Category: Madhya Pradesh

  • हवाई सफर हुआ आसान इंदौर से दिल्ली ,और जलगांव के लिए एलायंस एयर की नई उड़ान शुरू

    हवाई सफर हुआ आसान इंदौर से दिल्ली ,और जलगांव के लिए एलायंस एयर की नई उड़ान शुरू

    इंदौर । मध्य प्रदेश के हवाई यात्रियों के लिए बड़ी राहत और सुविधा की खबर सामने आई है जहां इंदौर स्थित देवी अहिल्या बाई होलकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल से हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है इस विस्तार के तहत एलायंस एयर आगामी एक मई से इंदौर को सीधे जलगांव और दिल्ली से जोड़ने वाली नई उड़ान सेवा शुरू करने जा रही है जिससे यात्रियों को यात्रा के नए और आसान विकल्प मिलेंगे

    इस नई फ्लाइट सेवा के शुरू होने से न केवल इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को लाभ मिलेगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियों पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है लंबे समय से इस रूट पर सीधी उड़ान की मांग की जा रही थी जिसे अब पूरा किया जा रहा है

    एयरलाइन द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार यह फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन मंगलवार गुरुवार और शनिवार को संचालित की जाएगी यह विमान दिल्ली से उड़ान भरकर इंदौर पहुंचेगा और इसके बाद जलगांव के लिए रवाना होगा इसी तरह वापसी के दौरान यह फ्लाइट जलगांव से इंदौर होते हुए फिर दिल्ली की ओर जाएगी जिससे तीनों शहरों के बीच बेहतर हवाई संपर्क स्थापित होगा

    फ्लाइट संख्या 9आई 627 दिल्ली से शाम चार बजकर पचास मिनट पर उड़ान भरकर शाम छह बजकर पचास मिनट पर इंदौर पहुंचेगी इसके बाद यही विमान शाम सात बजकर पंद्रह मिनट पर इंदौर से रवाना होकर रात सात बजकर पचपन मिनट पर जलगांव पहुंचेगा इस तरह यात्रियों को कम समय में एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी

    वापसी की उड़ान में फ्लाइट संख्या 9आई 628 जलगांव से रात आठ बजकर बीस मिनट पर उड़ान भरेगी और रात नौ बजे इंदौर पहुंचेगी इसके बाद यह विमान रात नौ बजकर पच्चीस मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना होकर रात ग्यारह बजकर तीस मिनट पर राजधानी पहुंचेगा यह रूट खासकर उन यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा जो रात के समय यात्रा करना पसंद करते हैं

    इस सेवा के लिए टिकट बुकिंग भी तीन कैटेगरी में शुरू कर दी गई है इंदौर से जलगांव के लिए सुपर सेवर कैटेगरी का किराया चार हजार चौहत्तर रुपये वैल्यू कैटेगरी का किराया दस हजार एक सौ चौसठ रुपये और फ्लेक्सिबल कैटेगरी का किराया पंद्रह हजार दो सौ चार रुपये तय किया गया है वहीं इंदौर से दिल्ली के लिए सुपर सेवर कैटेगरी छह हजार बासठ रुपये वैल्यू बारह हजार एक सौ बावन रुपये और फ्लेक्सिबल कैटेगरी बीस हजार पांच सौ बावन रुपये में उपलब्ध होगी

    इंदौर और जलगांव के बीच सीधी उड़ान को लेकर लंबे समय से व्यापारिक वर्ग की ओर से मांग की जा रही थी जलगांव महाराष्ट्र का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र होने के साथ साथ अजंता की प्रसिद्ध गुफाओं के लिए भी जाना जाता है ऐसे में यह नई हवाई सेवा पर्यटन और व्यापार दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी

    इंदौर के कपड़ा और सराफा व्यापारियों को इस रूट से विशेष लाभ मिलेगा क्योंकि अब उन्हें महाराष्ट्र के इस हिस्से में पहुंचने के लिए लंबा सड़क या रेल सफर नहीं करना पड़ेगा वहीं दिल्ली के लिए अतिरिक्त रात की उड़ान मिलने से कॉर्पोरेट और प्रोफेशनल यात्रियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी एलायंस एयर ने इस नए रूट के संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और माना जा रहा है कि यह सेवा क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी

  • गर्मी में हजारों वाहन सील: खखान नदी इलाके में जाम हटाने में जीती पुलिस-प्रशासन टीम

    गर्मी में हजारों वाहन सील: खखान नदी इलाके में जाम हटाने में जीती पुलिस-प्रशासन टीम


    नई दिल्ली । Singrauli जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-39 पर खाखंन नदी के पास बुधवार रात हुए सड़क हादसे ने यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा दी। एक भारी वाहन के पीछे लुढ़कने से दो गाड़ियों की जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहन सड़क पर पलट गए। हादसे में ड्राइवर सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन सड़क पूरी तरह बाधित हो जाने से लंबा जाम लग गया।

     10 किलोमीटर लंबा जाम, हजारों वाहन फंसे

    हादसे के बाद देवसर से बरगवां मार्ग और सीधी-सिंगरौली रोड पर करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस जाम में हजारों छोटे-बड़े वाहन फंसे हुए हैं। ट्रक, बस और निजी वाहन घंटों से सड़क पर खड़े हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    भीषण गर्मी में लोग बेहाल

    गर्मी के इस मौसम में जाम में फंसे लोगों की हालत खराब हो गई है। कई यात्रियों के पास पीने का पानी और खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान नजर आए। कई लोग वाहनों से उतरकर सड़क किनारे छांव तलाशते दिखे।

     प्रशासन जुटा, लेकिन राहत में देरी

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। Bargawan थाना प्रभारी मोहम्मद समीर के अनुसार, सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के कारण क्रेन को घटनास्थल तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। इसी वजह से राहत कार्य में देरी हो रही है।

     क्रेन पहुंचाने की कोशिश, धीरे-धीरे हटाए जा रहे वाहन

    प्रशासन की टीम एक-एक कर वाहनों को किनारे कर रही है, ताकि क्रेन को रास्ता मिल सके और पलटे वाहनों को हटाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सड़क को पूरी तरह साफ कर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।

     हाईवे प्रबंधन पर उठे सवाल

    इस घटना के बाद हाईवे पर आपातकालीन व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर क्रेन और राहत दल पहुंच जाते, तो इतना लंबा जाम नहीं लगता।

  • शॉर्ट सर्किट से बड़ा नुकसान: Sidhi में 30–35 पेड़ भी जले, किसानों को भारी क्षति

    शॉर्ट सर्किट से बड़ा नुकसान: Sidhi में 30–35 पेड़ भी जले, किसानों को भारी क्षति


    नई दिल्ली । Sidhi जिले के सिहावल तहसील अंतर्गत कपूरी बेदौलिहान गांव में गुरुवार सुबह एक भीषण आग की घटना ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सुबह करीब 5 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और करीब 4 एकड़ में तैयार खड़ी फसल को जलाकर राख कर दिया। प्रारंभिक जांच में बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है।
     खलिहान से उठी चिंगारी बनी बड़ी तबाही
    जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी सुभाष मिश्रा के खलिहान से आग की शुरुआत हुई। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के खेत और खलिहान इसकी चपेट में आ गए। कुछ ही देर में वहां रखा गेहूं और अन्य कृषि सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि संभलने का मौका तक नहीं मिला।
     दमकल नहीं पहुंची, ग्रामीण बने फायरफाइटर
    घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन समय पर दमकल वाहन नहीं पहुंच सका। ऐसे में गांव के करीब 20-25 लोग एकजुट हुए और खुद ही आग बुझाने में जुट गए। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इस दौरान पानी, मिट्टी और टहनियों का सहारा लेकर आग को फैलने से रोका गया।
     30-35 पेड़ भी जले, भारी नुकसान
    आग ने केवल फसल ही नहीं, बल्कि आसपास के पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया। करीब 30 से 35 पेड़ जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए। इसके अलावा खलिहान में रखा कृषि उपकरण और अन्य सामान भी राख हो गया। पीड़ित किसान को हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
     प्रशासन ने लिया जायजा, मुआवजे का आश्वासन
    घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, चुरहट थाना प्रभारी दीपक सिंह बघेल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों की पुष्टि की जाएगी।
    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में अग्निशमन व्यवस्था की धीमी प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर दमकल नहीं पहुंचने से नुकसान और बढ़ गया, जिसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।

  • एंटी-रेबीज के लिए उमड़ी भीड़: Satna जिला अस्पताल में हड़कंप

    एंटी-रेबीज के लिए उमड़ी भीड़: Satna जिला अस्पताल में हड़कंप


    नई दिल्ली । Satna शहर में बुधवार शाम एक खौफनाक घटना ने लोगों को दहशत में डाल दिया। एक आक्रामक स्ट्रीट डॉग ने महज तीन घंटे के भीतर करीब 40 लोगों को काट लिया। इस घटना के बाद रीवा रोड से लेकर अस्पताल चौराहा तक हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
     गहरानाला से शुरू हुआ हमला, शहरभर में फैला डर
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 4 बजे गहरानाला इलाके में एक सफेद रंग का कुत्ता अचानक हिंसक हो गया और राहगीरों पर हमला करने लगा। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जैसे-जैसे हमलों की संख्या बढ़ती गई, हालात गंभीर होते गए। कुत्ते ने गहरानाला से माहेश्वरी स्वीट्स तक 20-25 लोगों को काटा, फिर खेरमाई रोड, खोवा मंडी और अस्पताल चौराहे होते हुए रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ गया।
     अस्पताल में लगी लंबी कतारें, 3 घंटे बढ़ाया गया समय
    घटना के बाद शाम 5:30 बजे से घायलों का जिला अस्पताल पहुंचना शुरू हुआ। देखते ही देखते इंजेक्शन कक्ष मरीजों से भर गया। स्थिति को संभालने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने इंजेक्शन कक्ष को निर्धारित समय से लगभग तीन घंटे अधिक, रात 7:30 बजे तक खुला रखा। सभी घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) लगाई गई। पीड़ितों में 25 से 60 वर्ष तक के लोग शामिल हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ।
     गंभीर घायलों को लगाया गया इम्युनोग्लोब्युलिन
    करीब 25 लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिनके हाथ-पैरों में गहरे घाव हो गए। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मामलों में केवल एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त नहीं होता, इसलिए वार्ड क्रमांक-10 में मरीजों को इम्युनोग्लोब्युलिन इंजेक्शन भी दिया गया। यह संक्रमण के उच्च खतरे को कम करने के लिए जरूरी होता है।
    डॉक्टरों की अपील और प्रशासन पर सवाल
    जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. शरद दुबे ने बताया कि सभी घायलों का इलाज किया गया है और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। हालांकि, इस घटना ने शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
     शहर में दहशत का माहौल
    नीरज मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, वंदना केशरवानी, अब्दुल सलीम समेत कई लोग इस हमले का शिकार हुए। घटना के बाद लोग सड़कों से हटकर दुकानों और घरों में छिपने को मजबूर हो गए। फिलहाल इलाके में डर का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
  • रात 2 बजे भीषण धमाका, ट्रांसफार्मर फटने से शास्त्री कॉलोनी में दहशत ,और तबाही

    रात 2 बजे भीषण धमाका, ट्रांसफार्मर फटने से शास्त्री कॉलोनी में दहशत ,और तबाही


    भिंड । भिंड शहर की शास्त्री कॉलोनी ब्लॉक ए में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब दो बजे उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक ट्रांसफार्मर में अचानक भीषण आग लगने के बाद जोरदार धमाका हो गया इस हादसे ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया और आसपास के घरों में भारी नुकसान पहुंचा

    स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय से ही ट्रांसफार्मर से तेल का रिसाव हो रहा था जिसे नजरअंदाज किया गया देर रात लगभग दो बजे उसी रिसते तेल में अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते ट्रांसफार्मर धू धू कर जलने लगा आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही पलों में स्थिति बेकाबू हो गई

    आग बढ़ने के साथ ही अचानक जोरदार धमाका हुआ जिससे चिंगारियां और आग की लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच गईं इस घटना में शास्त्री कॉलोनी निवासी रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी रविंद्र श्रीवास्तव के घर में लगा इनवर्टर पूरी तरह जलकर खाक हो गया वहीं घर में रखा अन्य घरेलू सामान भी आग की चपेट में आकर खराब हो गया पड़ोसी राजेंद्र शर्मा के घर की खिड़कियों के कांच तेज धमाके के कारण टूटकर बिखर गए जिससे घरों की दीवारों और आसपास के हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा

    स्थानीय लोगों के मुताबिक इस हादसे में करीब एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है हालांकि नुकसान का अंतिम आंकलन अभी किया जा रहा है घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप और डर का माहौल बन गया लोग घरों से बाहर निकल आए और किसी तरह मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया

    रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना तत्काल बिजली विभाग को दी गई थी लेकिन इसके बावजूद रात के समय कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा इस लापरवाही को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई की जाती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था

    फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन ट्रांसफार्मर की खराबी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि बिजली विभाग इस पूरे मामले की जांच करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं

  • सख्त पुलिस कार्रवाई: Satna में तीन संगीन मामलों का खुलासा, आरोपियों को पकड़ा

    सख्त पुलिस कार्रवाई: Satna में तीन संगीन मामलों का खुलासा, आरोपियों को पकड़ा


    नई दिल्ली । Satna जिले में अपहरण और दुष्कर्म के तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन मामलों में नाबालिग से लेकर महिला तक को शादी का झांसा देकर शोषण और किडनैपिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, साथ ही मेडिकल जांच और डीएनए सैंपलिंग की प्रक्रिया भी पूरी की गई है।
    नाबालिग के अपहरण का खुलासा, गुरुग्राम से बरामद
    पहला मामला Nagod थाना क्षेत्र का है, जहां 30 मार्च को एक नाबालिग लड़की के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। करीब तीन सप्ताह की तलाश और साइबर सेल की मदद से पुलिस को सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम हरियाणा के Gurugram पहुंची। वहां से नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया गया और आरोपी पवन ढीमर (22) को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया और दैहिक शोषण किया। इसके बाद आरोपी पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत धाराएं बढ़ाई गईं।
     विधवा महिला को शादी का झांसा, चार साल तक शोषण
    दूसरा मामला भी नागौद थाना क्षेत्र का है, जहां दो बच्चों की मां के साथ रिश्तेदार द्वारा धोखा देने का मामला सामने आया। पति की मौत के बाद अकेली रह रही महिला को सूरज पटेल (36), निवासी Rewa ने सहारा देने के बहाने अपने जाल में फंसाया। आरोपी ने शादी का वादा कर महिला के साथ संबंध बनाए और लंबे समय तक उसके घर में रहकर शोषण करता रहा। चार साल तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन जब महिला ने शादी की बात की तो आरोपी मुकर गया और धमकाने लगा। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
    शादी समारोह से दबोचा गया तीसरा आरोपी
    तीसरा मामला Kolgawan थाना क्षेत्र का है। यहां एक युवती ने 8 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि सतेन्द्र सिंह पटेल (32) ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका दैहिक शोषण किया। जब युवती ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी पीछे हट गया और जान से मारने की धमकी देने लगा। मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था, लेकिन करीब साढ़े चार महीने की तलाश के बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उसे एक शादी समारोह से गिरफ्तार कर लिया।
     पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
    तीनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया है और डीएनए जांच के लिए ब्लड सैंपल भी लिए हैं, ताकि कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर पुलिस पूरी तरह सख्त है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

  • Rewa में ठेकेदार के गुर्गों का आतंक, आदिवासी युवक को अवैध शराब बेचने का दबाव

    Rewa में ठेकेदार के गुर्गों का आतंक, आदिवासी युवक को अवैध शराब बेचने का दबाव


    नई दिल्ली । रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र के बदबार गांव में शराब ठेकेदार से जुड़े लोगों की दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार के गुर्गों ने एक आदिवासी युवक के घर पहुंचकर उसे अवैध शराब बेचने के लिए मजबूर किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
    बोलेरो में पहुंचे आरोपी, घर में घुसकर बनाया दबाव
    जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को ठेकेदार से जुड़े कुछ लोग बोलेरो वाहन में सवार होकर बदबार गांव पहुंचे। आरोप है कि ये लोग सीधे एक आदिवासी युवक के घर पहुंचे और उसे अपने क्षेत्र में अवैध शराब बेचने का दबाव बनाने लगे। युवक ने इसका विरोध किया और पूरी घटना को मोबाइल में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।
    कैमरा देखते ही मुंह छिपाकर भागे
    वीडियो में युवक साफ तौर पर आरोप लगाता नजर आ रहा है कि उस पर जबरन शराब बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। जैसे ही उसने कैमरा आरोपियों की ओर घुमाया, वे अपना चेहरा छिपाने लगे और जल्दबाजी में बोलेरो में बैठकर मौके से फरार हो गए। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है।
    ग्रामीणों में आक्रोश, पहले भी लग चुके हैं आरोप
    घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब ठेकेदार के लोग अक्सर गांवों में आकर लोगों को डराते-धमकाते हैं और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव बनाते हैं।
    आदिवासी युवक के साथ हुई इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
    ठेकेदार पक्ष खामोश, पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
    पूरे मामले में ठेकेदार पक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से औपचारिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है।
    कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सक्रिय अवैध गतिविधियों और उन पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
  • नर्मदा तट पर भक्ति की लहर गंगा सप्तमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    नर्मदा तट पर भक्ति की लहर गंगा सप्तमी पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी


    अनूपपुर । अनूपपुर जिले के अमरकंटक में गंगा सप्तमी का पर्व गुरुवार को गहरी आस्था और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया जहां मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पूजा अर्चना की और दान पुण्य के माध्यम से अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति की कामना की सुबह से ही तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था जो दिनभर जारी रहा

    वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर कोटितीर्थ घाट रामघाट पुष्कर बांध और आरंडी संगम जैसे प्रमुख तटों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी जहां श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर खुद को पवित्र करने का प्रयास किया हर ओर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दे रहा था लोग परिवार सहित पहुंचे और पूरे विधि विधान से पूजन कर अपने मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते नजर आए

    मां नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं श्रद्धालु धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करते दिखे और मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा अर्चना की पूजा के बाद दान देने की परंपरा भी निभाई गई जहां कई श्रद्धालुओं ने भिक्षुओं को अन्न वस्त्र और धन का दान किया इस दिन मुंडन संस्कार का विशेष महत्व होने के कारण कई परिवार अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ यह संस्कार संपन्न कराया गया

    नर्मदा स्नान का सिलसिला सुबह करीब पांच बजे से शुरू होकर शाम तक लगातार चलता रहा तेज धूप और बढ़ती गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे पूरे जोश और श्रद्धा के साथ धार्मिक गतिविधियों में शामिल होते रहे जगह जगह भजन कीर्तन की ध्वनि गूंजती रही जहां श्रद्धालु मंजीरा और अन्य वाद्य यंत्रों के साथ भक्ति में लीन नजर आए इस दौरान पूरा अमरकंटक क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया

    इस पावन अवसर पर अनूपपुर शहडोल डिंडोरी गौरेला पेंड्रा मरवाही और बिलासपुर सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे जिससे क्षेत्र में यातायात और भीड़ का दबाव भी बढ़ गया रामघाट पार्किंग क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें देखी गई हालांकि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण कुछ व्यवस्थाएं प्रभावित भी नजर आई खासकर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा

    इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई और पूरे दिन अमरकंटक में धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला गंगा सप्तमी का यह पर्व एक बार फिर यह संदेश दे गया कि भारतीय संस्कृति में नदियों के प्रति श्रद्धा और विश्वास कितना गहरा और अटूट है

  • जबलपुर में सिविल इंजीनियर को मारी गोली, बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग

    जबलपुर में सिविल इंजीनियर को मारी गोली, बाइक सवार बदमाशों ने की फायरिंग


    नई दिल्ली । जबलपुर के संजय नगर इलाके में गुरुवार सुबह सनसनीखेज वारदात सामने आई। बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने एक सिविल इंजीनियर को गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घायल इंजीनियर की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    सिर में मारी गोली, मौके से फरार हुए हमलावर
    जानकारी के मुताबिक, सिविल इंजीनियर क्लेरिंस उर्फ राजा (32) सुबह करीब 8 बजे रांझी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चेहरा ढंके दो युवक बाइक से उनके पास पहुंचे और सिर पर गोली दाग दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी तेजी से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
    पुलिस मौके पर, सीसीटीवी खंगाल रही टीम
    सूचना मिलते ही रांझी सीएसपी सतीश कुमार साहू और थाना प्रभारी उमेश गोलहनी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
    मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
    घायल क्लेरिंस को गंभीर हालत में जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जहां डॉक्टर उनकी सर्जरी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि गोली उनके सिर में फंसी हुई है, जिससे स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
    इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों के मुताबिक, क्लेरिंस की पत्नी का करीब दो महीने पहले ही निधन हो गया था। उनके पास एक छोटा बच्चा है, जिसकी जिम्मेदारी वही संभाल रहे थे।
    छोटे भाई रोनाल्ड ने बताया कि क्लेरिंस बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में उन पर हमला हुआ। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, जिससे यह हमला और रहस्यमय बन गया है।
    वारदात के पीछे क्या वजह?
    फिलहाल पुलिस हमले के कारणों का पता लगाने में जुटी है। यह साफ नहीं हो पाया है कि वारदात आपसी रंजिश का नतीजा है या किसी अन्य कारण से की गई है।
    लगातार बढ़ती इस तरह की घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
  • ग्वालियर से 4 मई से बढ़ेंगी फ्लाइट्स, दिल्ली के लिए हफ्ते में 6 दिन उड़ान

    ग्वालियर से 4 मई से बढ़ेंगी फ्लाइट्स, दिल्ली के लिए हफ्ते में 6 दिन उड़ान


    नई दिल्ली । ग्वालियर के यात्रियों के लिए राहतभरी खबर है। शहर की एयर कनेक्टिविटी अब पहले से ज्यादा मजबूत होने जा रही है। 4 मई से Akasa Air की नई फ्लाइट सेवा शुरू होगी, जिससे ग्वालियर से दिल्ली के बीच हवाई यात्रा और आसान हो जाएगी। नई सेवा के बाद अब यात्रियों को सप्ताह में 6 दिन उड़ान सुविधा मिलेगी, जो अब तक सीमित थी।
    अब हफ्ते में 6 दिन फ्लाइट, बढ़ी सुविधा
    अब तक IndiGo की फ्लाइट्स केवल मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित हो रही थीं। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अकासा एयर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को अपनी उड़ानें शुरू करेगी। इस तरह दोनों एयरलाइंस मिलकर लगभग पूरे सप्ताह यात्रियों को ग्वालियर-Delhi रूट पर सेवा देंगी। इस बदलाव से खासतौर पर उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जिन्हें पहले सीमित दिनों के कारण यात्रा प्लान करने में परेशानी होती थी।
    कनेक्टिविटी होगी और मजबूत
    दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों को देश के बड़े शहरों बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को सीधा फायदा होगा, क्योंकि अब उन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
    सुविधाजनक टाइमिंग, डे-ट्रैवल के लिए बेहतर
    नई फ्लाइट राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल पर सुबह 10:40 बजे पहुंचेगी और 11:50 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगी। यह टाइमिंग खासतौर पर बिजनेस ट्रैवलर्स और डे-ट्रिप करने वालों के लिए काफी अनुकूल मानी जा रही है।
    एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, इस शेड्यूल से यात्रियों को उसी दिन काम निपटाकर वापसी की योजना बनाने में भी सुविधा मिलेगी।
    विकास को मिलेगी नई रफ्तार
    टर्मिनल डायरेक्टर लोकेंद्र कुमार यादव का कहना है कि उड़ानों की संख्या बढ़ने से न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी गति मिलेगी। बेहतर एयर कनेक्टिविटी किसी भी शहर के विकास का अहम आधार होती है, और यह पहल ग्वालियर को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत पहचान दिलाने में मदद करेगी।
    क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा कदम
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से क्षेत्रीय शहरों को बड़े महानगरों से जोड़ने में मदद मिलती है। इससे निवेश, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। ग्वालियर जैसे ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व वाले शहर के लिए यह कदम लंबे समय में फायदेमंद साबित हो सकता है।