Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, बारिश ने 25% कोटा किया पूरा, पन्ना-सतना में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी रफ्तार में है। प्रदेश में अब तक सीजन की 25 प्रतिशत यानी 9.4 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि पूरे जुलाई महीने बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे वर्षा का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से तेज बारिश की संभावना जताई है। पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन दोनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश होने का अनुमान है।

    11 जिलों में हुई बारिश, मंडला में सबसे अधिक पानी गिरा
    गुरुवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहा। मंडला में करीब पौन इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सिंगरौली में आधा इंच से अधिक और बालाघाट में लगभग आधा इंच पानी बरसा। बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।

    जुलाई के नौ दिनों में बदली तस्वीर
    जून महीने में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने के बावजूद प्रदेश में सामान्य से 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी। अब प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

    आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक कुल 234.4 मिमी (9.4 इंच) बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 212.3 मिमी (8.3 इंच) है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 9 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

  • नाना पटवारी से पूछताछ के बीच कांग्रेस में हलचल, जीतू पटवारी के निवास पर नेताओं का जमावड़ा, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय

    नाना पटवारी से पूछताछ के बीच कांग्रेस में हलचल, जीतू पटवारी के निवास पर नेताओं का जमावड़ा, वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इस खबर के बाद इंदौर स्थित जीतू पटवारी के निवास पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगातार पहुंचना शुरू हो गया। देखते ही देखते उनके घर के बाहर समर्थकों और वरिष्ठ नेताओं की भीड़ लग गई और पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिक गईं।

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने भी नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की। हालांकि पुलिस की ओर से अब तक हिरासत की वजह और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि एक पहले से चल रही जांच के सिलसिले में नाना पटवारी से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रही है।

    इस बीच जीतू पटवारी के घर से सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। इन वीडियो में कई कांग्रेस नेता आपस में बातचीत करते और हल्के माहौल में नजर आ रहे हैं। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग अलग अलग नजरिए से पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी कर रहे हैं।

    घटना के बाद कांग्रेस नेताओं और समर्थकों की आवाजाही लगातार बनी रही। पार्टी के कई स्थानीय और वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी के घर पहुंचकर स्थिति की जानकारी लेते रहे। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूरे मामले में कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

    दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दल भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पूछताछ के बाद नाना पटवारी के खिलाफ आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

    फिलहाल इंदौर में जीतू पटवारी के निवास पर राजनीतिक गतिविधियां लगातार जारी हैं। कांग्रेस संगठन भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की जा रही है। आने वाले समय में पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष इस मामले की दिशा तय करेंगे।

  • घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस

    घर में फंदे पर मिला 56 वर्षीय हलवाई का शव, आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी पुलिस


    देवास । देवास के त्रिलोक नगर क्षेत्र में गुरुवार को एक 56 वर्षीय हलवाई का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अनिल ठाकुर पिता रामाश्रय ठाकुर के रूप में हुई है। वह पेशे से हलवाई थे और त्रिलोक नगर स्थित अपने घर में अकेले रहते थे। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।

    जानकारी के अनुसार, अनिल ठाकुर की पत्नी और बच्चे पिछले करीब एक वर्ष से कालानी बाग क्षेत्र में अलग रह रहे थे। घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जब मकान मालिक को काफी देर तक कोई हलचल नहीं दिखाई दी तो उन्होंने घर की स्थिति देखी। अंदर अनिल ठाकुर का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे की वजह जानने के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही अन्य सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी तरह का सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • तिरुपति बालाजी की तर्ज पर होगा महोत्सव, वेंकटेश मंदिर में सात दिन तक होंगे धार्मिक आयोजन

    तिरुपति बालाजी की तर्ज पर होगा महोत्सव, वेंकटेश मंदिर में सात दिन तक होंगे धार्मिक आयोजन


    इंदौर । इंदौर के छत्रीबाग स्थित श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में 10 से 16 जुलाई तक श्रीब्रह्मोत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक महोत्सव में भगवान वेंकटेश के विशेष पूजन, महाभिषेक, उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। महोत्सव का मुख्य आकर्षण 16 जुलाई को निकलने वाली भगवान वेंकटेश की गौरवशाली रजत रथयात्रा रहेगी, जो नगर भ्रमण करते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन देगी।

    इस वर्ष महोत्सव का आयोजन तिरुपति बालाजी मंदिर की परंपरा और वैभव की तर्ज पर किया जा रहा है। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जहां शंख, चक्र और तिलक की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी। आयोजन की शुरुआत 9 जुलाई की शाम विश्वकसेन पूजन और सुंदरकांड पाठ से होगी। दोपहर में श्री वेंकटेश महिला मंडल की ओर से सुंदरकांड का आयोजन भी किया जाएगा।

    10 जुलाई को ध्वजारोहण के साथ श्रीब्रह्मोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा। यह अनुष्ठान अनंतश्रीविभूषित श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री नागोरिया पीठाधीश्वर स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा। इसके बाद प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।

    11 जुलाई को भगवती श्रीमहालक्ष्मी का महाभिषेक होगा और 500 दंपति सामूहिक कुमकुम अर्चना में भाग लेंगे। 12 जुलाई को भगवान श्री वेंकटेश का 108 रजत कलशों से महाभिषेक किया जाएगा तथा रात्रि में छत्रीबाग क्षेत्र में छोटी रथयात्रा निकाली जाएगी।

    13 जुलाई को वसंतोत्सव और तिरुपावड़ा उत्सव का आयोजन होगा। 14 जुलाई को भगवान वेंकटेश का कल्याण उत्सव और विवाहोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर बारात निकलेगी तथा विवाह की सभी पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी। रात्रि में परकाल स्वामी की लीला पर आधारित नाटिका का मंचन भी होगा।

    15 जुलाई को भगवान के पुष्प बंगला दर्शन होंगे। वृंदावन और इंदौर के कलाकार सुगंधित फूलों और विशेष सजावटी सामग्री से मनोहारी पुष्प बंगला तैयार करेंगे, जिसमें भगवान वेंकटेश के विशेष दर्शन श्रद्धालुओं को प्राप्त होंगे।

    महोत्सव का समापन 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा के साथ होगा। भगवान वेंकटेश वर्ष में एक बार निकलने वाले रजत रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे। रथयात्रा में दक्षिण भारतीय संस्कृति की झलक, पारंपरिक वाद्य यंत्र, धार्मिक झांकियां और भक्ति संगीत श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।

    पूरे महोत्सव के दौरान भगवान का प्रतिदिन विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भजन संध्या, धार्मिक प्रवचन और संतों का सान्निध्य भी श्रद्धालुओं को मिलेगा। आयोजन में स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी विद्याभास्कर महाराज, स्वामी रंगनाथाचार्य महाराज, स्वामी अनंताचार्यजी महाराज, स्वामी वेंकटेशप्रपन्नाचार्य महाराज, स्वामी दामोदराचार्यजी महाराज, संत इन्द्रेश महाराज, युवराज स्वामी माधवप्रपन्नाचार्य महाराज, गोवत्स राधाकृष्ण महाराज और पुण्डरीकाक्षाचार्य महाराज सहित अनेक संत शामिल होंगे।

  • तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

    तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बच्चा बेहोश, CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस


    इंदौर । इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से 13 वर्षीय एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा बुधवार दोपहर नगीन नगर इलाके में हुआ, जब बच्चा अपनी साइकिल से सड़क पार कर रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

    पुलिस के अनुसार घायल बच्चे की पहचान हर्ष नामदेव के रूप में हुई है। घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। हादसे के बाद बाइक सवार दोनों युवक मौके से फरार नहीं हुए, बल्कि वहीं रुक गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में मदद की और पुलिस को सूचना दी।

    एरोड्रम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि पुलिस ने घायल बच्चे और उसके पिता कुंदन नामदेव के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सामने आई है, जिसमें हादसा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाइक चला रहे दोनों युवकों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सड़क हादसे के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना तेज रफ्तार, लापरवाही या यातायात नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • हाईकोर्ट सख्त, आदेश नहीं मानने पर ACS मनीष रस्तोगी समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ वारंट

    हाईकोर्ट सख्त, आदेश नहीं मानने पर ACS मनीष रस्तोगी समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ वारंट


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और लगातार गैरहाजिर रहने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ा संदेश दिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकल पीठ ने अवमानना मामले में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनीष रस्तोगी, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेलवेन्द्रम और किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक अजय गुप्ता के खिलाफ 25-25 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने तीनों अधिकारियों को 15 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं।

    यह मामला कृषि विभाग, जबलपुर के सेवानिवृत्त उप संचालक देवदत्त विश्वकर्मा की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के अनुसार 30 जून 2023 को सेवानिवृत्ति के समय उनसे 2.10 लाख रुपए की वसूली की गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 8 मई 2024 को आदेश दिया था कि वसूली गई पूरी राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए। आरोप है कि स्पष्ट न्यायिक आदेश के बावजूद संबंधित विभाग ने राशि वापस नहीं की, जिसके चलते अवमानना याचिका दायर करनी पड़ी।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद तीनों वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए। एसीएस मनीष रस्तोगी की ओर से न तो कोई अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुआ और न ही व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट के लिए कोई आवेदन दिया गया। वहीं अन्य दो अधिकारियों की ओर से अधिवक्ता तो मौजूद रहे, लेकिन अधिकारी स्वयं कोर्ट नहीं पहुंचे। अदालत ने इसे न्यायालय के आदेशों की गंभीर अवहेलना माना।

    हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि तीनों अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी किए जाएं। साथ ही संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से इन वारंटों की तामील सुनिश्चित की जाए, ताकि अगली सुनवाई पर सभी अधिकारी अदालत में उपस्थित हों।

    सुनवाई के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी एस.के. निगम और संभागीय पेंशन अधिकारी नमिता भी प्रारंभिक रूप से कोर्ट में उपस्थित नहीं थे। इस पर न्यायालय ने राज्य शासन के अधिवक्ता को तत्काल दोनों अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर अदालत में बुलाने के निर्देश दिए। बाद में उनके उपस्थित होने पर अदालत ने उनसे भी यह स्पष्ट करने को कहा कि पहले से आदेश होने के बावजूद वे समय पर कोर्ट में क्यों नहीं पहुंचे।

    हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई 2026 तय करते हुए निर्देश दिए हैं कि 8 मई 2024 के मूल आदेश का पूर्ण अनुपालन करते हुए विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति भी अनिवार्य रहेगी। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसे मामलों में और कठोर रुख अपनाया जा सकता है।

  • उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान

    उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी कार; सरपंच, हेड कॉन्स्टेबल समेत 4 की मौत, युवती की CPR से बची जान


    उमरिया मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। नेशनल हाईवे-43 पर तेज रफ्तार अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों की मौके पर या इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल एक युवती की अस्पताल में समय रहते सीपीआर देने से सांसें लौट आईं। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया है।

    यह हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र की सिविल लाइन चौकी के पास भरौला स्थित सिद्ध बाबा क्षेत्र में तड़के करीब तीन से चार बजे के बीच हुआ। पुलिस के अनुसार कार में सवार सभी लोग अनूपपुर जिले के लीला गांव के निवासी थे और परिवार की युवती खुशबू मार्को को परीक्षा दिलाने के लिए चित्रकूट जा रहे थे।

    हादसे में लीला गांव के सरपंच कुलपत सिंह, उनकी पत्नी और हेड कॉन्स्टेबल सविता सिंह मार्को, तीन वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप तथा कुलपत सिंह के भाई की बेटी प्रियंका सिंह की मौत हो गई। वहीं खुशबू मार्को गंभीर रूप से घायल हो गई। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं, लेकिन तत्काल सीपीआर देने के बाद उसकी धड़कनें फिर से चलने लगीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया।

    हादसे के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिस और 108 एंबुलेंस की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक व्यक्ति कार के अंदर बुरी तरह फंसा हुआ था, जिसे रेस्क्यू कर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में इलाज के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया।

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार के कारण चालक का वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    कार चालक ददन सिंह से जब पुलिस और मीडिया ने घटना के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसे हादसे की कोई जानकारी याद नहीं है। उसके कपड़ों पर खून के निशान थे और वह बार-बार यही पूछता रहा कि आखिर क्या हुआ और वह अस्पताल कैसे पहुंचा।

    इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में शोक का माहौल है, जबकि घायल युवती के जल्द स्वस्थ होने की सभी कामना कर रहे हैं।

  • 'दरवाजा खोला तो सामने तेंदुआ बैठा था', इंदौर में दहशत की रात, रिहायशी इलाके में घुसा वन्यजीव

    'दरवाजा खोला तो सामने तेंदुआ बैठा था', इंदौर में दहशत की रात, रिहायशी इलाके में घुसा वन्यजीव


    इंदौर । इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में मंगलवार रात उस समय दहशत फैल गई, जब देवगुराड़िया की पहाड़ियों से भटककर एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में पहुंच गया। तेंदुए ने पहले सड़क से गुजर रहे दो बाइक सवारों पर झपट्टा मारा और इसके बाद एक मकान के बाथरूम में जा घुसा। इस दौरान घर में मौजूद बुजुर्ग महिला मुन्नीबाई और उनका मानसिक रूप से बीमार पोता करीब एक घंटे तक घर के भीतर कैद रहने को मजबूर हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग देर रात तक दहशत में रहे।

    मुन्नीबाई ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह घर में खाना बना रही थीं। तभी बाहर अचानक शोर सुनाई दिया। जब उन्होंने दरवाजे से झांककर देखा तो सामने तेंदुआ बैठा था। यह नजारा देखते ही उन्होंने तुरंत घर के दोनों दरवाजे बंद कर दिए। उस समय उनका मानसिक रूप से बीमार पोता भी घर में मौजूद था। दोनों करीब एक घंटे तक घर से बाहर नहीं निकल सके। बाहर लोगों की आवाजें और चीख-पुकार सुनाई देती रही, लेकिन डर के कारण बाहर जाने की हिम्मत नहीं हुई।

    जानकारी के अनुसार यह घटना बिचौली मर्दाना इलाके में रात करीब साढ़े आठ बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेंदुए ने पहले सड़क से गुजर रहे एक बाइक सवार पर हमला किया। युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला। इसके बाद तेंदुआ भागते हुए पास के एक मकान में घुस गया और बाथरूम के पास जाकर बैठ गया। इससे पूरे परिवार में दहशत फैल गई।

    घटना की सूचना मिलते ही आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, लेकिन तेंदुए के डर से कोई भी घर के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। लोगों ने तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। हालांकि वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही तेंदुआ बाथरूम के पास बनी दीवार फांदकर बाहर निकल गया और श्रीजी वैली की दिशा में चला गया।

    वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर की तलाशी ली। जब अधिकारियों को पूरी तरह भरोसा हो गया कि तेंदुआ वहां से जा चुका है, तब परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।

    स्थानीय निवासी अभिषेक जाधव ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि कोई बड़ी बिल्ली होगी, लेकिन ध्यान से देखने पर पता चला कि वह तेंदुआ है। इसके बाद लोगों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को सतर्क किया और पुलिस तथा वन विभाग को सूचना दी।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में वन विभाग की नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निगरानी नहीं बढ़ाई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

    वन विभाग के रेंजर योगेश के अनुसार तेंदुआ संभवतः देवगुराड़िया की पहाड़ियों से भटककर आबादी वाले इलाके में आ गया था। घटनास्थल जंगल से करीब आधा किलोमीटर दूर है और इस क्षेत्र में पहले भी तेंदुओं की आवाजाही होती रही है। विभाग का मानना है कि तेंदुआ रात में ही वापस जंगल की ओर लौट गया और बुधवार सुबह तक उसके दोबारा दिखाई देने की कोई सूचना नहीं मिली।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल, सोनम की जमानत पर फैसला टला

    राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर उठाए सवाल, सोनम की जमानत पर फैसला टला


    इंदौर । इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अहम कानूनी सवाल सामने आया। अदालत ने पूछा कि क्या गिरफ्तारी मेमो में हुई केवल टाइपिंग की गलती के आधार पर किसी आरोपी की गिरफ्तारी को अवैध मान लिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया और मामले पर आगे विचार करने के संकेत दिए।

    जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग न्यायिक फैसले मौजूद हैं और कानून की स्पष्ट व्याख्या आवश्यक है। अदालत ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इस कानूनी प्रश्न को बड़ी बेंच के पास भी भेजा जा सकता है, ताकि भविष्य के मामलों के लिए स्पष्ट दिशा तय हो सके।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय पुलिस को निर्देश दिया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को दिए गए मूल दस्तावेजों की स्पष्ट और पढ़ने योग्य प्रतियां अदालत में पेश की जाएं। अदालत यह जानना चाहती है कि गिरफ्तारी के समय सोनम रघुवंशी को किन धाराओं और किन आधारों की जानकारी दी गई थी।

    मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले में केवल गिरफ्तारी मेमो में टाइपिंग की गलती के आधार पर जमानत देना कानून की गलत व्याख्या होगी। उन्होंने दलील दी कि आरोपी को गिरफ्तारी के समय सभी जरूरी जानकारी दी गई थी और गलत धारा का उल्लेख केवल लिपिकीय त्रुटि थी, जिससे पूरी गिरफ्तारी अवैध नहीं हो जाती।

    दूसरी ओर, सोनम रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में खुद को निर्दोष बताया है। उसने दावा किया कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है और उसने जांच से लेकर न्यायिक प्रक्रिया तक हर स्तर पर पूरा सहयोग किया है।

    इससे पहले मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को सोनम को जमानत देते हुए कहा था कि गिरफ्तारी मेमो में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धारा 103(1) के स्थान पर गलती से धारा 403 दर्ज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने इसे जांच एजेंसी की गंभीर चूक माना और कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी के वास्तविक आधार की सही जानकारी नहीं दी गई।

    अब सुप्रीम कोर्ट सबसे पहले यह तय करेगा कि क्या ऐसी लिपिकीय त्रुटि गिरफ्तारी को अवैध बनाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकती है। यदि सर्वोच्च अदालत हाईकोर्ट की व्याख्या से सहमत नहीं होती है तो सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होने की संभावना भी बन सकती है।

    इस बीच हाल ही में राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि सोनम जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर नेपाल भाग गई है और मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। हालांकि सोनम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह शिलॉन्ग में ही मौजूद है और अदालत तथा जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

    गौरतलब है कि मई 2025 में इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी। जांच में पुलिस ने आरोप लगाया कि हत्या की साजिश उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके कथित सहयोगियों ने रची थी। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना था और फिलहाल इसकी सुनवाई विभिन्न अदालतों में जारी है।

  • इंदौर में दौड़ती बस बनी आग का गोला, टायर फटने के बाद भड़की लपटें, समय रहते खाली कराई गई बस

    इंदौर में दौड़ती बस बनी आग का गोला, टायर फटने के बाद भड़की लपटें, समय रहते खाली कराई गई बस


    इंदौर । इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब रीवा से इंदौर आ रही जय अंबे ट्रेवल्स की यात्री बस में अचानक आग लग गई। घटना सुबह करीब 11 बजे शिप्रा थाने के सामने हुई। बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक की सूझबूझ और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस इंदौर की ओर बढ़ रही थी, तभी उसका एक टायर अचानक फट गया। टायर फटने के बाद चालक ने बस पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। इसी दौरान टायर और सड़क के बीच हुए तेज घर्षण के कारण बस के अगले हिस्से से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    चालक ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत बस रोक दी और यात्रियों को तेजी से नीचे उतरने के निर्देश दिए। यात्रियों ने भी बिना घबराहट के बस खाली कर दी, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह खाली करा ली गई और संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही शिप्रा थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया और कुछ ही समय में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। इससे आग बस के अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें दूसरी बस की व्यवस्था कर इंदौर के लिए रवाना किया। घटना के कारण कुछ समय तक क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया।

    पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में टायर फटने के बाद हुए घर्षण को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जाएगी। बस की यांत्रिक स्थिति और अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    समय रहते चालक की सतर्कता, यात्रियों के सहयोग और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है।