Category: Madhya Pradesh

  • राजस्थान से ATS ने पकड़ा तीसरा आरोपी, भोपाल कनेक्शन की जांच तेज; युवाओं को जोड़ने और नेटवर्क फैलाने की साजिश का आरोप

    राजस्थान से ATS ने पकड़ा तीसरा आरोपी, भोपाल कनेक्शन की जांच तेज; युवाओं को जोड़ने और नेटवर्क फैलाने की साजिश का आरोप


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने कथित आतंकी साजिश से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीसरे आरोपी शाकिर मेव को राजस्थान के अलवर जिले के टप्पुकरा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। एटीएस के अनुसार आरोपी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था और कथित नेटवर्क के संचालन में उसकी सक्रिय भागीदारी सामने आई है। अदालत में पेशी के बाद उसे 20 जून तक रिमांड पर भेज दिया गया है।

    इस मामले में पहले भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह और उसके सहयोगी नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार फराज पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों का इस्तेमाल कर युवाओं को विभिन्न ग्रुपों से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। एटीएस का कहना है कि आरोपी कई वर्षों से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था और उसके ऑनलाइन नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि फराज को कथित तौर पर नई पहचान देकर सोशल मीडिया नेटवर्क बढ़ाने और युवाओं तक पहुंच बनाने का काम सौंपा गया था। एटीएस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और कथित नेटवर्क का विस्तार किन-किन क्षेत्रों तक था।

    फराज की निशानदेही पर उसके सहयोगी नईम अब्दुल्ला को उत्तर प्रदेश के देवबंद से गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरफ्तारी पूरे नेटवर्क को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। दोनों आरोपियों से अलग-अलग तथा आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है ताकि कथित साजिश की परतें खोली जा सकें।

    गौरतलब है कि एटीएस ने गुरुवार तड़के भोपाल के काजी कैंप इलाके में फराज के घर पर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया था। कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार फराज स्थानीय स्तर पर एक निजी क्लीनिक में काम करता था और उसने देवबंद में धार्मिक शिक्षा भी प्राप्त की थी। वहीं उसकी मुलाकात नईम अब्दुल्ला से हुई थी।

    जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू डिजिटल साक्ष्य हैं। फराज का मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के संपर्क देश और विदेश में किन लोगों से थे।

    इसके अलावा कथित विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही है। एटीएस बैंकिंग रिकॉर्ड, लेन-देन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि किसी संदिग्ध आर्थिक सहायता के स्रोत का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    मामले में एटीएस, केंद्रीय एजेंसियों और अन्य जांच इकाइयों के सहयोग से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • MP के 5 दिन के दौरे पर आ रही हैं राष्ट्रपति मुर्मू, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कूनो का करेंगी भ्रमण

    MP के 5 दिन के दौरे पर आ रही हैं राष्ट्रपति मुर्मू, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कूनो का करेंगी भ्रमण


    भोपाल।
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) आगामी 18 से 22 जून तक मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय दौरे (Madhya Pradesh, five-day visit) पर आ रही हैं। वे यहां ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कूनों नेशनल पार्क के भ्रमण करने के साथ बैतूल और जबलपुर में भी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। इसे लेकर प्रदेश के प्रशासनिक और सुरक्षा अमले ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।

    श्योपुर जिले में तय दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के अनुसार, 21 जून दोपहर 3 बजे राष्ट्रपति वायुसेना के विशेष विमान से पहले ग्वालियर पहुंचेंगी. वहां से वे सेना के हेलीकॉप्टर द्वारा सीधे कूनो नेशनल पार्क आएंगी. 21 जून की पूरी रात कूनो नेशनल पार्क में ही बिताएंगी. उनके विश्राम के लिए कूनो में विशेष और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. वहीं, 22 जून सुबह 10 बजे कूनो नेशनल पार्क में सुबह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति अगले गंतव्य के लिए प्रस्थान कर जाएंगी।


    मुख्य सचिव अनुराग जैन ने परखी सुरक्षा

    राष्ट्रपति के इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हैं. बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल की बारीकी से समीक्षा की. मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा, आवागमन, संचार, स्वास्थ्य सेवाओं और वीवीआईपी प्रोटोकॉल से जुड़े सभी इंतजाम समय सीमा के भीतर अचूक तरीके से पूरे किए जाएं।

    माना जा रहा है कि बोत्सवाना से भारत लाए गए शेष चीतों को राष्ट्रपति के हाथों ही कूनो के खुले जंगल में आजाद किया जा सकता है. दरअसल, जब बोत्सवाना सरकार ने भारत के लिए इन खास चीतों का चयन किया था, तब प्रतीकात्मक रूप से इन्हें खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ही सौंपा गया था. यही वजह है कि कूनो प्रबंधन और वन्यजीव विशेषज्ञ इस पल को लेकर बेहद उत्साहित हैं।


    इंदौर, ओंकारेश्वर और जबलपुर भी जाएंगी राष्ट्रपति

    अपने पांच दिवसीय प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के कई प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भी रुख करेंगी. वे श्योपुर और ग्वालियर के अलावा इंदौर, बैतूल में स्थित प्रसिद्ध श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और जबलपुर का भी भ्रमण करेंगी, जिसे लेकर इन सभी जिलों में भी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।

  • देवास में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हंगामा: शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो गिरफ्तार

    देवास में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हंगामा: शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश । देवास जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि अवैध शराब बिक्री की सूचना पर जांच के लिए पहुंची टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध शराब कारोबार और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक Punit Gehlod के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक Sumit Agrawal के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक Shashikant Chaurasiya के नेतृत्व में की गई।

    पुलिस टीम क्षेत्र भ्रमण और सूचना संकलन के दौरान गांगरदी चौराहा क्षेत्र में पहुंची थी। यहां एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। पुलिस के अनुसार, तलाशी लेने पर महिला के कब्जे से देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद संबंधित महिला के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

    इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में एक अन्य महिला द्वारा भी कथित रूप से अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि टीम को देखकर कुछ लोग वहां से भागने लगे। इसी बीच संबंधित महिला और उसके परिजनों ने कार्रवाई का विरोध किया।

    पुलिस के अनुसार, विरोध के दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की, धक्का-मुक्की की तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करण सिसोदिया उर्फ संतोष शर्मा (25 वर्ष) और संतोष शर्मा (56 वर्ष), निवासी ग्राम भाड़ा पिपल्या, जिला देवास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संबंधित तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।

  • उज्जैन में शुरू हुआ मध्यप्रदेश का पहला साइंस सेंटर: एक महीने तक फ्री एंट्री, विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया से रूबरू हो रहे बच्चे

    उज्जैन में शुरू हुआ मध्यप्रदेश का पहला साइंस सेंटर: एक महीने तक फ्री एंट्री, विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया से रूबरू हो रहे बच्चे


    मध्यप्रदेश । धार्मिक और खगोलीय नगरी के रूप में पहचान रखने वाले उज्जैन को अब विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी एक नई पहचान मिली है। शहर में मध्यप्रदेश का पहला अत्याधुनिक साइंस सेंटर शुरू हो गया है, जो बच्चों, युवाओं, शोधार्थियों और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का अनूठा केंद्र बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अप्रैल माह में इस साइंस सेंटर का लोकार्पण किया था। अब इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है और विशेष बात यह है कि पहले एक महीने तक यहां प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।

    उज्जैन की समृद्ध खगोलीय परंपरा को ध्यान में रखते हुए साइंस सेंटर में एक अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी गैलरी विकसित की गई है। इस गैलरी में ग्रहों, तारों, आकाशगंगाओं, ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी जानकारियों को आधुनिक डिजिटल तकनीक और आकर्षक मॉडलों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यहां आने वाले लोग न केवल अंतरिक्ष के रहस्यों को समझ रहे हैं, बल्कि भारतीय वैज्ञानिक विरासत और तकनीकी उपलब्धियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

    साइंस सेंटर की सबसे खास विशेषताओं में से एक इसकी साइंस फन गैलरी है। यहां लगाए गए इंटरएक्टिव मॉडल बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान के सिद्धांत समझने का अवसर देते हैं। गुरुत्वाकर्षण, ऊर्जा, गति, प्रकाश, ध्वनि और संतुलन जैसे विषयों को प्रयोगात्मक तरीके से समझाया गया है। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और रुचि बढ़ रही है।

    सेंटर परिसर में विकसित साइंस पार्क भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। खुले वातावरण में स्थापित वैज्ञानिक उपकरण और मॉडल बच्चों को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर देते हैं। यहां छात्र किताबों में पढ़े गए सिद्धांतों को वास्तविक रूप में देखकर समझ सकते हैं, जिससे उनकी अवधारणाएं और अधिक मजबूत होती हैं।

    साइंस सेंटर का आधुनिक प्लेनेटेरियम भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। अत्याधुनिक 3D-4K तकनीक से लैस यह प्लेनेटेरियम दर्शकों को अंतरिक्ष की रोमांचक यात्रा पर ले जाता है। यहां प्रदर्शित होने वाली फिल्में जैसे Voyager: The Never Ending Journey और Dawn of the Space Age अंतरिक्ष अनुसंधान, ग्रहों की दुनिया और मानव अंतरिक्ष अभियानों की रोचक जानकारी प्रदान करती हैं।

    साइंस सेंटर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। एक महीने की निशुल्क अवधि के बाद भी यहां आने वाले लोगों के लिए प्रवेश शुल्क किफायती रखा गया है। प्लेनेटेरियम शो के लिए सामान्य नागरिकों से 50 रुपए शुल्क लिया जाएगा, जबकि विद्यार्थियों को रियायती दरों पर सुविधा उपलब्ध होगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह साइंस सेंटर प्रदेश में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। आने वाले समय में यह केंद्र विज्ञान शिक्षा, शोध और जागरूकता का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

  • बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने

    बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी शहर की मदकपुरा कॉलोनी में शनिवार दोपहर पड़ोसियों के बीच चल रहा विवाद उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब बिजली के तार हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। घटना में एक महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई है। महिला ने पड़ोसी परिवार पर बाल पकड़कर घसीटने और सड़क पर गिराकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं, घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, मदकपुरा कॉलोनी निवासी शिवानी कुशवाह और उनके पड़ोसी मिथलेश लोधी के परिवार के बीच पहले से कुछ विवाद चल रहा था। शनिवार को बिजली के तार हटाने के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआती बहस देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई और फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई।

    शिवानी कुशवाह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान मिथलेश लोधी, उनके पति अमर लोधी और बेटे हजरत लोधी ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, उन्हें बाल पकड़कर सड़क पर गिराया गया और घसीटते हुए पीटा गया। इस घटना में घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के समय आसपास के लोग भी मौजूद थे, लेकिन विवाद बढ़ने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    देहात थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिवानी कुशवाह की रिपोर्ट पर मिथलेश लोधी, अमर लोधी और हजरत लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, मिथलेश लोधी की शिकायत के आधार पर शिवानी कुशवाह और उनके पति के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इस ताजा घटना के बाद कॉलोनी में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने की हिदायत दी है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।

  • पूरनखेड़ी के पास बड़ा सड़क हादसा टला: कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर तीन हिस्सों में टूटा, चालक फरार

    पूरनखेड़ी के पास बड़ा सड़क हादसा टला: कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर तीन हिस्सों में टूटा, चालक फरार


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। लुकवासा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत पूरनखेड़ी के पास बांस से भरे एक ट्रैक्टर और मिर्च से लदी आयशर कैंटर के बीच हुई जोरदार टक्कर में ट्रैक्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर तीन हिस्सों में बंट गया और उस पर लदा बांस सड़क पर दूर-दूर तक फैल गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर अशोकनगर से बांस लेकर बीरखेड़ी की ओर जा रहा था। इसी दौरान शिवपुरी की दिशा से आ रही मिर्च लदी आयशर कैंटर ने ट्रैक्टर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर का प्रभाव इतना अधिक था कि ट्रैक्टर का अगला और पिछला हिस्सा अलग हो गया तथा वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रैक्टर में लदा बांस राजमार्ग पर बिखर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। कई वाहन सड़क के दोनों ओर रुक गए और जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे तथा सड़क पर फैले बांस को हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य किया जा सका।

    पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद आयशर कैंटर का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरनखेड़ी क्षेत्र में इन दिनों नव निर्मित पुल के निर्माण कार्य के चलते यातायात एकांकी मार्ग यानी सिंगल लेन से संचालित किया जा रहा है। सड़क का यह हिस्सा अपेक्षाकृत संकरा है, जिसके कारण भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के कारण पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    रहवासियों और वाहन चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन से मांग की है कि निर्माणाधीन हिस्से में जल्द से जल्द आवश्यक सुधार किए जाएं और यातायात के लिए पर्याप्त चौड़ाई उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि मानसून की शुरुआत होने वाली है और यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार कैंटर चालक की तलाश की जा रही है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन सड़क मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

  • खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप

    खजराना में अवैध अहाते को लेकर बवाल: वीडियो बना रहीं महिलाओं से मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब बंगाली चौराहे के पास स्थित एक शराब दुकान के समीप संचालित कथित अवैध अहाते का वीडियो बनाने पहुंचीं कुछ महिलाओं और दुकान से जुड़े लोगों के बीच विवाद हो गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और एक महिला का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    जानकारी के अनुसार, बंगाली चौराहे के समीप स्थित किशकिंधा अपार्टमेंट में करीब 24 परिवार निवास करते हैं। रहवासियों का आरोप है कि शराब दुकान के पास अवैध रूप से अहाता संचालित किया जा रहा है, जिसके कारण क्षेत्र में आए दिन शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    शनिवार रात अपार्टमेंट में रहने वाली कुछ महिलाएं कथित अवैध अहाते की स्थिति का वीडियो बनाने पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि वे क्षेत्र में हो रही समस्याओं को रिकॉर्ड कर प्रशासन तक पहुंचाना चाहती थीं। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया और विवाद की स्थिति बन गई।

    रहवासियों का आरोप है कि वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान दुकान के कर्मचारियों ने कविता रोकड़े नामक महिला का मोबाइल छीन लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। महिलाओं ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में पहले भी शराबियों के जमावड़े के कारण असामाजिक गतिविधियों और महिलाओं से अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसकी शिकायत प्रशासन को कई बार की जा चुकी है।

    दूसरी ओर, मामले की सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और तत्काल किसी बड़े विवाद को बढ़ने से रोकते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    रहवासियों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। उनका आरोप है कि शराब दुकान के आसपास कथित अवैध अहाते और अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे यातायात और आवागमन प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शराब दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने तथा कथित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग भी की है।

    मामले ने एक बार फिर शहर में शराब दुकानों के आसपास सुरक्षा, अतिक्रमण और स्थानीय नागरिकों की परेशानियों को लेकर बहस छेड़ दी है। अब क्षेत्र के लोग प्रशासनिक कार्रवाई और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।

  • राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच

    राऊ में युवती के साथ रह रहे युवक को लेकर हंगामा, हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू की जांच


    मध्यप्रदेश । इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस समय हलचल मच गई जब एक युवक और युवती के साथ रहने की सूचना पर कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों को राऊ थाने लाया गया, जहां पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार मामला कमला नगर क्षेत्र का है। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक, जिसकी पहचान सूफियान उर्फ सैफी अली निवासी सदर बाजार के रूप में बताई जा रही है, एक युवती के साथ किराए के मकान में रह रहा है। सूचना मिलने के बाद कुछ संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे तथा दोनों को अपने साथ राऊ थाने ले गए।

    बताया गया है कि संबंधित मकान इकबाल खान का है, जहां युवक और युवती रह रहे थे। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच करने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने युवक को पूछताछ के लिए थाने में बैठा लिया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पहले बाणगंगा क्षेत्र में सैलून संचालित करता था। वहीं उसकी युवती से पहचान हुई थी। बाद में वह राऊ क्षेत्र के श्रमिक इलाके में सैलून का काम करने लगा और किराए के मकान में रहने लगा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मकान मालिक द्वारा किरायेदारों की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    कुछ संगठन कार्यकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि युवक के साथ एक अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था, लेकिन उसकी पहचान और भूमिका को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

    राऊ थाना प्रभारी राजपाल सिंह राठौर के अनुसार मामले में प्राप्त शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पक्षों से जानकारी जुटा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। युवती और युवक दोनों के बयान लिए जा रहे हैं तथा उनके रहने की परिस्थितियों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा

    इंदौर में बदला मौसम का मिजाज, प्री-मानसून ने दी दस्तक; बारिश और तेज हवाओं से तापमान 7 डिग्री गिरा


    मध्यप्रदेश । इंदौर में लंबे समय से बनी हुई उमस और गर्मी के बीच रविवार को प्री-मानसून गतिविधियों ने राहत पहुंचाई। अलसुबह शहर के कई हिस्सों में बारिश हुई, तेज हवाएं चलीं और बिजली कड़कने के साथ कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में शहर में 29.1 मिमी यानी एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहावना रहा, हालांकि दिन चढ़ने के साथ उमस फिर महसूस होने लगी।

    बारिश और तेज हवाओं का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। शनिवार रात न्यूनतम तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 19.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य तापमान से लगभग 5 डिग्री कम रहा। पिछले चार दिनों से रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक बना हुआ था, लेकिन मौसम में आए अचानक बदलाव ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी।

    शनिवार को दिनभर शहर में उमस का असर बना रहा और लगातार चौथे दिन अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। हालांकि रात में मौसम का मिजाज बदलने के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई। रविवार सुबह हुई बारिश के बाद आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस बनी रही।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय टर्फ लाइन और प्री-मानसून सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इंदौर सहित उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज गर्मी और उमस का असर भी देखने को मिल सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समय पूरे मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी घटनाएं सामने आई हैं। मानसून की रफ्तार फिलहाल सामान्य से थोड़ी धीमी है और यह लगभग तीन से चार दिन देरी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में मानसून के 18 जून तक प्रवेश करने की संभावना जताई जा रही है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर में जून माह के दौरान अब तक 55.2 मिमी यानी दो इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। महीने का आधा समय अभी बाकी है, ऐसे में बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। सामान्य तौर पर जून महीने में शहर में मानसून पूर्व अच्छी बारिश देखने को मिलती है और इस बार भी यही स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

    इंदौर के मौसम इतिहास की बात करें तो वर्ष 1980 में जून महीने में 17 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं 23 जून 2003 को 24 घंटे में पांच इंच बारिश हुई थी। तापमान के रिकॉर्ड में 3 जून 1991 को अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • खून फैक्ट्री में नहीं बनता, इंसान ही बचाता है इंसान की जिंदगी: थैलेसीमिया पीड़ित वैभव बने रक्तदान जागरूकता की मिसाल

    खून फैक्ट्री में नहीं बनता, इंसान ही बचाता है इंसान की जिंदगी: थैलेसीमिया पीड़ित वैभव बने रक्तदान जागरूकता की मिसाल


    मध्यप्रदेश । विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर इंदौर के 29 वर्षीय वैभव सोनी की कहानी मानवता, संघर्ष और सेवा का ऐसा उदाहरण पेश करती है, जो हर किसी को प्रेरित कर सकती है। महज दो वर्ष की उम्र में उन्हें पता चला कि वे Thalassemia से पीड़ित हैं। डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि उनकी जिंदगी नियमित रूप से खून चढ़ाने पर निर्भर रहेगी। तब से लेकर आज तक वैभव का जीवन रक्तदाताओं की संवेदनशीलता और समाज के सहयोग से आगे बढ़ रहा है।

    वर्तमान में वैभव को हर आठ से दस दिन में ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। बचपन में यह अंतराल लगभग एक महीने का था, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ खून की आवश्यकता भी बढ़ती गई। अब तक उन्हें 400 से अधिक यूनिट रक्त चढ़ाया जा चुका है। लगातार रक्त चढ़ने के कारण शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे हृदय, लिवर और अन्य अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए उन्हें नियमित दवाइयों और इंजेक्शनों का सहारा लेना पड़ता है। उनके उपचार पर हर महीने लगभग 20 से 25 हजार रुपए खर्च होते हैं।

    हालांकि इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद वैभव ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई पूरी की और अपनी बीमारी को समाजसेवा का माध्यम बना लिया। बचपन में अपने माता-पिता को रक्त की व्यवस्था के लिए संघर्ष करते देखकर उनके मन में यह संकल्प पैदा हुआ कि वे अन्य मरीजों को इस परेशानी से बचाने के लिए काम करेंगे।

    यही सोच उन्हें रक्तदान जागरूकता अभियान से जोड़कर ले गई। पिछले कई वर्षों से वे विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर रहे हैं और लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे ‘मानवता की पहचान’ संस्था के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। हाल ही में इंदौर के प्रसिद्ध Khajrana Ganesh Temple परिसर में आयोजित दो दिवसीय महारक्तदान शिविर में उनकी टीम ने 821 यूनिट रक्त संग्रहित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।

    संस्था द्वारा अब तक हजारों यूनिट रक्त संग्रह किया जा चुका है। वर्ष 2022 में एक ही स्थान पर 12 घंटे के भीतर 951 यूनिट रक्त एकत्र कर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया गया था। इस उपलब्धि को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज किया गया। इसके अलावा संस्था को ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में भी स्थान मिल चुका है। वैभव इन अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। समाजसेवा और थैलेसीमिया मरीजों की मदद के लिए उन्हें ‘रियल लाइफ हीरो’ सहित कई सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।

    वैभव कहते हैं कि विज्ञान ने भले ही बड़ी प्रगति कर ली हो, लेकिन आज भी खून किसी फैक्ट्री में नहीं बनता। एक इंसान ही दूसरे इंसान की जिंदगी बचा सकता है। वे बताते हैं कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है, क्योंकि ब्लड बैंक में इसे विभिन्न घटकों में विभाजित कर जरूरतमंद मरीजों को दिया जाता है।

    वे युवाओं से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील करते हैं। साथ ही थैलेसीमिया जैसी बीमारी को रोकने के लिए विवाह से पहले जांच कराने पर भी जोर देते हैं। उनका मानना है कि जागरूकता और समय पर जांच के माध्यम से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

    विश्व रक्तदाता दिवस पर वैभव की कहानी यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि संकल्प मजबूत हो तो व्यक्ति न केवल अपनी जिंदगी संवार सकता है, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में भी उम्मीद की रोशनी जगा सकता है।