Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में भीषण गर्मी का सितम जारी, खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा, 46 डिग्री पहुंचा पारा

    एमपी में भीषण गर्मी का सितम जारी, खजुराहो में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा, 46 डिग्री पहुंचा पारा


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। पर्यटन नगरी खजुराहो में सोमवार को तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म स्थान रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए 4 जिलों में लू और 12 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 1 मई तक तेज गर्मी के बीच बारिश की भी संभावना बनी हुई है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, 28 अप्रैल से लू के असर में कुछ कमी आने की उम्मीद जताई गई है। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में मंगलवार को लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है।

    कई शहरों में 44 डिग्री के पार तापमान
    सोमवार को खजुराहो (46.0°C) और नौगांव (45.5°C) के अलावा श्योपुर और दतिया सहित कुल 13 शहरों में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 43.4°C, इंदौर में 42.0°C, उज्जैन में 42.4°C और जबलपुर में 42.7°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। खजुराहो में जहां 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, वहीं अब सर्वकालिक रिकॉर्ड पर भी खतरा मंडरा रहा है। 29 अप्रैल 1993 को यहां अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यदि गर्मी का यही सिलसिला जारी रहा, तो यह रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

    गर्मी से बचाव के लिए सलाह
    मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में धूप से बचने और हल्के व सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

  • भोपाल मंडल को नई सौगात: कल से चलेगी बनारस–हडपसर अमृत भारत एक्सप्रेस, कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी

    भोपाल मंडल को नई सौगात: कल से चलेगी बनारस–हडपसर अमृत भारत एक्सप्रेस, कई प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी


    भोपाल। भोपाल मंडल के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। पश्चिम मध्य रेलवे ने बनारस से हडपसर के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन विशेष फेरे की शुरुआत 28 अप्रैल से करने का फैसला लिया है। यह ट्रेन आधुनिक सुविधाओं से लैस अमृत भारत रेक के साथ चलाई जाएगी।

    गाड़ी संख्या 02531 बनारस–हडपसर उद्घाटन स्पेशल वाराणसी से शाम 4:45 बजे रवाना होगी। इस ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे, जो यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव देंगे।

    भोपाल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव
    यह ट्रेन भोपाल मंडल के कई अहम स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। तय समय के अनुसार—

    बीना: सुबह 5:15 आगमन, 5:20 प्रस्थान
    रानी कमलापति स्टेशन: सुबह 7:35 आगमन, 7:40 प्रस्थान
    नर्मदापुरम: सुबह 8:50 आगमन, 8:55 प्रस्थान
    इटारसी: सुबह 9:25 आगमन, 9:30 प्रस्थान
    हरदा: सुबह 10:20 आगमन, 10:25 प्रस्थान

    इन शहरों से होते हुए पहुंचेगी हडपसर
    इसके बाद ट्रेन खंडवा, भुसावल, जलगांव, मनमाड, कोपरगांव, अहिल्यानगर और दौंड कॉर्ड लाइन से होते हुए अगले दिन रात 12:55 बजे हडपसर पहुंचेगी।

    यात्रियों को मिलेगा तेज और आधुनिक सफर
    इस नई ट्रेन सेवा के शुरू होने से पूर्व और पश्चिम भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और आधुनिक रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। रेल प्रशासन के मुताबिक, फिलहाल यह उद्घाटन विशेष फेरा है और इसके नियमित संचालन की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।

  • छिंदवाड़ा: हज यात्रियों को छोड़ लौट रही कार हादसे का शिकार, तीन की मौत, तीन गंभीर घायल

    छिंदवाड़ा: हज यात्रियों को छोड़ लौट रही कार हादसे का शिकार, तीन की मौत, तीन गंभीर घायल


    छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के उमरानाला क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नागपुर में हज यात्रियों को छोड़कर लौट रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक महिला की हालत गंभीर होने पर उसे नागपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं वाहन चालक और एक अन्य घायल ने छिंदवाड़ा में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    तीन घायल निजी अस्पताल में भर्ती
    कार में सवार अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। इनमें दो लोग मृत अवस्था में पहुंचे थे, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया।

    कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त, जांच जारी
    हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने या वाहन से नियंत्रण खोने के कारण यह दुर्घटना हुई। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

  • ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस MLA, पुलिस से झूमाझटकी, 'नारी शक्ति वंदन’ पर गरमाई बहस

    ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस MLA, पुलिस से झूमाझटकी, 'नारी शक्ति वंदन’ पर गरमाई बहस


    भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। सदन के भीतर तीखी बहस हुई, जबकि बाहर कांग्रेस विधायक के ट्रैक्टर लेकर पहुंचने की कोशिश ने माहौल और गरमा दिया। हंगामे के चलते कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट भी किया।

    ट्रैक्टर लेकर पहुंचे विधायक, पुलिस से हुई बहस
    कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा जाने के लिए निकले थे, लेकिन मंत्रालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। शाह का कहना था कि उन्होंने ट्रैक्टर के लिए पास बनवाया था, जबकि पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि ट्रैक्टर को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। बाद में विधायक गेहूं का गठ्ठा लेकर विधानसभा पहुंचे, जो विरोध का प्रतीक बना।

    सदन में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर तीखी बहस
    विधानसभा के अंदर ‘नारी शक्ति वंदन’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल राजनीतिक कारणों से लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से मुकाबला नहीं कर पाने के कारण यह कदम उठाया गया।

    महिलाओं की उम्मीदों से खिलवाड़
    मंत्री कृष्णा गौर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में बिल पास न होने से महिलाओं को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उम्मीद थी कि उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष ने उनकी उम्मीदें तोड़ दीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को अधिकार देने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने इसका विरोध किया।

    परिसीमन पर विपक्ष के सवाल, वॉकआउट
    कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि यदि महिलाओं को अधिकार देना है तो परिसीमन का इंतजार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और इसे “दिखावा” बताया।

    इतिहास पर भी छिड़ी बहस
    कांग्रेस विधायक राजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पहले भी महिला आरक्षण को लेकर पहल की गई थी। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सवाल उठाते हुए उस दावे को चुनौती दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर भी तीखी बहस हुई।

    महिलाओं के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप तेज
    पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनकी सोच महिलाओं को आगे बढ़ाने की नहीं रही। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर तीसरी सीट पर प्रतिनिधित्व की उम्मीद कर रही थीं, लेकिन उन्हें निराशा मिली। वहीं हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आरक्षण परिसीमन के साथ ही लागू होगा, ताकि जनसंख्या के अनुसार संतुलित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की योजनाओं से बेटियों की स्थिति में सुधार हुआ है और कई योजनाओं का लाभ लाखों को मिला है।

    तुरंत आरक्षण लागू करने की मांग
    कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने मांग की कि मौजूदा सीटों पर ही महिलाओं को आरक्षण दिया जाए। उन्होंने “कोटे में कोटा” की भी वकालत की, ताकि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने कहा कि परिसीमन और जनगणना जैसी प्रक्रियाओं के नाम पर महिलाओं को इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए।

  • MP: मुरैना में भक्ति की अनोखी मिसाल… खड़ियाहार गांव की रेखा ने भगवान ठाकुर जी से रचाया विवाह

    MP: मुरैना में भक्ति की अनोखी मिसाल… खड़ियाहार गांव की रेखा ने भगवान ठाकुर जी से रचाया विवाह


    मुरैना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) जिले के खड़ियाहार गांव (Khadiyahar village) में भक्ति की अनोखी मिसाल देखने को मिली. 42 साल की रेखा तोमर (Rekha Tomar) ने भगवान ठाकुर जी (Bhagwan Thakur ji) को अपना दूल्हा मानकर वैदिक रीति से विवाह रचा लिया. पूरे गांव में भजन-कीर्तन और राधे-राधे के जयकारे गूंजे. इस आयोजन को ग्रामीणों ने आस्था और समर्पण का दुर्लभ उदाहरण बताया।

    मुरैना जिले के एक छोटे से गांव खड़ियाहार में 42 वर्षीय रेखा तोमर ने भगवान श्री ठाकुर जी को अपना जीवनसाथी मानते हुए पूरे विधि-विधान और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचा लिया. यह घटना सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उस आस्था की अभिव्यक्ति है, जिसमें व्यक्ति अपने जीवन को पूरी तरह ईश्वर के चरणों में समर्पित कर देता है. गांव में हुए इस आयोजन ने हर किसी को चौंकाया भी और भावुक भी किया.

    इस अनोखे विवाह की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, यह आयोजन पूरी तरह पारंपरिक हिंदू रीति से किया गया, जिसमें विवाह की हर रस्म को विधिवत निभाया गया. रेखा तोमर लंबे समय से ठाकुर जी की भक्ति में लीन थीं और उन्होंने पहले ही यह संकल्प लिया था कि वह अपना जीवन प्रभु को समर्पित करेंगी. यही संकल्प इस विवाह का आधार बना. भक्ति के इस रूप ने एक बार फिर यह साबित किया कि आस्था की कोई सीमा नहीं होती और यह व्यक्ति को अलग पहचान देती है.

    वैदिक रीति से संपन्न हुआ विवाह

    ग्राम खड़ियाहार के प्राचीन देवालय में यह विवाह संपन्न हुआ. मंदिर के पुजारी रामदुलारे बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी धार्मिक रस्में पूरी कराईं. लग्न पत्रिका का वाचन हुआ. पूजन और पैर पूजाई जैसी परंपराएं निभाई गईं. पूरा आयोजन एक पारंपरिक शादी की तरह ही आयोजित किया गया, जिसमें हर विधि का पालन किया गया.


    भाई ने किया कन्यादान, भावुक हुआ माहौल

    इस विवाह का सबसे भावुक पल तब आया, जब रेखा तोमर के भाई सुरेंद्र ने उनका कन्यादान किया. परिवार के लिए यह क्षण आस्था और भावना का संगम था. ग्रामीणों ने भी इस दृश्य को श्रद्धा के साथ देखा. यह आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी एक अलग अनुभव लेकर आया.


    भजन-कीर्तन से गूंजा पूरा गांव

    विवाह के दौरान पूरे गांव में भक्ति का माहौल रहा. भजन-कीर्तन और राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गूंज उठा. बड़ी संख्या में ग्रामीण इस आयोजन में शामिल हुए. लोगों ने इसे आस्था और समर्पण की अनोखी मिसाल बताया. गांव के कई प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने इसे दुर्लभ आयोजन माना.


    कौन हैं रेखा तोमर

    रेखा तोमर, पिता लाखन सिंह, लंबे समय से धार्मिक प्रवृत्ति की रही हैं. ग्रामीणों के अनुसार, वह अधिकतर समय पूजा-पाठ और भजन में व्यतीत करती थीं. उनका यह निर्णय अचानक नहीं था, बल्कि वर्षों की भक्ति और साधना का परिणाम था. उन्होंने सामाजिक जीवन से अलग हटकर आध्यात्मिक जीवन को प्राथमिकता दी.


    ईश्वर को जीवनसाथी मानने की परंपरा नई नहीं

    धार्मिक मान्यताओं में ईश्वर को जीवनसाथी मानने की परंपरा नई नहीं है. इतिहास और भक्ति परंपरा में कई उदाहरण मिलते हैं, जहां भक्त ने ईश्वर को अपना सर्वस्व मान लिया. ऐसे आयोजन समाज में आस्था और विश्वास को मजबूत करते हैं. हालांकि, यह व्यक्तिगत आस्था का विषय होता है और हर व्यक्ति इसे अपने तरीके से समझता है।

  • नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत में 5 की मौत

    नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत में 5 की मौत


    नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम–पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास रविवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार टवेरा और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    रात करीब 1 बजे हुआ हादसा
    यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात लगभग 1 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि टवेरा सवार सभी लोग महेंद्रवाड़ी और माखननगर के रहने वाले थे और वे अपने गांव के एक शादी समारोह में शामिल होकर बुधनी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई।

    ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार, क्रॉसिंग के समय टवेरा वाहन अनाज से भरी ट्रॉली के साइड से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टवेरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    पुलिस और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी घायलों का इलाज जारी है।

    अस्पताल में जुटी भीड़, जांच शुरू
    हादसे की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जो सोमवार को नर्मदापुरम में किया जाएगा। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    मृतकों के नाम
    इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनके नाम इस प्रकार हैं-
    शुभम मोरप्पा (18), महेंद्रवाड़ी
    विनीत यादव (22), महेंद्रवाड़ी
    साहिल यादव (19), महेंद्रवाड़ी
    हरि सिंह (57), महेंद्रवाड़ी
    संतोष प्रजापति, माखननगर

  • MP: छतरपुर में पंचायत सचिव का कारनामा… 3 'जिंदा' लोगों के जारी कर दिए डेथ सर्टिफिकेट…

    MP: छतरपुर में पंचायत सचिव का कारनामा… 3 'जिंदा' लोगों के जारी कर दिए डेथ सर्टिफिकेट…


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में एक पंचायत सचिव को 3 जिंदा लोगों के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. जहां स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सचिव ने शायद किसी दबाव में आकर ऐसा किया हो, वहीं अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह गलती शायद कंप्यूटर चलाने की जानकारी न होने के कारण हुई हो।

    सचिव अमर सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई 17 अप्रैल को रमाबाई रायकवार, गिरजा विश्वकर्मा और कल्लू अहिरवार की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद की गई. इन लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया था और उनके मृत्यु प्रमाण पत्र गलत तरीके से बना दिए गए थे।


    पेंशन रुकी तो पता चला- ‘हम तो मर चुके हैं’

    अपनी शिकायत में रायकवार और विश्वकर्मा ने कहा कि उन्हें मृत घोषित किए जाने के बाद उनकी विधवा पेंशन रोक दी गई थी. अहिरवार ने दावा किया कि वह दलित कल्याण योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों का फायदा नहीं उठा पा रहे थे, क्योंकि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।


    बदला या तकनीकी गलती?

    स्थानीय लोगों ने दावा किया कि इन तीनों लोगों ने चुनाव के दौरान चंद्रापुरा के सरपंच के खिलाफ काम किया था, और हो सकता है कि सरपंच ने बदला लेने के लिए सचिव पर दबाव डाला हो।


    CEO की कार्रवाई और सचिव का निलंबन

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नमः शिवाय अरजरिया ने चंद्रापुरा ग्राम पंचायत के सचिव अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. हालांकि, अरजरिया ने कहा कि वह इस शिकायत पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, क्योंकि अभी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि सचिव को कंप्यूटर चलाने की ज्यादा जानकारी नहीं थी और इसलिए शायद यह गलती हो गई हो।

    CEO ने कहा कि शुरुआती तौर पर यह पाया गया कि यह कृत्य ‘मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1996’ के तहत एक गंभीर कदाचार (गलत आचरण) है. निलंबन की अवधि के दौरान अमर सिंह को जनपद पंचायत गौरिहार कार्यालय से अटैच किया जाएगा और उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

  • MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल

    MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर रेलवे स्टेशन (Gwalior Railway Station) पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से भीड़ की स्थिति बन गई. इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक 7 साल की बच्ची के घायल होने की बात सामने आई है.

    दरअसल, बच्ची अपने परिवार के साथ यात्रा के लिए स्टेशन पहुंची थी, तभी वह भीड़ के बीच फंस गई. परिजनों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला. बच्ची के घायल होने की जानकारी उसके माता-पिता ने दी है।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि VVIP आगमन के दौरान पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से आम यात्रियों को परेशानी हुई. साथ ही स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते रास्ते संकरे होने की वजह से भी स्थिति और बिगड़ने की बात कही गई है. फिलहाल यह मामला चर्चा में है और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार रात अंचल के चार दिवसीय दौरे पर ग्वालियर स्टेशन पहुंचे थे, जहां उनके समर्थक स्वागत करने उमड़ पड़े. इस दौरान बेकाबू हुए समर्थकों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई और इस तरह कई लोग इस धक्का मुक्की का शिकार हुए, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी गोवा एक्सप्रेस से गोवा जाने के लिए स्टेशन पहुंचे सिकंदर कंपू निवासी कुशवाह परिवार को हुई, जहां उनकी 7 साल की मासूम इक्षिता भीड़ के पैरों के नीचे दब गई.

    मासूम चीख पुकार मचाने लगी, लेकिन तब तक भीड़ उसके पैरों को कुचलती हुई आगे बढ़ गई. बमुश्किल मासूम के परिजनों ने उसे भीड़ से बचाया. रोती बिलखती हुई मासूम इक्षिता को परिजनों ने जैसे तैसे शांत कराया.


    परिजनों का फूटा गुस्सा

    वहीं, परिजनों का मासूम बेटी के पैर में चोट आने पर गुस्सा फूट बैठा. परिजनों ने कहा कि “माना VVIP का आगमन है, इसका मतलब ये नही की जनता को परेशान किया जाएगा. उनके साथ धक्का मुक्की होगी, बच्चों को पैरों तले दबा दिया जाएगा. परिजनों ने स्टेशन पर इस अव्यवस्था के लिए RPF,स्थानीय पुलिस बल, स्टेशन प्रबंधन को जिम्मदार माना है.


    संकरे रास्ते ने बढ़ाई मुश्किल

    बता दें कि स्टेशन पर पुनर्विकास का काम चल रहा है. जिसके चलते वैकल्पिक रास्ते प्लेटफॉर्म से बाहर आने के लिए तैयार किए गए हैं जो काफी संकरे भी हैं. यही वजह है कि हर बार की तरह बड़ी संख्या में पहुंचे सिंधिया समर्थकों के बीच स्वागत की होड़ में आम लोग, यात्री परेशान होते हुए दिखे।

  • MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

    MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली।

    जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

    दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी।

    10 साल से अलग रह रही थी पत्नी
    करीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है।


    परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधार

    पत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया।


    पति को अप्रैल में हुई जानकारी

    ऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी।

    ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।

  • मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा

    मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अप्रैल महीने की गर्मी इस बार नए रिकॉर्ड बना रही है। रविवार को आंधी और हल्की बारिश के बीच भी तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, मानो आसमान से आग बरस रही हो। पर्यटन स्थल खजुराहो में पहली बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, इंदौर में 6 साल और भोपाल-जबलपुर में 3 साल के भीतर की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई।

    सोमवार के लिए प्रदेश के 13 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इंदौर और उज्जैन में गर्म रात (वॉर्म नाइट) की चेतावनी भी दी गई है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर बना रहेगा। दूसरी ओर, श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा।

    रविवार को प्रदेश में पहली बार इस सीजन में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा। खजुराहो के अलावा नौगांव में 44.6 डिग्री, सागर और नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, दमोह में 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंचा। शाजापुर में 43.7 डिग्री, रायसेन, सतना, रतलाम और गुना में 43.6 डिग्री, रीवा और मलाजखंड में 43.5 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री और बैतूल में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 43.5 डिग्री तक पहुंचा। ग्वालियर में 42.9 डिग्री और उज्जैन में 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    रिकॉर्ड की बात करें तो इंदौर में 43 डिग्री तापमान के साथ अप्रैल की गर्मी ने 6 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 2019 में यहां 43.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। भोपाल में यह बीते 10 वर्षों का तीसरा सबसे गर्म दिन रहा, जबकि 3 साल बाद इतनी तेज गर्मी दर्ज की गई। जबलपुर में भी 3 साल के बाद सबसे ज्यादा तापमान 43.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर भी देखने को मिला। इंदौर, महू, भोपाल, सीहोर, रतलाम, शाजापुर, सागर और विदिशा के गंजबासौदा सहित कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में बदलाव बना हुआ है। साथ ही, अगले तीन दिनों तक एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह मिला-जुला मिजाज जारी रह सकता है।