Category: Madhya Pradesh

  • MPL 2026 में फीके पड़े IPL सितारे, 15 लाख के आशुतोष 95 रन पर सिमटे; माधव तिवारी और अक्षत रघुवंशी बने नई सनसनी

    MPL 2026 में फीके पड़े IPL सितारे, 15 लाख के आशुतोष 95 रन पर सिमटे; माधव तिवारी और अक्षत रघुवंशी बने नई सनसनी


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) 2026 में जहां IPL में चमक बिखेर चुके खिलाड़ियों पर क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई थीं, वहीं लीग के शुरुआती चरण में कई बड़े नाम अपेक्षित प्रदर्शन करने में नाकाम रहे हैं। दूसरी ओर कुछ युवा खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है और खुद को भविष्य के सितारों के रूप में स्थापित करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं।

    सबसे ज्यादा चर्चा मालवा स्टैलियन्स के कप्तान आशुतोष शर्मा की हो रही है। MPL 2026 की नीलामी में उन्हें सबसे ऊंची बोली लगाकर 15 लाख रुपए में खरीदा गया था। लीग के सबसे महंगे खिलाड़ी होने के कारण उनसे बड़े और मैच जिताऊ प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन अब तक छह पारियों में वह केवल 95 रन ही बना सके हैं। उनका खराब फॉर्म टीम और प्रशंसकों दोनों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

    वहीं IPL में लगातार दूसरी बार Royal Challengers Bengaluru को खिताब दिलाने वाले रजत पाटीदार भी शुरुआती मैचों में संघर्ष करते नजर आए। हालांकि मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ उन्होंने 30 गेंदों में नाबाद 65 रन की शानदार पारी खेलकर वापसी के संकेत जरूर दिए, लेकिन कुल मिलाकर तीन मैचों में उनके 105 रन उम्मीदों के अनुरूप नहीं माने जा रहे हैं।

    इंदौर पिंक पैंथर्स के कप्तान वेंकटेश अय्यर भी अब तक अपने पुराने रंग में दिखाई नहीं दिए हैं। तीन मुकाबलों में उन्होंने 88 रन बनाए हैं और सिर्फ एक विकेट हासिल किया है। हालांकि मालवा स्टैलियन्स के खिलाफ 22 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेलकर उन्होंने अपनी क्षमता का परिचय दिया, लेकिन निरंतरता की कमी साफ नजर आई।

    गेंदबाजी में भी कुछ बड़े नाम अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाए। कुलदीप सेन, जो IPL में अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, MPL में अब तक प्रभाव छोड़ने में असफल रहे हैं। एक मुकाबले में उन्होंने चार ओवर में 47 रन खर्च किए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके।

    युवा खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

    जहां IPL सितारे संघर्ष कर रहे हैं, वहीं उज्जैन फाल्कन्स के ऑलराउंडर माधव तिवारी लीग के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने पांच मैचों में 286 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 182.19 का रहा है। इसके अलावा गेंदबाजी में भी सात विकेट लेकर उन्होंने अपनी ऑलराउंड क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है।

    रीवा जगुआर्स के युवा बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी ने भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। दो मैचों में उन्होंने 127 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 276.09 का रहा है। 32 गेंदों में खेली गई 85 रन की पारी लीग की सबसे चर्चित पारियों में शामिल हो चुकी है।

    गेंदबाजों में चमके आवेश खान

    चंबल घड़ियाल के तेज गेंदबाज आवेश खान ने अपने IPL अनुभव का शानदार उपयोग करते हुए तीन मैचों में छह विकेट झटके हैं। उनकी 6.83 की इकॉनमी दर्शाती है कि उन्होंने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया।

    उधर, भोपाल लेपर्ड्स के आधिकारिक कप्तान अरशद खान अभी तक मैदान पर नहीं उतरे हैं। उनकी गैरमौजूदगी में अनिकेत वर्मा ने टीम की कमान संभाली और चार मैचों में 137 रन बनाकर जिम्मेदारी बखूबी निभाई है।

    इसके अलावा शिवांग कुमार, कुमार कार्तिकेय, शिवम शुक्ला और मंगेश यादव जैसे खिलाड़ियों ने भी अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। विशेष रूप से शिवम शुक्ला का एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा MPL 2026 के अब तक के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिना जा रहा है।

    लीग के शुरुआती चरण ने यह साफ कर दिया है कि MPL केवल बड़े नामों की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवा प्रतिभाओं को खुद को साबित करने का बेहतरीन मंच भी बनता जा रहा है।

  • इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं

    इंदौर में 22 जोनों में लगेंगे जनकल्याण कैंप, तीन दिन तक एक ही छत के नीचे मिलेंगी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं


    मध्यप्रदेश । इंदौरवासियों के लिए राहत और सुविधा भरी खबर है। अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, आवेदन जमा करने या विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम इंदौर शहर के सभी 22 जोन कार्यालयों में तीन दिवसीय जनकल्याण कैंप आयोजित करने जा रहा है। ये कैंप 16 जून से 18 जून तक लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

    नगर निगम द्वारा आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करना है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र होने के बावजूद अब तक लाभ से वंचित हैं। कैंप के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण भी किया जाएगा।

    महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार विभिन्न विभागों के मैदानी अमले की सहायता से पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनका पंजीयन, आवेदन स्वीकृति और योजनाओं के लाभ वितरण की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी। कैंप में विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

    नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन शिविरों के जरिए लोगों को योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होगा। इससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सकेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    इस प्रकार आयोजित होंगे कैंप
    अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे के अनुसार जनकल्याण कैंप चरणबद्ध तरीके से आयोजित किए जाएंगे0-
    16 जून : जोन क्रमांक 1 से 8 तक के जोन कार्यालयों में
    17 जून : जोन क्रमांक 9 से 15 तक के जोन कार्यालयों में
    18 जून : जोन क्रमांक 16 से 22 तक के जोन कार्यालयों में

    कैंप के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही आवेदन, पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, पात्रता जांच और सेवा वितरण जैसी प्रक्रियाएं भी मौके पर ही पूरी की जाएंगी। इससे नागरिकों का समय और श्रम दोनों बचेंगे तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिल सकेगा।

    नगर निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कैंपों के सफल संचालन और अधिकतम नागरिकों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से बड़ी संख्या में जरूरतमंद नागरिक लाभान्वित होंगे और सरकारी योजनाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा।

  • मां के सामने छोटे तालाब में डूबा 15 वर्षीय किशोर, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

    मां के सामने छोटे तालाब में डूबा 15 वर्षीय किशोर, अस्पताल में इलाज के दौरान मौत


    मध्यप्रदेश । भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 15 वर्षीय किशोर की जान चली गई। छोटे तालाब में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से किशोर डूब गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 15 वर्षीय अनस कुरैशी के रूप में हुई है, जो जहांगीराबाद क्षेत्र स्थित बड़ी वाली मस्जिद इलाके का निवासी था। बताया जा रहा है कि अनस मुखबधिर था। शनिवार शाम उसने अपनी मां से पार्क घूमने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उसकी मां उसे लिली टॉकीज के पास स्थित पार्क लेकर पहुंची।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पार्क पहुंचने के बाद मां वहीं बैठी रही, जबकि अनस छोटे तालाब के किनारे पानी में उतर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह नहाने के दौरान धीरे-धीरे गहरे हिस्से की ओर चला गया। कुछ ही देर बाद वह पानी में डूबने लगा। बेटे को संकट में देखकर मां ने मदद के लिए आवाज लगाई।

    मां की पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और किशोर को पानी से बाहर निकाला। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच जाएगी, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही जहांगीराबाद थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि किशोर अपनी मां के साथ पार्क आया था और नहाते समय हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है तथा मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    हादसे के बाद परिवार और मोहल्ले में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनस मिलनसार स्वभाव का था और इलाके में सभी उसे जानते थे। उसकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल है।

    इस घटना ने एक बार फिर जलाशयों और तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेड्स और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

  • भोपाल में संदिग्ध नेटवर्क की जांच तेज, एटीएस रडार पर फराज और उसके संपर्क; डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल जारी

    भोपाल में संदिग्ध नेटवर्क की जांच तेज, एटीएस रडार पर फराज और उसके संपर्क; डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल जारी


    मध्यप्रदेश । भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह से पूछताछ के बाद मध्यप्रदेश एटीएस और अन्य जांच एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार मामले से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है, जिनमें सोशल मीडिया गतिविधियां, संपर्कों का नेटवर्क, डिजिटल संचार और कथित विदेशी कनेक्शन शामिल हैं। फिलहाल जांच प्रारंभिक चरण में है और एजेंसियां सभी तथ्यों की पुष्टि में जुटी हुई हैं।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, फराज को राजधानी भोपाल के काजी कैंप इलाके से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उसकी निशानदेही पर सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला को उत्तर प्रदेश के देवबंद क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद 16 जून तक रिमांड पर भेजा गया है, ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके।

    एटीएस का कहना है कि आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त कर लिए गए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे उनके संपर्कों, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी किन-किन ऑनलाइन समूहों से जुड़े हुए थे और उनकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था।

    सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रियता के संकेत मिले हैं। हालांकि जांच एजेंसियां अभी इन जानकारियों का सत्यापन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्टों का विश्लेषण किया जाएगा।

    फराज के बारे में जानकारी मिली है कि वह स्थानीय स्तर पर एक क्लीनिक में काम करता था और बैटरी रिपेयरिंग का कार्य भी करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने देवबंद में धार्मिक शिक्षा प्राप्त की थी, जहां उसकी मुलाकात नईम अब्दुल्ला से हुई थी। एजेंसियां दोनों के बीच संबंधों और संपर्कों की प्रकृति को समझने की कोशिश कर रही हैं।

    एटीएस ने अदालत को बताया है कि मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों से प्राप्त जानकारी की फोरेंसिक जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इससे आरोपियों के संपर्कों और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।

    इस बीच जांच एजेंसियां बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध फंडिंग या वित्तीय गतिविधि के प्रमाण मिलते हैं तो उस दिशा में भी विस्तृत जांच की जाएगी। हालांकि अभी तक किसी भी वित्तीय कनेक्शन को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    गिरफ्तारी के बाद फराज के निवास और उसके कार्यस्थल पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय स्तर पर उसके परिचितों और संपर्कों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि उसके सामाजिक और डिजिटल संपर्कों का दायरा कितना बड़ा था तथा क्या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आती है।

    अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच जारी है। इसलिए फिलहाल उपलब्ध सूचनाओं को आरोपों और जांच के दायरे में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएंगे।

  • पहली बारिश में डूबा भोपाल! सड़कों पर तालाब, फ्लाइओवर पर जाम और खुले नालों ने बढ़ाया खतरा

    पहली बारिश में डूबा भोपाल! सड़कों पर तालाब, फ्लाइओवर पर जाम और खुले नालों ने बढ़ाया खतरा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मानसून के आगमन से पहले हुई बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर कर दी है। नगर निगम और प्रशासन की ओर से नाले-नालियों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था को दुरुस्त करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष इंतजाम के दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही तेज बारिश में ये दावे धरातल पर कमजोर नजर आए। शहर के कई हिस्सों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जबकि जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई।

    बारिश का सबसे ज्यादा असर शहर के व्यस्त मार्गों और प्रमुख चौराहों पर देखने को मिला। बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज तक का मार्ग महज कुछ मिनटों की बारिश में पानी से भर गया। सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि वाहन चालकों को रास्ता पहचानने में भी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान इस इलाके में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया है।

    रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से एम्स की ओर जाने वाले फ्लाइओवर पर भी भारी जलभराव देखने को मिला। सड़क पर पानी भरने के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। इस दौरान एक एम्बुलेंस भी वाहनों की कतार में फंस गई, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगा।

    शहर के पॉश इलाकों में शामिल रानी कमलापति स्टेशन रोड, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी और सात नंबर क्षेत्र भी जलभराव से अछूते नहीं रहे। इन क्षेत्रों में सड़कों पर घंटों पानी जमा रहा। कई जगहों पर जल निकासी की व्यवस्था नाकाफी साबित हुई, जिसके कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    भोपाल में अधूरी सड़क परियोजनाएं भी बारिश के दौरान बड़ी समस्या बनकर सामने आई हैं। कई इलाकों में सीवेज पाइपलाइन और अन्य निर्माण कार्यों के लिए महीनों पहले सड़कें खोदी गई थीं, लेकिन अब तक उनका पुनर्निर्माण नहीं किया गया। रचना नगर समेत कई कॉलोनियों में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। बारिश के कारण ये गड्ढे पानी से भर गए, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है।

    वहीं खुले नाले भी शहरवासियों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। बागसेवनियां से कटारा हिल्स मार्ग और दस नंबर मार्केट सहित कई क्षेत्रों में नालों को अब तक ढंका नहीं गया है। बारिश के दौरान नाले और सड़क के बीच का अंतर मिट जाता है, जिससे लोगों के गिरने की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार बच्चे और राहगीर नालों में गिर चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार पहले भी एक बच्चे की जान नाले में गिरने से जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

    नगर निगम ने मानसून से पहले विशेष सफाई अभियान चलाने और जलभराव की समस्या को नियंत्रित करने का दावा किया था। हालांकि पहली ही बारिश ने इन तैयारियों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासियों का कहना है कि यदि मानसून की शुरुआत में ही यह स्थिति है, तो आगामी दिनों में भारी बारिश के दौरान हालात और गंभीर हो सकते हैं।

    अब लोगों की नजर प्रशासन और नगर निगम पर है कि वे मानसून के दौरान जलभराव, खुले नालों और अधूरी सड़कों जैसी समस्याओं का समाधान कितनी तेजी से कर पाते हैं। राजधानी के नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार बारिश उनके लिए राहत लेकर आए, परेशानी नहीं।

  • भोपाल की माही लामा का भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयन, वर्ल्ड कप 2026 में करेंगी देश का प्रतिनिधित्व

    भोपाल की माही लामा का भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयन, वर्ल्ड कप 2026 में करेंगी देश का प्रतिनिधित्व


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की युवा मुक्केबाज Mahi Lama ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बॉक्सिंग वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। माही अब चीन में आयोजित होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके चयन से न केवल भोपाल बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में खुशी का माहौल है।

    15 से 20 जून तक चीन में आयोजित होने वाले बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में माही 60 किलोग्राम भार वर्ग में रिंग में उतरेंगी। भारतीय टीम शनिवार रात प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चीन रवाना हो गई। माही का चयन उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर हासिल उपलब्धियों के आधार पर हुआ है।

    माही वर्तमान में भोपाल स्थित राज्य बॉक्सिंग अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने कम समय में अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बॉक्सिंग जगत में विशेष पहचान बनाई है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में अपनी क्षमता का परिचय दिया है। इसी निरंतर प्रदर्शन का परिणाम है कि उन्हें भारतीय टीम में शामिल होने का मौका मिला है।

    चीन रवाना होने से पहले माही ने कहा कि उनका पूरा ध्यान वर्ल्ड कप में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर है। उन्होंने बताया कि भारतीय टीम का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है और वह इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए देश के लिए पदक जीतने का प्रयास करेंगी। माही ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात है और वह अपनी तैयारी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।

    खेल विशेषज्ञों का मानना है कि माही का चयन प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उनका मानना है कि प्रतिभा, अनुशासन और लगातार मेहनत किसी भी खिलाड़ी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकती है। माही लामा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि उचित प्रशिक्षण और समर्पण के साथ बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

    माही की इस उपलब्धि पर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री Vishvas Kailash Sarang ने भी उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। मंत्री ने विश्वास जताया कि माही वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करेंगी और भारत के लिए नई उपलब्धियां हासिल करेंगी।

    मध्यप्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य की विभिन्न खेल अकादमियों से निकलने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। माही लामा का भारतीय टीम में चयन इसी दिशा में प्रदेश की एक और बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    अब सभी की निगाहें चीन में होने वाले बॉक्सिंग वर्ल्ड कप पर टिकी हैं, जहां माही लामा अपने दमदार मुक्कों से भारत को गौरवान्वित करने की कोशिश करेंगी।

  • छिंदवाड़ा में दर्दनाक हादसा: पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे बुजुर्ग की मौत, नाती घायल

    छिंदवाड़ा में दर्दनाक हादसा: पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे बुजुर्ग की मौत, नाती घायल


    मध्‍य प्रदेश । छिंदवाड़ा जिले के तामिया थाना क्षेत्र अंतर्गत साजंकुही में शुक्रवार शाम एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद नाती घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब बुजुर्ग अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए बाजार से सामान लेने जा रहे थे।

    जानकारी के अनुसार, मृतक सुमरलाल उईके (70 वर्ष), निवासी धूर्वाढ़ाना, अपनी पत्नी के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए थे। वे अपने नाती संजय के साथ टू-व्हीलर से सामान खरीदने निकले थे, तभी साजंकुही के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि दादा और नाती दोनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन बुजुर्ग ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि नाती का इलाज जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने सामने से आकर टू-व्हीलर को टक्कर मारी, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। हालांकि पुलिस ने अभी तक वाहन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही तामिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर वाहन की तलाश की जा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है, क्योंकि एक ही घर पहले से पत्नी की मौत के शोक में डूबा था और अब पति की भी सड़क हादसे में मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, अब इस घर से पति-पत्नी दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकलने की स्थिति बन गई है, जिससे माहौल बेहद गमगीन हो गया है।

  • छिंदवाड़ा में युवती पर जानलेवा हमला: घर में अकेली सोते समय सिर पर वार, हालत गंभीर

    छिंदवाड़ा में युवती पर जानलेवा हमला: घर में अकेली सोते समय सिर पर वार, हालत गंभीर


    मध्‍य प्रदेश । छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया भर्ती में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां घर में अकेली सो रही एक युवती पर अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने युवती के सिर पर धारदार या भारी वस्तु से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गई।

    घटना के बाद सबसे चिंताजनक बात यह रही कि घायल युवती पूरी रात अपने ही घर के आंगन में तड़पती रही और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह जब पड़ोसियों की नजर उस पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे अमरवाड़ा अस्पताल पहुंचाया गया।

    अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है और स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

    घटना की जानकारी मिलते ही अमरवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि यह हमला किसी व्यक्तिगत विवाद का परिणाम हो सकता है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले विवाह या रिश्ते को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी, हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता और सभी एंगल से जांच की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही हमलावरों की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा। इस घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

  • नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक

    नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक


    मध्‍य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। यह घटना कालदाऊ घाट स्थित सीतारेवा नदी के पास हुई, जहां किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    मृतका की पहचान हरोबाई पति मूलचंद्र हरिजन (उम्र लगभग 65 से 70 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम पंचायत छेनाकछार के बांदरबारू गांव की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि वह बाजार से घरेलू सामान लेकर अपने घर लौट रही थीं, तभी यह हादसा हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही डोंगरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर वाहन की पहचान करने की कोशिश की है। घटनास्थल से महिला का सामान भी बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह बाजार से लौट रही थीं।

    परिजनों का आरोप है कि यह हादसा रेत से भरे ट्रैक्टर की टक्कर से हुआ है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी वाहन की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों की तलाश की जा रही है।

    थाना प्रभारी प्रकाश पाठक के अनुसार, महिला सुबह के समय बाजार से खाने का तेल लेकर लौट रही थीं, जो उनके पास मिला है। उन्होंने बताया कि अभी तक टक्कर मारने वाला वाहन अज्ञात है और पुलिस इसकी पहचान करने में जुटी हुई है।

    फिलहाल परिजन पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर अड़े हुए हैं। पुलिस ने मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास शुरू कर दिया है।

  • नरसिंहपुर में साइकिल महोत्सव की शुरुआत: विश्व साइकिलिंग दिवस पर निकली भव्य रैली

    नरसिंहपुर में साइकिल महोत्सव की शुरुआत: विश्व साइकिलिंग दिवस पर निकली भव्य रैली


    मध्‍य प्रदेश ।  नरसिंहपुर में विश्व साइकिलिंग दिवस के अवसर पर शनिवार को खेल और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ा एक भव्य आयोजन देखने को मिला। जिले में दो दिवसीय साइकिल महोत्सव की शुरुआत के साथ ही शहर की सड़कों पर साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।

    साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के ‘अस्मिता कार्यक्रम’ के तहत आयोजित इस रैली को स्थानीय स्टेडियम ग्राउंड से कलेक्टर रजनी सिंह और जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक साइकिल यात्रा पूरी करने वाले रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अनंत दुबे और उनकी टीम का भी सम्मान किया गया।

    रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिसमें गांधी चौक, नगर पालिका चौराहा, सुभाष पार्क, बाहरी रोड और पुलिस लाइन जैसे क्षेत्र शामिल रहे। पूरे रास्ते प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने स्वस्थ जीवन के लिए साइकिलिंग को अपनाने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रजनी सिंह ने कहा कि आज के आधुनिक और मशीन आधारित जीवन में शारीरिक श्रम काफी कम हो गया है। ऐसे में साइकिलिंग, योग, दौड़, तैराकी और अन्य खेल गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों से जुड़ने की सलाह दी।

    मध्यप्रदेश साइकिलिंग एसोसिएशन के सचिव बी.एस. राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘फिट इंडिया’ और ‘स्वस्थ भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में अस्मिता लीग का आयोजन किया जा रहा है, जिससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और अधिक लोग फिटनेस गतिविधियों से जुड़ेंगे।

    रैली के समापन पर राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर जिला साइकिलिंग संघ के अध्यक्ष सुनील कोठारी ने ‘नरसिंह साइक्लिंग क्लब’ शुरू करने की घोषणा भी की। वहीं आयोजन प्रभारी मनीष कटारे ने बताया कि 14 जून को बालिका और महिला वर्ग की साइकिल रेस आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न आयु वर्गों की प्रतियोगिताएं होंगी और विजेताओं को मेडल, सर्टिफिकेट एवं पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके साथ ही रविवार शाम को बरमान कला में भी साइकिल रैली निकाली जाएगी।