Category: Madhya Pradesh

  • शांतिलाल पारगी हत्याकांड में परिजनों का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग तेज

    शांतिलाल पारगी हत्याकांड में परिजनों का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग तेज


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के करवड़ पुलिस चौकी क्षेत्र में शांतिलाल पारगी की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को चौकी परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

    मृतक शांतिलाल पारगी का शव 18 मई को जीवरी नाका मोर के पास मिला था। उनके चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे, जिससे यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। शांतिलाल 17 मई की रात से लापता थे और बाद में उनका शव बरामद हुआ।

    मामले में मृतक की पत्नी रामुडी बाई और परिजनों ने पेटलावद टीआई Nirbhay Singh Bhuriya को ज्ञापन सौंपकर चंवरापाड़ा निवासी मानसिंह, दिनेश, मड़िया और सुखराम पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि आरोपियों द्वारा लंबे समय से परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं।

    परिवार ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि शांतिलाल ने पहले ही 29 मार्च 2026 को करवड़ चौकी में लिखित आवेदन देकर अपनी जान को खतरा बताया था, लेकिन उस समय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो यह हत्या नहीं होती।

    इसके अलावा परिजनों ने दावा किया कि जांच के दौरान खोजी कुत्तों की टीम का सुराग मुख्य आरोपी के घर तक पहुंचा था, लेकिन अब तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।

    पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और ग्रामीण लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।

  • निवाली के खेड़ी में कृषक संगोष्ठी: प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर

    निवाली के खेड़ी में कृषक संगोष्ठी: प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर


    मध्यप्रदेश । बड़वानी जिले की निवाली तहसील के ग्राम खेड़ी में “कृषक कल्याण वर्ष 2026” के तहत रात्रि चौपाल सह कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभदायक बनाना रहा।

    कार्यक्रम में पानसेमल विधायक Shyam Barde और कलेक्टर Jayati Singh सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कलेक्टर ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और खेती से जुड़े सुझाव साझा किए।

    कलेक्टर ने अपने संबोधन में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS), उन्नत बीजों का उपयोग, मृदा परीक्षण और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि अपनाने की अपील की, जिससे रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो सके और मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे।

    कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि यंत्र और उन्नत मूंगफली बीज भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी भी दी, ताकि अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें।

    विधायक ने कहा कि सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। इस तरह के आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और वे बेहतर उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ते हैं।

    इस कृषक संगोष्ठी को ग्रामीण कृषि विकास और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों को सीधे प्रशासन और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिला।

  • भटके हुए जैन मुनि के मिलने पर भावुक हुए श्रद्धालु, आंसू छलक पड़े

    भटके हुए जैन मुनि के मिलने पर भावुक हुए श्रद्धालु, आंसू छलक पड़े

    मध्यप्रदेश । बड़वानी जिले में भीषण गर्मी के बीच एक दिगंबर जैन मुनि के 30 घंटे तक भटकने का मामला सामने आया। आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में दिगंबर जैन मुनि Vidambar Sagar Maharaj बिना आहार और जल के भटकते रहे, जिसके बाद पुलिस और समाजजनों की मदद से उन्हें सुरक्षित खोज लिया गया।

    मिली जानकारी के अनुसार मुनि महाराज 20 मई को महाराष्ट्र के शिरपुर से मध्य प्रदेश में प्रवेश कर बड़वानी जिले के गवाड़ी पहुंचे थे। इसके बाद वे सेंधवा और जुलवानिया क्षेत्र की ओर विहार करते हुए आगे बढ़े। इसी दौरान मार्ग की गलत जानकारी और व्यवस्था में कमी के कारण वे दिशा भटक गए।

    रात के समय सुरक्षित स्थान न मिलने पर उन्होंने एक ढाबे के पास बगीचे में विश्राम किया, लेकिन अगले दिन सुबह से ही तेज धूप और लू में उनका कठिन विहार जारी रहा। लगातार बढ़ती गर्मी और जल–आहार की अनुपलब्धता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

    स्थानीय लोगों और जैन समाज के सदस्यों ने जब मुनि महाराज के लापता होने की सूचना पाई तो तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और जुलवानिया व आसपास के थाना क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया गया। करीब 6 घंटे की तलाश के बाद मुनि महाराज ठान फाटे के पास एक पुल के नीचे बैठे मिले।

    मुनि महाराज के मिलने पर उपस्थित समाजजनों और पुलिस टीम ने राहत की सांस ली। उन्हें तुरंत पेड़ की छांव में बैठाकर जल और आहार कराया गया। इस दृश्य को देखकर कई श्रद्धालु भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।

    स्थानीय समाजजनों ने कहा कि रास्तों की सही जानकारी और विहार व्यवस्था की कमी के कारण यह स्थिति बनी। अब जैन समाज की ओर से इस तरह के मामलों के लिए बेहतर व्यवस्था तैयार करने की बात कही जा रही है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर विहार करने वाले मुनियों को भविष्य में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

  • यात्री सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, परिवहन विभाग ने चलाया जांच अभियान

    यात्री सुरक्षा से खिलवाड़ पड़ा भारी, परिवहन विभाग ने चलाया जांच अभियान


    मध्यप्रदेश । खंडवा में लगातार सामने आ रहे बस हादसों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शनिवार को यात्री बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इंदौर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय के सामने हुई इस कार्रवाई में कई बसों में गंभीर खामियां सामने आईं। जांच के दौरान कुछ बसों में इमरजेंसी एग्जिट के सामने अतिरिक्त सीटें लगी मिलीं, जबकि कई बसों के इमरजेंसी गेट खराब हालत में पाए गए। अधिकारियों ने इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ बताया।

    अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने आने-जाने वाली यात्री बसों को रोककर उनकी गहन जांच की। कार्रवाई में 30 बसों के चालान बनाए गए और करीब 40 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने बस संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह विशेष अभियान मध्यप्रदेश पुलिस और पुलिस परिवहन शोध संस्थान के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। खंडवा में यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय, एआरटीओ दीपक मांझी और टीआई देवेंद्र सिंह परिहार की निगरानी में की गई। अधिकारियों के अनुसार 21 मई से 27 मई 2026 तक प्रदेशभर में यात्री बसों की विशेष चेकिंग की जा रही है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

    चेकिंग के दौरान टीम ने बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा दस्तावेज, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, ड्राइवर के लाइसेंस और बैज की भी जांच की। इसके अलावा बसों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और तकनीकी सुरक्षा उपकरणों की स्थिति भी देखी गई। कई बसों की हेडलाइट, इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर में भी खामियां मिलीं।

    अधिकारियों ने विशेष रूप से इमरजेंसी गेट के सामने सीटें लगाए जाने को बेहद खतरनाक बताया। उनका कहना है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यही इमरजेंसी गेट यात्रियों की जान बचाने का सबसे अहम रास्ता होता है। यदि वहां सीटें लगा दी जाएं या गेट खराब हो, तो हादसे के समय बड़ा नुकसान हो सकता है।

    ट्रैफिक डीएसपी अनिल कुमार राय ने कहा कि हाल के महीनों में प्रदेश में हुई बस दुर्घटनाओं को देखते हुए अब यात्री सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बस चालकों को ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन न चलाने की सख्त हिदायत भी दी।

  • शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने मचाई तबाही, मिल के आधे हिस्से तक पहुंचीं लपटें

    शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने मचाई तबाही, मिल के आधे हिस्से तक पहुंचीं लपटें


    मध्यप्रदेश । खरगोन जिले के सनावद स्थित अवंति सूत मिल में शुक्रवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में उसने मिल परिसर में रखी करीब 200 रूई की गठानों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें मिल के आधे हिस्से तक पहुंच गईं और पूरे इलाके में धुएं का गुबार फैल गया।

    जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:30 बजे मिल परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कर्मचारियों ने जब तक स्थिति को समझा, तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। रूई जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। हालात बिगड़ते देख तत्काल मिल की बिजली सप्लाई बंद की गई और दमकल विभाग को सूचना दी गई।

    सूचना मिलते ही बड़वाह और ओंकारेश्वर से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके साथ ही सनावद नगर परिषद का पानी का टैंकर भी आग बुझाने में लगाया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय प्रशासन की टीम ने लगातार करीब चार घंटे तक मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि शाम करीब 6 बजे तक परिसर से धुआं निकलता रहा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार केसी सोलंकी, सीएमओ राजेंद्र मिश्रा और नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि इंदर बिरला ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी।

    मिल प्रबंधक धर्मेंद्र मित्तल ने बताया कि शॉर्ट सर्किट के बाद आग ने अचानक तेजी पकड़ ली। शुरुआत में कर्मचारियों ने मिल के अगले हिस्से में लगी आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें पीछे के हिस्से तक पहुंच चुकी थीं। उन्होंने बताया कि फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

    गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बड़ी मात्रा में सामग्री जलकर खाक हो गई। आग की इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • भीषण गर्मी में बढ़ी पानी की मांग, 72 घंटे में 32 किमी तय कर पहुंचा पानी

    भीषण गर्मी में बढ़ी पानी की मांग, 72 घंटे में 32 किमी तय कर पहुंचा पानी


    मध्यप्रदेश । खरगोन जिले में भीषण गर्मी और गहराते जलसंकट के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए पहली बार खारक डैम से 0.5 एमसीएम पानी छोड़ा है। यह पानी करीब 72 घंटे में 32 किलोमीटर का लंबा और जंगली रास्ता तय कर शनिवार सुबह नगर पालिका के कुंदा बैराज तक पहुंच गया। पानी पहुंचने के बाद शहरवासियों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

    दरअसल, खरगोन शहर में इन दिनों तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पेयजल की मांग भी तेजी से बढ़ गई है। सामान्य दिनों में जहां शहर में प्रतिदिन करीब 28 एमएलडी पानी की सप्लाई होती थी, वहीं अब मांग बढ़कर 32 एमएलडी तक पहुंच गई है। अतिरिक्त 4 एमएलडी पानी की जरूरत ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी।

    स्थिति तब और गंभीर हो गई जब शहर की प्रमुख जल स्रोत कुंदा नदी पूरी तरह सूखने लगी और कुंदा बैराज में केवल सात दिन का पानी शेष रह गया। ऐसे में प्रशासन ने जल संकट गहराने से पहले ही खारक डैम से आरक्षित पानी छोड़ने का निर्णय लिया। जल संसाधन विभाग ने बुधवार को डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा था।

    पानी को सुरक्षित तरीके से बैराज तक पहुंचाने के लिए नगर पालिका की जल शाखा की टीम लगातार तीन दिन तक निगरानी करती रही। नदी के रास्ते में कई जगह मिट्टी और पत्थरों के कारण बहाव बाधित हो रहा था। ऐसे में टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से 12 अलग-अलग स्थानों पर अवरोध हटाए, ताकि पानी का प्रवाह लगातार बना रहे और वह बीच रास्ते में रुक न जाए।

    नगर पालिका सीएमओ कमला कौल ने बताया कि शहर में संभावित जलसंकट को देखते हुए पहले ही यह कदम उठाया गया। प्रशासन लगातार जल वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहा है ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं, जल शाखा प्रभारी संजय सोलंकी ने कहा कि बैराज में पानी का स्तर तेजी से घट रहा था और इसी कारण खारक डैम से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया।

    अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल खारक डैम में नगर पालिका के लिए लगभग 7.5 एमसीएम पानी रिजर्व रखा गया है। जरूरत पड़ने पर आगे भी पानी छोड़ा जा सकता है। कुंदा बैराज तक पानी पहुंचने से अब शहर में पेयजल आपूर्ति कुछ समय तक सामान्य बनी रहने की उम्मीद है।

  • विहिप नेता ने भोजशाला में मंदिर होने का दावा दोहराया, बयान से बढ़ी चर्चा

    विहिप नेता ने भोजशाला में मंदिर होने का दावा दोहराया, बयान से बढ़ी चर्चा


    मध्यप्रदेश । धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर धार्मिक और सांस्कृतिक चर्चाओं के केंद्र में है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यहां लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ रही है और शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला भी भोजशाला पहुंचे। उन्होंने मां वाग्देवी के दर्शन और पूजन कर अपनी आस्था व्यक्त की। भोजशाला परिसर में इन दिनों धार्मिक माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।

    भोजशाला पहुंचने के बाद हुकुमचंद सावला ने इसे केवल एक ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शिक्षा और आस्था का प्राचीन केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में यहां विभिन्न विद्याओं की शिक्षा दी जाती थी और यह स्थान मां सरस्वती यानी वाग्देवी का दिव्य मंदिर रहा है। सावला ने दावा किया कि भोजशाला की स्थापत्य शैली, पत्थरों पर बने चिह्न और संरचना स्वयं इस बात के प्रमाण हैं कि यह मूल रूप से मंदिर स्वरूप में निर्मित की गई थी।

    उन्होंने परिसर का निरीक्षण करते हुए कहा कि यहां मौजूद पत्थरों और दीवारों पर बने चिन्ह इतिहास की सच्चाई को दर्शाते हैं। सावला ने कहा कि जनभावनाओं और आस्था के अनुरूप भविष्य में यहां मां वाग्देवी का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। उनके इस बयान के बाद भोजशाला को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    उल्लेखनीय है कि धार की भोजशाला लंबे समय से ऐतिहासिक और धार्मिक विवाद का विषय रही है। विभिन्न पक्ष इसे लेकर अपने-अपने दावे करते रहे हैं। हाल ही में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यहां धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इसके बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

    भोजशाला में रोजाना पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन भी पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति न बने।

    हुकुमचंद सावला के दौरे और बयान के बाद भोजशाला एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक चर्चाओं का केंद्र बन गई है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और अधिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

  • देवास में ट्रैफिक लापरवाही उजागर, हफ्तेभर में दूसरी बार टूटा सुरक्षा नेट

    देवास में ट्रैफिक लापरवाही उजागर, हफ्तेभर में दूसरी बार टूटा सुरक्षा नेट


    मध्यप्रदेश । देवास शहर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले एमजी तिराहे पर धूप से बचाव के लिए लगाया गया ग्रीन नेट शेड एक बार फिर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर का शिकार हो गया। शुक्रवार देर रात एक अनियंत्रित चार पहिया वाहन ने तिराहे पर लगे शेड को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसका बड़ा हिस्सा उखड़कर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि हादसा देर रात हुआ, जब सड़क पर लोगों और वाहनों की आवाजाही बेहद कम थी। यदि यह घटना दिन के समय होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि दिनभर इस तिराहे पर भारी भीड़ रहती है और लोग धूप से बचने के लिए इसी शेड के नीचे खड़े रहते हैं।

    घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि तेज रफ्तार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सीधे ग्रीन नेट शेड से टकराता है और उसे तोड़ते हुए मौके से निकल जाता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर वाहन और उसके चालक की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब एक सप्ताह पहले भी इसी एमजी तिराहे पर एक अन्य वाहन की टक्कर से यही ग्रीन नेट शेड टूट गया था। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का आरोप है कि तिराहे पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एमजी तिराहे पर स्पीड कंट्रोल के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। नागरिकों का कहना है कि यह तिराहा शहर का प्रमुख यातायात केंद्र है और यहां हर समय लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में सुरक्षा के मजबूत इंतजाम बेहद जरूरी हैं।

  • लू और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा

    लू और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिले में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। शनिवार को जिले का तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। तेज धूप और झुलसा देने वाली लू के कारण दोपहर के समय शहर की सड़कें और बाजार सुनसान नजर आए। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्म हवाओं का असर इतना ज्यादा है कि दोपहर में बाजारों में भी सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल दिखाई नहीं दे रही। दुकानदारों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण ग्राहकों की संख्या में भारी कमी आई है।

    दिनभर चलने वाली लू के बाद रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। रात के समय भी गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे घरों में कूलर और पंखे भी बेअसर साबित हो रहे हैं। कई इलाकों में लोग रातभर गर्मी और उमस के कारण सो नहीं पा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

    भीषण गर्मी का असर सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई दे रहा है। बस स्टैंड, बाजार, चौराहे और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाके दोपहर के समय लगभग खाली नजर आ रहे हैं। लोग धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को कपड़े से ढंककर बाहर निकल रहे हैं। कई लोग अपने साथ पानी की बोतल और ग्लूकोज रखकर चल रहे हैं ताकि लू से बचाव किया जा सके।

    मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत नहीं मिलने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में फिलहाल गिरावट की संभावना कम है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

    लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। सुबह और शाम के समय ही लोग बाजारों में खरीदारी के लिए निकल रहे हैं। दोपहर के समय शहर मानो थम सा जाता है। गर्मी का असर बिजली खपत पर भी दिखाई दे रहा है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

  • अंडरग्राउंड फिटिंग के तार काटकर चोरों ने दिया वारदात को अंजाम

    अंडरग्राउंड फिटिंग के तार काटकर चोरों ने दिया वारदात को अंजाम


    मध्यप्रदेश । शाजापुर शहर में इन दिनों बिजली तार चोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर चोरों ने निर्माणाधीन मकानों से लेकर शासकीय स्कूल तक को निशाना बनाते हुए अंडरग्राउंड बिजली फिटिंग के तार चोरी कर लिए। लगातार सामने आई तीन वारदातों ने पुलिस और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मामले में कोतवाली पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    पहली घटना 22 मई को शहर के सरदार पटेल हॉस्पिटल के पीछे स्थित एक निर्माणाधीन मकान में हुई। मकान मालिक अमित कुमार नायक ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अज्ञात बदमाश रात के समय मकान में घुसे और बिजली फिटिंग के लिए डाले गए तार काटकर चोरी कर ले गए। चोरी का पता सुबह काम पर पहुंचे लोगों को चला, जिसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इसी दिन दूसरी वारदात विराज सिटी इलाके में सामने आई। यहां विजय कुमार गामी के निर्माणाधीन मकान को चोरों ने निशाना बनाया। बताया गया कि देर रात आरोपी मकान में घुसा और अंडरग्राउंड वायरिंग के बिजली तार काटकर उन्हें बोरी में भरने लगा। चोरी किए गए सामान की कीमत करीब 20 हजार रुपए बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने लक्ष्मीनगर निवासी सोनू खान को आरोपी बनाया है।

    लगातार हो रही चोरियों के बीच तीसरी घटना ने सभी को चौंका दिया। बदमाशों ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय महुपुरा में भी चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। स्कूल के ताले तोड़कर चोर अंदर घुसे और बिजली बोर्ड तथा वायरिंग को नुकसान पहुंचाते हुए तार चोरी कर ले गए। स्कूल प्रबंधन ने घटना की शिकायत पुलिस को सौंप दी है।

    तीन वारदातों के बाद सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने संदिग्ध सोनू खान को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अन्य घटनाओं में भी उसका हाथ है। पुलिस का मानना है कि चोरी की इन घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो निर्माणाधीन मकानों और कम सुरक्षा वाले सरकारी भवनों को निशाना बना रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से भय का माहौल बन गया है। खासकर निर्माणाधीन मकानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का फायदा चोर उठा रहे हैं। लोगों ने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने और ऐसे इलाकों में निगरानी मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अन्य संदिग्धों की तलाश भी की जा रही है।