंबे समय से फरार चल रहे थे। कार्रवाई में 5 साल से अधिक समय से फरार 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 10 साल से फरार चल रहे 8 आरोपी भी पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस टीमों ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर फरार वारंटियों के संभावित ठिकानों की तलाशी ली।

    जिलेभर में एक साथ दबिश, अपराधियों में मचा हड़कंप
    रात के समय अचानक शुरू हुई इस कार्रवाई के चलते कई वारंटी और आरोपी छिपने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन पुलिस की लगातार दबिश के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं। पूरे जिले में एक साथ की गई कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया।

    आगे भी जारी रहेगा अभियान
    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए ऐसे कॉम्बिंग गश्त अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे।