Category: Madhya Pradesh

  • पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा

    पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा


    पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में पिछले तीन दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार शाम सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। करीब 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े एक युवक को पुलिस और SDRF की टीम ने लगभग 51 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार मौके पर तैनात रहे।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम एक युवक हाथ में शराब की बोतल लेकर अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे रोकने और नीचे आने के लिए आवाज लगाई, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी और टावर के सबसे ऊपरी व संकरे हिस्से पर जाकर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही पांढुर्णा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

    थाना प्रभारी अमित दाणी ने बताया कि युवक अत्यधिक शराब के नशे में था। पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से कई बार उसे नीचे उतरने की अपील की, लेकिन उसने किसी भी प्रयास का जवाब नहीं दिया।

    सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
    संभावित हादसे को देखते हुए प्रशासन ने टावर के चारों ओर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। यदि युवक नीचे गिर जाए तो उसकी जान बचाई जा सके, इसके लिए टावर के नीचे गद्दे बिछाए गए और सुरक्षा जाल (नेट) लगाया गया। स्थानीय स्तर पर प्रयास सफल नहीं होने पर तत्काल SDRF की टीम को बुलाया गया।

    चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
    टावर की ऊंचाई और युवक की अस्थिर स्थिति के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। रात के समय अंधेरा और तेज ऊंचाई के बीच युवक लगातार खतरनाक हरकतें करता रहा, जिससे उसके गिरने का खतरा बना हुआ था। पुलिस और SDRF की टीम ने लगातार धैर्य के साथ बातचीत कर उसे शांत रखने की कोशिश की और पूरी रणनीति के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा।

    बुधवार शाम सुरक्षित उतारा गया युवक
    करीब 51 घंटे तक चले अभियान के बाद बुधवार शाम लगभग 7 बजे SDRF और पुलिस की टीम ने तकनीकी कौशल और सतर्कता के साथ युवक को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और नीचे उतार लिया। उसके सुरक्षित जमीन पर पहुंचते ही मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने राहत की सांस ली।

    फिलहाल युवक की चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। पुलिस उसके पूरी तरह होश में आने का इंतजार कर रही है, ताकि उसकी पहचान और मोबाइल टावर पर चढ़ने के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

  • एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में मानसूनी गतिविधियां जारी, आज ग्वालियर-चंबल समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और प्रदेशभर में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं तेज तो कहीं रुक-रुककर हो रही वर्षा के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार को 20 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हो गए।

    मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भिंड जिले में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं मुरैना, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, राजगढ़, आगर-मालवा और रतलाम में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा नीमच, उज्जैन, शाजापुर, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना जिलों में भी भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।

    भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में भी बारिश होने का अनुमान है।

    कई जिलों में उफान पर रहे नदी-नाले
    बुधवार को लगातार हुई बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में नदी-नाले उफान पर रहे। सेंधवा के ग्रामीण इलाकों में जलभराव और तेज बहाव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ।

    मौसम विभाग के अनुसार दमोह में पौने दो इंच, नर्मदापुरम में 1.1 इंच तथा खजुराहो और टीकमगढ़ में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खरगोन और बैतूल में करीब आधा इंच वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दतिया, धार, ग्वालियर, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सागर, सतना, सिवनी, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, पन्ना, बड़वानी, देवास और सीहोर में भी अच्छी बारिश हुई।

    तापमान में आई गिरावट
    लगातार बारिश के कारण प्रदेशभर में अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। पांच प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर 28.5 डिग्री, उज्जैन 29.2 डिग्री, ग्वालियर 29.7 डिग्री और भोपाल 30.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान सीधी में 33.6 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम छिंदवाड़ा में 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक हुई बारिश
    इस बार जून महीने में प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी। हालांकि जुलाई के शुरुआती आठ दिनों में हुई तेज बारिश ने यह कमी पूरी कर दी है।

    अब तक मध्य प्रदेश में कुल 223.7 मिमी (करीब 9 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 202.5 मिमी (8.1 इंच) वर्षा से 10 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अब भी सामान्य से 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में औसत से 30 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

  • देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें

    देवास में NSUI का हल्ला बोल, जर्जर स्कूल भवन हटाने से लेकर कॉलेज का नाम बदलने तक उठाईं कई अहम मांगें


    देवास । देवास जिले के हाटपिपल्या में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई ने तहसील कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाया।

    एनएसयूआई के अध्यक्ष अरुण माली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तहसील कार्यालय पहुंचे। संगठन का कहना है कि पिछले चार वर्षों से विभिन्न समस्याओं को लेकर लगातार ज्ञापन दिए जा रहे हैं लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं। इसी कारण संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

    प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा शासकीय बालक विद्यालय के जर्जर भवन का रहा। एनएसयूआई ने बताया कि स्कूल भवन लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में है और वहां पढ़ने वाले छात्र लगातार खतरे के बीच शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। संगठन ने याद दिलाया कि करीब दो वर्ष पहले भवन की छत का प्लास्टर गिरने से दो छात्र घायल हो गए थे लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने नया भवन बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। छात्रों ने मांग की कि पुराने और जर्जर भवन को हटाकर वहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन बनाया जाए तथा सीएम राइज स्कूल की स्थापना की जाए ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

    एनएसयूआई ने शासकीय महाविद्यालय हाटपिपल्या का नाम भारत की पहली महिला शिक्षिका और समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखने की भी मांग की। संगठन का कहना है कि शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया जाना चाहिए। इससे नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और शिक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरणा मिलेगी।

    ज्ञापन में महाविद्यालय के एक छात्र के साथ हुई कथित मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया गया। संगठन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एनएसयूआई का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

    प्रदर्शन के अंत में एनएसयूआई नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि छात्र हितों की रक्षा के लिए वह लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से ज्ञापन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन छात्रों ने जल्द सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

  • शिवपुरी हाईवे पर बड़ा हादसा टला, अनियंत्रित बस मीडियन में उतरी, चालक फरार, यात्रियों ने लगाए लापरवाही के आरोप

    शिवपुरी हाईवे पर बड़ा हादसा टला, अनियंत्रित बस मीडियन में उतरी, चालक फरार, यात्रियों ने लगाए लापरवाही के आरोप


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर एक बड़ा सड़क हादसा होते होते टल गया। इंदौर से ग्वालियर जा रही कृष्णा ट्रेवल्स की स्लीपर कोच बस अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे के मीडियन में उतर गई। राहत की बात यह रही कि मीडियन की गीली और नरम मिट्टी में बस फंस गई जिससे वह पलटने से बच गई और बस में सवार यात्रियों की जान सुरक्षित रही। यदि बस पलट जाती तो हादसा बेहद भयावह हो सकता था और बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था।

    जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे बदरवास के सड़ बाईपास के पास हुई। बस इंदौर से ग्वालियर की ओर जा रही थी और उसमें कई यात्री सवार थे। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद बस सीधे हाईवे के मीडियन में उतर गई। तेज झटके के कारण बस में बैठे यात्रियों में अफरा तफरी मच गई। कई लोग घबरा गए और चीख पुकार शुरू हो गई लेकिन कुछ ही देर में सभी को यह एहसास हुआ कि बस पलटी नहीं है जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

    घटना की सूचना मिलते ही बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक वाहन की व्यवस्था कराई। हादसे में बामौरकला निवासी मोनिका जाटव सहित कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    हादसे के बाद बस चालक और बस का अन्य स्टाफ मौके से फरार हो गया। इससे यात्रियों में नाराजगी देखी गई। यात्रियों का आरोप है कि चालक शुरुआत से ही तेज रफ्तार में बस चला रहा था और कई बार यात्रियों ने उसे सावधानी से वाहन चलाने की सलाह भी दी थी लेकिन उसने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया। यात्रियों का कहना है कि यदि चालक समय रहते गति नियंत्रित कर लेता तो यह हादसा नहीं होता।

    स्थानीय लोगों का भी मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना लगातार हादसों का कारण बन रहा है। परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों को ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की जरूरत है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों के चालकों की नियमित निगरानी और समय समय पर फिटनेस जांच भी जरूरी है।

    फिलहाल बदरवास थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है और बस चालक की तलाश भी की जा रही है। पुलिस यात्रियों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई तकनीकी खराबी भी जिम्मेदार थी। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक हरकत: गांव में तनाव, पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया

    शिवपुरी में धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक हरकत: गांव में तनाव, पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के छितिपुर गांव स्थित एक मंदिर में बुधवार सुबह आपत्तिजनक स्थिति मिलने के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। मंदिर परिसर में इंसानी मल-मूत्र फैला होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश ने बताया कि वह रात में मंदिर परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने गांव के सतीश जाटव नामक युवक को मंदिर की ओर से तेजी से जाते हुए देखा। इसके बाद जब वह मंदिर के भीतर पहुंचे तो माता मंदिर, भगवान शंकर के स्थान और परिसर के अन्य हिस्सों में गंदगी फैली हुई मिली।

    घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। सूचना पर दिनारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने सतीश जाटव नामक युवक को हिरासत में लिया। जब पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले जा रही थी, तब उसके परिजनों ने वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस युवक को अपने साथ ले गई।

    दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवक के परिजनों का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए मेडिकल दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन घटना के बाद लोगों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • परिवारिक कलह के बीच उठाया खौफनाक कदम, जहर खाने वाले युवक ने तोड़ा दम

    परिवारिक कलह के बीच उठाया खौफनाक कदम, जहर खाने वाले युवक ने तोड़ा दम


    मध्यप्रदेश । श्योपुर जिले के विजयपुर तहसील अंतर्गत मगरधा गांव में घरेलू विवाद से परेशान एक 35 वर्षीय युवक की जहरीला पदार्थ खाने के बाद मौत हो गई। युवक की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान अशोक धाकड़ पुत्र सरवन धाकड़ निवासी मगरधा गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार शाम घरेलू विवाद और लंबे समय से चल रहे गृह क्लेश के चलते अशोक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिवार के लोग उसे तत्काल इलाज के लिए शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले गए।

    मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने युवक का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। बुधवार तड़के करीब 2:30 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को युवक द्वारा यह कदम उठाने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा परिजनों के बपुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को युवक द्वारा यह कदम उठाने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • पानी भरने जा रही महिलाओं ने देखा शव: शिवपुरी में युवक की संदिग्ध मौत, जांच शुरू

    पानी भरने जा रही महिलाओं ने देखा शव: शिवपुरी में युवक की संदिग्ध मौत, जांच शुरू


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के जाखनौद गांव में बुधवार सुबह एक 25 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में गांव के खरंजे पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक मंगलवार रात अपनी बुआ के घर आया था, लेकिन सुबह उसका शव घर के बाहर पड़े मिलने से परिजन और ग्रामीण हैरान रह गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान देहदेह गांव निवासी 25 वर्षीय नेतराम आदिवासी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार नेतराम मंगलवार को अपनी मां से बुआ के घर जाखनौद जाने की बात कहकर निकला था और रात में अपनी बुआ कारी आदिवासी के घर पहुंचा था। परिवार को किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी।

    बुधवार सुबह गांव की महिलाएं रोज की तरह पानी भरने जा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने गांव के खरंजे पर एक युवक को बेसुध अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर युवक में कोई हलचल नहीं थी। महिलाओं ने तत्काल इसकी सूचना नेतराम की बुआ कारी आदिवासी को दी।

    सूचना मिलते ही कारी आदिवासी अपने दामाद के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने युवक की पहचान अपने भतीजे नेतराम के रूप में की। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।

    पोहरी थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

  • बिना बैंड बाजा और बिना दिखावे की शादी पर्यावरण संरक्षण का देगा खास संदेश

    बिना बैंड बाजा और बिना दिखावे की शादी पर्यावरण संरक्षण का देगा खास संदेश

     
    इंदौर । शादियों में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची के दौर में इंदौर का एक परिवार समाज के सामने नई मिसाल पेश करने जा रहा है। शहर के व्यवसायी और समाजसेवी अक्षय जैन ने अपने पुत्र पार्थ जैन के 12 जुलाई को होने वाले विवाह समारोह को केवल पारिवारिक आयोजन तक सीमित रखने का फैसला किया है। इस विवाह की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें न बैंड बाजा होगा और न ही भव्य सजावट व दिखावे पर खर्च किया जाएगा। इसके बजाय पूरा आयोजन सादगी संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ संपन्न होगा।

    जैन परिवार ने विवाह में शामिल होने वाले सभी मेहमानों से विशेष आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार का उपहार लिफाफा या भेंट लेकर न आएं। परिवार का कहना है कि नवदंपती के लिए सबसे बड़ा उपहार बड़ों का आशीर्वाद और अपने लोगों का स्नेह ही है। इसलिए किसी भी तरह की भौतिक भेंट की आवश्यकता नहीं है।

    इसके साथ ही परिवार ने एक अनूठी अपील भी की है। सभी मेहमानों से कहा गया है कि वे नवदंपती को आशीर्वाद देने के लिए अपने घर आंगन खेत या आसपास किसी भी उपयुक्त स्थान पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल का संकल्प भी लें। उनका मानना है कि यदि हर शुभ अवसर को प्रकृति से जोड़ दिया जाए तो समाज में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई जागरूकता पैदा होगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ तथा हराभरा वातावरण मिल सकेगा।

    अक्षय जैन का कहना है कि इस निर्णय के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय समय पर दिए गए सादगी मितव्ययता और पर्यावरण संरक्षण के संदेशों से प्रेरणा मिली है। उनका मानना है कि विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च के बजाय समाज और प्रकृति के हित में सकारात्मक पहल की जानी चाहिए ताकि ऐसे आयोजन दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकें।

    विवाह समारोह पूरी तरह जैन परंपराओं के अनुसार आयोजित किया जाएगा। सभी धार्मिक अनुष्ठान नवकार महामंत्र और मंगलाचरण के बीच संपन्न होंगे। जैन धर्म की परंपरा का पालन करते हुए किसी भी प्रकार का रात्रिकालीन कार्यक्रम नहीं रखा गया है। विवाह से जुड़ी सभी रस्में दिन के समय पूरी की जाएंगी। मेहमानों के लिए जमीकंद रहित सात्विक भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

    सामाजिक संगठनों और शहर के कई लोगों ने इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि आज जब शादियां अक्सर दिखावे और प्रतिस्पर्धा का माध्यम बनती जा रही हैं तब इस तरह का आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला प्रयास है। यदि अधिक से अधिक परिवार इस सोच को अपनाएं तो विवाह समारोह केवल खुशियों का अवसर ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी बन सकते हैं। इंदौर का यह विवाह सादगी संस्कार और हरियाली का संदेश देकर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनने जा रहा है।

  • NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग

    NEET और भर्ती घोटालों के खिलाफ छात्रों का अनोखा आंदोलन, डिलीवरी बॉय से ड्राइवर तक कर रहे सहयोग


    इंदौर । इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर 23 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार आठवें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी राजनीतिक दल या बड़े संगठन के बजाय आम लोगों का सहयोग मिल रहा है। धरना स्थल पर टेंट, गद्दे, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समाज के लोगों और छात्रों के सहयोग से संचालित की जा रही हैं। कई युवा अपनी रोज की कमाई का हिस्सा भी आंदोलन के लिए दे रहे हैं ताकि प्रदर्शन बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने आंदोलन शुरू किया था तब उनके पास बैठने और बारिश से बचने तक की व्यवस्था नहीं थी। शुरुआती दिनों में बारिश से बचने के लिए उन्हें अपने बैठने वाले गद्दों को ही ओढ़ना पड़ा। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो कई सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक उनकी मदद के लिए आगे आए। इसके बाद धरना स्थल पर टेंट, गद्दे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई।

    छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, रिक्त और बैकलॉग पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू हो तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी 23 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    धरना स्थल पर मौजूद पवन अहिरवार और अरुण बड़ोले ने बताया कि रोजाना टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 1500 रुपये खर्च होते हैं। यह राशि आम नागरिकों के स्वैच्छिक सहयोग से जुटाई जा रही है। इसके लिए धरना स्थल पर सहयोग पेटी भी रखी गई है, जिसमें लोग अपनी इच्छा से आर्थिक सहायता दे रहे हैं। कई छात्र स्वयं लोगों से संपर्क कर आंदोलन के लिए सहयोग की अपील भी कर रहे हैं।

    इस आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। पेशे से ड्राइवर दिनेश वास्कले ने बताया कि उनके छोटे बच्चे हैं और वे नहीं चाहते कि भविष्य में उन्हें भी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का सामना करना पड़े। उन्होंने अपना जन्मदिन भी धरना स्थल पर मनाया और उस दिन सभी छात्रों के भोजन की व्यवस्था की। वहीं डिलीवरी बॉय चंदन मोवेल ने कहा कि वह अपनी कमाई का एक हिस्सा आंदोलन के लिए नियमित रूप से दे रहे हैं। इसी तरह कई अन्य युवाओं ने भी छात्रों के समर्थन में आर्थिक सहयोग दिया है।

    धरने में शामिल छात्रों के अनुसार रात के समय भी 15 से 20 छात्र लगातार धरना स्थल पर मौजूद रहते हैं, जबकि सुबह और शाम करीब 100 छात्र आंदोलन में शामिल होते हैं। उनका आरोप है कि अब तक प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी उनकी मांगों पर चर्चा करने नहीं पहुंचा है।

    एलएलएम के छात्र अनिल विद्याराणा ने बताया कि विभिन्न छात्र संगठनों का भी आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। कई संगठन धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

  • फेसबुक एक्स इंस्टाग्राम पर जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी सरकारी कर्मचारियों के लिए नई आचार संहिता लागू

    फेसबुक एक्स इंस्टाग्राम पर जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी सरकारी कर्मचारियों के लिए नई आचार संहिता लागू


    मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने नई आचार संहिता जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की गैर जिम्मेदाराना गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का उद्देश्य शासकीय सेवकों की निष्पक्षता बनाए रखना और सामाजिक सौहार्द को सुरक्षित रखना है। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है तथा सभी विभागों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    नई गाइडलाइन के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी फेसबुक एक्स इंस्टाग्राम व्हाट्सएप यूट्यूब या किसी भी अन्य सोशल मीडिया मंच पर ऐसी पोस्ट टिप्पणी फोटो वीडियो या अन्य सामग्री साझा नहीं करेगा जिससे जातीय धार्मिक सामाजिक या राजनीतिक वैमनस्य फैलने की आशंका हो। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा की गई सामग्री का व्यापक प्रभाव पड़ता है और इससे समाज में तनाव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए प्रत्येक शासकीय सेवक को सोशल मीडिया पर संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना होगा।

    सरकार ने केवल पोस्ट करने पर ही नहीं बल्कि विवादित सामग्री को लाइक शेयर या फॉरवर्ड करने पर भी रोक लगा दी है। यदि कोई कर्मचारी किसी भड़काऊ या विवादित पोस्ट को आगे बढ़ाता है तो उसे भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। यानी अब केवल स्वयं सामग्री लिखना ही नहीं बल्कि आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार में सहयोग करना भी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा।

    राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार कोई भी सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया के माध्यम से किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में प्रचार नहीं करेगा। किसी राजनीतिक अभियान पर सार्वजनिक टिप्पणी करना या किसी दल के पक्ष अथवा विपक्ष में सक्रियता दिखाना मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सरकार का कहना है कि शासकीय सेवकों की निष्पक्षता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और उसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है।

    नई आचार संहिता में कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर होने वाली बहस विवाद और क्रॉस कमेंट से भी दूर रहने की सलाह दी गई है। शासन का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा की गई सार्वजनिक टिप्पणी को आम लोग सरकार की आधिकारिक सोच से जोड़कर देखते हैं। इसलिए डिजिटल माध्यम पर किसी भी प्रतिक्रिया से पहले पूरी सावधानी बरतना आवश्यक है।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ केवल विभागीय कार्रवाई ही नहीं बल्कि आवश्यक होने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कर्मचारियों को इन नियमों की जानकारी दें और पालन सुनिश्चित करें।

    डिजिटल युग में सोशल मीडिया सरकारी कर्मचारियों के लिए संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। नई आचार संहिता का उद्देश्य अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाना नहीं बल्कि सरकारी सेवा की गरिमा निष्पक्षता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था का पालन किस प्रकार सुनिश्चित किया जाता है और इससे सरकारी कार्यप्रणाली में किस तरह का सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।