Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना

    भोपाल में सीएम मोहन यादव का अनोखा अंदाज जनता के बीच पहुंचे कांग्रेस पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही राजनीतिक और जनसंवाद का नजारा देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अचानक वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट पहुंच गए। उनके इस अचानक दौरे ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और माहौल उत्साह से भर गया। मुख्यमंत्री ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात को सुना और आम लोगों के साथ बैठकर संवाद भी किया।

    सीएम का यह अंदाज काफी अलग और सहज था जहां उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के युवाओं और आम नागरिकों से बातचीत की। उन्होंने लोगों के साथ बैठकर स्वल्पाहार किया और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार तीसरे साल यह अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान के जरिए पुराने जल स्रोतों जैसे कुएं और बावड़ियों को नया जीवन मिल रहा है और मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री ने किसानों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह किसान हितैषी है। उन्होंने बताया कि सरकार गेहूं के साथ साथ चना और मसूर की भी खरीद कर रही है जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।

    इस दौरान सीएम मोहन यादव ने विपक्ष विशेषकर कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ जो अन्याय हुआ है उसे देश कभी नहीं भूलेगा और कांग्रेस को इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया।

    सीएम ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक है लेकिन विपक्षी दलों के रवैये के कारण यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और रोजगार के लिए लगातार प्रयास कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का सहज और जनसरोकारों से जुड़ा रूप देखने को मिला जहां उन्होंने सीधे जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित किया। लोगों ने भी उनके इस अंदाज की सराहना की और खुलकर अपने विचार साझा किए।

    कुल मिलाकर यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनके बीच भरोसा मजबूत करने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है जिसमें मुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं के साथ साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी स्पष्ट राय रखी।

  • मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार

    मामूली झगड़ा बना खौफनाक वारदात चितरंगी में बिजली विवाद पर हत्या आरोपी गिरफ्तार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है जहां एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक व्यक्ति की जान चली गई। पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिससे इलाके में कानून व्यवस्था को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

    घटना चितरंगी थाना क्षेत्र के ग्राम सूदा की है जहां 24 अप्रैल को भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल का शव संदिग्ध हालत में मिला था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली तत्काल टीम मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ जिसके बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच को आगे बढ़ाया।

    जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से महत्वपूर्ण जानकारी मिली और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुन्नालाल पनिका को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो खुलासा किया वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि मृतक बार बार उसका बिजली कनेक्शन काट देता था जिससे वह बेहद परेशान और नाराज था।

    आरोपी के मुताबिक 23 अप्रैल की रात दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ जो धीरे धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया। गुस्से में आकर उसने लाठी उठाई और भुनेश्वर उर्फ छंदू कोल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।

    पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित की और लगातार दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाठी भी बरामद कर ली है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक मामूली बिजली कनेक्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि उसने एक व्यक्ति की जान ले ली। यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और गुस्से के खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है क्योंकि इतने कम समय में मामले को सुलझाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वहीं प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने की कोशिश करें और कानून को अपने हाथ में न लें। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि छोटी छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा किस तरह बड़े अपराध में बदल सकता है और एक पल का आवेश किसी की जिंदगी खत्म कर सकता है।

  • इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल

    इलाज या लापरवाही ,खजुराहो क्लिनिक में इंजेक्शन के बाद बच्चे की मौत, पर उठा सवाल


    खजुराहो । मध्य प्रदेश के खजुराहो से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने निजी क्लिनिक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली चोट के इलाज के लिए पहुंचे 14 वर्षीय बच्चे की अचानक मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में लगाए गए इंजेक्शन के कारण ही बच्चे की जान गई है।

    जानकारी के अनुसार जटकरा गांव का रहने वाला यह बच्चा साइकिल चलाते समय गिर गया था जिससे उसे हल्की चोट आई थी। परिवार वाले उसे इलाज के लिए सेवाग्राम स्थित एक निजी क्लिनिक ले गए जहां सामान्य प्राथमिक उपचार किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं थी और बच्चा सामान्य रूप से बात कर रहा था।

    आरोप है कि इलाज के दौरान क्लिनिक संचालक ने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया जिसके तुरंत बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। बच्चे के दादा राजू पटेल के मुताबिक इंजेक्शन लगते ही उसे बेचैनी महसूस होने लगी और कुछ ही मिनटों में उसकी तबीयत इतनी खराब हो गई कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और परिजन इसे सीधे तौर पर मेडिकल लापरवाही बता रहे हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजनगर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच गुस्सा और डर दोनों देखने को मिल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं या नहीं। अगर परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही का उदाहरण बन सकता है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और क्लिनिक से जुड़े दस्तावेजों और इलाज की प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है। वहीं परिवार न्याय की मांग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहा है।

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि मामूली दिखने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में भी सही और सुरक्षित इलाज कितना जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही किसी परिवार के लिए जीवन भर का दर्द बन सकती है।

  • शिवपुरी: माधव टाइगर रिजर्व में बाघिन का हमला, नहाने गए ग्रामीण की मौत, गांव में दहशत

    शिवपुरी: माधव टाइगर रिजर्व में बाघिन का हमला, नहाने गए ग्रामीण की मौत, गांव में दहशत

    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती मौजूदगी अब स्थानीय ग्रामीणों के लिए खतरा बनती जा रही है। यहां दिसंबर 2025 में लाई गई मादा बाघिन MT-6 पर एरावन गांव के 50 वर्षीय ग्रामीण की मौत का आरोप है। मृतक सिंध नदी के किनारे नहाने गया था जहां उसका शव टुकड़ों में मिला और उसके कपड़े किनारे पड़े पाए गए।

    घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को सतनवाड़ा नरवर मार्ग पर करीब 5 घंटे तक चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा जहां पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह भी पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की।

    जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन बाघिन MT-6 की लोकेशन भी उसी क्षेत्र में पाई गई थी जहां शव मिला था। पार्क प्रबंधन के अनुसार उसके कॉलर आईडी से उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमले की वास्तविक स्थिति क्या थी।

    एरावन गांव माधव टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में स्थित है जहां जंगल से घिरे होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य मानी जाती है। लेकिन अब ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन की लगातार मौजूदगी से उनकी जान को खतरा बढ़ गया है क्योंकि लोग अभी भी नदी और जंगल क्षेत्र में बेधड़क जाते हैं।

    ग्रामीणों ने मांग की है कि या तो बाघिन MT-6 को यहां से स्थानांतरित किया जाए या फिर गांव को सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए। उनका कहना है कि यदि बाघिन के व्यवहार को आदमखोर माना जाता है तो उसे आबादी के पास नहीं रखा जा सकता।

    वहीं वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया लेकिन ग्रामीणों को ठोस सुरक्षा आश्वासन नहीं दिया जा सका। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होने की बात कही है।

    विधायक कैलाश कुशवाह ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वन विभाग को इस मामले में तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने मृतक के परिजनों को जल्द मुआवजा देने की भी मांग की है। फिलहाल एरावन और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

    एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है।

    तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है।

    शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया।

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

  • MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट

    MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कोलारस (Kollars) में 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट (Defense Plant) की घोषणा की, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। साथ ही 19.68 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू कर क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी के कोलारस नगर के लिए बड़े औद्योगिक विकास की घोषणा की। उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा निर्माण संयंत्र (डिफेंस प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शिवपुरी-कोलारस दौरे के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रस्तावित रक्षा संयंत्र अगले दो महीनों के भीतर स्थापित किया जाएगा।

    सिंधिया ने कहा कि कोलारस को 2,500 करोड़ रुपये का रक्षा प्लांट मिलेगा, जो क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा और लगभग दो दशकों से लंबित मांग को पूरा करेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान बताया।

    2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे
    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। परियोजना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने कहा कि कोलारस, जो अब तक मुख्य रूप से कृषि, खासकर टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता था, अब देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

    उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा
    उन्होंने कहा कि कोलारस लंबे समय से अपनी कृषि क्षमता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भी योगदान देगा। यहां निर्मित उपकरण हमारी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पैदा करेगी, जिससे आगे औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

    कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
    औद्योगिक घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस में 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। पीएम-जनमन योजना के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का भूमिपूजन किया और जनपद पंचायत भवन का शिलान्यास किया। सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के हर हिस्से तक बुनियादी ढांचा, रोजगार और आवश्यक सेवाएं पहुंच सकें।

  • रौंसरा रेलवे फाटक ओवरब्रिज निर्माण में देरी से जनता परेशान लंबा जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ा

    रौंसरा रेलवे फाटक ओवरब्रिज निर्माण में देरी से जनता परेशान लंबा जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ा


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में रौंसरा रेलवे फाटक पर बन रहे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य धीमी गति के कारण लंबे समय से अधूरा पड़ा है जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यह महत्वपूर्ण निर्माण परियोजना समय पर पूरी नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को रोजाना जाम और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

    रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण इस उद्देश्य से किया जा रहा था कि शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हो सके लेकिन वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।

    स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि निर्माण स्थल से उड़ती धूल और अव्यवस्थित कार्य के कारण उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है और दुकानों की सफाई में ही पूरा दिन निकल जाता है।

    बारिश के मौसम को देखते हुए स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि क्षेत्र में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। यदि समय पर निर्माण पूरा नहीं हुआ तो जलभराव और कीचड़ की समस्या और बढ़ सकती है जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें दोगुनी हो जाएंगी।

    वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्हें निर्माणाधीन क्षेत्र से होकर गुजरना पड़ता है। यहां से गुजरते समय क्रॉस ट्रैफिक और संकरी सड़क के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। आसपास के क्षेत्रों जैसे करेली, छिंदवाड़ा, सिवनी, जबलपुर और गोटेगांव से आने वाले वाहन भी इसी मार्ग से शहर में प्रवेश करते हैं जिससे दबाव और बढ़ जाता है।

    रात के समय स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है क्योंकि निर्माण स्थल पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से अंधेरा छा जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का डर भी बढ़ जाता है और खासकर दोपहिया वाहन चालकों में असुरक्षा का माहौल रहता है।

    सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य बीच में श्रमिकों की कमी के कारण रुक गया था और बाद में शुरू तो हुआ लेकिन गति अभी भी धीमी है। अधिकारी भी कार्य पूरा होने की निश्चित समय सीमा बताने में असमर्थ हैं जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

    स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की मांग है कि इस ओवरब्रिज निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए ताकि यातायात व्यवस्था सामान्य हो सके और आगामी बारिश में होने वाली संभावित समस्याओं से राहत मिल सके।

  • शिक्षकों की छुट्टियों पर विवाद एमपी में जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश का प्रस्ताव

    शिक्षकों की छुट्टियों पर विवाद एमपी में जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश का प्रस्ताव


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षकों की छुट्टियों को लेकर एक नया विवाद और मांग सामने आई है जहां शिक्षकों ने जनगणना ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश देने की मांग उठाई है। इस संबंध में प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश को भेजा गया है जिससे इस व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

    शिक्षकों का कहना है कि दिल्ली मॉडल की तर्ज पर उन्हें भी समर वेकेशन के बदले अर्जित अवकाश दिया जाना चाहिए। दिल्ली में ऐसी व्यवस्था लागू है जहां जनगणना या अन्य प्रशासनिक ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को उनके अवकाश का लाभ बाद में दिया जाता है। इसी आधार पर मध्यप्रदेश के शिक्षक भी समान व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

    प्रस्ताव के अनुसार राजधानी भोपाल में करीब दो हजार शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है। यह कार्य गर्मी की छुट्टियों के दौरान होना है जिससे शिक्षकों के समर वेकेशन प्रभावित हो रहे हैं। इसी कारण शिक्षक संगठनों ने इसे अर्जित अवकाश में बदलने की मांग की है।

    उपेंद्र कौशल ने बताया कि दिल्ली सरकार के आदेशों के अनुसार जनगणना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अवकाश का लाभ दिया जाता है और मध्यप्रदेश में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इस मांग को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय को पत्र भेजने की तैयारी की जा रही है।

    राज्य में इस वर्ष लगभग साढ़े तीन लाख शिक्षक कार्यरत हैं जिनमें से बड़ी संख्या जनगणना और अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाई जाती है। वहीं राजधानी के स्कूलों में लगभग चार हजार शिक्षक कार्यरत हैं जिनमें से आधे से अधिक की ड्यूटी इस बार जनगणना कार्य में लगने की संभावना है।

    इधर इस मुद्दे पर विरोध भी देखने को मिल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी जनगणना और अतिरिक्त सर्वे कार्यों में ड्यूटी लगाने का विरोध किया है। इंदौर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि छोटे बच्चों की जिम्मेदारी संभालते हुए अतिरिक्त सरकारी कार्य करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव ड्यूटी का भुगतान अभी तक नहीं मिला है और मानदेय में भी देरी हो रही है।

    शिक्षक संगठनों का कहना है कि अगर उन्हें जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्यों में लगाया जाता है तो उनके अवकाश को अर्जित अवकाश में बदला जाना चाहिए ताकि उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। इस मुद्दे पर अब स्कूल शिक्षा विभाग के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यह मामला सीधे शिक्षकों के अवकाश और कार्यभार से जुड़ा हुआ है।

  • सड़क पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर में युवक की मौत, 2 घायल, परिजनों ने किया जाम

    सड़क पर दर्दनाक हादसा: बस की टक्कर में युवक की मौत, 2 घायल, परिजनों ने किया जाम


    नई दिल्ली । छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। बुंदेलखंड पेट्रोल पंप के सामने तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार तीन युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें मऊसानिया निवासी 16–17 वर्षीय आकाश अहिरवार की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों युवक एक अपाचे बाइक पर सवार होकर मऊसानिया से नौगांव की ओर एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में ही छतरपुर से दिल्ली जा रही राधा स्वामी ट्रैवल्स की यात्री बस ने लापरवाहीपूर्वक और तेज रफ्तार में चलाते हुए उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    इस हादसे में पीछे बैठा किशोर आकाश अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं बाइक चला रहे युवक और एक अन्य साथी को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वे पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं हैं।

    घटना के समय बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। टक्कर के बाद बस कुछ दूरी पर जाकर रुकी, जिससे यात्रियों में भी अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस काफी तेज गति से चल रही थी और चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।

    हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोग नौगांव थाने पहुंचे और चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। काफी देर बाद जाम हटवाया गया और यातायात सामान्य हुआ।

    पुलिस ने बस को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि की जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच पूरी होने के बाद दोषी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।

  • होटल में हुई हत्या का खुलासा 10 साल बाद शिल्पु भदौरिया केस में तीनों आरोपियों को उम्रकैद

    होटल में हुई हत्या का खुलासा 10 साल बाद शिल्पु भदौरिया केस में तीनों आरोपियों को उम्रकैद


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में एक दशक पुराने चर्चित हत्याकांड में आखिरकार न्याय की प्रक्रिया पूरी हो गई है जहां शिल्पु भदौरिया हत्या मामले में अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2016 का है जिसने उस समय पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था और अब लगभग 10 साल बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

    यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश विश्व दीपक तिवारी की अदालत ने सुनाया जिसमें यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि तीनों आरोपियों ने पहले शिल्पु के साथ शराब पी और फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को होटल की चौथी मंजिल से नीचे फेंककर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।

    घटना 7 अगस्त 2016 की रात की है जब शिल्पु भदौरिया अपने दोस्तों के साथ आरएनटी मार्ग स्थित होटल लेमन ट्री के कमरे नंबर 418 में रुकी हुई थी। उसके साथ आशुतोष जोहरे शैलेंद्र सारस्वत और नीरज दंडोतिया मौजूद थे। शुरुआत में इन लोगों ने पुलिस को बताया था कि शिल्पु ने गैलरी से कूदकर आत्महत्या की है लेकिन जांच में यह कहानी झूठी साबित हुई।

    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से कई अहम सबूत मिले जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या से पहले शिल्पु के साथ संघर्ष हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके अलावा उसके नाखूनों में आरोपियों की त्वचा के निशान भी पाए गए जिससे संघर्ष की पुष्टि हुई।

    कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपियों ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की थी और सबूत मिटाने का भी प्रयास किया था। लेकिन जांच एजेंसियों की गहन पड़ताल और गवाहों के बयानों के कारण पूरा सच सामने आ गया।अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही साक्ष्य छिपाने के अपराध में 7-7 साल की अतिरिक्त सजा और आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

    इस फैसले के साथ ही शिल्पु भदौरिया के परिवार को लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिला है और यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि अपराध कितना भी छुपाने की कोशिश की जाए कानून अंततः सच को सामने ला ही देता है।