Category: Madhya Pradesh

  • नलों से नहीं टपकी एक बूंद: भीषण गर्मी में राजस्थान के कुएं पर निर्भर MP का गांव, पानी के लिए रोज जंग

    नलों से नहीं टपकी एक बूंद: भीषण गर्मी में राजस्थान के कुएं पर निर्भर MP का गांव, पानी के लिए रोज जंग


    राजगढ़  मध्यप्रदेश सरकार की “हर घर नल से जल” योजना के दावों के बीच राजगढ़ जिले का फतेहपुर गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहा है। भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान के बीच गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे सिर पर मटके और बैलगाड़ियों में ड्रम रखकर राजस्थान सीमा तक पानी लेने जाने को मजबूर हैं। गांव में नल लगे हैं, पाइपलाइन भी बिछाई गई है, लेकिन दो साल बाद भी नलों में एक बूंद पानी नहीं पहुंची।

    राजगढ़ जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित फतेहपुर गांव ग्राम पंचायत बावड़ीखेड़ा के अंतर्गत आता है। करीब 200 आबादी वाले इस गांव में पानी का संकट इतना गहरा चुका है कि लोगों का बड़ा हिस्सा रोजाना पानी जुटाने में ही निकल जाता है। गांव के तीनों हैंडपंप बंद पड़े हैं, जबकि गांव का कुआं भी पीने योग्य नहीं बचा। ऐसे में ग्रामीणों का एकमात्र सहारा राजस्थान के झालावाड़ जिले की सीमा पर स्थित कुआं है।

    गांव के गजराज सिंह गुर्जर बैलगाड़ी में खाली ड्रम लेकर राजस्थान की ओर जाते दिखाई देते हैं। वे बताते हैं कि गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ता है। महिलाएं सिर पर मटके रखकर कई चक्कर लगाती हैं, जबकि बच्चे भी इस काम में हाथ बंटाते हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि सुबह की शुरुआत पानी भरने से होती है और उसके बाद ही खेत या मजदूरी पर जा पाते हैं। कई बार दिन में दो-दो बार पानी लाने जाना पड़ता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच यह संघर्ष रोज का हिस्सा बन चुका है।

    पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी नहीं आया
    ग्रामीण कालू सिंह गांव में जमीन से बाहर निकली पाइपलाइन दिखाते हुए कहते हैं कि दो साल पहले नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन डाली गई थी और घरों के बाहर नल लगाए गए थे। लोगों को उम्मीद थी कि अब पानी की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन आज तक पाइपलाइन पूरी तरह जोड़ी ही नहीं गई।

    गांव में जगह-जगह टूटी और बाहर निकली पाइपलाइनें सरकारी योजनाओं की अधूरी तस्वीर पेश कर रही हैं। सूखे नल अब ग्रामीणों के लिए सिर्फ एक प्रतीक बनकर रह गए हैं।

    बच्चों की पढ़ाई और जिंदगी प्रभावित
    पानी की समस्या का असर सिर्फ दैनिक जीवन पर नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे स्कूल जाने से पहले पानी भरने में परिवार का साथ देते हैं। महिलाएं बताती हैं कि घर में पानी खत्म होने का डर हमेशा बना रहता है। भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए रोज संघर्ष करना उनकी मजबूरी बन गया है।

    हर गर्मी में बढ़ जाती है मुश्किल
    मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा पर बसे इस गांव में गर्मी बढ़ते ही हालात और खराब हो जाते हैं। राजस्थान के कुएं पर भीड़ बढ़ जाती है और पानी भरने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिलते आए हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ।

    प्रशासन ने माना संकट
    खिलचीपुर जनपद सीईओ गोविंद सिंह सोलंकी ने गांव में पानी संकट की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने और पथरीली जमीन के कारण पाइपलाइन कार्य में तकनीकी दिक्कतें आईं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि जल्द ही योजना का काम पूरा कर गांव में पानी पहुंचाया जाएगा।

    फिलहाल फतेहपुर गांव के लोगों के लिए हर दिन पानी की तलाश में शुरू होता है और उसी चिंता में खत्म होता है। सरकारी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच यह गांव आज भी प्यासा खड़ा है।

  • मां की उम्मीद ने तोड़ा दिल: बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक प्रार्थना, डेडबॉडी से खून बहता रहा

    मां की उम्मीद ने तोड़ा दिल: बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक प्रार्थना, डेडबॉडी से खून बहता रहा


    विदिशा । विदिशा जिले में एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां अपने बेटे की मौत के बाद भी उसे जीवित मानकर पांच दिनों तक उसके शव के पास बैठी रही और लगातार प्रार्थना करती रही। महिला ने बेटे के सीने पर बाइबिल रख दी थी और उसे जिंदा करने की उम्मीद में लगातार धार्मिक अनुष्ठान करती रही।

    मृतक की पहचान शीनू वर्गिस (42) के रूप में हुई है, जो मुंबई में फैशन डिजाइनिंग का काम करता था और कुछ समय से अपनी मां के साथ विदिशा में रह रहा था। पिता की मौत के बाद वह मां की देखभाल के लिए उनके साथ रह रहा था।

    पड़ोसियों और पुलिस के अनुसार, महिला मरियमा वर्गिस ने बेटे की मौत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें विश्वास था कि प्रार्थना और बाइबिल रखने से उनका बेटा वापस जीवित हो जाएगा। इसी कारण शव को घर में ही रखा गया और अंतिम संस्कार नहीं किया गया।

    मामले का खुलासा तब हुआ जब दूध विक्रेता सुबह घर पर पहुंचा और दरवाजे के नीचे से तेज दुर्गंध और खून बहता देखा। इसके बाद आसपास के लोगों को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।

    पुलिस जब मौके पर पहुंची तो महिला ने उन्हें घर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की और दरवाजा बंद करने का प्रयास भी किया। काफी समझाने के बाद पुलिस अंदर दाखिल हुई, जहां कमरे में शीनू का शव पड़ा मिला। शव के ऊपर बाइबिल रखी हुई थी और धार्मिक सामग्री भी मौजूद थी।

    पुलिस के अनुसार, शव लगभग पांच दिन पुराना था और उसमें दुर्गंध तथा कीड़े लग चुके थे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक लंबे समय से बीमार था।

    फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मौत के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। महिला को निगरानी में रखा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।

    यह घटना न सिर्फ मानवीय संवेदना को झकझोरती है, बल्कि मानसिक स्थिति और जागरूकता को लेकर भी कई सवाल खड़े करती है।

  • विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना

    विदिशा होटल में अफरा-तफरी: शॉर्ट सर्किट से आग लगी, कर्मचारियों की सूझबूझ से बची बड़ी दुर्घटना


    विदिशा । विदिशा शहर के माधवगंज चौराहे स्थित होटल राजावत में मंगलवार सुबह अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई जब होटल के मीटर बॉक्स से धुआं निकलता देखा गया। शुरुआती तौर पर कर्मचारियों को स्थिति समझ नहीं आई, लेकिन कुछ ही देर में चिंगारियां निकलने लगीं और आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया।

    होटल स्टाफ ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए स्थिति को संभालने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। साथ ही होटल में मौजूद अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग को फैलने से पहले ही मीटर बॉक्स तक सीमित कर दिया गया।

    सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पानी डालकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लिया। समय रहते की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    होटल संचालक महिपाल सिंह ने बताया कि यदि मौके पर अग्निशमन यंत्र मौजूद नहीं होते तो आग तेजी से फैल सकती थी और होटल को भारी नुकसान हो सकता था। उन्होंने कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।

    संचालक ने अन्य व्यापारियों, होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों और घरों में अग्निशमन यंत्र अवश्य रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

  • सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

    सीहोर के बिजौरी गांव में प्रदर्शन: लंबे बिजली कटौती से पेयजल संकट और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी


    सीहोर। सीहोर जिले के बिजौरी गांव में अघोषित बिजली कटौती और लगातार ट्रिपिंग की समस्या ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से परेशान लोग सड़क पर उतर आए और विद्युत वितरण कंपनी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

    ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली आपूर्ति का कोई तय समय नहीं है। कभी भी बिजली गुल हो जाती है और लंबे समय तक बहाल नहीं होती। इससे लोगों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। रात के समय जहां लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं, वहीं दिन में जरूरी घरेलू और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

    बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि मोटर और पंप बंद रहने से गांव में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई घरों में पीने के पानी तक की किल्लत हो रही है।

    इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी और अंधेरे के कारण छात्र-छात्राएं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और बीमार लोग भी लगातार परेशान हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी समय पर बिल वसूलने में कोई देरी नहीं करती, लेकिन 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे जमीन पर दिखाई नहीं देते।

    लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई समाधान नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जाता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे।

  • सतना में दर्दनाक मामला: खाना और शरबत पीने के बाद मासूम की मौत, एक ही परिवार के 4 लोग बीमार

    सतना में दर्दनाक मामला: खाना और शरबत पीने के बाद मासूम की मौत, एक ही परिवार के 4 लोग बीमार


    सतना । सतना जिले के उचेहरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत परसमनिया में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां संदिग्ध खाद्य विषाक्तता (फूड प्वॉइजनिंग) के कारण एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। इस घटना में 7 वर्षीय किशुन दहिया की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य अभी भी निजी अस्पताल में भर्ती हैं।

    जानकारी के अनुसार परिवार ने रोटी और करेला की सब्जी खाने के बाद बेल का शरबत पिया था। कुछ ही समय बाद सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर सभी को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही 7 वर्षीय किशुन दहिया ने दम तोड़ दिया।

    घटना के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने शुरुआती दौर में दूषित पानी से बीमारी फैलने की आशंका जताई थी, जिसके बाद प्रशासन और पीएचई विभाग ने जांच शुरू की।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा किए गए जल परीक्षण में बाबूलाल दहिया के कुएं के पानी की जांच की गई। रिपोर्ट में पानी में ई-कोलाई और टोटल कॉलिफॉर्म बैक्टीरिया नहीं पाए गए, और सभी भौतिक व रासायनिक मानक सामान्य सीमा में पाए गए। इसके बाद विभाग ने पानी को सुरक्षित घोषित कर दिया है।

    पानी को क्लीनचिट मिलने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की जांच फूड प्वॉइजनिंग की दिशा में केंद्रित हो गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि करेला की सब्जी में कीटनाशक का प्रभाव हो सकता है, जिससे यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई। फिलहाल तीनों बीमार मरीजों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।

  • सतना में नौतपा की शुरुआत झुलसाने वाली: 44.9 डिग्री तापमान, रेड अलर्ट जारी, बिजली ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी

    सतना में नौतपा की शुरुआत झुलसाने वाली: 44.9 डिग्री तापमान, रेड अलर्ट जारी, बिजली ट्रिपिंग ने बढ़ाई परेशानी


    सतना । सतना में नौतपा की शुरुआत इस बार भीषण गर्मी के साथ हुई है। सोमवार को जिले में अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक है। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के चलते मौसम विभाग ने जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। आने वाले दिनों में भी लू के तेज़ प्रभाव को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    सुबह से ही गर्म हवाओं का असर दिखने लगा था और 9 बजे के बाद से ही तेज धूप और लू ने हालात और खराब कर दिए। दोपहर होते-होते शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और आमतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाके भी सूने नजर आए। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग घरों से बाहर निकले।

    भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखा गया, जो पानी और छांव की तलाश में भटकते नजर आए। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मंगलवार को भी सतना में रेड अलर्ट जारी रहेगा, जिसके बाद हालात थोड़े स्थिर होकर ऑरेंज अलर्ट में बदल सकते हैं।

    रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। लगातार कई दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर बने रहने के कारण वातावरण में नमी भी बेहद कम हो गई है।

    गर्मी के साथ-साथ बिजली संकट ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बढ़ती मांग के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग की समस्या सामने आ रही है। कई स्थानों पर शॉर्ट सर्किट और आर्मर्ड केबल में आग लगने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।

    खूथी, जवाहर नगर, धवारी, एमपी नगर, प्रेमनगर, नजीराबाद, बजरहा टोला और नई बस्ती जैसे क्षेत्रों में लगातार बिजली ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। भीषण गर्मी और बिजली संकट ने मिलकर जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

  • नागौद में बिजली चोरी से हड़कंप: बदमाश काट ले गए हाईटेंशन लाइन के तार, ग्रामीण इलाकों की सप्लाई ठप

    नागौद में बिजली चोरी से हड़कंप: बदमाश काट ले गए हाईटेंशन लाइन के तार, ग्रामीण इलाकों की सप्लाई ठप


    उज्जैन । उज्जैन में सोमवार से शुरू हुई मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का भव्य समापन मंगलवार को गंगा दशहरा के पावन अवसर पर रामघाट पर होने जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर पूरे शहर में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है। परिक्रमा यात्रा के समापन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल होंगे और मां शिप्रा को लगभग 300 फीट लंबी भव्य चुनरी अर्पित करेंगे।

    यह आयोजन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत संगम माना जा रहा है। रामघाट पर होने वाले इस कार्यक्रम में भारतीय नौसेना का बैंड अपनी देशभक्ति और भक्ति संगीत की धुनों से वातावरण को और भी भव्य बनाएगा। वहीं प्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर की विशेष प्रस्तुति श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी।

    परिक्रमा यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मंच लगाए। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत, फल और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को सुविधा मिली।

    सोमवार शाम दत्त अखाड़ा घाट पर इंदौर के कलाकार श्रेयांश शुक्ला और जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें श्रद्धालुओं ने खूब सराहा।

    यह पूरी यात्रा शिप्रा लोक संस्कृति समिति के संयोजन में महाराज विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन विकास प्राधिकरण, रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरी और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित की गई।

    यात्रा का पहला चरण रामघाट से शुरू होकर नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम होते हुए दत्त अखाड़ा तक पहुंचा, जहां रात्रि विश्राम किया गया। दूसरे दिन यह यात्रा रणजीत हनुमान, कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा और वाल्मीकि धाम होते हुए पुनः रामघाट पर समापन करेगी। पूरा आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बन गया है।

  • जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज

    जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज


    सतना । सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के कंदवा गांव में जमीन विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला तलवार, चाकू और डंडों से हमले तक पहुंच गया। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और हथियारों का इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पक्ष की शिकायत पर फौजी समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।

    पहले पक्ष के राजकिशोर तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार और गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 25 मई की शाम करीब 6 बजे विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जब दूसरे पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए।

    शिकायत के अनुसार, हमलावरों में से एक व्यक्ति तलवार लेकर आया था, जबकि अन्य लोग चाकू और डंडों से लैस थे। आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर बैठी तुलसी देवी और अन्य परिजनों पर हमला किया। विरोध करने पर पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

    घटना के बाद घायल पक्ष थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें फौजी पंकज तिवारी, मनीष तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी शामिल हैं।

    वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि छुट्टी पर घर आए फौजी पंकज तिवारी पर पहले हमला किया गया। इस शिकायत में राजकिशोर तिवारी सहित पांच अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल, वीडियो फुटेज और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा न हो।

  • कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में

    कलेक्ट्रेट में हंगामा: रामचरितमानस जलाने की कोशिश के बाद आत्मदाह का प्रयास, युवक हिरासत में


    सागर । सागर में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस को आग के हवाले कर दिया और बाद में खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे बड़ी घटना टल गई।

    घटना के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया है। उसकी पहचान जैसीनगर के घोघरी गांव निवासी बहादुर चढ़ार (37) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गोपालगंज थाने में रखकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, बहादुर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में उसके साथ गंभीर मारपीट हुई थी और इस मामले में आरोपी मुन्ना के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका कहना है कि वह लंबे समय से पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा था, लेकिन सुनवाई न होने से वह मानसिक रूप से आहत था।

    युवक ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी और हताशा में उसने यह कदम उठाया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपने साथ पेट्रोल के अलावा पटाखे भी लेकर आया था। जैसे ही उसने रामचरितमानस को आग लगाई, मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने तुरंत उसे रोक लिया।

    घटना के बाद प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने युवक से बातचीत कर उसके आरोपों को सुना और मामले की जांच का आश्वासन दिया।

    वहीं, इस घटना के बाद कुछ लोगों ने धार्मिक ग्रंथ जलाने के विरोध में आरोपी युवक पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

  • साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग

    साध्वियों को कुचलने वाले मामले में सख्त रुख: एक्सपर्ट बोले-‘अनकंट्रोल नहीं थी कार’, ड्राइवर पर हत्या का आरोप मानने की मांग


    रीवा । रीवा में तेज रफ्तार कार से कुचलकर दो जैन साध्वियों की मौत के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज और विशेषज्ञों की राय ने इस पूरे प्रकरण को एक साधारण सड़क दुर्घटना के बजाय एक संदिग्ध मामला बना दिया है। इसी के चलते जैन समाज ने आरोपी पर दर्ज ‘गैर इरादतन हत्या’ की धारा को हटाकर सीधे ‘हत्या’ का मामला दर्ज करने की मांग तेज कर दी है।

    घटना में पूज्य श्रुति मति माता और उपसमिति माता की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य आर्यिका माता गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार जारी है। शुरुआती पुलिस जांच में इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई है।

    फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार मेन रोड पर सामान्य गति से चल रही थी और अचानक मोड़ लेकर पैदल चल रही साध्वियों को कुचल देती है। इसके बाद वाहन तेज गति से मौके से निकल जाता है। इसी आधार पर एक्सपर्ट्स ने सवाल उठाए हैं कि यह घटना अनियंत्रित वाहन का परिणाम नहीं बल्कि नियंत्रण में चल रही कार द्वारा की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यदि चालक को झपकी आई होती या वाहन अनियंत्रित होता, तो कार का मूवमेंट अलग प्रकार का होता और वह या तो सीधा आगे बढ़ती या अधिक कोण पर मुड़ती। लेकिन फुटेज में वाहन का सटीक मोड़ लेकर साध्वियों की ओर जाना इस मामले को संदिग्ध बनाता है।

    घटना शहर के वीआईपी क्षेत्र में हुई, जहां कलेक्ट्रेट, पुलिस कंट्रोल रूम, सिविल लाइन थाना और एसपी कार्यालय कुछ ही दूरी पर स्थित हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना होना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

    जैन समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि जब घटना CCTV में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, तो इसे सड़क दुर्घटना मानना उचित नहीं है। समाज ने आरोपियों पर हत्या की धाराएं लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    पुलिस ने आरोपी रशीद आबाद अली शाह को गिरफ्तार कर लिया है, जो नागपुर का रहने वाला बताया गया है। घटना के बाद वह फरार हो गया था और बाद में उसे जबलपुर के बहोरीपार टोल नाके से पकड़ा गया।

    एडिशनल एसपी के अनुसार, पूरे मामले की जांच CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल जैन समाज की मांग है कि मामले में SIT या न्यायिक जांच कराई जाए और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए।