Category: Madhya Pradesh

  • प्रेमिका के लिए टॉवर पर चढ़ा आशिक, शादी का वादा मिलने पर नीचे उतरा; पुलिस ने किया हिरासत में

    प्रेमिका के लिए टॉवर पर चढ़ा आशिक, शादी का वादा मिलने पर नीचे उतरा; पुलिस ने किया हिरासत में


    जबलपुर जबलपुर  में मंगलवार सुबह एक युवक रतन कोरी ने अपनी प्रेमिका से शादी का वादा दिलाने के लिए 200 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़कर हड़कंप मचा दिया। टावर पर रतन लगातार यही कहता रहा कि जब तक मेरी प्रेमिका शादी के लिए “हां” नहीं कहती, मैं नीचे नहीं उतरूंगा।

    प्रेम प्रसंग और शादी की जिद

    जानकारी के मुताबिक, युवक और लड़की का प्रेम प्रसंग एक साल पहले शुरू हुआ था। दोनों की मुलाकात अक्सर परिवार के समारोहों और कार्यक्रमों में होती थी। लंबे समय तक बातचीत और समझौते के प्रयासों के बाद भी परिवार की सहमति नहीं मिलने पर रतन ने यह कदम उठाया।

    गांव में हड़कंप, पुलिस मौके पर

    टावर पर युवक को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। खेतों में काम कर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सिहोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रतन को नीचे उतरने के लिए समझाने लगी। घटना स्थल पर थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को, संदीप पांडे, देवराज पटेल और सोमदीप पटेल सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।

    तीन घंटे की मशक्कत के बाद प्रेमिका से बात

    करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत और समझाइश के बाद पुलिस ने रतन की मांग मानते हुए प्रेमिका को मौके पर बुलाया। प्रेमिका ने शादी का वादा किया, तभी रतन नीचे उतरा। जैसे ही उसने जमीन पर कदम रखा, पुलिस ने उसे समझाइश दी और बाद में सुरक्षित तरीके से परिवार को सौंप दिया।

    जबलपुर में रतन कोरी ने प्रेमिका से शादी की जिद में 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर हंगामा मचाया। तीन घंटे की कोशिशों के बाद प्रेमिका ने शादी का वादा किया और रतन सुरक्षित नीचे उतरा। पुलिस ने उसे परिवार को सौंपकर मामला शांत कराया।

  • धर्म और मानवता का संदेश याद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर किया सम्मान

    धर्म और मानवता का संदेश याद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर किया सम्मान


    भोपाल । भोपाल में सिख धर्म के नौवें गुरु, हिन्द दी चादर, गुरु श्री तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके पुण्य स्मरण का कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने जीवन में तप, त्याग और करुणा का मार्ग अपनाया और मानवता के कल्याण के लिए अपने अद्भुत कार्य किए।

    डॉ. यादव ने आगे कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का शौर्य और धर्म की रक्षा के लिए उनका अटूट समर्पण हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा। उनके द्वारा मानवता के कल्याण के लिए दिखाया गया मार्ग आज भी प्रत्येक नागरिक और समाज के लिए मार्गदर्शक है।

    मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि उनके जीवन के सिद्धांतों और आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सहिष्णुता, करुणा और धर्म की रक्षा के मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का संदेश केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी आज के समय में प्रासंगिक है।

    इस अवसर पर अधिकारियों और नागरिकों ने भी गुरु तेग बहादुर जी के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों का सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया, जिससे लोगों में उनके संदेश की महत्ता को समझने और अपनाने की भावना जगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस पुण्य स्मरण ने सिख समुदाय और पूरे समाज में गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों को याद दिलाने का कार्य किया। उनके जीवन का संदेश, जो धर्म की रक्षा, मानवता की सेवा और करुणा पर आधारित है, आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बनेगा।

  • राजेंद्र भारती केस: दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई टली, अब 15 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

    राजेंद्र भारती केस: दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई टली, अब 15 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई


    दतिया। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित सहकारिता बैंक भ्रष्टाचार मामले में नया मोड़ आया है। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से जुड़े केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई को स्थगित कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। मंगलवार को निर्धारित सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी करते हुए अगली तारीख पर पेश होने के निर्देश दिए हैं।

    निचली अदालत के फैसले को दी गई चुनौती
    गौरतलब है कि एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसी फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने हाईकोर्ट का रुख किया है।

    सियासत में तेज हुआ टकराव

    मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है और अदालत का निर्णय सर्वोपरि है।

    सदस्यता बहाली पर टिकी नजरें
    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हाईकोर्ट से राहत मिलने पर राजेंद्र भारती की सदस्यता बहाल हो पाएगी। फिलहाल राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें 15 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से इस मामले की आगे की दिशा तय होगी।

  • दर्दनाक घटना: युवक ने जहर निगलकर ली जान, अस्पताल में बचाने की कोशिश नाका

    दर्दनाक घटना: युवक ने जहर निगलकर ली जान, अस्पताल में बचाने की कोशिश नाका


    नई दिल्ली। शिवपुरी के सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम रौंधा में सोमवार रात एक दुखद घटना घटी। 23 वर्षीय मनीष जाटव ने जहर खा लिया। उसे गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालांकि, देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    गांव में मचा हड़कंप

    मनीष द्वारा जहर खाने की खबर जैसे ही गांव में फैली, पूरे रौंधा में हड़कंप मच गया। परिजन और गांव वाले तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसलिए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने भी उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई।

    परिवार में सबसे छोटा था मनीष

    मनीष जाटव अपने परिवार के तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में गहरा सदमा है और घर का माहौल गमगीन बना हुआ है। परिजनों के अनुसार, मनीष के पिता प्रहलाद जाटव की लगभग छह साल पहले कैंसर से मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद से परिवार पहले ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा था।

    स्वभाव और वजह पर परिवार का बयान

    परिजनों ने बताया कि मनीष का स्वभाव थोड़ा चिड़चिड़ा था। वह अक्सर गुस्से में आ जाता था और एक बार अपने गुस्से में अपना मोबाइल भी तोड़ चुका था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनीष ने यह कदम क्यों उठाया।

    पुलिस ने मर्ग कायम किया, पोस्टमार्टम कराया गया

    मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम किया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया और उसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

    मेडिकल चौकी प्रभारी नंद किशोर गर्ग ने बताया कि युवक की मौत जहर खाने के कारण हुई है। मामले की आगे की जांच सिरसौद थाना पुलिस द्वारा की जा रही है और हर पहलू से जानकारी जुटाई जा रही है।

    शिवपुरी के रौंधा गांव में 23 वर्षीय मनीष जाटव ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन देर रात उसकी मौत हो गई। परिवार में गहरा सदमा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच जारी है।

  • महाकाल के दर्शन करने उज्‍जैन पहुंची एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे, पति संग भस्म आरती में हुईं शामिल

    महाकाल के दर्शन करने उज्‍जैन पहुंची एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे, पति संग भस्म आरती में हुईं शामिल


    उज्जैन। प्रसिद्ध टीवी और फिल्म एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे मंगलवार सुबह अपने पति विक्की जैन के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां दोनों ने भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे इस कपल ने नंदी हाल में बैठकर दर्शन किए और पूरे समय भक्ति भाव में लीन नजर आए।

    नंदी के कान में मांगी मनोकामना
    दर्शन के दौरान दोनों ने नंदी जी का पूजन किया और परंपरा के अनुसार उनके कान में अपनी इच्छा भी व्यक्त की। इसके बाद मंदिर की देहरी से जल अर्पित कर भगवान महाकाल से आशीर्वाद प्राप्त किया।

    पहली बार भस्म आरती में शामिल हुईं अंकिता

    अंकिता लोखंडे ने बताया कि वह इंदौर की रहने वाली हैं और बचपन से कई बार महाकाल मंदिर आ चुकी हैं, लेकिन भस्म आरती में शामिल होने का यह उनका पहला अनुभव था। उन्होंने कहा कि इस अनुभव को शब्दों में बयां करना मुश्किल है और इसे सामने से देखने का एहसास बेहद अलग और दिव्य है।

    मंदिर व्यवस्था की सराहना

    अंकिता ने मंदिर की व्यवस्थाओं की भी तारीफ करते हुए कहा कि यहां दर्शन की पूरी व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित और संतोषजनक है।

  • इंदौर में 200 फीट ऊपर टावर पर चढ़ा युवक, प्रेमिका से शादी के वादे के बाद ही उतरा

    इंदौर में 200 फीट ऊपर टावर पर चढ़ा युवक, प्रेमिका से शादी के वादे के बाद ही उतरा


    जबलपुर। जबलपुर में मंगलवार सुबह एक युवक ने प्रेमिका से शादी की जिद में हाईटेंशन लाइन के करीब 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर हंगामा खड़ा कर दिया। वह तब तक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ जब तक उसकी प्रेमिका को मौके पर बुलाकर शादी के लिए हामी नहीं भरवाई गई।

    जानकारी के मुताबिक मैहर निवासी रतन कोरी अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था लेकिन युवती के परिजन इसके खिलाफ थे। मंगलवार को वह सिहोरा के गंजताल गांव पहुंचा और एक बार फिर शादी की बात रखी। मना किए जाने पर वह नाराज होकर पास ही लगे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। ऊपर से वह लगातार चिल्लाता रहा कि जब तक उसकी प्रेमिका खुद आकर शादी के लिए सहमति नहीं देगी वह नीचे नहीं उतरेगा।

    गांव में हड़कंप पुलिस ने संभाला मोर्चा

    टावर पर युवक को देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। खेतों में काम कर रहे लोगों ने तुरंत सूचना दी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देने का प्रयास शुरू किया। बताया जा रहा है कि युवक का प्रेम संबंध अपनी मुंहबोली बहन की ननंद से था। पारिवारिक कार्यक्रमों में मुलाकात के दौरान दोनों करीब आए और करीब एक साल पहले उनका रिश्ता प्रेम में बदल गया।

    3 घंटे तक चला ड्रामा फिर उतरा युवक
    करीब साढ़े तीन घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस और ग्रामीण उसे नीचे उतरने के लिए मनाते रहे लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। आखिरकार पुलिस ने उसकी प्रेमिका को मौके पर बुलवाया। प्रेमिका ने सबके सामने शादी का वादा किया जिसके बाद रतन टावर से नीचे उतर गया। नीचे आते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर समझाइश दी और बाद में परिवार के सुपुर्द कर दिया।

  • इंदौर-पीथमपुर उद्योगों पर युद्ध का असर, घटा उत्पादन, सरकार ने मांगी रिपोर्ट, राहत पैकेज की मांग तेज

    इंदौर-पीथमपुर उद्योगों पर युद्ध का असर, घटा उत्पादन, सरकार ने मांगी रिपोर्ट, राहत पैकेज की मांग तेज


    इंदौर। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर अब मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों पर भी साफ दिखने लगा है। इंदौर-पीथमपुर इंडस्ट्रियल बेल्ट में उत्पादन घटने और रोजगार पर असर पड़ने के मामलों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसी के तहत राज्य सरकार ने उद्योग संगठनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जिसे अब प्रस्तुत कर दिया गया है। अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर एमएसएमई और बड़ी इकाइयों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने की बात कही है।

    एमएसएमई पर सबसे ज्यादा मार

    पीथमपुर औद्योगिक संगठन ने अपनी रिपोर्ट में हालात को आर्थिक आपातकाल जैसे बताया है। कई छोटे और मध्यम उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। भुगतान चक्र बिगड़ने से पूंजी संकट गहराता जा रहा है जिससे उद्योगों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर भारी दबाव पड़ रहा है। उद्योगों को कच्चे माल गैस और अन्य संसाधनों के लिए अग्रिम भुगतान करना पड़ रहा है जबकि तैयार माल का भुगतान देरी से मिल रहा है। इससे आर्थिक संतुलन बिगड़ रहा है।

    कच्चे माल की कमी लागत में बढ़ोतरी

    रिपोर्ट के अनुसार उद्योग करीब 70% कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर हैं। युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है जिससे कीमतें बढ़ गई हैं और उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। पीएनजी और एलपीजी की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। एलपीजी की कमी बनी हुई है जबकि पीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। पहले दी जा रही रियायतें भी वापस ले ली गई हैं जिससे उद्योगों की परेशानी और बढ़ गई है।

    निर्यात पर भी पड़ा असर


    पीथमपुर से होने वाला निर्यात भी प्रभावित हुआ है। बड़ी मात्रा में तैयार माल बंदरगाहों पर फंसा हुआ है जिससे उद्योगों की पूंजी अटक गई है और वित्तीय दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रेट लागत बढ़कर करीब 2400 डॉलर तक पहुंच गई है जो पहले की तुलना में लगभग दोगुनी है। इसके अलावा युद्ध सरचार्ज भी अतिरिक्त रूप से देना पड़ रहा है।

    सरकार से राहत की मांग तेज

    विभिन्न औद्योगिक संगठनों फार्मा प्लास्टिक ऑटो एंसिलरी और पैकेजिंग सेक्टर ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठनों ने एलपीजी और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण और वैट घटाने की मांग उठाई है। वर्तमान में वैट 14% है जबकि अन्य राज्यों में यह करीब 5% है। इसके अलावा बिजली दरों में बढ़ोतरी रोकने और पावर टैरिफ पर सब्सिडी देने की भी मांग की गई है ताकि उत्पादन लागत कम हो सके।

    रोजगार बचाने पर जोर

    उद्योगों ने सरकार से वर्किंग कैपिटल के लिए ब्याज सहायता पूंजी समर्थन और रोजगार बनाए रखने के लिए इम्प्लॉयमेंट सब्सिडी देने की भी मांग की है जिससे उद्योग और श्रमिक दोनों को राहत मिल सके।

  • टैक्स नहीं बढ़ेगा फिर भी तेज होगा विकास इंदौर नगर निगम के डिजिटल बजट में बड़े ऐलान

    टैक्स नहीं बढ़ेगा फिर भी तेज होगा विकास इंदौर नगर निगम के डिजिटल बजट में बड़े ऐलान


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8455 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी बजट पेश किया है जो विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का बड़ा रोडमैप माना जा रहा है। खास बात यह है कि इतने बड़े बजट के बावजूद न तो कोई नया टैक्स लगाया गया है और न ही मौजूदा करों में किसी तरह की बढ़ोतरी की गई है। निगम ने इस बजट को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया है जो पारदर्शिता और आधुनिक प्रशासन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

    नगर निगम का दावा है कि यह बजट आम जनता को राहत देने के साथ साथ शहर के तेजी से विकास को गति देगा। पिछले वित्तीय वर्ष में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व संग्रह का हवाला देते हुए यह विश्वास जताया गया है कि नागरिकों के सहयोग से विकास कार्यों को बिना टैक्स बढ़ाए भी आगे बढ़ाया जा सकता है।

    बजट में सबसे बड़ा फोकस स्वच्छता पर रखा गया है क्योंकि इंदौर लगातार देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए है। इस स्थिति को बरकरार रखने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है। बायो सीएनजी प्लांट की क्षमता को 550 टन से बढ़ाकर 800 टन प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है वहीं 200 टन प्रतिदिन क्षमता वाला नया सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। जीरो वेस्ट मॉडल की दिशा में काम करते हुए कचरे से ऊर्जा और उपयोगी उत्पाद बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

    इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए भी बड़े स्तर पर निवेश का प्रावधान किया गया है। शहर में सड़कों ड्रेनेज और जल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने के लिए व्यापक योजनाएं तैयार की गई हैं। पिछले वर्ष 150 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया था और अब इस रफ्तार को और बढ़ाने की योजना है। करीब 700 किलोमीटर ड्रेनेज लाइन और 150 से 200 किलोमीटर नई पानी की पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नए पुल पुलिया और रोड कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भी शहर के विस्तार को नई दिशा देंगे।

    डिजिटल इंदौर के विजन को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम ने तकनीकी सुधारों पर भी जोर दिया है। 25 हजार घरों को डिजिटल पहचान देने और करीब 30 लाख दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन की योजना बनाई गई है। निगम का अपना डिजिटल पोर्टल तैयार किया जा रहा है जिससे नागरिक सेवाएं आसान पारदर्शी और तेज हो सकेंगी।

    बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। नर्मदा परियोजना के विस्तार के साथ नई टंकियों और पाइपलाइन नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा। वर्ष 2050 तक शहर में 1620 एमएलडी पानी की जरूरत का अनुमान लगाया गया है और उसी के अनुसार दीर्घकालीन योजना तैयार की गई है।

    स्वास्थ्य खेल और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी कई अहम घोषणाएं की गई हैं। हर वार्ड में संजीवनी क्लीनिक और पॉली क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे वहीं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स खेल मैदान सार्वजनिक शौचालय पार्क और ग्रीन फॉरेस्ट डेवलपमेंट पर भी काम किया जाएगा ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

    कुल मिलाकर इंदौर नगर निगम का यह बजट विकास स्वच्छता डिजिटल सिस्टम और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का संतुलित प्रयास है। बिना टैक्स बढ़ाए इतने बड़े स्तर पर योजनाओं का ऐलान निश्चित रूप से सराहनीय है लेकिन अब सबसे अहम सवाल यही है कि इन योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है क्योंकि असली सफलता क्रियान्वयन में ही छिपी होती है।

  • जब हर तरफ आग ही आग थी सीधी में कार्यकर्ता की हिम्मत से सुरक्षित निकले मासूम बड़ा खतरा टला

    जब हर तरफ आग ही आग थी सीधी में कार्यकर्ता की हिम्मत से सुरक्षित निकले मासूम बड़ा खतरा टला


    सीधी । मध्य प्रदेश के सीधी जिले में मंगलवार का दिन उस समय दहशत में बदल गया जब रामपुर नैकिन क्षेत्र के शिकारगंज स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र के पास अचानक भीषण आग भड़क उठी और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर लपटों से घिर गया और हर तरफ धुआं और अफरा तफरी का माहौल बन गया लेकिन इसी बीच एक महिला की सूझबूझ और साहस ने सात मासूम बच्चों की जिंदगी बचा ली।

    घटना सुबह करीब 11 बजे की है जब आंगनवाड़ी केंद्र में सात छोटे बच्चे मौजूद थे और उनकी देखरेख कर रही थीं कार्यकर्ता उर्मिला द्विवेदी। अचानक पास के क्षेत्र से आग उठती नजर आई जो तेजी से फैलते हुए केंद्र के आसपास पहुंचने लगी। हालात की गंभीरता को समझते हुए उर्मिला द्विवेदी ने बिना किसी घबराहट के तुरंत निर्णय लिया और एक एक कर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। उन्होंने न केवल बच्चों को आग से दूर पहुंचाया बल्कि उन्हें उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाकर राहत की सांस ली।

    कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आंगनवाड़ी भवन के तीनों ओर ऊंची लपटें उठने लगीं। आग की भयावहता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के लोग भी सहम गए लेकिन जैसे ही घटना की जानकारी फैली ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। हालांकि आग लगातार फैलती जा रही थी और उस पर काबू पाना आसान नहीं था।

    स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब आग पास के जंगल की ओर बढ़ने लगी जिससे बड़े क्षेत्र में नुकसान की आशंका पैदा हो गई। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन टीम को मौके तक पहुंचने में कुछ समय लगा। करीब आधे घंटे बाद दमकल दल घटनास्थल पर पहुंचा और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इसके साथ ही डायल 112 और 108 की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य में जुट गईं।

    ग्रामीणों और प्रशासन की टीम ने मिलकर लगातार प्रयास किए लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक लपटें शांत नहीं हुईं। कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका और स्थिति नियंत्रण में आई।

    रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक सेवाओं को तुरंत मौके पर भेजा गया था और प्राथमिकता के आधार पर बचाव कार्य शुरू किया गया। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है जो कि सबसे बड़ी राहत की बात है।

    यह पूरी घटना एक बड़ी चेतावनी भी है कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है लेकिन साथ ही यह भी साबित करती है कि मुश्किल हालात में सही समय पर लिया गया निर्णय कितनी बड़ी त्रासदी को टाल सकता है। उर्मिला द्विवेदी की सतर्कता और साहस ने आज सात परिवारों को एक बड़ी विपत्ति से बचा लिया।

  • कार से फेंकी गई घायल महिला अस्पताल से गायब भोपाल  पुलिस CCTV खंगालने में जुटी

    कार से फेंकी गई घायल महिला अस्पताल से गायब भोपाल पुलिस CCTV खंगालने में जुटी


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बेहद चौंकाने वाली और रहस्यमयी घटना सामने आई है जिसने कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाग सेवनिया थाना क्षेत्र के लहारपुर ब्रिज के पास अज्ञात कार सवारों ने एक करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चलती कार से बाहर फेंक दिया। महिला गंभीर रूप से घायल हालत में मिली जिसके सीने में स्टेप्लर पिन चुभी हुई थीं और वह खून से लथपथ थी।

    घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है जब एक तेज रफ्तार कार लहारपुर ब्रिज के पास पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार धीमी होते ही आरोपियों ने महिला को सड़क किनारे नाले के पास फेंक दिया और तुरंत फरार हो गए। यह दृश्य बेहद भयावह था जिसे आसपास मौजूद एक महिला ने देखा और तुरंत स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही इलाके के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए स्वयंसेवी संस्था चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर से संपर्क किया। संस्था के सदस्य मोहन सोनी और पारस मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। महिला को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया।

    हैरानी की बात यह रही कि महिला करीब 22 घंटे तक बेहोश रही और होश में आने के बाद भी वह अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी। वह केवल सलकनपुर शब्द ही बोल पा रही थी जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसका संबंध सलकनपुर मंदिर क्षेत्र से हो सकता है। उसके हाथ पर एक नाम गुदा हुआ मिला है लेकिन अभी तक उसकी पूरी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब इलाज के दौरान महिला अचानक अस्पताल से लापता हो गई। इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। बाग सेवनिया थाना पुलिस ने महिला के गायब होने की सूचना मिलने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी है और अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उस कार और आरोपियों का सुराग लगाया जा सके जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार फिलहाल महिला की तलाश प्राथमिकता है और उसकी पहचान होने के बाद ही मामले की असल वजह सामने आ सकेगी।

    यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है कि आखिर महिला को इस तरह क्यों फेंका गया और अस्पताल जैसी सुरक्षित जगह से वह अचानक कैसे गायब हो गई। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है लेकिन जब तक महिला मिल नहीं जाती तब तक यह मामला रहस्य बना रहेगा।