Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में फर्जी नौकरी घोटाला: एम्स में भर्ती का झांसा देकर लाखों की ठगी, पुलिस ने दर्ज की FIR

    भोपाल में फर्जी नौकरी घोटाला: एम्स में भर्ती का झांसा देकर लाखों की ठगी, पुलिस ने दर्ज की FIR


    भोपाल। राजधानी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक नर्सिंग छात्रा से 50 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। करीब एक साल पुराने इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अब भी फरार है।
    मामला बागसेवनिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सीहोर जिले की रहने वाली प्रिया राठौर (30) ने भोपाल से नर्सिंग की पढ़ाई की है और वर्तमान में एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत है। पीड़िता का परिचय सीहोर के ही रहने वाले मुकुल त्यागी और अमर छावा नाम के दो युवकों से था, जो भोपाल में निजी कार्य करते थे।
    आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले दोनों युवकों ने पीड़िता से संपर्क कर दावा किया कि उनकी एम्स भोपाल में अच्छी पहचान है और वे आसानी से वहां नौकरी लगवा सकते हैं। इस भरोसे में फंसाकर उन्होंने नौकरी दिलाने के एवज में पैसे की मांग की।
    विश्वास में आकर युवती ने दोनों को 50 हजार रुपये नकद दे दिए। शुरुआत में आरोपियों ने उसे आश्वासन दिया कि जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा, लेकिन समय बीतने के साथ वे लगातार टालमटोल करने लगे। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई नौकरी या ऑफर लेटर नहीं मिला तो पीड़िता को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ।
    इसके बाद उसने मामले की शिकायत बागसेवनिया थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों मुकुल त्यागी और अमर छावा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कार्रवाई करते हुए अमर छावा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा आरोपी मुकुल त्यागी अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसी तरह उन्होंने अन्य लोगों को भी ठगा तो नहीं है।
    यह मामला एक बार फिर नौकरी के नाम पर हो रही साइबर और ऑफलाइन ठगी को उजागर करता है, जिसमें लोग आसानी से बड़े संस्थानों में नौकरी का सपना दिखाकर ठगे जा रहे हैं।
  • इंदौर में शादी समारोह में बवाल, मंडप में घुसकर युवकों ने बारातियों पर किया हमला

    इंदौर में शादी समारोह में बवाल, मंडप में घुसकर युवकों ने बारातियों पर किया हमला


    इंदौर। शहर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया जब कुछ युवक आपस में झगड़ते हुए सीधे मंडप में घुस आए और वहां मौजूद बरातियों पर हमला कर दिया। घटना में करीब 6 लोग घायल हो गए, जबकि पूरे समारोह में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    यह घटना 21 अप्रैल की रात करीब 2 बजे ग्राम माचला की है, जहां मनीषा नामक युवती के विवाह की रस्में चल रही थीं। परिवार और रिश्तेदार फेरे की तैयारियों में जुटे थे, तभी अचानक कुछ युवक आपस में विवाद करते हुए शादी के मंडप में घुस आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले तो उन्होंने हंगामा किया और फिर परिजनों द्वारा बाहर जाने के कहने पर मामला और बिगड़ गया।
    परिजनों का आरोप है कि जब उन्हें शांत रहने और मंडप से बाहर जाने के लिए कहा गया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते हाथ-मुक्कों और डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से शादी स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
    हमले में जगराम बंजारा (50), उनके समधी लक्ष्मण बंजारा (70), गंगाबाई, जगदीश, कलाबाई और पुरकिया उर्फ प्रेम घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि गंभीर चोटें नहीं होने पर सभी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
    टीआई देवेन्द्र मरकाम के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। मामले में साहिल कोटिया, मोनू मिथोरिया और अमन कोटिया सहित अन्य साथियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।
    परिजनों ने बताया कि आरोपी नशे की हालत में थे और आपसी झगड़े के बाद गुस्से में शादी समारोह में घुस आए। विरोध करने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए।
    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जिस शादी में खुशियों का माहौल था, वह कुछ ही मिनटों में हिंसा और दहशत में बदल गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
  • इंदौर में राजनीतिक हंगामा: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया

    इंदौर में राजनीतिक हंगामा: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया


    इंदौर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए कथित विवादित बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। खड़गे के बयान में प्रधानमंत्री को लेकर की गई तीखी टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। इंदौर में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचे वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और इसे न केवल प्रधानमंत्री बल्कि पूरे देश का अपमान करार दिया।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने खड़गे के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। खंडेलवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्तर पर सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और उनके प्रति इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करती है।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास और जनहित के मुद्दों से भटक चुकी है और केवल बयानबाजी के सहारे राजनीति करना चाहती है। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध करता रहा है और अब प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहा है।
    गोवा भाजपा अध्यक्ष दामोदर दादू नाइक ने तो खड़गे के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर कांग्रेस अध्यक्ष का इस तरह का बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है और इसे किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
    मध्य प्रदेश के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह बयान कांग्रेस के असली “चाल, चरित्र और चेहरा” को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने की बौखलाहट में कांग्रेस नेता मर्यादा भूल चुके हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है।
    भाजपा नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि कांग्रेस को इस बयान पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अमर्यादित भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।
    गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खड़गे के बयान विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे प्रधानमंत्री को लेकर कई बार तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिनमें उनकी तुलना ‘रावण’, ‘जहरीला सांप’ और ‘झूठों के सरदार’ जैसे शब्दों से की गई थी। इसी वजह से भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर रही है।
    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
  • क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 2.47 लाख की ठगी, गूगल से नंबर सर्च कर कॉल करने पर फंसा जाल

    क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 2.47 लाख की ठगी, गूगल से नंबर सर्च कर कॉल करने पर फंसा जाल


    इंदौर। शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और अब एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक निजी बैंक की फाइनेंस रिलेशनशिप मैनेजर युवती को क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 2 लाख 47 हजार रुपये की चपत लगा दी गई। आरोपी ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर बेहद शातिर तरीके से उसे अपने जाल में फंसा लिया।
    मामला मल्हारगंज थाना क्षेत्र का है, जहां 25 वर्षीय युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि उसका एचडीएफसी बैंक में खाता है और उसे जनवरी 2026 में क्रेडिट कार्ड जारी किया गया था। हालांकि कार्ड की जरूरत नहीं होने के कारण उसने उसे बंद कराने का निर्णय लिया था।
    इसी दौरान उसने अप्रैल महीने में गूगल पर बैंक का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। यहीं से ठगों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। 14 अप्रैल को आए एक कॉल में आरोपी ने खुद को एचडीएफसी बैंक का अधिकारी बताया और बड़ी चालाकी से युवती का भरोसा जीत लिया। बातचीत के दौरान आरोपी ने उससे क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत जानकारी हासिल कर ली।
    इसके बाद आरोपी ने कार्ड बंद कराने की प्रक्रिया का हवाला देते हुए युवती को एक मोबाइल एप ‘पे जिप’ डाउनलोड करने के लिए कहा और उसे लॉगिन करवाया। आरोपी ने दावा किया कि 48 घंटे के भीतर उसका कार्ड बंद हो जाएगा, जिससे पीड़िता को कोई शक नहीं हुआ।
    लेकिन कॉल खत्म होते ही उसके खाते से एक-एक कर पांच ट्रांजेक्शन हुए और कुल 2 लाख 47 हजार रुपये कट गए। कुछ ही देर बाद जब मोबाइल पर मैसेज आए, तब जाकर युवती को ठगी का एहसास हुआ और उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
    घबराई हुई युवती ने तुरंत बैंक से संपर्क किया, लेकिन वहां से तत्काल कोई समाधान नहीं मिला। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और मल्हारगंज थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई।
    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक ट्रांजेक्शन व मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ठगों ने फर्जी कॉल सेंटर स्टाइल में पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया।
    साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला एक बार फिर यह चेतावनी देता है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऐप पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। बैंक कभी भी ग्राहकों से क्रेडिट कार्ड बंद करने के लिए इस तरह की जानकारी या ऐप डाउनलोड नहीं करवाते।
    यह घटना लोगों के लिए एक बड़ा सबक है कि गूगल से मिले किसी भी नंबर पर आंख बंद कर भरोसा न करें और किसी भी वित्तीय जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोत से ही पुष्टि करें।
  • Pahalgam आतंकी हमले में मारे गए LIC अफसर के बेटे का दर्द: ‘अगर घुड़सवारी की जिद न करता तो पिता जिंदा होते’

    Pahalgam आतंकी हमले में मारे गए LIC अफसर के बेटे का दर्द: ‘अगर घुड़सवारी की जिद न करता तो पिता जिंदा होते’


    इंदौर। कश्मीर की वादियों में 22 अप्रैल 2025 को हुआ पहलगाम आतंकी हमला आज भी कई परिवारों के जख्मों को ताजा कर देता है। इस हमले में मारे गए 26 लोगों में इंदौर के एलआईसी अधिकारी सुशील नथानियल भी शामिल थे। घटना को एक साल बीत चुका है, लेकिन उनके घर की खामोशी आज भी उस दर्दनाक मंजर की गवाही देती है। परिवार के लिए यह सिर्फ एक बरसी नहीं, बल्कि अपनों को खोने की पीड़ा को फिर से जीने जैसा दिन है।
    सुशील नथानियल अपने मिलनसार स्वभाव और मददगार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। परिवार के अनुसार, हमले के समय भी वे अपनी जान बचाने के बजाय दूसरों की मदद करने में जुटे रहे। चश्मदीदों का कहना है कि जब आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की तो सुशील वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान आतंकियों ने उन्हें निशाना बना लिया और उनकी सीने में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
    परिवार आज भी उस आखिरी दिन को भूल नहीं पाया है। उनकी पत्नी जेनिफर नथानियल सुबह से ही उस आखिरी तस्वीर को देख भावुक हो जाती हैं, जिसमें पूरा परिवार मुस्कुराता नजर आ रहा है। जेनिफर वर्तमान में एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं, लेकिन पति को खोने का दर्द उनके जीवन का हिस्सा बन चुका है।
    बेटे ऑस्टिन नथानियल के लिए यह हादसा जिंदगी भर का बोझ बन गया है। वह आज भी उस दिन को याद कर भावुक हो जाते हैं। ऑस्टिन कहते हैं, “अगर उस दिन मैंने घुड़सवारी की जिद न की होती, तो शायद पापा आज हमारे साथ होते।” यह एक वाक्य उनके दिल में हमेशा टीस की तरह चुभता है। वह मानते हैं कि उस दिन का हर फैसला उनकी जिंदगी को बदल गया।
    हमले के वक्त सुशील अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। परिवार का यह सफर बेहद उत्साह के साथ शुरू हुआ था। पहले सूरत, फिर चंडीगढ़ और उसके बाद कश्मीर जाने का प्लान बना था। यात्रा के दौरान हर पल को कैमरे में कैद किया गया था, लेकिन किसी को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
    परिवार के मुताबिक, सुशील का सपना था कि वे रिटायरमेंट के बाद इंदौर में शांतिपूर्ण जीवन बिताएंगे और बेटे को अच्छे कॉलेज में पढ़ाएंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आतंकियों की गोली ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ली, बल्कि पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं।
    आज एक साल बाद भी नथानियल परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। घर में अब भी सन्नाटा पसरा है और हर आहट पर पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। परिवार का कहना है कि सुशील सिर्फ एक कर्मचारी नहीं, बल्कि दूसरों की मदद करने वाला एक सच्चा इंसान था, जिसने आखिरी सांस तक मानवता का धर्म निभाया।
    पहलगाम हमले की यह बरसी न सिर्फ एक परिवार के दर्द की कहानी है, बल्कि उन मासूम जिंदगियों की भी याद दिलाती है जो आतंक की भेंट चढ़ गईं।
  • ब्रेक या उठाए फेल की धमकी: खरगोन में बस हादसे में 3 की हालत गंभीर

    ब्रेक या उठाए फेल की धमकी: खरगोन में बस हादसे में 3 की हालत गंभीर


    नई दिल्ली। खरगोन जिले में बुधवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा उस समय हो गया जब इंदौर जा रही एक निजी यात्री बस अनियंत्रित होकर सीधे एक मकान में जा घुसी। यह घटना इंदौर रोड पर ओझरा गांव के पास करीब 1:15 बजे हुई, जिसमें करीब 20 यात्री घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जबकि तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
    जानकारी के अनुसार, चढ़ाववाला ट्रेवल्स की यह बस (एमपी 13 जेडई 6699) दोपहर करीब 12:30 बजे खरगोन से इंदौर के लिए रवाना हुई थी। जैसे ही बस ओझरा के पास पहुंची, अचानक उसका स्टीयरिंग या ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। अनियंत्रित बस सड़क से उतरकर सीधे एक मकान के सामने टकरा गई और उसका आगे का हिस्सा तोड़ते हुए अंदर जा घुसी।
    गनीमत यह रही कि हादसे के समय मकान के अंदर कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री सीटों से टकराकर घायल हो गए।
    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। कांच और सीटों के बीच फंसे कुछ यात्रियों को बड़ी मशक्कत के बाद निकाला गया। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को कसरावद अस्पताल भेजा गया।
    अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया, जिनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें खरगोन जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। मंडलेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने बताया कि हादसे में करीब 20 लोग घायल हुए हैं और मामले की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बस में ओवरलोडिंग थी या नहीं।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बस की रफ्तार और अधिक होती, तो हादसा और भी भयावह हो सकता था।

  • खंडवा-इंदौर हाईवे पर चलती पिकअप में आग, ड्राइवर ने जंपर बचाई जान

    खंडवा-इंदौर हाईवे पर चलती पिकअप में आग, ड्राइवर ने जंपर बचाई जान


    नई दिल्ली। खंडवा-इंदौर नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब एक चलती पिकअप वाहन में अचानक आग लग गई। घटना देशगांव क्षेत्र के भोजाखेड़ी गांव के बाहर बायपास पर करीब 10:30 बजे हुई। बताया जा रहा है कि वाहन खंडवा से इंदौर की ओर फल-सब्जी लेकर जा रहा था, तभी अचानक उसमें से धुआं उठने लगा और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया।
    स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर शाहुख पता फरीद खान ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए गाड़ी सड़क किनारे रोकी और जान बचाने के लिए कूद गया। उनकी तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया, हालांकि देखते ही देखते पूरी पिकअप आग की चपेट में आ गई और लगभग आधे घंटे के भीतर जलकर पूरी तरह राख हो गई।
    घटना की सूचना मिलते ही देशगांव चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। लेकिन जब तक दमकल की टीम पहुंचती, तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। आग की वजह से हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई।
    पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। वाहन 2018 मॉडल का बताया गया है। पुलिस ने वाहन मालिक और चालक से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ड्राइवर समय रहते गाड़ी नहीं रोकता तो यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था। गनीमत रही कि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

  • मध्य प्रदेश सरकार का ऐलान: किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा, हेल्थ सुविधाओं में बड़ा बदलाव

    मध्य प्रदेश सरकार का ऐलान: किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा, हेल्थ सुविधाओं में बड़ा बदलाव


    नई दिल्ली। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बुधवार को प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में सबसे अहम निर्णय मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में “पेशेंट अटेंडर शेल्टर होम” बनाने का रहा। इसके तहत अस्पतालों में आने वाले मरीजों के परिजनों को अब सस्ती दरों पर ठहरने और भोजन की सुविधा मिल सकेगी, जिससे इलाज के दौरान बाहर भटकने की समस्या खत्म होगी।
    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू की जाएगी। सरकार केवल जमीन उपलब्ध कराएगी, जबकि भवन निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी सामाजिक संस्थाओं को दी जाएगी। इन संस्थाओं द्वारा बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं का प्रबंधन भी किया जाएगा। एक समिति न्यूनतम शुल्क तय करेगी ताकि व्यवस्था सुचारु और किफायती बनी रहे। सरकार ने इसे जनसेवा आधारित मॉडल बताया है, जिसमें लाभ कमाने का उद्देश्य नहीं होगा।
    बैठक में यह भी तय किया गया कि अगले 5 वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसमें कैथ लैब, ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के विकास पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही राज्य में विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब 33 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
    कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने फैक्टर-2 लागू करने को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के मामलों में किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा। इसे किसानों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
    इसके अलावा उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 35 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। वहीं छिंदवाड़ा जिले के लिए पुनर्वास पैकेज के तहत 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है।
    शिक्षा क्षेत्र में भी बड़े निवेश का ऐलान किया गया है। कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को साइकिल वितरण योजना पर 990 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों के विकास के लिए 1200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री केयर योजना 2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिस पर अगले 5 वर्षों में 3628 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
    कुल मिलाकर, कैबिनेट बैठक में लिए गए ये फैसले स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, किसानों को राहत देने और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

  • परिवार शादी में गया था, पीछे हुआ दर्दनाक हादसा: बालाघाट में महिला की मौत

    परिवार शादी में गया था, पीछे हुआ दर्दनाक हादसा: बालाघाट में महिला की मौत


    नई दिल्ली। बालाघाट जिले के परसवाड़ा थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां कीटनाशक खाने के बाद इलाज के दौरान 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान चटरीटोला निवासी श्यावती पति धीरसिंह मर्सकोले के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
    जानकारी के अनुसार, महिला ने मंगलवार रात खेत में उपयोग होने वाला कीटनाशक खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें पहले परसवाड़ा अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर स्थिति देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर रात करीब 12:30 बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
    अस्पताल चौकी पुलिस ने डॉक्टर की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और उसके बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। अब आगे की जांच परसवाड़ा थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
    मृतका के बेटे यशवंत मर्सकोले ने बताया कि घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य एक शादी समारोह में गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी मां और छोटी बहन मौजूद थीं। बहन ने ही सूचना दी कि मां ने कीटनाशक खा लिया है। इसके बाद परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे।
    परिजनों के अनुसार, श्यावती लंबे समय से शरीर दर्द और कमजोरी की समस्या से परेशान थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया हो सकता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • छिंदवाड़ा में विकास की नई शुरुआत: वेकोलि को जमीन दिलाने, सांसद बंटी साहू का बड़ा बयान

    छिंदवाड़ा में विकास की नई शुरुआत: वेकोलि को जमीन दिलाने, सांसद बंटी साहू का बड़ा बयान


    नई दिल्ली। छिंदवाड़ा में कोयला उत्पादन और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) की मोआरी कोयला खदान परियोजना को मंजूरी देते हुए 255.177 हेक्टेयर भूमि आवंटन को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले को जिले की आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन की दिशा में अहम माना जा रहा है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में कोयला उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलने की उम्मीद है।

    इस स्वीकृति के बाद छिंदवाड़ा के सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू ने इसे अपनी पहल का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर नई खदानों को मंजूरी देने का आग्रह किया था। इसके अलावा भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस विषय पर चर्चा हुई थी। सांसद ने दावा किया कि लगातार प्रयासों के बाद यह मंजूरी मिली है, जिससे छिंदवाड़ा की औद्योगिक पहचान और मजबूत होगी।

    मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सांसद साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे कार्यकाल के बावजूद जिले में नई कोयला खदानों को लेकर अपेक्षित काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पहले के समय में खदानें बढ़ने के बजाय कुछ बंद भी हुईं, जिससे क्षेत्र की विकास गति प्रभावित हुई।

    सांसद ने आगे कहा कि आने वाले समय में जिले में और भी नई कोयला खदानों को मंजूरी दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा बल्कि छिंदवाड़ा की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई योजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें सीएम राइज स्कूल और नए उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

    इसके साथ ही सावनेर-छिंदवाड़ा और छिंदवाड़ा-सिवनी फोरलेन सड़क परियोजना पर भी तेजी से काम किए जाने की बात कही गई है, जिन पर लगभग 2500 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। कुल मिलाकर, मोआरी खदान को मिली यह मंजूरी छिंदवाड़ा के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले वर्षों में जिले की औद्योगिक और आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।