Category: Madhya Pradesh

  • सिवनी में वाहन चोरी का खुलासा: शातिर चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद, जांच जारी

    सिवनी में वाहन चोरी का खुलासा: शातिर चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद, जांच जारी


    नई दिल्ली । सिवनी जिले में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस ने शनिवार रात एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी की गई बाइक बरामद कर ली गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने बताया कि जिले में अपराध और चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नवागत पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।

    मामले की शुरुआत 7 मई को हुई, जब ग्राम बोरदेई, थाना डूंडासिवनी निवासी मोहम्मद आरिफ ने कोतवाली थाने में अपनी टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार उनकी बाइक मंगलीपेठ क्षेत्र से अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ली गई थी, जिसकी कीमत लगभग 20 हजार रुपए बताई गई।

    पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला कायम किया और जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने विकास सोनी नामक आरोपी को हिरासत में लिया।

    पूछताछ के दौरान आरोपी पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रवि लोधी के साथ मिलकर बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई।

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विकास सोनी, उम्र 25 वर्ष, भगत सिंह वार्ड के टपरा मोहल्ला का निवासी है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है और उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल पांच मामले दर्ज हैं।

    फिलहाल पुलिस दूसरे आरोपी रवि लोधी की तलाश में जुटी हुई है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के साथ प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दुबे और सौरभ ठाकुर की अहम भूमिका रही।

  • सिवनी में दोहरे हादसे से हड़कंप: पिकअप को डंपर ने टक्कर मारी, एक की मौत, चार घायल

    सिवनी में दोहरे हादसे से हड़कंप: पिकअप को डंपर ने टक्कर मारी, एक की मौत, चार घायल


    नई दिल्ली । सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रूपदोंन गांव के पास रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार डंपर ने सामने से आ रही पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा पलटा। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वाहन में सवार सभी लोग अतरिया गांव से घंसौर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वाहन रूपदोंन गांव के पास पहुंचा, सामने से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर ने नियंत्रण खोते हुए पिकअप को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप सड़क से नीचे उतरकर पलट गया और उसमें बैठे लोग इधर उधर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े।

    सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। एमएमटी मनीष रैकवार और चालक संदीप ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान संतोष काकोडिया उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है। वहीं घायलों में राहुल उइके 26 वर्ष, सतेंद्र आर्मो 21 वर्ष, हिमेश आर्मो 23 वर्ष और शैलेंद्र शामिल हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

    घटना की जानकारी मिलते ही घंसौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फरार डंपर चालक की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक युवा की मौत और चार लोगों के घायल होने से पूरा क्षेत्र गम और आक्रोश में डूब गया है।

  • बालाघाट में बड़ा खुलासा: सूदखोरी और जमीन घोटाले में वारासिवनी का आरोपी गिरफ्तार, संपत्तियों की जांच शुरू

    बालाघाट में बड़ा खुलासा: सूदखोरी और जमीन घोटाले में वारासिवनी का आरोपी गिरफ्तार, संपत्तियों की जांच शुरू


    नई दिल्ली । बालाघाट के वारासिवनी में सूदखोरी और आदिवासियों की जमीन हड़पने के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार अनिल अरोरा को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। पुलिस अब उसके बैंक खातों और संपत्ति दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, जिसमें बड़े वित्तीय और जमीन घोटाले के संकेत मिले हैं।

    सूदखोरी के जाल में फंसते रहे लो
    वारासिवनी क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे कथित सूदखोरी के नेटवर्क का अब बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी अनिल अरोरा पर आरोप है कि वह आम लोगों के साथ-साथ नौकरीपेशा वर्ग को भी ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज देकर शोषण करता था। बताया जा रहा है कि वह 10 से 15 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था, जिससे कई लोग कर्ज के जाल में फंसते चले गए।

    छापेमारी में मिले चौंकाने वाले दस्तावे
    पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के ठिकानों से बड़ी संख्या में खाली चेक, जमीन की रजिस्ट्री और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। ये दस्तावेज कथित तौर पर उसके संगठित अवैध कारोबार की ओर इशारा करते हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा था।

    आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का आरो
    मामले में सबसे गंभीर आरोप आदिवासी समुदाय की जमीनों को हड़पने का है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी ने कुछ लोगों के नाम का उपयोग कर आदिवासियों से सस्ते दामों पर जमीन खरीदी। इसके बाद उन्हीं जमीनों को बड़े कॉलोनाइजरों और गैर-आदिवासियों को ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया। अब तक इस तरह की करीब 6 रजिस्ट्रियां पुलिस के हाथ लगी हैं।

    कोर्ट ने भेजा जेल, जांच में बढ़ी सख्त
    शनिवार को कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजते हुए जेल भेज दिया। पुलिस अब उसके बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच कर रही है ताकि अवैध कमाई का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

    यह मामला न केवल सूदखोरी की गंभीर समस्या को उजागर करता है, बल्कि आदिवासी भूमि के अवैध लेन-देन और संगठित आर्थिक अपराध की ओर भी इशारा करता है। पुलिस की जांच से आने वाले समय में पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।

  • छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप

    छिंदवाड़ा में विवाद: दिव्यांग चालक से दुर्व्यवहार, ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में आए युवक के फरार होने से हड़कंप


    नई दिल्ली । छिंदवाड़ा के खजरी ओवरब्रिज के पास एक युवक ने दिव्यांग कार चालक के साथ बीच सड़क पर अभद्रता और हंगामा किया। खुद को फौजी बताने वाले आरोपी ने ‘पुलिस’ लिखी कार से आकर आधे घंटे तक उत्पात मचाया और लोगों के पहुंचने पर फरार हो गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    ओवरब्रिज के पास सड़क पर आधे घंटे तक चला ड्रामा
    छिंदवाड़ा शहर के खजरी ओवरब्रिज के पास शनिवार देर शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने बीच सड़क पर जमकर हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ‘पुलिस’ लिखी कार में सवार होकर मौके पर पहुंचा और खुद को सेना का जवान बताने लगा। इसी दौरान उसने एक दिव्यांग कार चालक आश्रय जैन को निशाना बनाया और उसके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।

    दिव्यांग चालक को कार से खींचने की कोशिश
    पीड़ित आश्रय जैन अपनी कार से गुजर रहे थे, तभी आरोपी ने उन्हें रोक लिया। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब युवक ने उन्हें कार से बाहर खींचने की कोशिश की। पीड़ित ने अपनी दिव्यांगता के बारे में भी बताया, लेकिन आरोपी ने कोई सुनवाई नहीं की और लगातार बदसलूकी करता रहा। इस दौरान करीब 30 मिनट तक सड़क पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

    भीड़ जुटते ही फरार हुआ आरोपी
    घटना के दौरान आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए और हस्तक्षेप करने की कोशिश की। जब लोगों ने आरोपी से उसका नाम और पहचान पूछी, तो वह घबरा गया और बिना जवाब दिए मौके से अपनी कार लेकर फरार हो गया। कार के आगे और पीछे ‘पुलिस’ लिखा होने के कारण शुरुआत में लोग भ्रमित भी हुए।

    पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत, जांच शुरू
    घटना के बाद पीड़ित आश्रय जैन कोतवाली थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोपी पर मानसिक प्रताड़ना और सार्वजनिक स्थान पर अभद्रता का आरोप लगाया है।
    कोतवाली थाना प्रभारी के अनुसार, वाहन नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सड़क पर वर्दी और सरकारी पहचान के दुरुपयोग की गंभीर समस्या को भी उजागर करती है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है।

  • सतना में लोक अदालत का बड़ा फैसला: हजारों मामलों का निपटारा, करोड़ों का समझौता

    सतना में लोक अदालत का बड़ा फैसला: हजारों मामलों का निपटारा, करोड़ों का समझौता


    नई दिल्ली । सतना में आयोजित नेशनल लोक अदालत में 2888 मामलों का आपसी सुलह से निपटारा हुआ। इस दौरान 9.42 करोड़ रुपये से अधिक के अवार्ड पारित किए गए, जबकि 22 दंपतियों ने पुराने विवाद खत्म कर दोबारा साथ रहने का फैसला किया।

    सतना में चालू वर्ष की दूसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ जिला जज गीता सोलंकी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर कई न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे। लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर कुल 2888 मामलों का समाधान किया गया। इन मामलों में कुल 9 करोड़ 42 लाख 81 हजार 737 रुपये के अवार्ड पारित किए गए, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिली।

    परिवारिक विवादों में आई सुलह, 22 जोड़े फिर साथ

    कुटुंब न्यायालय की पीठ में पेश 30 मामलों में से 22 विवादित दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। वर्षों से अलगाव की स्थिति में चल रहे कई जोड़ों ने अदालत में एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर नए सिरे से जीवन शुरू करने का फैसला लिया। तलाक की प्रक्रिया में पहुंचे कई दंपति भी समझाइश के बाद फिर से साथ रहने को तैयार हुए, जिससे पारिवारिक विवादों में सकारात्मक समाधान देखने को मिला।

    मोटर दुर्घटना और बीमा मामलों में बड़ा मुआवजा

    लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों में भी महत्वपूर्ण फैसले हुए। एक मामले में हर्षिता बत्रा को 47 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। कुल 12 मामलों में 52 लाख रुपये से अधिक का अवार्ड पारित किया गया। इन मामलों में बीमा कंपनियों और पक्षकारों के बीच समझौते के बाद तेजी से निपटारा किया गया।

    विद्युत और श्रम मामलों में भी राहत

    विद्युत विभाग से जुड़े 256 मामलों का निपटारा करते हुए 86 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं श्रम न्यायालय में 7 मामलों में 20 लाख रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति श्रमिकों को दिलाई गई।

    जमीन, चेक बाउंस और ट्रैफिक मामलों का भी समाधान

    लोक अदालत में जमीन विवाद, चेक बाउंस, आपराधिक और ट्रैफिक से जुड़े मामलों का भी समाधान किया गया। इससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में मदद मिली। सतना की यह लोक अदालत न केवल मामलों के त्वरित निपटारे का उदाहरण बनी, बल्कि आपसी सुलह और सामाजिक संतुलन की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम साबित हुई।

  • विसर्जन के दौरान हमला मामले में बड़ी कार्रवाई: 40 दिन बाद दो फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

    विसर्जन के दौरान हमला मामले में बड़ी कार्रवाई: 40 दिन बाद दो फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में


    नई दिल्ली । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में 1 अप्रैल की रात उस समय तनाव फैल गया जब टिकुरिया टोला से जवारे विसर्जन कर लौट रहे श्रद्धालुओं पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। श्रद्धालु भरजुना देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अलग-अलग वाहनों से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान साइडिंग इलाके में पूर्व सरपंच सम्मी खान समेत 10 से 12 लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और महिलाओं व युवतियों से छेड़छाड़ शुरू कर दी। घटना के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।

    विरोध करने पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला
    जब श्रद्धालुओं ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो हमलावरों ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें 7 से 8 लोग घायल हो गए थे। घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया था।

    पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
    घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पहले ही मुख्य आरोपी समीर खान उर्फ सम्मी सहित आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच के दौरान दो और आरोपियों मोहम्मद अली (26) और विजय (26) के नाम सामने आए, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे।

    40 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
    लगातार तलाश के बाद बाबूपुर चौकी पुलिस ने शनिवार को दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    इलाके में तनाव और सुरक्षा पर सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं के साथ कोई अनहोनी न हो।

  • रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई

    रीवा–दुर्ग रेल सेवा की मांग तेज: पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष सुविधा की मांग भी सामने आई


    नई दिल्ली । रीवा-दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुंची। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा और पार्थिव देह परिवहन के लिए विशेष व्यवस्था की मांग रखी, जिस पर मंत्री ने विचार का आश्वासन दिया।

    नई दिल्ली में मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र से जुड़ी एक अहम रेल मांग सामने आई है। भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री गौरव तिवारी ने केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर रीवा और दुर्ग के बीच सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने का आग्रह किया है।

    उन्होंने प्रस्ताव दिया कि यदि Rewa–Durg Express शुरू की जाती है, तो रीवा संभाग और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों जैसे दुर्ग, भिलाई और रायपुर के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा।
    सीधी ट्रेन न होने से यात्रियों को हो रही परेशानी
    गौरव तिवारी ने रेल मंत्री को बताया कि विंध्य क्षेत्र के हजारों लोग रोजगार, शिक्षा और व्यापार के लिए छत्तीसगढ़ जाते हैं, लेकिन सीधी रेल सेवा न होने के कारण उन्हें कई बार ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं और यात्रियों को भारी असुविधा होती है।
    नई ट्रेन से मिलेगा बड़ा लाभ
    भाजपा नेता का कहना है कि रीवा-दुर्ग एक्सप्रेस शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह ट्रेन विंध्य और छत्तीसगढ़ के बीच एक मजबूत परिवहन कड़ी साबित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है और इसे विभागीय स्तर पर विचार के लिए आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

    पार्थिव देह के सम्मानजनक परिवहन की भी उठी मांग
    मुलाकात के दौरान एक और संवेदनशील मुद्दा भी उठाया गया। गौरव तिवारी ने कहा कि कई बार लोगों को महानगरों से अपने परिजनों की पार्थिव देह को छोटे शहरों तक लाने में भारी आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    उन्होंने रेलवे से आग्रह किया कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे पार्थिव देह को यात्री ट्रेनों के माध्यम से सम्मानजनक और कम खर्च में उनके घर तक पहुंचाया जा सके। इससे शोकग्रस्त परिवारों को मुश्किल समय में बड़ी राहत मिलेगी।

    क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर बढ़ी उम्मीदें
    इस मुलाकात के बाद रीवा और विंध्य क्षेत्र में नई रेल सेवा को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह क्षेत्रीय विकास और यात्रा सुविधा दोनों के लिए बड़ा कदम होगा।

  • एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी

    एक मां का अद्भुत त्याग: 75 वर्षीय महिला ने किडनी देकर बेटी को दी नई जिंदगी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहगढ़ की एक ऐसी प्रेरक कहानी सामने आई है, जो मातृत्व की शक्ति को एक नई परिभाषा देती है। 40 वर्षीय कंचन असाटी, जो पिछले 10 वर्षों से गंभीर किडनी रोग से जूझ रही थीं, उन्हें उनकी 75 वर्षीय मां मनोरमा असाटी ने अपनी किडनी दान कर नया जीवन दिया। यह सफल ट्रांसप्लांट जून 2025 में भोपाल के बंसल अस्पताल में किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उम्र के जोखिम के बावजूद यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। आज मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।

    10 साल की बीमारी और लंबा संघर्ष

    करीब एक दशक पहले गर्भावस्था के दौरान कंचन को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या का पता चला था। समय के साथ उनकी स्थिति बिगड़ती गई और क्रिएटिनिन व यूरिया का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया। दिल्ली, इंदौर, हरियाणा और अहमदाबाद जैसे कई बड़े अस्पतालों में इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अंत में डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया कि किडनी ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प है।

    10 रिश्तेदारों की किडनी नहीं हुई मैच

    परिवार ने बेटी की जान बचाने के लिए कई प्रयास किए। लगभग 10 रिश्तेदारों की जांच कराई गई, लेकिन किसी की भी किडनी मैच नहीं हुई। आखिर में मां मनोरमा असाटी का टेस्ट किया गया, जिसमें उनकी किडनी मैच कर गई। हालांकि, उम्र 75 वर्ष होने के कारण डॉक्टरों ने शुरुआत में ट्रांसप्लांट को अत्यधिक जोखिम भरा बताते हुए ऑपरेशन से मना कर दिया था। लेकिन परिवार की उम्मीद और मां के दृढ़ संकल्प ने हालात बदल दिए।

    पति के निधन के बाद और कठिन हुआ जीवन

    इस संघर्ष के बीच वर्ष 2024 में कंचन के पति अमित आनंद असाटी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इसके बाद वे पूरी तरह डायलिसिस पर निर्भर हो गईं और अपने दो बच्चों के साथ संघर्षपूर्ण जीवन जी रही थीं। बेटी की हालत को दिन-ब-दिन बिगड़ते देख मां ने निर्णय लिया कि अगर उनकी किडनी से बेटी की जान बच सकती है, तो वे यह जोखिम उठाने को तैयार हैं।

    डॉक्टरों ने बताया भावनात्मक और मेडिकल मिसाल

    बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजीत आनंद असाटी ने इस केस को एक दुर्लभ और प्रेरक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, बल्कि मां के त्याग और प्रेम की सबसे बड़ी मिसाल है।

    अब दोनों स्वस्थ, नई जिंदगी की शुरुआत

    सफल ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। मनोरमा असाटी वर्तमान में दमोह में रह रही हैं, जबकि कंचन अपने बच्चों के साथ सामान्य जीवन की ओर लौट चुकी हैं।

  • सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा

    सागर के शाहपुर में हंगामा: दो मौतों के बाद सड़क पर शव रखकर आक्रोश, तनाव बढ़ा


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई हिंसक वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। शराब माफियाओं की पिटाई में घायल दूसरे युवक सूरज अहिरवार ने भी रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इसी घटना में नीरज प्रजापति की मौत हो चुकी थी।

    लगातार दो मौतों के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मार्ग को जाम कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    बोलेरो से आए हमलावरों ने की थी बेरहमी से पिटाई

    जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात की है जब वार्ड क्रमांक-7 शाहपुर निवासी नीरज प्रजापति और सूरज अहिरवार गढ़ाकोटा से काम के बाद लौट रहे थे। रास्ते में बोलेरो सवार 10 से 12 लोगों ने उन्हें रोक लिया और शराब बेचने के संदेह में लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। हमले में नीरज गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया था, जबकि सूरज किसी तरह बचकर घर पहुंचा था। बाद में नीरज की मौत हो गई थी।

    सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

    शनिवार सुबह नीरज का शव बरेठा बाबा की घाटी के पास सड़क किनारे मिला था। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या को सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को वहां फेंक दिया। इसी बीच सूरज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रविवार को उसकी भी मौत हो गई।

    मरने से पहले दिए आरोपियों के नाम

    अस्पताल में भर्ती सूरज ने पुलिस को दिए बयान में कई नामों का खुलासा किया था। उसने बताया कि अंशुल, छोटू, भगवत और नीलेश समेत कई लोगों ने मिलकर दोनों की पिटाई की थी। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित कर दी हैं।

    शाहपुर में तनाव, चक्काजाम और पुलिस पर सवाल

    दो मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर में शव रखकर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और चौकी प्रभारी को हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने पहले ही मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

    पुलिस की कार्रवाई जारी

    पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

  • रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार

    रविवार की भस्म आरती में Mahakaleshwar Jyotirlinga का अलौकिक रूप: रजत मुकुट और भस्म से हुआ भव्य श्रृंगार


    नई दिल्ली । विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान अद्भुत आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले, पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विधिवत पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक संपन्न कराया।
    इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
    भस्म अर्पण के साथ हुआ दिव्य श्रृंगार
    कपूर आरती के बाद हरिओम जल अर्पित किया गया और फिर भगवान महाकाल के ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान का दिव्य श्रृंगार और भी भव्य रूप में सामने आया।
    शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों की मालाएं बाबा महाकाल को अर्पित की गईं। मोगरे और गुलाब के फूलों से सजे भगवान महाकाल का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
    भोग और आरती के बाद भक्तों को मिला दर्शन
    श्रृंगार पूर्ण होने के बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती के दौरान महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
    आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।