Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में पेट्रोल ₹114.65, उज्जैन में डीजल ₹100 के पार-आम जनता पर महंगाई का दबाव बढ़ा

    भोपाल में पेट्रोल ₹114.65, उज्जैन में डीजल ₹100 के पार-आम जनता पर महंगाई का दबाव बढ़ा


    Madhya Pradesh। मध्य प्रदेश में ईंधन की कीमतों ने एक बार फिर आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल दरों ने न सिर्फ परिवहन व्यवस्था को प्रभावित किया है, बल्कि महंगाई के नए संकेत भी दे दिए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद राज्य में पेट्रोल ₹116 प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुका है, जबकि डीजल कई शहरों में ₹100 के आंकड़े को पार कर चुका है।

    राजधानी Bhopal में नए रेट के मुताबिक पेट्रोल ₹114.65 प्रति लीटर और डीजल ₹99.74 प्रति लीटर दर्ज किया गया है। वहीं राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। Ujjain में डीजल ₹100.11 प्रति लीटर पहुंच गया है, जो इसे प्रदेश का सबसे महंगा शहर बनाता है। यहां पेट्रोल ₹115.03 प्रति लीटर बिक रहा है।

    इसी तरह Indore में पेट्रोल ₹114.54 और डीजल ₹99.57 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। Jabalpur और Gwalior में भी कीमतों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

    तेल कंपनियों ने सिर्फ 11 दिनों के भीतर चार बार कीमतें बढ़ाई हैं। 25 मई को ही पेट्रोल में ₹2.61 और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इस महीने की पहली बढ़ोतरी 15 मई को हुई थी, उसके बाद 19 मई और 23 मई को भी लगातार रेट बढ़ाए गए। कुल मिलाकर इस छोटे से अंतराल में पेट्रोल-डीजल करीब ₹8 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

    इस तेज बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जियां, फल और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होने की आशंका जताई जा रही है। ट्रक और टेम्पो किराए में बढ़ोतरी से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ेगा, जिसका असर जल्द ही बाजारों में दिखाई दे सकता है।

    किसानों के लिए भी यह बढ़ोतरी चिंता का विषय है क्योंकि ट्रैक्टर, पंपिंग सेट और अन्य कृषि उपकरणों में डीजल की खपत अधिक होती है। इससे खेती की लागत बढ़ने और अनाज महंगा होने की संभावना है। वहीं बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

    तेल कीमतों में इस उछाल की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान-अमेरिका तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इसी दबाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है।

    तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। कीमतों में कच्चे तेल की लागत, रिफाइनिंग खर्च, टैक्स, डीलर कमीशन और राज्य सरकार के वैट का बड़ा योगदान होता है। Madhya Pradesh में वैट अधिक होने के कारण यहां ईंधन की कीमतें कई अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा हैं।

    अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।

  • कॉकरोज जनता पार्टी पर जनता की राय बंटी: सर्वाइवल बनाम जल्दी हार

    कॉकरोज जनता पार्टी पर जनता की राय बंटी: सर्वाइवल बनाम जल्दी हार


    भोपाल। भोपाल में एक नई और अनोखी राजनीतिक बहस ने जोर पकड़ लिया है। “कॉकरोज जनता पार्टी” नाम की यह अवधारणा अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों की चर्चा का भी हिस्सा बन गई है। शहर में किए गए एक अनौपचारिक सर्वे में सामने आया कि करीब 80 प्रतिशत लोग मानते हैं कि यह नई तरह की डिजिटल-आधारित “जेन-जी राजनीति” लंबे समय तक टिक सकती है, जबकि 20 प्रतिशत लोगों का कहना है कि युवा वर्ग जल्दी उत्साहित होता है और उतनी ही जल्दी राजनीति से दूर भी हो जाता है।

    इस पूरे विवाद की शुरुआत 15 मई 2026 को हुई, जब सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं की भूमिका को लेकर टिप्पणी की थी। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने युवाओं के एक वर्ग का उल्लेख करते हुए कहा था कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय कुछ युवा तेजी से प्रतिक्रिया देने वाले समूह के रूप में उभर रहे हैं।

    इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड शुरू हुआ, जिसे युवाओं ने “कॉकरोज जनता पार्टी” का नाम दे दिया। यह नाम तेजी से वायरल हो गया और इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस पेज ने चौंकाने वाली रफ्तार से फॉलोअर्स जुटाने शुरू कर दिए। दिलचस्प बात यह रही कि कुछ ही घंटों में इसके फॉलोअर्स की संख्या कई स्थापित राजनीतिक दलों से आगे निकल गई, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई कि क्या यह केवल एक डिजिटल मजाक है या भविष्य की किसी नई राजनीतिक दिशा का संकेत।

    भोपाल के विभिन्न इलाकों में लोगों से बातचीत के दौरान मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों का कहना है कि यह युवाओं की नाराजगी और नई सोच का प्रतीक है, जो पारंपरिक राजनीति से अलग रास्ता तलाश रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना है कि जेन-जी का उत्साह ज्यादा समय तक नहीं टिकता, इसलिए इस तरह के डिजिटल आंदोलन ज्यादा देर तक प्रभावी नहीं रहते।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरी घटना दरअसल डिजिटल युग की राजनीति का नया उदाहरण है, जहां सोशल मीडिया किसी भी विचार या मजाक को तेजी से एक बड़े आंदोलन में बदल सकता है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि “कॉकरोज जनता पार्टी” भविष्य में किसी वास्तविक राजनीतिक संरचना का रूप लेगी या यह केवल एक सोशल मीडिया ट्रेंड बनकर रह जाएगी।

    फिलहाल भोपाल सहित देश के कई हिस्सों में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है और लोग इसे राजनीति, हास्य और डिजिटल क्रांति—तीनों के मिश्रण के रूप में देख रहे हैं।

  • नौतपा की शुरुआत के साथ MP में भीषण गर्मी का दौर जारी, 44 जिलों में आज हीटवेव और 5 में रेड अलर्ट

    नौतपा की शुरुआत के साथ MP में भीषण गर्मी का दौर जारी, 44 जिलों में आज हीटवेव और 5 में रेड अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो गई है और यह 2 जून तक प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 25 से 28 मई तक प्रदेशभर में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर बना रहेगा। नौतपा के शुरुआती चार दिन लोगों को तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। सोमवार को प्रदेश के 44 जिलों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। इनमें निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू को लेकर रेड अलर्ट घोषित किया गया है।

    मौसम विभाग का कहना है कि नौतपा की शुरुआत के साथ भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन सहित कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    नौतपा शुरू होने से पहले ही प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रविवार को खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दतिया में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचा, जबकि टीकमगढ़ और शाजापुर में 44 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, सागर और सतना में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं गुना, मुरैना, राजगढ़ और श्योपुर में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया।

    प्रदेश के बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 42.7 डिग्री, जबलपुर में 43.3 डिग्री, उज्जैन में 41.5 डिग्री और इंदौर में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं भिंड, दतिया, आगर-मालवा, राजगढ़, सागर, नरसिंहपुर, दमोह, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, कटनी, उमरिया, शहडोल, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली सहित 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, रायसेन, विदिशा, शिवपुरी, मुरैना समेत 21 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं इंदौर, देवास, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, धार और झाबुआ सहित 11 जिलों में तेज गर्मी का असर बना रहेगा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 31 मई तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर रह सकती है। अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

  • MP: बांधवगढ़ रिजर्व क्षेत्र में बाघ ने घर में घुसकर किया हमला महिला की मौत, 3 घायल

    MP: बांधवगढ़ रिजर्व क्षेत्र में बाघ ने घर में घुसकर किया हमला महिला की मौत, 3 घायल


    उमरिया।
    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (Bandhavgarh Tiger Reserve) के पास स्थित पनपथा गांव के खेरवा टोला (Kherwa Tola, Panpatha village) में रविवार तड़के करीब 3 बजे एक बाघ रिहायशी इलाके में घुस आया. बाघ ने अचानक ग्रामीणों पर हमला बोल दिया, जिसमें फूल बाई पाल (40) की मौके पर ही मौत हो गई. बाघ के इस हमले में तीन अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं

    फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय के अनुसार, हमले के बाद बाघ मृतिका के घर के अंदर ही घुस गया. जब वन विभाग की टीम बचाव अभियान के लिए पहुंची और बाघ को बेहोश करने के लिए ट्रैंक्विलाइजर किया, तो उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जांच करने पर पता चला कि बाघ की पहले ही मौत हो चुकी थी. अधिकारियों ने ‘ओवरडोज’ के आरोपों से इनकार किया है।


    गुस्साए ग्रामीणों का वन अधिकारियों पर हमला

    बाघ के बार-बार होने वाले हमलों से गुस्साए ग्रामीणों का सब्र इस घटना के बाद टूट गया. ग्रामीणों ने कथित तौर पर वन रेंजर प्रतीक श्रीवास्तव को निशाना बनाया, जिससे वे घायल हो गए. एक महिला वन कर्मचारी के साथ भी हाथापाई की गई।

    ग्रामीणों का कहना है कि मदद के लिए बार-बार फोन करने के बावजूद अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे. विरोध के कारण बचाव अभियान में देरी हुई और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया.


    बाघ का दोबारा होगा पोस्टमार्टम

    बाघ की संदिग्ध मौत को देखते हुए प्रशासन ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत कड़े कदम उठाए हैं. बाघ के शव को SWFH जबलपुर के डीप फ्रिज में सुरक्षित रखा गया है। दिल्ली और नागपुर के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में तीन पशु चिकित्सकों की टीम दोबारा शव का परीक्षण करेगी, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।


    मुआवजा और सहायता का ऐलान

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया और ‘X’ के माध्यम से राहत राशि की घोषणा की. मृतका फूल बाई पाल के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. वहीं, घायलों का मुफ्त इलाज होगा और अस्पताल में रहने के दौरान उन्हें 500 रुपये प्रतिदिन का खर्च दिया जाएगा. गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।


    बढ़ता मानव-बाघ संघर्ष

    हाल ही में ऐसी घटनाओं में इजाफा हुआ है. शुक्रवार को ही महाराष्ट्र के चंद्रपुर में भी बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत हो गई थी. बांधवगढ़ में हुई यह घटना वन्यजीव प्रबंधन और ग्रामीणों की सुरक्षा के बीच बढ़ती खाई को दर्शाती है।

  • MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल

    MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा (Tragic Road Accident) हो गया। बिजावर रोड स्थित मतगुवा पेट्रोल पंप के पास ई-रिक्शा और ट्रक की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के तीन लोगों (Three people) की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के मुताबिक, हटनाई थाना ईशानगर निवासी करंजू आदिवासी अपने परिवार के साथ बटन नंदगाय, सटई से ई-रिक्शा में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मतगुवा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में सुमन आदिवासी (16 वर्ष), सोमवती आदिवासी (8 वर्ष) और भूरा आदिवासी (5 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में करंजू आदिवासी (41 वर्ष), कन्हैया आदिवासी (14 वर्ष), गेंदा आदिवासी (38 वर्ष) और अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    बताया गया है कि घायल किशन आदिवासी विजयपुरा सटई निवासी हैं, जो टैक्सी चालक और मृतकों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • छतरपुर में दर्दनाक हादसा: तेंदूपत्ता तोड़ते समय पेड़ से गिरा युवक, रास्ते में मौत

    छतरपुर में दर्दनाक हादसा: तेंदूपत्ता तोड़ते समय पेड़ से गिरा युवक, रास्ते में मौत


    छतरपुर । छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सूरजपुरा में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। यहां तेंदूपत्ता तोड़ने के दौरान एक 36 वर्षीय युवक की पेड़ से गिरकर मौत हो गई। यह घटना शनिवार को उस समय हुई जब युवक पेड़ पर चढ़कर तेंदू के पत्ते तोड़ रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर पड़ा।

    गिरने के बाद युवक को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। परिजनों ने तुरंत उसे बचाने की कोशिश की और खेत से चारपाई के सहारे घर लाया गया। इसके बाद उसे किराए की टैक्सी से जिला अस्पताल छतरपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया।

    अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया।

    मृतक की पहचान सूरजपुरा निवासी 36 वर्षीय संतोष प्रजापति के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घटना के समय वह रोज की तरह तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल की ओर गया था। अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियों को गहरे सदमे में बदल दिया।

    ग्वालियर से वापस लाए जाने के बाद शव को छतरपुर जिला अस्पताल में रखा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान होने वाले जोखिमों और सुरक्षा उपायों की कमी को भी उजागर करती है।

  • देवास में दर्दनाक हादसा: बस दुर्घटना में 3 घायल, यात्रियों में अफरा-तफरी

    देवास में दर्दनाक हादसा: बस दुर्घटना में 3 घायल, यात्रियों में अफरा-तफरी


    देवास । देवास जिले में रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब देवास-जैतपुरा मार्ग पर सेंट्रल इंडिया स्कूल के सामने एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में करीब 20 से 25 यात्री सवार थे, जो देवास बस स्टैंड से बड़वाह की ओर जा रहे थे। हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ, जिसने यात्रियों में अफरा-तफरी मचा दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जैसे ही जैतपुरा के पास पहुंची, उसका स्टेयरिंग अचानक लॉक हो गया, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। देखते ही देखते बस सड़क किनारे पलट गई और उसमें जोरदार झटका लगा। हादसे के बाद बस का अगला शीशा टूट गया और अंदर बैठे यात्री जोरदार झटके से सीटों से गिर पड़े।

    घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और यात्रियों को बाहर निकालने में सहायता की। कई यात्री बस की टूटी हुई खिड़कियों और शीशों के रास्ते किसी तरह बाहर निकले। इस दौरान मौके पर चीख-पुकार का माहौल बन गया।

    हादसे में तीन यात्रियों को चोटें आईं, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी, क्योंकि किसी की हालत गंभीर नहीं थी। अन्य यात्रियों को भी हल्की चोटें और खरोंचें आईं, लेकिन बड़ी दुर्घटना टल गई।

    सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बस के सड़क पर पलटने से यातायात प्रभावित हुआ, जिसे बाद में क्रेन की मदद से हटाकर बहाल किया गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसा अगर कुछ सेकंड और देर से नियंत्रित होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बस की तकनीकी खराबी और स्टेयरिंग लॉक होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों की नियमित जांच की जरूरत को उजागर कर दिया है।

  • देवास में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई, स्कूटर सवार सहित 3 लोग घायल

    देवास में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई, स्कूटर सवार सहित 3 लोग घायल


    देवास । मध्यप्रदेश के देवास शहर में शनिवार रात एक सड़क हादसे ने लोगों को कुछ समय के लिए दहशत में डाल दिया। विकास नगर क्षेत्र में इंदौर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सामने का शीशा भी टूट गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह हादसा रात करीब 9 बजे हुआ, जब चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। डिवाइडर से टकराने के बाद कार बेकाबू होकर एक स्कूटर सवार को भी अपनी चपेट में ले बैठी। इस घटना में कार सवारों सहित स्कूटर चालक समेत कुल तीन लोग घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए निजी अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज किया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी घायल की स्थिति गंभीर नहीं बताई गई है।

    दुर्घटना के बाद कार सड़क के बीचों-बीच खड़ी रह गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थिति बिगड़ते देख करीब 10 लोगों ने मिलकर कार को धक्का देकर सड़क किनारे किया, जिसके बाद ट्रैफिक सामान्य हो सका।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती अनुमान में हादसे का कारण तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर बढ़ती रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर चिंता जताई है और ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन की मांग की है।

  • मंदसौर में सड़क हादसा: खड़े युवक को बाइक ने मारी टक्कर, दोनों घायल

    मंदसौर में सड़क हादसा: खड़े युवक को बाइक ने मारी टक्कर, दोनों घायल


    मध्यप्रदेश मध्यप्रदेश के मंदसौर शहर में शनिवार रात शालीमार कॉलोनी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने सड़क किनारे खड़े एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब मोहसिन (35), निवासी नारायण नगर, अपनी ऑटो रिक्शा से एक आयरन वर्कशॉप पर सामान उतार रहे थे। जैसे ही वे ऑटो से नीचे उतरे, उसी दौरान प्रतापगढ़ से मंदसौर लौट रहे बाइक सवार दिलीप पाटीदार (37) की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर मोहसिन से जा टकराई।

    टक्कर इतनी तेज थी कि मोहसिन सड़क पर गिरकर काफी दूर तक घिसटते चले गए। हादसे में उनके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया, जबकि हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गहरी चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    दूसरी ओर, टक्कर के बाद बाइक सवार दिलीप पाटीदार भी नियंत्रण खो बैठे और सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। इस दुर्घटना में उन्हें भी हाथ और पैर में चोटें आई हैं। दोनों घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को संभाला और निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया। इसी बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी टक्कर की घटना स्पष्ट रूप से कैद हुई दिखाई देती है।

    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। प्रारंभिक तौर पर मामला तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का माना जा रहा है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है।

  • खोखरा गांव में खेत के बाड़े में व्यक्ति ने लगाई फांसी, पिपलियामंडी पुलिस जांच में जुटी

    खोखरा गांव में खेत के बाड़े में व्यक्ति ने लगाई फांसी, पिपलियामंडी पुलिस जांच में जुटी


    मंदसौर । मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के खोखरा गांव में रविवार सुबह एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।

    मृतक की पहचान खोखरा गांव निवासी संदीप पिता श्यामलाल पाटीदार (उम्र 43 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, संदीप शनिवार रात अपने खेत पर बने बाड़े में सोने के लिए गया था। लेकिन रविवार सुबह जब परिजन और ग्रामीण खेत पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। संदीप का शव रस्सी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया।

    घटना की सूचना तत्काल पिपलियामंडी थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसके पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    फिलहाल पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या अन्य किसी परेशानी से जूझ रहा था या नहीं। गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हैं।

    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।