Category: Madhya Pradesh

  • ओलावृष्टि से तबाह फसलें: बैतूल में किसानों को पूरा मुआवजा, सर्वे तेज करने के निर्देश

    ओलावृष्टि से तबाह फसलें: बैतूल में किसानों को पूरा मुआवजा, सर्वे तेज करने के निर्देश


    बैतूल । बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं जिसके बाद प्रशासन ने राहत और सहायता के लिए तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में तेजी लाई जाए ताकि हर प्रभावित किसान को समय पर सहायता मिल सके

    संभागायुक्त ने ग्राम सेमझिरा, जमबाड़ी और धारणी का दौरा किया जहां उन्होंने गेहूं, गोभी, चना और टमाटर सहित विभिन्न फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया खेतों में खड़ी और कटी फसल दोनों ही ओलावृष्टि की मार से प्रभावित नजर आई जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है

    दौरे के दौरान संभागायुक्त ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं किसानों ने बताया कि अचानक हुई ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई ऐसे में उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है

    संभागायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और इसमें किसी भी प्रभावित किसान को नजरअंदाज न किया जाए उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन द्वारा राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी और किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी

    प्रशासन द्वारा राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को गांवों में भेजा गया है जो फसल नुकसान का आंकलन कर रही हैं अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय सीमा में सर्वे पूरा करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि राहत वितरण में देरी न हो

    संभागायुक्त ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी और शासन की योजनाओं के माध्यम से उन्हें राहत प्रदान की जाएगी

    इस पहल से प्रभावित किसानों को उम्मीद जगी है कि उन्हें जल्द ही आर्थिक सहायता मिलेगी और वे आगामी फसल के लिए फिर से तैयारी कर सकेंगे प्रशासन का यह सक्रिय रुख किसानों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है

  • अक्षय तृतीया से पहले सख्ती: बाल विवाह रोकने सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते तैनात

    अक्षय तृतीया से पहले सख्ती: बाल विवाह रोकने सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते तैनात


    भोपाल । भोपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग ने अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है सचिव श्रीमती जी वी रश्मि ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के हर जिले में कंट्रोल रूम और उड़न दस्तों का गठन किया जाए ताकि किसी भी बाल विवाह की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके

    राज्य में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिससे बाल विवाह की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त किया जा सके राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण NFHS-5 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस दिशा में सुधार हुआ है लेकिन कुछ जिलों में अभी भी यह समस्या बनी हुई है

    इस वर्ष अक्षय तृतीया 20 अप्रैल 2026 को है और इस दिन बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होते हैं ऐसे आयोजनों में बाल विवाह होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं

    निर्देशों के अनुसार स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा वहीं पंचायत और वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा शपथ ली जाएगी कि उनके क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा

    गांवों में स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बैठकें आयोजित कर परिवारों को जागरूक किया जाएगा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता और पंचायत सचिव मिलकर 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की सूची तैयार करेंगे और ऐसे परिवारों पर विशेष नजर रखी जाएगी जहां बाल विवाह की आशंका है

    बाल विवाह रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोग किसी भी संदिग्ध विवाह की जानकारी तुरंत प्रशासन को दे सकें इसके अलावा बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी

    प्रत्येक गांव और वार्ड में सूचना दल बनाए जाएंगे जिनमें शिक्षक एएनएम आशा कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे ये दल स्थानीय स्तर पर निगरानी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे

    सचिव ने मीडिया सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं ताकि समाज में सही उम्र में विवाह के महत्व को समझाया जा सके और कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया जा सके

    यह अभियान न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करेगा बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा जिससे बालिकाओं के स्वास्थ्य शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित किया जा सकेगा

  • भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो

    भोपाल में एनएसजी का शक्ति प्रदर्शन, सीएम बोले- देश की सुरक्षा की गारंटी हैं ब्लैक कैट कमांडो


    भोपाल । भोपाल में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड को देश का अभेद्य सुरक्षा कवच बताते हुए कहा कि एनएसजी की मौजूदगी से देश हर परिस्थिति में सुरक्षित महसूस करता है लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो में उन्होंने समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ किया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति जहां सबके कल्याण की बात करती है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह भी साबित किया है कि यदि कोई राष्ट्र को चुनौती देता है तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाता है उन्होंने कहा कि अतिवादी ताकतें देश के विकास में बाधक हैं और उनसे पूरी मजबूती से निपटना आवश्यक है

    कार्यक्रम में एनएसजी कमांडो ने मॉक टेररिस्ट अटैक का जीवंत प्रदर्शन किया जिसमें आतंकवादी हमलों से निपटने की पूरी रणनीति और कार्रवाई को दर्शाया गया इस दौरान कमांडो द्वारा हवा में किए गए साहसिक करतब और सटीक ऑपरेशन ने उपस्थित लोगों को रोमांचित कर दिया मुख्यमंत्री ने इसे पराक्रम और साहस की पराकाष्ठा बताया

    मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की उन्होंने बताया कि काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई है और जल्द ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा साथ ही भोपाल जिले की हुजूर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा जहां सुरक्षा बलों को आतंकवाद और आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा

    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित है इसलिए यहां इस तरह का प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की एटीएस और सीटीजी यूनिट आधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस होकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना रही हैं

    मुख्यमंत्री ने देश के सशस्त्र बलों के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के सशक्त देशों में अपनी पहचान बना चुका है उन्होंने एनएसजी के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि 1984 में स्थापित यह बल आज अपनी पेशेवर दक्षता और अनुशासन के लिए विश्वभर में जाना जाता है

    कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने जानकारी दी कि एनएसजी और मध्यप्रदेश पुलिस का संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम एक माह तक चलेगा जिसमें काउंटर टेररिज्म से जुड़े आठ प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा इस दौरान पुलिस जवान अपनी तकनीकी दक्षता और ऑपरेशनल क्षमता को और बेहतर बनाएंगे

    एनएसजी के महानिदेशक बी श्रीनिवासन ने कहा कि देशभर में हजारों जवानों को प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता का विकास किया गया है और मध्यप्रदेश की एटीएस तथा सीटीजी इकाइयां भी बेहतर कार्य कर रही हैं कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने पुलिस जवानों के साथ समूह चित्र खिंचवाकर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि सुरक्षा बलों की तत्परता और साहस ही देश की सबसे बड़ी ताकत है

  • ई-स्कूटर योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर, बदली जिंदगी की रफ्तार

    ई-स्कूटर योजना से दमोह की सायरा बी बनीं आत्मनिर्भर, बदली जिंदगी की रफ्तार

    भोपाल । भोपाल से सामने आई एक प्रेरणादायक सफलता कहानी में यह स्पष्ट हुआ है कि श्रम विभाग द्वारा संचालित ई-स्कूटर अनुदान योजना 2024 किस तरह श्रमिक वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है दमोह की रहने वाली सायरा बी इस योजना का जीवंत उदाहरण बनकर उभरी हैं जिन्होंने इस सहायता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है

    हाल ही में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सायरा बी को ई-स्कूटर की चाबी सौंपी इस अवसर ने उनके जीवन में एक नई शुरुआत की नींव रखी अब उन्हें रोजमर्रा के कामकाज के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और वे अपने कामों को समय पर और स्वतंत्र रूप से पूरा कर पा रही हैं

    भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल भोपाल द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत सायरा बी को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई इस सहयोग से उनके लिए आवागमन न केवल आसान हुआ है बल्कि समय और श्रम की बचत भी होने लगी है जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है

    यह योजना विशेष रूप से श्रमिक परिवारों और खासकर महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है क्योंकि इससे उनकी दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होती हैं और वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी पहचान मजबूत कर पाती हैं सायरा बी की कहानी इसी बदलाव की प्रतीक बनकर सामने आई है जहां एक छोटी सी सहायता ने उनके जीवन की दिशा बदल दी

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देती हैं और ग्रामीण तथा अर्ध शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति प्रदान करती हैं जब महिलाओं को संसाधन और अवसर मिलते हैं तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं

    ई-स्कूटर अनुदान योजना 2024 श्रमिकों के जीवन में सुविधा आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय जोड़ रही है यह पहल श्रमिक सशक्त समृद्ध देश विकसित मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है

    सायरा बी की यह सफलता कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिला सहयोग किसी भी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकता है और उसे आत्मनिर्भर बनाकर आगे बढ़ने का हौसला दे सकता है

  • थाना सुरखी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा जुआ खिलाड़ी, 21 आरोपी हिरासत में

    थाना सुरखी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा जुआ खिलाड़ी, 21 आरोपी हिरासत में


    सागर ।मध्यप्रदेश में पुलिस ने जंगल में संचालित जुआ फड़ पर छापामार कार्रवाई कर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लगभग 45 लाख रुपये की मशरूका बरामद की है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, थाना सुरखी प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु के नेतृत्व में बहेरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रुसल्ला के जंगल में संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। थाना और क्षेत्र की चौकियों से गठित पुलिस दल ने जुए के अड्डे पर दबिश दी और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा।

    पुलिस ने बताया कि जुआ फड़ में उच्च स्तर पर सट्टेबाजी हो रही थी और इस अड्डे का संचालन लंबे समय से जारी था। कार्रवाई में मौके से बड़ी मात्रा में नकद राशि बरामद की गई है, जिसे आगे की जांच के लिए जब्त किया गया है।

    अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस मामले में जुआ फड़ संचालकों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की पहचान के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अवैध जुआ गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराध पर समय पर नियंत्रण लगाया जा सके।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पुलिस अवैध जुआ और सट्टेबाजी के मामलों में कोई छूट नहीं देगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता जारी रखेगी।

  • बैतूल में संस्कृति का संगम: आदि रंग महोत्सव में कलाकारों ने बिखेरी अद्भुत प्रस्तुतियां

    बैतूल में संस्कृति का संगम: आदि रंग महोत्सव में कलाकारों ने बिखेरी अद्भुत प्रस्तुतियां


    बैतूल। मध्यप्रदेश के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में सतपुड़ा ग्राउंड पर आयोजित तीन दिवसीय आदि रंग महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस महोत्सव का आयोजन जनजातीय कार्य विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

    महोत्सव के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया।

    कार्यक्रम में विभिन्न जनजातीय नृत्य, संगीत और लोक कलाओं का समावेश किया गया, जिससे दर्शकों ने परंपरागत संस्कृति के अद्भुत रंगों का अनुभव किया। महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखा।

    अतिथियों ने महोत्सव में कलाकारों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन ने कहा कि यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक交流 का अवसर है बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिए भी एक मंच प्रदान करता है।

    महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया, जिससे युवा कलाकारों को अपने कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। आयोजन में उपस्थित नागरिकों ने उत्सव के शानदार आयोजन और सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा की।

    जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों की संख्या बढ़ाई जाएगी और स्थानीय जनजातीय कलाकारों के लिए नए मंच उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि उनकी कला और संस्कृति को और मजबूती मिले।

  • शराब के नशे में चढ़ा शख्स बोला- 20 हजार में खरीदी थी बाइक, पकड़े जाने पर खुला चोरी का राज

    शराब के नशे में चढ़ा शख्स बोला- 20 हजार में खरीदी थी बाइक, पकड़े जाने पर खुला चोरी का राज


    नई दिल्ली। जबलपुर के छोटी लाइन चौराहा पर रविवार रात एक चोरी की बाइक का पर्दाफाश हुआ, जिसने ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और थोड़ी शराबी हरकतों की वजह से उजागर हुआ। रात करीब 10 बजे, ट्रैफिक टीम रूटिन चेकिंग कर रही थी, तभी एक युवक शराब पीकर दुकान से बाहर निकला और उसकी बाइक नो पार्किंग में खड़ी मिली।

    युवक की जल्दबाजी पुलिस को लगी संदिग्ध
    पुलिस ने जब चालान काटने के लिए रोककर पूछा, तो युवक बिना बहस किए तुरंत चालान भरने को तैयार हो गया। यह अजीब व्यवहार आरक्षक वीरेंद्र की नजर में संदिग्ध लगा। युवक को पकड़कर टीआई इंदिरा ठाकुर के पास ले जाया गया। युवक ने अपना नाम विजय, निवासी गढ़ा बताया और बताया कि उसने बाइक रामपुर क्षेत्र के राजेश से 20 हजार रुपए में खरीदी थी, लेकिन उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे।

    नंबर प्लेट की गड़बड़ी ने खोला पूरा खेल
    जांच में पता चला कि बाइक की नंबर प्लेट (MP20 MX 737) में गड़बड़ी थी—जहां चार अंक होने चाहिए थे, वहां सिर्फ तीन अंक थे। पुलिस ने तुरंत वाहन की डिटेल निकाली और पाया कि रजिस्ट्रेशन फर्जी था।

    चेसिस नंबर से सच्चाई सामने आई
    चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक का पता चला। उसने बताया कि यह बाइक दो साल पहले रामपुर से चोरी हुई थी और इसकी शिकायत पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी। इस तरह, शराब के नशे में युवक की जल्दबाजी ने चोरी का पूरा खेल उजागर कर दिया।

    बाइक जब्त, आरोपी थाने हवालात में
    पुलिस ने मौके पर बाइक जब्त कर युवक विजय को गोरखपुर थाना भेज दिया, जहां उसके खिलाफ चोरी और फर्जी दस्तावेजों के मामले दर्ज किए गए हैं।

    टीम की सक्रियता
    यह कार्रवाई एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर डीएसपी बीएन प्रजापति, टीआई इंदिरा ठाकुर, सूबेदार मनीष प्यासी और आरक्षक वीरेंद्र की टीम ने की।

  • ₹1.75 करोड़ का घोटाला! कागजों में सफाई, मरीजों के अधिकारों की अनदेखी, जबलपुर अफसरों की मिली लूट

    ₹1.75 करोड़ का घोटाला! कागजों में सफाई, मरीजों के अधिकारों की अनदेखी, जबलपुर अफसरों की मिली लूट


    नई दिल्ली। जबलपुर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना का मकसद गरीबों को घर के पास मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन अफसरों ने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और डिप्टी कलेक्टर आरएस मरावी की जांच में खुलासा हुआ कि कई क्लीनिकों में न कंप्यूटर है, न बीपी मशीन, और पिछले दो साल से पुताई तक नहीं हुई, फिर भी रिकॉर्ड में करोड़ों का भुगतान दिखाया गया।

    जांच में चौंकाने वाले तथ्य
    डिप्टी कलेक्टर की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ₹93 लाख का सामान न स्टोर में है और न क्लीनिक तक पहुँचा, जबकि भंडार रजिस्टर में फर्जी एंट्री कर दी गई। कई क्लीनिकों में अलमारियां गायब हैं, लेकिन उनके लिए भुगतान हो चुका है। कुछ सेंटरों पर जांच शुरू होने से तीन दिन पहले प्रिंटर भिजवाए गए, जबकि वहां कंप्यूटर तक नहीं थे।

    फर्जीवाड़ा 5 पॉइंट में:

    फर्जी बिलिंग: 13 फर्जी बिलों के जरिए ₹1.75 करोड़ का भुगतान हुआ, जबकि सामान कभी केंद्रों तक नहीं पहुंचा।
    कागजी मरम्मत: पुताई और मेंटेनेंस के लिए लाखों खर्च किए गए, लेकिन दीवारों पर सालों से चूना तक नहीं लगा।
    गायब उपकरण: बीपी मशीन, ग्लूकोज मशीन, हीमोग्लोबिनोमीटर और वेट मशीन केवल कागजों में खरीदी गई।
    जांच का डर: डिप्टी कलेक्टर की टीम की जांच शुरू होने पर अफसरों ने आनन-फानन में सेंटरों पर प्रिंटर भेजे।
    निजी उपकरण से इलाज: डॉक्टरों को अपने पर्सनल टैबलेट और मशीन से मरीजों की जांच करनी पड़ रही है।

    डॉक्टरों का दर्द:
    गोरैया घाट क्लीनिक की डॉ. सौम्या अग्रवाल ने बताया कि वे 2 साल से अपनी ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन कंप्यूटर या जरूरी उपकरण नहीं मिले। उन्होंने अपनी पर्सनल टैबलेट से मरीजों की एंट्री की। बीपी मशीन और अन्य उपकरण 4-5 महीनों से मांगने के बावजूद अब भेजे जा रहे हैं।

    केंद्रों की स्थिति:
    जबलपुर में करीब 50 संजीवनी क्लीनिक हैं, लेकिन अधिकतर में बुनियादी उपकरण तक मौजूद नहीं हैं। भुगतान केवल कागजों में हुआ। जांच शुरू होने के बाद केवल प्रिंटर भेजे गए।

    घोटाले का अनुमान:
    डिप्टी कलेक्टर के अनुसार, अभी तक 93 लाख रुपये का फर्जी भुगतान प्रमाणित हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, 2021 से अब तक की पूरी जांच के बाद यह घोटाला 10 करोड़ तक पहुंच सकता है। साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ डॉ. संजय मिश्रा की निजी पैथोलॉजी लैब में हिस्सेदारी और आय से अधिक संपत्ति भी जांच के दायरे में है।

    अधिकारियों पर कार्रवाई:
    मुख्य आरोपी डॉ. संजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा डीपीएमयू के अधिकारियों को हटाया गया, एक फार्मासिस्ट निलंबित और संविदा फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई की गई।

  • भिण्ड में खनिज माफिया ने घेरा, टीम की कार्रवाई पुलिस के साथ सफल

    भिण्ड में खनिज माफिया ने घेरा, टीम की कार्रवाई पुलिस के साथ सफल


    भिण्ड । भिण्ड मध्यप्रदेश में खनिज विभाग की टीम पर माफिया द्वारा दबाव डालने और पीछा करने का मामला सामने आया जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा अपनी टीम के साथ गोहद अनुभाग के चितौरा-मौ मार्ग पर देर रात जांच कर रहे थे इसी दौरान टीम ने गिट्टी से भरा एक डंपर रोका

    जांच में पाया गया कि डंपर ओवरलोड था और वाहन पर नंबर प्लेट नहीं थी साथ ही चेसिस नंबर भी स्पष्ट नहीं था, जिससे यह मामला संदिग्ध लग रहा था जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, खनिज माफिया ने टीम को घेरने की कोशिश की और दबाव डालना शुरू कर दिया

    स्थिति बिगड़ने पर जिला पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस टीम के सहयोग से खनिज विभाग की टीम को सुरक्षित निकाला गया अधिकारी बताते हैं कि इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

    भिण्ड खनिज विभाग ने कहा कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी ओवरलोड और अवैध खनन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ऐसे मामलों में टीम और पुलिस के समन्वय से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

    स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध खनन या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके

    इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि खनिज माफिया अपनी अवैध गतिविधियों को दबाने के लिए दबाव डाल सकता है लेकिन खनिज विभाग और पुलिस के सहयोग से ऐसी परिस्थितियों में भी टीम सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई कर सकती है

  • गुना के स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 36 से ज्यादा बच्चे-स्टाफ घायल, आधे घंटे तक मची भगदड़

    गुना के स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 36 से ज्यादा बच्चे-स्टाफ घायल, आधे घंटे तक मची भगदड़


    गुना। शहर के वंदना कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना में 36 से अधिक छात्र-छात्राएं अभिभावक और स्कूल स्टाफ घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चे रोज की तरह प्रार्थना सभा के लिए स्कूल परिसर में जुट रहे थे। इसी दौरान परिसर में मौजूद एक पेड़ से मधुमक्खियों का झुंड नीचे आ गया और लोगों पर हमला कर दिया। कुछ ही मिनटों में शांत माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया।

    आधे घंटे तक दहशत कई बच्चे गिरकर घायल

    जान बचाने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे जिससे कई बच्चे गिरकर चोटिल हो गए। करीब आधे घंटे तक स्कूल परिसर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

    घायलों का तुरंत इलाज स्कूल में छुट्टी घोषित

    स्कूल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को मेडिकल रूम में प्राथमिक उपचार दिया। गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों के परिजनों को बुलाया गया जबकि कुछ को एहतियात के तौर पर नजदीकी अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई।

    प्रशासन ने दिए छत्ते हटाने के निर्देश

    सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों ने स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए।

    अभिभावकों में नाराजगी सुरक्षा पर उठे सवाल


    घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते छत्ते हटाए जाते तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। कुछ अभिभावकों ने बच्चों से तुरंत मिलने नहीं दिए जाने पर भी नाराजगी जताई।

    अधिकारी बोलीं- सभी बच्चे सुरक्षित

    बीईओ गरिमा टोप्पो ने बताया कि यह एक आकस्मिक घटना थी और स्कूल प्रबंधन ने समय रहते स्थिति संभाल ली। सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल स्कूल परिसर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।